"स्वयं की शांति के लिए तपस्या करना दुनिया का सबसे बड़ा स्वार्थ है। दूसरो की शांति के लिए अशांत होना ही एक सच्ची साधना होती है।"
— Dr.Charan Das Mahant (@DrCharandas) August 19, 2020
पद्म भूषण से सम्मानित हिन्दी निबन्धकार, आलोचक और उपन्यासकार आचार्य #हजारी_प्रसाद_द्विवेदी जी की जन्म जयंती पर उन्हें सादर नमन करता है। pic.twitter.com/NBGPtQb6Bc
रायपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी देवो में प्रथम देव गणपति बप्पा का उत्सव भादों मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के अवसर पर 22 अगस्त से प्रारंभ होगा। ज्ञातव्य है कि कोरोना वायरस महामारी कोविड 19 के कारण इस वर्ष शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार गणपति भगवान की मूर्तियां मंडलियों द्वारा केवल चार फीट की ही निर्मित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
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कोरोना की छाया के कारण इस वर्ष परंपरागत गणपति उत्सव समितियों द्वारा हर वर्ष की तरह पंडाल शामियाना सहित झांकी का आयोजन सीमित स्तर पर होने की संभावना है। श्रद्धालुओं के अनुसार इस वर्ष गणपति उत्सव के दौरान परंपरागत दर्शनों के साथ ही आयोजन फीका रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश एवं देश में विशेषकर महाराष्ट्र में गणपति उत्सव देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
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इस वर्ष कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए प्रदेश शासन महाराष्ट्र सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों ने परंपरागत गणपति उत्सव समितियों को सीमित मात्रा में तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। वहीं गणपति उत्सव समितियों प्रदेश शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के मध्य सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कड़ाई से किये जाने के निर्देश दिए गये हैं इस हेतु शहर एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संबंधित थाना प्रभारियों पुलिस अधीक्षकों आदि को गश्ती के दौरान किसी भी पंडाल के समक्ष भीड़ इत्यादि रोकने के निर्देश भी प्रदेश शासन के डीजीपी एवं मुख्य सचिव द्वारा जारी किये गये हैं।
रायपुर । अभी अभी प्रदेश में 107 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है । जिसमे जिला रायपुर से 62, कांकेर से 13, रायगढ़ से 11, राजनांदगांव से 10, धमतरी व कोरिया से 5-5, गरियाबंद से 1 मरीज शामिल है । थोड़े देर पहले प्रदेश में आज 701 मरीजों की पुष्टि हुई थी । इसी के साथ आज प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ 808 नए कोरोना मरीज मिले है । आज कुल 8 कोरोना मरीजों की मृत्यु हुई है । प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 5828 है ।

आज 19 अगस्त का राशिफल
मेष:
परिजनों और दोस्तों के साथ आपके बेहतर संबंध होंगे। शोध और वित्तीय परियोजनाओं को लेकर आगे बढऩे का यह उचित समय है। इस वक्त आपको पहले की मेहनत के परिणाम प्राप्म होना शुरू हो जाएंगे और लाभ होगा।
वृषभ:
आपको कार्य के दौरान कुछ चुनौतियां मिल सकती हैं, जिससे आपके ऊपर दबाव रहेगा। यदि आपका पैसा कहीं रुका हुआ है तो थोड़े से प्रयास से उसकी प्राप्ति हो सकती है। आपको आज कई मामलों में लाभ होने की पूरी उम्मीद है। परिवार के सहयोग से मन प्रसन्न रहेगा।
मिथुन:
आकस्मिक लाभ होने के योग बनेंगे। कड़ी मेहनत करने वालों को उत्तम परिणामों की प्राप्ति होगी लेकिन अध्ययन में लापरवाही करने वालों को रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। बेहतर होगा कि आप संयम औरसूझबूझ के साथ कार्य करें।
कर्क:
किसी भी व्यक्ति को उधार देना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के योग बनेंगे। मन प्रसन्न रहेगा और आपको आनंद की प्राप्ति होगी। दोस्तों और रिश्तेदारों के आगमन से मन बदलेगा।
सिंह:
वाणी में विनम्रता रखें। लम्बे समय से चले आ रहे प्रेम संबंधों को सबके सामने लाने और इसे विवाह में बदलने के लिए समय अनुकूल है। किसी अनजान पर भरोसा करना आपको भारी पड़ सकता है। कोई भी काम सोचकर करें।
कन्या:
व्यावसायिक गोपनीयता को भंग न करें। प्यार में कभी-कभी दूसरे की खुशी के लिए समझौता भी करना पड़ता है, आपको भी करना पड़ सकता है। इसको सकारात्मक रूप से लेंगे तो सब कुछ अच्छा रहेगा। नहीं तो परेशानी आपको ही होगी।
तुला:
आपकी महत्वाकांक्षा आज आपको कार्य में सफलता दिलाएगी। चोट लगने की आशंका है इसलिए गाड़ी चलाते समय बहुत सतर्क रहने की ज़रूरत है। वाहन धीरे चलाएं और इस वक्त जरूरत पडऩे पर ही घर से कहीं जाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
वृश्चिक:
जीवनसाथी से मतभेद भी हो सकते हैं। वाहन चलाने में सावधानी रखें। धार्मिक कार्यों में रुचि बनाए रखें। परिवार का कोई शख्स आगे आकर आपके लिए मदद का हाथ बढ़ाएगा और अपनों से मन प्रसन्न रहेगा।
धनु:
आपकी किसी लापरवाही या गलती की वजह से परिवार में अशांति बढ़ सकती है। घर के बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उनको इस वक्त बचाना आपका फर्ज और अच्छे से निभाएं।
मकर:
आप भी स्वास्थ्य हानि व शारीरिक पीड़ा से ग्रस्त हो सकते हैं। स्थान परिवर्तन का भी योग है। धन खर्च और मानसिक उद्वेग हो सकते हैं। कोई बात आपके मन को परेशान कर सकती है। इस वजह से किसी काम में मन नहीं लगेगा।
कुंभ:
यह माह मिश्रित फलदायी रहेगा। व्यापार-व्यवसाय से जुड़े लोगों को सहजता से पर्याप्त आमदनी होती रहेगी। हो सकता है कि इन्हें व्यापारिक मामलों के लिये छोटी यात्राएं भी करनी पड़ें।
मीन:
भवन या भूमि की खरीददारी के लिए भी समय अच्छा है। उत्तरार्द्ध में खर्च बढ़ेंगे और विरोधी पक्ष आपको परेशान कर सकता है। किसी के घर आने से आपको परेशानी हो सकती है। कोरोनाकाल में किसी का घर आना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
रायपुर, प्रदेश में आज कोरोनावायरस का कहर 1 दिन में अब तक के सर्वाधिक 701 मरीज की हुई पहचान, जिसमें सर्वाधिक जिला रायपुर से 205, दुर्ग से 92, रायगढ़ से 63, बस्तर और राजनांदगांव से 48 -48, बिलासपुर से 44, बालोद से 34, कोरबा से 21, नारायणपुर से 20, जसपुर से 19, कांकेर से 18, सुकमा से 16, जांजगीर चांपा से 15, बीजापुर से 12, सरगुजा से 11, सूरजपुर से 9, कोरिया, दंतेवाड़ा, व गरियाबंद से चार-चार, कबीरधाम से तीन, बेमेतरा, बलौदा बाजार, महासमुंद, बलरामपुर कोंडागांव से 2-2, मुंगेली से एक मरीज मिले हैं|
वहीं प्रदेश में आज 8 लोगों की मृत्यु हो गई है इसके बाद मृत्यु का कुल आंकड़ा 158 हो गया है|
आपको बता दें प्रदेश में आज 249 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे हैं, वहीं प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 5721 हो गई है|
Today 701 new COVID-19 cases and 8 deaths in the last 24 hours, taking active cases to 5,721 and deaths to 158. A total of 10,847 have been discharged in the state so far.#ChhattisgarhFightsCorona@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO @Niharikaspeaks pic.twitter.com/Oh9wCuZBi2
— Health Department CG (@HealthCgGov) August 18, 2020
रायपुर, रायपुर में आज शाम 6:00 बजे तक 172 लोगों के करोना पाजिटिव होने की पुष्टि हुई है जो कि संतोषी नगर, भाटागांव, अमलीडीह, मठपारा, कोटा, देवेंद्र नगर, समता कॉलोनी, सद्दू, ब्राह्मण पारा, बोरियाखुर्द, पचपेड़ी नाका, राजेंद्र नगर, दीनदयाल उपाध्याय नगर, गांधीनगर, महादेव घाट, मौदहापारा, मॉलश्री विहार, वॉलफोर्ट एनक्लेव, पचपेड़ी नाका, राजेंद्र नगर, बुढ़ापारा, दावड़ा कॉलोनी, कुंद्रा पारा, इंद्रप्रस्थ, लाखे नगर, कुशालपुर, चांगोरा भाटा आदि जगह से हैं
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रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज तीजा-पोरा तिहार पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों के साथ थिरके और छत्तीसगढ़ी जसगीत की लय पर ढोलक पर थाप भी दी।
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मुख्यमंत्री निवास में आज तीजा-पोरा त्यौहार पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी गीतों की आकर्षक प्रस्तुति श्री दिलीप षडंगी और साथियों ने दी। कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री भी अपने आपको इस खुशी के मौके पर रोक नहीं पाए। उन्होंने कलाकारों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ जसगीत की लय पर ढोलक पर थाप दी और गीत की लय पर कलाकारों के साथ थिरके। इस अवसर पर उनका साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, विधायक श्री मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री ऐजाज ढेबर ने भी दिया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निवास में विगत वर्ष से छत्तीसगढ़ी पर्वों को मनाने की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से बहनों को तीजा-पोरा पर्व के लिए आमंत्रित किया गया था। उनके लिए मुख्यमंत्री निवास में विशेष व्यवस्था की गई थी। महिलाओं को मुख्यमंत्री की ओर से लुगरा और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उपहार दिया गया।
नारायणपुर | कोविड-19 के कारण देश-दुनिया का जन-जीवन प्रभावित हुआ लेकिन अगर कोई एक बात प्रभावित नहीं हुई, तो वो थी मुख्यमंत्री बघेल की पशुपालक ग्रामीणों एवं किसानों के प्रति संवेदनशील मानसिकता और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में उनकी जिद। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोधन के संरक्षण, सवंर्धन और वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन को बढावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देष्य से गोधन न्याय योजना की शुरुआत की है।
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नारायणपुर जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने आर्थिक संबलीकरण के लिए बुलंद हौसलों के साथ वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के काम में जुटी हुई है। महिलाएं अपने तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने तथा जैविक उपज को बढ़ावा देने के लिए लगन के साथ लगी हुई है। इन महिलाओं को समूहों में जोड़कर विविध गतिविधियों से जोड़ा गया है तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने प्रशिक्षण भी दिया गया है। नारायणपुर विकासखंड के ग्राम भाटपाल के माँ दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट बनाने के कार्य से जोड़ा गया है। बिहान के तहत गठित समूह की महिलाएं उत्साह के साथ गौठानो में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने का कार्य कर रही हैं।
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समूह की महिलाओं का कहना है कि वे अपने गाँव और परिवार के लिए कुछ करना चाहती हैं। गौठान में भी कुषल मजदूरों की आवश्यकता थी और महिलाओं को भी आर्थिक मोर्चे पर कुछ कर गुजरने की जरूरत है, इसलिए शासन ने पहल करते हुए समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के कार्य से जोड़ा है। माँ दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह, भाटपाल की महिलाओं ने बताया कि समूह द्वारा अब तक कुल 47 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर विक्रय करने से 37 हजार रूपये प्राप्त हुए हैं। समूह की महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव के आर्थिक विकास के लिए गौठान का निर्माण किया है तथा गोधन न्याय योजना लागू की है ताकि गोबर खरीदी कर वर्मी कम्पोस्ट बना सके।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार बनते ही हमारे गांव में गौठान स्थापित की गई थी। लेकिन गोबर कम मात्रा में मिलने या नहीं मिलने से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम निरंतर नहीं हो पा रहा था। गोधन न्याय योजना के लागू हो जाने से अब वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए गोबर की कमी नही हो रही है, पर्याप्त मात्रा में गोबर मिल रहा है। गोधन न्याय योजनांतर्गत भाटपाल गौठान में 6 क्विंटल गोबर की खरीदी की गयी है। इस गोबर को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनने हेतु टांका में डाला गया है। निर्धारित समय के बाद उसे निकाल कर कृषि आधारित कार्यालयों, किसानों आदि को 8 रूपये प्रति किलो की दर से बेचा जायेगा।
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महिला समूह को गौठान में काम करने का लंबे समय से अनुभव है, समूह की महिलाओ का कहना है कि वे पूरी मेहनत के साथ कार्य कर रही हैं। गोधन न्याय योजना से जो उम्मीद है और शासन की जो मंशा है, उसके अनुसार निश्चित रूप से आने वाले समय में महिलाओं को आर्थिक रूप से बड़े लाभ मिलेंगे, वे अपने परिवार की तरक्की में सहायक बनेंगी।
रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित प्रदेश के समस्त शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं एवं विशेष (आदिवासी) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में सत्र अगस्त 2020-21 एवं 2020-22 में प्रवेश के लिए इच्छुक आवेदक 25 अगस्त तक ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन (आवेदन) करा सकते हैं। संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा इस संबंध में सूचना जारी कर दी गई है।
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जारी सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ स्थित शासकीय आईटीआई में संचालित एनसीव्हीटी/एससीव्हीटी के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इच्छुक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आवेदक, स्वयं अथवा छत्तीसगढ़ स्थित किसी भी लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटर) के माध्यम से संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण की वेबसाईट cgiti.cgstate.gov.in के ’ऑनलाईन एप्लिकेशन 2020’ पर क्लिक कर अपना पंजीयन एवं प्रवेश हेतु व्यवसाय का चयन कर सकते हैं। आवेदकों के पंजीयन के लिए वेबसाईट पर यूजर मैन्यूवल दिया गया है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
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पंजीयन के पूर्व, प्रवेश विवरणिका जो कि cgiti.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन कौशल विकास विभाग के अधीन संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में संचालित विभिन्न व्यवसायों में सत्र अगस्त 2020-21 एवं 2020-22 में प्रवेश हेतु निर्धारित संस्थावार/व्यवसायवार सीटों एवं आवश्यक शैक्षणिक अर्हता एवं अन्य समस्त जानकारी दर्शित है, उसे डाउनलोड कर आवेदक उसका सावधानी पूर्वक अध्ययन कर लें।
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छत्तीसगढ़ शासन के विद्यमान नियमों एवं नीति के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2020 तक निर्धारित है। आवेदक को ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति के आवेदक को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुल्क 40 रूपए तथा पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के आवेदक को 50 रूपए देना होगा। वेबसाईट पर पंजीयन के दौरान रजिस्ट्रेशन शुल्क लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटर) में नगद अथवा स्वयं ऑनलाईन पेमेंट द्वारा शुल्क का भुगतान किया जा सकता है। ऑनलाईन भुगतान हेतु निम्न सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम सह डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य किसी ऑनलाईन पेमेंट माध्यम से शुल्क का भुगतान किया जा सकता है। एक बार आवेदन रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात अपने आवेदन में मोबाइल नम्बर को छोड़कर आवेदन भरने की अंतिम तिथि तक सुधार कर सकते हैं। यदि आवेदक ने अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा किया है और सुधार के पश्चात अनारक्षित (सामान्य) या अन्य पिछड़ा वर्ग करना चाहता है तो उसे आवेदन शुल्क के अंतर की राशि जमा करनी होगी। व्यवसाय ड्रायवर कम मैकेनिक में प्रवेश के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 1 अगस्त 2020 को 18 वर्ष एवं शेष व्यवसायों के लिए 14 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। उच्चतम आयु सीमा का बंधन नही है। प्रवेश हेतु स्थानों की संख्या परिवर्तनीय है। चूंकि चयन संबंधी जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है, अतः ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन के समय आवेदक अपना मोबाइल नम्बर एवं ई-मेल आईडी की जानकारी अवश्य दें, ताकि प्रवेश हेतु चयन संबंधी जानकारी एस.एम.एस. के माध्यम से प्राप्त हो सके। आवेदक का चयन होने पर आवेदक को संबंधित संस्था में आवश्यक समस्त अभिलेखों, प्रमाण पत्रों एवं निर्धारित शुल्क सहित स्वयं उपस्थित होकर प्रवेश लेना होगा। आवेदन हेतु वेबसाईट का लिंक इस प्रकार है- https://slcm.cgstate.gov.in/ITI_OnlineApplication/
रायपुर | राज्य सराकार प्रदेश के किसानों को संबल बनाने के लिए फसल परिवर्तन सहित अन्य अधिक आययुक्त खेती-किसनी पर जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में कोरिया जिले के किसान हल्दी के औषधीय गुणों एवं आर्थिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की मदद से शासकीय भूमि को चिन्हाकित कर सामूहिक रूप से हल्दी की खेती कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना- नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी के अंतर्गत बाड़ी विकास की संकल्पना को साकार करने के लिए जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में चयनित गौठान ग्राम सोरगा, जामपानी, कोडिमार छरछा, रोझी, कुशहा, उमझर, दुधनिया, बरबसपुर व अमहर में गौठान समितियों द्वारा चयनित शासकीय भूमि और स्वयं की सामूहिक बाड़ियों में जिला पंचायत और कृषि विज्ञान केंद्र की एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अभिसरण से तकनीकी कार्ययोजना बनाकर लगभग 50 एकड़ में हल्दी की खेती की जा रही हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी ने बताया कि हल्दी की 10 महीने की फसल होती है। इसे अप्रैल-जून में लगाकर फरवरी-मार्च में इसे इस्तेमाल में ले सकते हैं। बीज के लिए अप्रैल तक रूक सकते है। हल्दी को मेड़ या फिर जमीन पर उगा सकते है। हर पौधे के बीच 50 सेंटीमीटर और लाइन के बीच की दूरी 20 सेंटीमीटर होनी चाहिए। हल्दी उत्पादन से शुद्ध लाभ 90 हजार से एक लाख रूपये तक हो सकता है। एक हेक्टेयर भूमि में 5 से 6 क्विंटल बीज की जरूरत होती है, जिससे 50 से 60 क्विंटल फसल प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि हल्दी की पत्तियों से तेल निष्कासन भी किया जा सकता है। पत्तियों में 2.5 से 3 प्रतिशत तक इन्सेंसियल ऑइल होता है।
हल्दी में कुर्कमिन या करक्यूमिंन औषधीय तत्व पाया जाता है जिसकी वजह से हल्दी का रंग पीला होता है। हल्दी की राइजोम या गांठ का प्रयोग पाउडर में किया जाता है। वही इसकी पत्तियों में भी इरोलियल ऑइल मिलता है, जिसका उपयोग अरोमा और कास्मेटिक इंडस्ट्री मे होता है। इसी महत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के अंतर्गत गौठान ग्रामों का चयन कर हल्दी उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही कृषकों को भी सामुहिक बाड़ियों में हल्दी उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे कि कृषकों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो सके।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने मंत्री मण्डल के सहयोगियों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त की राशि का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को दूसरे पखवाड़े में बेचे गए गोबर की राशि का अंतरण भी करेंगे।
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छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की अनुदान सहायता राशि दी जा रही है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए गोबर की राशि भी विक्रेताओं को उनके खातों में अंतरित की जाएगी।
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इस अवसर पर प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 232 करोड़ 81 लाख रूपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल यह राशि सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आर.टी.जी.एस. के जरिए अंतरित करेंगे। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित करने के लिए संबंधित जिलों में जिला स्तर पर और 114 विकासखण्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विकाखण्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि प्राप्त करने वाले 10 संग्राहक सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में प्रदेश की 880 प्राथमिक वन समितियों द्वारा कुल 14.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। संग्रहण पारिश्रमिक की दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए प्रति मानक बोरा थी। वर्ष 2018 में 11 लाख 98 हजार 673 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 371.15 करोड़ रूपए की राशि संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित की गई थी। इन 880 समितियों में से 854 समितियों के तेंदूपत्ता का निर्वर्तन निविदा के माध्यम से किया गया है। इनमें से 728 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। तेंदूपत्ता व्यापार से शुद्ध लाभ की 80 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरण करने का प्रावधान राज्य शासन की नीति में है।
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लाभ की स्थिति वाले 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 232.81 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में वितरित की जाएगी। ये समितियां प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत स्थित है। जिन संग्राहकों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त हो गया है, उनके खाते में यह राशि सीधे एक्सिस बैंक के माध्यम से आर.टी.जी.एस से भेजी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व ‘पोला’ तिहार की किसानों, खेतिहर श्रमिकों समेत सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
— Dr Raman Singh (@drramansingh) August 18, 2020
यह पर्व बैलों की पूजा करके खेती-किसानी में योगदान के लिए सम्पूर्ण गौ-वंश के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। pic.twitter.com/AMb0MN9cGz
रायपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भादो कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के अवसर पर प्रदेश में मनाये जाने वाला पर्व आज ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा अपने बैलों का श्रृंगार कर विधिवत पूजा कर मनाया जा रहा है। कोरोना वायरस महामारी कोविड 19 की केंद्र सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए इस वर्ष अखिल भारतीय यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष माधवलाल यादव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार परंपरागत बैल दौड़ का आयोजन कोरोना संक्रमण के कारण रावण भांठा मैदान में आयोजित नहीं किया जाएगा।
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उक्त आयोजन विभिन्न संस्थाओं द्वारा ऑन लाइन प्रतियोगिता के माध्यम से किया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि पोला प्रदेश की संस्कृति से ओतप्रोत ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का प्रमुख उत्सव है जिसमें फसल की पूजा के साथ ही बैलों का श्रृंगार, पूजन एवं बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ी व्यंजन के साथ ही लकड़ी के बने बैलों को दौड़ाकर अन्य खिलौनों के साथ बच्चे पोला पर्व का पूरा आनंद उठाते हैं।
रायपुर। 30 दिन पहले शहर के मंगलबाजार, निगम कालोनी को कंटेनमेंट जोन बनाकर पूरी तरह से सील कर दिया गया था। यहां से दर्जनों की संख्या में कोरोना के मरीज सामने आए थे। अब कोरोना मरीजों के स्वस्थ्य होने तथा नए मरीज सामने नहीं आने के बाद इस इलाके को खोल दिया गया है। इससे यहां के हजारों परिवारों ने राहत की सांस ली है।
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