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पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने जारी किये वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षा के प्रवेश पत्र, यहाँ से करें डाउनलोड

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने जारी किये वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षा के प्रवेश पत्र, यहाँ से करें डाउनलोड

रायपुर | पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी कर दिए है |  रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के द्वारा BA , B.sc, BCA, B.com, Ma, MSC, MCA, M.com, B.Ed, D.Ed, PGDCA, DCA  एवं अन्य विषयों के वार्षिक एवं Semester परीक्षा के विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड जारी किया गया है आप नीचे दिए गए लिंक से एडमिट कार्ड ( Admit Card ) डाउनलोड कर सकते हैं | 

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, TET प्रमाणपत्र की वैधता 7 वर्ष से बढ़ाकर अब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, TET प्रमाणपत्र की वैधता 7 वर्ष से बढ़ाकर अब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने घोषणा की कि सरकार ने पूर्व प्रभाव से 2011 से शिक्षक पात्रता परीक्षा अर्हक प्रमाण पत्र की वैधता अवधि 7 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि संबंधित राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेश उन उम्मीदवारों को फिर से वैध/नया टीईटी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, जिनकी 7 वर्ष की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है।
श्री पोखरियाल ने कहा कि शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम होगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा एक व्यक्ति के लिए विद्यालयों में बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए पात्र होने को लेकरजरूरी योग्यताओं में से एक है।राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिनांक 11 फरवरी 2011 के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि टीईटी राज्य सरकारें आयोजित करेंगी और टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता टीईटी उत्तीर्ण करने की तारीख से 7 वर्ष थी।

12 वी के छात्र ध्यान दे! अगर आपको उत्तर लिखने में पेज कम पड़ रहे है तो करे अब ये काम, विभाग ने जारी किया ये आदेश

12 वी के छात्र ध्यान दे! अगर आपको उत्तर लिखने में पेज कम पड़ रहे है तो करे अब ये काम, विभाग ने जारी किया ये आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं बोर्ड परिक्षा के लिए पूरक उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या बढ़ा दी है। मंडल ने जानकारी दी कि सभी विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय के लिए एक मुख्य उत्तर पुस्तिका और एक पूरक उत्तर पुस्तिका दी जा रही है। मंडल ने विद्यार्थियों से खा है कि विद्यार्थी जिन विषयों में पूरक उत्तर पुस्तिका की आवश्यकता न हो वह पूरक उत्तर पुस्तिका अन्य विषय में उपयोग कर सकते हैं, वहीं 5 पूरक उत्तर पुस्तिकाओं के कम पड़ने पर A-4 आकार के पन्नों को मुख्य उत्तर पुस्तिका के साथ जोड़ सकते हैं।

बड़ी खबर: सरकारी स्कूल के बच्चों को टैबलेट देने का ऐलान, छात्रों की परेशानियों को देखते हुए लिया गया निर्णय

बड़ी खबर: सरकारी स्कूल के बच्चों को टैबलेट देने का ऐलान, छात्रों की परेशानियों को देखते हुए लिया गया निर्णय

लद्दाख, छात्रों की मुश्किलों और परेशानियों को देखते हुए एक बड़ा एलान किया गया है. प्रदेश के 6th से 12th कक्षा तक सरकारी स्कूल में पड़ने वाले छात्रों को एक एक टैबलेट मुफ्त दिया जाएगा. यह टैबलेट सभी छात्रों को 5 जून तक बांटे जाएंगे. इस बात का ऐलान लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने किया है और ट्वीट कर जानकारी भी साझा की.


इस फैसले से लद्दाख के सरकारी स्कूलों में पड़ने वाले 12300 से ज्यादा छात्रों को मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे. जिन में से 1 हज़ार कारगिल और 3500 के करीब लेह संभाग में पड़ते है. लद्दाख में भी बढ़ते कोरोना मामलो के चलते 7 जून तक लॉकडाउन बड़ा दिया गया है और इस के जल्दी समाप्त होने की कोई सम्भावना नहीं है.
इसके साथ-साथ लद्दाख के दुर्गम इलाकों में छात्रों को इंटरनेट की कमी के चलते होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सभी ब्लॉक में V-sat की सुविधाएं देने और दूरसंचार कंपनियों के टावर लगाने का काम भी शुरू करने की घोषणा हुई है.

 

 यह राज्य देगा 7 विश्वविद्यालयों को Centre of Excellence का दर्जा

यह राज्य देगा 7 विश्वविद्यालयों को Centre of Excellence का दर्जा

गुजरात सरकार राज्य के सात निजी विश्वविद्यालयों को Centre of Excellence (CoE) का दर्जा देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) उच्च शिक्षा संस्थानों को अकादमिक के साथ-साथ शोध कार्य के विशिष्ट क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है। Centre of Excellence (CoE) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित रणनीतिक या सुरक्षा से संबंधित महत्व का संस्थान हो सकता है। इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस को CoE टैग भी दिया जा सकता है।

किन विश्वविद्यालयों का चयन किया गया है?
इन सात विश्वविद्यालयों में शामिल हैं- CEPT यूनिवर्सिटी, निरमा यूनिवर्सिटी, पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, धीरूभाई अंबानी इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (DAIICT), मारवाड़ी यूनिवर्सिटी और चारोतार यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी।

Centre of Excellence का महत्व
विश्वविद्यालयों को Centre of Excellence टैग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लाने और उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय स्पर्श देने में मदद करेगा। यह टैग अनुसंधान, नवाचार को भी बढ़ावा देगा और स्टार्ट-अप बनाने की संस्कृति स्थापित करेगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission -UGC)
यह यूजीसी अधिनियम 1956 द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है। यह उच्च शिक्षा के मानकों के समन्वय, निर्धारण और रखरखाव के लिए शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है। यह भारत में विश्वविद्यालयों को मान्यता देता है, और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए धन का वितरण करता है। भोपाल, पुणे, कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद और बैंगलोर में छह क्षेत्रीय केंद्रों के साथ इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

 

 12वीं बोर्ड परीक्षा: मध्यप्रदेश में भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द

12वीं बोर्ड परीक्षा: मध्यप्रदेश में भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द

भोपाल। कोरोना के कारण मध्यप्रदेश में भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की सीएम शिवराज से बैठक के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।

बता दें कि शिक्षा मंत्री परमार ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज भी शामिल हुए थे। कोरोना के हालातों पर चर्चा करते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।

बता दें कि मंगवार को सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया। बच्चों की सेहत की चिंता करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। 
 
सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद क्या बोले सीएम केजरीवाल और प्रियंका गांधी?

सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद क्या बोले सीएम केजरीवाल और प्रियंका गांधी?

नई दिल्ली, कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर केंद सरकार ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया.


इस फैसले के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ""मुझे खुशी है कि 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है. हम सभी अपने बच्चों की सेहत को लेकर फिक्रमंद थे. ये बड़ी राहत है."
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, "12वीं के छात्रों को अपनी आवाज़ सुनाने के लिए मुबारकबाद. सभी अनिश्चितताओं और तनावों के बाद, आप आज आराम करना और जश्न मनाना डिज़र्व करते हैं. सभी के सुखद, स्वस्थ और उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं."

फैसले पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मोदी ने कहा, ‘‘छात्रों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है.’’


उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की उत्सुकता को समाप्त किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तनाव भरे माहौल में छात्रों को परीक्षा में शामिल होने को लेकर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए.


इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, कैबिनेट सचिव और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

 

छ.ग.: आज से शुरू हो गयी 12वीं बोर्ड परीक्षा, छात्रो को ऐसे देना होगा परीक्षा

छ.ग.: आज से शुरू हो गयी 12वीं बोर्ड परीक्षा, छात्रो को ऐसे देना होगा परीक्षा

रायपुर । 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज 1 जून से शुरू हो रही है। छात्र आज से 5 जून तक अपने स्कूल से प्रश्न पत्र और आंसरशीट ले सकेंगे। छात्र प्रश्नपत्र और उत्तर-पुस्तिकाओं को अपने घर ले जाएंगे और 5 दिन में पेपर हल करने के बाद अपने स्कूल में जमा कराएंगे।
सीजीबीएसई 12वीं छात्रों को यह सुविधा कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए दी गई है। छात्र अपने घर में ही आसानी के साथ पेपर हल कर सकते है।
केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि आंसर शीट 6 जून से 10 जून के बीच जमा की जा सकती है। किसी भी छात्र को प्रश्नापत्र लेने से 5 दिन के भीतर आंसर की जमा करनी जरूरी है। इसका अर्थ कि जिन छात्रों ने पेपर 1 जून को लिया है, वे 6 जून तक अपनी आंसर शीट जमा करेंगे जबकि जो अपने पेपर 5 जून को लेंगे वे 10 जून तक आंसर शीट जमा कर सकेंगे।
इस दौरान, यदि कोई छात्र कोरोना संक्रमित होता है, तो उसकी जगह किसी अन्यू व्यक्ति को संक्रमित उम्मीदवार द्वारा परीक्षा संबंधी विवरण और आरटी-पीसीआर टेस्टज रिपोट के साथ एग्जामम का प्रश्न पत्र एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। अधिकृत व्यक्ति परीक्षा केंद्र पर छात्र का प्रवेश पत्र, टेस्टि रिपोर्ट और आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी प्रस्तुत करके प्रश्न और उत्तर पत्र ले सकेगा।
बोर्ड पहले ही जानकारी दे चुका है कि यदि कोई छात्र निर्धारित समय के भीतर अभी आंसर शीट जमा नहीं कर पाता है, तो उसे परीक्षा में अनुपस्थित माना जाएगा। आंसर शीट जमा करते समय छात्रों को अपनी उपस्थिति भी दर्ज करनी होगी। ध्यािन रहे कि डाक या कूरियर के माध्यसम से भेजी गई आंसर शीट स्वी्कार नहीं की जाएंगी। छात्र को खुद आकर टेस्ट सेंटर पर आंसर शीट जमा करनी होगी और उपस्थिति लगानी होगी।
 

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर कल हो सकता है बड़ा ऐलान

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर कल हो सकता है बड़ा ऐलान

CBSE , CISCE Class 12 Exam 2021 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की परीक्षाओं कर रद्द करने या आयोजित करने पर कल कल, 01 जून 2021 को बड़ा ऐलान हो सकता है। सीबीएसई और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) की कक्षा 12 की परीक्षाओं को रद्द कीए जाने की लगातार मांग की जा रही है। इसी बीच 12वीं परीक्षाओं को लेकर एक जून, मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई की ओर अपना आखिरी फैसला सुनाया जा सकता है।
सीबीएसई ने अप्रैल में कोरोना संकट को देखते हुए 1 जून 2021 तक परीक्षाएं स्थगित रखने का ऐलान किया था। ऐसे में देखना होगा कि अब एक जून को सीबीएसई परीक्षा को लेकर आगे क्या रणनीति सामने रखता है।
खास बात यह भी है 23 मई 2021 को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर फैसला एक जून को या इससे पहले किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि जब परीक्षाओं को स्थगित किया गया था तो आपसे कहा गया था कि एक जून को परिस्थितियों को आंकलन कर आगे का ऐलान किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा और उनका भविष्य उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 25 मई के बाद और एक जून से पहले या एक जून को परीक्षा के लिए तो फैसला होगा उससे अवगत करा दिया जाएगा। यानी कल, 01-06-2021 को सरकार 12वीं परीक्षाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है।
डेढ़ घंटे की बहुविकल्पीय प्रश्नों वाली परीक्षा के पक्ष में राज्य:
आपको बता दें कि 23 मई को आयोजित की गई हाई-लेवल मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्रालय ने 25 मई 2021 तक लिखित में सुझाव जमा कराने के लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी राय शिक्षा मंत्रालय को भेज दी है जिसमें से अधिकांश राज्यों ने सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव बी यानी डेढ़ घंटे की परीक्षा जिसमें 19 मुख्य विषयों के ही पेपर होंने हैं उसके लिए सहमति जताई है। बाकी विषयों का मूल्यांकन मुख्य विषयों में प्रदर्शन के अनुसार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट दो दिन में लेगा फैसला:
केंद्र सरकार कोरोना वायरस महामारी के बीच 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने या नहीं करने के बारे में आगामी दो दिनों में अंतिम फैसला करेगी। उच्चतम न्यायालय में सोमवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ को यह जानकारी दी। अदालत कोरोना से बने मौजूदा हालात के बीच सीआईएससीई और सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने की मांंग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

 

नेशनल रूरल मिशन हेल्थ मिशन के रिक्त पदों की दावा आपत्ति 3 जून तक

नेशनल रूरल मिशन हेल्थ मिशन के रिक्त पदों की दावा आपत्ति 3 जून तक

सूरजपुर । नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के अंतर्गत अलग-अलग 17 पोस्ट की 45 रिक्तियों के लिए 1275 आवेदन फॉर्म प्राप्त हुए हैं। जिन का परीक्षण पश्चात दावा आपत्ति है के लिए जिला सूरजपुर के एनआईसी के वेबसाइट www.surajpur.gov.nic.in पर प्रकाशित की गई है। दावा आपत्ति का अंतिम तिथि 3 जून है। दावा आपत्ति जिला चिकित्सालय सूरजपुर में नेशनल रुरल हेल्थ मिशन शाखा में प्रस्तुत की जा सकती है।

BIG BREAKING : छग माशिम ने जारी किए 12वीं मुख्य परीक्षा के प्रवेश पत्र

BIG BREAKING : छग माशिम ने जारी किए 12वीं मुख्य परीक्षा के प्रवेश पत्र

रायपुर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंण्डल ने कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए है। परीक्षार्थी मण्डल की वेबसाईट पर जाकर अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
या आप इस लिंक को क्लिक कर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते है

प्रवेशपत्र के लिए क्लिक करे

 


 

 पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वद्यालय ने इस कक्षा के समय सारणी में फिर किया आंशिक संशोधन, अधिसूचना जारी

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वद्यालय ने इस कक्षा के समय सारणी में फिर किया आंशिक संशोधन, अधिसूचना जारी

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आज एक अधिसूचना जारी की गई जिसमें वार्षिक परीक्षा 2021 की समय सारणी के अंतर्गत बीकॉम प्रथम व द्वितीय (नया एवं पुराना पाठ्यक्रम) के समय सारणी में प्रश्न पत्रों एवं तिथियों में आंशिक संशोधन जारी की गई थी। वही आज  एक और आंशिक संशोधन, अधिसूचना जारी  की गई है जिसमें वार्षिक परीक्षा 2021 की समय सारणी के अंतर्गत बीकॉम द्वितीय (नया एवं पुराना पाठ्यक्रम) के दिनांक 19-05-2021 दिन शनिवार को आयोजित होने वाली प्रश्न पत्र व्यवसाय प्रबंध -द्वितीय (Gr-2) कम्पनी लॉ के स्थान पर प्रश्न पत्र  व्यवसाय प्रबंध -द्वितीय (Gr-1) कम्पनी लॉ पढ़ा जाये। 
 
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के इन कक्षाओ के समय सारणी में हुआ संशोधन, देखे नया टाईमटेबल

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के इन कक्षाओ के समय सारणी में हुआ संशोधन, देखे नया टाईमटेबल

रायपुर, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आज एक अधिसूचना जारी की गई जिसमें वार्षिक परीक्षा 2021 की समय सारणी के अंतर्गत बीकॉम प्रथम व द्वितीय (नया एवं पुराना पाठ्यक्रम) के समय सारणी में प्रश्न पत्रों एवं तिथियों में आंशिक संशोधन किया गया है.
देखें संशोधित टाइम टेबल
 

 

फिर से शुरु हो गए बंद बड़े स्कूल, आंगनबाड़ियों में गूंज रही किलकारियां

फिर से शुरु हो गए बंद बड़े स्कूल, आंगनबाड़ियों में गूंज रही किलकारियां

रायपुर। जिस जिले की पहचान कभी कुपोषण, बेरोजगारी, अशिक्षा और नक्सलियों के खौफ के कारण हुआ करती थी, केवल ढाई वर्षों में वहां की तस्वीर बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में विकास और विश्वास की नयी बयार बह रही है। खौफ के काले बादल छंट रहे हैं और सुदूर इलाकों तक शांति की किरणों पहुंच रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के विकास को अपनी प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर रखा है, यही कारण है कि पिछले ढाई वर्षों से इस जिले का विकास नये नजरिये के साथ किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं, उनकी जरूरतों, समस्याओं और चुनौतियों का आंकलन कर जिले के विकास की रणनीति नये सिरे से तैयार की गई, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अब यहां के गावों में ग्रामीण खुशहाल, स्वस्थ और शिक्षित जीवन जीते हैं। जिले में जहाँ पिछले ढाई सालों में कुपोषण की दर में कमी आई है तो वहीं शिक्षा के स्तर में बढ़ोतरी हुई है और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है। जिले में बन्द पड़े स्कूलों के पुनः संचालत से अन्दरूनी गांवों के बच्चों को गृह ग्राम के नजदीक ही शिक्षा पाने का अवसर मिल रहा है। वर्ष 2006 में सलवा जुडूम आंदोलन का असर जिले के कोण्टा क्षेत्र के गांवों में ज्यादा रहा। विकासखण्ड कोन्टा अन्तर्गत वर्ष 2006 से पहले 275 प्राथमिक एवं 66 माध्यमिक शालायें संचालित थी, लेकिन वर्ष 2006 में नक्सलवादियों द्वारा बहुत सी शालाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसके फलस्वरुप 102 प्राथमिक एवं 21 माध्यमिक शालाओं को या तो बंद करना पड़ा था या फिर शिफ्ट कर संचालित करना पड़ रहा था। शासन एवं जिला प्रशासन सुकमा की पहल से वर्ष 2018-19 में इन बंद शालाओं का संचालन पुनः प्रारंभ किया गया। वर्तमान में ऐसे 92 स्कूलों को पुनः संचालित किया जा रहा है, जिनमें 4 हजार 172 विधार्थी अध्यनरत हैं। इसके साथ ही संबंधित पंचायत के स्थानीय 12वीं उत्तीर्ण युवक-युवतियों को पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर स्कूलों में शिक्षादूत के रूप मे नियुक्त किया गया है। प्रारंभ में शालाओं के संचालन हेतु स्थानीय स्तर पर झोपड़ियों का निर्माण किया गया था। वर्तमान मे शासन एवं प्रशासन स्तर पर 60 शाला भवनों तथा 34 अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदाय कर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 22 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष भवन भी जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे। शालाओं में शासन के द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, जैसे मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक, गणवेश आदि का लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। 

CBSE, ICSE 12th Board: सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई टाली

CBSE, ICSE 12th Board: सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई टाली

नई दिल्ली, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द करने की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी. अब इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी. याचिका में परीक्षाओं को टालने की जगह सीधा रद्द करने की मांग की गई है. वहीं, आज परीक्षा टालने को लेकर कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करेगा.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति परीक्षा के आयोजन के हिसाब से सही नहीं है, लेकिन अगर परीक्षा को टाला गया तो परिणाम देर से आएंगे. इसका असर छात्रों की आगे की पढ़ाई पर पड़ेगा. इसलिए परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए. छात्रों को अंक देने का कोई तरीका निकालना चाहिए, जिससे जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित हो सके.
300 छात्रों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लिखा पत्र
वहीं 300 से ज्यादा छात्रों ने भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना को परीक्षा के फिजिकल संचालन के प्रस्ताव को रद्द करने और पिछले साल की तरह एक वैकल्पिक मूल्यांकन योजना प्रदान करने के लिए एक पत्र लिखा है. हालांकि MoE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “अब तक मिले फीडबैक के आधार पर आम सहमति यह है कि परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए. जैसा कि शिक्षा मंत्री ने कहा है, एक जून तक 12वीं की परीक्षा को लेकर अंतिम फैसले की घोषणा की जाएगी.
दूसरी तरफ केंद्र सरकार से 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करेगा. कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ी आशंका के कारण एनएसयूआई 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रही है.

 

लोक निर्माण विभाग में अभियंता भर्ती पर आवेदन आमंत्रित

लोक निर्माण विभाग में अभियंता भर्ती पर आवेदन आमंत्रित

दुर्ग । दुर्ग संभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न मार्गों के निर्माण कार्य के निरीक्षण हेतु सिविल डिप्लोमा/डिग्री धारी अभियंताओ की आवश्यकता है। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग में व्यक्तिगत रूप से समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज पत्रों सहित कार्यालयीन अवधि में संपर्क कर सकते हैं। यह नियुक्तियां पूर्णतः अस्थाई होगी एवं कार्य पूर्ण होने के पश्चात स्वता समाप्त हो जाए। 

डाक्टरों की भर्ती के लिए वाक-इन-इंटरव्यू प्रत्येक सोमवार व मंगलवार को

डाक्टरों की भर्ती के लिए वाक-इन-इंटरव्यू प्रत्येक सोमवार व मंगलवार को

कोरबा। जिला खनिज न्यास संस्थान मद अंतर्गत मोहल्ला क्लिनिक के संचालन के लिए डॉक्टरों की रिक्त संविदा पदों में भर्ती के लिए प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को वाक-इन-इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए प्रत्येक सोमवार व चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रत्येक मंगलवार को इच्छुक व पात्र उम्मीदवारों का वाक-इन-इंटरव्यू किया जा रहा है। यह इंटरव्यू कार्यालय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा में आयोजित किया जा रहा है। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र के साथ कार्यालयीन समय 10.30 बजे से 05.30 बजे तक कार्यालय में उपस्थित हो सकते हैं।
सीएमएचओ डॉ. बी.बी. बोडे ने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी नियम शर्त और आवेदन का प्रारूप कोरबा जिले की वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट कोरबा डाट जीओव्ही डाट इन पर अपलोड किया गया है। भर्ती से संबंधित सूचना सीएमएचओ कार्यालय के सूचना पटल पर भी उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।

राजधानी के गुरुकुल महिला महाविद्यालय  में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जीवन, शिक्षा एवं योगदान विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

राजधानी के गुरुकुल महिला महाविद्यालय में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जीवन, शिक्षा एवं योगदान विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

रायपुर | बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष में अर्क वियत फाउंडेशन, बिलासपुर के संस्थापक  विनय सोनवानी, फुलवारी शिक्षण एवं युवा कल्याण समिति के संस्थापक नितेश साहू एवं गुरुकुल महिला महाविद्यालय कालीबाड़ी रायपुर से एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर रात्रि लहरी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित भगवान बुद्ध को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में श्री रतनलाल डांगी जो आईजी बिलासपुर रेंज हैं, उन्होंने माओवादी विचारधारा के विरोध में 2017 में 'युवाओं का मार्गदर्शन करें, राष्ट्र का विकास करें' अभियान शुरू किया है और माओवादी आंदोलन में काम करने के लिए लगातार दो वर्षों तक 2008 और 2009 में राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया एवं प्रोफेसर रमेश प्रसाद जो संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में श्रमण विद्या संकाय के  डीन हैं, जिन्हें 2003 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित महर्षि बदरायण व्यास सम्मान से सम्मानित किया गया, उपस्थित रहेl श्री डांगी ने कहा भगवान बुद्ध ने देखा कि किस प्रकार लोग बैठे हुए हैंl किस प्रकार से जीवो को परेशान किया जा रहा है l उस समय लोग कृषि पर ही निर्भर करते थे एवं पशुओं की बलि के कारण खेती करने वाले पशुओं में कमी आती गई, इसका प्रतिकूल प्रभाव उत्पादन में पड़ा l यह सब एक राजकुमार को विचलित करता है  इसके समाधान के लिए वह राजा अर्थात बुद्ध बाहर निकलता है, कहीं भी संतुष्टि नहीं मिलती है तो जाकर तपस्या करता है l 

भगवान बुध का मूल उद्देश्य था लोक कल्याण "सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय"  उन्होंने व्यवस्था के खिलाफ जाकर सामाजिक कार्य किया l उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई बात अपने विवेक तर्क चिंतन एवं बुद्धि की कसौटी में कसने के बाद यदि वह आपके अनुसार उचित है  तभी उसे स्वीकार करिए l  वह महिला पुरुष में भेद नहीं करते तथा बंधुत्व की बात करते थे, अहिंसा की बात करते थे, मन वचन कर्म से हिंसा के खिलाफ थे l उनमें अहिंसा कूट-कूट कर भरी हुई थी l भगवान बुद्ध का कहना था यदि आप किसी के दुख को काम नहीं कर सकते तो उसे बढ़ाया नहीं कोरोना महामारी के संबंध में भगवान बुद्ध की प्रासंगिकता है वर्तमान कोरोनावायरस किस समय में हमारी इंसानियत खत्म हो गई है लोक श्मशान के बाहर अपने परिजनों को छोड़ कर चले जाते हैं तो हमको भगवान बुध याद आते हैं हमें बुद्ध की तरह सोचना पड़ेगा l 
प्रोफेसर रमेश प्रसाद जी ने बुद्ध वंदना के साथ अपना व्याख्यान प्रारंभ किया l प्रोफेसर रमेश ने कहा भगवान बुद्ध का सिद्धांत अनुभव पर ही आधारित है l आज बुद्ध पूर्णिमा है एवं यह तीन विशेष घटनाओं का समावेश करती है -  इसमें गौतम सिद्धार्थ बना, इसी दिन बुद्ध बनते हैं एवं इसी दिन निर्माण हुआ l अर्थात जन्म ज्ञान एवं निर्माण का महत्वपूर्ण यह दिवस है l भगवान बुध में कोई बात तो थी कि आज 2000 वर्षों बाद भी लोग उनको याद करते हैं l उनमें करुणा थी जिसने उन्हें त्याग के लिए प्रेरित किया l उन्हें प्रज्ञा की प्राप्ति हुई एवं उन्होंने दुख को दूर करने का उपाय जाना एवं लोगों का दुख दूर करने के लिए 15 वर्षों तक बिना रुके कार्य करते रहें l ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने दो बातें कहीं 
1. अनेक जन्मों तक बिना रुके हुए इस संसार में भटकता रहा जन्म लेता रहा एवं दुख को भोगता रहा जिसके कारण व्यक्ति जन्म मृत्यु के क्षेत्र में पड़ता है उसको मैंने देख लिया है एवं उसे नष्ट कर दिया है अविद्या नष्ट हो गई है एवं कृष्णा मिट गई है l
2. भगवान बुद्ध से निकला हुआ पहला शब्द ही ब्राह्मण था (यह उनका दूसरा उदान था) एवं दोनों उदान एक साथ ही निकले थे l भगवान बुद्ध ब्राह्मण विरोधी नहीं थे, उनका मानना था जिसके अंदर ब्रह्म का प्रादुर्भाव हो जाता है वह ब्राह्मण है l यदि दुख आपके पास है तो उसका कोई ना कोई कारण है हम दुखी क्यों होते हैं भगवान बुद्ध ने बताया जन्म मृत्यु के चक्र से कैसे मुक्त हो सकते हैं यह भी भगवान बुद्ध ने बताया l 
जो राग द्वेष से मुक्त हो वह आर्य है l जन्म लेने में दुख होता है बुढ़ापा आने पर दुख होता है और रोग में दुख होता है मरण में दुख होता है l दुख तो है, लेकिन उसका कारण है l एक ही परिस्थिति में कोई ज्यादा दुखी होता है, कोई कम दुखी होता है, इसका कारण है-  तृष्णा l ज्यों-ज्यों तृष्णाओं का क्षय होगा दुखों का भी क्षय होता जाएगा  l डायरेक्ट संबंध है दुख और तृष्णा का l
तृष्णा का अंत दुख है बुद्ध द्वारा बताए गए आठ अंगों पर चलकर हम दुख का अंत कर सकते हैं l भगवान बुद्ध घूम घूम कर लोगों को उपदेश करते हैं ताकि सभी का कल्याण हो सके l व्यक्ति के अनुरूप उन्होंने उपदेश किया भगवान बुद्ध का उपदेश आचरण प्रधान हैं l भगवान बुद्ध ने पशु बलि का एवं पेड़ काटने का विरोध किया था l वह अर्थशास्त्री भी थे उन्होंने कहा गरीब को धन मिले, किसान को बीज मिले वह समाजशास्त्री भी थे उन्होंने राजा एवं प्रजा के संबंध को पति एवं पत्नी के संबंध को गुरु एवं शिष्य के संबंध को सेवक एवं मालिक के संबंध को बताया l उनके पंचशील के सिद्धांत हैं हिंसा चोरी व्यभिचार झूठ नहीं बोलना l उन्होंने कहा मेरी बातों को इसलिए स्वीकार नहीं करो कि बुद्ध बोल रहा है आओ और देखो अब और अनुभव करो भगवान बुद्ध ने विवश नहीं किया अच्छा लगे तो स्वीकार करो l

        धन्यवाद ज्ञापन करते हुए नितेश साहू ने कहा आप दोनों वक्ताओं ने समय निकालकर अपना महत्वपूर्ण समय देकर हमारे बीच व्यक्ता व्यवस्थित किए l विनय सोनवानी ने कहा आई जी सर एवं रमेश सर जो बहुत कम समय में इनविटेशन स्वीकार करते हुए आए एवं सभी पार्टिसिपेंट्स जिन्होंने समय निकालकर उन्हें सुना सभी को धन्यवाद एवं रात्रि लहरी प्रोग्राम ऑफिसर ने कहा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष  रूप से सभी ने सहयोग किया उनका धन्यवाद l इस वेबीनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर एवं अर्क वियत् फाउंडेशन की टीम, फुलवारी शिक्षण एवं युवा कल्याण समिति की टीम, पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय के लॉ डिपार्टमेंट से डॉक्टर वेनुधार रोहोतिया, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय से श्री शैलेंद्र खंडेलवाल जी एवं अनमोल फाउंडेशन के संस्थापक संजय शर्मा जी जेसीआई संगवारी के अध्यक्ष श्री घनश्याम सिन्हा जी गुरुकुल महिला महाविद्यालय की  प्राचार्य डॉ संध्या गुप्ता जी , गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के  प्रोफ़ेसर ,विभिन्न महाविद्यालय के प्रोग्राम ऑफिसर एवं एनएसएस वॉलिंटियर्स ,आशुतोष शुक्ल,  कमलेश प्रजापति, दीपेंद्र बरमाते श्रद्धा नाइक, मृणाली आदि ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाया l कार्यक्रम प्रोग्राम ऑफिसर रात्रि लहरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 31 मई तक

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 31 मई तक

महासमुंद । स्वामी आत्मांनद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, योजना अंतर्गत महासमुन्द जिलें के स्वामी आत्मांनद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, बागबाहरा (लालपुर), पिथौरा, बसना एवं सरायपाली विद्यालय में 40-40 पदों पर और स्वामी आत्मांनद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, नयापारा महासमुन्द के रिक्त 19 पदों के लिए व्याख्याता/प्रधान पाठक/शिक्षक/सहायक शिक्षक और अन्य कार्यालयीन स्टाफ के लिए प्रतिनियुक्ति पर इच्छुक महासमुन्द जिलें में कार्यरत शासकीय सेवकों से 31 मई 2021 शाम 5:00 बजे तक आवेदन मंगाए गए है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक अन्य विद्यालय में समकक्ष पदों पर कार्य करने के इच्छुक है, तो आवेदक को अलग-अलग विद्यालयों के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा। नवीन चार विद्यालय के सेटअप स्वीकृति की प्रत्याशा में, महासमुन्द जिला कार्यालय को 31 मार्च 2021 तक प्राप्त आवेदन करने वाले महासमुन्द जिले के पात्र 121 शिक्षक/गैर शिक्षकीय आवेदक को प्रतिनियुक्ति के लिए पुन: आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षक जो समकक्ष पदों पर आवेदन करना चाहते है और अंग्रेजी में लिखने, बोलने और पढ़ाने का कौशल अपेक्षित है। वे निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र संबंधित विद्यालय के प्राचार्य के नाम से स्पीड पोस्ट/पंजीकृत डाक या स्वयं उपस्थित होकर जमा कर सकते है। ऐसे सभी पात्र इच्छुक अभ्यर्थी के आवेदन पत्रों के प्राप्त करने के अंतिम तिथि 31 मई 2021 शाम 5:00 बजे तक निर्धारित है। पात्र अभ्यर्थी को समकक्ष पद के लिए डेमो क्लास व साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाएगा। सभी को पूर्व की तरह वेतन देय होगा साथ ही राज्य सरकार के प्रतिनियुक्ति के प्रावधान भी लागू होंगे।

उपरोक्त प्रतिनियुक्ति के संबंध में विस्तृत विज्ञापन, रिक्तता/योग्यता/चयन प्रक्रिया के लिए शर्ते कार्यालय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, व संबंधित कार्यालय प्राचार्य, स्वामी आत्मांनद शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में देखा/प्राप्त किया सकता है। 

 अग्रसेन महाविद्यालय में हुआ वेबिनार “कोरोना काल में ऑनलाइन कारोबार बना प्रभावी विकल्प”

अग्रसेन महाविद्यालय में हुआ वेबिनार “कोरोना काल में ऑनलाइन कारोबार बना प्रभावी विकल्प”

रायपुर। अग्रसेन महाविद्यालय रायपुर द्वारा आज वेबिनार का आयोजन किया गया. वाणिज्य तथा प्रबंध विभाग की ओर से आयोजित इस वेबीनार का विषय “न्यू बिजनेस ट्रेंड्स इन करंट सिनेरियो” था, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव और गुरुकुल महिला महाविद्यालय के उप-प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ राजेश अग्रवाल थे.

अपने संबोधन में डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना के दौर में सेहत सभी के लिए पहली प्राथमिकता बन गई है. लॉकडाउन के कारण

 व्यवसाय और शिक्षा सहित अनेक कार्य ऑन लाइन हो गए हैं. लेकिन साथ ही ऑन लाइन अपराध भी बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि

 सीमित आमदनी और रुके हुए व्यवसाय के कारण अब केवल जीवन की बुनियादी जरूरतों पर ही खर्च हो पा रहा है.वहीँ, ऐशो-आराम

 पर खर्च के लिए कोई सम्भावना नहीं है.डॉ श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि कोरोना के कारण जीवनशैली में भी बड़ा बदाव आया है.

 वर्क-फ्रॉम-होम के अलावा अब शादी-विवाह के आयोजन भी सीमित हो गए हैं. कोई बड़ा आयोजन नहीं होने से इन पर आश्रित

 कारोबार भी बंद हो गए हैं.  

वहीँ एक अन्य वक्ता डॉ राजेश अग्रवाल ने कहा कि अब बड़े बाजार बंद होने के कारण लोग स्थानीय  और आस-पास की छोटी

 दुकानों पर जायदा निर्भर करने लगे हैं. बार बार के लॉकडाउन को देखते हुए डिजिटल कारोबार की तरफ रुझान बढ़ रहा है. इस

 कठिन समय में लोगों ने  यह समझ लिया है की अब स्वास्थ्य की देखभाल जरुरी है. संपत्ति बनाकर रखने की बजाय अब लोग

 अपनी सेहत की अहमियत समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा क कारण हाईब्रिड क्लास ककारोबर बढ़ गया  है. वहीँ

 कारोबार के लिए नया सपोर्ट चेन  जरुरी हो गया है. कोरोना के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं में भी  विस्तार हो रहा है. ऑन लाइन

 उपकरणों के कारोबार में भी बढ़ोत्तरी  हो रही है.     

वेबिनार के समापन अवसर पर तथा एडमिनिस्ट्रेटर अमित अग्रवाल ने आभार प्रकट करते हुए आमंत्रित वक्ता के विचारों को सारगर्भित बताया. उन्होंने कहा कि वक्ताओं के विचार से विद्यार्थियों को भी निश्चित रूप से भविष्य की दिशा मिलेगी. कार्यक्रम को महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल प्राचार्य  डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत ने आज के लिए बहुत ही सामयिक और उपयोगी बताते हुए कहा कि कोरोना के कठिन दौर में जीवन यापन के साथ ही कारोबार की चुनौतियाँ भी बढ़  गई हैं.

प्रबंध विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शोभा अग्रवाल ने कार्यक्रम का संयोजन तथा वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक डॉ नुपूर अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया. इस वेबिनार में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के प्राध्यापकों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की वेबिनार के सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट भी दिया गया