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कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 3.29 लाख आए नए केस, 3876 मरीजों ने गंवाई जान

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 3.29 लाख आए नए केस, 3876 मरीजों ने गंवाई जान

भारत में कोरोना संक्रमण की भयानक रफ्तार से हाहाकार मचा हुआ है. हर दिन रिकॉर्ड तोड़ मामले दर्ज किए जा रहे हैं. हालांकि अब मामलों में थोड़ी गिरावट भी दर्ज की जा रही है. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 3 लाख 29 हजार 942 नए मामले सामने आए हैं. वहीं बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 3876 मरीजों की मौत हुई है. आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 2 लाख 49 हजार 992 लोगों ने कोरोना संक्रमित होने के बाद दम तोड़ दिया है. बीते 24 घंटे में 3 लाख 56 हजार 082 मरीजों ने कोरोना को हराया है. अब तक देश में कुल 1 करोड़ 90 लाख 27 हजार 304 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.


कुल कोरोना मामले- 2 करोड़ 26 लाख 62 हजार 575
कुल डिस्चार्ज- 1 करोड 90 लाख 27 हजार 304
कुल मौत- 2 लाख 49 हजार 992
एक्टिव केस- 37 लाख 15 हजार 221
कुल टीकाकरण- 17 करोड़ 27 लाख 10 हजार 066 लोगों को वैक्सीन दी गई

 

अब टीकाकरण अभियान पर सियासत गरमाई, CoWIN पोर्टल की जगह खुद का ऐप बनाना चहाती राज्य सरकारें

अब टीकाकरण अभियान पर सियासत गरमाई, CoWIN पोर्टल की जगह खुद का ऐप बनाना चहाती राज्य सरकारें

कोविड टीकाकरण के पंजीकरण के लिए केंद्र सरकार के कोविन पोर्टल को लेकर सियासत तेज हो रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के साथ अन्य कांग्रेस शासित राज्य भी नए एप का मसला उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ अगले कुछ दिनों में नया पोर्टल लांच करने की तैयारी में है।
सूत्रों ने कहा, दरअसल विपक्ष के कुछ राज्य वैक्सीन के लिए केंद्र की प्रचार रणनीति से असहज हैं। वैक्सीन प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की फोटो को लेकर दबी जुबान में सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस पर सवाल उठाया था। कुछ राज्य सीधे बोलने से परहेज कर रहे हैं लेकिन उनका असहज होना साफ नजर आ रहा है। उधर, सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ अपना नया राज्य स्तरीय पोर्टल लांच करने की तैयारी में है। जिससे राज्य अपना अलग से पंजीकरण कर सके और इसमे फ्रंटलाइन वर्कर को अलग से चिन्हित किया जा सके।
उद्धव भी उठा चुके हैं सवाल : हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी राज्य स्तरीय ऐप की जरूरत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। उद्धव ने पत्र में आशंका जताई थी कि 18 से 45 वर्ष के लोगों के पंजीकरण में बड़ी तादाद की वजह से कोविन साइट क्रैश कर सकती है या इसमे अनुचित गतिविधियों का भी डर है। उन्होंने सुझाव दिया था कि या तो राज्य अपना ऐप या पोर्टल बनाये। जिसमे पंजीकरण करके केंद्र से डेटा साझा किया जाए। या फिर केंद्र द्वारा खुद राज्यों के लिए नया ऐप डिजाइन करके उन्हें सौंपा जाए।
कोविन को लेकर आश्वस्त केंद्र : फिलहाल केंद्र ने अभी इस मसले पर कुछ नही कहा है, लेकिन केंद्र के अधिकारी मानते हैं कि कोविन बहुत अच्छी तरीके से डिजाइन किया गया है और इसमे सुरक्षा को लेकर भी बेहतर व्यवस्था है। केंद्रीय अधिकारी राज्य स्तर पर ऐप या पोर्टल को गैर जरूरी मानते हैं।
राज्यों के अलग-अलग तर्क : कुछ राज्यों का तर्क है कि जब 18 से 45 वर्ष की आयु के टीकाकरण में धनराशि राज्य खर्च कर रहे हैं तो वे अपना अलग पंजीकरण करने और अलग ऐप या पोर्टल बनाने के लिए स्वतंत्र है। हालांकि वैक्सीन पर आने वाले खर्च को लेकर भी केंद्र राज्य के अलग-अलग दावे हैं। छत्तीसगढ़ का मानना है कि 45 वर्ष से ऊपर का पंजीकरण कोविन के जरिये कराने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जब इससे कम उम्र का अधिकांश खर्च राज्य वहन कर रहा है तो उसपर केंद्र का ऐप थोपा नही जा सकता। राज्य फ्रंट लाइन वर्कर के लिए अलग से चिन्हित करने की व्यवस्था केंद्रीय ऐप में न होने का सवाल भी उठा रहा है। अभी छत्तीसगढ़ ने पत्रकार,वकील,अध्यापक सहित कई वर्गों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में रखा है।
दिल्ली ने भी उठाया था सवाल : दिल्ली सरकार ने भी वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन पोर्टल कोविन में समस्या को उठाया था। सीएम द्वारा अपना पोर्टल या ऐप बनाने की भी मांग की गई थी। जिससे सभी लोगों को आसानी से वैक्सीन दी जा सके। केजरीवाल ने केंद्र से कहा था कि ऐप में समस्या आने से आम लोगों का समय व्यर्थ हो रहा है। आप राज्यों को अनुमति दीजिए कि वह टीका लगाने के लिए अपनी कोई ऐप या तरीका बना सकें, जिससे लोगों को टीका लगवाने में दिक्कत ना हो और वह लोग भी टीका लगा सके जो टेक्नोलॉजी नहीं जानते।
 

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 12657 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 11867 नए मरीज मिले 172 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 12657 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 11867 नए मरीज मिले 172 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 11867 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला जांजगीर- चाम्पा से सर्वाधिक 927 मरीज मिले है| आज प्रदेश में कुल 12657 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीत कर स्वस्थ्य हुए है | राज्य में आज कुल 172 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 125104 है | आज प्रदेश में 64809 टेस्ट हुए है |
देखे जिलेवार मरीजो की संख्या
दुर्ग से 674, राजनांदगांव से 294, बालोद से 264, बेमेतरा से 178, कबीरधाम से 296, रायपुर से 871, धमतरी से 229, बलौदा बाजार से 694, महासमुंद से 354, गरियाबंद से 168, बिलासपुर से 531, रायगढ़ से 821, कोरबा से 815, जांजगीर- चाम्पा से 927, मुंगेली से 515, जीपीएम से 260, सरगुजा से 535, कोरिया से 618, सूरजपुर से 690, बलरामपुर से 561, जशपुर से 607, बस्तर से 130, कोंडागांव से 180, दंतेवाड़ा से 90, सुकमा से 52, कांकेर से 447, नारायणपुर से 35, बीजापुर से 30, अन्य राज्य से 01 मरीज शामिल है ।

भारत में मिले कोरोना वायरस के वेरिएंट को WHO ने बताया टेंशन बढ़ाने वाला

भारत में मिले कोरोना वायरस के वेरिएंट को WHO ने बताया टेंशन बढ़ाने वाला

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से रोजाना बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिसमें कहा गया है कि इस लहर में कोरोना का भारत में मिला वेरिएंट भी काफी संक्रमण फैला रहा है। कोरोना के इस वेरिएंट पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चिंता जताई है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यह वेरिएंट चिंतित करने वाला है।

इससे पहले, विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि भारत में फैल रहा कोविड-19 वेरिएंट काफी संक्रामक है और यह वैक्सीन को भी बेअसर कर सकता है। एएफपी के साथ एक इंटरव्यू में, सौम्या स्वामीनाथन ने चेतावनी दी कि महामारी का यह फीचर जो आज हम भारत में देख रहे हैं, वह संकेत दे रहा है कि यह एक तेजी से फैलने वाला वेरिएंट है। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले साल अक्टूबर में वेरिएंट B.1.617 डिटेक्ट किया गया था।

सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि B 1.617 एक चिंतित करने वाला वेरिएंट है क्योंकि यह म्यूटेट करता है जिससे ट्रांसमिशन भी बढ़ता है। साथ ही यह वैक्सीन द्वारा या फिर संक्रमण शरीर में बनी एंटीबॉडीज को भी बेअसर कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ इसी वेरिएंट को भारत में संक्रमण के बढ़ने और मौतें होने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

लगातार चार दिन कोरोना के चार लाख से अधिक नए मामले सामने आने के बाद भारत में सोमवार को एक दिन में कोविड-19 के 3,66,161 मामले सामने आए हैं और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,26,62,575 हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार के डेटा के अनुसार, 3,754 और लोगों की संक्रमण के कारण मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,46,116 हो गई है। 

आईसीएमआर अपडेट :  राज्य में मिले 9781 कोरोना पॉजिटिव, आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले, देखे बाकी जिलों के आकड़े

आईसीएमआर अपडेट : राज्य में मिले 9781 कोरोना पॉजिटिव, आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले, देखे बाकी जिलों के आकड़े

रायपुर। राज्य में आज शाम 5.00 तक 9781 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 833 अकेले रायपुर जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 343, बलौदाबाजार 547, बलरामपुर 468, बस्तर 157, बेमेतरा 173, बीजापुर 29, बिलासपुर 419, दंतेवाड़ा 79, धमतरी 177, दुर्ग 630, गरियाबंद 154, जीपीएम 175, जांजगीर-चांपा 757, जशपुर 465, कबीरधाम 243, कांकेर 287, कोंडागांव 132, कोरबा 651, कोरिया 492, महासमुंद 263, मुंगेली 382, नारायणपुर 24, रायगढ़ 654, राजनांदगांव 230, सुकमा 37, सूरजपुर 600, और सरगुजा 480 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।


केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं। 

 कोरोना टीकों पर नहीं हटा सकते जीएसटी, वित्त मंत्री ने बताई यह वजह

कोरोना टीकों पर नहीं हटा सकते जीएसटी, वित्त मंत्री ने बताई यह वजह

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड टीका, दवाओं और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पर जीएसटी हटाने पर कहा कि इसके हटने से ये जीवन रक्षक दवाएं और सामान खरीदारों के लिए महंगे हो जाएंगे। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी हटने पर इनके विनिर्माताओं को उत्पादन में प्रयोग किए गए कच्चे/मध्यवर्ती माल व सामग्री पर चुकाए गए कर के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाएगा।

वर्तमान में टीके की घरेलू आपूर्ति और वाणिज्यिक आयात करने पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। वहीं कोविड दवाओं और आक्सीजन कंसंट्रेटर्स पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लागू है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसी तरह की मांग की है।

जीएसटी हटाने से नहीं मिलेगा इनपुट कर क्रेडिट का लाभ
सीतारमण ने इन सामानों पर जीएसटी से छूट दिए जाने की मांग को लेकर ट्वीट में जवाब देते हुए कहा, `यदि टीके पर पूरे पांच फीसदी की छूट दे दी जाती है तो टीका विनिर्माताओं को कच्चे माल पर दिए गए कर के लिए इनपुट कर क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा और वह पूरी लागत को ग्राहकों, नागरिकों से वसूलेंगे। पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगने से विनिर्माताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ मिलता है और यदि आईटीसी अधिक होता है तो वह रिफंड का दावा कर सकते हैं। इसलिए टीका विनिर्माताओं को जीएसटी से छूट दिए जाने का उपभोक्ताओं को नुकसान होगा।`

सीतारमण ने कहा कि यदि एकीकृत जीएसटी (आईजीएसीटी) के रूप में किसी सामान पर 100 रुपये की प्राप्ति होती है तो इसमें से केंद्रीय जीएसटी और राज्य जीएसटी के तौर आधी-आधी रकम दोनों के खाते में जाती है इसके अलावा केंद्र को केंद्रीय जीएसटी के तौर पर मिलने वाली राशि में से 41 फीसदी हिस्सा भी दिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक 100 रुपये में से 70.50 रुपये की राशि राज्यों का हिस्सा होता है।

वित्त मंत्री का ममता बनर्जी को जवाब
बता दें कि बनर्जी ने पीएम को लिखे पत्र में कुछ कोविड राहत सामग्रियों पर से जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे अन्य करों को हटाने की मांग की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र को लेकर कहा कि तीन मई को जारी एक आदेश में कोविड-19 राहत सामग्रियों की एक सूची को सीमा शुल्क से राहत दी जा चुकी है। आगे सीतारमण ने कहा कि बनर्जी को देखना चाहिए कि आपकी सूची में जो वस्तुएं हैं वो पहले ही इसमें शामिल हैं।

बनर्जी ने प्रधानमंत्री से किया आग्रह
ममता बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे कोविड-19 महामारी से लड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दवाइयों पर सभी तरह के करों और सीमा शुल्क में छूट देने का अनुरोध किया। उन्होंने पत्र में कहा  कि, `बड़ी संख्या में संगठन, लोग और परोपकारी एजेंसियां सिलिंडर, कंटेनर और कोविड संबंधित दवाएं दान देने के लिए आगे आई हैं। कई दानदाताओं ने इन पर सीमा शुल्क, एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी से छूट देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार का रुख किया है। चूंकि इनकी कीमतें केंद्र सरकार के कार्य क्षेत्र में आती है तो मैं अनुरोध करती हूं कि इन सामान पर जीएसटी/सीमा शुल्क और अन्य ऐसे ही शुल्कों तथा करों से छूट दी जाए ताकि कोविड-19 महामारी के कुशल प्रबंधन में उपरोक्त जीवनरक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सके।
 
बड़ी खबर : कोरोना मरीजों पर अब ब्लैक फंगस का हमला, इन राज्यों मे मिले केस

बड़ी खबर : कोरोना मरीजों पर अब ब्लैक फंगस का हमला, इन राज्यों मे मिले केस

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से देश में बचे कोहराम के बीच एक और खतरा सामने आ रहा है। दिल्ली और गुजरात में कोरोना संक्रमण को मात देने वाले लोगों को ब्लैक फंगस यानी काली फफूंद का अटैक देखने को मिल रहा है। यह बीमारी आंखों पर सबसे ज्यादा हमला करता है। कुछ मरीजों में आंखों की रोशनी जाने के मामले सामने आए हैं। डॉक्टरी भाषा में इस बीमारी को म्यूकॉमिकोसिस कहा जाता है। गुजरात के सूरत में इस बीमारी के 40 से अधिक केस सामने आए हैं। इनमें से आठ की आंखों की रोशनी चली गई है। दिल्ली में भी डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना महामारी सामने आने के बाद ब्लैक फंगस के मरीज भी बढ़ गए हैं। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एडवाइजरी जारी कर बताया है कि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के लिए यह म्यूकोरमाइकोसिस जानलेवा साबित हो रहा है। ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस वातावरण में मौजूद रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देता है । सही समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की जान तक जा सकती है। खासकर यह बीमारी डायबिटीज और क्रॉनिकल बीमारी वालों के लिए खतरनाक है। 


क्या है यह ब्लैक फंगस 
यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, म्यूकॉमिकोसिस या ब्लैक फंगस एक दुर्लभ फंगल संक्रमण है। इसे श्लेष्मा रोग या ज़ाइगोमाइकोसिस भी कहा जाता है। यह एक गंभीर संक्रमण है जो श्लेष्म या कवक के समूह के कारण होता है जिसे श्लेष्माकोशिका कहा जाता है। ये मोल्ड पूरे वातावरण में रहते हैं। यह आमतौर पर हवा से फंगल बीजाणुओं को बाहर निकालने के बाद साइनस या फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह त्वचा पर कट, जलने या अन्य प्रकार की त्वचा की चोट के बाद भी हो सकता है।

 कब नजर आता है यह फंगस 
कोरोना संक्रमण से उबरने के दो-तीन दिन बाद काली फफूंद के लक्षण दिखाई देते हैं। यह फंगल संक्रमण सबसे पहले साइनस में तब होता है जब रोगी कोविड -19 से ठीक हो जाता है और लगभग दो-चार दिनों में यह आंखों पर हमला करता है। सूरत के किरण अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संकेत शाह के मुताबिक, इसके अगले 24 घंटों में यह संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस में सरदर्द, बदन दर्द, तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में समस्या, आंखों और नाक के पास लाल होना, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति बदल जाना जैसे कई लक्षण दिखते हैं। केंद्र सरकार और आईसीएमआर ने इसे नजर अंदाज नहीं करने की सलाह दी है। ऐसी स्थिति होने पर चिकित्सकों से परामर्श लेने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और (आईसीएमआर) ने बीमारी की निगरानी, जांच और इलाज के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है ‘‘ ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज नहीं किया जाए तो इससे मरीज की जान तक जा सकती है। हवा में मौजूद फफूंद सांस के रास्ते शरीर में पहुंचता है और धीरे-धीरे फेफड़े को प्रभावित करना शुरू कर देता है’’ 

किसे है सबसे ज्यादा खतरा... 
डॉ. संकेत शाह के अनुसार, फंगल संक्रमण कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों पर हमला करता है। सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वालों में अनियंत्रित शुगर लेवल (मधुमेह के लोग) और ऐसे लोग हैं जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं या वे दवाएं लेते हैं जो कीटाणुओं और बीमारी से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम करती हैं। किरण अस्पताल में ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, संक्रमण आमतौर पर उन रोगियों में देखा जाता है, जो कोविड -19 से ठीक हो गए हैं, लेकिन उनमें मधुमेह, किडनी या कमजोर हार्ट या कैंसर जैसे कॉमरेडिडिटीज हैं।

डायबीटिज मरीजों के लिए यह है खतरनाक
आईसीएमआर-स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श में कहा गया इस बीमारी का सबसे बड़ा खतरा, मधुमेह का अनियंत्रित होना, स्ट्रॉयड की वजह से प्रतिरक्षण क्षमता में कमी, लंबे समय तक आईसीयू में रहने वाले मरीजों पर यह जल्द प्रभाव छोड़ता है। इस संक्रमण से बचने के लिए कोरोना मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी देने के बाद भी ब्लड में ग्लूकोज की निगरानी जरूरी है। एंटीबायोटिक, एंटीफंगल दवा, स्ट्रॉयड और संक्रमणमुक्त पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
 
बड़ी खबर: अस्पताल में हुआ कोरोना विस्फोट, 80 डॉक्टर हुए संक्रमित, 1 की मौत

बड़ी खबर: अस्पताल में हुआ कोरोना विस्फोट, 80 डॉक्टर हुए संक्रमित, 1 की मौत

राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है लेकिन दिल्ली के सरोज अस्पताल में सोमवार को 80 डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. साथ ही एक डॉक्टर के मौत की खबर भी सामने आई है. फिलहाल सरोज अस्पताल में ओपीडी सुविधाओं को बंद कर दिया गया है. संक्रमित डॉक्टरों में से 12 को सरोज अस्पताल में ही भर्ती किया गया है जबकि अन्य सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है.
बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण ही अस्पताल के एक वरिष्ठ सर्जन डॉ. एके रावत का निधन हो गया है. बता दें कि कोरोना विस्फोट के कारण अस्पताल में एक साथ संक्रमण के इतने मामले सामने आने के बाद हलचल मच गया है. जोकि एक चिंता का विषय अब प्रशासन के लिए बन चुका है.
बता दें कि राजधानी दिल्ली में कोरोना के दूसरे लहर में संक्रमण के भीषण मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि बीते कल दिल्ली सरकार द्वारा बताया गया कि कोरोना संक्रमण के मामलों में थोड़ी कमी दर्ज की गई है. कोरोना के लगातार बढ़ते मामले के कारण पिछले करीब तीन सप्ताह से राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन लगा हुआ है जिसे सप्ताह भर के लिए और बढ़ा दिया गया है.
 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में तीन लाख 66 हजार नए मामले, 3754 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में तीन लाख 66 हजार नए मामले, 3754 लोगों की मौत

India Corona Case Updates: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भारत में तबाही मचा रही है. इस संक्रमण से पीड़ित मरीजों की की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है. रविवार के मुकाबले आज मरीजों की संख्या में थोड़ी कमी देखने को मिली है. पिछले चार दिनों से मरीजों की संख्या चार लाख के पार जा रही थी लेकिन आज थोड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारत में 3 लाख 66 हजार 161 नए मरीज सामने आए हैं जबकि 3754 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है. वहीं पिछले 24 घंटों में 3 लाख 53 हजार 818 लोगों ने कोरोना को हरा दिया है.


कुल कोरोना मामले- 2 करोड़ 26 लाख 62 हजार 575


कुल डिस्चार्ज- 1 करोड 86 लाख 71 हजार 222


कुल मौत- 2 लाख 46 हजार 116


एक्टिव केस- 37 लाख 45 हजार 732


कुल टीकाकरण- 17 करोड़ 01 लाख 76 हजार 603 लोगों को वैक्सीन दी गई


 

कहीं लॉकडाउन तो कहीं कोरोना कर्फ्यू, दिल्ली, महाराष्ट्र, UP समेत देश के इन 26 राज्यों और UTs में लागू हुईं सख्त पाबंदियां

कहीं लॉकडाउन तो कहीं कोरोना कर्फ्यू, दिल्ली, महाराष्ट्र, UP समेत देश के इन 26 राज्यों और UTs में लागू हुईं सख्त पाबंदियां

नई दिल्ली, कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के चलते देश के कई राज्यों में लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू की मियाद को बढ़ा दिया गया है. राज्य सरकारों ने कोरोना की चेन तोड़ने के मकसद से सख्त पाबंदियों का एलान किया है. दिल्ली (लॉकडाउन) और उत्तर प्रदेश (कोरोना कर्फ्यू) में 17 मई तक पाबंदियों कि मियाद बढ़ा दी गई. वहीं देश के बड़े हिस्से में सख्त पाबंदियां लागू हैं. इस बीच रविवार को एक दिन में कोरोना संक्रमण के के 4 लाख 3 हज़ार 738 नए मामले आए, जबकि 4,092 लोगों की मौत हो गई.
तमिलनाडु, राजस्थान और पुदुचेरी में सोमवार से दो हफ्ते का लॉकडाउन शुरू होगा, जबकि कर्नाटक में लॉकडाउन जैसी पाबंदी 24 मई तक प्रभावी रहेगी. केरल में भी शनिवार से नौ दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है.
हरियाणा में एक बार फिर 'सुरक्षित हरियाणा' यानी लॉकडाउन का एलान कर दिया गया है. अब राज्य में 17 मई तक सख्त पाबंदियां लागू रहेंगी. इसके अलावा जम्मू कश्मीर में भी लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. जम्मू कश्मीर में शादियों में अब सिर्फ 25 लोगों को शामिल होने की इजाज़त होगी.

पूर्वोत्तर में मिजोरम सरकार ने सोमवार से सात दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लागू किया है, जबकि सिक्किम में लॉकडाउन जैसी पबांदी 16 मई तक प्रभावी रहेगी.
लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हालांकि पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों और संक्रमण की दर में कमी आई है, लेकिन महामारी की मौजूदा लहर में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब तक हासिल की गई कामयाबी को खत्म कर देगी. इस दौरान मेट्रो ट्रेन सेवाएं बंद रहेंगी और सार्वजनिक स्थानों पर विवाह समारोहों के आयोजन पर भी रोक रहेगी. शादियां घर या कोर्ट में ही हो सकेंगी, उसमें भी सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो पाएंगे.
उत्तर प्रदेश में पहले सोमवार सुबह सात बजे कर्फ्यू खत्म होना था. सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया, ‘‘प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक नतीजे आए हैं और इससे संक्रमण की कड़ी को तोड़ने में मदद मिली है. कोविड-19 के मामलों में कमी आई है. इसे देखते हुए अब 17 मई की सुबह सात बजे तक कर्फ्यू बढ़ाने का फैसला किया गया है.’’
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली उन 10 राज्यों में शामिल हैं, जहां पर रविवार को सामने आए 4,03,738 मामलों में से 71.75 प्रतिशत मरीज हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार सुबह जानकारी दी. इन 10 राज्यों की सूची में शामिल अन्य राज्य केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और हरियाणा हैं.
भारत में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 37 लाख 36 हज़ार 648 हो गई है, जो कुल संक्रमितों का 16.76 प्रतिशत है.
मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश में देश के 82.94 प्रतिशत एक्टिव मरीज़ हैं.


इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पाबंदी
दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में 19 अप्रैल से लॉकडाउन है और अब इसे 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
उत्तर प्रदेश: कोरोना कर्फ्यू की मियाद 17 मई तक के लिए बढ़ाई गई है.
बिहार: चार मई से 15 मई तक के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है.
ओडिशा: पांच मई से 19 मई तक के लिए 14 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया.
राजस्थान: राज्य सरकार ने 10 से 24 मई तक लॉकडाउन लगाया. हालांकि, संक्रमण रोकने के लिए पिछले महीने से ही पाबंदियां लागू हैं.
झारखंड: लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को 13 मई तक बढ़ाया. राज्य में सबसे पहले ‘स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह’ के तहत 22 अप्रैल को पांबदियां लागू की गई थी.
छत्तीसगढ़: वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की गई, जबकि पहले जिलाधिकारियों को 15 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की अनुमति दी गई थी.
पंजाब: 15 मई तक वीकेंड लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू के अलावा विस्तृत पांबदी लगाई गई है.
हरियाणा: तीन मई को सात दिनों का लॉकडाउन लागू किया गया, इससे पहले नौ जिलों में था सप्ताहांत लॉकडाउन था. लेकिन अब पाबंदियों को बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है.
चंडीगढ़: प्रशासन ने सप्ताहांत लॉकडाउन लागू किया है.
मध्यप्रदेश: राज्य में 15 मई तक ‘जनता कर्फ्यू’ लागू है, केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट.
गुजरात: रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कर्फ्यू लागू और 36 अन्य शहरों में 12 मई तक दिन में भी पाबंदी लागू.
महाराष्ट्र: पांच अप्रैल से ही लॉकडाउन जैसे पाबंदी लागू है, इसके साथ ही लोगों की आवाजाही पर पाबंदी है. इन पाबंदियों को बढ़ाकर 15 मई तक किया गया. लातूर, सोलापुर जिले में स्थानीय लॉकडाउन लागू. अमरावती, अकोला और यवतमाल में सख्त पाबंदी.
पश्चिम बंगाल: पिछले हफ्ते से ही सख्त पाबंदी लागू, सभी तरह के समागम पर रोक.
असम: रात्रि कर्फ्यू अब रात आठ बजे बजाय शाम छह बजे से लागू, बुधवार से सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के जाने पर रहेगी रोक. रात्रि कर्फ्यू 27 अप्रैल से सात मई तक था.
नगालैंड: 30 अप्रैल से 14 मई तक सख्त नियमों के साथ आंशिक लॉकडाउन.
मिजोरम: सरकार ने 10 मई तड़के चार बजे से 17 मई तड़के चार बजे तक पूर्ण लॉकडाउन लगाया.
अरुणाचल प्रदेश: शनिवार से शाम साढ़े छह बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा.
मणिपुर: सात जिलों में आठ मई से 17 मई के बीच रात्रि कर्फ्यू.
सिक्किम: 16 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदी रहेगी.
जम्मू-कश्मीर: पहले 10 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई थीं, जिसे बढ़ाकर अब 17 मई कर दिया गया है.
उत्तराखंड: रात्रि कर्फ्यू सहित कई पाबंदियों को दोबारा लागू किया गया. अप्रैल के अंत में लागू कर्फ्यू को तीन सबसे अधिक प्रभावित जिलों देहरादून, उधमसिंह नगर और हरिद्वार में 10 मई तक बढ़ाया गया.
हिमाचल प्रदेश: सात मई से 16 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू.
केरल: आठ मई से 16 मई तक लॉकडाउन लागू.
तमिलनाडु: 10 मई से 24 मई तक लॉकडाउन में रहेंगे लोग.
पुदुचेरी: 10 मई से 24 मई तक लॉकडाउन रखने का फैसला.

 

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 12810 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 9120 नए मरीज मिले 189 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 12810 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 9120 नए मरीज मिले 189 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 9120 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायगढ़ से सर्वाधिक 687 मरीज मिले है| आज प्रदेश में कुल 12810 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीत कर स्वस्थ्य हुए है | राज्य में आज कुल 189 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 126547 है | आज प्रदेश में 48732 टेस्ट हुए है |
देखे जिलेवार मरीजो की संख्या
दुर्ग से 294, राजनांदगांव से 228, बालोद से 254, बेमेतरा से 115, कबीरधाम से 250, रायपुर से 392, धमतरी से 189, बलौदा बाजार से 635, महासमुंद से 295, गरियाबंद से 265, बिलासपुर से 572, रायगढ़ से 687, कोरबा से 571, जांजगीर- चाम्पा से 600, मुंगेली से 465, जीपीएम से 290, सरगुजा से 522, कोरिया से 463, सूरजपुर से 406, बलरामपुर से 368, जशपुर से 391, बस्तर से 182, कोंडागांव से 160, दंतेवाड़ा से 58, सुकमा से 59, कांकेर से 335, नारायणपुर से 41, बीजापुर से 30, अन्य राज्य से 03 मरीज शामिल है ।

 

आईसीएमआर अपडेट :  राज्य में मिले 6783 कोरोना पॉजिटिव, आज कोरबा से मिले 500 से अधिक, देखे बाकी जिलों के आकड़े

आईसीएमआर अपडेट : राज्य में मिले 6783 कोरोना पॉजिटिव, आज कोरबा से मिले 500 से अधिक, देखे बाकी जिलों के आकड़े

रायपुर। राज्य में आज शाम 5.00 तक 6783 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 521 अकेले कोरबा जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 213, बलौदाबाजार 430, बलरामपुर 258, बस्तर 130, बेमेतरा 100, बीजापुर 23, बिलासपुर 428, दंतेवाड़ा 49, धमतरी 150, दुर्ग 184, गरियाबंद 213, जीपीएम 193, जांजगीर-चांपा 426, जशपुर 319, कबीरधाम 157, कांकेर 214, कोंडागांव 146, कोरबा 521, कोरिया 236, महासमुंद 209, मुंगेली 371, नारायणपुर 31, रायगढ़ 501, रायपुर 294, राजनांदगांव 184, सुकमा 36, सूरजपुर 286, और सरगुजा 481 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं। 

बड़ी खबर :  मुख्यमंत्री ने फिर 7 दिन के लिए बढ़ाया लॉकडाउन, इस बार बंद रहेगी ये सेवाएं

बड़ी खबर : मुख्यमंत्री ने फिर 7 दिन के लिए बढ़ाया लॉकडाउन, इस बार बंद रहेगी ये सेवाएं

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ाने का एलान कर दिया है। दिल्ली में अब अगले सोमवार सुबह 5 बजे तक के लिए लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन को एक हफ्ते के लिए बढ़ाया जा रहा है। लॉकडाउन अगले सोमवार सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। दिल्ली में कल से मेट्रो चलनी बंद हो जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 26 अप्रैल के बाद से कोरोना के केस कम होने शुरू हुए और पिछले एक-दो दिन में पॉजिटिविटी रेट 35% से घटकर 23% हो गया है।
सीएम केजरीवाल ने लगातार तीसरी बार लॉकडाउन बढ़ाया है। इस बीच आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। 17 मई की सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बीच सरकार संक्रमण के मामलों की समीक्षा करेगी। हालात में सुधार न होने से लॉकडाउन आगे भी बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन बढ़ाने की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन एक सप्ताह के लिए बढ़ाया जा रहा है।
दरअसल, कोरोना के मामले बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने सबसे पहले बीते 19 अप्रैल की रात बजे से 6 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया था। हालात में बदलाव न होने पर 25 अप्रैल को इसे एक हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया था। दूसरे सप्ताह का लॉकडाउन तीन मई को सुबह 5 बजे खत्म होने वाला था तो सरकार ने एक मई को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया। फिर इस सप्ताह का लॉकडाउन 10 मई को खत्म होने वाला था थो सरकार ने 9 मई को बढ़ा दिया। अब 17 मई सुबह 10 बजे तक बंदिशें लागू रहेंगी।
00 दिल्ली में 17,364 लोगों में संक्रमण की पुष्टि, 332 लोगों की मौत
राजधानी में संक्रमण से हालात कुछ बेहतर होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को कोरोना के 17,364 मामले आए और 332 लोगों को मौत हो गई। 22 दिन बाद दिल्ली में 18 हजार से कम मामले आए हैं। पिछले 5 दिनों से दैनिक संक्रमितों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अब कुल संक्रमितों की संख्या 13,10,231 हो गई है। इनमें से 12,03, 253 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि, कुल 19,071 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के मामलों में भले ही गिरावट आ रही है, लेकिन दैनिक मौत के मामले अभी कम नहीं हो रहे हैं। इससे दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर बढ़कर 1.46 फीसदी हो गई है।
 

भारत में क्यों हुआ कोरोना का विस्फोट? WHO के टॉप सांइटिस्ट ने बताए ये असली कारण

भारत में क्यों हुआ कोरोना का विस्फोट? WHO के टॉप सांइटिस्ट ने बताए ये असली कारण

भारत में कोरोना वायरस का ऐसा विस्फोट हुआ है कि अब हर दिन 4 लाख से अधिक कोरोना केस सामने आ रहे हैं और करीब 4 हजार से अधिक लोगों की मौतें हो जा रही हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के पीछे कई वजहें हैं, जिसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की टॉप वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन कई कारण बताए हैं। डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत में अचानक से कोरोना विस्फोट के पीछे की वजह कोरोना वायरस का नया वेरिएंट है, जो बहुत ही ज्यादा संक्रामक और जानलेवा है। साथ ही टीकाकरण की धीमी रफ्तार को भी उन्होंने वजह माना है।
समाचार एजेंसी एएफपी को दिए इंटरव्यू में डॉ. सौम्या स्वामीनाथ ने चेताया कि भारत में आज हम जो कोरोना महामारी देख रहे हैं, यह इस बात का संकेत है कि कोरोना का यह वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में कोरोना विस्फोट से बचने का उपाय केवल टीकाकरण अभियान है और इसमें भी तेजी लाने की जरूरत है।
बता दें कि भारत में पिछले चार दिनों से लगातार रोजाना चार लाख से अधिक कोरोना केस सामने आ रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से लेकर यूपी तक अस्पतालो में बेड, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए हाहाकार मचा है। भारत का हेल्थ सिस्टम ध्वस्त हो चुका है और कई विशेषज्ञ कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ें पर सवाल उठा रहे हैं।
भारतीय शिशु रोग विशेषज्ञ और डबल्यूएचओ की टॉप वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना का नया वेरिएंट B.1.617 जो कि भारत में अक्टूबर महीने में पाया गया था, वही अब भारत में कोरोना विस्फोट का सबसे बड़ा कारण है। यही नया वेरिएंट अब देश में हर दिन लाखों लोगों को अपना शिकार बना रहा है और यह जानलेवा साबित हो रहा है।
उन्होंने अपने इंटरव्यू में आगे कहा कि भारत में पाये जाने वाला कोरोना का यह वैरिएंट काफी खतरनाक, जो कि यह शरीर में एंटीबॉडी बनाने से भी रोकता है और पुराने वेरिएंट के मुकाबले काफी तेजी से म्यूटेट करता है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और अमेरिका भी इस वेरिएंट को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने भारत में कोरोना विस्फोट के पीछे लोगों की लापरवाहियों को भी कसूरवार माना है। बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा होना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होना भी इस विस्फोट के कारण हैं।
डॉ. स्वामीनाथन की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी और अन्य राजनेताओं द्वारा आयोजित बड़े पैमाने पर चुनावी रैलियां भी इसके लिए जिम्मेदार है। रैली में जुटी भीड़ ने भी कोरोना के प्रसार में मदद की। इसके अलावा, भारत में कई लोगों का यह मानना कि संकट टल गया है, यह भी बड़ी भूल है। क्योंकि काफी लोगों ने मास्क पहनना छोड़ दिया और बचाव के तरीकों का भी पालन नहीं किया, जिसकी वजह से कोरोना आसानी से फैलता चला गया।
उन्होंने भारत में जारी टीकाकरण अभियान की धीमी रफ्तार को भी कोरोना वायरस के प्रसार का जिम्मेदार माना है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन बनाने वाले देश भारत ने अबतक 1.3 बिलियन से अधिक आबादी वाले लगभग दो प्रतिशत को पूरी तरह से टीकाकरण किया है। उन्होंने कहा कि 70 से 80 प्रतिशत टीकाकरण के बिंदु तक पहुंचने में सालों नहीं तो कई महीने लगेंगे।

 

कोरोना अपडेट: देश में आज भी 4 लाख से ज्यादा नए केस दर्ज, 24 घंटे में 4092 संक्रमितों की गई जान

कोरोना अपडेट: देश में आज भी 4 लाख से ज्यादा नए केस दर्ज, 24 घंटे में 4092 संक्रमितों की गई जान

नई दिल्ली, भारत कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जबरदस्त तरीके से जूझ रहा है. हर दिन मौत का आंकड़ा चार हजार के पार पहुंच गया है. वहीं, पांचवीं बार और लगातार चौथे दिन 4 लाख से ज्यादा कोरोना केस दर्ज किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 403,738 नए कोरोना केस आए और 4092 संक्रमितों की जान चली गई है. हालांकि 3,86,444 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं. इससे पहले शुक्रवार को 401,078 नए केस आए थे.


8 मई तक देशभर में 16 करोड़ 94 लाख 39 हजार 663 कोरोना डोज दिए जा चुके हैं. बीते दिन 20 लाख 23 हजार 532 टीके लगाए गए. वहीं अबतक कुल 30 करोड़ 22 लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं. बीते दिन 18.65 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसका पॉजिटिविटी रेट 22 फीसदी से ज्यादा है.


देश में आज कोरोना की ताजा स्थिति-
• कुल कोरोना केस- दो करोड़ 22 लाख 96 हजार 414
• कुल डिस्चार्ज- एक करोड़ 83 लाख 17 हजार 404
• कुल एक्टिव केस- 37 लाख 36 हजार 648
• कुल मौत- 2 लाख 42 हजार 362

 

बड़ी खबर: कोरोना से लड़ने में राज्य सरकारें हो रही नाकाम, केंद्र पर बनाया जा रहा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का दबाव

बड़ी खबर: कोरोना से लड़ने में राज्य सरकारें हो रही नाकाम, केंद्र पर बनाया जा रहा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का दबाव

नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर सामने आने के बाद लॉकडाउन या कर्फ्यू का फैसला राज्य सरकारें ही ले रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भी कहा कि राज्य ही इस पर फैसला ले, लेकिन दिन ब दिन बिगड़ते हालात के बीच राज्यों की ये सख्तियां नाकाफी साबित हो रही हैं। अब केंद्र सरकार पर दबाव डाला जा रहा है कि वह राष्ट्रव्यापी सख्त लॉकडाउन का ऐलान करे। देश के कई नामी डॉक्टरों के बाद अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है कि यदि देश को कोरोना से बचाना है तो पूरे देश में लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए। टुकड़ों टुकड़ों में राज्यों द्वारा लगाई जा रही पाबंदियों का फायदा नहीं मिल रहा है। बता दें, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता भी पूरे देश में लॉकडाउन की वकालत कर चुके हैं।
इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी में कहा है कि गुजरात में लॉकडाउन करने का कोई इरादा नहीं है। राज्य में आक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई है। गांधीनगर जिले की कलोल तहसील के ओरसिया गांव में `मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव` अभियान के तहत ग्रामीणों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री रूपाणी ने गांव में कोरोना महामारी को लेकर की गई व्यवस्थाओं और कोरोना संक्रमितों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुजरात में रात्रि कर्फ्यू तथा कोरोना नियंत्रण के लिए जारी केंद्र सरकार व आइसीएमआर की गाइडलाइन का पूरा-पूरा पालन किया जा रहा है। राज्य में ऑक्सीजन की कमी से अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है। रूपाणी ने एक बार फिर कहा कि गुजरात में लाकडाउन लागू करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। मार्च 2021 में गुजरात में 41 हजार बेड की व्यवस्था थी जो अब करीब एक लाख तक पहुंच गई है। राज्य में अभी आइसीयू और आक्सीजन से सुविधा वाले 55 हजार बेड मौजूद हैं। राज्य में सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त आक्सीजन मिल रही है। रूपाणी ने बताया कि कोरोना की पहली लहर के दौरान गुजरात के अस्पतालों को 250 टन आक्सीजन की जरूरत थी।
 

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 11641  ने जीती कोरोना से जंग, कुल 12239  नए मरीज मिले 223  मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 11641 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 12239 नए मरीज मिले 223 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 12239 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायगढ़ से सर्वाधिक 1086 मरीज मिले है| आज प्रदेश में कुल 11641 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीत कर स्वस्थ्य हुए है | राज्य में आज कुल 223 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 130859 है | आज प्रदेश में 61914 टेस्ट हुए है |
देखे जिलेवार मरीजो की संख्या
दुर्ग से 518, राजनांदगांव से 393, बालोद से 414, बेमेतरा से 170, कबीरधाम से 434, रायपुर से 718, धमतरी से 352, बलौदा बाजार से 728, महासमुंद से 409, गरियाबंद से 188, बिलासपुर से 605, रायगढ़ से 1086, कोरबा से 712, जांजगीर- चाम्पा से 1021, मुंगेली से 572, जीपीएम से 345, सरगुजा से 436, कोरिया से 577, सूरजपुर से 583, बलरामपुर से 375, जशपुर से 561, बस्तर से 241, कोंडागांव से 166, दंतेवाड़ा से 97, सुकमा से 54, कांकेर से 395, नारायणपुर से 26, बीजापुर से 63, अन्य राज्य से 00 मरीज शामिल है ।

 

आईसीएमआर अपडेट :  राज्य में मिले 9676 कोरोना पॉजिटिव, आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले, देखे सभी जिलों के आकड़े

आईसीएमआर अपडेट : राज्य में मिले 9676 कोरोना पॉजिटिव, आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले, देखे सभी जिलों के आकड़े

रायपुर। राज्य में आज शाम 5.50 तक 9676 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 845 अकेले रायगढ़ जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक 24 जिलों में सौ-सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 340, बलौदाबाजार 498, बलरामपुर 209, बस्तर 186, बेमेतरा 151, बीजापुर 57, बिलासपुर 469, दंतेवाड़ा 68, धमतरी 276, दुर्ग 490, गरियाबंद 169, जीपीएम 265, जांजगीर-चांपा 717, जशपुर 427, कबीरधाम 337, कांकेर 244, कोंडागांव 107, कोरबा 617, कोरिया 429, महासमुंद 355, मुंगेली 508, नारायणपुर 16, रायगढ़ 845, रायपुर 625, राजनांदगांव 317, सुकमा 39, सूरजपुर 521, और सरगुजा 394 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं। 

केंद्र ने किया बड़ा बदलाव : अस्पताल में भर्ती के लिए नहीं होगी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत

केंद्र ने किया बड़ा बदलाव : अस्पताल में भर्ती के लिए नहीं होगी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की विकराल दूसरी लहर के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कोविड-19 के इलाज को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं। अब मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के लिए कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। पहले अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कोविड की पॉजिटिव रिपोर्ट या फिर सीटी-स्कैन की जरूरत होती थी।


कोरोना मरीजों को कोविड सुविधाओं में भर्ती करवाने के लिए राष्ट्रीय नीति में संशोधन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोरोना का संदिग्ध मामला अगर होता है तो उसे सीसीसी, डीसीएचसी या डीएचसी वॉर्ड में भर्ती किया जाए। किसी भी मरीज को सर्विस देने के लिए इनकार नहीं किया जा सकता है। इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं भी शामिल हैं, भले ही मरीज किसी दूसरे शहर का ही क्यों न हो।

मंत्रालय ने आगे जानकारी दी कि किसी भी मरीज को इस आधार पर प्रवेश देने से मना नहीं किया जा सकता है उसके पास उस शहर का वैलिड आईडी कार्ड नहीं है, जहां पर अस्पताल स्थित है। अस्पताल में एंट्री जरूरत के हिसाब से होगी।

 

टीकों की कमी के बीच राज्य सरकार का फैसला, 35-44 आयु वर्ग के लोगों को पहले वैक्सीनेट करने का लक्ष्य

टीकों की कमी के बीच राज्य सरकार का फैसला, 35-44 आयु वर्ग के लोगों को पहले वैक्सीनेट करने का लक्ष्य

मुंबई, तीसरे चरण के वैक्सीनेशन में डोज की कमी और वैक्सीनेशन सेंटरों पर भीड़ को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बीच का रास्ता निकाला है. नए रास्ते के तहत राज्य सरकार अब सबसे पहले 35 से 44 साल की उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाने पर विचार कर रही है. सरकार का मानना है कि इस कदम से वैक्सीनेशन सेंटरों पर लोगों की भीड़ भी कम होगी और टीके कमी से जूझ रहे राज्य सरकार को राहत भी मिल सकती है.


टीकों की कमी से जूझ रहें हैं कई राज्य

बता दें कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में एक मई से देश भर में वैक्सीनेशन के तीसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है. हालांकि महाराष्ट्र समेत कई राज्य टीकों की कमी से जूझ रहे हैं. टीकों की कमी के कारण कई राज्यों में 18 से 44 साल के उम्र वाले लोगों के लिए टीकाकरण अभियान में तेजी नहीं आई है.


मुख्यमंत्री इस कदम पर जल्द ही फैसला ले सकते हैं इस बात की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश तोपे ने जानकारी दी है. राजेश तोपे ने कहा कि 18-34 साल के लोगों को टीका तभी लगेगा जब राज्य सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिल जाएंगे.