रायपुर | भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह, पूर्व मंत्रीगण अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, बृजमोहन अग्रवाल के दुष्कर्म को लेकर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, भाजपाई दुष्कर्म की घटनाओं पर झूठे आंकड़े, सरकार पर आरोप एवं राजनीतिक बयानबाजी को ही इतिश्री समझते हैं, राजनीतिक स्वार्थ के चलते प्रदेश भाजपाई कर रहे स्तरहीन राजनीति।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि अपराधिक घटनाओं पर प्रदेश सरकार गंभीर एवं संवेदनशील है, किसी भी घटनाओं पर अपराधी बक्से नहीं जा रहे हैं चाहे वह कोई भी हो।
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Google ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए 6 नए फीचर्स लाये हैं | ये फीचर्स ना केवल नए बल्कि पुराने वर्जन्स में भी आएंगे | ये नए एंड्रॉयड फीचर्स गूगल असिस्टेंट, डुओ फोन ऐप और बाकियों के लिए पेश किए गए हैं |
गूगल असिस्टेंट :-
अब आप इसे अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को ओपन और सर्च करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं | उदाहरण के तौर पर बात करें तो आप 'हे गूगल, चेक न्यूज ऑन ट्विटर' ऐसा कह सकते हैं | इन कमांड्स को कस्टमाइज भी किया जा सकता है | गूगल असिस्टेंट के इस फीचर को आप आज से ही इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं |

गूगल Duo :-
गूगल ने अपने वीडियो कॉलिंग ऐप Duo में अब स्क्रीन शेयरिंग इनेबल कर दिया है | ऐसे में अब Duo से वीडियो कॉलिंग के दौरान आप अपने फोन की स्क्रीन शेयर कर सकते हैं | साथ ही गूगल ने वीडियो मैसेज के लिए ऑटोमैटिक कैप्शन्स भी ऐड किए हैं | ये उनके ज्यादा काम आएगा जिन्हें सुनने में दिक्कत है |
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गूगल फोन ऐप :-
गूगल ने पिछले महीने ये घोषणा की थी कि कंपनी का फोन ऐप स्पैम कॉलर्स को रोकेगा और आपको ये बताएगा कि कौन कॉल कर रहा है | गूगल अब इस फीचर को एंड्रॉयड 9 और इससे ऊपर के वर्जन में चलने वाले सारे एंड्रॉयड डिवाइसेज के लिए ला रहा है | जिनके पास गूगल फोन ऐप बाय डिफॉल्ट नहीं है वो प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं |

साउंड नोटिफिकेशन :-
एंड्रॉयड में एक नया फीचर 'साउंड नोटिफिकेशन' भी ऐड किया गया है | ये आपको आपके आसपास की महत्वपूर्ण और अलार्मिंग नॉयजेज के लिए अलर्ट भेजेगा | साउंड नोटफिकेशन्स, आपके आसपास फायर अलार्म, डोर नॉकिंग या किसी हाउसहोल्ड अप्लायंस की बीपिंग डिेटेक्ट करते ही फ्लैश और वाइब्रेट होंगे और पुश नोटिफिकेशन्स सेंड करेंगे | इसे वियर OS स्मार्टवॉच पर भी सेट किया जा सकता है और ये लाइव ट्रांसक्राइब ऐप के साथ उपलब्ध है |

Google एक्शन ब्लॉक ऐप :-
कॉग्निटिव डिसेबिलिटी और एज-रिलेटेड कंडीशन वाले लोगों के लिए Google के एक्शन ब्लॉक ऐप का उपयोग अब शॉर्ट फ्रेज कम्यूनिकेट करने के लिए किया जा सकता है | Action Blocks को हजारों पिक्चर कम्यूनिकेशन सिंबल के साथ अपडेट भी किया गया है | साथ ही गूगल ने ऐप में जापानी, फ्रेंच, जर्मन और इटैलियन के लिए सपोर्ट भी ऐड किया है |

गूगल टीवी :-
नए क्रोमकास्ट की लॉन्चिंग के साथ गूगल टीवी को पेश किया गया था | गूगल, प्ले मूवीज एंड टीवी को गूगल टीवी में रिब्रांड कर रहा है | अब अपडेटेड ऐप को US में एंड्रॉयड फोन्स के लिए उपलब्ध करा दिया गया है | गूगल ने UI को अपडेट किया है |

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एसएसपी अजय यादव ने तीन प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को सीएसपी पद की जिम्मेदारी सौंपी है। आईपीएस अंकिता शर्मा को कोतवाली का नया सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त दो और आईपीएस अफसरों को सीएसपी पद की कमान सौंपी गई है। सभी अफसर हैदराबाद पुलिस अकादमी से दूसरे चरण की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे हैं। आईपीएस अक्षय कुमार को उरला और आईपीएस अंजनेय वाष्र्णेय को आजाद चौक थाने का सीएसपी बनाया गया है। तीनों अफसरों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी की नियुक्तियां अस्थाई तौर पर की गई हैं।
रायपुर | रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर द्वारा ज़ूम एप्प में आयोजित ऑनलाइन मीटिंग में ऋषि गुप्ता को वर्ष 2020-21 के लिए क्लब का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक में सभी ने अपने अपने विचार रखे तथा सर्व सम्मति से क्लब के भूतपूर्व अध्यक्षो एवं बोर्ड के सभी डायरेक्टरो ने ऋषि गुप्ता के नाम पर अध्यक्ष पद के लिए एकमत होकर सहमति जताई । कार्यक्रम का संचालन के. पाणिग्रही एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव अमित अग्रवाल ने किया । ज्ञात हो कि डॉ एस के शर्मा के असामयिक निधन के कारण क्लब अध्यक्ष पद का स्थान रिक्त हो गया था । इस अवसर पर अमित अग्रवाल, के. पाणिग्रही, किशोर जादवानी, हरजीत सिंह हुरा, रंजन नाथानी, मुनीश सग्गर, सुशील बड़वानी, अनिल श्रीवास्तव, राजेंद्र सुराना, राज दुबे, हेमंत अग्रवाल, विवेक रंजन गुप्ता, सतीश अग्रवाल, संकल्प वरवंडकर, रविकांत यादव, बसंत अग्रवाल, शिरीष शर्मा, राहुल जाधव, विनय अग्रवाल, अजय तिवारी, रितेश जिंदल, मिथलेश भुमारकर एवं क्लब के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित थे ।
भिलाई | प्रदेश के दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि दुर्ग पुलिस ने दिल्ली से एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपी ने इंश्योरेंस कंपनी का अफसर बनकर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपए की ठगी की थी। पुलिस को उसके पास से फर्जी नामों से खोले गए बैंक अकाउंट नंबर और तमाम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस उसके एक और साथी की तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग के पद्मनाभपुर निवासी शंकर राव कटारे ने साल 2013 में एलआईसी से एक इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। जुलाई-अगस्त में उनके पास अलग-अलग नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने अपना नाम आलोक शर्मा और आशीष शर्मा बताया। साथ ही कहा कि वे इंश्योरेंस ऑफिसर हैं। पॉलिसी अपडेट कराने से ज्यादा फायदा होगा।
6 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए रुपए
उनकी बातों में आकर शंकर राव ने बताए गए खातों में कई बार में 10 लाख रुपए जमा कर दिए। ठगी का पता चलते पर 23 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में पता चला कि कॉल दिल्ली से किया गया और 6 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। इन रुपयों को दिल्ली के अलग-अलग एटीएस से निकाला गया।
आरोपियों के नाम और पते भी फर्जी निकले
इस पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और नंबरों के आधार पर मयूर विहार फेज-1 से आशीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आशीष का असली नाम विराज गुप्ता है और वह न्यू अशोक नगर पूर्वी दिल्ली का रहने वाला है। वह अपने साथी दीपक मेहता उर्फ आलोक शर्मा के साथ मिलकर ठगी कर रहा था। दोनों ने फर्जी नामों से ही खाते खोले।
12 मोबाइल, 14 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, फर्जी पैन व वोटर कार्ड मिले
पुलिस ने विराज गुप्ता के पास से 12 मोबाइल, चार्जर, 10 सिम, 14 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, कस्टमर के नाम व नंबर लिखी 5 डायरियां, आशीष शर्मा के नाम का वोटर और पैन कार्ड, आलोक शर्मा के नाम का वोटर और पैनकार्ड, 7 चेकबुक और 17 हजार रुपए बरामद किए हैं। साथ ही बैंक खातों में पड़े 4.5 लाख रुपयों को फ्रीज कराया है।
हमारे जवानों को नॉन-बुलेट प्रूफ़ ट्रकों में शहीद होने भेजा जा रहा है और PM के लिए 8400 करोड़ के हवाई जहाज़!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 10, 2020
क्या यह न्याय है? pic.twitter.com/iu5iYWVBfE
रायपुर | राज्य सरकार द्वारा लिए गए दूरदर्शितापूर्ण निर्णयों से कोरोना संकट काल में भी छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति मिली है। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों को बिजली दर में रियायत, अनुदान सहायता, विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने की सरल और सुविधाजनक व्यवस्था के साथ स्थानीय उद्योगांे के उत्पादों को प्राथमिकता देने जैसे अनेक संवेदनशील फैसलों ने छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत के लिए संजीवनी का काम किया है। कोरोना के दौर में जब पूरे देश में औद्योगिक गतिविधियां थमी हुई थी, तब छत्तीसगढ़ के कोर सेक्टर के उद्योगों में उत्पादन जारी रहा। माह अप्रैल के आखरी सप्ताह में कोर सेक्टर के अलावा अन्य उद्योगों में भी उत्पादन की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी थी।
राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के हित में लगातार फैसले लिए गए। इसका ही यह सुखद परिणाम रहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सितम्बर माह की तुलना में वर्ष 2020 के सितम्बर माह में जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। वर्ष 2019 सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन 1490 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2020 सितंबर माह में कोरोना संकट के बावजूद बढ़कर 1841 करोड़ रुपए हो गया। इस वर्ष जनवरी 2020 से जून 2020 तक 848 औद्योगिक इकाईयों द्वारा 14 हजार 983 करोड़ का पूंजी निवेश कर उद्योगों में 15 हजार 424 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया।
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ उद्योगों के हित में लगातार निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वयं लाॅकडाउन की अवधि में समय-समय पर अलग-अलग सेक्टर के उद्योग के प्रतिनिधियों से रू-ब-रू चर्चा कर उनकी समस्या जानी और समस्याओं के निराकरण के लिए त्वरित निर्णय लिए। हाल ही में आयोजित केबिनेट की बैठक में भी उद्योगों के संबंध में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उद्योगों को लीज पर दी गई भूमि में उद्योग लगाने के लिए निर्धारित अवधि में एक वर्ष की वृद्धि की गई। पट्टे पर आबंटित औद्योगिक भूमि उपयोग न हो पाने के प्रकरणों में भूमि के हस्तांतरण को आसान बनाया गया। नये बायो इथेनाॅल प्लांट लगाने के लिए अर्लीबर्ड अनुदान के लिए 18 महीने की समयावधि निर्धारित की गई। पहले एम.ओ.यू. के बाद छह माह के भीतर उत्पादन शुरू करने पर अर्लीबर्ड अनुदान देने का प्रावधान रखा गया था। इस अवधि को बढ़ाकर अब 18 माह कर दिया गया है।
राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों तथा स्टार्टअप के लिए स्पेशल पैकेज घोषित किया गया है। औद्योगिक नीति 2019-24 में स्थापित होने वाले उद्योगों को विस्तार और शवलीकरण के लिए अनुदान छूट एवं रियायतों की पात्रता का अनुमोदन भी मंत्रिपरिषद की बैठक में किया गया। सूक्ष्म उद्योगों के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी स्थाई पूंजी निवेश अनुदान की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में विद्युत शुल्क छूट की पात्रता दी गई।
बिजली में सब्सिडी मिलने से इस्पात सहित कोर सेक्टर के उद्योगों को नई संजीवनी मिली है। इससे इन कोर सेक्टर के उद्योगों को देश भर के मार्केट का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा कृषि आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रसंस्करण मिशन की अवधि 31 अक्टूबर 2024 तक बढ़ाई गई। इस मिशन में वन अधिकार अधिनियम पट्टाधारी एवं सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार प्राप्त ग्रामों को विशेष प्राथमिकता देने का अनुमोदन किया गया है। स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए बी-स्पोक पालिसी के तहत विशेष पैकेज घोषित करते हुए, क्षेत्रवार छूट की सीमा 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक कर दी गई है। इसी तरह भू जल के औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित जल दरों में 20 से 33 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इसी तरह निरस्त भू-खण्डों तथा बंद पड़ी इकाईयों से भूखंड का आधिपत्य वापस कर नए आवेदकों को आबंटन करने का निर्णय किया गया।
नई औद्योगिक नीति के तहत इस्पात (स्पांज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। मेगा निवेशकों के लिए घोषित किए गए पैकेज में अधितम 500 करोड़ रूपए तक का निवेश प्रोत्साहन (बस्तर संभाग हेतु 1000 करोड़ तक) मान्य होगा। प्रस्तावित इकाईयों के लिए 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ करना जरूरी होगा। 100 करोड़ रूपए का स्थाई पूंजी निवेश मद में निवेश कर व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करने वाली नवीन इकाईयों को आर्थिक निवेश प्रोत्साहन प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी फसलों के प्रसंस्करण के लिए प्रदेश के सभी 146 विकासखण्डों में फूड पार्क की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके तहत फूड पार्क की स्थापना हेतु 146 विकासखण्डों में से 101 विकासखंडों में कुल 1346.656 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है। प्रदेश के 15 विकासखण्डों में कुल 204.517 हेक्टेयर शासकीय भूमि का आधिपत्य राजस्व विभाग द्वारा उद्योग विभाग को प्राप्त हुआ, जिसमें अधोसंरचना विकास कार्य हेतु कार्यवाही प्रगति पर है।
राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को शासकीय खरीदी में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए विपणन पोर्टल ई-मानक राज्य शासन द्वारा लागू किया गया है। राज्य के बाहर के निविदाकर्ता इकाईयों को दर निर्धारण हेतु राज्य में जी.एस.टी. पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। ई-मानक पोर्टल के माध्यम से अब तक 412 करोड़ रूपए की सामग्री का क्रय किया गया है। लाॅकडाउन की अवधि में राज्य के द्वारा 27 लाख टन का स्टील उत्पादन किया गया, जो भारत के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक उत्पादन है। प्रदेश की राजधानी रायपुर में 10 एकड़ भूमि पर जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क की स्थापना की जा रही है। जिससे राज्य में जेम्स एण्ड ज्वेलरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर व्यवसाय से जुड़े कारीगरों को रोजगार प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण भारत सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एमएसएमई प्रमोशन एवं डेव्हलपमेंट के क्षेत्र में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
इसी तरह राज्य में अब तक 415 से अधिक स्टार्टअप को केन्द्र शासन से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। राज्य में 4 इन्क्यूबेटर्स स्थापित कर युवा स्टार्टअप योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को Best Emerging Startup Ecosystems State के रूप में घोषित किया गया है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1572 हितग्राहियों को विभिन्न बैकों द्वारा कुल ऋण राशि 68.28 करोड़ का वितरण किया गया तथा विभाग द्वारा मार्जिन मन अनुदान राशि 31.26 करोड़ रूपए (मार्च 2020 तक) भुगतान किया गया है।
इसी तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 494 हितग्राहियों को विभिन्न बैकों द्वारा कुल 10.14 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया तथा विभाग द्वारा मार्जिन मनी अनुदान के रूप में 1.73 करोड़ रूपए की राशि का हितग्राहियों को भुगतान किया गया है। औद्योगिक इकाईयों को ब्याज अनुदान योजना के तहत जनवरी 2020 से जून 2020 तक 848 औद्योगिक इकाईयों को 22.83 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई, साथ ही स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के रूप में इन इकाईयों को 80.13 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई।












