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सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक : मुख्यमंत्री की हस्ताक्षरित फाइल से छेड़छाड़ कर पलटा फैसला

सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक : मुख्यमंत्री की हस्ताक्षरित फाइल से छेड़छाड़ कर पलटा फैसला

मुंबई । महाराष्ट्र सचिवालय में सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक सामने आई है। सचिवालय में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा हस्ताक्षरित एक फाइल में छेड़छाड़ की गई है। छेड़छाड़ भी ऐसी की गई कि ठाकरे के आदेश को ही बदल दिया। इस मामले में अब मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है।
दरअसल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच का समर्थन करने वाली एक फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन बाद में उद्धव ठाकरे के साइन के ठीक ऊपर लाल स्याही में एक जाली टिप्पणी की गई जिसमें कहा गया था कि जांच बंद होनी चाहिए। डीसीपी जोन 1 शशिकुमार मीणा ने कहा, `अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच जारी है।` अभूतपूर्व मामले ने मंत्रालय में एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है। एक वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया, `मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर बहुत पावरफुल होते हैं। यह वरिष्ठ अधिकारियों और विभाग के मंत्री द्वारा जांच के लिए किए गए प्रमुख निर्णयों पर अंतिम सहमति है। एक बार मुख्यमंत्री जब अपने हस्ताक्षर करता है, तो करोड़ों की धनराशि जारी की जा सकती है। मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित एक फाइल के साथ छेड़छाड़ के बड़े निहितार्थ हैं।`


भाजपा सरकार ने की थी जांच की सिफारिश

इस मामले में, पूर्व भाजपा नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने कुछ साल पहले जेजे स्कूल ऑफ आर्ट भवन में किए गए काम में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की थी। जिनके खिलाफ जांच की सिफारिश की गई थी उनमें तत्कालीन कार्यकारी अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) नाना पवार का नाम भी था जो अब एक अधीक्षण अभियंता हैं। महाविकास अघाड़ी सरकार के सत्ता में आने के बाद, पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने जांच का समर्थन किया और इसे मुख्यमंत्री की सहमति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया।


मंत्री भी हैरान

हालांकि, जब फाइल पीडब्ल्यूडी विभाग को लौटाई गई, तो चव्हाण को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रस्ताव में बदलाव किया था। जबकि अन्य इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच जारी थी, लेकिन नाना पवार का नाम उसमें से हटा दिया गया था। चव्हाण को उस समय संदेह हुआ जब उन्होंने देखा कि ठाकरे के हस्ताक्षर के ऊपर छोटे-छोटे अक्षरों में लिखा। एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया, `आमतौर पर, जब आप एक टिप्पणी करते हैं और उसके नीचे हस्ताक्षर करते हैं, तो टिप्पणी के लिए फिट होने की पर्याप्त जगह होती है।`
 

राजधानी में खुला अनोखा रेस्टोरेंट, जहां कचरे के बदले मिलेगा खाना

राजधानी में खुला अनोखा रेस्टोरेंट, जहां कचरे के बदले मिलेगा खाना

नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में एक अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। यहां नगर निगम ने एक मिठाई की दुकान के साथ मिलकर प्लास्टिक कचरे से छुटकारा पाने का अनोखा तरीका ढूंढ़ा है। राजधानी के नजफगढ़ जोन स्थित वर्धमान प्लस सिटी मॉल नें डायमंड स्वीट्स ने गारबेज कैफे खोला है। जहां लोगों को प्लास्टिक कचरे के बदले खाना मिलेगा। इस कैफे में ब्रेक फास्ट, लंच, डिनर या मिठाई कचरे देकर खा सकते हैं। बता दें दक्षिण दिल्ली नगर निगम से स्वच्छ भारत अभियान के तहत नजफगढ़ जो में मुहिम की शुरुआत की है। इसके तहत लोगों को गारबेज कैफे में 1 किलो कचरे के बदले ब्रेक फास्ट या लंच या डिनर कर सकते हैं। अगर मन खुठ मीठा खाने का हो मिठाई भी ली जा सकती है। डिप्टी कमिश्नर राधा कृष्णा ने बताया कि जो लोग कचरा देकर जाते हैं। उसे डी कम्पोज किया जाता है। दुकानादर स्वच्छता मुहिम से जुड़ने पर कोई पैसा नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा, जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम लोगों से अपील कर रही है कि घर से निकलने वाले कचरे को किसी तरह से नष्ट करें। डिप्टी कमिश्नर कृष्ण ने कहा कि कई दुकानदारों से बात चल रही है। फिलहाल सबसे पहले डायमंड स्वीट्स के मालिक हमारे साथ पहल में जुड़े हैं। उनकी दुकान में इस मुहिम को लेकर एक स्लोगन भी लिखा गया है। जिसमें लिखा है, `Bring waste plastic from house and get free meal`. डायमंड स्वीट्स की मालिक पूजा शर्मा का कहना है कि दुकान सुबह से लेकर रात तक खुलती है। जो सुबह कचरा लाएंगे उन्हें ब्रेक फास्ट या मिठाई दी जाएगी। जो लोग दिन में आएंगे उन्हें लंच या मिठाई और रात में कचरा लेकर आने वालों को डिनर या मिठाई मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि एक किलो प्लास्टिक कचरे पर आधा किलो मिठाई और पांच किलो प्लास्टिक कचरे पर 1 किलो मिठाई दी जाएगी।
 

भारत और चीन के बीच ढाई महीने बाद रविवार को फिर से कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता

भारत और चीन के बीच ढाई महीने बाद रविवार को फिर से कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता

नई दिल्ली । भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव को कम करने के लिए लगभग ढाई महीने बाद रविवार को फिर से कॉर्प्स कमांडर स्तर की वार्ता हो रही है। मई 2020 की शुरुआत से ही भारत और चीन के बीच सीमा पर गतिरोध जारी है। नौंवे राउंड की यह बैठक XIV कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन और दक्षिण शिंजियांग मिलिस्ट्री क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन के बीच हो रही है।

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दोनों कमांडर्स के बीच की ये बैठक एलएसी के पास चीन की तरफ के हिस्से चुशुल में हो रही है। बैठक का लक्ष्य पूर्वी लद्दाख में नौ महीनों से जारी तनाव का समाधान निकालना है। बैठक में विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि के भी शामिल होने की संभावना है। एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी थी। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नौंवे दौर की वार्ता काफी महत्वपूर्ण है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वार्ता में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता हो सकता है।

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पिछली कुछ बैठकों की तरह विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी इस बैठक का हिस्सा होंगे। दोनों पक्षों के बीच आखिरी सैन्य वार्ता छह नवंबर को हुई थी। इससे पहले, 18 दिसंबर, 2020 को विदेश मंत्रालय स्तर की वार्ता में दोनों देशों ने कहा था कि वे एलएसी के पर सभी तनाव वाले स्थानों से सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में काम जारी रखने को तैयार हैं। उसी वक्त नौवें दौर की वार्ता को लेकर सहमति बनी थी।

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6 नवंबर 2020 को वरिष्ठ कमांडरों की आयोजित 8वें दौर की बैठक को लेकर दोनों पक्षों ने कहा था कि इस बैठक में जमीन पर स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिली। आठवें दौर की इस बातचीत के दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने कहा था कि वे अपने फ्रंटलाइन सैनिकों को संयम बरतने और किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए सुनिश्चित करेंगे।
 

ट्रैक्टर परेड पर बरकरार है सस्पैंस, किसान नेता बोले- पुलिस अनुमति दे या नहीं ,रैली जरूर होगी

ट्रैक्टर परेड पर बरकरार है सस्पैंस, किसान नेता बोले- पुलिस अनुमति दे या नहीं ,रैली जरूर होगी

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन 60वें दिन भी जारी है। 10 दौर की बातचीत के बाद भी किसानों और सरकार के बीच बात नहीं बन पाई है। वहीं, 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड को लेकर सस्पैंस बरकरार है। पुलिस की कहना है कि लिखित रूट नहीं मिला है। लिखित रूट मिलने पर बताएंगे। वहीं, किसान नेताओं का कहना है पुलिस अनुमति दे या न दे, ट्रैक्टर परेड होकर रहेगी। कांग्रेस नेता जसबीर सिंह गिल ने कहा कि सरकार की अगली बैठक की तारीख़ तय करने की जो ज़िम्मेदारी है, सरकार उससे भाग नहीं सकती है। इस सरकार की एक परेशानी है कि जब भी इनकी नाकामी सामने आती है तो ये अपना दोष किसी और पर डाल देते हैं। सरकार को 26 जनवरी को इन क़ानूनों को रद्द करने का ऐलान करना चाहिए।
सिंघु बॉर्डर पर पंजाब किसान संघर्ष समिति के सतनाम सिंह पानू ने कहा कि कई किसान गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर रैली के लिए दिल्ली आ रहे हैं। हम दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर रैली करेंगे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दिल्ली पुलिस अनुमति देती है या नहीं
कृषि क़ानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 60वें दिन भी जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि आज पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से काफी ट्रैक्टर आ रहे हैं। हम 26 जनवरी को शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। टिकरी बाॅर्डर पर करीब दो-ढाई लाख ट्रैक्टर होंगे।


 दिल्ली के सभी संपर्क मार्ग सील, सीमा पर कई राज्यों से पहुंचे किसान
26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए किसानों के जाने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। पंजाब, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों से करीब पांच हजार ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली की सीमा पर एक दिन में पहुंच गए हैं। वहीं दिल्ली के सभी संपर्क मार्ग पुलिस ने सील कर दिए हैं। इधर, पंजाब में आप ने किसानों के ट्रैक्टर मार्च के समर्थन में मोटरसाइकिल रैली निकाली। बठिंडा में बैठक करने पहुंचे भाजपा नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसान नेता गुरविंदर सिंह, गुरदेव सिंह व कश्मीर सिंह ने बताया कि किसान अपने साथ खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान लेकर जा रहे हैं। अमृतसर में नेता सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धासुमन आर्पित करने के बाद हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुए। ट्रैक्टरों पर केसरी व नीले रंग के झंडे लगा कर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक वह नहीं लौटेंगे।
 

BIG BREAKING : प्रदेश में आज मिले कोरोना के सिर्फ इतने ही मरीज, देखे जिलेवार आकड़े

BIG BREAKING : प्रदेश में आज मिले कोरोना के सिर्फ इतने ही मरीज, देखे जिलेवार आकड़े

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 377 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 83 मरीज, दुर्ग से 51, राजनांदगांव से 20, बालोद से 11, बेमेतरा से 5, कबीरधाम से 0, धमतरी से 18, बलौदा बाजार से 11, महासमुंद से 30, गरियाबंद से 12, बिलासपुर से 24, रायगढ़ से 35, कोरबा से 6, जांजगीर-चांपा से 9, मुंगेली से 4, जीपीएम से 1, सरगुजा से 17, कोरिया से 8, सूरजपुर से 7, बलरामपुर से 1, जशपुर से 12, बस्तर से 1, कोंडागांव से 2, दंतेवाड़ा से 4, सुकमा से 0, कांकेर से 5, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 526 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 6 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5040 है |

हलवा समारोह के साथ केंद्रीय बजट बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंचा

हलवा समारोह के साथ केंद्रीय बजट बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंचा

नई दिल्ली  केंद्रीय बजट 2021-22 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया का अंतिम चरण शुरू हो गया है। परंपरा के अनुसार, इस उपलक्ष्य में हर साल होने वाला हलवा समारोह आज दोपहर में आयोजित किया गया।  केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में नॉर्थ ब्लॉक में समारोह आयोजित किया गया। हर साल होने वाले हलवा समारोह के साथ ही बजट बनाने की प्रक्रिया के तहत लॉक इन प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक अभूतपूर्व पहल के तहत, केंद्रीय बजट 2021-22 को पेपरलेस (प्रिटिंग नहीं होगी) रूप में वितरित किया जाएगा। इस तरह का कदम पहली बार उठाया जा रहा है।  केंद्रीय बजट 2021-22 को एक फरवरी, 2021 को पेश किया जाएगा।

इस अवसर परवित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद सदस्यों और आम लोगों को आसानी से और तेजी से बजट से संबंधित दस्तावेज मिल सके, इसके लिए यूनियन बजट मोबाइल ऐप लॉन्च किया। मोबाइल ऐप में केंद्रीय बजट से संबंधित सभी 14 दस्तावेज उपलब्ध होंगे। इसके तहत वार्षिक वित्तीय विवरण (आमतौर पर इसे बजट के रूप में जाना जाता है)अनुदान की मांग (डीजी)वित्त विधेयक आदि जैसे दस्तावेज उपलब्ध होंगे जो कि संविधान के अनुसार तय किए गए हैं। ऐप में डाउनलोडिंगप्रिंटिंगसर्चजूम इन और आउटबाईडायरेक्शनल स्क्रॉलिंगकंटेंट और एक्सटर्नल लिंक की तालिका आदि के साथ उपयोगकर्ताओं के अनुकूल इंटरफेस उपलब्ध है। ऐप अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। साथ ही यह एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म में उपलब्ध होगा। ऐप को केंद्रीय बजट के वेब पोर्टल www.indiabudget.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप को आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है।

बजट दस्तावेज, वित्त मंत्री द्वारा फरवरी, 2021 को संसद में बजट भाषण पूरा होने के बाद मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगे।

हलवा समारोह मेंकेंद्रीय वित्त मंत्री के साथ केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर साथ में थे। इस अवसर पर वित्त सचिव और राजस्व सचिव डॉ. ए.बी. पांडेव्यय सचिव श्री टी वी सोमनाथन, आर्थिक मामले के सचिव श्री तरुण बजाजडीआईपीएएम सचिव श्री तुहिन कांता पांडेवित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव श्री देबाशीष पांडामुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. के.वी. सुब्रमण्यन,अतिरिक्त सचिव (बजट) श्री रजत कुमार मिश्रा,और मंत्रालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीबीडीटी के चेयरमैन श्री पी.सी. मोदीसीबीआईसी के अध्यक्षश्री एम.अजीत कुमार के अलावा वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारीजो बजट की तैयारी और उसको बनाने की प्रक्रिया में शामिल हैवह भी इस अवसर पर उपस्थित थे। समारोह के बाद वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2021-22 के तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

नासा ने आकाशगंगा क्लस्टर एबेल 370 की छवि की साझा

नासा ने आकाशगंगा क्लस्टर एबेल 370 की छवि की साझा

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने 19 जनवरी, 2021 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विशाल आकाशगंगा क्लस्टर - एबेल 370 की एक आश्चर्यजनक तस्वीर साझा की थी. यह तस्वीर अपने आप में पहली है, क्योंकि यह आकाशगंगाओं के एक विशाल समूह को दिखाती है। नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट के साथ एक छवि साझा की है जिसमें लिखा था, "यह प्रकाश और लकीरें इस आकाशगंगा एबेल 370 की हबल क्लासिक छवि को कवर करती हैं."।

एबेल 370 आकाशगंगा क्लस्टर पृथ्वी से 4.9 बिलियन प्रकाश वर्ष दूर तारामंडल सेटस में स्थित है.

नासा ने यह बताया कि, इस छवि में दिखने वाले अजीब आकार उन आकाशगंगाओं के विकृत रूप हैं जो क्लस्टर का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इसके आगे स्थित हैं. ये दूर की आकाशगंगायें इस आकाशगंगा समूह के अपार गुरुत्वाकर्षण के कारण विकृत दिखती है। अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत के अनुसार, गुरुत्वाकर्षण न केवल भौतिक वस्तुओं के रूप को ही, बल्कि प्रकाश के रूप को भी बदल सकता है। इसके द्वारा, दूर की आकाशगंगा से जो प्रकाश एबेल 370 आकाशगंगा क्लस्टर के माध्यम से, हमारी ओर यात्रा करता है, एबेल क्लस्टर का गुरुत्वाकर्षण बल इस प्रकाश को झुकता है और लेंस की तरह दूर की इन आकाशगंगाओं की रोशनी को बढ़ाता है. इसे गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग कहा जाता है। एबेल 370 उन पहले आकाशगंगा समूहों में से एक है जिसने गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग के प्रभावों को दिखाया है। सर्वेक्षण के लिए इस विशेष छवि को हबल के उन्नत कैमरा द्वारा लिया गया है. यह जमीन पर मौजूद दूरबीनों की तुलना में, एबेल 370 में बिखरी हुई कई लकीरों और चापों/ वक्रों को कहीं अधिक विस्तार से उजागर करता है।


एबेल 370 के बारे में


एबेल 370 आकाशगंगा क्लस्टर में सैकड़ों आकाशगंगाओं का घर होने की सूचना मिली है. इसका नाम जॉर्ज एबेल के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इस आकाशगंगा को सूचीबद्ध किया था। प्रत्येक आकाशगंगा में इतना अधिक द्रव्यमान होता है कि वह अपने चारों ओर के अंतरिक्ष को प्रभावित करता है, जो उसके पीछे स्थित ब्रह्मांडीय वस्तुओं से आने वाली रोशनी को बढ़ाता और झुकता है।

देश में एविएन फ्लू की स्थिति, जाने क्या है मामला

देश में एविएन फ्लू की स्थिति, जाने क्या है मामला

 नई दिल्ली  23 जनवरी, 2021 तक मुर्गियों के लिए 9 राज्यों (केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पंजाब) में और कौओं/ प्रवासी/ जंगली पक्षियों के लिए 12 राज्यों (मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू व कश्मीर और पंजाब) में एविएन फ्लू (बर्ड फ्लू) के प्रकोप की पुष्टि हो गई है। बहरहाल, उत्‍तराखंड के रुद्रप्रयाग, लैंसडौन वन क्षेत्र तथा पौडी वन क्षेत्र से प्राप्‍त कौओं/कबूतर के नमूने; राजस्‍थान के श्रीगंगा नगर जिले से मिले कबूतर के नमूने; उत्‍तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से प्राप्‍त कौओं तथा मोर के नमूने एविएन फ्लू के लिए नेगेटिव पाए गए हैं। महाराष्‍ट्र, मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़, पंजाब, उत्‍तर प्रदेश, गुजरात और उत्‍तराखंड तथा केरल के प्रभावित क्षेत्रों में नियंत्रण और रोकथाम की कार्रवाई (स्‍वच्‍छता और विसंक्रमण) की जा रही है। उन किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा रहा है जिनकी मुर्गियों, अंडों तथा पोल्‍ट्री फीड को कार्य योजना के अनुसार राज्‍य द्वारा नष्‍ट/निपटान किया जाता है। भारत सरकार का पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) अपनी एलएच एवं डीसी स्‍कीम के एएससीएडी घटक के तहत 50:50 साझा आधार पर राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को फंड उपलब्‍ध कराता है। सभी राज्य एविएन फ्लू पर तैयारी, नियंत्रण और रोकथाम के लिए संशोधित कार्य योजना, 2021 के आधार पर सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा अपनाए गए नियंत्रण उपायों के संबंध में प्रतिदिन विभाग को सूचनाएं दे रहे हैं। विभाग सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक हैंडल्स) सहित कई प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एआई के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

 

भारत में कोरोना मरीज़ों की संख्या आज घटकर इतनी रह गयी

भारत में कोरोना मरीज़ों की संख्या आज घटकर इतनी रह गयी

नई दिल्ली । भारत में कोविड के उपचार करा रहे रोगियों की संख्या में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। मरीज़ों की संख्या आज घटकर 1.85 लाख (1,85,662) रह गयी है। भारत में वर्तमान में उपचार करा रहे रोगी, कुल संक्रमित लोगों का अब केवल 1.74% है। पिछले 24 घंटों में 14,256 दैनिक नए रोगियों का पता चला है। पिछले 24 घंटों में 17,130 कोविड रोगी स्वस्थ हुए और उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके कारण कुल सक्रिय मरीज़ोन की संख्या में 3,026 मामलों की कुल गिरावट आई है। 28 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 5,000 से कम सक्रिय मामले हैं। भारत में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 1,03,00,838 है। संक्रमण के नये मामलों और स्वस्थ होने वालों के अंतर ने स्वस्थ होने की दर में भी सुधार हुआ है और यह आज बढ कर 96.82% हो गया है। स्वस्थ होने वाले लोगोन और उपचार करा रहे मरीज़ो के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है, और वर्तमान में यह 1,01,15,176 है। 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्वस्थ होने की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 23 जनवरी, 2021 को सुबह 8 बजे तक, लगभग 14 लाख (13,90,592) लाभार्थियों को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत टीका लगाया गया है। पिछले 24 घंटों में, 6,241 सत्रों में 3,47,058 लोगों को टीका लगाया गया। अब तक 24,408 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।

 

 ‘द फॉरगौटन हीरो’ नेताजी की 125 वीं जयंती के वर्ष का जश्न शुरू किया

‘द फॉरगौटन हीरो’ नेताजी की 125 वीं जयंती के वर्ष का जश्न शुरू किया

नई दिल्ली ।  नेताजी सुभाष चंद्र बोस: कुशल निर्देशक श्याम बेनेगल की द फॉरगॉटन हीरो। भारत का 51 वाँ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्‍तर पर मनाई जा रही 125 वीं जयंती वर्ष के समारोहों में विशिष्‍ट तरीके से शामिल हो रहा है। गोवा में पणजी में फिल्‍म समारोह स्‍थल पर आज, (23 जनवरी2021 को) 2005 की इस फिल्म को विशेष रूप से दिखाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी द्वारा दिखाई गई वीरता और दृढ़ता का बेनेगल ने जो दिलचस्‍प वर्णन किया है उसे देखकर महोत्‍सव में शामिल प्रतिनिधियों को राहत और प्रेरणा मिलेगी। भारत के दहला देने वाले स्वतंत्रता सेनानीजिन्होंने कहा था "तुम मुझे खून दोमैं तुम्‍हें आजादी दूंगा"काम को अंजाम देने वाले शख्‍स थे। ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई मेंउन्होंने देश के युवाओं को एकजुट होने और स्वतंत्रता के लिए लड़ने का आह्वान किया। 220 मिनट की उनके जीवन पर आधारित इस ऐतिहासिक युद्ध फिल्म में 1941-1943 के नाजी जर्मनी1943-1945 के दौरान जापान के कब्जे वाले एशिया में नेताजी का जीवनऔर आज़ाद हिंद फौज के गठन के लिए हुई घटनाओं को दर्शाया गया है। इसमें फ्लैशबैक अनुक्रम में उनके जीवन की कहानी भी शामिल है।आईएफएफआई में द फॉरगॉटन हीरो का प्रदर्शन की स्क्रीनिंग एक बेहद उचित क्षण में हो रहा हैजिस दिन भारत सरकार ने नेताजी की 125 वीं जयंती वर्ष के समारोहों का जश्न शुरू किया है। नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने और उन्हें याद करने के लिएसरकार ने हर साल 23 जनवरी को नेताजी का जन्मदिन "पराक्रम दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पराक्रम दिवस का उत्सव हमारे नागरिकोंविशेष रूप से युवाओं को प्रतिकूल परिस्‍थति में दृढ़ता के साथऔर उनमें देशभक्ति के उत्‍साह की भावना का संचार करउसी तरह कार्य करने के लिए प्रेरित करेगाजैसा कि नेताजी ने किया था। विशेष स्क्रीनिंग के बारे मेंमहोत्‍सव के निर्देशक चैतन्य प्रसाद कहते हैं: "नेताजी सबसे प्रिय राष्ट्रीय नायकों में से एक हैं और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अत्‍यन्‍त उत्‍कृष्‍ट प्रतिरूप हैं। द फॉरगॉटन हीरो का प्रदर्शन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य व्यक्तित्व को सम्मान देने और देश के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा को याद करने के लिए किया गया है। महान स्वतंत्रता सेनानी की 125 वीं जयंती परहम नेताजी के देश के लिए अद्वितीय योगदान को याद करते हैं।”नेताजी सुभाष चंद्र बोस: नेताजी का किरदार निभाने वाले अभिनेता और निर्देशक सचिन खेडेकर मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म को वर्ष 2005 के लिए राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। नेताजी की विरासत अमर है और आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है। 

बड़ी खबर : भारत में दुर्लभ चीटी वंश की दो नई प्रजातियों की खोज

बड़ी खबर : भारत में दुर्लभ चीटी वंश की दो नई प्रजातियों की खोज

केरल ।  भारत में दुर्लभ चीटी वंश की दो नई प्रजातियों की खोज की गई है। केरल और तमिलनाडु में पाई गई चीटी वंश उकेरिया की प्रजातियां इस दुलर्भ वंश की विविधता को बढ़ाती हैं। वे एंटेनल खंडों की संख्‍या के आधार पर समान वंश से विभिन्‍न हैं। उनमें से एक केरल के पेरियार बाघ अभ्‍यारण में पाई गई जिसका नाम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्‍वायतशासी संस्‍थान जवाहर लाल नेहरू एडवांस्‍ड साइंटिफिक रिसर्च सेंटर (जेएनसीएएसआर) के एक प्रख्‍यात विकासमूलक जीवविज्ञानी प्रोफेसर अमिताभ जोशी के सम्‍मान में उकेरिया जोशी रखा गया है। नई प्रजातियों का नाम पारंपरिक रूप से कुछ विशिष्‍ट गुण या स्‍थान पर रखा जाता है लेकिन अक्‍सर जीव विज्ञान, विशेष रूप से विकासमूलक और ओर्गेनिस्‍मल जीव विज्ञान, इकोलॉजी या सिस्‍टेमैटिक्‍स के क्षेत्रों में उनके अनुसंधान योगदानों के सम्‍मान के एक माध्‍यम के रूप में वैज्ञानिकों के नाम पर रखा जाता है। दो नई प्रजातियों में, पहली इस दुर्लभ वंश के बीच दस-सखंडित एंटिना के साथ देखी गई थी और इनकी खोज पटियाला के पंजाबी विश्‍वविद्यालय के प्रोफेसर हिमेन्‍दर भारती के नेतृत्‍व में एक टीम द्वारा की गई थी। इस खोज को जूकीज जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस वंश का वर्तमान में प्रतिनिधित्‍व 14 प्रजातियों द्वारा किया जाता है, जिनमें से आठ के पास नौ सखंडित एंटिना होते हैं जबकि पांच के पास 11 सखंडित एंटिना और हाल ही में एक प्रजाति आठ सखंडित एंटिना के साथ रिपोर्ट की गई है। भारत में अभी तक इस वंश का प्रतिनिधित्‍व क्रमश: नौ और ग्‍यारह सखंडित एंटिना के साथ दो प्रजातियों द्वारा की गई है। दस सखंडित एंटिना के साथ हाल ही में खोज की गई चीटी प्रजातियां एक पुरानी वंशावली को स्‍थापित करती हैं जिनमें एक ऐसी प्रजाति है जो चीटी उपपरिवार के बीच एकमात्र मॉडल जीव के रूप में उभरती है।  

 हैरान कर देने वाली खबर: 5 माह में 31 बार कोरोना संक्रमित पाई गई महिला, डॉक्टर भी हैरान

हैरान कर देने वाली खबर: 5 माह में 31 बार कोरोना संक्रमित पाई गई महिला, डॉक्टर भी हैरान

जयपुर। राजस्थान के भरतपुर की एक 35 वर्षीय महिला पिछले पांच महीनों में 31 बार कोरोनावायरस जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव पाई गई है। यह मामला डॉक्टरों के लिए एक चुनौती साबित हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि उनके परिणाम 14 दिनों में खत्म होने वाले घातक वायरस के समय चक्र का खंडन कर रहे हैं।


महिला जहां रुकी हैं उस आश्रम के अधिकारियों ने कहा कि उसके 17 आरटी-पीसीआर और 14 रैपिड एंटीजन टेस्ट सहित सभी टेस्ट में पॉजिटिव रिजल्ट आए। महिला का पहला टेस्ट 4 सितंबर को और आखिरी एक 7 जनवरी को किया गया था। हर बार वह कोरोनावायरस जांच रिपोर्ट में पॉजिटिवि पाई गई, जिसके बाद इस मामले को लेकर मेडिकल चिकित्सक भ्रमित हो गए हैं।

मरीज सारदा देवी पिछले साल अगस्त से राजस्थान के भरतपुर में अपना आश्रम में रह रही हैं। आश्रम में एक नई प्रवेशिका के रूप में, उनका आश्रम के नियमित प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोना टेस्ट कराया गया, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई हैं।

तब से वह क्वारंटीन में रह रही थी और उन्हें एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेद तीनों प्रकार के दवाईयां दी गईं, बावजूद इसके वह हर बार पॉजिटिव पाई गई हैं।

डॉक्टर बीएम भरद्वाज ने कहा, `हैरानी की बात है कि कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद भी वह स्वस्थ्य हैं और उन्होंने अपना 7-8 किलो वजन भी बढ़ा लिया है।` सारदा देवी जब आश्रम आई थी, तो वह काफी कमजोर थी और ठीक ढंग से खड़ी भी नहीं हो सकती थी।

 
 बड़ी खबर: लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर, इलाज के लिये दिल्ली एम्स लाने की तैयारी

बड़ी खबर: लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर, इलाज के लिये दिल्ली एम्स लाने की तैयारी

रांची। स्वास्थ्य खराब होने के बाद से रांची के रिम्स में इलाज करवा रहे लालू प्रसाद यादव की हालत लगातार गिरती जा रही है। तेजस्वी यादव का भी कहना है कि लालू यादव की हालत चिंताजनक बनी हुई है। गिरते स्वास्थ्य के बाद अब लालू यादव को इलाज के लिये दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कराने की तैयारी की जा रही है। संभव है कि आज शाम या कल तक लालू को उपचार के दिल्ली एम्स लाया जायेगा।

बताया जाता है कि बीती शुक्रवार को देर रात पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव, मीसा भारती आदि ने लालू यादव से मुलाकात की। लालू यादव से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू की हालत चिंताजनक होती जा रही है। इलाज के लिये अब उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया जा सकता है।

तेजस्वी के अनुसार लालू यादव के फेफड़ों में पानी जम गया है और उनका चेहरा फूल गया है। उनकी तकलीफ भी लगातार बढती जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले भी उनकी दिल की सर्जरी की गई। उनके पिता की किडनी 25 फीसदी ही काम कर रही है, लालू यादव का क्रैटनाइन लेवल भी बढ़ा हुआ है। फेफड़ों का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय है।

डॉक्टरों के बोर्ड से रिपोर्ट मिलने के बाद लालू यादव को दिल्ली स्थित एम्स शिफ्ट किया जा सकता है। जेल प्रशासन लोअर कोर्ट से इसकी स्वीकृति लेगा और सभी कानून औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लालू यादव को दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया जाएगा।

गौरतलब है कि चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू यादव रांची की जेल में बंद हैं। रांची के रिम्स में उनका लंबे समय से इलाज चल रहा है लेकिन अब उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है, जो चिंताजनक है।
 बड़ी खबर: छात्र-छात्रा ने ट्रेन से कटकर दी जान, पुलिस कर रही मामले की जाँच

बड़ी खबर: छात्र-छात्रा ने ट्रेन से कटकर दी जान, पुलिस कर रही मामले की जाँच

सागर। सानौधा थाना इलाके से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है की छात्र-छात्रा ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है। छात्र-छात्रा कल शाम को स्कूल से लापता हो गए थे। दोनों के शव रेलवे ट्रैक पर मिले हैं। 

जानकारी के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। छात्र-छात्रा की खुदकुशी के संबंध में पुलिस पीएम रिपोर्ट के बाद खुलासा कर सकती है।
 अब इन पुराने नोटों को लेकर आरबीआई ने दिया ये बड़ा बयान: जानिए अब कौन से पुराने नोट होने वाले है बंद

अब इन पुराने नोटों को लेकर आरबीआई ने दिया ये बड़ा बयान: जानिए अब कौन से पुराने नोट होने वाले है बंद

नई दिल्ली। 100 रुपए, 10 रुपए और 5 रुपए के पुराने नोटों के चलन को लेकर आरबीआई ने अहम जानकारी दी है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक मार्च -अप्रैल के बाद से ये सभी पुराने नोट चलन से बाहर हो जाएंगे। यह जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जनरल मैनेज बी महेश की ओर से दी गई है। दरअसल आरबीआई ने जानकारी दी है कि वह इन पुराने नोटों की सीरीज को वापस लेने की योजना पर काम कर रही है।

भारतीय रिजर्व बैंक के जनरल मैनेजर बी महेश के मुताबिक 100 रुपए, 10 रुपए और 5 रुपए के पुराने करेंसी नोट अंततः चलन से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि आरबीआई की मार्च-अप्रैल तक इन्हें वापस लेने की योजना है। दरअसल 100 रुपए, 10 रुपए और 5 रुपए के पुराने नोट के बदले नए नोट पहले से ही सर्कुलेशन में आ चुके हैं।

100 रुपए के नए नोटों का क्या होगा-
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 100 रुपए का नया नोट साल 2019 में जारी किया गया था। दरअसल पुराने नोटबंदी में जिस तरह 500 और 1000 के नोट बंद करने पर अफरातफरी मच गई थी। इसलिए अब आरबीआई अचानक से कोई भी पुराना नोट बंद नहीं करना चाहती इसलिए पहले बाजार में उस मूल्य का नया नोट सर्कुलेशन में लाया जाता है। इसके चलन में पूरी तरह आने के बाद ही पुराने नोट को चलन से बाहर किया जा रहा है।

10 रुपए के सिक्कों का क्या होगा-
दरअसल 10 रुपए के सिक्कों को लेकर बाजार में कई तरह की अफवाह फैलाई जाती है कि यह मान्य नहीं है। ऐसे सिक्के जिनपर रुपी का चिन्ह मार्क नहीं है कई ट्रेडर्स या छोटे दुकानदार उसे लेने से मना कर देते हैं। इसपर आरबीआई का कहना है कि यह बैंक के लिए समस्या का विषय है इसिलए बैंक समय समय पर इस तरह की अफवाहों से बचने का सलाह जारी करता है।

ऐसे चलन से बाहर होंगे पुराने नोट-
भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2019 में जब 100 रुपए के नोट जारी किए तो तभी साफ कर दिया था कि “पहले जारी किए गए सभी 100 रुपए के नोट भी कानूनी निविदा के रूप में जारी रहेंगे” इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 2,000 रुपए के अलावा 200 रुपये के नोट जारी किए थे।
BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर हुआ कम, आज रायपुर से सिर्फ इतने मरीज मिले, प्रदेश में आज इतने मरीजों की हुई पहचान

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर हुआ कम, आज रायपुर से सिर्फ इतने मरीज मिले, प्रदेश में आज इतने मरीजों की हुई पहचान

 रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 440 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 80 मरीज, दुर्ग से 59, राजनांदगांव से 22, बालोद से 22, बेमेतरा से 11, कबीरधाम से 10, धमतरी से 16, बलौदा बाजार से 35, महासमुंद से 18, गरियाबंद से 4, बिलासपुर से 19, रायगढ़ से 30, कोरबा से 9, जांजगीर-चांपा से 22, मुंगेली से 5, जीपीएम से 4, सरगुजा से 7, कोरिया से 16, सूरजपुर से 18, बलरामपुर से 4, जशपुर से 9, बस्तर से 5, कोंडागांव से 1, दंतेवाड़ा से 0, सुकमा से 0, कांकेर से 11, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 2, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 697 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 5 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5308 है | 

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों के लिए टेंडर को अंतिम रूप दिया

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों के लिए टेंडर को अंतिम रूप दिया

नई दिल्ली  ।  भारतीय रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों के टेंडर को 21 जनवरी 2021 को अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत ट्रेन की डिजाइन, विकास, निर्माण, आपूर्ति, एकीकरण, परीक्षण और आईजीबीटी आधारित 3-चरण प्रणोदन, नियंत्रण और 16 कारों के लिए प्रत्येक में 44 रेक का निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत टेंडर पाने वाली कंपनी के साथ 5 साल तक सालाना मेंटनेंस (रखरखाव) का भी अनुबंध होगा। स्वदेशी रूप से ट्रेन सेट के निर्माण के लिए विभिन्न स्तरों पर उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद विभिन्न शर्तें तैयार की गई। पहली बार, टेंडर में कुल मूल्य के 75 फीसदी के बराबर जरूरत स्थानीय स्तर से पूरी की जाएंगी। इस पहल से "आत्मनिर्भर भारत" मिशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस टेंडर में, 3 कंपनियों ने निविदाएं डाली थी। उसमें से सबसे कम बोली स्वदेशी कंपनी मेसर्स मेधा सर्वो ड्राइव्स लिमिटेड की थी, जिसने कुल मूल्य के 75 फीसदी के बराबर राशि के लिए स्थानीय सामग्री की आपूर्ति की शर्त को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस आधार पर मेधा सर्वो ड्राइव्स लिमिटेड को टेंडर दिया गया। टेंडर की कुल लागत 22116459644 (दो हजार दो सौ ग्यारह करोड़, चौसठ लाख, उनसठ हजार और छह सौ चौवालीस रुपए) रुपये है। इसके तहत 16 कारों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक कार में 44 रैके होंगी। इनका निर्माण भारतीय रेलवे की तीन उत्पादन इकाइयों में किया जाएगा। इसके तहत आईसीएफ में 24 रैक, आरसीएफ में 10 रैक और एमसीएफ में 10 रैक बनाए जाएंगे। इन रेक की आपूर्ति निम्नलिखित समयसारिणी के अनुसार होंगी। पहले 2 प्रोटोटाइप रैक 20 महीने में वितरित किए जाएंगे, उसके बाद उनके सफल कमीशन होने पर, प्रत्येक तिमाही में औसतन 6 रैक वितरित करना होगा। 

तेजपुर विश्वविद्यालय असम के 18वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा है कि...

तेजपुर विश्वविद्यालय असम के 18वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा है कि...

असम । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि, आत्मनिर्भर भारत के संबंध में सबसे बड़ा परिवर्तन सहज प्रवृत्ति, क्रियाशीलता तथा प्रतिक्रिया के दायरे में समाहित है और यह आज के युवाओं की मनोदशा के अनुरूप है। वह आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तेजपुर विश्वविद्यालय असम के 18वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की अवधारणा पर विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि, यह आंदोलन संसाधनों, भौतिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी एवं आर्थिक तथा रणनीतिक बदलावों के बारे में है और सबसे बड़ा परिवर्तन सहज प्रवृत्ति, क्रियाशीलता तथा प्रतिक्रिया के दायरे में समाहित है और यह आज के युवाओं की मनोदशा के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, आज के युवा भारत में चुनौतियों का सामने करने की एक विशिष्ट शैली है। उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए ऑस्ट्रेलिया में युवा भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन का उदहारण दिया। श्री मोदी ने कहा कि, भारतीय क्रिकेट टीम को बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्हें एक मैच में हार का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद भी वे उतनी ही तेजी से उबर गए और अगला मैच जीत लिया। चोटों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने दृढ़ संकल्प दिखाया। उन्होंने चुनौती का सामना किया और कठिन परिस्थितियों से निराश होने के बजाय नए समाधानों की तलाश की। हालांकि खिलाड़ी अनुभवहीन थे लेकिन उनका मनोबल बेहद ऊंचा था और खिलाडियों ने उन्हें मिले अवसरों का भरपूर प्रयोग किया। उन्होंने अपनी प्रतिभा और मिज़ाज के साथ मिलकर एक बेहतर टीम की तरह प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि, केवल खेल के क्षेत्र के दृष्टिकोण से ही हमारे खिलाड़ियों का यह शानदार प्रदर्शन महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि ये कई अन्य मायनों में भी महत्वपूर्ण है। श्री मोदी ने प्रदर्शन से महत्वपूर्ण सबक जीवन में उतारने का ज़िक्र किया। सबसे पहले, हमें अपनी क्षमता पर आत्मविश्वास और भरोसा होना चाहिए; दूसरा, सकारात्मक मानसिकता से ही सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होती है। तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण सबक के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, यदि कोई दो विकल्पों का सामना कर रहा है, एक सुरक्षित और दूसरा मुश्किल जीत का विकल्प है, तो निश्चित रूप से जीत का विकल्प ही तलाशना चाहिए। सामयिक विफलता में कोई नुकसान नहीं है और किसी को भी जोखिम लेने के डर से बचना चाहिए। हमें सक्रिय और निडर होने की जरूरत है। यदि हम असफलता और अनावश्यक दबाव के भय को दूर करते हैं, तो हम निडर होकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि, आत्मविश्वास से लबरेज तथा लक्ष्यों के प्रति समर्पित यह नया भारत केवल क्रिकेट के क्षेत्र में सीमित नहीं है, आप सभी इस तस्वीर का हिस्सा हैं।

 

पराक्रम दिवस पर  नेताजी के जीवन पर बनी दो फिल्मों की स्क्रीनिंग

पराक्रम दिवस पर नेताजी के जीवन पर बनी दो फिल्मों की स्क्रीनिंग

नई दिल्ली  फिल्म प्रभाग नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वीं जयंती समारोह पर उनके जीवन पर बनी दो फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ 23 जनवरी, 2021 को पराक्रम दिवस का आयोजन कर रहा है। भारत सरकार ने नेताजी के राष्ट्र के प्रति अदम्य साहस और निःस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के लिए उनके 23 जनवरी को उनके जन्म दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस अवसर महान नेता के जीवन और अंग्रेजों के शासन से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए उनके वीरतापूर्ण व अथक संघर्ष पर बनी फिल्में द फ्लेम बर्न्स ब्राइट (43 मिनट/ अंग्रेजी/ 1973/ आशीष मुखर्जी) और नेताजी (21 मिनट/ हिंदी/ 1973/ अरुण चौधरी) दिखाई जा रही हैं। दोनों ही वृत्तचित्र 23 जनवरी, 2021 को फिल्म प्रभाग की वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर दिन भर दिखाए जाएंगे। फिल्मों का लुत्फ उठाने के लिए कृपया https://filmsdivision.org/पर जाएं और @ “Documentary of the Week” पर क्लिक करें या https://www.youtube.com/user/FilmsDivisionपर फॉलो करें।

 

वैज्ञानिक शोध-पत्रों के प्रकाशन में भारत पहले  स्‍थान पर

वैज्ञानिक शोध-पत्रों के प्रकाशन में भारत पहले स्‍थान पर

 

नई दिल्ली | विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उत्‍कृष्‍टता को अब नवाचार आधारित अर्थव्‍यवस्‍था के साथ जोड़कर उसकी प्रतिभा के रूप में देखा जा रहा है। देश पहले से ही वैज्ञानिक शोध-पत्रों के प्रकाशन के मामले में पहला स्‍थान प्राप्‍त कर चुका है। यह अब वैश्विक नवाचार सूचकांक (जीआईआई) में भी शीर्ष 50 नवाचार आधारित अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक बन गया है और इस तरह से कई विकसित और विकासशील देशों से आगे निकल चुका है। वैज्ञानिक उत्‍कृष्‍टता और नवाचार का संयोजन वैज्ञानिक गतिविधियों, अवसंरचना तथा मानव ससांधन कार्यबल के विकास में निवेश बढ़ाने के साथ ही स्‍टार्ट अप इंडिया मुहिम के माध्‍यम से पूरी नवाचार श्रृंखला को प्रोत्‍साहित करने से संभव हो सका है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए ‘कहा ज्ञान सृजित करने वाले उत्‍कृष्‍ट वातावरण और ऐसे ज्ञान की खपत वाले नवाचार युक्‍त वातावरण को एक साथ लाने के हमारे प्रयासों से ही यह बदलाव सभंव हो सका है। पांचवी राष्‍ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा नवाचार नीति हमारे इन प्रयासों को और आगे ले जाने में मददगार बनेगी’’ । देश में 2017-18 के दौरान कुल 1,13,825.03 करोड़ रूपए का निवेश किया गया जो 2018-19 में बढ़कर 1,23,847.71 करोड़ रूपए पर पहुंच गया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से शुरु की गई ‘निधी’ जैसी पहल ने इसमें महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। निधी येाजना के कार्यान्‍वय से देशभर में 3681 स्‍टार्टअप्‍स को उनके शुरुआती चरण में विज्ञान और प्रौदयोगिकी विभाग की ओर से स्‍थापित 150 इनक्‍यूबेटरों के नेटवर्क के माध्‍यम से मदद दी गई। इनके जरिए 1992 बौद्धिक प संपदाओं का सृजन किया गया। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के दौरान इनके माध्‍यम से 65,864 प्रत्‍यक्ष रोजगार के अवसर सृजित किए गए और 27,262 करोड़ रूपए कीआर्थिक संपदा बनाई गई। नए विचारों को प्रयोग में लाई जा सकने वाली प्रौद्योगिकी में परिवर्तित करने और फिर पूरे देश में बड़े पैमाने पर उनके इस्‍तेमाल को बढ़ावा देने का चलन शुरु हो चुका है। वर्ष 2017- 18 में जिन 13,045 पेटेंट को मंजूरी दी गई उनमें से 1937 पेटेंट भारतीय नागरिकों के थे। भारत के पेटेंट कार्यालय में 2017-18 के दौरान कुल 15550 पेटेंटों के लिए आवेदन किया गया जिनमें से 65 प्रतिशत महाराष्‍ट्र,कर्नाटक,तमिलनाडु और दिल्‍ली से थे। भारत सरकार के स्‍टार्ट-अप मिशन ने इन पेटेंटों के जरिए लाए गए नवाचार को स्‍टार्ट-अप के रूप में मूर्त रूप देने का काम किया है। आज भारत सबसे ज्‍यादा स्‍टार्टअप्‍स वाले देशों में से एक बन चुका है। एक ओर जहां स्‍टार्टअप इंडिया अभियान और पेटेंट को प्रोत्‍साहित करने के प्रयासों से विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में आमूल बदलाव आया है वहीं दूसरी ओर देश ने वैज्ञानिक उत्‍कृष्‍टता के प्रतीक के रूप में शोध पत्रों के प्रकाशन के मामले में भी अपनी बढ़त कायम रखी है। पिछले दस वर्षों के दौरान देश में शोध-पत्रों के प्रकाशन में काफी वृद्धि देखी गई है। अमरीका के नेशनल साइंस फांउडेशन से मिले डेटा के अनुसार इस मामले में अमरीका और चीन के बाद तीसरा स्‍थान भारत का है। वर्ष 2018 में देश में ऐसे कुल 135,788 वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित किए गए। इससे यह पता चला है कि देश में वैज्ञानिक शोधपत्रों के प्रकाशन में 12.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि इसका वैश्विक औसत 4.9 प्रतिशत रहा। वर्ष 2008-2018 के दौरान शोध पत्रों के प्रकाशन के मामलें में भारत की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10.73 प्रतिशत रही जबकि इस अवधि में चीन की दर 7.81 प्रतिशत और अमरीका की 0.71 प्रतिशत रही। यह अनुसंधान और विकास गतिविधियों , उसके लिए आवश्‍यक बुनियादी ढ़ाचें और मानव संसाधन कार्यबल के विकास पर निवेश बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा शेाधकर्ताओं को सरकार की ओर से दिए गए प्रोत्‍साहन का परिणाम रहा। वर्ष 2017-18 के दौरान देश में प्रति व्‍यक्ति अनुसंधान और विकास पर खर्च बढ़कर 47.2 डॉलर हो गया था जबकि 2007-08 में यह 29.2 डॉलर रहा था। कार्यबल भी 2018 में 3.42 लाख हो गया जबकि 2015 में यह 2.83 लाख था। देश के पास इस समय एक मजबूत शोध कार्यबल है।वर्ष 2017 में यह प्रति दस लाख लाख आबादी पर बढ़कर 255 हो गया जबकि 2015 में यह 218 पर था। इतनी बड़ी तादाद में वैज्ञानिक गतिवधियों का केन्‍द्र देश के 993 विश्वविद्यालय/ डीम्ड विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय महत्व के 127 संस्थान और देश भर में मौजूद 39,931 कॉलेज रहे। ये संस्‍थान वैज्ञानिक शोधों के लिए ऐसे आवश्‍यक मानव संसाधनों का पोषण करते हैं जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के भविष्‍य की उम्‍मीद हैं और जो देश की वैज्ञानिक और तकनीकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे। देश आज की तारीख में ऐसी प्रतिभाओं को विकसित करने का अवसर देने के मामले में सबसे आगे है। पीचडी की डिग्री प्राप्‍त करने वालों की संख्‍या के मामले में भारत का दुनिया में तीसरा स्‍थान है। उच्‍च‍ शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत एक मजबूत मानव संसाधन कार्यबल तैयार कर रहा है जो देश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी आगे ले जाएगा।