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 शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित, पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर करेंगे चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद

शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित, पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर करेंगे चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद

रायपुर। बस्तर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बस्तर दीपक झा के नेतृत्व में शहर के युवा वॉलिंटियर्स की टीम गठित की गई है, जो कि शहर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मिलकर चौक-चौबंद व्यवस्था में मदद करेंगे। शहर के ऐसे 20 युवाओं की टीम गठित की गई है। सभी युवा वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार शाम कलेक्टोरेट के आस्था हाल में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक अशोक पांडे व अन्य अधिकारियों ने ली। बैठक में युवा वॉलिंटियर्स को बताया गया कि शहर के प्रमुख चौक चौराहों में पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह सभी वॉलिंटियर्स पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मालूम हो कि बस्तर जिले में है आज शाम 6:00 बजे से 22 अप्रैल के रात 12 बजे तक लॉक डाउन लगाई गई है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बस्तर जिला में भी लॉकडाउन लगाया गया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन में लोग अपने घरों पर सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का उद्देश्य नहीं है कि वह लोगों को बेवजह परेशान करें।कोरोना का प्रकोप बस्तर जिला में भी बढ़ता जा रहा है इसलिए लॉकडाउन की स्थिति पैदा हुई है। सभी वॉलिंटियर्स सुबह व शाम तीन-तीन घंटा पुलिस कर्मचारियों के साथ अपनी सेवाएं देंगे। शहर के अनुपमा चौक, गुरु गोविंद सिंह चौक, संजय मार्केट ,धरमपुरा, बस स्टैंड सहित अनेक चौक चौराहों में पुलिस कर्मचारियों की जहां ड्यूटी लगाई गई है यह सभी वॉलिंटियर्स वहां मौजूद रहेंगे। एसपी दीपक झा ने बताया कि बस्तर जिले में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है इसे लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी किया है। प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक लॉकडाउन के दौरान बस्तर पुलिस ने जगदलपुर शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर संवेदनशील चौक चौराहों पर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 6 जगहों पर चिन्हांकित कर फिक्स पॉइंट बनाए हैं। इसके अलावा शहर में 4 पेट्रोलिंग पार्टी की व्यवस्था भी की गई है। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात हैं।
छत्तीसगढ़: 21 किलो अवैध गांजा के साथ दो अन्तर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: 21 किलो अवैध गांजा के साथ दो अन्तर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार

जगदलपुर। जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई चौक पर फिक्स पाइंट में वाहनों एवं राहगीरों की जांच के दौरान एक हीरो होण्डा ग्लैमर मोटर सायकल में 02 संदिग्ध भागने का प्रयास कर रहे थे जिन्हें ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक अभिलाषधर दीवान एवं हमराह आरक्षकों के द्वारा दौड़ाकर पकड़ा गया। आरोपियों ने अपना नाम गोपाल सिंह और शिवप्रसाद सिंह दोनो निवासी सोनभद्र उत्तरप्रदेश का होना बताये। जिनके पास रखे बैग की तलाशी लेने पर 21 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने इस एक मोटर सायकल हीरो होण्डा ग्लैमर बिना नम्बर का एवं 21 किलोग्राम अवैध गांजा जप्त किया गया है। मामले में दोनों आरोपियों के विरूद्व धारा-20 (बी) एनडीपीएस का अपराध पंजीबद्व किया गया है। 
 बड़ी खबर छत्तीसगढ़ : महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, 2 की जन्म लेते ही हुई मौत

बड़ी खबर छत्तीसगढ़ : महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, 2 की जन्म लेते ही हुई मौत

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है, हालांकि इसमें से दो बच्चों की जन्म लेते ही मौत हो गई। दो बच्चे अभी स्वस्थ्य हैंं, जिन्हें महासमुंद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बागबाहरा बीएमओ आर कुरवंशी ने बताया कि ग्राम चाराभाठा की महिला चंद्रिका पति हरि बीती को यहा एडमिट हुई, जिन्होंने चार बच्चों को जन्म दी, जिसमें से दो बच्चे जन्म लेने के साथ ही मृत हो गई। बच्चे का वजन 500 से 1 किलो ग्राम तक का था। चार बच्चों में तीन लड़की और एक लड़के है। महिला की यह तीसरी प्रेग्नेंसी थी।

उन्होंने बताया कि बागबाहरा में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दी। हालांकि डाक्टरों का कहना है कि बच्चे वजन बहुत कम होने के कारण दो बच्चों को बचाया नहीं जा सका। जन्म लेने के साथ ही मृत हो गए। हालाकिं दो बच्चाें को डाक्टरों ने सुरक्षित बचा लिया है। जच्चा, बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है. 2 बच्चे व महिला स्वस्थ हैं और डॉक्टर की टीम निगरानी कर रही है।
  सहायक शिक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित, जानिए क्या है कारण

सहायक शिक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित, जानिए क्या है कारण

जगदलपुर। कोरोना टीकाकरण में अनुपस्थित सहायक शिक्षक को कलेक्टर रजत बंसल ने निलंबित कर दिया है। बास्तानार ब्लॉक के बोदेनार माध्यमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक मनीराम नेताम की ड्यूटी 05 अप्रैल को टीकाकरण अधिकारी क्रमांक -02 के रुप में कोविड सेंटर प्री मेट्रिक बालक छात्रावास किलेपाल में लगाते हुए 06 अप्रैल तक तहसील के समक्ष अनिवार्य रुप से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अपने इस दायित्व में उपस्थित नहीं होने पर सहायक शिक्षक को कलेक्टर द्वारा निलंबित कर दिया।
 शादी के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन, प्रशासन ने वसूला 10 हज़ार का जुर्माना

शादी के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन, प्रशासन ने वसूला 10 हज़ार का जुर्माना

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद से कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर रात राजस्व विभाग की टीम ने ब्लॉक मुख्यालय के वंनांचल ग्राम भवरमरा में कार्रवाई की। 

पढ़िए पूरी खबर-
इस संबंध में डौंडीलोहारा एस डी एम तिवारी व तहसीलदार रामरतन दुबे ने बताया कि तहसील डौंडीलोहारा अंतर्गत ग्राम भंवरमरा में राजस्व विभाग की टीम को ग्राम कोटवार बसंता बाई की पुत्री के विवाह कार्यक्रम में कुल 30 लोग उपस्थित मिले। जबकि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत केवल 10 लोगों के लिए अनुमति है। निर्धारित संख्या से 20 लोग अधिक होने पर प्रति व्यक्ति 500 के हिसाब से चलानी कार्यवाही कर 10 हज़ार रुपए वसूले गए।
 
आर्थिक तंगी से परेशान बुजुर्ग ने की फांसी लगाकर आत्महत्या

आर्थिक तंगी से परेशान बुजुर्ग ने की फांसी लगाकर आत्महत्या

महासमुंद। पटेवा क्षेत्र के ग्राम ओडार निवासी 68 वर्षीय पल्टन ध्रुव आर्थिक स्थिति से तंग आकर 14 अप्रैल सुबह चार बजे अपने ही घर के म्यार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया । पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया । पुलिस के अनुसार मृतक की आर्थिक स्थित खराब थी । इससे वह आए दिन परेशान रहता था ।

 ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल में नहीं हुई किसी की मृत्यु : सिविल सर्जन जांजगीर

ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल में नहीं हुई किसी की मृत्यु : सिविल सर्जन जांजगीर

रायपुर। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय जांजगीर ने बताया है कि जिला चिकित्सालय जांजगीर में संचालित एक्सक्लूसिव कोविड ट्रीटमेंट सेंटर (ई.सी.टी.सी.) में उपलब्ध सभी 80 बेड में पर्याप्त ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध है। यहां किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी से नहीं हुुई है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों कोविड पॉजिटिव मरीजों की ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी की वजह से मृत्यु की बात बिल्कुल निराधार है। ई.सी.टी.सी सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट, जम्बो ऑक्सीजन सेलेण्डर एवं ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के द्वारा मरीजों को निरंतर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां जिन मरीजों की मृत्यु हुई है, उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उनमें से किसी भी मरीज की मृत्यु अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई है।
 अंधविश्वासी शिक्षक ने तेंदुए की खाल का बनाया था बिस्तर, वन विभाग ने किया गिरफ्तार

अंधविश्वासी शिक्षक ने तेंदुए की खाल का बनाया था बिस्तर, वन विभाग ने किया गिरफ्तार

दंतेवाड़ा। वन्य जीवों की तस्करी के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी बीच दंतेवाड़ा जिले के पातररास से वन विभाग ने एक शिक्षक के घर से तेंदुए की खाल बरामद की है। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग ने कार्रवाई की है। 

जानकारी के अनुसार वन विभाग के एसडीओ अशोक सोनवानी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पातररास में एक शिक्षक संतोष जायसवाल अपने घर पर तेंदुए की खाल छिपा रखा है, जिसे वह जल्द बेचने की तैयारी में है। आरोपी शिक्षक संतोष जायसवाल दंतेवाड़ा के भोगाम में प्राथमिक विद्यालय में वर्ग 03 का शिक्षक है। जिसने वर्षभर पहले 25 हजार में तेंदुए की खाल को तस्करी के नीयत से खरीदी थी। पर उसे बेचने के लिए उसे ग्राहक नही मिल रहे थे।

वन विभाग दंतेवाड़ा के एसडीओ अशोक सोनवानी ने मामले के संबंध में बताया कि आरोपी तेंदुआ की खाल को ही सोने का बिस्तर बनाया था। अंधविश्वास के चलते शिक्षक का मानना था कि इस तरह सोने से मनोकामना पूरी होती है। मनोकामना पूर्ण होते ही वह खाल को बेच देना चाहता था। जिससे शिक्षक ने इस खाल को खरीदा था, उसे भी पकड़ने की तैयारी में वन विभाग जुट गया है। बता दें कि बस्तर में वन्य प्राणियों पर तस्करी की वजह से गहरा संकट मंडरा रहा है।
 छत्तीसगढ़: शादी समारोह में शामिल 135 लोग हुए कोरोना संक्रमित, मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़: शादी समारोह में शामिल 135 लोग हुए कोरोना संक्रमित, मचा हड़कंप

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर–चांपा जिले से इस बड़ी खबर सामने आ रही है जहां एक ही गांव के 135 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार सक्तीगुड़ी गांव नया हॉटस्पॉट बन गया है। 5 सौ की आबादी वाले गांव में अब तक 135 लोग संक्रमित पाए गए हैं। फिलहाल सभी का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बलौदा ब्लॉक के सक्तीगुड़ी में हाल ही में शादी समारोह संपन्न हुआ है। बताया जा रहा है ?कि गांव के लोग वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहीं तबीयत खराब होने पर कोरोना की जांच कराई तो 135 की रिपोर्ट पॉजिटिव आया। वहीं अब गांव के मुख्य द्वार पर बेरिकेटिंग कर सील कर दिया गया है।
BIG BREAKING : भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल मिल में लगी भीषण आग, रेल पटरी उत्पादन प्रभावित

BIG BREAKING : भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल मिल में लगी भीषण आग, रेल पटरी उत्पादन प्रभावित

दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल मिल में भीषण आग लग गई। पुलपिट नंबर 1 में बुधवार की रात भीषण आग लगी। आग की वजह से रेल पटरी का उत्पादन प्रभावित हो गया है। आग लगने का प्रमुख कारण टनल की सफाई नहीं होने को बताया जा रहा है। रोलर्स का ग्रीस, तेल अन्य ज्वलनशील पदार्थ टनल में लगातार गिर रहा था। टनल के ऊपर लगभग 1100 से 1200 डिग्री तापमान में रेल पटरी की ढलाई हो रही थी। ढलाई के समय ही आग लगी।
बताया जा रहा है कि पूरा क्षेत्र काफी गर्म होता है। चिंगारी की वजह से आग तेजी से फैल गई। आग लगने से भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई। फायर ब्रिगेड को तत्काल सूचना दी गई, हालांकि पूर्व से वहां पर फायर ब्रिगेड की 2 गाडिय़ां तैनात थीं। बावजूद इसके अन्य स्टेशन से भी फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों का मंगाया गया। आग पर काबू पाने के लिए एक घंटे तक दमकलकर्मी मशक्?कत करते रहे। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 14 अप्रैल की रात लगभग 11:45 बजे आग लगी। देखते ही देखते आग पूरी तरह से फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि सबसे पहले वह आग पुलपिट के नीचे रोलिंग स्टैंड के टनल से बढ़ती हुई दिखी और पूरी तरह से पुलपिट को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद वहां के हाइड्रोलिक पाइप लाइन, इलेक्ट्रिकल केबल ओर पुलपिट पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचती तब तक आग भीषण रूप ले चुकी थी। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन बड़ा नुकसान हो गया। जानकारों के मुताबिक अभी काम चालू होने में कम से कम 3 से 4 दिन का समय लग सकते हैं।
 

रायपुर के आजाद चौक क्षेत्र में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, लोगो को घर में रहने की दी समझाईश

रायपुर के आजाद चौक क्षेत्र में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, लोगो को घर में रहने की दी समझाईश

रायपुर। कारोना संक्रमण के फैलाव को रोकने एवं इस महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए जिला प्रशासन ने 09 से 19 अप्रैल तक रायपुर जिला में लाॅक डाउन घोषित किया है। लाॅक डाउन अवधि के दौरान 15 अप्रैल को डीआईजी और एसएसपी अजय कुमार यादव ने पुलिस की टीम को ब्रीफ करते हुये आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिस पर एएसपी सिटी लखन पटले के नेतृत्व में रायपुर पुलिस की टीम द्वारा आजाद चौक अनुभाग के थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया।
फ्लैग मार्च नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती मनोज कुमार ध्रुव, आजाद चैक अनुभाग के थानों के थाना प्रभारी, पेट्रोलिंग पार्टी सहित पुलिस बल के साथ किया गया। पुलिस टीम ने मुख्य स्थानों में फ्लैग मार्च करने के साथ ही गली और मोहल्लों के अंदर जाकर भी अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने वालों और बेवजह बाहर घुमने वालों को सख्ती से समझाईश देते हुये घर के अंदर रहने की हिदायत दी।
 

रायपुर जिले के इन क्षेत्रो में कोविड केयर सेंटर हुआ प्रारंभ

रायपुर जिले के इन क्षेत्रो में कोविड केयर सेंटर हुआ प्रारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शासन के दिशा-निर्देश के तहत रायपुर जिले में कोरोना मरीजों के बेहतर इलाज और उनके अच्छे स्वास्थ्य की दृष्टि से व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में जहां मेडिकल कालेज के साथ-साथ आयुर्वेदिक कॉलेज, माना और लालपुर में कोविड हॉस्पिटल पूर्व से संचालित थे, वहीं अब इसमें फुण्डहर के वर्किंग वूमेन हॉस्टल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर और धरसीवां तथा तिल्दा विकासखंड में बनाए गए कोविड केयर भी शामिल हो गए हैं।
कलेक्टर डॉ. एस. भारती दासन ने बताया कि इन कोविड सेंटरों में क्रमशः 210, 50 और 50 बेड की व्यवस्था है। इनके शुरु होने से रायपुर जिले में 310 बेड की संख्या और बढ़ गई है। यहां क्रमश ऑक्सीजन एवं कंसुट्रेटर युक्त बिस्तरों की संख्या क्रमशः 40, 15 और 30 है। इस तरह ऑक्सीजन युक्त बेडों की संख्या भी जिले में 85 और बढ़ गई है। इन तीनों सेंटर के शुरू हो जाने से अब रायपुर जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा बेड की संख्या 1274 हो गई है ,जिसमें 391 ऑक्सीजन युक्त और 523 कंसुट्रेटर युक्त बेड है। जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा 915 ऑक्सीजन सुविधा युक्त बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की जा चुकी है।
हाल ही में रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में कोविड केयर सेंटर प्रारंभ किया गया है। इस सेंटर में कुल 350 बिस्तरों की व्यवस्था है जिसमें 67 ऑक्सीजन सुविधा युक्त बेड है और 219 बेड ऐसे हैं जहां ऑक्सीजन कंसुट्रेटर की व्यवस्था है। इस तरह यहां 286 ऑक्सीजन युक्त बेड है। इस सेंटर में मरीजों के इलाज के लिए 24 घंटे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की समुचित व्यवस्था है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने बताया कि यहां मरीजों के लिए सभी आवश्यक दवाइयां जो किसी भी बड़े अस्पताल की तरह यहां भी कोरोना मरीजों के लिए निःशुल्क उपलब्ध है। कोरोना मरीज इन हॉस्पिटल या कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने तथा इलाज के लिए जिला कंट्रोल रूम के नंबर में संपर्क कर सकते हैं। वे कंट्रोल रूम में अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार होम आइसोलेशन या कोविड केयर सेंटर का आग्रह कर सकते हैं। कंट्रोल रूम में इन हॉस्पिटल अथवा कोविड केयर सेंटर जाने के लिए एंबुलेंस की मांग भी की जा सकती है।
भर्ती होने के लिए कंट्रोल रूम में किया जा सकता संपर्क जिला स्तरीय कंन्ट्रोल रूम में होम आईसोलेसन के मरीजों के सहायता के लिये (24x7)यानी किसी भी समय इन फोन नंबर 7880100313, 7880100314, 7880100315, 7566100283 7566100284,7566100285 में संपर्क किया जा सकता है। कोरोना संबंधी सामान्य जानकारी के लिये (सुबह 8 से रात 10 बजे तक) फोन नं.- 8602270023, 8602290023, 8602780023, 8602920023, 07714320202 पर संपर्क किया जा सकता है।
 

जिले में कोरोना को शिकस्त देकर 15 व्यक्ति लौटे अपने घर

जिले में कोरोना को शिकस्त देकर 15 व्यक्ति लौटे अपने घर

अम्बिकापुर । मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया है कि 5 दिन की हॉस्पिटालाईजेशन तथा लक्षण रहित पाए जाने पर 15 मरीजों को 15 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया है। कोविड अस्पताल अम्बिकापुर में 15 अप्रैल की स्थिति में 91 मरीज भर्ती हैं जिनका ईलाज जारी है। कोविड-19 अस्पताल में 7 मरीज आइसीयू में, 12 एचडीयू में, ऑक्सीजन के साथ 64 तथा बिना ऑक्सीजन के साथ 10 मरीज भर्ती है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ओर से मरीजों की सतत् निगरानी कर उपचार किया जा रहा है। मरीजों का बी.पी. पल्स. और ऑक्सीजन सेचूरेशन और अन्य वाईटल्स सामान्य है।
 

BIG BREAKING : अब छग के इस जिले में भी लगा लॉकडाउन, जानें कब से कब तक होगा..

BIG BREAKING : अब छग के इस जिले में भी लगा लॉकडाउन, जानें कब से कब तक होगा..

बीजापुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण लगातार सभी जिलो में एक के बाद एक लॉकडाउन लगाने का काम जारी है, ताकि कोरोना के भयावह संक्रमण पर लगाम लगा सकें. इसी कड़ी में बीजापुर जिले में भी 16 से 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगा दिया गया है.
देखे आदेश:-

 

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए सरकार ने लगाया एस्मा...

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए सरकार ने लगाया एस्मा...

रायपुर । राज्य सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं में कार्य करने से इंकार किये जाने का प्रतिषेध किया है। छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग ने जारी आदेश में उल्लेखित है कि लोक हित में यह आवश्यक तथा समीचीन है कि अत्यावश्यक सेवाओं में कार्य करने से इंकार किये जाने का प्रतिषेध किया जाए। छत्तीसगढ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार समस्त शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य एवं चिकित्सकीय संस्थानों में समस्त स्वास्थ्य सुविधाए, डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मी, स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता कार्यकर्ता, मेडिकल उपकरणों की बिक्री, संधारण एवं परिवहन, दवाईयों एवं ड्रग्स की बिक्री, परिवहन एवं विनिर्माण, एम्बुलेंस सेवाएं, पानी एवं विद्युत की आपूर्ति, सुरक्षा संबधी सेवाएं, खाद्य एवं पेयजल प्रावधान एवं प्रबंधन तथा बी.एम डब्ल्यू प्रबंधन कार्य करने से इंकार किये जाने का प्रतिषेध करती है।
 

क्वारंटाइन सेंटर जाने से किया मना, जिले में पहला अपराध दर्ज

क्वारंटाइन सेंटर जाने से किया मना, जिले में पहला अपराध दर्ज

मगरलोड। कोरोना के निरंतर फैलते संक्रमण से बचाव, नियंत्रण और रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ मिलकर धमतरी पुलिस निरंतर प्रयासरत है। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में संक्रमित व्यक्तियों को आइसोलेट करने के लिए सुविधा युक्त क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां संक्रमित व्यक्तियों को निर्धारित समयावधि तक क्वारेंटाइन किया जा रहा है। मगरलोड ब्लाक के ग्राम पंचायत डाभा के सचिव दूज राम ध्रुव पिता स्व. छन्नू राम ध्रुव ने 13 अप्रैल को मगरलोड थाना में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रशासन ने कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों के लिए प्राथमिक शाला डाभा को क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है। ग्राम डाभा के निवासी मोहनलाल गायकवाड़ पिता बाबूलाल गायकवाड, दानेश्वर गायकवाड पिता सखाराम गायकवाड, नीलम बाई सतनामी पति दानेश्वर सतनामी और ठम्मन लाल साहू पिता मानसिंग साहू की कोरोना परीक्षण रिपोर्ट पॉजिटिव आने से प्राथमिक शाला डाभा में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में जाने के लिए समझाइश दी गई। किंतु उक्त व्यक्तियों ने कोरोना वायरस को संक्रमणकारी होना जानते हुए जानबूझकर संक्रमण फैलाव के आशय से बार-बार समझाइश देने के बाद भी क्वॉरेंटाइन सेंटर जाने के लिए तैयार नहीं हुए। इस संबंध में टीआई प्रणाली वैद्य ने उक्त व्यक्तियों खिलाफ धारा 269, 270, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। 

सांसद सोनी ने की जिले में कोविड से उत्पन्न ताज़ा हालात की समीक्षा, अस्पताल का किया निरीक्षण

सांसद सोनी ने की जिले में कोविड से उत्पन्न ताज़ा हालात की समीक्षा, अस्पताल का किया निरीक्षण

बलौदाबाजार । लोकसभा सांसद सोनी ने आज यहां जिला कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कोविड महामारी से उत्पन्न ताज़ा हालात की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह मानवता की कठिन परीक्षा का वक्त है। हमें आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ पूरा ध्यान कोरोना पीड़ित लोगों की सेवा में लगाना है। उन्होंने जिला प्रशासन से हालात की जानकारी लेकर संकट से निपटने में हरसंभव सहयोग एवं सहायता का भरोसा दिलाया। सांसद सोनी ने बैठक में एम्बुलैंस की मांग आने पर तत्काल इसकी स्वीकृति प्रदान की और बैठक में ही सांसद निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति पत्र जिला प्रशासन को सौंप दिया। बैठक के बाद सांसद सोनी नई मण्डी परिसर में तैयार हो रहे कोविड केयर अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और तकनीकी अफसरों के मार्गदर्शन में ही अस्पताल का काम कराने को कहा है। विधायक प्रमोद कुमार शर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, पूर्व विधायक सनम जांगड़े, जिला पंचायत सदस्य नवीन मिश्रा, नगरपालिका परिषद के सभापति संकेत शुक्ला एवं सांसद प्रतिनिधि मणिकांत भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
लोकसभा सांसद सोनी ने बैठक में कहा कि कोविड मरीज़ों की इलाज के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में स्थानीय समाजसेवी एवं औद्योगिक संस्थाओं का अच्छा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने ऐसे सभी दानदाताओं के प्रति उदार सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इससे जरूरत के अनुरूप वेंटीलेटर, ऑक्सीजन बेड आदि सुविधा सुनिश्चित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में फिलहाल जिला अस्पताल में ही केवल 8 वेंटीलेटर सुविधा है। बहुत जल्द 22 और वेंटीलेटर मिलने की संभावना है। वेंटीलेटर संचालन के लिए तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होने पर सांसद ने तत्काल विज्ञापन निकालकर भरती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर विकराल रूप ले चुकी है। पूरी ताकत झोंकने का समय आ चुका है। अकेले स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे की बात नही है। अन्य सरकारी विभागों, समाजसेवी और औद्योगिक संस्थाओं को भी सहयोग के लिए और हाथ बटाना होगा। सांसद सोनी ने कोविड जांच की वर्तमान गति को और बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। यह प्रयास हो कि संक्रमित लोग एक बार में छंट जाएं तो इसका संक्रमण दर कम हो जाएगा। उन्होंने ऐसी हालात में पूरी संवेदनशीलता के साथ पुलिस विभाग को भी अपनी भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पॉजिटिव पाए गए मरीज़ों को शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों के जरिये दवाई बंटवाने के निर्देश दिए। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाए। विधायक प्रमोद शर्मा ने कोरोना के वर्तमान फैलाव पर चिंता जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
सांसद सोनी ने बैठक के बाद नई मण्डी परिसर पहुंचकर प्रस्तावित कोविड केयर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां विकसित की जा रही व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायज़ा लिया। सांसद ने कहा कि वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पाइप का मरीज़ के बिस्तर तक पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी अफसरों का सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने केयर सेन्टरों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसने के निर्देश भी दिए। सीएमएचओ डॉ सोनवानी ने बैठक में बताया कि 14 अप्रैल तक जिले में 3 लाख 43 हज़ार कोविड के नमूने लिए जा चुके हैं। जिनमे 16625 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं। जिले में 187 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। तथा 10696 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। अपर कलेक्टर राजेन्द्र गुप्ता ने बैठक में कोविड से निपटने में जिला प्रशासन की अब तक कि रणनीति से अवगत कराया। इस अवसर पर एडिशनल एसपी निवेदिता पाल, जिला पंचायत सीईओ हरिशंकर चौहान, संयुक्त कलेक्टर एवं खाद्य प्रभारी लवीना पांडेय, संयुक्त कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी टेकचन्द अग्रवाल, ईई लोक निर्माण विभाग टीसी वर्मा, ईई पीएचई मरकाम, ईई सीएसईबी राठिया,डीपीएम सृष्टि मिश्रा, एसडीओ विद्युत यांत्रिकी सूर्यवंशी, तहसीलदार गौतम सिंह, मण्डी सचिव योगेश अग्रवाल आदि अधिकारी उपस्थित थे।
 

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 8 से 3 बजे तक खोलने कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 8 से 3 बजे तक खोलने कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

कोण्डागांव। जिले में कोरोना संकमित मरीजों की संख्या में निरन्तर वृद्धि को देखते हुए कलेक्टर ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फास्ट फूड दुकानों के संचालन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए है। जिसके अनुसार अब जिले में स्थित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को प्रातः 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। 

कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने इसके अतिरिक्त होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों को प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक खोलने की अनुमति प्रदान की है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों में बैठकर भोजन ग्रहण करने की अनुमति नहीं है। ग्राहकों को भोजन केवल घर ले जाने की सुविधा रहेगी। जिले के सभी शासकीय कार्यालय में 50 प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहकर शासकीय कार्यो का सम्पादन करेंगे। जिसके लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा परंतु शेष कर्मचारियों को मुख्यालय में ही निवासरत रहना होगा और वे अपना मोबाइल चालू रखेंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हे कार्यालय में बुलाया जा सके। गुपचुप, चाट, फास्ट फूड की दुकाने 08ः00 बजे से 03ः00 बजे तक खुलेंगी। उसके पश्चात होम डिलिवरी द्वारा विक्रय किया जा सकता है। साथ ही अब प्रतिदिन खाद्य एवं औषधि अधिकारी से जिला अस्पताल के कोविड सेन्टर में भर्ती मरीजों के भोजन का जाँच भी की जाएगी ।
 कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की जांच आवश्यक : राज्यपाल

कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की जांच आवश्यक : राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जनजागरण में राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रमुखों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव में इस बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करें। राज्यपाल आज राज्य में कोरोना संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के संबंध में विचार विमर्श के लिए आयोजित सर्वदलीय वर्चुअल बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। 

राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य से आए लोगों की जांच किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य की सीमा पर प्रबंध किया जाना चाहिए और क्वारेंटाईन सेंटर बनाए जाने चाहिए। उन्होंने रेमडेसीविर इंजेक्शन के उचित उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत बताई। राज्यपाल ने कहा कि अकेली राज्य सरकार के लिए कोरोना महामारी से निपटना काफी कठिन है। इस महामारी से निपटना हम सब का सामूहिक दायित्व और कर्तव्य है। हम सभी एकजुट होकर इस संकट से उबरने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक राहत और सुविधाएं पहुंचने में राजनीतिक दल शासन-प्रशासन के साथ मिलकर काम करें। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संकट के इस समय में मानव जीवन को बचाने का प्रयास करें। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे कोरोना के लक्षण दिखने पर लोगों को जल्द से जल्द टेस्ट कराने के लिए जागरूक करें। जब तक टेस्ट की रिपोर्ट नही आ जाती, तब तक संक्रमित व्यक्ति स्वयं को आइसोलेट रखें और रिपोर्ट आने के बाद इलाज प्रारंभ करें। उन्होंने लोगों को मास्क का उपयोग करने, फिजिकल डिस्टेंस और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखने के संबंध में भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासकीय अस्पतालों में मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और आयुषमान योजना से इलाज कराने वाले लोगों पर कम से कम आर्थिक बोझ पड़े, इसके लिए टेस्ट और इलाज की दरें निर्धारित की गई हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादित होने वाली 80 प्रतिशत ऑक्सीजन का उपयोग छत्तीसगढ़ में ही हो। उद्योगों को ऑक्सीजन उत्पादन के लिए चार लाईसंेस जारी किए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण और टेस्टिंग में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमावर्ती इलाकों में विशेष अभियान चलाकर टेस्टिंग और इलाज की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 88 प्रतिशत हेल्थ वर्कर्स को टीके की पहली डोज तथा 58 प्रतिशत हेल्थ वर्कर्स को दूसरी डोज दी जा चुकी है। इसी तरह 84 प्रतिशत फ्रंट लाईन वर्कर्स को प्रथम डोज तथा 48 प्रतिशत को दूसरी डोज दी जा चुकी है। इसी तरह 45 वर्ष से अधिक आयु वाले 61 प्रतिशत लोगों को टीके लगाए गए हैं। टेस्टिंग के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्तर पर जहां प्रति 10 लाख पर एक लाख 92 हजार 650 टेस्ट किए जा रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में प्रति 10 लाख पर दो लाख 21 हजार 356 टेस्ट किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 53 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर और ट्रू नॉट लैबो की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए वर्तमान में 7 शासकीय और 5 निजी क्षेत्र में लैब हैं। इसी तरह 31 शासकीय ट्रू नॉट लैब और 5 लैब निजी क्षेत्र में हैं। शासकीय और निजी अस्पतालों में 815 वेन्टीलेटर उपलब्ध हैं। प्रदेश में बिस्तरों की संख्या, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मेडिकल स्टॉफ की भर्ती की जा रही है। साथ ही सभी जिलों को कोविड प्रबंधन के लिए लगातार राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रेमडेसीविर इंजेक्शन के लिए रायपुर के मेकाहारा में काउंटर शुरू किया जा रहा है। इस इंजेक्शन की सुचारू आपूर्ति के लिए महाराष्ट्र और हैदराबाद वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और इनके नम्बर जारी कर दिए गए हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए ग्राम पंचायतों को क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। कोरोना से बचाव और रोकथाम के उपायों की समीक्षा जिले के प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों द्वारा वर्चुअल मीटिंग लेकर की जा रही है। जरूरतमंदों को कोई परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। 

बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विकासखण्ड स्तर पर हास्टल और सामाजिक भवनों में बेड की व्यवस्था करने, अन्य स्थानों पर भी शासकीय और निजी हास्टल में बेड की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। भारतीय जनता पार्टी के शिवरतन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने, आयुषमान योजना में अन्य अस्पतालों को जोड़ने का सुझाव दिया। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि उनके दल द्वारा हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित कर लोगों की सहायता की जा रही है। दल के विधायक, महापौर, पार्षद मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक माह का वेतन देंगे। जरूरतमंदों को सूखा राशन और दवाईयां पहुंचने का काम भी किया जा रहा है। बुजुर्गों को टीकाकरण स्थल तक पहुंचाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठानों से सीएसआर मद से दी गई राशि छत्तीसगढ़ को मिलनी चाहिए। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नीलकंठ त्रिपाठी ने ऑक्सीजन की कमी, निजी अस्पतालों से उपचार में अत्यधिक शुल्क लेने जैसी समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट किया गया। जनता कांग्रेस के श्री अमित जोगी ने 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के टीकाकरण, कोरोना मरीजों की टेस्टिंग और ट्रेकिंग के संबंध में सुझाव दिए। शिवसेना के धनंजय परिहार ने रेमडेसीविर इंजेक्शन के उपयोग के बारे में जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया। सीपीआईएम के धनराज महापात्र ने चिकित्सा के क्षेत्र में ढांचागत सुविधाएं विकसित करने के लिए पीएम केयर फण्ड से विशेष राहत की मांग की। गोण्डवाना गणतंत्र पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि ने भी बैठक में सुझाव दिए। 

बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग और जनसम्पर्क विभाग के सचिव डी. डी. सिंह, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड़ उपस्थित थे।
 
 कोरोना: इन गांवों में कोरोना विस्फोट होने के बाद कलेक्टर ने किया कन्टेनमेंट जोन घोषित

कोरोना: इन गांवों में कोरोना विस्फोट होने के बाद कलेक्टर ने किया कन्टेनमेंट जोन घोषित

जशपुर। प्रदेश के अधिकांश जिलों में लॉकडाउन के बाद भी लगातार बड़ी संख्या में नए संक्रमित मिल रहे हैं। इसके साथ कन्टेनमेंट जोन भी बढ़ते जा रहे है। जशपुर जिले के कुछ विकासखंडो में 5 से अधिक मरीज कोरना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इन क्षेत्रों को कलेक्टर महादेव कावरें ने 20 अप्रैल तक कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया हैं.

छत्तीसगढ़ में कोरोना के बारे में सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर विकासखंड के कदमटोली में 7 और भागलपुर में 8 व्यक्ति, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मुड़ापारा, करंगा बहला बस्ती में 6 व्यक्ति के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर संबंधित ग्राम के निर्धारित परिधि क्षेत्र को 20 अप्रैल के रात्रि 12 बजे तक के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित किया है इस क्षेत्र में गतिविधियॉं निर्धारित हैं, जिसके तहत अत्यावश्यक सेवाओं जैसे -खाद्य आपूर्ति, आपातकालीन चिकित्सा सेवा को छोड़कर शेष सेवाएं पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित होगा। कंटेन्मेंट जोन की निगरानी के लिए लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाएगी। प्रभारी अधिकारी से कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी।
 लॉकडाउन का भय नहीं: जंगलों में सज रही जुआरियों की महफिल

लॉकडाउन का भय नहीं: जंगलों में सज रही जुआरियों की महफिल

कोरबा। लगता है जिले के जुआरियों को वैश्विक महामारी कोरोना अथवा इसकी वजह से लगे लॉकडाउन का कोई भय नहीं है। तभी तो बड़ी संख्या में जुआरी जंगलों में जुट रहे है और उनकी महफीले भी सज रही है। 52 परियों के प्रेमी दोपहर बाद अपने-अपने घरों से निकलते है और अलग-अलग रास्ते से बिना रोक-टोक के जंगल में पहुंचकर लाखों रूपए का वारा-न्यारा करते है। 52 परियों का खेल अपरान्ह 3 बजे से प्रारंभ होकर रात 9 बजे तक चलता है। इस दौरान लाखों रूपए के दावं लगाये जाते है। इस खेल में कोरबा जिला ही नहीं पड़ोसी जिलों के भी 52 परियों के शौकिन शामिल होते है। जिले के जंगलों में चल रहे जुआ फड़ में संचालकों द्वारा पहुंचने वालों को तमाम तरह की सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही है। यथा खान-पान से लेकर नशा की वस्तुएं व उधार गिरवी में पैसे का इंतजाम भी फड़ स्थल पर उपलब्ध कराया जाता है। पुलिस के पहुंचने की सूचना देने के लिए भी जंगल में मोबाइल से लेस लोगोंं को फड़ संचालकों द्वारा तैनात किया जाता है ताकि उन्हें समय पर सूचना मिल सके और वे अपना ठिकाना बदल सके। सूत्रों के अनुसार जिले के बांकीमोंगरा थानांतर्गत शुक्लाखार जंगल, दीपका के झाबर व उरगा क्षेत्र के रामभांठा, तुमान का जंगल ऐसा है जहां फड़ का संचालन सर्वाधिक हो रहा है और कार्रवाई के अभाव में ये सुरक्षित ठिकाना बने हुए है। ऐसा नहीं है कि जंगल में चल रहे मंगल हाईटेक जुआ के इस अवैध कारोबार की जानकारी संबंधी थाना क्षेत्रों के प्रभारियों अथवा उनके स्टाफ को नहीं है। जानकारी होने के बावजूद जुआ फड़ के संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे उनके हौसले बुलंद है। ऐसी चर्चा है कि जुआ फड़ के संचालकों को कुछ सफेद पोश लोगों तथा पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों का संरक्षण भी प्राप्त है। जिसकी वजह से कार्रवाई कर कोई पंगा नहीं लेना चाहता। फलस्वरूप शांत रहने में ही अपना भलाई समझ रहे है। उरगा क्षेत्र के रामभांठा-तुमान में चल रहे जुआ के संबंध में यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व में दूसरे ग्रुप द्वारा अड्डा का संचालन किया जा रहा था। इसके संचालन में आ रही बाधा तथा सौदेबाजी महंगा होने के कारण उस ग्रुप में होली पूर्व अपना काम बंद कर दिया था और शांत हो गए थे। जिसके बाद 03 लोगों का नया ग्रुप अब सामने आ गया है और इस ग्रुप ने संचालन शुरू किया है। जिनके द्वारा बड़ा जुआ खेलाया जा रहा है। लॉकडाउन में भी यह काफी फल-फूल रहा है।

जुआ किसी का नहीं हुआ:-कहा जाता है कि जुआ आज तक किसी का नहीं हुआ इसमें केवल जुआ खिलाने वालों को ही फायदा होता है। खेलने वाले हमेशा घाटे में रहते है। हार के बाद जुआरी अपना पैसा कव्हर करने के लिए लगातार बढ़ाकर दावं लगाता है और हर बार की तरह हार कर वह गर्त में चला जाता है। जुआ के कारण कई घर तबाह भी हो जाते है और अशांति का कारण भी बनते है। अत: इस बुराई से बचना चाहिए।
छत्तीसगढ़: कोरोना संक्रमित मरीज ने अस्पताल की खिड़की से कूदकर की आत्महत्या

छत्तीसगढ़: कोरोना संक्रमित मरीज ने अस्पताल की खिड़की से कूदकर की आत्महत्या

 भिलाई। शहर केजामुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत नंदनी रोड स्थित के एक निजी अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज ने दरमियानी रात्रि प्रथम तल  की खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक धमधा ब्लाक के ग्राम पेंड्री का रहने वाला था विगत 11 अप्रैल से उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर जामुन पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

जामुल पुलिस ने बताया कि नंदनी रोड स्थित सुविधा अस्पताल में 11 अप्रैल से भर्ती ईश्वर विश्वकर्मा 43 वर्ष ने 14 एवं 15 अप्रैल की दरमियानी रात्रि 12:15 बजे के लगभग अस्पताल के प्रथम तल करीब 20 फीट ऊंचाई से कूदकर आत्महत्या कर ली। अस्पताल प्रबंधन से मिली सूचना पर तत्काल जामुल पुलिस के द्वारा घटनास्थल पहुंचकर विवेचना शुरू की।  मृतक के साथ कमरे में एक और कोविड-19 का मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति भी था। घटना के संबंध में अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों से पूछताछ की गई। फिलहाल जामुल पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर विवेचना की जा रही है।
छत्तीसगढ़: कलयुगी पुत्र ने लकड़ी से संघातिक वार कर की अपने पिता एवं दादी की हत्या

छत्तीसगढ़: कलयुगी पुत्र ने लकड़ी से संघातिक वार कर की अपने पिता एवं दादी की हत्या

धमतरी। थाना मगरलोड चौकी करेली बड़ी अंतर्गत ग्राम चंदना में दिनांक 13/04/2021 की रात्रि 11.30 बजे कलयुगी पुत्र महेश कुमार वर्मा ने अपने घर में पानी पीने के लिए दरवाजा खोलने के लिए बोला, उसकी मां को दरवाजा खोलने में देरी होने की मामूली बात पर अपने पिता, दादी एवं मां से विवाद झगड़ा करने लगा और आवेश में आकर वहीं पड़े लकड़ी के खूंट एवं बक्ता से उनके सिर में प्राणघातक वार कर दिया, जिससे उसकी दादी त्रिवेणी बाई वर्मा एवं पिता पन्ना लाल वर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उक्त रिपोर्ट पर चौकी करेली बड़ी थाना मगरलोड में आरोपी महेश कुमार वर्मा के विरुद्ध धारा 302 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।


उक्त घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मगरलोड एवं चौकी प्रभारी करेली बड़ी तत्काल ग्राम चंदना पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित किए तथा घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी. राजभानू ने घटनास्थल से भौतिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्रित कर तत्काल वैधानिक कार्यवाही करने तथा आरोपी की पता तलाश कर गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में घटनास्थल से घटना में प्रयुक्त लकड़ी के खूंट, बक्ता एवं अन्य भौतिक साक्ष्य को एकत्रित करते हुए शव पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पीएम हेतु रवाना किया गया। प्रारंभिक विवेचना में ज्ञात हुआ कि आरोपी घटना घटित करने के बाद तत्काल साड़ी पहनकर भाग गया, जिसकी पतासाजी हेतु डॉग स्क्वाड की मदद ली गई।

थाना प्रभारी मगरलोड निरीक्षक प्रणाली वैद्य के नेतृत्व में थाना मगरलोड एवं चौकी करेली बड़ी से संयुक्त टीम गठित कर आस-पास के गांव में आरोपी की लगातार पतासाजी की जा रही थी। आरोपी महेश कुमार वर्मा भागने के लिए जिस रास्ते का उपयोग किया, उसे डॉग के द्वारा पहचान करते हुए भागने के रास्ते में गांव के बाहर के खेत से आरोपी द्वारा छोड़े गए साड़ी को बरामद किया गया। आरोपी की पता तलाश के दौरान अभनपुर के ग्राम सातपारा में आरोपी के छिपने की मुखबिर सूचना पर संयुक्त टीम द्वारा घेराबंदी कर आरोपी महेश कुमार वर्मा को हिरासत में लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में आवेश में आकर मामूली बात पर लकड़ी के खुंट एवं बत्ता से अपनी दादी त्रिवेणी बाई वर्मा एवं पिता पन्ना लाल वर्मा के सिर में ताबड़तोड़ वार कर हत्या करना स्वीकार किया। विवेचना क्रम में प्रार्थी-गवाहों के कथन, आरोपी के अपराध स्वीकारोक्ति, मेमोरेंडम कथन एवं उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी महेश कुमार वर्मा को विधिवत गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही करते हुए न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम महेश कुमार वर्मा पिता स्वर्गीय पन्नालाल वर्मा उम्र 25 वर्ष साकिन ग्राम चंदना चौकी करेली बड़ी थाना मगरलोड जिला धमतरी संपूर्ण कार्यवाही एवं चंद घंटो के भीतर आरोपी की पता तलाश कर गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी मगरलोड निरीक्षक प्रणाली वैद्य, चौकी प्रभारी करेली बड़ी उप निरीक्षक संतोष कुमार साहू, सहायक उपनिरीक्षक मोहनलाल निषाद, प्रधान आरक्षक उत्तम निषाद, दिलेश्वर कुजुर, आरक्षक मनोहर गायकवाड़, बलराम सिन्हा, संतोष यादव, फगेन्द्र साहू एवं खोलेश्वर रावत का विशेष योगदान रहा।
निजी अस्पतालों एवं पैथालॉजी केन्द्रों में कोविड जांच हेतु शुल्क निर्धारित

निजी अस्पतालों एवं पैथालॉजी केन्द्रों में कोविड जांच हेतु शुल्क निर्धारित

रायपुर। कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य शासन ने आम जनता को राहत देने की दृष्टि से निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर, एंटीजन तथा ट्रू नाट रैपिड टेस्ट की दरों में काफी कमी की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में आरटीपीसीआर टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथोलॉजी सेन्टर में किया जाता है तो जांच शुल्क 550 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथवा प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त राशि शुल्क 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क में सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कज्युमेबल. पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है। ट्रू नाट टेस्ट हेतु यदि कोविड-19 टेस्ट का सेम्पल कलेक्शन पैथालॉजी सेन्टर में किया जाता है तो जाच शुल्क राशि 1300 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर अथया प्राइवेट अस्पताल में जाकर लिया जाता है तो अतिरिक्त शुल्क रू 200 रुपये प्रति टेस्ट लिया जायेगा। उक्त शुल्क मे सेम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, जांच शुल्क एवं कंज्युमेबल, पीपीई कीट इत्यादि का शुल्क सम्मिलित है। 

छत्तीसगढ़ के इस जिले में एक साथ 30 पुलिसकर्मी मिले कोरोना संक्रमित

छत्तीसगढ़ के इस जिले में एक साथ 30 पुलिसकर्मी मिले कोरोना संक्रमित

बिलासपुर। कोरोना का कहर प्रदेश में अब भी जारी हैं। इसी क्रम में बिलासपुर में सीएसपी सिविल लाइन समेत 30 पुलिसकर्मी अब तक संक्रमित हो गए हैं। बता दे की अभी उनकी स्थिति सामान्य है।
मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइन सीएसपी आरएन यादव कोरोना की चपेट में है। उनके अलावा भी यातायात थाने के एसआई, महिला थाने की एसआई समेत 30 पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है।