नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण को फिर से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 856 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 306 मरीज, दुर्ग से 233, राजनांदगांव से 27, बालोद से 6, बेमेतरा से 8, कबीरधाम से 2, धमतरी से 30, बलौदा बाजार से 9, महासमुंद से 17, गरियाबंद से 6, बिलासपुर से 56, रायगढ़ से 24, कोरबा से 9, जांजगीर-चांपा से 10, मुंगेली से 7, जीपीएम से 2, सरगुजा से 42, कोरिया से 17, सूरजपुर से 9, बलरामपुर से 8, जशपुर से 13, बस्तर से 6, कोंडागांव से 0, दंतेवाड़ा से 1, सुकमा से 0, कांकेर से 6, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से 1 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 266 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 8 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 4661 है |
आज 856 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई वहीं 266 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। #ChhattisgarhFightsCorona@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO pic.twitter.com/dJVZpMih0v
— Health Department CG (@HealthCgGov) March 16, 2021
नई दिल्ली, अपने आदेश, अपने फैसलों और आदेशों की सर्टिफाइड कॉपी हासिल करने में लोगों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नई सुविधा शुरू की है. अब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर किसी फैसले की प्रमाणित कॉपी मांगने की सुविधा दी जाएगी. यह सुविधा किसी मामले से जुड़े हुए पक्षकारों को ही उपलब्ध होगी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रमाणित कॉपी हासिल करना दूरदराज के क्षेत्रों मंी रह रहे लोगों के लिए बहुत मुश्किल हुआ करता था. किसी भी अदालती कामकाज में या दूसरे आधिकारिक कामों में कोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी ही लगानी होती है. ऐसे में मुकदमा लड़ रहे लोगों के लिए किसी आदेश के फैसले की सर्टिफाइड कॉपी हासिल करना बहुत जरूरी होता है.
अब तक लोगों को किसी आदेश की प्रमाणित कॉपी पाने के लिए या तो खुद सुप्रीम कोर्ट आना पड़ता था, या अपने वकील से आग्रह कर उसे डाक के जरिए मंगवाना पड़ता था. अब सुप्रीम कोर्ट ने 2 तरह की सुविधा दी है. पहली सुविधा ई-कॉपी की है. इसके तहत मामले से जुड़ा कोई भी पक्षकार अगर किसी आदेश की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी चाहे, तो उसे इस तरह की प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक कॉपी ई-मेल पर भेज दी जाएगी. पहली बार ऐसी कॉपी मांगने पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा.
इसके अलावा किसी मामले से जुड़े पक्षकार फैसले या आदेश की छपी हुई प्रमाणित कॉपी के लिए भी आवेदन दे सकते हैं. उन्हें इसके लिए तय शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा. इस भुगतान के बाद डाक के जरिए सुप्रीम कोर्ट फैसले/आदेश की सर्टिफाइड कॉपी उन्हें भेज देगा. सुप्रीम कोर्ट के कई जज अलग-अलग मौकों पर सर्टिफाइड कॉपी हासिल करने के लिए दूरदराज से आने वाले लोगों की स्थिति पर चिंता जताते रहे हैं. आखिरकार अब यह समस्या दूर की जा रही है.
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 645 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 203 मरीज, दुर्ग से 154, राजनांदगांव से 33, बालोद से 6, बेमेतरा से 11, कबीरधाम से 0, धमतरी से 16, बलौदा बाजार से 13, महासमुंद से 19, गरियाबंद से 2, बिलासपुर से 50, रायगढ़ से 13, कोरबा से 9, जांजगीर-चांपा से 21, मुंगेली से 4, जीपीएम से 1, सरगुजा से 39, कोरिया से 12, सूरजपुर से 18, बलरामपुर से 2, जशपुर से 7, बस्तर से 1, कोंडागांव से 0, दंतेवाड़ा से 1, सुकमा से 0, कांकेर से 7, नारायणपुर से 2, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से 1 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 428 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 7 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 4098 है |
645 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई व 428 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। राज्य में स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए मरीज़ों की संख्या 3,09,979 है।#ChhattisgarhFightsCorona@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO pic.twitter.com/iTcSrPV0rv
— Health Department CG (@HealthCgGov) March 15, 2021
Batla House Encounter Case: दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या और 2008 बटला हाउस मुठभेड़ से जुड़े अन्य मामलों के दोषी आरिज खान को फांसी की सजा सुनाई है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने सजा सुनाई है. साकेत कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना है. कोर्ट ने आरिज पर 11 लाख का जुर्माना भी लगाया है.
पुलिस ने आतंकवादी संगठन ‘इंडियन मुजाहिदीन’ से कथित रूप से जुड़े खान को मौत की सजा दिए जाने का अनुरोध किया था. पुलिस ने कहा कि यह केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि न्याय की रक्षा करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या का मामला है.
आरिज खान के वकील ने मृत्युदंड का विरोध किया. इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने शाम चार बजे के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया.
अदालत ने 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान हुई शर्मा की हत्या और अन्य अपराधों के लिए आरिज खान को आठ मार्च को दोषी ठहराया था. अदालत ने कहा था कि यह साबित होता है कि आरिज खान और उसके साथियों ने पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई और उनकी हत्या की.
दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के निरीक्षक शर्मा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले के संबंध में जुलाई 2013 में एक अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी शहजाद अहमद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
इस फैसले के विरुद्ध अहमद की अपील हाई कोर्ट में लंबित है. आरिज खान घटनास्थल से भाग निकला था और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था. खान को 14 फरवरी 2018 को पकड़ा गया और तब से उस पर मुकदमा चल रहा है.
झारखंड, झारखंड कैबिनेट ने स्थानीय लोगों के लिए प्रति माह 30,000 रुपये तक के वेतन के साथ 75 प्रतिशत नौकरियों को आरक्षित करने के लिए रोजगार नीति को मंजूरी दी है। झारखंड से पहले, हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह की नीति को मंजूरी दी थी। 75% आरक्षण को अनिवार्य करने वाली इस नई नीति की घोषणा 17 मार्च को विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह निर्णय झारखंड औद्योगिक और निवेश प्रोत्साहन नीति, 2021 के मसौदे पर चर्चा करने के लिए दिल्ली का दौरा करने के बाद लिया। 12 मार्च को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जनवरी, 2021 के महीने में झारखंड में बेरोजगारी की दर धीरे-धीरे गिरकर 11.3 प्रतिशत हो गई थी। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, कोविड-19 महामारी के मामलों के दौरान बेरोजगारी दर मई 2020 के महीने में बढ़कर 59.2% हो गई थी। जनवरी 2020 के महीने में बेरोजगारी दर 10.6% थी। सरकार ने हवाला दिया था कि स्थानीय आरक्षण नीति के लागू होने से बड़ी समस्या लाभार्थियों की पहचान करना है। झारखंड राज्य ने वर्ष 2016 में रिलैक्स्ड डोमिसाइल पॉलिसी को अधिसूचित किया था। नई नीति में छह तरीकों को सूचीबद्ध किया गया था, जिसे झारखंड के अधिवास के रूप में माना जा सकता है। लेकिन नीति की आलोचना की गई क्योंकि यह आदिवासियों को प्राथमिकता नहीं दे रही थी। झारखंड राज्य में 32 जनजातियाँ निवास करती हैं। इन जनजातियों को मूल रूप से उनके सांस्कृतिक प्रकारों के आधार पर वर्गीकृत किया गया था।
शिकारी-संग्रहकर्ता प्रकार –जिसमें कोरवा, बिरहोर, हिल खारिया शामिल है।
स्थानांतरण कृषि – सौरिया पहाड़िया।
सरल कारीगर– लोहरा, महली, करमाली, चिक बारिक।
कृषक –मुंडा, संथाल, हो, उरांव, भूमिज।
झारखंड की अनुसूचित जनजाति (एसटी) जनसंख्या
राज्य में 2002 की जनगणना के अनुसार 7,087,068 एसटी आबादी है जो कुल आबादी का 26.3 प्रतिशत है। वे मुख्य रूप से ग्रामीण हैं, जिनमें से 91.7 प्रतिशत गांवों में रहते हैं। राज्य में वर्तमान झारखंड में मुंडा, उरांव, संथाल, गोंड, कोल, असुर, बंजारा, चेरो, हो, कोरा, भूमिज आदि जैसे 32 आदिवासी समूह हैं।
इंदौर। बेटियों का नौकरी करना पिता को पसंद नहीं था। किसी से बात करने पर शंका कर मारपीट और गाली-गलौच करना आम था। बेटियों की नौकरी छुड़वाकर पिता उन्हें खंडवा से इंदौर भाई के घर ले आया। पत्नी और दो बेटियों और बेटे के भाई के घर में 15 दिन बंधक बनाकर रखा। बेटियों ने मामा से संपर्क किया और इन्हें पुलिस की मदद से आजाद करवाया गया। पुलिस ने आरोपी किशोर नगर, खंडवा निवासी घनश्याम श्रीवास और उसके भाई प्रदीप श्रीवास को गिरफ्तार किया है। प्रदीप श्रीवास पीथमपुर में फैक्टरी का संचालन करता है।












