रायपुर। कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर में फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में पुलिस, डॉक्टर्स, स्वास्थ्य व सफाई कर्मी अपना फर्ज निभा रहे है। इनके सब के अलावा एक और वर्ग है जो इस कोरोना काल में अपना फर्ज निभा रहा है। यह वर्ग है पत्रकारों का, जिनका काम कोरोना संबंधी जानकारी-खबरों को एकत्रित कर आम जनता तक पहुंचना। लेकिन प्रदेश में अब तक पत्रकारों को पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ के पत्रकारों को भी फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा देने की मांग की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा।
ज्ञातव्य है कि ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ में भी पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा दिलाने मांग की जा रही है। अपने पत्र में डॉ. सिंह ने लिखा है कि कोरोना आपदा काल में फ्रंट लाइन वर्कर्स के आलावा पत्रकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। विपरीत परिस्थितियों में भी मीडिया कर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है। इस दौरान कई पत्रकारों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु भी हो गई है। मधयप्रदेश, ओडिशा तथा उत्तरप्रदेश ने पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए उनकी चिंता की है। डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री बघेल से कहा कि पत्रकारों को भी फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में रखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए कोविड टीकाकरण में प्राथमिकता देने संबंधितों को निर्देशित करे।
बिलासपुर, शराब की लत ने फिर 6 लोगों की जान ले ली। दरअसल बिलासपुर में अल्कोहल युक्त सिरप पीने से 6 लोगों की मौत हो गई। पीने के कुछ घंटे बाद ही दो की मौत हो गई। वहीं आज उपचार के दौरान चार युवकों की मौत हो गई।
सभी युवकों का उपचार सिम्स अस्पताल में चल रहा था। जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी के कोरमी गांव के 6 युवक की मौत एल्कोहल युक्त सिरप पीने से हो गई। ये सभी युवक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक बात में सामने आई है कि शराब नहीं मिलने से सिरप पी ली।
वहीं एक-एक कर सभी की मौत हो गई। 6 युवकों की मौत के मामला सामने आने से हड़कंप मच। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सिरप का अधिक डोज सेवन करने से युवकों की मौत हो गई। बताया कि युवकों ने खांसी के इलाज में ली जाने वाली होम्योपैथिक सिरप ड्रोसेरा पीने से मौत हुई है।
रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम करने तथा कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के उद्देश्य से फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क पहनने एवं समय-समय पर हाथ धोने एवं सैनिटाइज करने आदि को सुनिश्चित करने के लिए रायपुर नगर निगम क्षेत्र के 10 जोन के लिए 30 उड़नदस्ता टीम का गठन किया है।
कलेक्टर ने इसके लिए जोन टीम में वरिष्ठ राजस्वअधिकारियों के साथ-साथ पुलिस , नगर निगम, खाद्य तथा अन्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। कलेक्टर ने इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए आई.ए.एस अधिकारी तथा सहायक कलेक्टर रायपुर अभिषेक कुमार को जिला स्तर नोडल अधिकारी नियुक्त किया है । उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र को 17 मई की सुबह 6 बजे तक की अवधि हेतु कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कड़ी प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं ।
जोन क्रमांक-01 में पूनम शर्मा, डिप्टी कलेक्टर ,जोन क्रमांक -02 में मुकेश कुमार कोठारी, डिप्टी कलेक्टर, जोन क्रमांक- 03 मे मीना साहू अतिरिक्त तहसीलदार ,जोन क्रमांक- 04 में राजीव कुमार पांडे, संयुक्त कलेक्टर ,जोन क्रमांक -05 में संदीप कुमार अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर ,जोन क्रमांक- 06 में नवीन कुमार ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर, जोन क्रमांक- 07 में जगन्नाथ वर्मा, डिप्टी कलेक्टर ,जोन क्रमांक - 08 मे अरविंद पांडे, संयुक्त कलेक्टर, जोन क्रमांक -09 में दीपक कुमार भारद्वाज, नायाब तहसीलदार और जोन क्रमांक - 10 मे अमित बेक, तहसीलदार की ड्यूटी लगाई गई है।
फिजिकल डिस्टेंसिंग नहीं अपनाने, मास्क धारण नहीं करने पर 500 रपये का अर्थदंड लगाया जाएगा :
किसी दुकान में फिजिकल डिस्टेंसिंग, दुकानदार अथवा ग्राहक द्वारा मास्क धारण नहीं करने या उपरोक्त आदेश का पालन नहीं किये जाने पर दुकान सील करने अथवा नियमानुसार अर्थदण्ड अधिरोपित करने की कार्यवाही किया जाएगी। इसी तरह राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने तथा सार्वजनिक स्थलों में मास्क/फेस कवर नहीं पहनने की दशा में महामारी रोग अधिनियम के अधीन निर्मित विनियम के तहत 500 रुपये जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु समस्त इंसिडेंट कमांडर, नायब तहसीलदार की श्रेणी अनिम्न समस्त राजस्व अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी/जोन कमिश्नर/उनके द्वारा नामित सहायक राजस्व निरीक्षक की श्रेणी से अनिम्न अधिकारी, सहायक उपनिरीक्षक की श्रेणी से अनिम्न समस्त पुलिस अधिकारी तथा इस कार्यालय द्वारा नियुक्त किये गये ग्रिड प्रभारी तथा सहायक ग्रिड प्रभारी को प्राधिकृत किया है।
शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने या नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर एफ आई आर दर्ज किया जाएगा :
यदि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जुर्माना देने से इन्कार किया जाता है या शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की जाती है या नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट एवं भारतीय दण्ड संहिता के अधीन संबंधित पुलिस थाना में एफ.आई.आर. दर्ज कराई जावेगी।
एम.आर.पी. के भीतर खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने खाद्य निरीक्षकों एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई :
इसी तरह कलेक्टर ने एम.आर.पी. के भीतर खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के लिए खाद्य निरीक्षका एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। उड़न दस्ता दल इस आदेश के उल्लघन पर विधि अनुसार कार्यवाही करेगें तथा जोन के अन्य दो उड़नदस्ता दल कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार एवं जागरुकता हेतु कार्य करेगें।आवश्यक होने पर ए.एस.आई. द्वारा अर्थदण्ड अधिरोपित किया जावेगा।
रायपुर। बस्तर टाइगर शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे दीपक कर्मा का निधन हो गया। देर रात रायपुर के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
बता दें कि कोरोना संक्रमित होने के बाद दीपक कर्मा का इलाज रायपुर में चल रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन पर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ से बुधवार की सबसे बड़ी खबर देर रात निकलकर सामने आ रही है। राज्य में अंत्योदय श्रेणी को आरक्षित टीकाकरण मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सरकार ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम से यू-टर्न ले लिया है। राज्य सरकार से उच्च न्यायालय ने नई नीति दो दिनों के भीतर मांगी थी, जिसके जवाब में राज्य सरकार ने नीति बनाने के लिए राज्य सरकार ने गठित की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की कमेटी गठित की है।
राज्य सरकार ने कोर्ट को दलील दी है कि राज्य सरकार ने दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों को 75 लाख वैक्सीन की खुराक मांगी है, लेकिन राज्य को 30 अप्रैल तक वैक्सीन की खुराक नहीं मिलने और अचानक 1 मई को डेढ़ लाख वैक्सीन पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद आनन-फानन में युवाओं की आबादी के मद्देनजर सरकार को समूह विशेष को प्राथमिकता देना आवश्यक हो गया था।
अब राज्य सरकार ने अपने इस निर्णय को वापस लेते हुए कोर्ट के निर्देश पर नई योजना तैयार करने मुख्यसचिव की अध्यक्षता में सभी विभागों के सचिव की एक कमेटी का गठन किया है। सरकार अब कमेटी के प्रस्ताव के बाद अगला निर्णय लेगी।


रायपुर, विवरण - प्रार्थी नरेश साहू ने थाना टिकरापारा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह दिनांक 23.04.2021 को अपने चाचा का लड़का भूषण साहू के साथ अपने मामा के मोटर सायकल क्रमांक सी जी/04/एम के/4826 में लालपुर से कमल विहार होते हुए डूण्डा जा रहा था कि कमल विहार नर्सरी शिव मंदिर के पास में दोपहर करीबन 01ः00 बजे पहंुचे थे तथा लघुशंका लगने पर प्रार्थी अपना 02 नग रेडमी कंपनी का मोबाईल फोन को मोटर सायकल के सीट में रखकर दोनों थोड़ी दूर जाकर लघुशंका कर रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लड़के आये और मोटर सायकल एवं दोनांे मोबाइल फोन को चोरी कर भाग गये। जिस पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 112/21 धारा 379, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना टिकरापारा पुलिस की टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से पूछताछ करते हुये अज्ञात आरोपियों की पतासाजी प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करते हुये प्रकरण मंे आरोपी आकाश बाघ, रोशन यादव एवं बबलू सोनी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की मोटर सायकल क्रमांक सी जी/04/एम के/4826 एवं 02 नग रेडमी कंपनी का मोबाईल फोन जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
01. आकाश बाघ पिता श्याम बाघ उम्र 19वर्ष साकिन भाठागांव बी.एस.यू.पी. कॉलोनी थाना पुरानी बस्ती रायपुर।
02. रोशन यादव पिता तुलसी यादव 19वर्ष साकिन भाठागांव बी.एस.यू.पी. कॉलोनी थाना पुरानी बस्ती रायपुर।
03. बबलू सोनी पिता मेघनाथ सोनी 19वर्ष साकिन भाठागांव बी.एस.यू.पी. कालोनी थाना पुरानी बस्ती रायपुर।
कोरिया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी एसएन राठौर द्वारा कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कोरोना चेन को तोड़ने कन्टेनमेंट जोन अवधि को बढ़ाते हुए कोरिया जिला के अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 16 मई की रात्रि 12 बजे तक पूर्ववत कंटेनमेंट जोन रहने का आदेश जारी किया गया है।
इस अवधि में कोरिया जिले की सभी सीमाएँ पूर्णतः सील रहेगी तथा सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकाल (मास्क, फिजिकल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजेशन आदि) का पालन करना अनिवार्य होगा। जिले मे रविवार को अस्पताल, पेट्रोल पम्प, दवा दुकान, होम डिलीवरी सेवाएँ को छोडकर शेष गतिविधियों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
इस अवधि में सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लिनिक, पशु-चिकित्सालय एवं पेट्रोल पम्पों को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देगें। एल0पी0जी0 गैस सिलेण्डर की एजेंसियां केवल ऑनलाईन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहकों को सिलेण्डरों की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराएंगे।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रातः 07 बजे से दोपहर 12 बजे तक भौगोलिक क्षेत्र जैसे वार्ड, मोहल्ला, ग्रामवार हितग्राहियों को टोकन जारी कर नियंत्रित तरीके से राशन वितरण की अनुमति होगी सभी प्रकार की मंडियों तथा थोक, फुटकर एवं ग्रॉसरी दुकाने बंद रहेगी किन्तु आवश्यक वस्तुओं, माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु गोडाउन, दुकानों में लोडिंग व अन-लोडिंग की अनुमति रात्रि 10.00 बजे से प्रात: 06.00 बजे तक दी जाती है।
आटा चक्की एवं मोहल्ले मे स्थित किराना दुकानों को सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खोलने की अनुमति होगी परन्तु शापिंग माल एवं सुपर मार्केट को खोलने की अनुमति नहीं होगी। किराना, ग्रासरी, फल, सब्जी, अंडा, पोल्ट्री, मटन एवं मछली की होम डिलीवरी प्रातः 07.00 बजे से अपरान्ह 02.00 बजे तक केवल स्ट्रीट वेण्डर्स, ठेले वालों, पिक-अप, मिनी ट्रक, अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगीअति आवश्यक परिवहन से संबद्ध वाहनों हेतु ऑटो मोबाईल रिपेयरिग शॉप, ऑटोपार्ट्स, गैरेज, टायर पंचर की दुकानें प्रातः 6.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से अनुमति प्राप्त कर संचालित की जा सकेगी।
रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना ने जिन परिवारों से उनका भरण-पोषण करने वाले मुखिया को छीन लिया, ऐसे असहाय परिवारों के सदस्यों की दीर्घकालिक पीड़ा को दूर करने जैन संवेदना ट्रस्ट ने अपने सहायता प्रकल्प स्वाभिमान से स्वावलम्बन की ओर के अंतर्गत उन्हें हरसंभव मदद देकर स्वावलम्बी बनाने का बीड़ा उठाया है। भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर कोरोना की इस दूसरी लहर ने कई परिवारों से उनका सहारा ही छीन लिया, अनेक युवावस्था में ही अकाल ही काल की गाल में समा गए। इनमें से कई ऐसे परिवार जिनसे इस महामारी ने उनका एकमात्र सहारा ही छीन लिया, जीविकोपार्जन करने वाले एकमात्र मुखिया के चले जाने से उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। बहुत से परिवार इस हाल में हैं कि वहां केवल माँ और छोटे-छोटे बच्चे ही हैं, कोरोना संकट के काले बादल छंटते तक ऐसे परिवारों को दो वक्त खाना, महीनेभर का राशन, बच्चों की स्कूल फीस आदि की मदद पहुंचाने अनेक समाजसेवी संगठनों की पहल वंदनीय अवश्य है। किंतु सवाल यह है कि क्या साल-दो साल इस तरह की मदद देने के बाद भी ऐसे असहाय परिवारों के जीवनभर का संकट दूर हो जाएगा? उनके लिए आजीविका का संसाधन जुटाकर उन्हें स्वावलम्बी बनाना ही उनके दीर्घकालिक संकट को दूर करने का एकमात्र उपाय है। जैन संवेदना ट्रस्ट ने इसी दिशा में अपनी सहायता योजना बनाई है।
विविध सलाहकारों, प्रशिक्षकों की केंद्रीय समिति का शीघ्र होगा गठन
इसके लिए ट्रस्ट की सात सदस्यीय एक प्रमुख समिति का गठन भी किया जा चुका है, महेन्द्र कोचर, विजय चोपड़ा, कमल भंसाली , चन्द्रेश शाह ,प्रवीण जैन निर्मल गोलछा महावीर कोचर इन युवा सेवाभावियों की यह मेन कमेटी अभी हाल में एक केंद्रीय सहायता समिति के गठन में जुटी हुई है, जिसमें विधि एवं वित्त सलाहकार-सीए, कानून के जानकारों अधिवक्ता, व्यापार विशेषज्ञ, पारिवारिक-सामाजिक, बैंक-बीमा आदि मामलों के विशेषज्ञों-समन्वयकों और बुद्धिजीवियों को शामिल किया जा रहा है। ट्रस्ट के प्रमुख महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि यह केंद्रीय समिति समाज के ऐसे संकटग्रस्त जैन परिवारों की सहायता करेगी। उन परिवारों में जो भी बड़ा सदस्य चाहे वह महिला हो या पुरुष, उसे भावी जीविकोपार्जन के लिए अनुकूल विकल्प सुझाकर उसी दिशा में बढ़ने सहायता पहुंचाई जाएगी।
व्यापार, व्यवसाय, रोजगार, बैंक संबंधी कार्यों के लिए दी जाएगी मदद
इन संकटग्रस्त परिवारों के मुखिया के नाम यदि बीमा है या नहीं है, और यदि है तो उस राशि को कंपनी से कैसे दिलाया जाए, उस राशि का कैसा उपयोग हो ताकि परिवार कीउम्रभर जीविका चले यदि बैंक खाते में फिक्स डिपाजिट है। या अन्य किसी खाते में कुछ राशि जमा है तो उसके आहरण के लिए आवश्यक कागजात कैसे जुटाने हैं, और यदि उस परिवार में कुछ भी सम्पत्ति या राशि अब शेष नहीं है तो उस परिवार को कैसे भरण-पोषण के संसाधन जुटाने समक्ष बनाया जाए, कौन सा व्यवसाय उनके अनुकूल है जिसमें उन्हें प्रशिक्षित किया जाए, यदि उस परिवार को मुखिया कोई पैतृक या पुराने व्यवसाय का संचालन कर रहा था, तो उस व्यवसाय का पुर्नसंचालन किस तरह किया जाए, यदि परिवार का मुखिया किसी शासकीय या अर्धशासकीय सेवा में था तो उसके उत्तराधिकारी सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति किसी विधि दिलाई जाए, आदि इस तरह की अनेक समस्याओं का समाधान विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स की मेन कमेटी में किया जाएगा। ऐसे संकटग्रस्त परिवारों को उन्हीं के संसाधनों से हरसंभव उन्हें मदद पहुंचाना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग व सक्षम बनाना यह इस केंद्रीय समिति का प्रमुख कार्य होगा। ताकि वे कोविड काल के बाद भविष्य में किसी की मदद के मोहताज न रहकर स्वावलम्बी जीवन जीएं.
पहले चरण में 70 वार्डों में बनाई जाएंगी युवाओं की चार सदस्यीय टीमें जैन संवेदना ट्रस्ट की तात्कालिक सात सदस्यीय प्रमुख समिति के महेन्द्र कोचर, कमल भंसाली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सेवा कार्य को अंजाम देने पहले चरण में राजधानी रायपुर के सभी 70 वार्डों में से हर एक वार्ड में युवाओं की चार सदस्यीय टीमें गठित की जाएंगी। युवाओं की ये टीमें ऐसे मुखियाविहीन संकटग्रस्त परिवारों को चिन्हित करेंगी, व उनकी समस्याओं की जानकारी एकत्र किया जाएगा।
बेमेतरा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिव अनंत तायल ने एक आदेश जारी कर सम्पूर्ण बेमेतरा जिला को 05 मई प्रातः 06ः00 से 17 मई प्रातः 06ः00 बजे तक निम्नांकित शर्तो के अधीन कंटेनमेंट जोन (लाॅकडाउन) घोषित किया गया है। बेमेतरा 01 मई द्वारा क्रमशः फल, सब्जी, अण्डा एवं ग्राॅसरी (चावल, दाल, आटा, खाद्य तेल, नमक एवं अन्य खाद्य सामाग्री), पेट्रोल पम्प व बैंकों को कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये सामान्य रूप से संचालित किये जाने संबंधी आदेश पारित किये गये थे, इसी तरह स्टेशनरी, फोटोकाॅपीयर व कम्प्यूटर शाॅप को उपरोक्त निबंधनों के तहत समयावधि प्रातः 08ः00 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक रविवार को छोड़कर प्रत्येक कार्यदिवस कार्य संचालन की अनुमति कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये जारी की गयी थी। बेमेतरा जिला अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 05 मई प्रातः 06.00 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुये जिला बेमेतरा में सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध आरोपित किये गये थे।
बेमेतरा जिले में कोविड-19 पाॅजिटिव प्रकरणों की संख्या की समीक्षा करने पर प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि परिलक्षीत होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के अनुक्रम में इस कार्यालय द्वारा 05 मई के प्रातः 06ः00 बजे तक प्रभावशील किया गया था तथा सम्पूर्ण जिला बेमेतरा को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुये सार्वजनिक आवागमन एवं अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध अधिरोपित किये गये थे।
बेमेतरा जिले के अंतर्गत उपरोक्त अवधि में लगाये गये प्रतिबंधों तथा अधिरोपित शर्तो व जिले को घोषित कंटेनमेंट जोन के परीणामों का आंकलन करने पर तथा भारत सरकार गृह मंत्रालय/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छ.ग. शासन से प्राप्त अनुदेशों के तारतम्य में बेमेतरा जिले में कोरोना वायरस का चेन तोड़ने करने पुनः बेमेतरा जिले में कंटेनमेंट जोन की अवधि को बढ़ाया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।
दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित ऐपिडेमिक एक्ट 1987 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन सम्पूर्ण बेमेतरा जिला को 05 मई प्रातः 06ः00 से 17 मई के प्रातः 06ः00 बजे तक निम्नांकित शर्तो के अधीन कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाता है, इस अवधि में बेमेतरा जिले की सम्पूर्ण सीमायें पूर्णतः सील रहेंगी। इस अवधि में कृषि क्षेत्र, बीज उर्वरक, कीटनाशक, कृषि मशीनरी एवं उनकी मरम्मत के लिए दुकानों व गोदामों को खुलने व उर्वरक ट्रकों की आवाजाही प्रातः 06ः00 बजे से अपरान्ह 02ः00 बजे तक अनुमति रहेगी। किराना सामाग्री, ग्राॅसरी की होम डिलीवरी प्रातः 06ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक केवल स्ट्रीट वेंडर्स/चलित ठेला/पिकअप/मिनी ट्रक एवं अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। दैनिक आवश्यकताओं के सामाग्री की होम डिलीवरी बिना दुकान खोले की जा सकेगी तथा सुपर मार्केट में स्थित दुकाने इस अवधि में नहीं खुलेगी अर्थात बंद रहेगी। बैंक और डाकघर 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ सभी प्रकार के व्यवसायिक लेन-देन के लिए खुलने के लिए अनुमति होगी, परंतु इन संस्थानों में कोरोना प्रोटोकाॅल का पूर्णतः पालन पूर्ववत आदेशों के अनुरूप करना आवश्यक होगा। डाक/डाक सेवायें (कोरियर) के लिए अनुमति होगी, परंतु ई-काॅमर्स की सेवायें बंद रहेंगी। इलेक्ट्रीशियन/प्लम्बर/ऐसी, कूलर मैकेनिक/सेनेटरी फिटिंग की घरेलू सेवायें तथा इनकी मरम्मत की अनुमति होगी, परंतु इनसे संबंधित दुकानें बंद रहेंगी। एल.पी.जी. गैस सिलेंडर की दुकानें केवल टेलिफोनिक या आॅनलाईन आर्डर लेंगे तथा ग्राहकों को सिलेण्डरों की घर पहंुच सेवा उपलब्ध करायेंगे। फल, सब्जी, अण्डा, पोल्ट्री, मटन, मछली, डेयरी एवं डेयरी उत्पाद प्रातः 06ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक केवल स्ट्रीट वेंडर्स/चलित ठेला/पिकअप/मिनी ट्रक एवं अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी तथा इनसे संबंधित दुकानें बंद रहेंगी। ठेला द्वारा घुम-घुमकर समान विक्रय किया जायेगा। सभी संस्थानों में कार्यरत व्यक्तियों को नियमित अंतराल में कोविड-19 की जांच तथा पात्र व्यक्तियों को कोविड-19 का वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य होगा। दुग्ध पार्लर व दुग्ध वितरण तथा न्यूज पेपर हाॅकर द्वारा सामाचार पत्रों के वितरण की समयावधि प्रातः 06ः00 बजे से 08ः00 बजे तक सायंकालिन अखबार सायं 05ः00 बजे से 06ः30 बजे तक ही वितरण की जा सकेगी। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि दुग्ध वितरण के लिए कोई पार्लर/दुकान नहीं खोले जायेंगे, केवल दुग्ध दुकान/पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेंसिंग व मास्क आदि का प्रयोग कर निर्धारित अवधि में दुग्ध क्रय-विक्रय किया जा सकेगा। आटा चक्की की दुकानें प्रातः 06ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक खोले जा सकेंगे। रजिस्ट्री कार्यालय (पंजीयन विभाग) न्यूनतम कर्मचारियों के साथ टोकन सिस्टम के आधार पर (50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ) कोरोना गाईडलाईन के तहत खोलने की अनुमति होगी। आॅनलाईन, होम डिलीवरी की अनुमति पूर्ववत रहेगी। शहर (नगरीय क्षेत्र) में रेस्टोरेंट, हाॅटल का संचालन इस अवधि में नहीं होगा। अर्थात ग्राहकों के लिए इन-हाउस डाईनिंग तथा टेक अवे की सुविधा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। निर्देशों का पालन न करने व अत्यधिक भीड-भाड होने पर संबंधित संस्थान सील की जा सकेगी। सभी शासकीय विभागों, लोक निर्माण, जलसंसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मनरेगा आदि के श्रममूलक कार्य निर्धारित अवधि तक चलेंगी तथापि निजी कंस्ट्रक्सन इस अवधि में नहीं होंगी तथा औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण ईकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर (व्देपजम) मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुये उद्योगों के संचालन व निर्माण की अनुमति रहेगी तथा लाॅकडाउन की शर्तो का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लीनिक्स तथा पशु चिकित्साल को उनके निर्धारित समयावधि में खुलने के अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों को दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे। नजर के चश्मे की दुकान प्रातः 08ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये अपना कार्य संपादन कर सकेंगे। बेमेतरा जिले के अंतर्गत सभी केन्द्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अर्द्धसार्वजनिक व निजी कार्यालय इस अवधि में बंद रहेंगे तथापि जिन विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवायें कोरोना कोविड-19 के कान्टेक्ट ट्रेसिंग, एक्टीव सर्विलांस, वैक्सीनेशन तथा कोरोना जागरूकता एवं अन्य सुसंगत कार्यो हेतु लगायी गयी है वे इस प्रतिबंध से प्रभावित नहीं होंगे। टेलिफोन संचालन एवं रख-रखाव से जुड़े कार्यालय/वर्कशाॅप, लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य, खाद्य सामाग्री के थोक परिवहन तथा धान मिलिंग हेतु परिवहन, एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी, किन्तु चिकित्सालय व ए.टी.एम. पूर्ववत संचालित रहेंगे। सामाग्रीयों के लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य रात्रि 11ः00 बजे से प्रातः 04ः00 बजे तक की जा सकेगी। उक्त अवधि के प्रत्येक रविवार को अत्यावश्यक सेवायें (हास्पीटल, क्लीनिक, मेडिकल सेवाओं को छोड़कर) समस्त प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। कंटेनमेंट घोषित अवधि में बाजार/हाॅटल/रेस्टोरेंट/मैरिज पैलेस/माॅल क्लब, स्वीमिंग पूल/सुपर मार्केट/सभी धार्मिक स्थल/कोचिंग क्लासेस, स्कूल एवं महाविद्यालय/पान व सिगरेट, शराब की दुकाने/पर्यटन स्थल/मोबाईल शाॅप/नाई की दुकाने(सेलून)/उद्यान/मण्डी (लोडिंग-अनलोडिंग की अवधि को छोड़कर) जिम/सामुदायिक आयोजन/जुलूस, सभा, राजनैतिक आयोजन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। यह आदेश कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अस्पताल, तहसील कार्यालय, पुलिस थाना व चैंकी, नगर पालिका/पंचायत, जनपद कार्यालय हेतु लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था से संबंधित अधिकारी, विद्युत, पेयजल आपूर्ति, अग्निशमन, नगर पालिका सेवायें जिनमें सफाई सिवरेज तथा कचरे का डिस्पोजल भी शामिल है, पर लागू नहीं होगा। परंतु इन कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आमजनता का प्रवेश निषेध रहेगा। इस अवधि में राज्य शासन या इस कार्यालय के विशेष आदेश द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सेवा का संचालन किया जा सकेगा। कोविड केयर संेटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्व अनुसार संचालित रहेंगे। पेट शाॅप, एक्वेरियम केवल पशुचारा देने हेतु प्रातः 06ः00 बजे से प्रातः 09ः00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। मीडियाकर्मी अपना कार्य यथासंभव वर्क फ्राम होम से संचालित करेंगे। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर आने पर अपना आई.कार्ड. साथ रखेंगे तथा मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग संबंधी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उपरोक्त बिन्दुओं को छोड़कर जिले में समस्त गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी।
इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर भा.द.स. 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश अल्प समयावधि में लागू किया जाना आवश्यक है वर्तमान परिवेश में इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को सम्यक समय में तामीली नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया जाता है इस आदेश का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार व कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे किसी भी प्रकार की संशय की स्थिति में जिला मजिस्ट्रेट बेमेतरा द्वारा जारी निर्देश अंतिम व सर्व संबंधितों को मान्य होगा। यह आदेश 05 मई 2021 प्रातः 06ः00 बजे से 17 मई 2021 को प्रातः 06ः00 बजे तक प्रभावशील होगा।
जगदलपुर। गंगानगर वार्ड निवासी 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला पूजा करने के दौरान कपड़े में आग लगने से झुलस गई। जिसे डिमरापाल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है।















