महासमुंद : अब जिले के आर्थिक रुप से कमजोर परिवार जो देश के किसी भी राज्य में काम कर रहे हैं वे अपने राशन कार्ड से उस राज्य से शासन द्वारा निर्धारित दर पर राशन खरीद पाएंगे। केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में वन नेशन राशन कार्ड सुविधा शुरु कर दी गई है। इस योजना के शुरु होने से हर साल जिले से दीगर राज्य में रोजगार के लिए जाने वाले हितग्राहियों को खासा लाभा मिलेगा, जिन्हे महंगे दर पर राशन खरीदना पड़ता था। यह योजना यहां जिलेवासियों के लिए वरदान साबित हो रही है।
योजना अंतर्गत गरीब परिवार किसी भी राशन दुकान से बायोमैट्रिक एवं पॉश मशीन के माध्यम से आसानी से सस्ता एवं मुफ्त राशन प्राप्त कर खुश हैं और सरकार के प्रति आभार जता रहे है। जानकारी के अनुसार योजना के तहत जिले में 590 शासकीय राशन दुकान से 358979 उपभोक्ताओं को वन राशन, वन राशन कार्ड का लाभ मिल रहा है। शहर के कुछ राशन दुकानों में प्रतिनिधि ने योजना की स्थिति का जायजा लिया जिसमें वार्ड 12 एवं 20 के सेल्समेन ने बताया कि ओडि़शा से सटे हुए जिले के लोग जब यहां काम करने के लिए आते हैं और उनसे राशन की मांग करते थे तब वे राशन नहीं दे पाते थे। लेकिन जब से वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना शुरु हुई है, तब से उपभोक्ताओं का आधार लिंक हो गया है जिससे बायोमैट्रिक की मदद से अब उन्हें आसानी से प्रवासी मजदूरों को उनके राशन कार्ड पर शासन द्वारा निर्धारित दर पर राशन और केन्द्र सरकार द्वारा मुफ्त में दिया जा रहा 5 किलो चावल मुहैया करा देते है। बता दें कि जिले के सभी 580 राशन दुकानों मे यह योजना संचालित है जिससे अब तक 45-50 फीसदी हितग्राही राशन ले रहे हैं।
योजना के तहत लाभान्वित कार्डधारी
कार्ड हितग्राहियों की संख्या
अंत्योदय - 50444
निराश्रित - 2621
प्राथमिकता - 218918
नि:शक्त - 1082
एपीएल - 42957
क्या कहते है उपभोक्ता
वन नेशन, वन राशन कार्ड को लेकर उपभोक्ता शकुंतला पटेल, रुकईया बी, विदुसी डहरिया और नीतू शर्मा का कहना है कि पहले उनके परिवार से जब कोई रोजगार के लिए अन्य राज्य जाते थे तब उन्हें यहां के राशन कार्ड पर वहां राशन नहीं मिलता था। जिससे परेशानी होती थी। किराना दुकानों से महंगे दाम पर राशन लेना पड़ता था जिससे बचत नहीं हो पाता थी। अब वन नेशन, वन राशन कार्ड के माध्यम से आसानी से कहीं भी राशन मिल जा रहा है जो सरकार की अच्छी पहल के साथ ही अच्छी योजना है।
वर्जन
कोई भी आर्थिक रुप से कमजोर व्यक्ति, दिहाडी मजदूर या फिर अन्य व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर अपने राशन कार्ड पर सस्ते दर पर राशन प्राप्त कर सकें ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इससे जिले से अन्य राज्यों में काम के लिए जाने वाले मजदूर वर्ग को खासा लाभ मिल रहा है।