रायपुर | विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होकर 26 मार्च तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 24 बैठकें होंगी। राजभवन की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र में सरकार एक लाख करोड़ से ऊपर का मुख्य बजट पेश करेगी। वहीं कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को सदन में मंजूरी दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बजट सत्र की तैयारियों में पहले से ही जुटे हुए हैं। रोजाना अलग-अलग विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक कर विभागवार बजट मांग पर उनकी रायशुमारी जारी है। इसके बाद वित्त विभाग बजट का अंतिम खाका तैयार करेगा।
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इधर बजट सत्र की अधिसूचना जारी होते ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा समेत जनता कांग्रेस और बसपा सरकार को घेरने की रणनीति पर जुट गए हैं। उन मुद्दों की फेहरिस्त तैयार की जा रही है, जिनके बूते सरकार को सदन में घेरा जा सके। बताया जा रहा है कि धान खरीदी में हुई अव्यवस्था, बारदानों का संकट, किसानों की आत्महत्या, प्रदेश में बढ़ते अपराधिक मामले, शराबबंदी, बेरोजगारी, नक्सल, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति बन रही है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में कोरोना ने सरकार की आर्थिक सेहत पर बड़ा नुकसान किया है। सरकार का बजट घाटा बढ़ा है। राजस्व कम मिलने से कई विकास योजनाएं प्रभावित हुई है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सबका प्रभाव नए वित्तीय वर्ष के लिए पेश होने वाले बजट पर भी पड़ सकता है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि दिसंबर के बाद से हालात में थोड़ा सुधार हुआ है, ऐसे में बजट का प्रोजेक्शन पहले की तरह हो सकता है।
चर्चा है कि बजट सत्र के दौरान विधायकों को वैक्सीन लगाया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय़ स्पीकर डाॅ.चरणदास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव चर्चा किए जाने के बाद लेंगे। कोरोना संक्रमित विधायकों की संख्या की बात करें, तो अब तक राज्य के 90 विधायकों में से 30 विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
रायपुर | राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर अचानक आरपीएफ की बमरोधी दस्ता व जवानों को एक्शन मोड़ में देखकर रेल यात्री सकते में पड़ गए। आपको बता दे कि प्लेटफार्म नंबर 1 के छोर पर बम प्लांट होने की बात सुनकर यात्रियों में हड़कंप मच गया।
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जिसके बाद मौके पर पहुँचे आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को स्टेशन में किसी प्रकार का बम न होने की बात पर विश्वास दिलाया जिसके बाद उन्हें राहत की सांस ली ।
आरपीएफ अधिकारियों ने यात्रियों को बताया कि वह 26 जनवरी को लेकर स्टेशन के सुरक्षा के मद्देनजर मॉकड्रिल यानी सुरक्षा अभ्यास कर रहे थे, ताकि गणतंत्र दिवस पर स्टेशन में आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके और यात्रियों व स्टेशन की सुरक्षा आरपीएफ जवान मुस्तैदी से कर सके।
आरपीएफ टीम ने बुधवार सुबह 11:30 से 12:30 बजे तक प्लेटफार्म नंबर 1 पर मॉकड्रिल किया। इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने एक बैग में कपड़े के साथ प्लेटफार्म पर बम प्लांट किया जिसके बाद आरपीएफ के बमरोधी दस्ता ने बम को डिफ्यूज कर स्टेशन को बम के खतरे से सुरक्षित बनाया। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी प्रभारी सहित रेलवे निदेशक व रेलवे सुरक्षा बल के सभी अधिकारी मौजूद थे।
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर ने वर्ष 2021 के लिए तीन स्थानीय अवकाश की घोषणा की गई है। जारी आदेश के अनुसार गणेश चतुर्थी शुक्रवार 10 सितंबर, दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा, शुक्रवार 5 नवंबर, और भाई दूज शनिवार 6 नवंबर को जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। यह अवकाश बैंकों और कोषालय, उप कोषालय के लिए लागू नहीं होगा।
रायपुर । मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में प्रवेश के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार पूर्व में कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए मंत्रालय में किसी भी बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया था। अत्यावश्यक प्रकरणों में ही विभागीय सचिव की अनुमति से ही प्रवेश के निर्देश जारी किए गए थे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार अब चूंकि मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी की पूर्ण उपस्थिति के साथ कार्य संचालित हो रहा है। अतएव कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मंत्रालय में प्रवेश के लिए ऐसे व्यक्ति जिनके पास मंत्रालय सुरक्षा कार्यालय द्वारा जारी किए गए वैध स्थायी और अस्थायी प्रवेश-पत्र है, उन्हें प्रवेश की अनुमति होगी। जो व्यक्ति किसी शासकीय कार्य या विभागीय कार्य से मंत्रालय में प्रवेश करना चाहते हैं उन्हें विभागीय सचिव की अनुमति से ही मंत्रालय में प्रवेश दिया जाएगा।

इसी प्रकार से मंत्रालय में आगंतुक एवं जन सामान्य जो बैठक, निजी कार्य तथा सौजन्य भेंट करने हेतु मंत्रालय में प्रवेश चाहते हैं उन्हें पूर्व की भांति ही मंत्रालय के सुरक्षा कार्यालय द्वारा जारी किए गए दैनिक पास के माध्यम से ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अतः सभी आगंतुकों से अपेक्षा की जाती है कि वे मंत्रालय में प्रवेश हेतु निर्देशानुसार नियमों का पालन करते हुए कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए मंत्रालय में प्रवेश करते समय सेनीटाइजर एवं मास्क का उपयोग करें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करें। मंत्रालय के अंदर बिना मास्क के पाए जाने तथा निर्देशों का उल्लंघन करने पर जारी किया गया प्रवेश पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देशों के संबंध में मंत्रालय में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिव सहित समस्त निज सचिव और निज सहायक मंत्रीगणों और मुख्य सुरक्षा अधिकारी मंत्रालय को पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
धमतरी । धमतरी जिले के मगरलोड में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा गुरुकृपा होटल बस स्टैण्ड मगरलोड, आरके किराना स्टोर, नमन बेकरी, गुरुदेव दाल भंडार, महामाया अनाज भन्डार, दिनेश प्रोविजन स्टोर, भूषण बेकरी सहित 10 किराना दुकानों व होटलों में निरीक्षण कर 41 नमूने लिये गए। जिसमें से 32 मानक पाया गये बाकी अमानक थे। खुला चायपत्ती, मलाई पेड़ा, सोया चंक, चटपटा मटर, लाजवाब टोस्ट अमानक पाया गया। आम नागरिकों व खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के नियमो के बारे में जानकारी देते हुए जागरूकता फैलाई गई। निरीक्षण दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय कुमार सोनी, फनेश्वर पिथौरा व नमूना सहायक गिरजा शंकर वर्मा थे।
धमतरी । पेट्रोल और डीजल के उपभोक्ताओं को लगातार आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। 10 महीने पहले मार्च 2020 में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 70.85 रूपए थी, जो 20 जनवरी 2021 में 84.44 रूपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस तरह इन 10 महीनों में 13.59 रूपए की बढ़ोत्तरी हुई है। नए साल की ही बात करें तो इन 20 दिनों के दरम्यान पेट्रोल में 1.23 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। इसी प्रकार प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मार्च 2020 में डीजल की कीमत 68.01 रूपए प्रति लीटर थी, जो 20 जनवरी 2021 में 82.27 रूपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यह कीमत पिछले कई महीनों के मुकाबले सबसे अधिक है। इस प्रकार इन 10 महीनों में डीजल के दाम 14.26 रूपए प्रति लीटर बढ़ें हैं। नए साल में अब तक डीजल की कीमत में 1.39 रूपए की वृद्धि हो चुकी है। चर्चा करते हुए वाहन धारकों ने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे। इस तरह उपभोक्ताओं को लगातार आर्थिक चोट पड़ती जा रही है। सौ रूपए का पेट्रोल डलाने पर 1.18 लीटर ही पेट्रोल मिल पा रहा है। इससे बाइक चलाना महंगा पड़ रहा है। इसी प्रकार कार आदि चलाने वालों का भी बजट गड़बड़ा गया है। पेट्रोल और डीजल दोनों की मूल्य वृद्धि से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि यह भी सच्चाई है कि पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद पेट्रोल पंपों में भीड़ में किसी प्रकार की कमी दिखाई नहीं दे रही है।
कोंडागांव | जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त विकासखण्ड एवं नगरपालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्र में ‘मावा कोंडानार‘ (हमारा कोण्डागांव) अभियान का आगाज आज स्थानीय कोपाबेड़ा तालाब स्थल में विधायक मोहन मरकाम, कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान विधायक, कलेक्टर एवं एसपी, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने फावड़ा, कुदाली उठाकर तालाब के आस-पास के क्षेत्रों में साफ-सफाई कर श्रमदान किया।
ज्ञात हो कि इस अभियान के तहत् मुख्यालय के ऐसे स्थान जो मलिन जगह की श्रेणी में आते हैं वहां जन सहभागिता करके उन्हें स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जाएगा और यह अभियान तीन महीने तक चलाया जाएगा। इस मौके पर विधायक श्री मोहन मरकाम ने कहा कि अपने मुख्यालय को स्वच्छ, सुंदर बनाना हर नागरिक का परम कर्तव्य है और स्वच्छता अभियान को हर व्यक्तियों द्वारा अपनी आदतों में शुमार करने की आवश्यकता है। स्वच्छ वातावरण में निवास करना हर नागरिक का अधिकार है परन्तु इसमें जन भागीदारी भी जरूरी है। अपने आस-पास की जगह को स्वच्छ बनाने से बीमारियों के फैलने का खतरा स्वतः ही समाप्त हो जाता है।
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कलेक्टर ने इस दौरान जानकारी दी कि ‘मावा कोंडानार‘ शब्द गोंडी भाषा से लिया गया है और लोगों को इस स्वच्छता मुहिम में जोड़ने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है और नदी, तालाब जैसे जल स्त्रातों को स्वच्छ बनाना तो और भी ज्यादा जरूरी है। इसलिए कोपाबेड़ा तालाब स्थल का चयन किया गया है। इस अभियान के क्रम में सभी शासकीय भवन एवं सड़क के किनारे दीवारों पर स्थानीय संस्कृति के अनुरूप ‘वाॅल पेंटिंग‘ करके मुख्यालय आकर्षक रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि ‘मावा कोंडानार‘ के तहत् बड़ेराजपुर ग्राम पंचायत बीरापारा एवं नगर पंचायत फरसगांव में भी नगर पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद और एल्डर मैन एवं निकाय के समस्त कर्मचारी द्वारा श्रमदान किया गया। इस श्रमदान अभियान में जनप्रतिनिधि तरूण गोलछा, मनीष श्रीवास्तव, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर पटेल, शांति पाण्डे, एसडीएम बीआर धु्रव, सीएमओ सूरज सिदार, अभियंता संजय मारकण्डेय, संजय कोर्राम सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देशानुसार तैयब हुसैन, अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी, ब्लाक क्रमांक 1 बिलासपुर शहर को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।
आपको बता दें कि विधायक शैलेष पांडेय से दुर्व्यवहार मामले में पीसीसी ने बड़ी कार्रवाई की है। विवाद करने वाले ब्लाक अध्यक्ष तैय्यब हुसैन की छुट्टी हो गयी है। पीसीसी की जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ये कार्रवाई की गयी है।
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आपको बता दें कि कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर के सर्किट हाउस में विधायक शैलेष पांडेय के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। जिसकी शिकायत विधायक ने पीसीसी में की थी।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर सहित 4 नये उद्यानिकी महाविद्यालयों साजा (बेमेतरा जिला), अर्जुन्दा (बालोद जिला), धमतरी, जशपुर और लोरमी कृषि महाविद्यालय (जिला मुंगेली) और नवीन कृषि विज्ञान केन्द्र कोण्डागांव का शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य स्थापना के समय छत्तीसगढ़ में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय सहित केवल 01 कृषि महाविद्यालय था। आज कृषि, उद्यानिकी के 46 महाविद्यालय, 08 अनुसंधान केंद्र एवं 27 कृषि विज्ञान केंद्र इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर में बलरामपुर से लेकर दक्षिण में सुकमा तक कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो गया है।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया गया है। इसका लाभ किसानों को उन्नत तकनीक से खेती करने में और कृषि से संबद्ध आर्थिक गतिविधियों को विकसित करने में मिलेगा जिससे हमारे किसानों और ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। उनकी आर्थिक-समाजिक स्थिति और सुदृढ़ होगी।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 35वें स्थापना दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश के कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों और नवीन कृषि महाविद्यालयों में 115 करोड़ रूपए की लागत के अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इनमें से 46 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और 63 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत के कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।

इन कार्यों में कृषि महाविद्यालयों के भवन, बालक-बालिका छात्रावास, अनुसंधान केन्द्र, हाइटेक नर्सरी, सीड प्रोसेसिंग भवन, हैचरी, कृषि विज्ञान केन्द्रों में प्रशासनिक भवन और कृषक छात्रावास निर्माण के कार्य शामिल हैं। श्री बघेल इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए डिजिटल कृषि पंचांग और कृषि दर्शिका-2021 का विमोचन भी किया।
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मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कृषि और जलसंसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, विधायक श्री अमितेश शुक्ला, श्री देवव्रत सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के.पाटिल और कुल सचिव श्री प्रभाकर सिंह उपस्थित थे। इस प्रदेश व्यापी कार्यक्रम में 12 मंत्री और 21 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक सहित विभिन्न कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी भी जुड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 14 कृषि महाविद्यालयों, छात्रावासों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के भवनों का भी लोकार्पण हुआ है। ये सभी भवन लगभग 47 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। जिन कृषि महाविद्यालयों में महाविद्यालय-भवन एवं छात्रावास नहीं थे, उनके लिए हमने राशि की स्वीकृति दी है। इन महाविद्यालयों, छात्रावासों, कृषि विज्ञान केंद्रों के भवनों एवं कृषक छात्रावासों के लिए लगभग 63 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणा-पत्र में उद्यानिकी और वानिकी को बढ़ावा देने का वादा किया था। इसी को मूर्त रूप देने के लिए महात्मा गांधी के नाम पर उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की है। इस विश्वविद्यालय के लिए पदों की स्वीकृति भी दे दी गई है। पिछले 02 वर्षों में हमने सुकमा एवं कोण्डागांव में 02 नये कृषि विज्ञान केंद्र प्रारंभ करने पहल की है, जिन्हें भारत सरकार से स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। आज इनमें से कोण्डागांव में कृषि विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया गया है। हमारा प्रयास है कि इसी वर्ष गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही एवं साजा में भी नये कृषि विज्ञान केंद्र प्रारंभ हो जाएं, इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कृषकों को कृषि में लगने वाली लागत के आंकलन के लिए पहले कोई केंद्र नहीं था। इस वर्ष से छत्तीसगढ़ में किसानों की लागत का अध्ययन करने के लिए एक केंद्र विश्वविद्यालय में प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिए 25 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण शासन की प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। इस वर्ष न केवल खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय प्रारंभ किया है, वरन इस महाविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केंद्र जगदलपुर के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से फूड प्रोसेसिंग इक्यूबेशन सेंटर भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 02 वर्षों में हमने 08 महाविद्यालय स्थापित किए हैं। इस वर्ष हम 08 नये महाविद्यालय खोलने जा रहे हैं। कृषि की शिक्षा में बच्चों के रुझान को देखते हुए हमने प्रवेश क्षमता में भी वृद्धि की है। पिछले 02 वर्षों में लगभग 20 प्रतिशत सीट की वृद्धि की गई है। अगले वर्ष से प्रवेश क्षमता में 10 प्रतिशत की और वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा सुराजी गांव योजना के तहत राज्य में 7 हजार से अधिक गोठानों का निर्माण किया जा रहा है। 4 हजार से ज्यादा गोठान सक्रिय भी हो चुके हैं। 325 गोठानों को कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा गोद लिया गया है, जिनमें वैज्ञानिकों द्वारा वर्मी कंपोस्ट निर्माण, मशरूम उत्पादन, बटेर पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन, सब्जियों-फूलों की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बाड़ी विकास के तहत विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 8000 बाडि़यों का विकास किया जा रहा है।
कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता छत्तीसगढ़ में कृषि, उद्यानिकी और वानिकी क्षेत्र का विकास करना है। पिछले दो वर्षाें में 8 नए कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किया गया है। छत्तीसगढ़ के विकास में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जब कोविड के कारण देश में आर्थिक गतिविधियां ठप थी। छत्तीसगढ़ का सौभाग्य रहा कि सारी बाधाओं के बाद भी किसानों, मजदूरों और वनांचल के रहवासियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़े रखा। दो वर्षाें में विश्वविद्यालय ने 34 नई प्रजातियों के बीज विकसित किए। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने धान की सुगंधित प्रजातियों को जिलेवार दर्शाता ‘‘धान से धनी छत्तीसगढ़‘‘ का नक्शा स्मृति चिन्ह के रूप में मुख्यमंत्री को भेंट किया।
रायपुर | छत्तीसगढ़ में कोरोना वैैैक्सीनेशन के तीसरे दिन आज डाॅ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आई सी यू के प्रमुख डाॅ ओ पी सुंदरानी और पल्मोनरी मेडिसिन के प्रमुख चिकित्सक डॉ आर के पांडा ने आज कोरोना का वैक्सीन लगवाया ।
दोनो चिकित्सक स्वस्थ हैं और टीका लगाने के बाद वापस अस्पताल कार्य पर आ गए। दोनो ने चिकित्सा कर्मियों से आग्रह किया कि वे अवश्य टीका लगवाएं क्योंकि यह पूरी तरह सुरक्षित है और आम जनता के सामने मिसाल रखें।
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छत्तीसगढ़ मे कोरोना की दस्तक के साथ ही दोनों डाॅक्टर लगातार बिना रूके कोरोना मरीजों के इलाज में मेकाहारा के अन्य चिकित्सकों और स्टाफ के साथ जुटे रहे। इसके अलावा रिफरल केन्द्र होने के कारण प्रदेश के अन्य अस्पतालों के चिकित्सकों को भी मार्गदर्शन देते रहे।

चिकित्सकों को आन लाइन प्रशिक्षण भी दिया । मरीजों की सेवा करने और उनके ठीक होकर घर जाने पर उन्हे, मरीजों के परिजनों के बराबर ही खुशी होती थी। डाॅ सुंदरानी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान उन्होने कोई अवकाश नही लिया। डाॅ पांडा ने कहा कि त्योहारों में भी वे ड्यूटी करते रहे ताकि मरीज स्वस्थ हो सकें । इसी से उन्हे अत्यंत खुशी मिलती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी सभी को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना मास्क लगाना ,सुरक्षित दूरी रखना और हाइजिन का ध्यान रखना होगा और वे रख भी रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वैक्सीन की दूसरी डोज के 14 दिन के बाद ही शरीर में प्रतिरक्षात्मक तंत्र विकसित होता है।
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विशेषज्ञ अभी भी इसीलिए कह रहे हैं कि संक्रमण कम होने का अर्थ यह नही है कि यह और नही फैल सकता। सबको सचेत रहने की जरूरत है अभी भी ,तभी कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं। प्रदेश में कोरोना वैैक्सीनेशन मंगलवार,शुक्रवार और रविवार को छोड़कर बाकी सभी दिन प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व निर्धारित सेशन साइट में होगा।













