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बड़ी खबर: अमेरिका ने अफगानिस्तान में आईएसआईएस-के 'साजिशकर्ता पर किया हमला

बड़ी खबर: अमेरिका ने अफगानिस्तान में आईएसआईएस-के 'साजिशकर्ता पर किया हमला

वाशिंगटन: अमेरिका ने अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के 'साजिशकर्ता के खिलाफ ड्रोन हमला किया। अमेरिका ने काबुल हवाईअड्डे पर आत्मघाती धमाकों के 48 घंटे से भी कम समय में यह जवाबी कार्रवाई की है। हमले में 169 अफगान और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गयी। अमेरिका के सेंट्रल कमान के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने शुक्रवार को कहा, 'अमेरिकी सेना ने इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आईएसके) साजिशकर्ता के खिलाफ आज आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया।


यह मानवरहित हवाई हमला अफगानिस्तान के नांगहर प्रांत में हुआ। शुरुआती संकेत मिले हैं कि हमने लक्षित व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। हमारे पास किसी भी असैन्य व्यक्ति के न मारे जाने की जानकारी है। इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन काबुल हवाईअड्डे पर हमला करने वाले आतंकवादियों को जिंदा नहीं छोडऩा चाहते। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मुझे लगता है कि उन्होंने कल यह स्पष्ट कर दिया वह उन्हें धरती पर जिंदा नहीं छोडऩा चाहते।


बहरहाल, अभी यह पता नहीं चला है कि क्या बृहस्पतिवार को काबुल हवाईअड्डे पर हुए हमले में आईएसआईएस-के का साजिशकर्ता शामिल था। अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध 'इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमले में मारे गए 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की प्रतिबद्धता जतायी और इसके लिए जिम्मेदार आतंकवादियों से कहा, 'हम तुम्हें मार गिरायेंगे और तुम इसकी कीमत चुकाओगे।

 दूल्हे के साथ धोखा धड़ी: लड़के ने शादी से पहले देखी 20 साल की लड़की और फेरे लेने आ गई दो बच्चों की माँ...

दूल्हे के साथ धोखा धड़ी: लड़के ने शादी से पहले देखी 20 साल की लड़की और फेरे लेने आ गई दो बच्चों की माँ...

यूपी के इटावा जिले में शादी के दौरान हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक युवक की शादी तय कराई गई थी। जब रिश्ता तय हो रहा था तब लड़की वालों ने लड़के को 20 की लड़की को दिखाया था। लड़का-लड़की ने एक-दूसरे को देखने के बाद शादी के लिए हां कर दी थी। दोनों ओर से शादी की रस्में शुरू हो गईं। शादी मंदिर में होने थी। शादी के दिन दूल्हा परिवार वालों और रिश्तेदारों के साथ मंदिर पहुंचा। सात फेरों से पहले जैसे ही दुल्हन आई तो दूल्हे के होश उड़ गए। शादी से पहले लड़के ने जिस लड़की को देखा था वह नहीं थी उसकी जगह दो बच्चों की मां थी। दूल्हे ने यह देखकर तुरंत शादी से इनकार कर दिया और सीधे थाने पहुंच गया।  

मामला इटावा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के रहने वाले एक युवक ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर अपने साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उसने कहा कि वह अविवाहित है, पास के ही गांव काशका नगला के कुछ लोग उसके पास पहुंचे और शादी कराने की बात कही। इस पर वह तैयार हो गया और 19 अगस्त को नीलकंठ मंदिर पर 20 साल की लड़की दिखाई गई। लड़का और लड़की ने भी एक-दूसरे को पसंद कर लिया। लड़की देखकर वह शादी को तैयार हो गया।

लड़की पक्ष ने लड़के वालों से शादी में खर्च के नाम पर 35 हजार रुपये भी ले लिए। शुक्रवार को काली माता मंदिर विजयपुरा में शादी होना तय था। शादी के लिए दूल्हा अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ पहुंच गया और लड़की पक्ष भी आ गया। लेकिन रश्मे शुरू होने के पहले ही कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सभी सन्न रह गए। शादी से पहले 20 साल की लड़की दिखाई गई थी लेकिन शादी के दिन मंदर में जिसे लाया गया वह 20 साल की लड़क नहीं बल्कि 50 साल की महिला थी।

50 साल की महिला से शादी कराने की खबर से दूल्हा भौचक रह गया। उसने खुद के साथ धोखाधड़ी होते देख शादी करने से इनकार कर दिया। लड़का पक्ष ने लड़की पक्ष को दिये गये 35 हजार रुपये मांगे तो वे गालीगलौज करने लगे व जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत पीड़ित ने थाना पुलिस से की है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
   BREAKING: त्योहारों के मद्देनजर स्थानीय तौर पर लगाएं पाबंदियां, केंद्र का राज्यों को आदेश

BREAKING: त्योहारों के मद्देनजर स्थानीय तौर पर लगाएं पाबंदियां, केंद्र का राज्यों को आदेश

नई दिल्ली। बढ़ते कोरोना मामलों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। केरल और महाराष्ट्र में कोरोना के आंकड़े सरकार की टेंशन को लगातार बढ़ा रहे हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस के रोकथाम के सभी नियम 30 सितंबर तक लागू रहेंगे। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में आगामी त्योहारों के मद्देनजर, केंद्र ने राज्य सरकार को इन त्योहारों पर स्थानीय तौर पर लोगों के जुटने पर पाबंदियां लगाने पर विचार करने को कहा है ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके। 

महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि प्रतिदिन सामने आने वाले मामलों की संख्या पिछले एक महीने में कम हुई है, लेकिन महाराष्ट्र के कुछ जिले ऐसे हैं जिनमें संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। 

भूषण ने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि इस आदेश में सुझाव दिया जाता है कि महाराष्ट्र में आगामी त्योहारों के दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा लोगों के इक_ा होने के मद्देनजर (जिनमें दही हांडी और गणपति महोत्सव शामिल है) राज्य सरकार स्थानीय तौर पर पाबंदी लगाए।
 WhatsApp पर एक छोटी सी गलती कर महिला ने गंवाए लाखों रुपये, आप हमेशा रखें ध्यान

WhatsApp पर एक छोटी सी गलती कर महिला ने गंवाए लाखों रुपये, आप हमेशा रखें ध्यान

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि एक 27 साल की महिला को साइबर जालसाज ने कथित तौर पर 3 लाख रुपये से ज़्यादा की चूना लगा दिया. इस जालसाज ने महीला से एक प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल पर उसे इनाम देने का वादा किया था. एक अधिकारी ने कहा कि ये कांदिवली में रहने वाली इंटीरियर डिजाइनर महिला है, जिसने पिछले हफ्ते धोखाधड़ी की शिकायत चारकोप थाने में दी थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे वॉट्सऐप पर एक लिंक मिला था, जहां एक प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के नाम पर कुछ कार्यों को पूरा करके पुरस्कार देने का वादा किया गया था.

अधिकारी ने बताया कि लिंक पर क्लिक करने के बाद, उसे एक यूज़र आईडी और पासवर्ड बनाने के लिए कहा गया, जिसके बाद उसे इनाम के तौर पर 64 रुपये मिले, जिसके बाद उसे रिचार्जिंग का एक और काम करने के लिए कहा गया, जिसके लिए उसे फिर से इनाम मिला.

शिकायतकर्ता को बाद में अधिक पुरस्कार प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त धन जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, और उसने ऐसा किया भी. इसके बाद महिला ने एक और असाइनमेंट को पूरा करने के लिए 3.11 लाख रुपये जमा किए लेकिन बदले में उसे कुछ भी नहीं मिला.

अधिकारी के मुताबिक पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है, जिसमे आगे की जांच जारी है.

कभी न करें ऐसी गलती!
पुलिस ने बताया कि लोग अकसर ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार बन जाते हैं, जिसके लिए अधिकारी ने बताया कि आपके फोन या लैपटॉप पर किसी ऐसे लिंक पर क्लिक ना करें जो मुफ्त में इनाम या मुफ्त में पैसे देने की बात करते हैं.

ऐसे लिंक ज्यादातर साइबर क्रिमिनल द्वारा लोगों को भेजे जाते हैं, जहां लोग अपनी जीवन की कमाई खो देते हैं, और ऐसे में हम सलाह देते हैं कि वॉट्सऐप, फेसबुक या किसी भी सोशल मीडिया पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी तरह के इनाम या तोहफा जीतने जैसी बातों पर यकीन करें.
 अब इस जिले का नाम बदलने की तैयारी में योगी सरकार, अगली कैबिनेट मीटिंग में मिल सकती है मंजूरी

अब इस जिले का नाम बदलने की तैयारी में योगी सरकार, अगली कैबिनेट मीटिंग में मिल सकती है मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने के बाद अब इसके पड़ोसी जिले सुल्तानपुर का नाम भी जल्द भगवान राम के बेटे कुश के नाम पर 'कुश भवनपुरÓ रखा जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि नाम बदलने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ रेवेन्यू द्वारा राज्य सरकार को भेज दिया गया है. इसकी मंजूरी के लिए अगली कैबिनेट में फैसला लिया जाएगा.
 
जिला गजेटियर में ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सुल्तानपुर जिला प्रशासन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर को साल 1300 में कुश भवनपुर के रूप में जाना जाता था. अलाउद्दीन खिलजी की सेना द्वारा आक्रमण किए जाने से पहले भर वंश यहां पर शासन करता था. खिलजी के आक्रमण के बाद इसका नाम बदलकर सुल्तानपुर कर दिया गया था.

एक रिपोर्ट के मुताबिक सुल्तानपुर जिला मजिस्ट्रेट रवीश गुप्ता ने कहा कि कुछ महीने पहले जब हमने जिला गजेटियर के आधार पर रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि लगभग साल 1300 में अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान शहर को उसकी सेना ने तबाह कर दिया था. तब से इसे सुल्तानपुर के नाम से जाना जाता है. कुछ महीने पहले ही हमने सरकार को इसकी जानकारी दी थी.
 
21 दिसंबर 2018 को लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने सुल्तानपुर का मुद्दा उठाया था. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड मिले हैं, जो दिखाते हैं शहर को कुश से जुड़े विभिन्न नामों से जाना जाता था और सदन को सर्वसम्मति से कुश भवनपुर के नाम को मंजूरी देनी चाहिए.
 पत्नी के चरित्र पर हुआ संदेह तो पति ने सुई धागे से पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सिला

पत्नी के चरित्र पर हुआ संदेह तो पति ने सुई धागे से पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सिला

कलयुगी पति को अपनी ही पत्नी पर किसी और से नाजायज संबंध बनाने के शक में पति ने अपनी ही पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सुई धागे से सिल कर घटना को अंजाम दे डाला। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पीड़ित पत्नी पति से तंग आकर पुलिस अधीक्षक के समीप अपनी पीड़ा लेकर पहुंची पहले तो खुद पुलिस अधीक्षक पूरे घटना को लेकर हैरान थे बाद में उन्होंने आरोपी पति के विरुद्ध मामला दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए हैं।

क्या मामला: जिले के माडा थाना क्षेत्र में ऐसी अमानवीय घटना सामने आई है जिसके बाद पीड़ित की घटना को सुनने वाले लोग भी अचंभित हैं कि आखिर एक पति अपनी पत्नी के साथ ऐसा घिनौना कृत्य कैसे कर सकता है यह पति अवैध संबंधों के शक में अपनी पत्नी का प्राइवेट पार्ट वन अंग सुई धागे से सिल दिया था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मामला जिले के माडा थाना क्षेत्र बन्धौरा चौकी अंतर्गत का है पीड़ित महिला के शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला पंजीबद्ध करते हुए आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है हालांकि अभी तक पुलिस के चंगुल से आरोपी फरार बताया जा रहा है।

शराब के नशे में थी वारदात को अंजाम: बताया गया कि आरोपित पति द्वारा पूरे घटना को अंजाम शराब के नशे में दिया गया है उसे संदेह था कि उसकी पत्नी का उसी के परिवार के छोटे भाई से अवैध संबंध हैं कई बार उसने अवैध संबंध को लेकर पत्नी के साथ मारपीट भी की थी लेकिन एक दिन जो शराब के नशे में घर पहुंचा उसने पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सुई धागे की मदद से सिद्धि पति की हरकतों से तंग आकर पत्नी ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर दी है जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामला दर्ज कर आरोपित के गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। महिला की शिकायत पर पति के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है पति की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए गए मामले की जांच की जा रही है।

 
पेपर मिल में लगी भीषण आग, लाखों का माल जलकर ख़ाक...

पेपर मिल में लगी भीषण आग, लाखों का माल जलकर ख़ाक...

नई दिल्ली। दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा के थाना कासना क्षेत्र में एक कंपनी में शुक्रवार की आधी रात के बाद अचानक आग लग गई। आग सूचना पाकर मौके पर पंहुची पुलिस और दमकल विभाग की टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। अब तक आग पर काबू नहीं पा जा सका है।

मौके पर फिलहाल एक दर्जन दमकल विभाग की गाडियों मौजूद है। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कंपनी में रखा लाखों का माल जलकर खाक हो गया। आग लगने का कारण बिजली के तारों में शार्ट सर्किट होने का अंदेशा जाहिर की जा रहा है।

गौतमबुद्ध नगर के सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के थाना कासना क्षेत्र के साइट-5 में स्थित आई 76 आर्यस पेपर मिल कंपनी में शनिवार की सुबह करीब 2:45 बजे की सूचना मिली पर आग लग गई। यह आग शनिवार की सुबह लगी। देखते ही देखते आग करीब 15 मिनट में पूरी कंपनी में फैल गई, जिससे कंपनी में रखा लाखों का माल जलकर खाक हो गया है।

उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर एक दर्जन से ज्यादा गाडिय़ां मौजूद है। यह कंपनी पेपर मिल की है। कंपनी में बड़े-बड़े पेपर के रोल है। जिससे आग जल्दी फैल गई। कंपनी के टिन शेड गिर जाने की वजह से आग बुझाने में दिक्कत हो रही है,

हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने का कारण पता नही चल पाया। अंदेशा जरूर जाहिर किया जा रहा है कि आग बिजली के शार्ट सर्किट के चलते लगी है। आग बुझने के बाद ही आग के सही कारणों का पता चल सकेगा। वहीं कंपनी मालिक व अन्य कर्मचारियों में मायूसी है। कर्मचारियों को इस आग से उनकी रोजी रोटी छीनने का अंदेशा सता रहा है।

 स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सैक्स रैकेट का भांडाफोड़: दो संचालिका समेत पांच गिरफ्तार

स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सैक्स रैकेट का भांडाफोड़: दो संचालिका समेत पांच गिरफ्तार

हल्द्वानी : स्पा सेंटरों की जांच का सिलसिला बढ़ा तो इस पेशे के असली चेहरे से भी पर्दा उठने लग गया। शुक्रवार देर शाम पुलिस ने पनचक्की चौराहे के पास एक होटल में किराये पर चल रहे स्पा सेंटर पर छापा मार सैक्स रैकेट का भांडाफोड़ दिया। कमरे में दो युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले थे। मामले में दो संचालिका समेत पांच लोगों के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वाट्सएप के जरिये फोटो भेज ग्राहकों को बुलाया जाता था। युवतियों के अलग-अलग रेट थे।

पनचक्की के पास स्थित लाइव स्पा सेंटर को लेकर कई लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी। जिसके बाद एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र, सीओ शांतनु पराशर, एंट्री हृयूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी ललिता पांडे टीम के साथ छापेमारी को पहुंच गई। सीओ शांतनु ने बताया कि इस दौरान स्पा सेंटर में काम करने वाली दो युवतियां व दो युवक कमरे में आपत्तिजनक हालत में पाए गए। जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। साथ ही स्पा सेंटर की दो महिला संचालिका व एक पुरुष मैनेजर को भी पकड़ लिया।

सेल की प्रभारी ललिता ने बताया कि महिला संचालिका, मैनेजर व कमरे में पकड़े गए दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं, काम करने वाली दोनों युवतियां मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है। इन्हें काउंसलिंग के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा जाएगा। दो दिन पहले ही वह दिल्ली से हल्द्वानी पहुंची थी। सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री व नगदी भी मिली है। 

50 पुराने कस्टमर रडार पर
पुलिस ने पूरी पड़ताल के बाद ही स्पा सेंटर में छापा मारा था। पुलिस को काफी संख्या में वाट्सएप चैट मिले थे। करीब 50 अलग-अलग लोगों की चैट पुलिस ने सबूत के तौर पर जुटाई है। सीओ शांतनु पराशर ने बताया कि विवेचना में इन लोगों को भी शामिल किया जाएगा। अगर किसी के खिलाफ इस धंधे में शामिल होने के सबूत मिल गए तो मुकदमे में नाम भी जुड़ेगा।

25-30 लड़कियों का रिकॉर्ड जुटाया
पुलिस के मुताबिक दस हजार की नौकरी का लालच देकर आर्थिक तौर पर कमजोर युवतियों को सेंटर में लाया जाता है। करीब 25-30 लड़कियों का रिकॉर्ड मिला है। गिरफ्तार दोनों संचालिका मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। एक इन दिनों हल्द्वानी में रह रही है। जबकि दूसरी दिल्ली से लड़की लेकर आती है। जांच के दौरान पहले आनाकानी कर रही थी। लेकिन सख्ती से पेश आने पर शांत हो गई।
 
बड़ी खबर: काबुल हवाईअड्डे पर हमलों में 60 अफगान नागरिकों, 13 अमेरिकी बलों की मौत

बड़ी खबर: काबुल हवाईअड्डे पर हमलों में 60 अफगान नागरिकों, 13 अमेरिकी बलों की मौत

काबुल: अफगानिस्तान में दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों द्वारा काबुल हवाई अड्डे के पास किए गए हमलों में कम से कम 60 अफगान नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई।


अफगानिस्तान से अमेरिकी लोगों की वापसी के अभियान की निगरानी कर रहे जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि इन हमलों के बाद भी अमेरिका अपने नागरिकों एवं अन्य को अफगानिस्तान से निकालना जारी रखेगा।


उन्होंने कहा कि हवाईअड्डे पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं और अफगानिस्तान से बाहर जाने के इच्छुक लोगों को लाने के लिए वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल किए जा रहे हैं। करीब 5,000 लोग हवाई अड्डे पर उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं।


काबुल हवाई अड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी के अभियान के बीच पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने हमले की आशंका जतायी थी और लोगों से हवाई अड्डे से दूर रहने की अपील की थी, लेकिन अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान के क्रूर शासन की आशंका के चलते देश छोडऩे को आतुर लोगों ने इस परामर्श को नजरअंदाज किया। इस बारे में सतर्क किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हमला हुआ।
इस्लामिक स्टेट समूह ने अपने 'अमाकÓ समाचार चैनल पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।


आईएस से संबद्ध इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह तालिबान से कहीं अधिक कट्टरपंथी है। ऐसा माना जा रहा है कि तालिबान इन हमलों में शामिल नहीं है और उसने हमलों की निंदा की है।


अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल में हुए हमलों में मारे गए लागों की जान का बदला लेने का संकल्प लेते हुए कहा, '' हम तुम्हें (हमलावरों को) पकड़कर इसकी सजा देंगे।


बाइडन ने बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, '' इस हमले को अंजाम देने वाले और अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की मंशा रखने वाले ध्यान रखें कि हम तुम्हें बख्शेंगे नहीं। हम यह भूलेंगे नहीं। हम तुम्हें पकड़कर इसकी सजा देंगे। मैं अपने देश के हितों और लोगों की रक्षा करूंगा.....


बाइडन ने कहा, '' जैसा कि आप सभी जानते हैं, जिन आतंकवादी हमलों के बारे में हम बात कर रहे थे और जिनके बारे में खुफिया तंत्र चिंतित था, उसे आईएसआईएस-के नामक संगठन ने अंजाम दिया। उन्होंने हवाईअड्डे पर तैनात अमेरिकी सेवा के सदस्यों की जान ली और कई को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया। उन्होंने कई असैन्य लोगों की भी जान ली और कई को घायल भी किया।


बाइडन ने कहा कि उन्होंने अपने कमांडरों को आईएसआईएस-के के ठिकानों, नेतृत्व और केंद्रों पर हमला करने की योजना तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि काबुल में निकासी अभियान को 31 अगस्त तक पूरा करने के लिए वह अब भी प्रतिबद्ध हैं।


बाइडन ने कहा, '' हम अभियान पूरा कर सकते हैं और जरूर करेंगे। मैंने उन्हें यही आदेश भी दिया है। हम आतंकवादियों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। हम उन्हें हमारा अभियान रोकने नहीं देंगे। हम निकासी अभियान जारी रखेंगे।


राष्ट्रपति ने कहा कि यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे।


बाइडन ने कहा, '' यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे। उन्होंने साथ ही कहा कि हवाईअड्डे पर हमले को अंजाम देने में तालिबान और आईएसआईएस की मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है।


काबुल हवाई अड्डे के बाहर हमलों के बाद बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति बाइडन और इजराइल के नए प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की पहली बैठक का कार्यक्रम टाल दिया गया। बाइडन, इजराइल के नए प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के कार्यभार संभालने के बाद उनसे पहली बार मुलाकात करने वाले थे। बाइडन का उन गवर्नरों के एक समूह के साथ डिजिटल माध्यम से बैठक करने का भी कार्यक्रम था, जिन्होंने कहा था कि वे अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सहायता करने के इच्छुक हैं। गर्वनरों के साथ बैठक को भी स्थगित कर दिया गया है।


अफगानिस्तान के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 60 अफगान मारे गए तथा 140 से अधिक अन्य लोग घायल हुए हैं। अमेरिका के अधिकारियों ने शुरुआत में बताया था कि हमले में नौसेना का एक चिकित्साकर्मी और 11 अमेरिकी नौसैनिक मारे गए हैं। एक और अमेरिकी सैन्यकर्मी ने बाद में दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि हमले में 18 और सेवारत कर्मी घायल हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।


जानकारी के मुताबिक, एक हमलावर ने उन लोगों को निशाना बनाकर हमला किया जो गर्मी से बचने के लिए घुटनों तक पानी वाली नहर में खड़े थे और इस दौरान शव पानी में बिखर गए। ऐसे लोग जोकि कुछ देर पहले तक विमान में सवार होकर निकलने की उम्मीद कर रहे थे वो घायलों को एंबुलेंस में ले जाते देखे गए। उनके कपड़े खून से सन गए थे।


वहीं अफगानिस्तान में अस्पतालों का संचालन करने वाली इटली की एक परमार्थ संस्था 'इमरजेंसी ने कहा कि वे हवाईअड्डे पर हमले में घायल 60 लोगों का उपचार कर रहे हैं जबकि 10 घायल ऐसे थे जिन्होंने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया।


अफगानिस्तान में संस्था के प्रबंधक मार्को पुनतिन ने कहा कि सर्जन रात में भी सेवा देंगे। उन्होंने कहा कि घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।


पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि एक धमाका हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार के पास हुआ जबकि दूसरा एक होटल से कुछ दूरी पर हुआ। मैकेंजी ने कहा कि हवाई अड्डे पर स्पष्ट रूप से किसी असफलता के कारण आत्मघाती हमलावर द्वार के इतना निकट आ गया।


उन्होंने कहा कि तालिबान द्वारों के बाहर लोगों की जांच कर रहा है, हालांकि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि तालिबान ने जानबूझकर हमले होने दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तालिबान कमांडरों से हवाई अड्डे की परिधि के आसपास सुरक्षा कड़ी करने को कहा है।


एक अफगान व्यक्ति ने कहा कि काबुल हवाई अड्डे के एक द्वार के बाहर इंतजार कर रही भीड़ के बीच हुए धमाके के बाद उसे कुछ लोग मृत या घायल नजर आए। घटनास्थल के पास मौजूद अदम खान ने कहा कि धमाके के बाद कुछ लोग मृत और घायल नजर आ रहे थे ।


दूसरा धमाका होटल बारोन के पास हुआ जहां अफगान, ब्रिटिश और अमेरिकी नागरिकों समेत अन्य लोग एकत्र थे जिन्हें देश छोडऩे के लिए हवाईअड्डे पर जाने से पहले हाल के दिनों में यहां ठहराया गया था।


बाद में कुछ और धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं, लेकिन तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि अमेरिकी बलों ने उनके उपकरणों को नष्ट करने के लिए कुछ विस्फोट किए।


संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने काबुल हवाईअड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हमले को बर्बर करार देते हुए कहा कि निकासी अभियान तेजी से जारी रखने की जरूरत है।


यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं।


फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि कुछ घंटे पहले हुए धमाकों के कारण काबुल हवाई अड्डे के पास हालात गंभीर रूप से बिगड़े हैं। आयरलैंड के डबलिन में अपने दौरे के दौरान एक प्रेसवार्ता में मैक्रों ने कहा, हम एक अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं, ऐसे में हमें अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ समन्वय करना चाहिए। हवाई अड्डे पर हालात अनुकूल रहने तक फ्रांस अपने नागरिकों, अन्य सहयोगी देशों के लोगों और अफगानों को निकालना जारी रखेगा।


वहीं, अफगानिस्तान में पशुशाला चलाने वाले ब्रिटेन के पॉल पेन ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि हवाई अड्डे के पास हुए हमले के बाद की अफरा-तफरी में वह और उनके कर्मचारी भी फंस गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था के लोग उस समय हवाई अड्डे के बाहर ही थे जब धमाका हुआ।


पॉल ने कहा, हम सभी सुरक्षित हैं लेकिन इस समय यहां अफरा-तफरी का माहौल है। अचानक हमे गोलियां चलने की आवाज सुनाई दीं और हमारे वाहन को निशाना बनाया जा रहा था।


पिछले सप्ताह के दौरान इस युद्धग्रस्त देश से निकलने के लिए हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी जैसा माहौल देखने को मिला था।


कुछ देश पहले ही अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अभियान समाप्त कर चुके हैं और अपने सैनिकों और राजनयिकों को निकालना शुरू कर चुके हैं। तालिबान ने तय समयसीमा में निकासी अभियान के दौरान पश्चिमी बलों पर हमला नहीं करने का संकल्प जताया था। हालांकि, यह भी दोहराया है कि अमेरिका द्वारा 31 अगस्त की तय समयसीमा में सभी विदेशी सैनिकों को देश छोडऩा होगा।


इस बीच, अमरिकी विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि ऐसा समझा जा रहा है कि अफगानिस्तान में अब भी करीब 1,500 अमेरिकी नागरिक हैं, लेकिन मंत्रालाय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने इनमें से 500 लोगों को बाहर निकाल लिए जाने की पुष्टि की है।


इस घटनाक्रम से पहले, ब्रिटिश सरकार ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी थी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर हमला किए जाने की 'बहुत विश्वसनीयÓ खुफिया रिपोर्ट है।
ब्रिटिश सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने बीबीसी से कहा था कि 'बहुत विश्वसनीय खुफिया सूचना है कि अफगानिस्तान छोडऩे की कोशिश में काबुल हवाई अड्डे पर जमा हुए लोगों पर इस्लामिक स्ट्टेट जल्द ही हमला करने की साजिश रच रहा है।

पहले हुआ करते थे केन्द्रीय संचार मंत्री अब पिज्जा डिलीवरी करके कर रहे गुजारा, वजह जान के हो जाएंगे हैरान

पहले हुआ करते थे केन्द्रीय संचार मंत्री अब पिज्जा डिलीवरी करके कर रहे गुजारा, वजह जान के हो जाएंगे हैरान

वक्त और किस्मत का कोई भरोसा नहीं होता है, कब किस्मत बदल जाये कोई इंसान कब क्या हो जाए कोई नहीं कह सकता है. हमारे सामने लाखों उदाहरण हैं, जिनकी मदद से हम समझ सकते हैं कि कोई इंसान पल भर में राजा से रंक बन जाता है तो पल भर में ही रंक से राजा. अब अफगानिस्तान (Afghanistan) के एक मंत्री के बारे में जान लीजिए. एक समय था जब वो अफगानिस्तान में केन्द्रीय संचार मंत्री थे, अपने मंत्रिमंडल (Ministries) में सबसे पढ़े लिखे मंत्री का रुतबा हासिल था. हमेशा सूट-बूट में रहने वाले ये मंत्री आज पिज्जा डिलीवरी करने को मज़बूर हैं. गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते प्रकोप के कारण इन्होंने अपना इस्तीफा दिया था. आज अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए पिज्जा डिलीवरी करना पड़ रहा है.


अफगानिस्तान के इस मंत्री का नाम सैयद अहमद शाह सद्दत (Syed Ahmed Shah Saddat) है. ये बहुत पढ़े-लिखे नेता है. इन्होंने अपनी पढ़ाई ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) से की है. पेशे से इलेक्ट्रिक इंजीनियर भी हैं. मंत्री पद संभालने से पहले सद्दत लगभग 13 बड़े शहरों में 23 तरह के काम कर चुके हैं. अभी वर्तमान में जर्मनी में पिज्जा की डिलीवरी कर रहे हैं.


तालिबान के खौफ से सितंबर 2020 में ही सद्दत जर्मनी आ गए थे. सद्दत ने जर्मनी के लिपजिग शहर में शरण ली. जर्मनी आकर इन्होंने नौकरी का प्लान किया, मगर इन्हें नौकरी नहीं मिली. अंत में इन्हें पिज्जा डिलिवरी बॉय की नौकरी करनी पड़ी.


इस पूरे मामले पर सैयद शाह सद्दत बताते हैं कि उन्हें जर्मन भाषा बोलना नहीं आता है, इस कारण यहां नौकरी में दिक्कत है. पिज्जा डिलीवरी करते समय मैं जर्मनी भी सीखने की कोशिश कर रहा हूं ताकि मुझे अच्छी नौकरी मिल जाए.


सैयद अहमद शाह सद्दत ने एक न्यूज एंजेंसी से बात करते हुए कहा कि शुरूआती दिनों में मुझे इस शहर में रहने के लिए कोई काम नहीं मिल रहा था क्योंकि मुझे जर्मन भाषा नहीं आती है. पिज्जा डिलवीर का काम फिलहाल मै सिर्फ जर्मन भाषा सीखने के लिए कर रहा हूं. इस नौकरी के जरिए मै शहर के अलग-अलग हिस्से में घूमकर लोगों से मिल रहा हूं ताकि आने वाले दिनों में खुद को निखारकर दूसरी नौकरी पा सकूं. जर्मनी सीखने के लिए वो 4 घंटे की क्लास करते हैं. इसके अलावा 6 घंटे की शिफ्ट करते हैं.


अफगानिस्तान पर तालिबान के खूनी कब्जे के बाद पूर्व राष्ट्रपति सहित कई बड़े नेता अफगानिस्तान छोड़कर अलग-अलग देशों में शरण ले चुके है. लेकिन पहली बार किसी बड़े मंत्री का इस तरह से पिज्जा बेचने की तस्वीरें सामने आई है.

पति ने पत्नी की हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंका फिर थाने में जाकर कबूला जुर्म, जानिए पूरा मामला

पति ने पत्नी की हत्या कर लाश को झाड़ियों में फेंका फिर थाने में जाकर कबूला जुर्म, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली. फरीदाबाद से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, युवक ने फरीदाबाद स्थित MVN पाली रोड पर अपनी पत्नी की हत्या करके शव को झाड़ियों में फेंक दिया. आरोप में बाद में खुद दिल्ली कालिंदी कुंज थाने में जाकर सूचना दी, 'मैंने अपनी पत्नी की पाली रोड पर हत्या कर दी है.' सूचना मिलते ही हरकत में आए कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन ने अनखीर चौकी को वारदात के बारे में टेलीफोन से सूचित किया. पुलिस बताई गई जगह पर पहुंची तो डेड बॉडी मिली. कानूनी प्रक्रिया उपरांत मौके पर मिली डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए बीके हॉस्पिटल भेजा गया. लडकी के पिता की शिकायत पर थाना सूरजकुंड में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. दिल्ली पुलिस के कब्जे में आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी

फरीदाबाद के थाना सूरजकुंड की ओर से बताया गया कि उनको दिल्ली कालिंदी कुंज थाने से एक सूचना प्राप्त हुई थी कि आरोपी निजामुद्दीन निवासी जेतपुर दिल्ली ने अपनी पत्नी राविया की कल शाम 26 अगस्त को चाकू से हत्या कर दी थी. राविया सिविल डिफेंस में नौकरी करती थी. सूचना पर थाना पुलिस पाली रोड पर पहूंची वहां पर लडकी की लाश को ढूंढा गया तो लडकी की नाश रोड से 10-15 फीट साइड में बरामद हुई.लाश के गले पर काटने के निशान थे. उन्होने बताया कि सूचना मिलते ही लडकी के परिजन थाना सूरजकुंड में आए.

लडकी के पिता की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पिता ने बताया कि आरोपी निजामुद्दीन ने उसकी लड़की की नौकरी लगवाने में मदद की थी.आरोपी ने उसकी लड़की से शादी कर रखी है या नहीं, इस बारे में उनको मालूम नहीं है. वैसे आरोपी उसके घर आता-जाता था.आरोपी ने कालिंदी कुंज थाने में बताया कि उसने राविया से जून में कोर्ट मैरिज की थी जिसका उसके पास कोई प्रमाण नही है. वह कल रात को अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल पर बैठा कर पाली रोड पर लाया था और चाकू से हमला कर उसकी वहां हत्या कर दी थी और दिल्ली जाकर पुलिस को इस बारे में सूचना दी. पुलिस प्रवक्ता् ने बताया कि आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर हत्या की वारदात के बारे में पूछताछ की जाएगी

 ससुर को हुआ बहु से प्यार, फिर दोनों हुए घर से फरार

ससुर को हुआ बहु से प्यार, फिर दोनों हुए घर से फरार

बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में जो हुआ वो काफी हैरान करने वाला है. यहां एक ससुर को अपनी बहू से इश्क हो गया और वह उसे लेकर फरार हो गया. इसमें बहू की सहमति भी थी. फिर वो कई साल बाद गोद में दो साल का बच्चा लेकर अपने घर लौटे.

ससुर-बहू की शादी पर पंचायत ने किया ये फैसला
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला बदायूं के बिसौली कोतवाली इलाके के दबथरा गांव का है. बता दें कि महिला के पूर्व पति ने बहू और ससुर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पंचायत भी बुलाई गई. लेकिन सभी ने ससुर और बहू के पक्ष में ही फैसला किया.

शादी के वक्त नाबालिग था महिला का पूर्व पति
दरअसल महिला की शादी जब उसके पूर्व पति से हुई थी तब वह नाबालिग था. इसके बाद महिला ने उससे तलाक ले लिया. महिला ने अपनी मर्जी से ससुर के साथ शादी की.

ससुर और बहू कैसे आए एक-दूसरे के करीब?
रिपोर्ट के अनुसार, महिला और उसके पूर्व पति की शादी साल 2016 में हुई थी. शादी में जल्दबाजी का कारण एक साल पहले हुआ उसकी मां का निधन था. फिर बेटे के साथ शादी करके आई बहू पर ससुर का दिल आ गया और वे दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे. इसके बाद उन दोनों ने फैसला किया कि महिला पति से तलाक लेकर अपने ससुर से शादी करेगी.

बताया जा रहा है कि अपनी बहू से शादी करने वाले शख्स का नाम देवानंद है. उसकी उम्र करीब 45 साल है. शादी के 6 महीने बाद ही महिला और उसके पूर्व पति के बीच रिश्तों में दरार आ गई थी. जिसके बाद महिला की नजदीकियां अपने ससुर के साथ बढ़ गईं और उन दोनों ने शादी कर ली.
 LOCKDOWN का ऐलान : राज्य की सरकार ने किया वीकेंड लॉकडाउन लगाने का ऐलान

LOCKDOWN का ऐलान : राज्य की सरकार ने किया वीकेंड लॉकडाउन लगाने का ऐलान

तिरुवनंतपुरम: कोरोना संक्रमण में राहत के बाद देश के कई राज्यों में अनलॉक कर दिया गया है। साथ ही स्कूलों को भी खोल दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर केरल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। हालात ​को देखते हुए सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया है।

मिली जानकारी के अनुसार बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने रविवार लॉकडाउन लगाने का आदेश जारी किया है। बता दें कि राज्य सरकार ने पिछले दो सप्ताह से लॉकडाउन हटा दिया था। लेकिन हालात बिगड़ने के बाद फिर से वीकेंड लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है।
 

गौरतलब है कि कल स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार ‘सितंबर और अक्टूबर के महीने हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हम नए त्योहार मनाने जा रहे हैं। इसलिए कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाते हुए त्योहार मनाए जाने चाहिए।’’ सरकार ने कहा कि भारत के 41 जिलों में कोविड-19 की साप्ताहिक संक्रमण दर दस फीसदी से अधिक है। सरकार के मुताबिक, पिछले हफ्ते कुल कोविड-19 मामलों में से 58.4 फीसदी केरल में सामने आए।
 
 अजब गजब लव स्टोरी: फ्री फायर गेम खेलते-खेलते बिना देखे दोनों ने किया प्यार का इजहार, सब हुए रा​जी लेकिन

अजब गजब लव स्टोरी: फ्री फायर गेम खेलते-खेलते बिना देखे दोनों ने किया प्यार का इजहार, सब हुए रा​जी लेकिन

नई दिल्ली। हिंदी फिल्म ‘सिर्फ तुम.’ की लव स्टोरी तो आपने जरूर देखी होगी। दीपक और ज्योति आखिर तक अपने प्यार को पाने के लिए तरसते रहे। ठीक ऐसा ही एक लव स्टोरी भी असल जिंदगी में सामने आई। प्यार को पाने और शादी करने के लिए प्रेमिका हरियाणा से महाराष्ट्र चली आई। दोनों अपने प्यार को आखिरी मंजिल तक पहुंचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दअरसल दोनों की प्रेम कहानी शुरू होती है कोरोना काल में लागू लॉकडाउन से। जब सब लोग घरों में कैद थे तब ज्यादातर लड़के ऑनलाइन गेम फ्री फायर गेम खेलकर समय निकाला। महाराष्ट्र के बारामती के पास भिगवन गांव का एक लड़का भी फ्री फायर गेम खेल रहे थे। इस दौरान ऑनलाइन गेम खेलते-खेलते हरियाणा के भवानी जिले के दादरी तालुका में बधराई स्थित गांव की एक लड़की से संपर्क हुआ। गेम खेलते-खेलते दोनों के बीच दोस्ती हो गई और दोस्ती कब प्यार में बदल गई ये पता ही नहीं चला।

अब दोनों ने एक दूसरे को देखे बगैर ही प्यार का इजहार किया। व्हाट्सएप पर चैटिंग के जरिए दोनों ने एक दूसरे के बारे में बताया और शादी करने का फैसला लिया। बस फिर क्या था, इस प्यार में दोनों ने साथ जीने मरने की कसमे खा ली। इसी बीच लड़की के घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। तब लड़की ने शादी करने से मना कर दिया और अपने घर से भाग निकली और हजारों किमी का सफर करके महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड रेलवे जंक्शन पर जा पहुंची।

दोनों का प्यार सफल होता तो दिख रहा था, लेकिन प्यार की आखरी मंजिल यानी शादी तक पहुंचने के रास्ते में कानूनी रुकावट पैदा हो गई। क्योंकि लडकी की उम्र 21 साल है और लड़के की उमर 19 साल। शादी के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़की की उम्र 18 साल होना जरुरी है। मगर इस केस में सब उल्टा हो गया। शादी के लिए मियां बीबी तो राजी हो गए, पर दुल्हा की उम्र कम होने के कारण कानूनी रुकावट पैदा हो गई। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की है। फिलहाल दोनों अभी लिव इन में रह रहे हैं।
मामूली विवाद के चलते हॉस्टल के छात्रों के बीच पत्थरबाजी और फायरिंग...

मामूली विवाद के चलते हॉस्टल के छात्रों के बीच पत्थरबाजी और फायरिंग...

वाराणसी। वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में गुरुवार रात पौने 12 बजे मामूली विवाद के बाद राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्र आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों हॉस्टलों के छात्रों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान पेट्रोल बम चले और हवाई फायरिंग भी हुई।

सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और कई थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंची। उग्र छात्रों को पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य दूर से समझाते रहे, लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं थे। बीएचयू चौकी इंचार्ज राजकुमार पांडेय को भी हाथ व पैर में चोटें आई हैं।

विश्वविद्यालय में एक सितंबर से अंतिम वर्ष के छात्रों की कक्षाएं शुरू होनी हैं। हॉस्टल का आवंटन होना है। दोपहर में अंतिम वर्ष के अलावा सभी कक्षाएं चलाने की मांग को लेकर छात्रों ने सिंह द्वार पर धरना दिया था। रात में राजाराम हॉस्टल में छात्र आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी बीच, मामूली कहासुनी पहले विवाद और फिर संघर्ष में बदल गई। देर रात तक दोनों ओर के सैकड़ों छात्र आमने-सामने डटे थे। पत्थरबाजी में कई छात्रों को चोटें आई हैं।

बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि दोनों गुटों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मामला नियंत्रण में है। डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि दो हॉस्टल के बीच छात्रों में मारपीट और पत्थरबाजी हुई है। दोनों पक्ष की ओर से तहरीर मिली है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।

आठ महीने में मारपीट, पत्थरबाजी की है चौथी घटना
बीएचयू परिसर में इस साल आठ महीने में यह मारपीट, पत्थरबाजी की चौथी घटना है। जब भी कोई घटना होती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा-व्यवस्था चुस्त, दुरूस्त करने और माहौल को शांतिमय करने के बड़े-बडे़ दावे भी किए जाते हैं लेकिन इन दावों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती है। लिहाजा आए दिन छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं भी रूक नहीं पाती हैं।
इस साल सबसे पहले मार्च में परिसर में विश्वनाथ मंदिर के पास लाल बादुर शास्त्री हॉस्टल और बिड़ला हॉस्टल छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद जून महीने में मेडिकल छात्रों और बिड़ला हॉस्टल के बीच मारपीट की घटना हुई। 16 अगस्त को परिसर में इकोनामिक्स की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना हुई। अब गुरुवार को भी छात्रों के दो गुट आपस में भिड़े।

इस साल की घटनाएं
23
मार्च 2021- लालबहादुर शास्त्री और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट
27
जून 2021- मेडिकल छात्रों और बिडला हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट।
16
अगस्त 2021- बीएचयू एलडी गेस्ट हाउस के पास छात्रा संग छेड़खानी, मारपीट
26
अगस्त 2021- बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, पेट्रोल बम चले।

BIG BREAKING : राजधानी के इस अनाथ आश्रम में रहने वाले 22 बच्चे व कर्मचारी निकले कोरोना संक्रमित, प्रबंधन में मचा हड़कंप

BIG BREAKING : राजधानी के इस अनाथ आश्रम में रहने वाले 22 बच्चे व कर्मचारी निकले कोरोना संक्रमित, प्रबंधन में मचा हड़कंप

मुंबईमुंबई में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं | पहले कांदीवली की एक हाउसिंग सोसाइटी में ग्रुप में कोरोना के मामले सामने आये और अब मुंबई के एक अनाथ आश्रम के कई बच्चे कोरोना के चपेट में आ गए हैं | मुंबई के अग्रीपाड़ा स्थित सेंट जोसेफ अनाथ आश्रम में 22 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये जाने से हड़कंप मच गया है | इनमें चार बच्चों की उम्र 12 वर्ष से कम हैं जिन्हें नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया है | पॉजिटिव पाये गये 11 बच्चों की उर्म 12 से ज्यादा है | 7 लोग इस अनाथ आश्रम में काम करने वाले हैं, सबको अस्पताल में भर्ती कराया गया है |

दरअसल इस अनाथ आश्रम में कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे | जिसके बाद यहां पर कोरोना टेस्ट का एक कैंप लगाया गया| करीब 90 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें 22 लोग पॉजिटिव पाये गये |

फिलहाल इस अनाथ आश्रम में एक साथ इतने ज्यादा कोरोना पॉजिटव मामले आने की वजह से इस आश्रम को बीएमसी ने सील कर दिया गया है और पॉजिटिव मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा है | मुंबई में लगातार कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी चिंतित है | तीसरी लहर से निपटने के लिये सरकार ने तैयारियां भी शुरू कर दी है | अब मुंबईवासियों को भी ज्यादा सतर्क और सुरक्षित रहने की जरूरत है ताकि कोरोना के बढ़ते मामलो और तीसरी लहर के खतरे से निपटा जा सके |

बड़ा हादसा : नवनिर्मित सेप्टिक टैंक में गिरा बच्चा, बच्चे को बचाने वाले 4 लोगों की हुई मौत, पढ़े ये खबर

बड़ा हादसा : नवनिर्मित सेप्टिक टैंक में गिरा बच्चा, बच्चे को बचाने वाले 4 लोगों की हुई मौत, पढ़े ये खबर

बिहारपूर्वी चम्पारण के अहिरौलिया गांव में गुरुवार की देर शाम बड़ा हादसा हो गया। नवनिर्मित शौचालय की टंकी में दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गयी। सभी अहिरौलिया गांव के वार्ड संख्या 10 कुम्हारपट्टी के रहने वाले थे। खेलने के दौरान टंकी में एक बच्चे के गिरने के बाद बचाव में गए चारों गए थे। बच्चे की हालत गंभीर है। इलाज के लिए उसे कोटवा के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। 

सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि सभी के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों में गाजर पंडित का पुत्र राजू पंडित (37), पारस साह का पुत्र बिगू साह (45), रामप्रीत साह का पुत्र राहुल साह (20) व मुकेश पंडित का पुत्र नीरज पंडित (13) वर्ष शामिल हैं।

 

सदर डीएसपी ने बताया कि राकेश पंडित का छह वर्षीय पुत्र अमित उर्फ गुलेल खेलने के दौरान नवनिर्मित शौचालय की टंकी में गिरा था। वह अभी जख्मी है। उसका इलाज कोटवा के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि खेलने के दौरान राकेश पंडित का पुत्र दुखी पंडित के नवनिर्मित शौचालय की टंकी में गिर गया। उसे निकालने के लिए शौचालय की टंकी में एक- एक कर चार लोग घुसे। मगर टंकी में ऑक्सीजन की कमी के वजह से दो लोग टंकी से बाहर नहीं निकले।

दम घुटने से दोनों की मौत हो गयी। अन्य दो लोग बच्चे को लेकर किसी तरह बाहर निकले। बच्चे सहित तीनों को इलाज के लिए कोटवा के एक निजी अस्पताल में लाया गया, जहां से मोतिहारी रेफर किया गया। मुफस्सिल के एक निजी नर्सिंग होम में पहुंचते ही दोनों ने दम तोड़ दिया। निजी नर्सिंग से दोनों शव को परिजन लेकर कोटवा थाने पर चले गये। कोटवा के एसएचओ नितीन कुमार शवों को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।

BREAKING NEWS: तालिबान ने देश चलाने को दुनिया से लगाई आर्थिक मदद की गुहार

BREAKING NEWS: तालिबान ने देश चलाने को दुनिया से लगाई आर्थिक मदद की गुहार

नई दिल्ली: 20 साल बाद अफगानिस्तान में दोबारा वापसी करने वाला तालिबान कितना उदार होगा और कैसे देश चलाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, मगर अभी से ही उसने संकेत दे दिए हैं कि अन्य मुल्कों के साथ वह किस तरह का संबंध रखने वाला है। बीते सप्ताह काबुल पर कब्जा करने के बाद भी तालिबान सरकार बनाने की कोशिशों में जुटा है। इस बीच उसने अंतराष्ट्रीय समुदाय से आर्थिक मदद की अपील की है। साथ ही उसने भारत के लिए भी एक संदेश भेजा है जो काफी अहम है।


तालिबानी प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने कहा कि अगर भारत की परियोजनाएं अफगानिस्तान में अधूरी हैं तो वे इसे पूरा कर सकते हैं। दरअसल, जब यह पूछा गया कि भारत ने पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान के विकास में भारी निवेश किया है। भारत ने सड़कों, बांधों और यहां तक कि संसद भवन का भी निर्माण किया है। मगर यह बताया जा रहा है कि तालिबान ने भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया है। क्या यह सच है और क्या यह स्थायी है? इस पर प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने कहा कि उनकी (भारत की) परियोजनाएं, जो अफगानिस्तान के लोगों के लिए अच्छी हैं और जो अफगानिस्तान के लोगों के कल्याण में योगदान करती हैं, अगर वे अधूरी हैं तो वे इसे पूरा कर सकते हैं।

आतंकी संगठन तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि हम जिस चीज का विरोध कर रहे हैं, वह यह है कि भारत गनी सरकार का पक्ष लेता रहा है। हम पिछले 20 साल से यही चाहते हैं कि भारत समेत सभी देशों का संबंध अफगानिस्तान के लोगों से हो और उन्हें अफगानिस्तान के लोगों की मंशा को भी स्वीकार करना चाहिए। यही हमारी बात और हमारी स्थिति थी और हमने हमेशा कहा है कि किसी को भी उस कठपुतली सरकार (गनी सरकार) का पक्ष नहीं लेना चाहिए। उन्हें अफगानिस्तान के लोगों का समर्थन करना चाहिए।


अफगानिस्तान में विकास कार्यों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भागीदारी को लेकर आपका क्या संदेश है, इस पर तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि उनके लिए मेरा संदेश है कि हमने अभी-अभी युद्ध समाप्त किया है और हम उस अध्याय को पीछे छोड़ रहे हैं। यह एक नया अध्याय है और अफगानिस्तान के लोगों को मदद की जरूरत है। अफगानिस्तान के लोगों को उनके जीवन के निर्माण और अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए सभी देशों को आर्थिक रूप से मदद करनी चाहिए। फिर हमारे अन्य देशों के साथ भी अच्छे संबंध होंगे।

 

अफगानिस्तान के लोगों की मदद के लिए आगे आना उनकी मानवीय मजबूरी भी है क्योंकि 70 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे हैं। इसके अलावा, हमारे पास 20 साल का युद्ध और रक्तपात है। हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मदद की बहुत सराहना करेंगे।

BIG BREAKING: पुलिस के सत्ताधारी पार्टी की ओर झुकाव पर सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

BIG BREAKING: पुलिस के सत्ताधारी पार्टी की ओर झुकाव पर सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली: सत्ता बदलने के बाद राजद्रोह जैसे मामले दर्ज करने को सुप्रीम कोर्ट ने परेशान करने वाला चलन बताया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस को निलंबित आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार करने से भी रोक दिया। आईपीएस अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राजद्रोह सहित दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।


चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने छत्तीसगढ़ पुलिस को निर्देश दिया कि वे अपने ही निलंबित आईपीएस अधिकारी गुरजिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार न करे। हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने सिंह को भी यह निर्देश दिया है कि वह जांच में सहयोग करें। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, देश में यह चलन काफी परेशान करने वाला है और पुलिस विभाग भी इसके लिए जिम्मेदार है। जब एक राजनीतिक पार्टी सत्ता में आती है तो पुलिस अधिकारी भी उस सत्ताधारी पार्टी का पक्ष लेने लगते हैं। इसके बाद जब दूसरी पार्टी सत्ता में आती है तो सरकार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने लगती है। इसे बंद करने की जरूरत है। पीठ के सदस्य जस्टिस सूर्यकांत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगले चार हफ्तों में मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे। वरिष्ठ वकील एफएस नरीमन और विकास सिंह निलंबित आईपीएस अधिकारी की ओर से कोर्ट में दलील दे रहे थे जबकि सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और राकेश द्विवेदी छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से। सिंह के खिलाफ कांग्रेस नीत छत्तीसगढ़ सरकार ने राजद्रोह सहित दो केस दर्ज किए थे।

शहर में रह कर अब सब्जी बेच रहा ये मशहूर सिंगर, वजह जान के आप हो जाएंगे हैरान

शहर में रह कर अब सब्जी बेच रहा ये मशहूर सिंगर, वजह जान के आप हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली. अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद लोगो की आर्थिक स्थिति खराब हो गयी है, इसका असर अब अफगानिस्तान के लोगों की जिंदगी पर भी नजर आने लगा है. अफगानिस्तान के एक सिंगर ने गायकी को अलविदा कह दिया है. अफगानिस्तान के मशहूर सिंगर हबीबुल्लाह शाबाब ने ऐलान किया है कि वह अब गाने नहीं गाएंगे और बिजनेस करेंगे. यानी वह सब्जी बेचने के काम को करेंगे इस बात की जानकारी असवाका न्यूज ने दी है. हबीबुल्लाह शाबाब की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

अफगानिस्तान के हेलमांद प्रांत के रहने वाले सिगंर हबीबुल्लाह शाबाब एक फेमस सिंगर हैं और उनकी आवाज काफी पसंद की जाती है. हबीबुल्लाह ने असवाका से बातचीत में कहा कि अब वे गायकी नहीं करना चाहते हैं और अपना छोटा-सा कारोबार चलाना चाहते हैं. यानी अब वह सब्जी बेचने को ही पसंद करेंगे. इस तरह अफगानिस्तान में तालिबान के आने से खौफ पसरा हुआ है और लोग इस तरह के फैसले लेने पर मजबूर हो रहे हैं. हबीबुल्लाह जैसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो जानते हैं कि तालिबान कला-संस्कृति से लोगों को निशाने पर ले सकते हैं.

बता दें कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता पर काबिज हुआ है, उसके बाद से वहां के लोग देश छोड़कर जाना चाहते हैं. लोगों की काबुल एयरपोर्ट पर भीड़ जमा है और वह किसी भी कीमत पर अफगानिस्तान को छोड़कर जाना चाहते हैं. इस तरह पूरे अफगानिस्तान में खौफ का माहौल है.