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बड़ी खबर: राज्य में एक सप्ताह के लिए स्कूल कालेज हुए बंद, सरकार ने जारी किया आदेश

बड़ी खबर: राज्य में एक सप्ताह के लिए स्कूल कालेज हुए बंद, सरकार ने जारी किया आदेश

शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया था. 21 अगस्त तक स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए थे. लेकिन अब 28 अगस्त तक स्कूल बंद रहेंगे. सरकार ने अब दोबारा नए आदेश जारी किए हैं. 29 और 30 को सरकार अवककाश रहेगा. इसलिए अब 31 अगस्त स्कूल खलेंगे.


नए आदेशों के अनुसार, सभी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को सरकारी अवकाश को छोड़कर स्कूलों में नियमित तौर पर आना अनिवार्य रहेगा. शिक्षक स्कूलों से ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे. पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए पूर्व में की गई व्यवस्था पर रोक रहेगी. वहीं, आईटीआई और कोचिंग सेंटरों को लेकर आदेश में कुछ नहीं कहा गया है. लिहाजा, ये खुले रहेंगे. प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की ओर से जारी ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माने जाएंगे.


प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की ओर से जारी ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माने जाएंगे.
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से एँट्री के लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है. प्रवेश के लिए कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र या निगेटिव रिपोर्ट के अलावा ऑनलाइन पंजीकरण करवाने की शर्त लगाई है. प्रदेश और बाहरी राज्यों के लिए चलने वाली बसें भी अब 50 फीसदी सीटिंग क्षमता के साथ दौड़ रही हैं. अंतरराज्यीय आवाजाही की निगरानी सरकार के कोविड ई-पास पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से की जा रही है. हालांकि मालवाहनों की आवाजाही पर शर्त लागू नहीं होगी. कोविड वैक्सीन की दोनों डोज के प्रमाणपत्र या आरटीपीसीआर/रैट निगेटिव रिपोर्ट की शर्त में छूट दी गई है. अभिभावकों के साथ आने वाले 18 से कम आयु के बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन की दोनों डोज के प्रमाणपत्र या आरटीपीसीआर/रैट निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं है.

 रविवार लॉकडाउन खत्म : कोरोना के घटते मामले के बाद लिया गया बड़ा फैसला

रविवार लॉकडाउन खत्म : कोरोना के घटते मामले के बाद लिया गया बड़ा फैसला

लखनऊ: उत्तरप्रदेश में अब सनडे लॉकडाउन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के घटते मामलों के बीच यह बड़ा निर्णय लिया गया है। जिसके बाद यूपी के बाजारों में रक्षाबंधन के मद्देनजर सभी दुकानें सामान्य रूप से खुल सकेंगी। इससे पहले शनिवार का लॉकडाउन भी हटा दिया गया था।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 29 नए मामले सामने आए वहीं, दो मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान बांदा और बुलंदशहर में कोविड-19 संक्रमित एक-एक मरीज की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में इस वायरस से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 22789 हो गई।

इस अवधि में 29 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। प्रदेश में इस वक्त 407 संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 236000 नमूनों की जांच की गई। राज्य में अब तक छह करोड़ 99 लाख नमूने जांचे जा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को विधान परिषद में बताया था कि राज्य में अब तक कुल बालिग आबादी के 5.9 प्रतिशत लोगों को कोविड-19 टीके की दोनों खुराक लगाई जा चुकी हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने सपा सदस्य शतरूद्र प्रकाश द्वारा पूछे गए सवाल पर सदन को बताया कि पिछली 3 अगस्त तक प्रदेश में बालिग नागरिकों की कुल आबादी के 32 प्रतिशत लोगों को टीके की प्रथम खुराक और 5.9 प्रतिशत नागरिकों को दोनों खुराक लगायी जा चुकी हैं।

जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में कोविड टीकाकरण केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे टीके के जरिए किया जा रहा है। गत 11 अगस्त तक टीके की पांच करोड़ 55 लाख 23 हजार 603 खुराक लगायी जा चुकी हैं। भविष्य में भी टीके की उपलब्धता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, हमने पांच करोड़ खुराक प्रतिमाह की मांग की है। हमें मुश्किल से सात-आठ लाख खुराक प्रतिदिन मिल रही हैं। कभी-कभी हमें पांच लाख खुराक भी मिलती हैं। मांग करना एक अलग बात है लेकिन दो कंपनियों के माध्यम से, जितना उत्पादन हो रहा है, उसी हिसाब से टीके की खुराक मिल रही है। केंद्र सरकार ने हमारी मांग पर अभी तक कोविड-19 टीके की छह करोड़ से अधिक खुराक दी है।
 पुनर्जन्म का हैरतअंगेज मामला: मौत के 8 साल बाद घर पहुंचा लड़का..बोला ‘मेरा पुनर्जन्म हुआ है’

पुनर्जन्म का हैरतअंगेज मामला: मौत के 8 साल बाद घर पहुंचा लड़का..बोला ‘मेरा पुनर्जन्म हुआ है’

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में पुनर्जन्म का हैरतअंगेज मामला सामने आया है. दरअसल, एक लड़के की आठ साल पहले मौत हो गई थी. बीते 19 अगस्त को मृतक के पिता से मिलने एक लड़का पहुंचा और खुद को वही लड़का बताने लगा, जिसकी मौत हो चुकी थी. लड़के ने अपने पुनर्जन्म का दावा किया और घर-गांव के सभी सदस्यों की पहचान की. दरअसल, मैनपुरी जिले के ग्राम नगला सलेही के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का 13 साल का बेटा रोहित कुमार की आठ साल पहले मौत हो गई थी. गांव के पास से निकली कानपुर ब्रांच की नहर में नहाते वक्त रोहित की डूबने से मौत हो गई थी. प्रमोद कुमार के दो ही बच्चे थे. एक लड़का व एक लड़की जिसमें रोहित की मौत हो चुकी थी. प्रमोद व उनकी पत्नी ऊषा देवी अपनी बेटी कोमल के सहारे ही अपनी जिंदगी जी रहे थे. रोहित की मौत 4 मई 2013 को नहर में नहाते वक्त हुई थी. रोहित की मौत के 8 साल बाद पास के ही गांव नगला अमर सिंह के रहने वाले रामनरेश शंखवार का बेटे चन्द्रवीर उर्फ छोटू ने दावा किया है कि वह रोहित ही है और उसका पुनर्जन्म हुआ है.
 
19 अगस्त को चंद्रवीर उर्फ छोटू, प्रमोद कुमार के घर आया और अपने माता-पिता व बहन को पहचान लिया, फिर उनसे मिलकर पूर्व जन्म की बाते बताने लगा. चंद्रवीर से पुनर्जन्म की बात को सुनकर गांव के लोग एकत्रित हो गये और पुनर्जन्म से जुड़ी बातों के बारे में पूछने लगे. इसी दौरान गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाषचन्द्र यादव ने भीड़ लगी देखी तो वह भी प्रमोद के घर पर रुके तो लड़के ने उनके पैर छूकर उनका नाम लिया कि ‘ये तो सुभाष मास्साब हैं’ तो वह भी दंग रह गए. चंद्रवीर को गांव वाले उसी स्कूल ले गये, जहां वो पहले पढ़ता था, वहां पर जब शिक्षकों ने उससे पूछा की वो कौन से कक्षा में पढ़ता था तो उसने तुरन्त बता दिया. चंद्रवीर के द्वारा बताई गई पुनर्जन्म की बात क्षेत्र में फैल गयी, जो चर्चा का विषय बनी हुई है. चंद्रवीर के पिता रामनरेश शंखवार ने बताया कि उसका पुत्र बचपन से ही पुनर्जन्म की बातें करता था और नगला सलेही आने की जिद्द करता था. मगर कहीं उनका बच्चा उनसे दूर न चला जाए, इसलिए उसे वह लाने से बचते रहे, लेकिन बच्चे की जिद के आगे रामनरेश बेबस हो गए और उसे प्रमोद के घर ले आए.
 
 21 साल के लड़के ने 4 बच्चों की मां से रचाई शादी, सरपंच के सामने मांग में भरा सिंदूर

21 साल के लड़के ने 4 बच्चों की मां से रचाई शादी, सरपंच के सामने मांग में भरा सिंदूर

बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के शिरोमणी टोला नयागांव के 21 वर्षीय युवक ने चार बच्चे की 41 वर्षीय मां से शादी रचा ली। हालांकि यह सुनकर अटपटा लगा होगा लेकिन घटना सच है।

जानकारी के अनुसार जोड़ावरपुर पंचायत के शिरोमणी टोला निवासी के एक युवक का गत दो वर्षों से दरियापुर भेलवा के नयागांव पंचखुंट्टी की एक 41 वर्षीया महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शनिवार की देर शाम महिला के घर पर स्थानीय ग्रामीणों ने जोड़ावरपुर व दरियापुर भेलवा पंचायत के सरपंच को बुलाया। 

स्थानीय ग्रामीणों व सरपंच के बीच युवक और महिलाओं से पूछताछ की। पंचों व प्रबुद्ध जनों के बीच पंचनामा बनाकर स्थानीय ग्रामीणों के बीच युवक ने महिला की मांग में सिंदूर भर दिया। बताया जाता है कि इस प्रेम विवाह में युवक व महिला दोनों अंतर जातीय हैं। 

महिला के पति की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। पंचनामा में वर्णित तथ्यों में महिला के साथ दो पुत्र को रखने तथा शेष दो अन्य पुत्र दादी के पास रहने का निर्णय लिया गया है। चाहे मामला जो भी हो, यह अंतरजातीय शादी जगह-जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।
पति की अय्याशी से परेशान पत्नी ने शार्प शूटरों को दी पति को मारने की सुपारी, फिर हुआ कुछ ऐसा.....

पति की अय्याशी से परेशान पत्नी ने शार्प शूटरों को दी पति को मारने की सुपारी, फिर हुआ कुछ ऐसा.....

मेरठ | उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की बेवफाई और अय्याशी से तंग पत्नी ने अपनी मां के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रच डाली. इतना ही नहीं एक लाख रुपये की सुपारी देकर पत्नी ने बदमाशों से पति की गोली मारकर हत्या करवा डाली. मेरठ पुलिस ने मामले में पत्नी और उसकी मां समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह सनसनीखेज मामला मेरठ के थाना जानी क्षेत्र का है. जहां टिकरी गांव में रहने वाला परविंदर पेशे से किसान था और शौकिया तौर पर जादू टोने का काम करता था. जिसके चलते उसके संबंध कई महिलाओं से हो गए.
आरोपी पत्नी की माने तो उसका पति गैर महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाता था और इस दौरान वह सेक्स का वीडियो बनाने के लिए उसे मजबूर करता था. अगर पत्नी मना कर देती थी तो फिर उसके साथ जानवरों जैसा व्यवहार भी करता था. पति की इस करतूत से परेशान पत्नी उसे छोड़कर भी चली गई, लेकिन पत्नी लोक लाज के चलते करीब 2 महीना पहले पति के साथ रहने के लिए तैयार हो गई। लेकिन पति का बर्ताव फिर भी नहीं बदला तो फिर पत्नी ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली.

मां के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश
हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस की गिरफ्त में खड़ी इस महिला ने अपनी मां का सहारा लिया. मां ने दूर के रिश्तेदार की मदद से बागपत के बदमाशों को 1 लाख रुपये की सुपारी दी और हत्या की पूरी साजिश रची. बदमाशों ने रेकी करके पहले रिहर्सल किया और फिर पत्नी बबली ने पति का लोकेशन बताया और शूटरों ने परविंदर की गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद घर में मातम का माहौल पसर गया. हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी ही खुद को पीड़िता बता कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर बैठी.

पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पूरा सच जगजाहिर हो गया. पुलिस ने इस मामले में बबली और उसकी मां समेत आकाश विनीत और शुभम को गिरफ्तार कर लिया. इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे से हर कोई सकते में है, लेकिन आरोपी पत्नी को अपने इस गुनाह पर कोई अफसोस नहीं है. उसकी माने तो उसने एक शैतान को नर्क पहुंचा दिया.

लॉक डाउन ब्रेकिंग : प्रदेश में 31 अगस्त तक लॉकडाउन का गृह विभाग ने जारी किया आदेश, देखें आदेश

लॉक डाउन ब्रेकिंग : प्रदेश में 31 अगस्त तक लॉकडाउन का गृह विभाग ने जारी किया आदेश, देखें आदेश

भोपालमध्य प्रदेश के शहरी इलाकों में नाइट कर्फ्यू 31 अगस्त तक जारी रहेगा. पूरे प्रदेश में इसकी अवधि रात 11 से सुबह 6 बजे तक रहेगी. गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. इसमें सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश हैं कि वो नियमों का सख्ती से पालन करें.

 

मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के तांडव के बाद 12 अप्रैल से कोरोना कर्फ्यू यानि टोटल लॉक डाउन लगा दिया गया था जो 31 मई तक चला. हालात थोड़े बेहतर होने पर 1 जून से कर्फ्यू में रियायत देना शुरू किया गया जो धीरे धीरे बढ़ता गया. शुरू में वीक एंड यानि शनिवार-रविवार कर्फ्यू जारी रहा. बाद में उसे भी हटा लिया गया. लेकिन नाइट कर्फ्यू अब भी जारी है.


 

रात 11 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू
पहले नाइट कर्फ्यू रात 8 से सुबह 6 बजे तक होता था. 15 जून को सरकार ने नाइट कर्फ्यू की अवधि घटाकर रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक कर दी थी. 2 जुलाई को कर्फ्यू की अवधि में 1 घंटे की और कटौती की गई और नगरीय क्षेत्र में रात 11:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक पाबंदी लागू है, जो 31 अगस्त तक जारी रहेगी.

सेक्स रैकेट :  पुलिस ने छापा मारकर लॉज में चल रहे देह व्यपार का किया खुलासा, 4 महिलाओं सहित 9 पुरुष गिरफ्तार

सेक्स रैकेट : पुलिस ने छापा मारकर लॉज में चल रहे देह व्यपार का किया खुलासा, 4 महिलाओं सहित 9 पुरुष गिरफ्तार

सागर: मकरोनिया क्षेत्र से एक बार फिर से सेक्स रैकेट का मामला सामने आया है, मकरोनिया क्षेत्र अब एक बार फिर जिस्म फरोशी को लेकर चर्चाओं में आ गया है। बुधवार को मकरोनिया स्थित पंचवटी लॉज में चल रहे सैक्स रैकेट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 महिलाओं सहित 9 पुरषों को संदिग्ध हालात में गिरफ्तार किया है।


पुलिस ने लॉज से आपत्तिजनक सामान को भी बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक पिछले लंबे समय से मकरोनिया की पंचवटी लॉज में संदिग्ध गतिविधियों को संचालित किए जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी।


जिसके बाद बुधवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस टीम गढ़ित पंचवटी लॉज में छापा मारा गया। जिसमे लॉज के अंदर 4 महिलाओं सहित 9 पुरुषों को संदिग्ध हालात में पकड़ा गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शर्मनाक घटना: 2 नाबालिक लड़को ने किशोरी के साथ किया रेप, आरोपी पुलिस की हिरासत में

शर्मनाक घटना: 2 नाबालिक लड़को ने किशोरी के साथ किया रेप, आरोपी पुलिस की हिरासत में

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, 14 साल की लड़की से कथित बलात्कार के मामले में पुलिस ने यहां दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस के अनुसार यह घटना 17 अगस्त की शाम अर्निया इलाके में हुई । एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी कि उसकी रिश्तेदार से 13 और 14 साल के दो लड़कों ने उस वक्त बलात्कार किया जब वह शौच के लिए जा रही थी ।

  हैवानियत की हदें पार: संतान नहीं होने पर देवर के साथ संबंध बनाने का दवाब, प्राइवेट पार्ट में डाला चाकू

हैवानियत की हदें पार: संतान नहीं होने पर देवर के साथ संबंध बनाने का दवाब, प्राइवेट पार्ट में डाला चाकू

बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र में हैवानियत की हदें पार करने का मामला सामने आया है. यहां पर एक विवाहिता के पति और देवर ने उसके संतान नहीं होने के कारण देवर ने बलात्कार (Rape) करने की कोशिश की और दहेज (Dowry) के लिए मारपीट कर महिला के प्राइवेट पार्ट में चाकू डाल दिया.

बता दें कि पिछले कई सालों से ससुराल वालों की प्रताड़ना झेल रही विवाहिता का अब सब्र टूट गया और अपने ऊपर हो रहे जुल्म के खिलाफ पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा (Anand Sharma) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है.

वहीं, पीड़िता ने बताया कि ‘6 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी. इसके बाद से ही लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था लेकिन कई बार सामाजिक स्तर पर समझाइश के बाद भी ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा विवाहिता पर जुल्म बंद नहीं किया.’ साथ ही कुछ समय बाद संतान नहीं होने का ताना देकर उसके साथ मारपीट कर देवर के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला गया लेकिन विवाहिता ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होंने घर से निकाल कर वापस उसके पीहर जाने के लिए दबाव बनाने लगे.

देवर ने की बलात्कार की कोशिश
वहीं, जब विवाहिता ने पिता के घर जाने से विवाहिता ने इनकार किया तो पति, देवर और सास ने विवाहिता के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसके प्राइवेट पार्ट में चाकू डाल दिया. इसी के चलते देवर ने उसके साथ दुष्कर्म करने का भी प्रयास किया. इसके बाद विवाहिता ने जैसे तैसे करके अपने पीहर के लोगों के पास पहुंची और पीहर पक्ष के लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई.

मामले की जांच में जुटी पुलिस
इधर, विवाहिता द्वारा पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा को आपबीती सुनाई महिला थाने में मामला दर्ज करवाने की मांग की. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से महिला थाना अधिकारी को मामला दर्ज कर पीड़ित महिला का मेडिकल करवाने के निर्देश दिए. वहीं, पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि ‘जल्दी इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस देश में ली शरण

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस देश में ली शरण

काबुल  में तालिबानियो के पूरी तरह कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया था. उन्हें संयुक्त अरब अमीरात शरण दी है. संयुक्त अरब अमीरात ने बुधवार को कहा कि वह तालिबान के अधिग्रहण के बीच अफगानिस्तान से भागे राष्ट्रपति अशरफ गनी की "मानवीय आधार पर" मेजबानी कर रहा है. यूएई द्वारा एक संक्षिप्त बयान में कहा गया, "यूएई विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय इस बात की पुष्टि कर सकता है कि यूएई ने राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार का मानवीय आधार पर देश में स्वागत किया है."

 शरीर से भूत भगाने के नाम पर तांत्रिक ने महिला को श्मसान बुलाकर किया रेप, ऐसे दिया घटना को अंजाम

शरीर से भूत भगाने के नाम पर तांत्रिक ने महिला को श्मसान बुलाकर किया रेप, ऐसे दिया घटना को अंजाम

मोतिहारी: झाड़-फूंक के नाम पर एक महिला के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया है. बताया जा रहा है कि एक तंत्रिक ने श्मशान घाट पर चाकू के बल पर महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है. हालांकि महिला के परिवारीजन ही उसे इलाज के नाम पर उस ढोंगी तांत्रिक के पास लेकर गए थे और उसने मौके का फायदा उठाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे दिया.

मामला मोतिहारी जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है. महिला का आरोप है कि तांत्रिक ने पहले झाड़-फूंक कर इलाज करने के नाम पर 10 हजार रुपए ऐंठ लिए, फिर चाकू का भय दिखाकर रेप किया. जब महिला ने शोर मचाना शुरू किया तो आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई. लोगों को देखकर मौके से तांत्रिक फरार हो गया. पीड़िता का कहना है कि वह अक्सर बीमार रहती है. उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया रहता है. गांव के ही एक तांत्रिक इंदल सहनी ने दावा किया था कि वह झाड़- फूंक कर उसे ठीक कर देगा. इसके झांसे में परिजन आ गए थे. ढोंगी तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने के बहाने परिजनों के साथ महिला को श्मशान घाट बुलाया. वहां सास- ससुर को अलग बैठा दिया और उसे अंदर ले जाकर चावल का अक्षत छींटकर झाड़- फूंक का बहाना किया, फिर चाकू के बल पर बलात्कार किया.

इससे पहले उसने 10 हजार रुपए भी वसूल लिए थे. अब पीड़िता ने स्थानीय थाने में तांत्रिक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. इस मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि थाने में आवेदन मिला है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है.
 बड़ी खबर: ईडी ने कुर्क की विधायक की 234 करोड़ की संपत्ति

बड़ी खबर: ईडी ने कुर्क की विधायक की 234 करोड़ की संपत्ति

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक घोटाला मामले में चार बार के विधायक रह चुके और करनाला नागरी सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विवेकानंद शंकर पाटिल की 234 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। ईडी ने कहा कि कुर्क अचल संपत्तियों में करनाला स्पोर्ट्स एकेडमी और कई भूखंड शामिल हैं।

वर्ष 2008 से चल रही थी फर्जी खातों के जरिए हेराफेरी
ईडी ने 2019 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच कर रहा है। इस घोटाले का खुलासा भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर ऑडिट से हुआ था। पता चला कि पाटिल द्वारा संचालित करनाला चैरिटेबल ट्रस्ट और करनाला स्पोर्ट्स एकेडमी के खातों से 63 काल्पनिक ऋण खातों में फंड को डायवर्ट किया।

जांच एजेंसी ने बताया कि यह घोटाला 2008 से चल रहा था। बैंक का प्रबंधन पाटिल के नियंत्रण में था। ईडी ने पाटिल को 15 जून को गिरफ्तार किया था और पिछले हफ्ते उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की गई। मनी लॉन्ड्रिंग निषेध कानून के तहत जांच कर रही एजेंसी ने कहा कि घोटाले की रकम करीब 560 करोड़ की है।
 
BREAKING: राज्यपाल के काफिले पर हमला, शरारती तत्वों ने बरसाए पत्थर

BREAKING: राज्यपाल के काफिले पर हमला, शरारती तत्वों ने बरसाए पत्थर

शिलॉन्ग। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के काफिले पर मंगलवार को कुछ शरारती तत्वों ने हमला बोल दिया। बताया गया है कि मलिक गुवाहाटी एयरपोर्ट से लौट रहे थे। इस दौरान उनके काफिले में चल रही कारों पर कुछ लोगों ने पत्थर बरसा दिए। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

बता दें कि मेघालय में 18 अगस्त की सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लागू है। फिलहाल कम से कम चार जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद है। सरकार ने यह फैसला स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रतिबंधित हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल के स्वयंभू महासचिव चेरिस्टरफील्ड थांगखियू की शव यात्रा के दौरान उसके समर्थकों द्वारा की गई तोड़-फोड़ और हिंसा के बाद की। थांगखियू हाल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था, जिसे लेकर शिलॉन्ग में हिंसा भड़क उठी थी। 

दो दिन पहले ही मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के घर पर रविवार रात अज्ञात बदमाशों ने पेट्रोल बम फेंक दिया था। वाहन पर सवार होकर आए उपद्रवियों ने ऊपरी शिलांग के थर्ड माइल में स्थित मुख्यमंत्री के निजी आवास के परिसर में पेट्रोल से भरी दो बोतलें फेंक दीं। इस घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ था। हालांकि, सीएम ने पुलिस मुठभेड़ में पूर्व उग्रवादी की मौत की जांच कराने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने यह भी बताया था कि शिलॉन्ग में पिछले कुछ हफ्तों में कई जगहों पर आईईडी मिले हैं। पुलिस कुछ गिरफ्तारियों के लिए तेजी से आगे बढ़ी है।

हिंसा की घटनाओं के बीच गृह मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
मेघालय के गृह मंत्री लखमेन रिंबुई पूर्व उग्रवादी के मारे जाने और मेघालय में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। उधर मेघालय सरकार ने मंगलवार को कहा कि राज्य की राजधानी में तोड़-फोड़ के बाद लागू कर्फ्यू के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और पुलिस ने उन लोगों के लिए हेल्पलाइन की शुरुआत की है, जो यहां से जाना चाहते हैं।

अलीगढ़, फ़िरोज़ाबाद और मैनपुरी का योगी सरकार बदलेगी नाम? जानें-क्या हो सकता है अब

अलीगढ़, फ़िरोज़ाबाद और मैनपुरी का योगी सरकार बदलेगी नाम? जानें-क्या हो सकता है अब

चुनाव से पहले क्या योगी सरकार यूपी के कुछ शहरों का नाम बदलने की तैयारी में है. वैसे योगी आदित्यनाथ का ये फेवरट एजेंडा रहा है. मुख्यमंत्री बनने से पहले इस मुद्दे को लेकर वे बेहद आक्रामक हुआ करते थे. हाल में ही राज्य के तीन ज़िलों अलीगढ़, फ़िरोज़ाबाद और मैनपुरी के नाम बदलने को लेकर हलचल तेज हो गई है. योगी सरकार पहले ही इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फ़ैज़ाबाद का अयोध्या कर चुकी है. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन लखनऊ, ग़ाज़ियाबाद और देवबंद का भी नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीन दयाल उपाध्याय कर दिया गया जबकि झांसी को रानी लक्ष्मी बाई स्टेशन करने का प्रस्ताव है.

नाम में क्या रखा है ? ऐसा लोग कहते हैं. लेकिन चुनाव में नाम और उसके पीछे की नीति और नीयत दोनों काम करती है. चुनावी नफ़ा नुक़सान देख कर ये काम दशकों से होता रहा है. यूपी में छह महीने बाद विधानसभा के चुनाव हैं. उससे पहले कुछ जिलों के नाम बदलने को लेकर काग़ज़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. बीजेपी के लोग फ़िरोज़ाबाद का नाम चंद्रनगर करना चाहते हैं .कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फ़िरोज़ाबाद में ज़िला पंचायत बोर्ड की बैठक में इस बात का प्रस्ताव पास भी हो गया है. अलीगढ़ का भी नाम बदलने की चर्चा है. तालों के लिए मशहूर इस ज़िले में ज़िला पंचायत बोर्ड की इमरजेंसी बैठक हुई. इस मीटिंग में अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव पेश हुआ. ज़िला पंचायत की अध्यक्ष अर्चना भदौरिया ने प्रस्ताव पास करा लिया. उनका कहना है कि पहले भी अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ ही था.
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से लोकसभा के सांसद हैं. मैनपुरी का नाम बदलने को लेकर बीजेपी एक्टिव हो गई है. मैनपुरी का नाम वे मयन नगरी करना चाहते हैं. ज़िला पंचायत की बैठक में इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पास करा लिया गया. अब ये सारे प्रस्ताव मुख्यमंत्री ऑफिस भेजे दिए गए हैं. अब योगी को इस मामले में आख़िरी फ़ैसला लेना है. यूपी में कई ऐसे शहर हैं जहां से नाम बदलने की मांग आती रही है. दुनिया में इस्लामिक शिक्षकों सबसे बड़े सेंटर देवबंद का भी नाम बदलने को लेकर बजरंग दल वाले आंदोलन चला रहे हैं. वहां से बीजेपी के विधायक कुंवर ब्रजेश सिंह भी लखनऊ से लेकर देवबंद तक इस मुद्दे को उठाते रहे हैं.
हिंदू वादी संगठन चाहती हैं कि देवबंद का नाम देववृन्द हो जाए. लखनऊ का नाम लखनपुरी करने के लिए भी डिमांड होती रही है. ग़ाज़ियाबाद का नाम भी इस लिस्ट में है. बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों को लगता है कि नाम बदल देने से उनके एजेंडे को धार मिलेगी.
 

बड़ी खबर: पेगासस जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी इन बातों को गुप्त रखने की छूट

बड़ी खबर: पेगासस जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी इन बातों को गुप्त रखने की छूट

नई दिल्ली: इजराइली सॉफ्टवेयर पेगासस से कथित जासूसी की जांच को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया और कहा कि इस पर सार्वजनिक बहस नहीं हो सकती है। सर्वोच्च अदालत ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए 10 दिन बाद दोबारा इस विचार करने की बात कही है। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सरकार को ऐसा कुछ खुलासा करने की जरूरत नहीं है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो।
चीफ जस्टिस एन वी रमण, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय बेंच ने यह टिप्पणी सरकार के यह कहने के बाद की कि हलफनामे में सूचना की जानकारी देने से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा जुड़ा है। पीठ ने कहा कि उसने सोचा था कि सरकार एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करेगी लेकिन इस मामले में सिर्फ सीमित हलफनामा दाखिल किया गया। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 10 दिन बाद इस मामले को सुनेगी और देखेगी कि इसमें क्या प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।


केंद्र ने कहा- हम अपने रुख पर कायम
केंद्र का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार ने सोमवार को दाखिल हलफनामे में अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था। मेहता ने पीठ को बताया, हमारी प्रतिक्रिया वही है जो हमने सम्मानपूर्वक अपने पिछले हलफनामे में दी थी। कृपया इस मामले को हमारे नजरिए से देखें क्योंकि हमारा हलफनामा पर्याप्त है। भारत सरकार देश की सर्वोच्च अदालत के सामने है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने हलफनामे में कहा था कि वह वह सभी पहलुओं के निरीक्षण के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करेगी और यह समिति शीर्ष अदालत के सामने अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा, छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और इस मामले से राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू जुड़ा है। मेहता ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक बहस का मुद्दा नहीं हो सकता और विशेषज्ञों की समिति शीर्ष अदालत को रिपोर्ट देगी।


राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई शब्द नहीं चाहते: कोर्ट
मेहता ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है जिसे संवेदनशीलता से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस्तेमाल किए जा रहे सुरक्षा तंत्र के बारे में जानकारी सार्वजनिक तौर पर नहीं दे सकती है। पीठ ने मेहता से कहा कि वह ऐसी कोई चीज नहीं चाहती जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो। अगर सक्षम प्राधिकार हमारे सामने हलफनामा दायर करे तो इसमें क्या परेशानी है। हम राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में कोई शब्द नहीं चाहते। मेहता ने कहा कि वह यह नहीं कह रहे कि सरकार किसी को कुछ नहीं बताएगी और दलील यह है कि वह इसे सार्वजनिक तौर पर नहीं कहना चाहती।


क्या है पेगासस जासूसी का पूरा मामला
ये याचिकाएं इजराइली कंपनी एनएसओ के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल सरकारी एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर प्रमुख नागरिकों, राजनेताओं और पत्रकारों की जासूसी कराए जाने से संबंधित हैं। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने बताया है कि 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबर पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में थे।

बड़ी खबर: गैस विस्फोट से इमारत ध्वस्त, एक की मौत, 29 घायल

बड़ी खबर: गैस विस्फोट से इमारत ध्वस्त, एक की मौत, 29 घायल

मेक्सिको सिटी: मेक्सिको सिटी में सोमवार को एक गैस विस्फोट में अपार्टमेंट की एक इमारत नष्ट हो गया और एक व्यक्ति की मौत हो गई और जबकि से कम 29 अन्य घायल हो गए। शहर के मेयर ने यह जानकारी दी।


विस्फोट राजधानी के दक्षिण हिस्से में सुबह हुआ, जिससे इमारत तबाह हो गई।


मेयर क्लाउडिया शिनबाम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मेयर ने बाद में एक बयान में कहा कि घायलों में से 11 को अस्पतालों में ले जाया गया है। उनमें से एक की बाद में मृत्यु हो गई।


एहतियात के तौर पर करीब 300 लोगों को पड़ोसी इमारतों से निकाला गया।
मेक्सिको सिटी अभियोजक का कार्यालय और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ गैस विस्फोट की घटना का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं।

अशरफ गनी की तुलना में काबुल तालिबान के नियंत्रण में अधिक सुरक्षित लग रहा है: रूस

अशरफ गनी की तुलना में काबुल तालिबान के नियंत्रण में अधिक सुरक्षित लग रहा है: रूस

मास्को: जहाँ हर तरफ अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद चिंता देखने मिल रही है, वहीं रूस ने उनकी खुलकर तारीफ की है।अफगानिस्तान में रूस के राजदूत ने सोमवार को तालिबान के आचरण की प्रशंसा की और कहा कि समूह, जिसे अभी भी आधिकारिक तौर पर रूस में एक आतंकवादी संगठन नामित किया गया है, ने पहले 24 घंटों में काबुल को पिछले अधिकारियों की तुलना में सुरक्षित बना दिया है।


राजदूत दिमित्री जिऱनोव की टिप्पणियां रूस द्वारा तालिबान के साथ अपने सुस्थापित संबंधों को गहरा करने के लिए एक निर्विवाद प्रयास को दर्शाती हैं। रूस यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अफगानिस्तान में अस्थिरता मध्य एशिया में न फैले, दरअसल, रूस पूर्व सोवियत संघ के हिस्से को अपना बैकयार्ड मानता है, और यह अन्य चरम इस्लामी समूहों के लिए लॉन्चपैड नहीं बनने देना चाहता।


रूस ने कहा है कि वह कई अन्य देशों की तरह आश्चर्यचकित था, जिस गति से तालिबान ने देश पर नियंत्रण कर लिया, जबकि अमेरिकी सेना अभी भी अमेरिकी नागरिकों को निकालने की कोशिश कर रही थी। ऐसे में मॉस्को के एको मोस्किवी रेडियो स्टेशन से बात करते हुए, जिऱनोव ने कहा कि वह तालिबान के अब तक के आचरण से प्रभावित हुए हैं, उन्होंने उनके दृष्टिकोण को अच्छा, सकारात्मक और व्यापार जैसा बताया है।


जिऱनोव ने आगे कहा है, स्थिति शांतिपूर्ण और अच्छी है और शहर में सब कुछ शांत हो गया है। तालिबान के तहत अब काबुल में स्थिति (राष्ट्रपति) अशरफ गनी की तुलना में बेहतर है।


गनी, जिनका स्थान फिलहाल अज्ञात है, ने रविवार को यह कहते हुए भागने का फैसला किया था कि वह खूनखराबे को रोकना चाहता हैं। जिसपर जिऱनोव कहते हैं, कल शासन ताश के पत्तों की तरह गिर गया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में तालिबान की निहत्थे इकाइयां राजधानी में दाखिल हुईं और सरकार और अमेरिकी बलों से अपने हथियार आत्मसमर्पण करने को कहा।


जिऱनोव ने कहा कि तालिबान ने पहले ही रूसी दूतावास की सुरक्षा परिधि पर नियंत्रण कर लिया है, जिसमें 100 से अधिक कर्मचारी हैं और वह मंगलवार को उनके साथ आगे की सुरक्षा वार्ता करेंगे।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बिना लड़े देश छोड़कर भाग गए : जो बाइडन

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बिना लड़े देश छोड़कर भाग गए : जो बाइडन

वॉशिंगटन: अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद तीखी आलोचना झेल रहे अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक दिन बाद व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बिना लड़े देश छोड़कर भाग गए, लेकिन हम अपने फैसले पर अडिग हैं और नागरिकों की सुरक्षा का प्रयास करेंगे। साथ ही आने वाले दिनों में सहायता प्रदान करेंगे।


अमेरिकी ऱाष्ट्रपति बाइडन ने अफगानिस्तान के हालात पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आज कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान की जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी के घरेलू राजनीतिक घटनाक्रम को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि हम अतीत की गलतियों से चिपके नहीं रहना चाहते। हम अपनी सेना को कुछ और दिन वहां रख सकते थे, लेकिन हमारी सोच अलग थी।


उन्होंने कहा कि हम नागरिकों की सुरक्षा का प्रयास करेंगे और आने वाले दिनों में सहायता प्रदान करेंगे।
अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए बाइडन ने कहा कि मैं अपने फैसले पर अडिग हूं। गनी बिना लड़ाई किए भाग खड़े हुए हैं, उन्होंने मुकाबले का माद्दा क्यों नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि हमने लगातार लड़ाई लड़ी, हमने कोशिशें लगातार जारी रखी हैं।


बाइडन ने कहा कि ट्रंप सरकार के दौरान भी 15 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में थे। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खात्मे में हमने काफी काम किया और बतौर राष्ट्रपति मुझे कड़े फैसले लेने पड़े हैं। बीस सालों से हमारी सेना वहां लड़ रही थी। लोग कहते हैं कि हम हिम्मत हार गए और अभियान को बीच में छोड़ दिया, लेकिन हमने सही फैसला लिया, हमने ये सोचा था कि हमें और ज्यादा लोगों को मरने नहीं देना है।


अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र स्थापना का हमारा सपना था, लेकिन वहां अचानक हालात बदले और देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।

 LOCKDOWN BREAKING: कोरोना का सिर्फ एक केस मिलने पर पूरे देश में लॉकडाउन, प्रधानमंत्री ने की घोषणा

LOCKDOWN BREAKING: कोरोना का सिर्फ एक केस मिलने पर पूरे देश में लॉकडाउन, प्रधानमंत्री ने की घोषणा

कोरोना की आहट भर ने पूरे न्यूजीलैंड को सचेत कर दिया है। मंगलवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में कोरोना का एक मामला सामने आते ही प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया है। एक संवाददाता सम्मेलन में जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि ऑकलैंड में पूरे सात दिन का लॉकडाउन रहेगा। वहीं बाकी शहरों में लॉकडाउन तीन दिन का होगा, जो आज रात से  लागू हो जाएगा। उन्होंने सभी को घर से काम करने की सलाह दी है। लॉकडाउन के दौरान सभी स्कूल व कॉलेज भी बंद रहेंगे। 

डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि नहीं 
न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने बताया कि ऑकलैंड में मिले एक संक्रमित में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण हैं। हालांकि,अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। 

पूरी दुनिया में छाया था न्यूजीलैंड मॉडल 
दुनिया के मुकाबले न्यूजीलैंड ने कोरोना के खिलाफ बेहतर लड़ाई लड़ी है। कोरोना संक्रमित मरीजों व मृतकों की संख्या दुनिया के मुकाबले यहां बेहद कम है। दरअसल, कोरोना की शुरुआत होते ही न्यूजीलैंड ने अपने देश की सभी सीमाओं को सील कर दिया था। वहीं जीनोम सीक्वेंसिंग की मदद से यहां पर कोरोना को बेहतर तरीके से काबू किया गया था। एक्सपर्ट के अनुसार कोविड में लगातार म्यूटेशन होता है और वह बदलता रहता है। जीनोम सीक्वेंसिंग की मदद से हम कोरोना का म्यूटेशन जानने के लिए इसका फैमली ट्री बनाते हैं। इससे उसके आधार पर जाकर उसमें हाने वाले बदलावों के अनुरूप ही वैक्सीनेशन किया जाता है। 

वैक्सीनेशन की धीमी गति बन सकती है खतरा 
भले ही न्यूजीलैंड कोरोना का एक मामला सामने आते ही सचेत हो गया हो, लेकिन वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार बड़ा खतरा साबित हो सकती है। वहीं न्यूजीलैंड ऐसा देश है जहां सबसे पहले लॉकडाउन खोला गया था। 
 
जोरदार टक्कर के बाद आग का गोला बने दो वाहन, जिंदा जल गए 4 लोग

जोरदार टक्कर के बाद आग का गोला बने दो वाहन, जिंदा जल गए 4 लोग

 अजमेर। राजस्थान के अजमेर में बड़ा हादसा हो गया। यहां नेशनल हाईवे-पर दो ट्रेलरों में जोरदार भिडंत हो गई। भिडंत इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते दोनों ट्रेलर आग का गोला बन गए। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में ट्रेलर में सवार चार लोग जिंदा जल गए। मरने वालों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं ट्रेलर से एक ने कूदकर अपनी जान बचा ली।

 

 

 

पुलिस के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-पर सुबह करीब छह बजे हादसा हुआ। टाइल्स पाउडर से भरा ट्रेलर जयपुर से ब्यावर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान  ट्रेलर अनियंत्रित हो गयाजिससे वह ब्यावर से जयपुर की तरफ जा रहे दूसरे ट्रेलर से जा टकराया। दूसरे ट्रेलर में मार्बल की थप्पियां भरी थीं। भिडंत होते ही दोनों ट्रेलरों में आग लग गईजिससे चालक उसी में फंस गए और जिंदा चल गए। पुलिस ने बताया कि मृतकों के शव को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। 

हादसा इतना भयावह था कि देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। सूचना पर आदर्श नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल को इसकी जानकारी दी। दमकल गाड़ियों के पहुंचने के बाद आग पर काबू पाया गया। 

लग गया पांच से छह किलोमीटर लंबा जाम 
दोनों वाहनों में टक्कर और आग के बाद नेशनल हाईवे-पर जाम लग गया। जाम करीब पांच से छह किलोमीटर तक लगाजिससे लोगों को परेशानी हुई। इसके बाद पुलिस ने डाइवर्जन कर जाम में फंसे वाहनों को निकाला।