बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट में आज कोविड-19 की जनहित याचिका में शासन को कुछ नए तथ्यों को रिकॉर्ड में लाने के लिए समय दिया गया तथा यह आदेशित किया गया है के वो उचित पालिसी बनाकर जो वैक्सीन उपयोग नही हो पा रही है उनको उपयोग में लाये। साथ ही साथ जो वर्तमान में पालिसी है उसी के अनुसार निर्णय लिया जाए। विगत दिनों याचिकाकर्ताओं ने बीपीएल के लिए संरक्षित वैक्सीन के बर्बादी को लेकर सवाल उठाया था। आज शासन के और से वी गिरी वरिष्ठ अधिवक्ता तथा सतीश चंद्र वर्मा महाधिवक्ता, विक्रम शर्मा सरकारी अधिवक्ता ने पैरवी की। वही इंटरवेनेर की ओर से प्रफुल्ल भारत, किशोर भादुरी, अभिषेक सिन्हा, अनुमेहा श्रीवास्तव, सब्यसाची भादुरी, पलाश तिवारी, अर्जित तिवारी, हिमांशु चौबे उपस्थित थे। सुनवाई की अगली तिथि 4 जून निर्धारित की गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किस्त देगी। ये किस्त वर्ष 2020-21 में धान बेचने वाले साढ़े 21 लाख किसानों को मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 5 हजार 703 करोड़ रुपए स्वीकृत की है।
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कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि राज्य सरकार अपने किसानों से किया वादा हर साल पूरा कर रही है। इस साल भी प्रदेश के किसानों को 15 सौ करोड़ रुपए की पहली किस्त किसान न्याय योजना के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही गोधन न्याय योजना की पहली किस्त के रूप में गोबर बेचने वालों को 7 करोड़ 17 लाख की राशि का भुगतान होगा।
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कार्यक्रम में सभी मंत्री मौजूद रहेंगे। वहीं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी वर्चुअल जुड़ेंगे। मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर किसानों को पहली किस्त दी जा रही है।
रायपुर । राजधानी रायपुर में आज 240 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। वही हॉस्पिटल से 230 और होम आइसोलेशन से 213 कुल 443 मरीज स्वस्थ हुए है। जबकि 13 मरीजो की इलाज के दौरान मौत हो गई इस प्रकार मौत का कुल आकड़ा 3037 हुआ, साथ ही अब रायपुर में एक्टिव मरीज 4959 है।

खरसिया। शराब प्रेमियों के लिए सरकार विशेष रियायत बरत रही है, वहीं अधिकारियों की शह पर दुकान संचालक मदिरा प्रेमियों की जेब पर डाका डालने कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ऑनलाइन उपलब्ध स्टॉक की बुकिंग डिलीवरी चार्ज सहित करने के बावजूद मदिरा प्रेमियों को दुकानों तक पहुंच कर शराब लेने की मजबूरी बनी हुई है, वहीं मनपसंद ब्रांड के पैसे देने के बावजूद भी उन्हें वही ब्रांड खरीदना होता है जो दुकान संचालक को बेचने के निर्देश मिले हुए हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के विपरीत मदिरा की दुकानों पर उचित व्यवस्था का अभाव भी बना हुआ है। ऐसे में संक्रमण के बीच पहुंच कर मदिरा प्रेमी अपने सूखे गलों को तर कर रहे हैं।
वहीं सूत्रों की मानें तो देसी मदिरा जो मजदूर वर्ग अधिक खरीदते हैं, वे ऑनलाइन की बुकिंग ज्यादातर नहीं कर रहे। ऐसे में उन्हें अधिक पैसे चुका कर पव्वा खरीदने की मजबूरी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि 150 रुपए प्रति बोतल में इन्हें दुकान में शराब मुहैया करवाई जाती है, वह भी एक साथ तीन या चार खरीदने पर। यह समझना कठिन है कि जब ऑफलाइन बिक्री ही करनी है तो ऑनलाइन का चोंचला कर मदिरा प्रेमियों से 118 रुपए अतिरिक्त क्यों लिए जा रहे हैं।
अधिकारी दे रहे सफाई
खरसिया मदिरा दुकान की मनमानियां को लेकर जिला आबकारी निरीक्षक रमेश अग्रवाल से बात की गई। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कैरेट में एक बोतल भी फूट जाने की वजह से सभी बारकोड खराब हो जाते हैं, ऐसे में बिना बारकोड के बिक्री करनी पड़ती है, जबकि वह स्टाक ऑनलाइन में शो होते रहता है। वहीं कहा कि लॉकडाउन की वजह से पर्याप्त लेबर नहीं मिल पाते, ऐसे में बैरिकेड की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई होगी, आज पहला ही दिन है, व्यवस्था कर ली जाएगी।
रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में कोरोना पॉजिटिव होकर उपचार उपरांत निगेटिव हो चुके मरीजों के लिये अस्पताल के तृतीय तल में कक्ष क्र. 341 में विशेष रूप से शुरू की गई पोस्ट कोविड रिकवरी क्लिनिक का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है। कोविड की दूसरी लहर के बाद लॉकडाउन के कारण जो मरीज अस्पताल नहीं आ पा रहे थे, वे वर्चुअल ओपीडी के माध्यम से घर बैठे विशेषज्ञों से परामर्श एवं इलाज प्राप्त कर रहे थे। वर्तमान में कोविड के केस कम होने के कारण शासन द्वारा स्टेप वाइज अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। अनलॉक के कारण अस्पताल की पोस्ट कोविड रिकवरी क्लिनिक में आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए उनकी सुविधा के लिए क्लिनिक में समुचित जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई है।
कोविड की दूसरी लहर के बाद विभिन्न प्रकार की नई बीमारियां तथा पोस्ट कोविड जटिलताओं जैसे- म्यूकर माइकोसिस, डायबिटीज, थायराइड एवं अन्य बीमारियों को देखते हुए पोस्ट कोविड रिकवरी क्लिनिक में इन नई बीमारियों की जांच और स्क्रीनिंग विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। इस हेतु रेस्पिरेटरी एवं चेस्ट, साइकियाट्रिक, मेडिसिन तथा फिजियोथेरेपी के साथ ही अन्य विभाग जैसे ईएनटी, सर्जरी, ऑप्थेल्मोलॉजी, ऑर्थोपेडिक तथा स्किन एंड वी. डी. के विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को हो रही इन नई बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी एवं उपचार हेतु निर्देशित किया जाएगा।
रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ सीजन 2020-21 की पहली किश्त के रूप में प्रदेश के 22 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के करीब 72 हजार पशुपालकों को गोबर खरीदी के एवज में 7 करोड़ 17 लाख रूपए तथा गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 3.6 करोड़ रूपए की राशि ऑनलाइन अंतरित की जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सांसद श्रीमती सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्रीमण्डल के सदस्यों के साथ 21 मई को दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वर्गीय राजीव गांधी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, इसके पश्चात् प्रदेश के 22 लाख किसानों को कृषि आदान सहायता राशि की प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए कृषकों के खातों में तथा गोधन न्याय योजना के तहत 15 मार्च से 15 मई तक पशुपालकों से गोबर खरीदी की राशि 7.17 करोड़ रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। इस कार्यक्रम में जिलों से सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, किसान और पशुपालक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फसल उत्पादकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत खरीफ सीजन 2019-20 में पंजीकृत लगभग 19 लाख किसानों को कृषि आदान सहायता के रूप में 5628 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि दी गई है। चार किश्तों में यह राशि किसानों के बैंक खाते में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अंतरित की गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बीते 19 मई को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में कई अहम निर्णय लिए हैं। जिसमें अब खरीफ वर्ष 2020-21 में किसानों से क्रय किये गये धान पर 9,000 रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जायेगी। आगामी वर्षाें में भी खरीफ सीजन में धान उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जाएगी।
इसी तरह सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि वर्ष 2020-21 में जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया था, वह यदि धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगन्धित धान, अन्य फोर्टिफाइड धान की फसल उत्पादित करते हैं अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उसे प्रति एकड़ 9,000 रूपए के स्थान पर 10,000 रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। वृक्षारोपण करने वालों को 3 वर्षों तक यह अनुदान मिलेगा। राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिसके तहत खरीफ वर्ष 2021-22 में धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो कुटकी तथा अरहर के उत्पादकों को भी प्रतिवर्ष 9000 रूपए प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दी जायेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई को छत्तीसगढ़ सरकार की बहुआयामी गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के करीब 72 हजार पशुपालकों एवं ग्रामीणों को 15 मार्च से 15 मई तक गोबर खरीदी के एवज में 7 करोड़ 17 लाख रूपए की राशि सीधे उनके खाते में भी अंतरित करेंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व के दिन से शुरू हुई गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के पशुपालकों एवं ग्रामीणों को अब तक कुल 88 करोड़ 15 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 3.6 करोड़ रूपए की राशि का भी अंतरण करेंगे।
रायपुर । राजधानी रायपुर, बिलासपुर के साथ जगदलपुर विमानतल पर दूसरे राज्याें से आने वाले यात्रियाें के लिए आरटीपीसीआर की जांच रिपाेर्ट की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। केंद्र सरकार ने पहले यह आदेश कर दिया है, लेकिन इसकाे राज्य में अब तक लागू नहीं किया गया था। अब जाकर इसकाे राज्य में लागू करते हुए गुरुवार काे इस आशय का आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि जिन यात्रियों के पास पहले से 96 घंटे पूर्व की आरटी-पीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट होगी, अथवा जिन यात्रियों के पास दोनों कोरोना वैक्सीन लेने का प्रमाण पत्र होगा, उन्हें राज्य के भीतर आगामी यात्रा की अनुमति होगी। वहीं जिन यात्रियों के पास उपरोक्त दस्तावेज नहीं होंगे, उनकी जांच एयरपोर्ट पर की जायेगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर यात्रियों को स्वयं होम आइसोलेशन पर रहना अनिवार्य होगा।
रायपुर। डीएपी खाद का मूल्य न बढ़ाए जाने का फैसला किसानों और कांग्रेस के संघर्ष का परिणाम है। अंततः कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में खाद की मूल्यवृद्धि के विरोध में किसानों और कांग्रेस का संघर्ष रंग लाया और केंद्र सरकार को डीएपी खाद का मूल्य नहीं बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी एल पुनिया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्ग निर्देशन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने खाद की मूल्य वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया। सोशल मीडिया से लेकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कांग्रेस जनों के द्वारा खाद की मूल्य वृद्धि का आक्रामक विरोध और संघर्ष रंग लाया और मोदी सरकार को यह तुगलकी तानाशाही फैसला वापस लेना पड़ा।
रायपुर। पूर्व विधायक की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र और चेक भेजे जाने के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि ऐसा लगता है कि हार के बाद बेरोज़गारी झेल रहे देवजी पटेल का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इसकी वजह से वे केंद्र के क़ानून की विफलता का ठीकरा राज्य सरकार पर फोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार से अनुरोध करेंगे कि सरकारी खर्च से देवजी पटेल का इलाज करवाने की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में किस कानून से देश चल रहा है इसका ज्ञान भी यदि देवजी भाई पटेल जैसे वरिष्ठ नेता को नहीं है तो यह बहुत दुखद स्थिति है। देश में आज आपदा प्रबंधन कानून लागू है और इस आपदा प्रबंधन कानून के तहत हर निर्णय केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाता है कोरोना में क्या करना है क्या दवाइयां देनी है और ट्रीटमेंट का क्या प्रोटोकोल है यह भी केंद्र सरकार ही तय करती है देवजी भाई पटेल ने अपने बयान में राज्य सरकार पर निराधार आरोप लगाते हुए कहा है कि आपके निष्ठुर कोरोना कानून के कारण स्थिति बिगड़ी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि देवजी भाई पटेल को विनम्रता से लेकिन उतनी ही दृढ़ता से मैं याद दिलाना चाहूंगा कि आज तो देश में एक ही कोरोना कानून प्रभावी है और वह कानून वही है जिसका नियंत्रण केंद्र सरकार यानी नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पास है। देवजी पटेल को ज्ञात होना चाहिए कि राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर कोई क़ानून बनाया है और न यह उसके अधिकारक्षेत्र में है। ऐसे में राज्य के कानून को दोषी ठहराना न केवल स्तरहीन और सतही बयानबाजी का बेहद निम्नस्तरीय उदाहरण है। यह इस बात का भी सबूत है कि गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्य सरकारों के खिलाफ भाजपा के नेता किस तरह से गैर जिम्मेदाराना बातें कहकर इस आपदा के समय संवैधानिक व्यवस्था और आपदा राहत और प्रबंधन की व्यवस्था को बिगाड़ने में लगे हुए हैं। यह जनहित में नहीं है।
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार से अनुरोध करेगी कि वह सरकारी खर्च पर देवजी पटेल के मानसिक संतुलन की जांच करवाए और इलाज की व्यवस्था करवाए या फिर मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से कुछ राशि देवजी पटेल को उपलब्ध करवा दें जिससे कि वे अपने पसंद के अस्पताल में इलाज करवा लें।
रायपुर। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार से स्टील इंडस्ट्री को ऑक्सीजन के उपयोग की अनुमति के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने अनुमति प्रदान कर दी है। केन्द्र सरकार की सचिव स्तर की समिति ने छत्तीसगढ़ के 11 इस्पात उद्योगों को ऑक्सीजन उपयोग की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इसके लिए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रति आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के स्टील उद्योगों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत आक्सीजन के उपयोग की अनुमति दिए जाने के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के द्वारा अवगत कराया गया है कि गृह मंत्रालय द्वारा चिकित्सा और रक्षा उत्पादन से जुड़े उद्योगों को मेडिकल आक्सीजन के उपयोग की अनुमति 26, 27 और 28 अप्रैल को जारी की जा चुकी है। इसी प्रकार इंडियन स्टील एसोसिएशन से आक्सीजन की आवश्यकता के संबंध में प्रस्ताव पर उद्योगों को प्रतिदिन 17 मेट्रिक टन आक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टील उद्योगों में लगातार कामकाज के संचालन के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह भी बनाया गया है, इस समूह द्वारा स्टील उद्योगों में आक्सीजन के उपयोग पर मंजूरी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 16 मई को दूरभाष पर हुई चर्चा और इसके पहले प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ ली गई वीडियो कांफ्रेसिंग में कोरोना की स्थिति में सुधार तथा आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए स्टील उद्योगों को 20 फीसदी आक्सीजन के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था। श्री मोदी ने इस पर विचार का आश्वासन दिया था।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को इस संबंध में पत्र लिखकर यह अवगत कराया था कि राज्य में कोरोना महामारी की स्थिति में निरन्तर सुधार हो रहा है। ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों को ऑक्सीजन की मांग के अभाव में क्षति हो रही है तथा ऑक्सीजन की कमी के कारण राज्य की सभी स्टील निर्माता इकाईयां बंद पड़ी है, जिसके कारण लाखों मजदूर बेरोजगार हो गये हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य की स्टील निर्माता इकाईयों को राज्य में उत्पादित 20 प्रतिशत मात्रा (92 मीट्रिक टन) के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में किसी भी समय अतिरिक्त मेडिकल ऑक्सीजन की मांग यदि उत्पन्न भी होती है, तो स्टील निर्माता इकाईयों को ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकी जा सकती है।
रायपुर। अवैध शराब बेचने की सुचना पर पुलिस ने छापामाकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके पास से 100 पाउच कच्ची देशी शराब एवं 45 सौ रुपये नगद जब्त की है।
बलौदाबाजार। अम्बुजा सीमेन्ट फॉउन्डेशन ने स्वास्थ्य एलाइंस के साथ मिलकर कोरोना संकट से निपटने में जिला प्रशासन के साथ सहयोग का हाथ बढ़ाया है।
जिला कलेक्टर सुनील कुमार जैन से आज यहां जिला कार्यालय परिसर में यूनिट हेड एवीएनवी एस.मूर्ति के नेतृत्व में कम्पनी के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की और कम्पनी प्रबंधन की ओर से दान में दिए गए 25 नग ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मशीन सौंपी। दान में दिए गए इन मशीनों की कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। श्री मूर्ति ने जरूरत पड़ने पर और भी सहयोग का भरोसा दिलाया है। इससे ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे जिले के कोरोना मरीज़ों को ऑक्सीजन की पूर्ति कर उनकी प्राण बचाई जा सकेगी। कलेक्टर ने सहयोग के लिए अम्बुजा सीमेन्ट कम्पनी प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर एडीएम राजेन्द्र गुप्ता सहित अम्बुजा सीमेन्ट कम्पनी के ऑपरेशनल हेड संदीप सीरा,प्रशासनिक हेड अजय रकवाल, चीफ मेडिकल हेड डॉ आशीष शुक्ला और सीएसआर हेड रोचक भारद्वाज भी उपस्थित थे।
















