रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 383 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 52 मरीज, दुर्ग से 42, राजनांदगांव से 26, बालोद से 16, बेमेतरा से 3, कबीरधाम से 8, धमतरी से 7, बलौदा बाजार से 5, महासमुंद से 18, गरियाबंद से 5, बिलासपुर से 33, रायगढ़ से 32, कोरबा से 8, जांजगीर-चांपा से 12, मुंगेली से 12, जीपीएम से 5, सरगुजा से 17, कोरिया से 14, सूरजपुर से 19, बलरामपुर से 5, जशपुर से 6, बस्तर से 5, कोंडागांव से 14, दंतेवाड़ा से 3, सुकमा से 3, कांकेर से 13, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 338 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 8 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5932 है |
रायपुर | छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक 2019 में विभिन्न विषयों के कुल 1384 पद विज्ञापित किए गए थे । सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2019 के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए दिनांक 5 नवंबर 2020 से 8 नवंबर 2020 तक लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था । लिखित परीक्षा परिणाम के आधार पर अभ्यर्थियों को विषय वार साक्षात्कार हेतु चिन्ह अंकित किया गया है ।
परीक्षा परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
http://psc.cg.gov.in/HTM/WER_AP_2019.HTML
नई दिल्ली । संसद की कैंटीन में खाने पर दी जाने वाली सब्सिडी अब खत्म कर दी गई है। लोकसभा स्पीकर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। खाने पर सब्सिडी बंद होने से 8 करोड़ रुपये की बचत होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बताया कि संसद की कैंटीन में सांसदों, अन्य को खाने पर दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई है। बिरला ने इससे जुड़े वित्तीय पहलुओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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हालांकि सूत्रों ने बताया कि सब्सिडी समाप्त किए जाने से लोकसभा सचिवालय को सालाना 8 करोड़ रूपये की बचत हो सकेगी। लोकसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र की तैयारियों के बारे में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि उत्तर रेलवे के बजाय अब आईटीडीसी संसद की कैंटीनों का संचालन करेगा। उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।
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बिरला ने कहा कि सांसदों के आवास के निकट भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने की व्यवस्था की गई है। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि केंद्र, राज्यों द्वारा निर्धारित की गई टीकाकरण अभियान नीति सांसदों पर भी लागू होगी। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी, सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं।
बिरला ने कहा कि 29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी और लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 से रात 8 बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी।
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 जनवरी, 2021 को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 6.1 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत लगभग 2691 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। इस सहायता में 5.30 लाख ऐसे लाभार्थी होंगे जिन्हें आर्थिक सहायता की पहली किस्त प्राप्त होगी जबकि 80 हज़ार लाभार्थी ऐसे होंगे जिन्हें दूसरी किस्त मिलेगी और जिन्हें पीएमएवाई-जी के अंतर्गत पहली किस्त पहले ही दी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण
प्रधानमंत्री ने “2022 तक सभी को घर” दिये जाने का आह्वान किया था, जिसके लिए 20 नवंबर, 2016 को पीएमएवाई-जी योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1.26 करोड़ घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। पीएमएवाई-जी के अंतर्गत मैदानी इलाकों में प्रत्येक लाभार्थी को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये जबकि पहाड़ी क्षेत्रों (पूर्वोत्तर राज्यों/ दुर्गम स्थानों/ जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्रों/ आईएपी/ एलडबल्यूई जिलों) के लोगों को 1.30 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों को घर के अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के अंतर्गत अकुशल कामगार श्रेणी के तरह भी मदद दी जाती है। साथ ही शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी), एमजीएनआरईजीएस या अन्य श्रोतों से 12,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना को केंद्र सरकार और राज्यों तथा केंद्र शासित सरकारों की अन्य योजनाओं के साथ भी जोड़ा गया है। इसके तहत लाभार्थी को एलपीजी कनेक्शन का लाभ देने के लिए उज्ज्वला योजना, बिजली कनेक्शन, और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन इत्यादि को इसमें शामिल किया गया है।
नई दिल्ली | भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना (आर्मी डी डे’एर एट डी'स्पेस) 20 से 24 जनवरी, 2021 तक जोधपुर के वायु सेना स्टेशन पर आयोजित एक द्विपक्षीय वायु अभ्यास एक्स डेजर्ट नाइट-21 में हिस्सा लेंगी। जिसमें दोनों देशों के लड़ाकू विमान शामिल होंगे। फ्रांस की तरफ़ से राफाल, एयरबस ए-330 मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी), ए-400एम सामरिक परिवहन विमान और लगभग 175 वायुसैनिक इस अभ्यास में भाग लेंगे।
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वहीं भारत की ओर से हिस्सा लेने वाले वायु सेना के विमानों में मिराज 2000, सु -30 एमकेआई, राफाल, आईएल -78 फ्लाइट के दौरान ईंधन भरने वाले विमान, एडब्ल्यूएसीएस तथा एईडब्ल्यू एंड सी विमान शामिल होंगे।यह सैन्य अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी एवं अंतरिक्ष सेना ने मिलकर 'गरुड़' नाम के वायुसैनिक अभ्यास के छह संस्करणों का आयोजन किया है।
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आखिरी 'गरुड़' अभ्यास जुलाई 2019 में फ्रांस के मोंट-द-मारसन एयरबेस में आयोजित किया गया था। आपस में मौजूदा सैन्य सहयोग को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों देशों की सेनाओं ने 'होप-एक्सरसाइज' के संचालन के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभकारी रूप से उपयोग किया है। 2018 में पिचब्लैक अभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया की उड़ान भरते समय फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना की तैनाती आगरा और ग्वालियर वायुसेना स्टेशनों में लड़ाकू विमानों और एमआरटीटी विमानों के साथ अभ्यास के लिए की गई थी।
मौजूदा समय में डेजर्ट नाइट -21 अभ्यास के लिए फ्रांसीसी टुकड़ी एशिया में अपने 'स्काईरोस डिप्लॉयमेंट' के हिस्से के रूप में तैनात है और जोधपुर वायु सेना स्टेशन में उड़ान भरेगी। यह अभ्यास अपने आप में महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राफेल विमान दोनों ही देशों की वायु सेनाओं में शामिल है और यह दो प्रमुख वायु सेनाओं के बीच बढ़ते हुए सहयोग का संकेत है। चूंकि दोनों वायु सेनाओं की टुकड़ियों के बीच 20 जनवरी से हवाई अभ्यास सहयोग शुरू होना है, इसलिए इलाक़ों और कालांतर में प्राप्त परिचालन अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा तथा परस्पर व्यवहार को बढ़ाने के लिए विचारों एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने का प्रयास भी होगा।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 471 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 86 मरीज, दुर्ग से 59, राजनांदगांव से 35, बालोद से 16, बेमेतरा से 9, कबीरधाम से 3, धमतरी से 11, बलौदा बाजार से 28, महासमुंद से 20, गरियाबंद से 4, बिलासपुर से 29, रायगढ़ से 24, कोरबा से 20, जांजगीर-चांपा से 24, मुंगेली से 6, जीपीएम से 1, सरगुजा से 30, कोरिया से 15, सूरजपुर से 21, बलरामपुर से 3, जशपुर से 9, बस्तर से 6, कोंडागांव से 3, दंतेवाड़ा से 0, सुकमा से 3, कांकेर से 2, नारायणपुर से 1, बीजापुर से 3, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1062 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 5 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5995 है |
आज 471 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 1062 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। राज्य में स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए मरीज़ों की संख्या 2,84,412 व एक्टिव मरीज़ों की संख्या 5,995 है।@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO pic.twitter.com/29j3GpfqN5
— Health Department CG (@HealthCgGov) January 18, 2021
उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज सभी कॉरपोरेट को सुझाव दिया कि वे जागृत होकर सचेतक (व्हीसल ब्लोइंग) व्यवस्था को प्रोत्साहित करें और सचेतकों (व्हीसल ब्लोअर्स) को पर्याप्त संरक्षण प्रदान करें। इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के ई-दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि कॉरपोरेट शासन के सभी मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि सभी साझेदारों का विश्वास बढ़ाया जा सके। सार्वजनिक धन की रक्षा करने की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री नायडु ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को कम करने के लिए व्यवस्था विश्वसनीय और आसान होनी चाहिए। इस बात को उजागर करते हुए कि कुछ लोगों की अनियमितताओं के कारण पूरे भारतीय उद्योग का नाम-बदनाम हुआ है, उपराष्ट्रपति ने युवा कंपनी सचिवों से आग्रह किया कि वे कॉरपोरेट शासन में नैतिकता और जवाबदेही के श्रेष्ठतम मानक सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, “इस पेशे को एक मिशन के रूप में लिया जाना चाहिए।” आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद जताते हुए, उन्होंने कॉरपोरेट से आग्रह किया कि वे इसमें तेजी लाने के कार्य में अग्रणी रहें। यह करते हुए कि भारत ने नोवल कोरोनावायरस के खिलाफ संघर्ष में विकसित देशों सहित अनेक अन्य देशों की तुलना में बहुत अच्छा काम किया और अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए कदम उठाए, उन्होंने आईएमए प्रमुख सुश्री क्रिस्टालीना जार्जिवा की हाल की टिप्पणी का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने महामारी और उसके आर्थिक परिणामों से निपटने के लिए बेहद निर्णायक कदम उठाए। अर्थव्यवस्था में एक बार फिर तेजी लाने के लिए सभी साझेदारों से सम्मिलित प्रयास करने का आह्वान करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि आईसीएसआई जैसे संस्थान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। यह करते हुए कि कॉरपोरेट शासन के मजबूत सिद्धांत किसी कंपनी को आगे बढ़ाने की ताकत होने चाहिए, उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, एकजुटता और ईमानदारी हर समय बरकरार रहनी चाहिए और प्रत्येक व्यावसायिक कार्य में उसकी झलक दिखाई देनी चाहिए। भारत के गौरवशाली इतिहास की छात्रों को याद दिलाते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। समय की मांग है कि उनको पहचाना जाए और प्रतिभा को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े संसदीय लोकतंत्र – भारत, जहां 130 करोड़ से अधिक लोग हैं, उसके आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की अपार संभावनाएं हैं। इस बात पर गौर करते हुए कि ऐसे समय में जब भारत विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है, कंपनी सचिव पेशेवर अर्थव्यवस्था में नई जान डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे, उपराष्ट्रपति ने उनसे आग्रह किया कि वे हमेशा उच्चे नैतिक मूल्यों और आचार नीति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा, “आप लोगों को सच्चाई के रास्ते से कभी नहीं हटना चाहिए।” कंपनी सचिवों को कॉरपोरेट का जागृत रखवाला बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए यह जरूरी है कि वे ईमानदार रहें और प्रबंधन के किसी दबाव में न आएं। श्री नायडु ने कहा कि आईसीएसआई जैसे व्यावसायिक संगठनों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कॉरपोरेट संस्थान न केवल पेशेवर दृष्टि से प्रतिस्पर्धी हों बल्कि कानून का पालन करने वाले भी हों। यह कहते हुए कि कंपनी सचिवों का भारतीय अर्थव्यवस्था के परिदृश्य में महत्वपूर्ण स्थान है, उपराष्ट्रपति ने उन्हें सलाह दी कि वे सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली को अपनाकर अच्छा कॉरपोरेट शासन सुनिश्चित करें। ऋणशोधन क्षमता और दिवालियापन कोड ने आर्थिक सुधारों का एक नया युग खोला है। उपराष्ट्रपति ने कहा, यह प्रशंसनीय है कि कंपनी सचिव दिवालिया कंपनियों के समाधान की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने जोर दिया कि केंद, राज्य और स्थानीय समुदाय सभी को देश के विकास के लिए टीम इंडिया के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि कानून संसद द्वारा बनाए जाते हैं। लेकिन उनका कार्यान्वयन स्थानीय प्रशासन पर निर्भर करता है। अतः जरूरी है कि हम सुशासन को जमीनी स्तर तक ले जाएं। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि आईसीएसआई द्वारा प्रशासन के लिए तैयार किये गए मॉडल कोड ऑफ गर्वननेंस ऑफ ग्राम पंचायत तथा चेरेटी गवर्नेंस का 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। इससे ग्राम पंचायत के स्तर पर प्रशासन को प्रभावी और कारगर बनाया जा सकेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी सभ्यता अपने अतीत को भुलाकर तरक्की नहीं कर सकती, उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे अपने गौरवशाली अतीत और महान सभ्यतागत मूल्यों को गहराई से जाने। जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने निवेश की योजना बनाते समय प्रत्येक कंपनी को पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर तेलंगाना के गृहमंत्री श्री मोहम्मद महमूद, आईसीएसआई के अध्यक्ष श्री आशीष गर्ग, आईसीएसआई सचिव श्री आशीष मोहन, संयुक्त सचिव श्री अंकुर यादव भी मौजूद थे।
कोरोना से जुड़ी एक नई जानकारी: लगभग 8 महीनों के बाद रोजाना होने वाली मौत की संख्या भी घटकर 145 रह गई
भारत में कोविड से ठीक हुए मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में बढ़कर एक करोड़ से अधिक हो गई है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या 1,02,11,342 हो गई है, जबकि देश में आज सक्रिय मामलों की संख्या 2,08,012 है। इन दोनों के बीच अंतर लगातार बढ़कर 1,00,03,330 हो गया है। देश में ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या सक्रिय मामलों की तुलना में लगभग 50 गुना अधिक हो गई है। भारत में रिकवरी दर 96.59 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 14,457 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि इसी दौरान 13,788 नये मामलों की पुष्टि हुई है।




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