रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने पूछा कि केंद्र से कथित सम्मान निधि का 500 करोड़ रुपए दिए जाने पर भारी गुणगान करने वाली भाजपा राज्य सरकार से, राजीव गांधी किसान सम्मान योजना में छत्तीसगढ़ के किसानों को 6000 करोड़ से अधिक की राशि दिए जाने का स्वागत क्यों नहीं करती। भाजपा दोहरे मापदंडों की राजनीति कब तक करती रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा का किसान विरोधी चरित्र उजागर हो चुका है। किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार किस्तों में दें तो बहुत उचित है और राज्य सरकार राजीव गांधी किसान सम्मान योजना की राशि कोरोना के विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों को दे रही है तो इसमें भाजपा को बड़ी तकलीफ है।
भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा कि धान के बोरे के 15 रुपए पर राजनीति करने वाली भाजपा डीएपी का दाम 1900 रुपए किए जाने पर क्यों खामोश है। भाजपा 2018 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद और उसके पहले भी छत्तीसगढ़ के लोगों से छत्तीसगढ़ की जन भावनाओं से छत्तीसगढ़ के मजदूर किसानों से पूरी तरह से कट चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि किसानों की कृषि ऋण माफी के लिए कांग्रेस नेताओं ने पत्रकारवार्ता लेकर गंगाजल उठाया था कि इसे 10 दिन में पूरा किया जाएगा। इसे 10 दिन नहीं 10 घंटे भी नहीं लगे और कांग्रेस सरकार ने किसानों की कृषि ऋण माफी का फैसला लिया। भाजपा बार-बार गंगाजल की शपथ को शराबबंदी से जोड़ती है। जबकि गंगाजल को लेकर कोई झूठ बात की नहीं जाती और ऐसी झूठ बात करके भाजपा हिंदू धर्म की सबसे बड़ी शपथ गंगाजल की शपथ का अपमान कर रही है। मां गंगा का नाम लेकर झूठ बोल रही है जिसके लिए भाजपा को कभी कोई माफ नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने की बात की लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने तो तीन काले कानून किसानों के लिए लाए हैं। जिनसे व्यापारियों को जमाखोरी करने किसानों की जमीन ठेके पर लेने और किसानों की उपज बिना समर्थन मूल्य के खरीदने की छूट मिल रही। 2014 की लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भाजपा ने कहा था कि किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू की जाएगी। लेकिन उसका आज तक अता पता नहीं। छल करने और झूठ बोलने के अपने चरित्र के चलते भाजपा ने स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों का मूल रूप ही बदल दिया। किसानों की खेती की लागत के साथ-साथ किसान खेत में जो खुद मजदूरी करता है। उन दोनों को जोड़कर उसके ऊपर किसानों को 50 प्रतिशत लाभ देने की बात स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश में है। केंद्र की भाजपा सरकार ने षड़यंत्रपूर्वक किसान की खुद की मेहनत और मजदूरी को स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश से हटा दिया।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों से धोखाधड़ी भाजपा का पुराना चरित्र है। भाजपा का कहना साफ हर किसान का कर्जा माफ बोलकर भाजपा ने किसानों के साथ पहले भी छल किया था। 270 रुपए बोनस 5 साल तक 300 रूपए बोनस 5 साल तक 2100 रूपए समर्थन मूल्य 5 हॉर्स पावर पंप की मुफ्त बिजली जैसे अनेक वादों में भाजपा ने किसानों के साथ छल किया है। किसानों को धोखा देना मतदाताओं के साथ कपट करना और चुनाव जीतने के बाद घोषणाओं को जुमला कहना यह भाजपा का चरित्र है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि 1100 रूपए का डीएपी 1900 रूपए का हो गया। 62 का डीज़ल 92 का और प्रधानमंत्री 2000 रुपए खाते में डालकर यूं दिखा रहे हैं मानों किसानों पर एहसान कर दिया भाजपा नेता ताली बजा रहे हैं। किसानों का दर्द न भाजपा कभी समझ पाई है और न कभी समझ पाएगी। लाखों किसान अब भी दिल्ली की सीमा पर बैठे हैं। उनकी सुध भी मोदी की किसान विरोधी सरकार नहीं ले रही है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में IED ब्लास्ट की चपेट में आकर मंगलवार को जिला पुलिस बल के एक हेड कांस्टेबल शहीद हो गए। जबकि एक कांस्टेबल घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए कैंप के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं शहीद जवान के शव को अभी जिला मुख्यालय नहीं लाया गया है। मामला कुटरू थाना क्षेत्र का है। SDOP शेर बहादुर सिंह ठाकुर ने घटना की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, जिला पुलिस के जवान एरिया डोमिनेशन के लिए निकले थे। इस दौरान कुटरू क्षेत्र के अंबेली गांव में जवान IED की चपेट में आ गए। ब्लास्ट के चलते हेड कांस्टेबल थलेंद्र कुमार नायक शहीद हो गए। जबकि एक अन्य कांस्टेबल कमल ठाकुर घायल हैं। बताया जा रहा है कि गांव के अंतिम घर के पास पुल से पहले ही नक्सलियों ने IED प्लांट कर रखा था।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई, मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कई अहम फैसले भी लिए गए। इन फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने PC में बताया कि कैबिनेट में 23 मुद्दों पर आज चर्चा हुई। 16 राजनीतिक प्रकरणों की वापसी का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ सोयाबीन, अरहर, कोदो कुटकी, रागी और रामतिल को भी न्याय योजना में शामिल किया जाएगा, वर्मी खाद के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक खाद तैयार करने का भी निर्णय लिया गया है। गोधन न्याय योजना में भी अहम निर्णय लिया गया है। साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के तहत डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त पद के लिए पदोन्नति को मंजूरी दी गई है, और बस संचालकों के अग्रिम टैक्स के भुगतान को चार माह आगे बढ़ाया गया है।
उन्होंने बताया कि कृषि और वानिकी क्षेत्रों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जाएगा, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की शुरूआत की जाएगी, योजना के तहत प्रति एकड़ दस हजार की राशि दी जाएगी।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
1- लद्दाख इंडो चाइना सीमा पर हुई झड़प में 16 जून 2020 को शहीद सिपाही गणेश राम जी (बिहार रेजीमेंट) की बहन कुमारी गंगा कुंजाम को जिला शिक्षा अधिकारी उत्तर बस्तर कांकेर के अंतर्गत सहायक ग्रेड-3 तृतीय श्रेणी के पद पर विशेष प्रकरण मानते हुए अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
2- छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड -19 संक्रमण के लिए आवश्यक सामग्रियां जो राज्य के लिए आवश्यक हैं और जिनका निर्माण राज्य में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे उत्पाद एवं विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन/नवीन प्रावधान करने का निर्णय लिया गया।
3- छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके अनुसार गत 10 वर्षों अथवा उससे अधिक अवधि से उद्योग निरंतर संचालित होने के स्थान पर गत 10 वर्षो अथवा उससे अधिक अवधि से उद्योग द्वारा उत्पादन प्रारंभ किया हो एवं दो हेक्टेयर अथवा इससे कम भूमि आबंटन को 4 हेक्टेयर या 10 एकड़ भूमि आबंटित हो का प्रावधान किया गया है।
4- छत्तीसगढ़ राज्य में वृक्षारोपण प्रोत्साहित करने हेतु मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत निजी क्षेत्र , कृषकों , शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर इमारती , गैर इमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किए जाने का भी निर्णय लिया गया।
योजना में खरीफ वर्ष 2020-21 में धान की फसल लेने वाले किसान यदि इसके बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करेंगे तो उन्हें आगमी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों द्वारा यदि राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है तो समिति को एक वर्ष बाद प्रति एकड़ के मान से 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने और बेचने का अधिकार संबंधित समिति का होगा।
5-राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ 2020 में धान फसल के पंजीकृत कृषकों एवं धान बीज उत्पादक कृषकों को 5837.40 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में दिए जाने का निर्णय लिया गया।
योजना में खरीफ 2021 की समस्त फसलों को जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी , रागी , अरहर , मंूग , उड़द , कुल्थी , सोयाबीन , मूंगफल्ली , तिल , रामतिल, कपास , सनई , जूट के साथ साथ कृषि वानिकी तथा गन्ना फसल को शामिल करने का निर्णय लिया गया। इस योजना में समस्त श्रेणी के भूमि स्वामी कृषक एवं वन पट्टाधारी कृषक पात्र होंगे।
खरीफ 2021 से योेजना के अंतर्गत कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि स्वामी कृषक को प्रथम 2 वर्ष के लिए 9000 रूपए प्रति एकड़ की दर से 4 किश्तों में आदान सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी. के आधार पर औसत रिकव्हरी दर अनुसार कृषकों को एफ.आर.पी. की अंतर राशि 84.25 रूपए प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता के रूप में भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया।
6- गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोठानों में क्रय किए गोबर से अतिशेष सुरक्षित रखे गोबर का वैकल्पिक विधि से सामान्य गोबर खाद /आर्गेनिक मैन्योर का निर्माण स्व -सहायता समूह के माध्यम से कराए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सामान्य गोबर खाद का विक्रय 6 रूपए प्रति किलो की दर से तथा प्रति किलो लाभांश राशि में से 90 पैसे संबंधित स्व -सहायता समूह को दिए जाने का निर्णय लिया गया।
7- राज्य प्रशासनिक सेवा के संवर्ग प्रबंधन हेतु डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद पर क्रमोन्नति में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
8- छत्तीसगढ़ महतारी दुलारी योजना 2021 का अनुमोदन किया गया। इस योजना में ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हुई हो ऐसे बच्चे जो स्कूली शिक्षा प्राप्त करने आयु संबंधी पात्रता रखता हो अथवा जिनके घर में कमाने वाले वयस्क सदस्य न रहने के कारण भरण पोषण की समस्या हो गई हो उन परिवारों के बच्चों को शासकीय शालाओं में निःशुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध करायी जाएगी। ऐसे बच्चों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को 500 तथा कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के बच्चों को 1000 रूपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दिए जाने का प्रावधान है।
9- तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने हेतु 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किए जाने का अनुमोदन किया गया।
10- सड़क मार्ग द्वारा वाहन अधिनियम 2007 अंतर्गत बिना रजिस्ट्रेशन तथा नियमों का उल्लंघन करने पर अपनी अपनी अधिकारिता के भीतर शास्ति अधिरोपित किए जाने हेतु धारा 18(1) के प्रावधान अनुसार परिवहन आयुक्त, अपर परिवहन आयुक्त, समस्त जिला दंडाधिकारी, समस्त अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारी, संयुक्त परिवहन आयुक्त, उप परिवहन आयुक्त, वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, परिवहन निरीक्षक एवं परिवहन उप निरीक्षक को प्राधिकृत किए जाने का अनुमोदन किया गया।
11-छत्तीसगढ़ मोटर कराधान अधिनियम व नियम 1991 एवं छत्तीसगढ़ मोटर यान नियम 1994 के अंतर्गत निष्प्रयोग में रखे जाने वाले वाहन एवं अनुज्ञा पत्र की अवधि को 31 जुलाई 2021 तक छूट प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया।
12- वर्ष 2021-22 के लिए राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चने की आपूर्ति नेफेड के माध्यम से समस्त करों सहित 5680 रूपए प्रति क्विंटल की दर से चना क्रय किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
13- खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में से उपर्जित धान में से सरप्लस धान की नीलामी के संबंध में मंत्रीमंडलीय उप समिति के निर्णय का अनुमोदन किया गया।
14- मई एवं जून 2021 के लिए अंत्योदय प्राथमिकता एवं एकल निराश्रित अन्नपूर्णा एवं निराश्रित कार्ड धारियों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का अनुमोदन किया गया।
15-एम.एन.आर. ई की योजना सोलर पार्क विकसित कर सोलर पावर प्लांट की स्थापना अंतर्गत उर्जा विभाग को राजनांदगांव जिले में आबंटित भूमि 377.423 हेक्टेयर में से 188.760 हेक्टेयर भूमि को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीयूशन कम्पनी लिमिटेड एवं सोलर एनर्जी कार्पोरेशन आफ इंडिया के मध्य निष्पादित एम.ओ.यू के शर्ताें के अधीन उर्जा विभाग को आबंटित भूमि को राइट टू यूज के अंतर्गत सीएसपीडीसीएल को लीज पर सौंपने एवं बिल्ड आन एण्ड आपरेट के तहत सेकी को उक्त भूमि सौपने हेतु सीएसपीडीसीएल को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया।
रायपुर। सिम ब्लाक होने का झांसा देकर अपडेट करने के बहाने ऑनलाईन 81 हजार रुपये की ठगी कर लेने की रिपोर्ट आजाद चौक थाने में दर्ज करायी गई है।
बिलासपुर। जिले में लागू कंटेनमेन्ट अवधि के दौरान जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छूट की सीमा बढ़ाई है। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिये सम्पूर्ण जिले को 24 मई की रात 12 बजे तक कंटेनमेन्ट जोन घोषित किया गया है। पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है। स्थापित बाजार यथा-शनिचरी, बुधवारी, गोल बाजार आदि तथा माल, सुपर बाजार में स्थित दुकानें नहीं खुलेंगी, किन्तु इनमें स्थित किराना दुकानों को आम जनता हेतु खोले बिना केवल होम डिलिवरी के लिये शाम 4 बजे तक संचालित की जा सकेगी।
ज्ञात हो कि फल, सब्जी की होम डिलिविरी शाम 4 बजे तक करने की अनुमति पूर्व में दी गई है। यह डिलिवरी केवल स्ट्रीट वेण्डर्स, ठेले वाले, पिकअप, मिनीट्रक, अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिये प्रयुक्त वाहन पर बैनर या स्टिकर प्रदर्शित करना होगा। आम जनता के लिये दुकानें खोले बिना किराना दुकानदार आसपास के क्षेत्र में स्वयं या डिलिवरी बॉय के माध्यम से उपरोक्त समयावधि में होम डिलिवरी कर सकेंगे। गली मोहल्लों एवं कॉलोनियों में स्थित एकल किराना, अण्डा, पोल्ट्री, मटन, मछली की दुकान, बेकरी अधिकतम शाम 4 बजे तक खोली जा सकेगी।
होटलों एवं रेस्टोरेन्ट्स से केवल स्विगी, जोमेटो इत्यादि ऑनलाईन एप्लिकेशन के माध्यम से प्रातः 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होम डिलिवरी की अनुमति दी गई है किन्तु ग्राहकों के लिए इन-हाउस डाइनिंग तथा टेक-अवे प्रतिबंधित रहेगा। भीड़-भाड़ या निर्देशों का उल्लंघन होने पर होटलों एवं रेस्टोरेन्ट्स को 30 दिन के लिये सील कर दिया जायेगा। इस व्यवस्था में संलग्न सभी व्यक्तियों को नियमित अंतराल में कोविड-19 जांच तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को कोविड-19 वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य होगा।
वाहन मरम्मत, पंचर सुधार, आटो पाटर्स, विभिन्न चार पहिया वाहनों के शो रूम, चार पहिया वाहन रिपयेरिंग वर्कशाप, स्टेशनरी, लाण्ड्री सर्विसेस, आटा चक्की, आप्टिकल शाप, निर्माण सामग्री विक्रय की दुकानें, रिपेयरिंग सामग्री विक्रय हेतु इलेक्ट्रिकल दुकानें, पेट शाप, एक्वेरियम, कृषि से संबंधित खाद, उर्वरक, कीटनाशक, बीज विनिर्माण, वितरण एवं विक्रय, कृषि मशीनरी विक्रय एवं इससे संबंधित स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत दुकानें शाम 4 बजे तक संचालित की जा सकेगी।
इन बिन्दुओं को छोड़कर जिले की समस्त गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
रायपुर, पुलिस विभाग ने सोमवार देर रात पुलिस विभाग के अफसरों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार राहुल देव शर्मा को पुलिस विभाग ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
दरअसल राहुल देव शर्मा होंगे को विधानसभा CSP बनाया गया है। नया संभाग बनने के बाद पहली पदस्थापना हुई है। नए संभाग में थाना विधानसभा, खरोरा और खमारडीह थाने रहेंगे। इस संबंध में रायपुर एसएसपी ने आदेश जारी कर दिया है।
देखे आदेश :-

बलरामपुर। सरगुजा संभाग के बलरामपुर में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। बलरामपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग में इस बीमारी की पुष्टि की गई है। आंख और नाक में परेशानी के बाद जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। जिले में इलाज की सुविधा नहीं होने पर मरीज को रायपुर रेफर किया गया है।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंसग से अब तक 3 मरीजों की मौत हो चुकी है। दुर्ग में ही ब्लैक फंगस से दो मरीज दम तोड़ चुके हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को दोपहर 12 बजे कैबिनेट की बैठक लेंगे। बैठक में कोरोना से निपटने के उपायों और वैक्सीनेशन के साथ जिलों के हालातों की चर्चा की जाएगी। वहीं, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में नई फसलों के किसानों को लाभ देने पर मुहर लगाई जाएगी।Read Also:- रायपुर में कल के मुकाबले आज बढ़े आंकड़े, 318 कोरोना संक्रमित मिले, 20 की मौत
उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल उपसमिति ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त 21 मई को दिए जाने पर मुहर लगाए जाने के साथ ही खरीफ सीजन 2021 में धान गन्ना मक्का की खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ दलहन तिलहन कोदो कुटकी रागी और रामतिल जैसी अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाने का अनुमोदन किया है। वर्तमान में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान बेचने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10,000 इनपुट सपोर्ट के रूप में दिया जाता है।
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रायपुर । राजधानी रायपुर में आज 318 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। वही हॉस्पिटल से 267 और होम आइसोलेशन से 356 कुल 623 मरीज स्वस्थ हुए है। जबकि 20 मरीजो की इलाज के दौरान मौत हो गई इस प्रकार मौत का कुल आकड़ा हुआ 3000 साथ अब रायपुर में एक्टिव मरीज 6055 है।

नारायणपुर। कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने पूर्व में जारी आदेश के तहत् संपूर्ण नारायणपुर जिले में 10 मई को आदेश जारी कर 17 मई रात्रि 12ः00 बजे तक दण्ड प्रक्रिया संहिता में प्रदत्त शक्तियों के अधीन नारायणपुर जिला अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोशित करते हुए जिला में सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किये है। जिला स्तरीय बैठक में हुई चर्चा एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आम जनता हेतु आवश्यक सामग्रियों के संस्थानों/प्रतिश्ठानों अथवा दुकानों को निर्धारित समय में खोलने की अनुमति लोकहित में दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके सााथ ही आम जनता हेतु आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ श्रमिकों, निम्न आय वर्ग एवं छोटे-बड़े व्यवसायीगण के हितों की सुरक्षा हेतु निर्बंधनों में रियायत देते हुए देते हुए प्रतिबंधित आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि 18 से 31 मई रात्रि 10ः00 बजे तक लाॅकडाउन रहेगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लीनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। शासकीय उचित मूल्य दुकानों को खाद्य नियंत्रक रायपुर द्वारा निर्धारित समयावधि में खुलने की अनुमति होगी। मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग, नियमित सेनिटाईजेशन एवं भीड़-भाड़ नहीं होने देने की शर्त का कड़ाई से पालन कराने की अधीन, टोकन व्यवस्था के साथ अलग - अलग निर्धारित तिथियों में उचित मूल्य दुकानों को खोलने हेतु खाद्य नियंत्रक द्वारा पृथक से आदेश प्रसारित किया जावे। जिला नारायणपुर अंतर्गत सभी प्रकार की दुकानों/प्रतिश्ठानों को सोमवार से शुक्रवार तक समय प्रातः 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति दी जाती है। दुकानदार/संचालक अपने प्रतिश्ठान में मास्क एवं सेनेटाईजर की व्यवस्था स्वयं करेगा एवं फिजिकल डिस्टेंसिग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। शर्तो का उल्लंघन करने तथा भीड़-भाड़ होने पर दुकानदार/संचालक स्वयं जिम्मेदार होगें तथा उन्हें एपिडेमिक एक्ट 1897 के अधीन चलान/अर्थदण्ड अधिरोपित करने के साथ-साथ दुकान को एक सप्ताह हेतु सील किया जावेगा। शनिवार व रविवार को सम्पूर्ण दुकाने पूर्णतः बंद रहेगीं। परन्तु आवश्यक सेवा यथा पेट्रोल पम्प, अस्पताल, मेडिकल दुकान, पी.डी.एस. दुकान, दूध, फल, पेट शाॅप, एल पी जी गैस, न्यूज पेपर, सब्जी एवं अन्य आवश्यक सेवाएं शनिवार एवं रविवार को भी संचालित रहेगीं।
आदेश में कहा गया है कि सभी पान/सिगरेट ठेला तथा चैपाटी, चाट, समोसा, गुपचुप, फास्ट-फूट इत्यादि के विक्रय हेतु ठेलों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दुग्ध पार्लर व दुग्ध वितरण, ब्रेड विक्रेता तथा न्यूज पेपर हाॅकर द्वारा समाचार पत्रों के वितरण की समयावधि प्रातः 7ः00 बजे से संध्या 5.00 बजे तक ही होगी। स्थानीय एवं नजदीक के गांव से आने वाले फल, सब्जी के विक्रेताओं को मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नारायणपुर द्वारा वार्डो में निर्धारित स्थानों पर ही फल, सब्जी विक्रय करने की अनुमति होगी। इस हेतु नगरपालिका अधिकारी पूरे शहर में पर्याप्त दूरी बनाते हुये बिन्दु निर्धारित कर चूना से मार्किंग करेंगे। फल/सब्जी विक्रेता को उन्हीं स्थानों में विक्रय करने की अनुमति होगी। जिस हेतु समय प्रातः 10ः00 बजे से संध्या 05ः00 बजे तक की होगी। उपरोक्त समयानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी फल की दुकानें खुलेंगी। जिला के रेडी-टू ईट निर्माणकर्ता ईकाईयां प्रातः 9ः00 बजे से संध्या 5ः00 बजे तक अपना कार्य संचालित कर सकेंगी। पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसियां सभी उपभोक्ताओं के लिए खोले जाने की अनुमति रहेगी। गैस एजेंसिया होम डिलीवरी को प्राथमिकता देवें। स्थानीय आॅनलाईन शाॅप तथा ई-काॅमर्स सेवाओं यथा अमेजाॅन, फ्लिफकार्ट इत्यादि को उपरोक्त समयावधि में होम डिलीवरी हेतु अनुमति प्रदान की जाती है किन्तु शाॅप/स्टोर आम जनता हेतु नहीं खुलेंगे। जिला अंतर्गत संचालित शराब दुकान बंद रहेगें, किन्तु आॅनलाईन एप्लीकेशन के माध्यम से होम डिलीवरी की अनुमति रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल, मैरिज हाॅल, सिनेमा हाॅल, जिम, सभी पार्क, सैलून, ब्यूटी-पार्लर तथा अन्य सार्वजनिक स्थल पूर्णतः बंद रहेंगे। जिले के नगरीय/ग्रामीण क्षेत्र में साप्ताहिक हाट-बाजार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। सभी बैंकों को ए.टी.एम कैश रि-फिलिंग, अन्य सभी लेन-देन अथवा कार्यो हेतु 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अपने कार्यालयीन समय में खोलने की अनुमति रहेगी। जिले के डाकघरों को महत्वपूर्ण डाक, पत्र/पार्सल की प्राप्ति एवं वितरण हेतु कार्यालयीन समय में संचालन की अनुमति होगी। गौण वनोपज से संबंधित कार्य - संग्रहण, विपणन, भण्डारण एवं परिवहन कार्य तथा मनरेगा संबंधित समस्त कार्य की अनुमति होगी। समस्त मिलरों को धान का भण्डारण, मिलिंग एवं चाॅवल को पीडीएस दुकानों तक परिवहन की अनुमति होगी।
कन्टेमेंट अवधि के दौरान अत्यावश्यक कार्य से अन्य जिले में प्रवास हेतु सीजी पास वांछित दस्तावेज सहित आवेदन करना होगा। होटलों एवं रेस्टोरेंट से केवल आॅनलाईन एप्लीकेशन के माध्यम से होम डिलीवरी की अनुमति पूर्ववत रहेगी, किन्तु ग्राहकों के लिए इन-हाउस डायनिंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। होम डिलीवरी के लिए होटल एवं रेस्टोरेंटस में होम डिलीवरी आर्डर समय रात्रि 9ः00 बजे तक लिया जा सकेगा। तथा आम जनता हेतु होम डिलवरी रात्रि 10ः00 बजे तक ही की जा सकेगी। भीड़-भाड़ या निर्देशों का उल्लघंन होने पर होटलों एवं रेस्टोरेंटस को नियमानुसार एक सप्ताह हेतु सील करने की कार्यवाही की जावेगी। सभी प्रकार की सभा, जुलूस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधू के निवास गृह में ही आयोजित करने एवं शामिल होने वाले व्यक्तियों तथा अंत्योष्टि, दशगात्र, मृत्यु इत्यादि संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है। उक्त कार्यों के लिए अनुमति हेतु आवेदनकर्ता कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों के नाम सहित उनका पहचान पत्र/आधार कार्ड आवेदन में संलग्न करते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी नारायणपुर से पूर्वानुमति आवश्यक होगी। उक्त कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सर्वप्रथम कोविड-19 का जांच कराना अनिवार्य होगा। जांच में कोविड-19 पाॅजीटिव पाये जाने वाले व्यक्तियों को उपरोक्त कार्यक्रमों शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। इस शर्त के उल्लंघन किये जाने पर संबंधित व्यक्तियों अथवा आवेदनकर्ता के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आईसोलेशन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे इन कर्यो में संलग्न सभी कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड हाॅस्पिटल/कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे। जरूरत मंदो को राहत सामग्री पहुंचाने हेतु इच्छुक संस्थाओं/एनजीओ/व्यक्तियों को कोरोना बचाव हेतु प्रसारित निर्देशो के तहत् एक समय में अधिकतम 04 व्यक्तियों को प्रातः 10ः00 बजे से संध्या 5ः00 बजे तक संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी की पूर्वानुमति से राहत सामग्री वितरण की अनुमति होगी।
कोविड-19 टीकाकरण हेतु पंजीयन, कोविड-19 जांच हेतु मेडिकल दस्तावेज या आधार कार्ड/विधिमान्य परिचय पत्र दिखाने पर कोविड-19 टीकाकारण केन्द्र अस्पताल/पैथालाॅजी लैब अथवा आने-जाने की अनुमति होगी। यह आदेश कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं उनके अधिनस्थ समस्त कार्यालय, तहसील कार्यालय, थाना/पुलिस चैकी एवं कोविड-19 में ड्यूटीरत अधिकारी/कर्मचारी पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारी, विद्युत पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवाएं जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाओं के संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी, किन्तु इन शासकीय कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अन्य शासकीय कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले रहेगें परन्तु आम जनता के लिये प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सभी शासकीय कार्यालय में आम जनता द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने हेतु ड्राप बाक्स की व्यवस्था रखेगे, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपना आवेदन डाल सकेंगे। तथापि कोई भी अधिकारी/कर्मचारी बिना कलेक्टर की अनुमति के अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। सभी निर्माण कार्य कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ चालू रखने एवं निर्माण संबंधित सामग्री के परिवहन की अनुमति दी जाती है। लोक सेवा केन्द्र/च्वाईस सेंटर खुले रहेंगे, किन्तु मास्क तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराना अनिवार्य होगा। उल्लघंन की दशा में अर्थदण्ड के साथ-साथ केन्द्र की आई.डी. निलंबित की जावेगी। राज्य शासन के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा के संचालन की अनुमति होगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिश्ठानों पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 50 व 60 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश 18 मई 2021 से 31 मई .2021 रात्रिः 10ः00 बजे तक प्रभावशील होगा।
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए अगर किसी एक श्रेणी में टीके बच जाते हैं तो उसे दूसरी श्रेणी में स्थानांतरित किया जाये। राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि ऐसा किया जा रहा है। कोर्ट ने दो दिन के भीतर इस पर शपथ-पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश सरकार को दिया है।
हाईकोर्ट में कोविड-19 आपदा और उससे जुड़े मुद्दों पर एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। आज अवकाशकालीन युगल पीठ में जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पीपी साहू ने इस सम्बन्ध में दायर अन्य याचिकाओं के साथ वर्चुअल सुनवाई की। पूर्व विधायक अमित जोगी सहित अन्य ने एक मई से प्रारंभ 18 से 44 वर्ष के लोगों के टीकाकरण पर सरकार की आरक्षण नीति, जिसमें अंत्योदय श्रेणी को पहले टीका लगाने की बात थी, को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी। इस पर पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार सभी वर्गों को समान रूप से टीका लगे यह सुनिश्चित करे। इसके बाद राज्य शासन ने टीकाकरण पर रोक लगा दी थी लेकिन अगली हुई सुनवाई में कोर्ट ने तत्काल टीकाकरण शुरू करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद बीपीएल, कोरोना वारियर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स, बीपीएल तथा अंत्योदय श्रेणी के लिये टीकाकरण अलग-अलग प्रतिशत आधार पर शुरू कर दिया गया था।
आज की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से 9 पेज का जवाब प्रस्तुत किया गया। इसमें याचिकाकर्ताओं की ओर से पलाश तिवारी द्वारा बताया गया कि टीकाकरण केंद्रों में लंबी लंबी लाइन लग रही है। लोग घंटों खड़े रहते हैं और उन्हें लौटाया जा रहा है। कोविन ऐप में लोगों को तारीख मिल रही है लेकिन सीजी टीका ऐप में ऐसा नहीं हो रहा है। अधिवक्ता अनुमय श्रीवास्तव की ओर से कहा गया कि अंत्योदय श्रेणी में बहुत से टीके बच रहे हैं। उनको अन्य वर्ग में शिफ्ट किया जाए। एक ओर टीका बर्बाद हो रहा है तो दूसरी ओर लोगों को टीकाकरण से वंचित किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि टीके बर्बाद नहीं हो रहे हैं, उसे अन्य वर्गों में आवश्यकतानुसार शिफ्ट किया जा रहा है। राज्य सरकार से इस जवाब को कोर्ट ने शपथ पत्र के साथ मांगा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने कहा है कि टीकाकरण के ऐप में रजिस्ट्रेशन के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित किया जाये। प्रकरण पर अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
जांजगीर जिले के एसपी ने पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है. जिले के 7 निरीक्षक और 2 उप निरीक्षक का तबादला किया गया है. पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने के दृष्टिकोण से यह ट्रांसफर किया गया है. इस संबंध में वहा की एसपी ने ये आदेश जारी किया है.
देखे आदेश:-

















