COVID curfew to remain in force in the State from 6 am of August 17 to August 24, 6 am; vaccination exercise to continue during the curfew: Uttarakhand Government pic.twitter.com/j1SL75HCYj
— ANI (@ANI) August 16, 2021
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट के बाहर आज एक युवक और युवती ने आत्मदाह का प्रयास किया. दोपहर लगभग 12:15 बजे दोनों सुप्रीम कोर्ट के गेट नम्बर -डी के बाहर पहुंचे और पेट्रोल डाल कर खुद को आग लगा ली. ये देख सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा में तैनात आरएसी के सुरक्षा कर्मियों ने आग को बुझाया और तुरंत ही क्यूआरटी की मदद से दोनों को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया. पुलिस के सामने एक फेसबुक लाइव भी आया. ये लाइव आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक-युवती ही कर रहे थे और दोनों ने लाइव के दौरान ही खुद को आग लगा ली.
पुलिस का कहना है कि दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं. दोनों यूपी के रहने वाले हैं. मौके पर दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने एक्सहिबिट एकत्र कर लिए हैं. तिलक मार्ग थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार ये घटना सोमवार दोपहर लगभग 12:15 बजे की है. युवक और युवती सुप्रीम कोर्ट के डी गेट के सामने स्थित पार्किंग एरिया से चलते हुए आए और डिवाइडर पर पहुंच कर अपने ऊपर पेट्रोल डाला. इससे पहले किसी को कुछ समझ आता दोनों ने खुद को आग लगा ली. जिसके बाद दोनों सुप्रीम कोर्ट की तरफ भागते हुए आए और डी गेट के बाहर लगे सुरक्षा मोर्चे की तरफ मुड़ गए. वहां तैनात आरएसी के जवानों ने तुरंत ही आग बुझाने का काम किया. कम्बल और झाड़ू की मदद से आग बुझाई. सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि गेट के बाहर एक कम्बल रखा रहता है, उसी से आग बुझाई. दोनों को तुरंत ही दिल्ली पुलिस की क्यूआरटी की मदद से आरएमएल अस्पताल ले जाया गया. पुलिस का कहना है कि दोनों लगभग 70 से 80 प्रतिशत झुलस चुके हैं. दोनों की हालत गम्भीर हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
क्यों उठाया ऐसा कदम
पुलिस सूत्रों ने ये भी जानकारी दी है कि आत्मदाह के प्रयास से ठीक पहले दोनों ने फेसबुक लाइव भी किया था और इसी लाइव के दौरान दोनों ने खुद को आग लगा ली. फेसबुक लाइव के दौरान दोनों ने यूपी के एक लोकसभा सांसद को जिम्मेदार ठहराया है. केवल सांसद को ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी जिम्मेदार बताया गया है, जिसमें से कुछ आईपीएस अधिकारी और कुछ यूपी पुलिस के कर्मचारी व अधिकारी हैं.
दोनों का आरोप है कि सांसद के प्रभाव के कारण पुलिस अधिकारियों ने इन दोनों को झूठे मामले में फंसाया और इस कदर प्रताड़ित किया कि दोनों ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा और इसी वजह से आज दोपहर लगभग 12:15 बजे सुप्रीम कोर्ट के बाहर दोनों ने आत्मदाह का प्रयास किया.
सांसद के खिलाफ रेप केस दर्ज करवाया हुआ है युवती ने
युवती ने फेसबुक लाइव में आरोप लगाया है कि उसने सांसद के खिलाफ 2019 में रेप का मामला दर्ज करवाया था. जो युवक इस समय युवती के साथ है, वह उस एफआईआर में गवाह है. लेकिन सांसद के प्रभाव के चलते यूपी पुलिस इन दोनों को ही प्रताड़ित कर रही है. दोनों को झूठे मामले में भी फंसाया है. युवक और युवती दोनों ने ही ये आरोप लगाया है कि उन दोनों को हनी ट्रैप के आरोप में झूठा फंसाया गया. जबकि युवती खुद रेप पीड़िता है.
दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम और एफएसएल टीम ने मौके से एकत्र किए सबूत
सुप्रीम कोर्ट के बाहर हुई इस घटना के बाद पुलिस ने क्राइम टीम और दिल्ली सरकार की एफएसएल टीम को मौके पर सबूत जुटाने के लिए बुलाया. दोनों ही टीमों ने मौके पर पहुँच कर वहां मौजूद बोतलें(जिनमें पेट्रोल व ज्वलीनशील पदार्थ था), 2 लाइटर, एक बैग, दोनों के जले हुए कपड़े, जूते और चप्पल आदि बरामद किए.
पुलिस कर रही है जांच
जब इस विषय पर नई दिल्ली जिला के डीसीपी से बात करनी चाही और उनसे ऑन रिकॉर्ड पुलिस का वर्जन देने के लिए कहा गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया. पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और जब तक जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती है, तब तक इस पूरे मामले पर किसी भी प्रकार का कोई औपचारिक या आधिकारिक बयान नहीं दिया जाएगा.
काबुल: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद लोग देश छोडऩे की कोशिश में लगे हैं। देश से जान बचाकर भागने की कोशिश में अफगानी नागरिकों ने काबुल हवाई अड्डे पर अफरातफरी मचा दी है। एयरपोर्ट पर गोलियों की आवाजें भी सुनी गयीं। लोगों को एयरपोर्ट की दीवारों को फांदकर खड़े विमानों की ओर दौड़ते हुए दिखाई देखा गया। अमरिकी उड़ान के बाद काबुल में एयरस्पेस बंद कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि काबुल हवाईअड्डे पर कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों लोग जबरन विमानों में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उसने पांच लोगों के शवों को एक वाहन में ले जाते देखा था। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि पीडि़तों की हत्या गोलियों से की गई या भगदड़ में हुई। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। मौतों पर टिप्पणी करने के लिए अधिकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थे। काबुल हवाईअड्डे पर सोमवार को सैकड़ों लोगों को एक-दूसरे को विमान में चढऩे के लिए धक्का देते देखा गया।
This video is circulating in sm where its claimed that two people who were sitting on flight’s wing,fell down when plane took off from kabul..
— Priyanka kandpal/प्रियंका कांडपाल (@pri_kandpal) August 16, 2021
ज़िंदा रहने की चाहत में ज़िंदा ना रह सके..
Where is UN ? #Afghanistan #AfganistanBurning #Talibanes pic.twitter.com/LTZHCaj01g
काबुल/नई दिल्ली। अफगानिस्तान में एक बार फिर तालिबान के कब्जे के बाद देश में अफरातफरी का माहौल हो गया है। सबसे ज्यादा अफरातफरी राजधानी काबुल में है। यहां तालिबान के आतंकी सड़कों पर खुलेआम घुम रहे हैं, लूटपाट कर रहे हैं। वहीं काबुल एयरपोर्ट पर उन लोगों को जमावड़ा है जो मुल्क छोड़कर जाना चाहते हैं। इनमें बहुत से वो अफगानी नागरिक हैं जिनके पास न पासपोर्ट है न वीजा। न ही उन्हें पता है कि किस देश जाना है, लेकिन ये भारी संख्या में एयरपोर्ट में घुस गए हैं और रन पर खड़े विमानों तक पहुंच गए हैं। फिलहाल, काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनियों का कब्जा है। यहां का पूरा कामकाज अमेरिकी सेना की देखभाल में हो रहा है। ताजा खबर यह है कि इस भीड़ को काबू करने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने गोलियां चलाई हैं, जिनमें 3 लोगों के मारे जाने की सूचना है। इस बीच, अफगानिस्तान के हालात पर संयुक्त राष्ट्र भी हरकत में आ गया है। सोमवार शाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है।
काबुल एयरस्पेस बंद:
काबुल का एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यानी इस एयरस्पेस का उपयोग करते हुए कोई विमान काबुल के आसमान से नहीं गुजर पाएगा। इसी कारण शिकागो से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट को भी यूटर्न लेने को कहा गया और यह विमान वापस लौट गया।
भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी:
इस बीच, अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में फंसे भारतीयों के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दूतावास अधिकारियों के मोबाइल नंबर 93706131611 और 93705127863 जारी किए गए हैं। इसके अलावा कंधार स्थित काउंसलेट जनरल आफ इंडिया के नंबर 93703750087 पर भी संपर्क किया जा सकता है। साथ ही भारत सरकार ने एयर इंडिया के दो विमानों को स्टैंडबाय पर रहने के लिए कहा है। इनके जरिए काबुल में फंसे भारतीयों को दिल्ली लाया जाएगा। पहला विमान आज 12.30 बजे उडा़न भरेगा।
काबुल की सड़कों पर आतंकी:
काबुल की सड़कों पर तालिबान के आतंकी बेखौफ घुम रहे हैं। आम नागरिक डर के मारे घरों में कैद है। तालिबान ने जेल में कैद अपने खू्खार आतंकियों को रिहा करना शुरू कर दिया है। हालांकि तालिबान के प्रवक्ता ने अपने लड़ाकों से कहा है कि वे किसी के घर में न घुसे।
ब्रिटेन ने अपने पायलटों के लिए जारी किया अलर्ट:
ब्रिटेन ने अपने विमानों से अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। एडवाइजरी के मुताबिक, तालिबान के आतंकी विमानों को निशाना बना सकते हैं। बता दें, ब्रिटेन भी काबुल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने की कवायद में जुटा है।
यूपी | उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक बंदर ने उस समय कोहराम मचा दिया जब तीन लाख रुपयों से भरा एक बैग लेकर वह पेड़ पर चढ़ गया। यह सब तब हुआ जब पुलिस थाने में आए एक शख्स की बाइक में बंदर को थैला मिल गया। इस बैग में तीन लाख रुपये रखे हुए थे, इसके बाद बंदर बाइक उड़ा ले गया।
दरअसल, यह घटना हरदोई के एक पुलिस थाने की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हरदोई का ही रहने वाला एक शख्स किसी काम से जा रहा था, इस दौरान उसने बाइक की डिक्की में तीन लाख रुपये रखे हुए थे। इसी दौरान रास्ते में उसने बाइक को थाने के बाहर रोका और किसी से मिलने चला गया।
ठीक इसी दौरान एक बंदर ने थैला निकाला और वहां से चलता बना, वह सीधा जाकर पेड़ पर चढ़ गया। इसके बाद हड़कंप मच गया। पेड़ पर चढ़े बंदर ने करतब दिखाना शुरू कर दिया। कभी इस डाल तो कभी उस डाल, ऐसा लग रहा था जैसे कभी भी नोटों की बारिश हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। थाने पर मौजूद दो पुलिसकर्मियों ने बंदर को देख लिया। इसके बाद दोनों ने बंदरों का पीछा किया और बंदर के हाथ से थैला छीन लिया।
जानकारी के मुताबिक, जिस शख्स की बाइक से यह पैसा बंदर ने निकाला उसका नाम बबलू है। उसने बाइक खड़ी ही की थी कि अचनाक बंदर उसको उठा ले गया। दो पुलिसकर्मियों ने बंदर को पकड़ा, उनके नाम विकास अग्निहोत्री और अखिलेंद्र अग्निहोत्री है। दोनों ने कड़ी मशक्कत के बाद रुपए भरा थैला बंदरों से वापस छीन लिया।
बंदर से पकड़े गए रुपये लेकर दोनों थाने पहुंचे। इसके बाद बब्लू भी वहीं पहुंच गया। उस शख्स को पैसा वापस कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में रुपये उनको सौंप दिए गए हैं। पूरे इलाके में लोग इस घटना की चर्चा कर रहे हैं और दोनों पुलिसकर्मियों की प्रशंसा भी कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश | यूपी के हरदोई में दहेज की खातिर पति हैवान बन गया। उसने अपनी पत्नी को बीच सड़क पर गिरा कर जमकर पीटा और फिर उसके सीने पर बैठकर उसे पीटा। पिटाई से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद महिला के पिता ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है। सीओ सिटी विकास जयसवाल ने बताया कि जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
महिला की बीच सड़क पर पिटाई की वीडियो सुरसा थाना इलाके के तुन्दवल गांव का है। यहां की रहने वाली सरस्वती को उसके ही पति मनोज के द्वारा बीच सड़क पर पीटा जा रहा है। हैवान बने पति ने महिला को पीटने के बाद उसे सड़क पर गिरा दिया और उसकी सीने पर बैठ कर उसकी पिटाई कर दी। इससे महिला को गंभीर चोटें आई। पूरे मामले की जानकारी पाकर महिला के पिता मनोहर लाल मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर महिला की मौत हो गई। अब इस मामले में मृतका के पिता ने पति ससुरालियों पर दहेज में सोने की चैन और एक भैंस की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने मारने पीटने का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की।
यूपी के हरदोई में दहेज के लिए पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की बेहरमी से पिटाई कर दी। पति ने महिला के बाल पकड़कर पहले सड़क पर घसीटा, फिर उसका लात-घूंसो से पीटा, जिससे महिला की मौत हो गई। बीच सड़क पर महिला को पीटने का वीडियो भी वायरल हो गया। pic.twitter.com/R47KBwvik9
— Hindustan (@Live_Hindustan) August 15, 2021
आरोप है कि उसने अपनी बेटी का विवाह 26 दिसंबर 2011 को किया था दहेज के लिए यह लोग उसे लगातार प्रताड़ित किया करते थे। इसी के चलते 14 जुलाई को उसकी बेटी के साथ इन लोगों ने हैवानियत की इस घटना को अंजाम दिया था। सीओ सिटी विकास जायसवाल ने बताया कि पूरे मामले में एफआइआर दर्ज कर आरोपी पति बने लोगों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुणे, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई कि महाराष्ट्र में जीका वायरस पांव पसार रहा है। जीका वायरस के रोगथाम के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है। इसी बीच खबर आ रही है कि पुणे के एक गांव में जीका वायरस के मरीज की पुष्टि होने के बाद सरपंच ने अनोखी पहल की है।
दरअसल पुणे के बेलसर गांव में जीका वायरस को फैलने से रोकने के लिए गांव का सरपंच पूरे गांव में निशुल्क कंडोम बंटवा रहे हैं। सरपंच का यह फैसला गांव के ही लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। इस गांव में सरपंच और स्वास्थ्य संगठन ने महिलाओं को अगले 4 महीने तक गर्भवती होने से रोकने के लिए मुफ्त कंडोम का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
बता दें कि जीका वायरस एडीज एजिप्टी मच्छर की वजह से फैलता है। वहीं, जीका वायरस का बच्चों को अधिक खतरा रहा है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि जीका बच्चे के मस्तिष्क के विकास को रोक सकता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए सरपंच ने गांव में निशुल्क कंडोम बटवाया है।
Dada Chacha Bhai rape minor: बच्चे अपने दादा के पास सबसे ज्यादा महफूज फील करते हैं लेकिन यहां मामला चौंकाने वाला है. एक मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसमें घर के दादा, चाचा और भाई ने ही उसकी आबरू को तारतार कर दिया. मामला तमिलनाडु का है.
दरअसल इस मामले में पुलिस ने एक 62 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. इस शख्स पर अपनी सात साल की पोती के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मामला इतना ही नहीं है.
बच्ची के साथ अलगअलग मौकों पर मारपीट करने के मामले में उसके बेटे यानी लड़की के चाचा और लड़की के 16 वर्षीय भाई को भी गिरफ्तार किया गया है. यह घटना चेन्नई के पास मडिप्पकम में 62 वर्षीय व्यक्ति के आवास पर हुई है.
पुलिस ने कहा कि बेटी के काम में व्यस्त होने और बच्चों की ऑनलाइन क्लास होने के बाद दादा अपने पोतेपोतियों को घर ले आए. उनके साथ उनका बेटा भी रहता था.
पुलिस ने बताया कि 2 अगस्त की रात उसके बगल में सो रहे दादा ने उसका यौन उत्पीड़न किया. घबराई हुई बच्ची अपने चाचा के कमरे में चली गई और उसे शांत करने की आड़ में चाचा ने भी उसके साथ बदसलूकी की.
इसके बाद लड़की ने फिर मदद के लिए अपने 16 वर्षीय भाई की ओर रुख किया. लेकिन उसने भी नहीं बख्सा और भाई ने भी उसका यौन उत्पीड़न किया.
रविवार 8 अगस्त को जब लड़की की मां उससे मिलने गई तो उसने देखा कि बेटी बीमार हो गई है और वह बच्चे को डॉक्टर के पास ले गई. सात साल की बच्ची ने अस्पताल में आपबीती सुनाई और मेडिकल चेकअप में इस बात की पुष्टि हुई कि बच्ची का यौन शोषण किया गया था.
मां ने मडिप्पकम ऑलवुमन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. दादाजी और उसके चाचा को जेल भेज दिया गया, जबकि उसके 16 वर्षीय भाई को सुधार गृह में भेज दिया गया.
Punjab News: पंजाब में ‘आई लव पाकिस्तान’ लिखे हुए गुब्बारे मिले हैं. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. रूपनगर के एसएसपी अखिल चौधरी ने कहा कि पाकिस्तानी झंडे वाले गुब्बारे और जिस पर 'आई लव पाकिस्तान' लिखा है, रूपनगर के संदोया गांव के कृषि क्षेत्र से मिला है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि गुब्बारे पास की जगह से आए हैं लेकिन हम दूसरे एंगल से इनकार नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है.
Punjab: Balloons with Pakistani flag & 'I love Pakistan' imprinted on it found from agricultural field of Sandoya village in Rupnagar
— ANI (@ANI) August 15, 2021
It looks like balloons came from the nearby place but we can't rule out other angles. A probe has been initiated: SSP Rupnagar, Akhil Choudhary pic.twitter.com/UQYDXnsmx4
दुनियाभर के तमाम देशों में महिला अपराध के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। इसके बावजूद भी महिलाओं के खिलाफ कई ऐसे बड़े अपराध हैं जिन्हें अपराध की श्रेणी में ही नहीं रखा गया है। दक्षिण कोरिया में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जब महिलाओं के ऊपर वीर्य फेंके गए लेकिन आरोपी पर यौन अपराध के मामले नहीं दर्ज किए गए। हाल ही के दिनों में एक बार फिर से वहां इस मामले पर चर्चा शुरू हो गई है।
दरअसल, 'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के नेताओं ने मांग की है कि 'सीमेन टेररिज्म' यानि वीर्य आतंकवाद को एक गंभीर सेक्स क्राइम माना जाए। इसके लिए वहां के नेता मौजूदा कानूनों में संशोधन की मांग कर रहे हैं। इन नेताओं की मांग है कि कानून में संशोधन करते हुए इसमें बदलाव किया जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी का प्रावधान किया जाए।
दक्षिण कोरिया में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जब कुछ पुरुषों ने सीमेन का इस्तेमाल किया है और उसे महिलाओं के ऊपर फेंक दिया है। रिपोर्ट में कई उदाहरणों का जिक्र किया गया है। 2019 में एक शख्स ने एक महिला के जूतों पर सीमेन डाल दिया था। अदालत ने इस शख्स पर सिर्फ 435 डॉलर्स का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था।
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि पुलिस ने इस मामले में बताया था कि आरोपी पर सिर्फ प्रॉपर्टी डैमेज के चार्ज लगाए गए थे क्योंकि इस केस में यौन अपराध के आरोपों को लागू करने के लिए कोई कानूनी प्रावधान मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं एक अन्य मामले में एक शख्स को तीन साल की सजा सुनाई गई थी क्योंकि इस शख्स ने महिला की कॉफी में सेक्शुएल इच्छाएं बढ़ाने वाली दवा के साथ ही सीमेन डाल दिया था।
'द गार्जियन' ने इस मामले में कई नेताओं के बयान भी लिए हैं। नेताओं का कहना है कि जब यह अपराध गंभीर अपराध है तो इसे सेक्स क्राइम क्यों नहीं माना जाता है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया की स्थानीय मीडिया ने भी सीमेन टेररिज्म की कई घटनाओं को रिपोर्ट किया है। कोरियन वीमेन लिंक की सेक्रेटी जनरल ने भी इस मामले पर बताया कि हर सेक्स क्राइम एक गंभीर अपराध होता है। इन केसों को हिंसा के मामूली मामले नहीं समझना चाहिए। ये ना केवल सेक्स क्राइम है बल्कि इन्हें हेट क्राइम की श्रेणी में भी डाला जाना चाहिए।
नई दिल्ली, देश आज 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देशवासियों को आजादी के पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा, `आजादी का अमृत महोत्सव, 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को और विश्व भर में भारत को और लोकतंत्र को प्रेम करने वाले सभी लोगों को बहुत शुभकामनाएं।` उन्होंने कहा कि `सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास` हमारे सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम ने कहा है कि आजादी के सौ साल पूरे होने पर देश पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो और हमें इस दिशा में आगे बढ़ना है।
बता दें कि समारोह में इस बार ओलिंपिक पदक विजेता भी हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने इन खिलाड़ियों के सम्मान में तालियां भी बजवाई।
उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक हों, सेवा में जुटे नागरिक हों, वे सब भी वंदन के अधिकारी हैं।
पीएम ने महापुरुषों को याद करते हुए कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब अम्बेडकर, देश ऐसे हर व्यक्तित्व को याद कर रहा है, देश इन सबका ऋणी है।
मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा जब हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे, नए भारत के सृजन का ये अमृत काल है। इस अमृत काल में हमारे संकल्पों की सिद्धि हमें आज़ादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी, गौरवपूर्ण रूप से ले जाएगी।
उन्होंने कहा, `अमृतकाल का लक्ष्य है भारत और भारत के नागरिकों के लिए समृद्धि के नए शिखरों का आरोहण। एक ऐसे भारत का निर्माण जहां सुविधाओं का स्तर गांव और शहर को बांटने वाला न हो। एक ऐसे भारत का निर्माण जहां नागरिकों के जीवन में सरकार बेवजह दखल न दे।`
पीएम ने कहा कि प्रगति पथ पर बढ़ रहे हमारे देश के सामने, पूरी मानवजाति के सामने कोरोना का यह कालखंड बड़ी चुनौती के रूप में आया है। भारतवासियों ने संयम और धैर्य के साथ इस लड़ाई को लड़ा है।
उन्होंने कहा कि हमें अभी से जुट जाना है। हमारे पास गंवाने के लिए एक पल भी नहीं है। यही समय है, सही समय है। बदलते हुए युग के अनुकूल हमें भी अपनेआप को ढालना होगा। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुट चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज सरकारी योजनाओं की गति बढ़ी है और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। पहले की तुलना में हम तेजी से आगे बढ़े लेकिन सिर्फ यहां बात पूरी नहीं होती। अब हमें पूर्णता तक जाना है।
पीएम के संबोधन की अहम बातें-
-हमारे वैज्ञानिकों और उद्यमियों की ताक़त का ही परिणाम है कि आज भारत को किसी और देश पर निर्भर नहीं होना पड़ा।
-आज हम गौरव से कह सकते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम भारत में चल रहा है। हम 54 करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन लगा चुके हैं।
-जब सरकार ये लक्ष्य बनाकर चलती है कि हमें समाज की आखिरी पंक्ति में जो व्यक्ति खड़ा है उस तक पहुंचना है तो न कोई भेदभाव हो पाता है न ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती है। देश के हर गरीब व्यक्ति तक पोषण पहुंचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
-सरकार अपनी अलग अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, फोर्टिफाई करेगी। गरीबों को पोषणयुक्त चावल देगी। राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो, मिड डे मिल में बालकों को मिलने वाला चावल हो वर्ष 2024 तक हर योजना के माध्यम से मिलने वाला चावल फोर्टिफाई कर दिया जाएग।
-मेडिकल शिक्षा में जरूरी बड़े सुधार भी किए गए हैं। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर पर भी उतना ही ध्यान दिया गया है। साथ साथ देश में मेडिकल सीटों में भी काफी बढ़ोतरी की गई है। बहुत जल्द देश के हजारो अस्पतालों के पास अपने ऑक्सीजन प्लांट भी होंगे।
-21वीं सदी में भारत को नई उंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही और पूरा इस्तेमाल समय की मांग है, बहुत ज़रूरी है। इसके लिए जो वर्ग और क्षेत्र पीछे है उनकी हैंडहोल्डिंग करनी ही होगी।
-आज नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है। ये कनेक्टिविटी दिलों की भी है और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है। नार्थ ईस्ट की सभी राजधानियों को रेल सेवा से जोड़ने का काम बहुत जल्द पूरा होने वाला है।
-सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब ज़मीन पर दिख रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है।
-लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ `सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी` लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बना रही है।
-देश के जिन ज़िलों के लिए ये माना गया था कि ये पीछे रह गए, हमने उनकी आकांक्षाओं को भी जगाया है। देश मे 110 से अधिक आकांक्षी ज़िलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, रोज़गार, से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें से अनेक जिले आदिवासी अंचल में हैं।
-कोरोना के दौरान देश ने तकनीकी की ताकत और हमारे वैज्ञानिकों की सामर्थ्य और प्रतिबद्धता को देखा है। देश के हर क्षेत्र में हमारे वैज्ञानिक सूझबूझ से काम कर रहे हैं। समय आ गया है कि हम अपने कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की क्षमताओं और उनके सुझावों को भी जोड़ें।
-छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा। उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी।
-हमें कृषि क्षेत्र की एक बड़ी चुनौती की ओर भी ध्यान देना है। ये चुनौती है गांव के लोगों के पास कम होती जमीन। किसानों की जमीन छोटी होती जा रही है। देश के 80% से भी अधिक किसान ऐसे हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है।
-फसल बीमा योजना में सुधार हो, एमएसपी डेढ़ गुना करने का निर्णय हो, छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ते दर से बैंक से कर्ज़ मिले इसकी व्यवस्था हो, सोलर पावर से जुड़ी योजनाओं को खेत तक पहुंचाने की बात हो, किसान उत्पादक संगठन हो, सारे प्रयास छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे।
-छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे। आनेवाले समय मे ब्लॉक स्तर तक वेयरहाउस की सुविधा बनाने का भी अभियान चलाया जाएगा। हमारा मंत्र, संकल्प और सपना है कि `छोटा किसान बने देश की शान`। आने वाले वर्षों में देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा, नई सुविधाएं देनी होंगी।
-धारा 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है।
-आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है।
-देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी।आज जिस गति से देश में नए हवाईअड्डों का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।
-भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में होलिस्टिक अप्रोच अपनाने की भी जरूरत है। भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च करने जा रहा है।
-100 लाख करोड़ से भी अधिक की योजना लाखो नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आने वाली है। गतिशक्ति हमारे देश के लिए एक ऐसा नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मास्टरप्लान होगा जो होलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नीव रखेगा। हमारी अर्थव्यवस्था को एक इंटीग्रेटेड और होलिस्टिक पाथवे देगा।
-देश के सभी मैन्यूफैक्चर्स को भी ये समझना होगाआप जो उत्पाद बाहर भेजते हैं वो आपकी कंपनी में बनाया हुआ सिर्फ एक उत्पाद नहीं होता। उसके साथ भारत की पहचान, प्रतिष्ठा और भारत के कोटि-कोटि लोगों का विश्वास जुड़ा होता है।
-मैं इसलिए मनुफक्चरर्स को कहता हूं कि आपका हर एक प्रॉडक्ट भारत का ब्रैंड एंबेसेडर है। जब तक वो प्रॉडक्ट इस्तेमाल में लाया जाता रहेगा, उसे खरीदने वाला कहेगा - हां ये मेड इन इंडिया है।
-जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं उसमें एक खेल भी है। जीवन में संपूर्णता के लिए खेलकूद होना बहुत आवश्यक है। अब देश में फिटनेस और खेल को लेकर एक जागरुकता आई है। इस बार ओलंपिक में भी हमने देखा है। ये बदलाव हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट हैं।
-आज देश में खेलों में टैलेंट, टेक्नोलॉजी और प्रोफेश्नलिज्म लाने के लिए जो अभियान चल रहा है। इस दशक में हमें उसे तेज और व्यापक करना है। देश के लिए गर्व की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड के नतीजे हों या ओलंपिक का मैदान हमारी बेटियां आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं।
-सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके भारत ने देश के दुश्मनों को नए भारत के सामर्थ्य का संदेश भी दे दिया है। ये बताता है कि भारत बदल रहा है। भारत कठिन से कठिन फैसले भी ले सकता है और कड़े से कड़े फैसले लेने में भी भारत झिझकता नहीं है, रुकता नहीं है।
-दुनिया भारत को नई दृष्टि से देख रही है। इसके दो महत्वपूर्ण पहलू हैं, आतंकवाद और विस्तारवाद। भारत इन दोनो चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे तरीके से हिम्मत से जवाब दे रहा है। देश को विश्वास दिलाता हूं कि देश की रक्षा में लगी सेनाओं के हाथ को मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोडेंगे।
बता दें कि 15 अगस्त की वजह से दिल्ली में चप्पे चप्पे पर कड़ी सुरक्षा है। दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग है और आने जाने वालों की सख़्ती से जांच हो रही है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सख्त सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। कोरोना के कारण कार्यक्रम में कम लोग उपस्थित हैं। समारोह स्थल पर तीनों सेना प्रमुख, केंद्रीय मंत्री और नेता मौजूद हैं। कोरोना के ही चलते केवल एनसीसी के बच्चे इसमें शामिल हुए हैं ।
बता दें कि इस बार भी लालकिले की प्राचीर को खूबसूरती से सजाया गया है। महात्मा गांधी, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर बनाई गई है। लालकिले पर पहली बार तीन हेलीकॉप्टरों से फूलों की वर्षा हुई।
नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर आठ स्थित होटल कृष्णा में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। विभाग ने बताया कि घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे की है। सूचना मिलते ही दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई हैं। अभी तक दो शवों को होटल से निकाला जा चुका है और आग बुझाने का काम जारी है।
इस आग की चपेट में आकर दो लोग जिंदा जल गए हैं। आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की आठ गाड़ियां पहुंची हैं। हालांकि अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। अभी तक मृतकों के शवों की शिनाख्त नहीं हुई है।
दमकल विभाग ने बताया कि होटल कृष्णा से सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। द्वारका सेक्टर-8 के होटल कृष्णा में आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की घटना इतनी भयानक थी कि होटल काफी हद तक जल गया। पुलिस ने बताया कि जानमाल के नुकसान की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि होटल के अंदर कितने लोग थे, इसकी जानकारी अभी तक नहीं लग पाई है। दमकलकर्मियों की टीम ने कुछ घायलों को होटल से निकालने में मदद की। इन घायलों को नजदीकी अस्पमताल में भर्ती कराया है। अभी तक आग लगने की वजह सामने नहीं आ सकी है।
पटियाला: पंजाब के पटियाला से एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वाहन चेकिंग के दौरान एक मनचले कार चालक को पुलिसकर्मी को कार से घसीटते देखा जा सकता है. पुलिसकर्मी, कार चालक को रोक ही रहा था कि वह कार की स्पीड बढ़ाते हुए आगे निकल गया. कार से टकराकर सड़क पर गिरने से पुलिसकर्मी को काफी चोट आई है. डीएसपी हेमंत शर्मा ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी का इलाज चल रहा है. घटना को अंजाम देने वाली कार को ट्रैक कर लिया गया है, आगे की जांच जारी है.
कार के आगे की तरफ एक काला झंडा लगा हुआ था. कार का पिछला बंपर भी उतरा हुआ लग रहा था. मौके पर कई वाहन खड़े थे. सभी पूरे घटनाक्रम को एक टक देख रहे थे.
समाचार एजेंसी के मुताबिक घायल पुलिसकर्मी का इलाज चल रहा है और कार का पता लगा लिया गया है. डीएसपी सिटी हेमंत शर्मा ने कहा, "कार चालक ने चेकिंग से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को कार सहित घसीटा. कार का पता लगा लिया गया है और आगे की जांच जारी है."
#WATCH Car evading security check hits police personnel in Patiala, Punjab
— ANI (@ANI) August 14, 2021
Police say the injured police personnel is under medical treatment, car traced, further investigation underway
(Video source: Police) pic.twitter.com/ZF9wygy8Xm
Marksheet Scam in Jabalpur: मध्य प्रदेश की मेडिकल यूनिवर्सिटी में घोटाले के आरोपों के बाद कुलपति टी एन दुबे ने इस्तीफा दे दिया है. जबलपुर स्थित इस यूनिवर्सिटी ने कथित तौर पर पास-फेल का खेल चल रहा था, जिसमें परीक्षा कराने वाली ठेका कंपनी माइंड लॉजिक्स पर भी तमाम तरह की अनियमितता के आरोप लगे थे. प्रदेश सरकार ने जून में इस कंपनी को टर्मिनेट भी कर दिया था. आरोप है कि यूनिवर्सिटी में उन छात्रों को भी पास कर दिया गया, जिन्होंने कभी परीक्षा ही नहीं दी.
मध्य प्रदेश की इकलौती मेडिकल यूनिवर्सिटी जिसका मुख्यालय जबलपुर में है, में बड़ा घोटाला होने की बू आ रही है. एमपी मेडिकल यूनिवर्सिटी में ये घोटाला व्यापम फर्जीवाड़े की तर्ज पर अंजाम दिया गया है, जहां छात्र-छात्राओं को पास-फेल करने का बड़ा खेल, खेले जाने की जानकारी सामने आई है.
फर्जीवाड़े का आरोप विश्वविद्यालय में रिजल्ट बनाने वाली ठेका कंपनी, माईंड लॉजिक्स पर है, जिसने एब्सेंट छात्र-छात्राओं को भी पास कर दिया. आरोप है कि एमपी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने जिस माइंड लॉजिक्स कंपनी को विश्वविद्यालय का रिजल्ट बनाने का ठेका दिया, उसने रिजल्ट बनाने में जमकर फर्जीवाड़ा किया.
कंपनी पर छात्र छात्राओं को मनमानी से पास फेल करने और मार्क्स एंट्री पोर्टल में भारी बदलाव करने का भी आरोप है. चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जब शिकायत पर जांच के आदेश दिए तो कंपनी छात्र छात्राओं के गोपनीय डेटा पर ही कुंडली मारकर बैठ गई है. हांलांकि, ठेका शर्तों के मुताबिक छात्र छात्राओं का डेटा विश्वविद्यालय के सर्वर में ही सुरक्षित रखना था, लेकिन जानकारी मांगे जाने पर कंपनी ने बैंगलुरु स्थित अपना कार्यालय लॉकडाउन में बंद होने का हवाला दे दिया और जानकारियां देने में आनकानी की.
बहरहाल मामले की छानबीन के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव डॉक्टर जेके गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी, इसमें वित्त नियंत्रक और लेखा अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया. समिति सदस्यों ने इस मामले की जांच का प्रतिवेदन भी सौंप दिया है, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आई हैं. बहरहाल विवादों में घिरे कुलसचिव जे के गुप्ता अब अपने मूल विभाग पहुंच चुके हैं, जबकि वर्तमान में आए नवनियुक्त कुलसचिव डॉ प्रभात बुधौलिया बताते हैं कि वे जल्द ही एक नई जांच कमेटी बनाएंगे जिसमें आईटी एक्सपर्ट की मदद से पूरे मामले की नए सिरे से खोजबीन की जाएगी. वहीं फेल छात्रों के पास होने का मामला अब न्यायालय पहुंच चुका है, जिसके बारे में वह कुछ भी टिप्पणी नहीं करेंगे.
ग्वालियर: आज सुबह महाराज बाड़ा स्थित नगर निगम कार्यालय पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां नगर निगम की बिल्डिंग पर 60 फीट की ऊॅचाई पर लगे राष्ट्रीय ध्वज की डोर बदलते समय हाईड्रोलिक मशीन की ट्रॉली से चार लोग उससे पास बने डाक भवन की छत पर गिर गए जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा हाईट्रोलिक मशीन का जैक टूटने की वजह से क्रेन का बैलेंस बिगड जाने के कारण हुआ है। घटना के बाद जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। इसके पहचान प्रदीप राजौरिया, कुलदीन डंडोतिया तथा विनोद शर्मा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से कर्मचारियों में भारी आक्रोष है। बताया जा रहा है कि इस बिल्डग पर नियमित रूप से झंडा लगा रहता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुरानी डोरी को बदला जा रहा था जिसके कारण से यह हादसा हुआ। कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
ग्वालियर में महाराज बाड़ा स्थित पोस्ट ऑफिस पर मशीन अनलोड करते समय हुई दुर्घटना में 3 कर्मचारियों के निधन व 3 लोगों के घायल होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दुरूख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति, परिजनों को संबल देने व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। ग्वालियर दौरे पर रहे प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। घटना के बाद से नगर निगम के कर्मचारी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। बताया जाता है कि संभागायुक्त ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने हंगामा बढ़ते देखा तो तत्काल भीड़ को दूर खदेड़कर निगम अफसरों को बाहर निकाला। उन्होंने घटना की जानकारी लेने के साथ ही घायल कर्मचारी के उपचार के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही पीडि़त परिवारों से भी चर्चा की है। शहर में पंद्रह अगस्त की तैयारियां जारी हैं। इसके तहत महाराज बाड़ा स्थित नगर निगम कार्यालय पर भी ध्वजारोहण की तैयारी चल रही थी। शनिवार को सुबह दमकल अमले की हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई थी। इस हाइड्रोलिक मशीन पर चढ़कर कुछ कर्मचारी इमारत पर तिरंगा लगाने के लिए चढ़े थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल एवं प्रभारी नगर निगम आयुक्त मुकुल गुप्ता मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद घटना स्थल पर पहुॅचे नगर निगम के प्रभारी आयुक्त मुकुल गुप्ता को आक्रोशित भीड ने घेर लिया। कुछ लोगों ने आयुक्त के साथ अभद्रता करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यहीं नहीं आक्रोशित भीड ने दलकल कर्मचारियों तथा अधिकारियों के कारण मारपीट करने का प्रयास किया।
हाईड्रोलिक प्लेटफार्म मामले में फायर अधिकारी निलंबित
ग्वालियर। शनिवार को पूर्व निगम मुख्यालय भवन महाराज बाड़ा पर राष्ट्रीय ध्वज सही करते समय फायर ब्रिगेड विभाग का हाईड्रोलिक प्लेटफार्म पलटने के कारण हुई दुर्घटना में 03 निगम कर्मचारियों की मृत्यु हो गई एवं 01 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है। उक्त घटना फायर ब्रिगेड विभाग की लापरवाही प्रदर्शित करता है। अत: उक्त कृत्य के लिये उमंग प्रधान, सहायक फायर ऑफीसर कार्यरत प्रभारी फायर ऑफीसर को म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि मंण इनका मुख्यालय सा.प्र.विभाग रहेगा एवं नियमानुसार निर्वाहन भत्ता पाने की पात्रता होगी।
नई दिल्ली: स्व्तंत्रता दिवस के खास अवसर पर दिल्ली में आतंकी हमले का खतरा मंडराते रहता है. इसको देखते हुये इस बार खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली है कि आतंकी संगठन लाल किले या उसके आसपास हमले की फिराक में हैं. जैश ए मोहम्मद, लश्कर तैयबा और खालिस्तानी आतंकियों से सबसे ज्यादा खतरा है. खबर है कि आतंकी पुलिस की वर्दी में भी आ सकते हैं इसलिए दिल्ली पुलिस दिल्ली के सभी बस अड्डों में जबरदस्त चेकिंग अभियान चला रही है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लाल किले (Red Fort) की सुरक्षा को अभेद बनाया गया है. बड़े बड़े कंटेनर लगाकर लाल किले के मुख्य द्वार को बंद किया गया है. सुरक्षा के लिहाज ऐसा पहली बार हुआ. 40 हज़ार जवान लाल किले की सुरक्षा में तैनात हैं. 9 एन्टी ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं. लाल किले के आसपास 30 जगहों पर एनएसजी के जवान तैनात हैं. 15 जगहों पर एनएसजी के स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं.
सूत्रों ने बताया कि लाल किले के आसपास 9 किलोमीटर के दायरे में खास निगरानी की जा रही है. 350 रूफ टॉप तैनात रहेंगे. इनके पास सफेद और लाल झंडा होगा. खतरा होने पर लाल झंडा दिखाएंगे. पतंगों को उड़ने से रोकने के लिए काइट्स कैचर की तैनाती की गई. एयर डिफेंस सिस्टम की भी तैनाती की गई है. करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है.
द्वारका के डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने कहा कि दिल्ली पुलिस को खुफिया एजेंसियों से जो अलर्ट मिला है उसके मुताबिक, दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी आतंकी दिल्ली में हमला करने की फिराक में हैं, इसलिए दिल्ली के अभी बाजारों, साइबर कैफे और बाहर से आने वाले लोगों,विदेशी नागरिकों पर खास नज़र रखी जा रही है.
डीसीपी, रेलवे हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा, "बस अड्डों की तरह रेलवे स्टेशनों पर भी भारी सुरक्षा इंतज़ाम हैं. दिल्ली पुलिस आरपीएफ के साथ मिलकर ट्रेनों से आने वाले मुसाफिरों पर खास नज़र बनाये हुए है. खबर है कि पुलिस की वर्दी में आतंकी आ सकते हैं इसलिए डॉग स्क्वाड, बम डिटेक्शन टीम की मदद से यात्रियों और उनके सामान की जांच की जा रही है."











