रायपुर : राज्य की बजट में कई नवीन योजनाओं, नये प्रावधानों एवं नये कार्यो के लिए बडे़ प्रावधान किये गये है, जिनमें राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए 6 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाशक्ति को संगठित कर प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाने के लिए राजीव युवा मितान क्लब का गठन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 11 हजार 664 एवं नगरीय क्षेत्रों में 1 हजार 605 राजीव युवा मितान क्लब का गठन के लिए 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वहीँ गोठानों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 4 महात्मा गांधी की स्मृतियों को संजोने एवं उनके विचारों पर आधारित विकास के रास्तों को प्रदर्शित करने के लिये नवा रायपुर में सेवा ग्राम की स्थापना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में 6 हजार वार्षिक सहायता राशि को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 7 हजार प्रतिवर्ष किया गया है।
अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासियों के देवस्थलों पर पूजा करने वाले मांझी, बैगा, गुनिया, पुजारी इत्यादि, जिनमें हाट पाहार्या एवं बाजा मोहरिया भी शामिल हैं, को राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अनुरूप लाभ दिया जाएगा।
शहरी निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मोर जमीन मोर मकान’’ तथा ‘‘मोर मकान मोर चिन्हारी’’ योजनाओं में 450 करोड़ प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन की शुरूआत के लिये 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
दुर्ग में इन्टीग्रेटेड पैक हाउस की हेतु 24 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 10 बस्तर संभाग में रैली ककून का संग्रहण कर राज्य में ही धागा उत्पादन एवं प्रसंस्करण की व्यवस्था के लिये मुख्यमंत्री रेशम मिशन की शुरुआत के लिए 4 करोड़ 53 लाख का प्रावधान किया गया है।
इस वर्ष से हिन्दी माध्यम के भी स्वामी आत्मानंद विद्यालय प्रारंभ किये जायेंगे। अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिये संचालित भवन विहीन छात्रावास-आश्रमों के लिए 106 भवनों का निर्माण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बस्तर जिला जगदलपुर, बासीन जिला बालोद, माकड़ी जिला कोण्डागांव में शासकीय महाविद्यालय एवं मुंगेली में शासकीय कन्या महाविद्यालय की स्थापना के लिये प्रावधान किया गया है। 16 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर नवीन संकाय तथा 23 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन संकाय खोलने के लिए प्रावधान किया गया है।
भवन विहीन 18 शासकीय महाविद्यालयों के लिये नवीन भवन का निर्माण तथा 22 महाविद्यालयों में अतिरिक्त अध्यापन कक्षों का निर्माण, शासकीय महाविद्यालय सीतापुर जिला सरगुजा में ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया है। शासकीय महाविद्यालय पखांजूर में कन्या एवं बालक छात्रावास की स्थापना एवं भवन निर्माण के लिये बजट में 2 करोड़ 30 लाख का प्रावधान किया गया है।
28 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में संबद्ध हायर सेकेण्डरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए नवीन ट्रेड प्रारंभ करने के लिए सेट-अप और 10 करोड़ 96 लाख का प्रावधान किया गया है। जगरगुंडा जिला सुकमा में 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अहिवारा जिला दुर्ग में 10 बिस्तर एन.आर.सी. की स्थापना के लिए 45 नवीन पदों का सृजन व खैरागढ़ में 50 बिस्तर सिविल अस्पताल के भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया गया है।
चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर एवं कांकेर में चिकित्सकीय उपकरण क्रय के लिए 37 करोड़ तथा चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में कार्डियोवेस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग में 150 पदों के सृजन के लिए प्रावधान किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में स्नातक छात्र-छात्राओं के लिये छात्रावास निर्माण के लिए तृतीय व चतुर्थ श्रेणी आवास सुविधा के लिए 10 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के विक्रय हेतु प्रत्येक नगरीय निकाय क्षेत्र में सी-मार्ट की स्थापना के लिये 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल एम्बुलेंस एवं दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन किया गया है। इसे प्रदेश के समस्त नगरपालिका एवं नगरपंचायतों में लागू करने के लिये 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कोरबा, दन्तेवाड़ा, सक्ती, शिवरीनारायण एवं चन्द्रपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नारायणपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों मल्लखंभ कौशल को निखारने के लिए मल्लखंभ अकादमी की स्थापना के लिए 2 करोड़ 83 लाख का प्रावधान किया गया है।
विधायक निधि की राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ करने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना में 364 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। 1 हजार 705 नवीन कार्यों के लिए 300 करोड़ का प्रावधान है, जिससे 2 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
कुल 659 नवीन निर्माण कार्य प्रस्तावित। इसमें 502 सड़क कार्य के लिए 365 करोड़, 134 वृहद् व मध्यम पुल कार्य के लिए 103 करोड़, 8 नवीन शासकीय विश्रामगृह के निर्माण के लिए 3 करोड़, 15 रेलवे ओवरब्रिज कार्य के सर्वेक्षण के लिए 8 करोड़ 65 लाख का प्रावधान किया गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष हेतु 15 लाख, उपाध्यक्ष के लिए 10 लाख व प्रत्येक सदस्य के लिए 4 लाख प्रतिवर्ष के मान से जिला पंचायत विकास निधि योजना में 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए 5 लाख, उपाध्यक्ष के लिए 3 लाख एवं प्रत्येक सदस्य के लिए 2 लाख प्रतिवर्ष के मान से जनपद पंचायत विकास निधि योजना में 66 करोड़ का प्रावधान किया गया है।