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UPI Payments: इस दिन से बदलेगा UPI का तरीका, 15 सेकेंड में होगा पूरा ट्रांजैक्शन; जानिए कैसे काम करेगा नया सिस्टम

UPI Payments: इस दिन से बदलेगा UPI का तरीका, 15 सेकेंड में होगा पूरा ट्रांजैक्शन; जानिए कैसे काम करेगा नया सिस्टम

 UPI Payments: UPI पेमेंट करने वाले यूज़र्स के लिए एक बड़ी खबर है। 16 जून 2025 से UPI ट्रांजैक्शंस और भी तेज़ हो जाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI से जुड़ी सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को घटाने का ऐलान किया है, जिससे पेमेंट, ट्रांजैक्शन चेक करने या रिवर्स करने में पहले से आधा समय लगेगा।

26 अप्रैल को जारी NPCI के सर्कुलर के मुताबिक, 16 जून 2025 से कई UPI सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम निम्नलिखित तरीके से घटाया जाएगा:

  • ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने का समय अब 30 सेकंड से घटाकर 10 सेकंड होगा।
  • पेमेंट रिवर्स करने का समय भी अब सिर्फ 10 सेकंड होगा।
  • पैसा भेजने या मांगने (Request Pay और Response Pay) का समय 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड कर दिया गया है।
  • एड्रेस वेरिफिकेशन अब 15 सेकंड के बजाय सिर्फ 10 सेकंड में होगा।

इसका मतलब है कि अब जब भी आप पैसा भेजेंगे, ट्रांजैक्शन चेक करेंगे या गलती से हुआ पेमेंट रिवर्स करेंगे, सिस्टम ज्यादा तेज़ी से जवाब देगा।

क्यों हो रहा है ये बदलाव?

UPI आज भारत का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है, और NPCI का उद्देश्य यूज़र्स को स्मूथ और तेज़ ट्रांजैक्शन अनुभव देना है। इसके लिए सभी बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को सिस्टम में आवश्यक अपडेट करने का निर्देश दिया गया है, ताकि नए समय सीमा का पालन हो सके।

NPCI ने कहा, ये बदलाव ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए किए जा रहे हैं। सभी मेंबर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके सिस्टम में आवश्यक बदलाव समय पर पूरे हों। NPCI ने यह भी स्पष्ट किया कि रिस्पॉन्स टाइम कम करने से तकनीकी समस्याएं नहीं बढ़नी चाहिए।

12 अप्रैल को कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते UPI यूज़र्स को ट्रांजैक्शन में समस्या का सामना करना पड़ा था। NPCI ने तब स्वीकार किया था कि सिस्टम में आंशिक रुकावट आई थी, जिसे जल्दी ठीक कर लिया गया। अब जब नया बदलाव लागू होगा, तो उम्मीद की जा रही है कि डिजिटल पेमेंट और भी तेज़, आसान और भरोसेमंद हो जाएंगे।

 
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, शादी में मिले गहने और नकद हैं महिला की निजी संपत्ति, कहा- तलाक के बाद लौटाना अनिवार्य

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, शादी में मिले गहने और नकद हैं महिला की निजी संपत्ति, कहा- तलाक के बाद लौटाना अनिवार्य

 High Court News : केरल हाईकोर्ट ने महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को मज़बूत करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाह के दौरान उपहार में मिले गहने और नकद ‘स्त्रीधन’ यानी महिला की निजी संपत्ति हैं, और तलाक के बाद इन्हें लौटाना अनिवार्य है।

मामले का विवरण
न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति एम.बी. स्नेहलता की खंडपीठ ने यह फैसला एर्नाकुलम जिले के कालामस्सेरी की एक महिला की याचिका पर सुनाया। महिला ने फैमिली कोर्ट के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें तलाक के बाद उसके गहने और उपहार वापस करने की मांग को खारिज कर दिया गया था।

महिला ने बताया कि 2010 में उसकी शादी के दौरान परिवार ने उसे 63 स्वर्ण मुद्राएं और दो स्वर्ण मुद्राओं की एक चेन दी थी, जबकि रिश्तेदारों ने 6 स्वर्ण मुद्राएं उपहार में दी थीं। उसने आरोप लगाया कि मांगलसूत्र, एक कड़ा और दो अंगूठियों को छोड़कर बाकी सभी गहने उसके ससुराल वालों ने ‘सुरक्षा’ के नाम पर अपने पास रख लिए। बाद में पति द्वारा ₹5 लाख की अतिरिक्त मांग के कारण रिश्ते बिगड़ गए।

कोर्ट का निर्णय
हाईकोर्ट ने कहा कि शादी में मिला स्त्रीधन महिला का वैध अधिकार है, और इसे वापस करना अनिवार्य है, भले ही इसका कोई कानूनी दस्तावेज न हो। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि अक्सर गहनों और उपहारों का ससुराल पक्ष द्वारा दुरुपयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में लेन-देन निजी और गैर-प्रलेखित होने के कारण महिलाओं को अपने अधिकार साबित करने में कठिनाई होती है।

कोर्ट ने ‘संभावनाओं के तराजू’ (preponderance of probabilities) सिद्धांत को अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न्याय के लिए लचीला दृष्टिकोण ज़रूरी है। यह फैसला महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की रक्षा के लिए एक मज़बूत कदम है।
प्रभाव और महत्व
यह फैसला न केवल महिलाओं के स्त्रीधन पर अधिकार को मज़बूत करता है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में मिसाल के तौर पर भी काम करेगा। यह उन महिलाओं के लिए राहत की बात है जो तलाक के बाद अपनी संपत्ति वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।

Rule Changes: आज से देश में बदल जाएंगे ये बड़े नियम ! आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Rule Changes: आज से देश में बदल जाएंगे ये बड़े नियम ! आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

 Rule Changes: आज 1 मई से देश में कई नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगर आप भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बैंक, रेलवे और गैस जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं तो 1 मई आपके लिए बेहद अहम दिन है। 1 मई 2025 से कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और सुविधाओं पर पड़ेगा। इसलिए अगर आपने अब तक इन बदलावों के लिए तैयारी नहीं की है तो अब समय है सतर्क होने का। आइए जानते हैं कौन से बदलाव आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं:

ATM ट्रांजेक्शन अब जेब पर पड़ेगा भारी!

रिजर्व बैंक ने एटीएम से निकासी और अन्य सेवाओं पर लगने वाले शुल्क के बारे में नई व्यवस्था शुरू की है:

यदि आप नकद निकासी की निशुल्क सीमा पार कर जाते हैं, तो अब आपको प्रति लेनदेन ₹19 का भुगतान करना होगा (पहले यह ₹17 था)

बैलेंस चेक करने पर प्रति लेनदेन ₹7 का शुल्क लगेगा (पहले यह ₹6 था)

जमा या मिनी स्टेटमेंट जैसी अन्य सेवाओं पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है

सावधानी सलाह: निशुल्क सीमा के भीतर ही एटीएम का उपयोग करें और नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप का अधिक उपयोग करें।

रेल यात्रा से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव

रेल मंत्रालय 1 मई से टिकट बुकिंग प्रक्रिया में कुछ बड़े बदलाव लागू कर रहा है:

अब वेटिंग टिकट पर स्लीपर या एसी कोच में यात्रा की अनुमति नहीं होगी, केवल जनरल कोच में ही यात्रा की जा सकेगी

अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिन से घटाकर 60 दिन की जा रही है

टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन और तत्काल कोटा से जुड़े शुल्क में भी बढ़ोतरी की संभावना

यात्रियों के लिए सुझाव: समय पर टिकट बुक करें और नए शुल्क के अनुसार योजना बनाएं

‘एक राज्य, एक आरआरबी’ नीति 11 राज्यों में लागू होगी

देश के 11 राज्यों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को अब एक बैंक बनाने के लिए विलय किया जाएगा। इस एकीकरण से न केवल बैंकिंग सेवाओं में सुधार होगा बल्कि परिचालन लागत में भी कमी आएगी।

जिन राज्यों में यह योजना लागू होगी:

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर।

ग्राहकों के लिए फायदेमंद: अब एकीकृत बैंकिंग सेवाएं, अधिक शाखाएं और बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।

गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव तय

हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी एलपीजी सिलेंडर की कीमत की समीक्षा 1 मई को होगी। इसमें बढ़ोतरी और कमी दोनों संभव है।

सुझाव: 30 अप्रैल से पहले गैस सिलेंडर बुक कर लें ताकि संभावित बढ़ोतरी से बचा जा सके।

एफडी और बचत खाते पर नए नियम संभव

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और बचत खातों की ब्याज दरों को लेकर संशोधन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी बैंक ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन आरबीआई के मार्गदर्शन में कुछ बदलाव संभव हैं।

मोदी कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला, मूल जनगणना के साथ जाति जनगणना कराएगी केंद्र सरकार

मोदी कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला, मूल जनगणना के साथ जाति जनगणना कराएगी केंद्र सरकार

  दिल्ली :- केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का एलान कर दिया है। यह जनगणना मूल जनगणना के साथ ही कराई जाएगी। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा से ही जातिगत जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद से ही जाति को जनगणना की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया कि जातिगत जनगणना को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसेक बाद एक मंत्रीमंडल समूह का गठन किया गया। इसमें ज्यादातर राजनीतिक दलों ने जातिगत जनगणना की संस्तुति की। इसके बावजूद भी कांग्रेस ने महज खानापूर्ति का ही काम किया। उसने महज सर्वे कराना ही उचित समझा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘यह अच्छी तरह से समझा जा सकता है कि कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया है। जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम  संख्या 69 पर अंकित है। यह केंद्र का विषय है। हालांकि, कुछ राज्यों ने जातियों की गणना के लिए सर्वेक्षण सुचारू रूप से किया है, जबकि राजनीतिक दृष्टिकोण से गैर-पारदर्शी तरीके से ऐसे सर्वेक्षण किए हैं। ऐसे सर्वेक्षणों ने समाज में भ्रांति फैली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा सामाजिक ताना-बाना राजनीति के दबाव में न आए। हमें जाति जनगणना के लिए एक मंच तैयार करना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और समाजिक दृष्टि से मजबूत होगा और देश का विकास भी निर्बाध रूप से चलती रहेगी।

प्रत्येक 10 साल के अंतराल पर होती है जनगणना
जनगणना 1951 से प्रत्येक 10 साल के अंतराल पर की जाती थी, लेकिन 2021 में कोरोना महामारी के कारण जनगणना टल गई थी। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को भी अपडेट करने का काम बाकी है। अभी तक जनगणना की नई तारीख का आधिकारिक तौर पर एलान भी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, जनगणना के आंकड़े 2026 में जारी किए जाएंगे। इससे भविष्य में जनगणना का चक्र बदल जाएगा। जैसे 2025-2035 और फिर 2035 से 2045।

क्यों अहम है जनगणना?
जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए नीति बनाने और उन पर अमल करने के साथ-साथ देश के संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम होते हैं। इससे न सिर्फ जनसंख्या बल्कि जनसांख्यिकी, आर्थिक स्थिति कई अहम पहलुओं का पता चलता है। विपक्षी कांग्रेस समेत तमाम सियासी पार्टियां जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं, ताकि देश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की कुल संख्या का पता चल सके।

पहली जनगणना 1872 और आखिरी 2011 में हुई थी
भारत में हर दस साल में जनगणना होती है। पहली जनगणना 1872 में हुई थी। 1947 में आजादी मिलने के बाद पहली जनगणना 1951 में हुई थी और आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक, 2011 में भारत की कुल जनसंख्या 121 करोड़ थी, जबकि लिंगानुपात 940 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष और साक्षरता दर 74.04 फीसदी था।

मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन की मुश्किल बढ़ी, ACB ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला, जानिए क्या है करप्शन का केस

मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन की मुश्किल बढ़ी, ACB ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला, जानिए क्या है करप्शन का केस

 नई दिल्लीः भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली एंटी क्रप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली में मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। ये मामला स्कूलों में क्लासरूम बनाने में हुए घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि क्लासरूम बनाने में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उस समय मनीष सिसोदिया दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री थे। सत्येंद्र जैन लोक निर्माण मंत्री (PWD) थे। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट सरकारी इमारतों और सड़कों का काम देखता है।

ACB का कहना है कि सिसोदिया और जैन ने क्लासरूम बनाने के काम में गड़बड़ी की है। ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा के तहत, सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जा सकता है।आरोप है कि दिल्ली सरकार के प्रोजेक्ट में 12,000 से ज्यादा क्लासरूम बनाने थे। इसमें सिसोदिया और जैन ने गलत तरीके से ठेके दिए। ACB का कहना है कि क्लासरूम बनाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे दिए गए। एक क्लासरूम बनाने में 24.86 लाख रुपये खर्च किए गए। ACB के अनुसार, आमतौर पर दिल्ली में एक क्लासरूम 5 लाख रुपये में बन जाता है। मतलब लगभग पांच गुना ज्यादा पैसे दिए गए।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि ये ठेके AAP से जुड़े ठेकेदारों को दिए गए। बीजेपी नेताओं ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। बीजेपी दिल्ली के प्रवक्ता हरीश खुराना, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और नीलकांत बख्शी ने शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि लगभग 12,748 स्कूल क्लासरूम बनाने में 2,892 करोड़ रुपये खर्च हुए।
 
शिकायत में कहा गया है कि एक क्लासरूम बनाने का ठेका लगभग 24.86 लाख रुपये में दिया गया। जबकि दिल्ली में ऐसे कमरे लगभग 5 लाख रुपये में बन सकते हैं। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि AAP सरकार ने क्लासरूम बनाने में बहुत ज्यादा पैसे खर्च किए और भ्रष्टाचार किया। अब ACB इस मामले की जांच कर रही है। देखना होगा कि जांच में क्या निकलता है।
 
 
 
दूध हुआ महंगा, कल से नए रेट में होगी बिक्री, बताई यह वजह

दूध हुआ महंगा, कल से नए रेट में होगी बिक्री, बताई यह वजह

  Mother Dairy : मदर डेयरी अपने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं. यह जानकारी मदर डेयरी प्रवक्ता ने दी. उन्होंने कहा कि मदर डेयरी को अपने तरल दूध के उपभोक्ता मूल्य में 30 अप्रैल, 2025 से 2 रुपये प्रति लीटर तक का संशोधन करना पड़ा है. खरीद लागत में उल्लेखनीय वृद्धि को संबोधित करने के लिए यह मूल्य संशोधन आवश्यक हो गया है, जो पिछले कुछ महीनों में 4-5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गया है. खरीद कीमतों में उछाल मुख्य रूप से गर्मियों की शुरुआत और लू की स्थिति के कारण है.

एक बयान में कंपनी ने कहा कि बल्क वेंडेड मिल्क अब 56 रुपये, प्रीमियर फुल क्रीम मिल्क अल्ट्रा आधा लीटर 39 रुपये, फुल क्रीम मिल्क आधा लीटर 35, 1 लीटर 69  रुपये, टोन्ड मिल्क 1 लीटर 57 और आधा लीटर 29  रुपये में मिलेगा.

इसके अलावा डबल टोंड मिल्क एक लीटर 51 रुपये, आधा लीटर 26  रुपये, काउ मिल्क 1 लीटर 59 रुपये और आधा लीटर 30  रुपये है.

BIG NEWS : होटल में लगी भीषण आग, 14 लोगों की मौत

BIG NEWS : होटल में लगी भीषण आग, 14 लोगों की मौत

 कोलकाता : कोलकाता के मछुआ फलमंडी के पास स्थित रितुराज होटल में मंगलवार रात आग में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया.

एएनआई के मुताबिक आग लगने की घटना घटना मंगलवार रात करीब 8:15 बजे हुई. अभी तक 14 शव बरामद किए गए हैं और कई लोगों को टीमों ने बचाया है. आग पर काबू पा लिया गया है और बचाव कार्य जारी है. आग कैसे लगी है उसकी आगे की जांच जारी है. होटल में लगी आग इतनी भीषण थी कि लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद पड़े

अक्षय तृतीया के दिन जरूर अपनाएं ये आसन उपाय, धन-धान्य और आरोग्य की होगी प्राप्ति, करियर में मिलेगी सफलता

अक्षय तृतीया के दिन जरूर अपनाएं ये आसन उपाय, धन-धान्य और आरोग्य की होगी प्राप्ति, करियर में मिलेगी सफलता

 Akshaya Tritiya Upay 2025 : अक्षय तृतीया के दिन किए गए शुभ कार्यों का कई गुना अधिक फल लोगों को मिलता है। यही वजह है कि इस दिन खरीदारी और शुभ मांगलिक कार्य किए जाते हैं। साथ ही अक्षय तृतीया के दिन कुछ ऐसे उपाय भी हैं जिनको करने से जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति आप कर सकते हैं।

Akshaya Tritiya Upay 2025 : ये है अक्षय तृतीया उपाय

  • अपने करियर में सफलता के शिखर पर पहुंचना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको विष्णु भगवान को चन्दन का टुकड़ा अर्पित करना चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
  • अगर आप दाम्पत्य जीवन में अपने प्यार को अक्षय बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको जल में थोड़ा-सा गंगाजल और चन्दन की खुशबू डालकर श्री विष्णु को अर्पित करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके दाम्पत्य जीवन में अक्षय रूप से प्यार बना रहेगा।
  • अगर आप विद्या के क्षेत्र में उन्नति पाना चाहते हैं, तो आज के दिन श्री विष्णु भगवान को चन्दन का तिलक लगाएं। उसके बाद स्वयं भी अपने मस्तक पर चन्दन का तिलक लगाएं। लेकिन यहां ध्यान रहे कि भगवान को तिलक लगाते समय अपने दायें हाथ की अनामिका, यानि तीसरे उंगली का उपयोग करना चाहिए और स्वयं को तिलक लगाते समय अपनी मध्यमा उंगली, यानि दूसरी उंगली का उपयोग करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से विद्या के क्षेत्र में आपकी उन्नति होगी।
  • अगर आप अपने घर की सुख-समृद्धि को बरकरार रखना चाहते हैं या कहें उसे अक्षय करना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको विष्णु मन्दिर में एक चन्दन की खुशबू वाला धूपबत्ती का पैकेट दान करना चाहिए और उसी पैकेट में से एक धूपबत्ती निकालकर भगवान के आगे जलानी चाहिए और हाथ जोड़कर भगवान को प्रणाम करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर की सुख-समृद्धि अक्षय बनी रहेगी।
  • अगर आप करियर में खूब तरक्की पाना चाहते हैं, ऊंचे पद पर आसीन होना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको बेल के फूलों से हवन करना चाहिए। आज ऐसा करने से आपको बहुत जल्द नतीजे देखने को मिलेंगे।
  • अपने जीवन की समृद्धि के लिये आज के दिन एक लोटा जल लें और उसमें थोड़ा-सा गंगाजल और चन्दन की खुशबू मिलाएं। अब इस जल को भगवान विष्णु की पूजा शुरू करने से पहले अपने घर के मन्दिर में छिड़कें, फिर अपने घर के हर एक कोने में चन्दन की खुशबू और गंगाजल मिला हुआ जल छिड़कें। छिड़कने के बाद जो जल बच जाये, उसे भगवान विष्णु की पूजा के बाद किसी फूल वाले पौधे में डाल दें। आज के दिन ऐसा करने से आपके जीवन में समृद्धि बनी रहेगी।
  • अपने सुखी दाम्पत्य जीवन के लिये आज के दिन भगवान विष्णु के गायत्री मंत्र का जप करें। मंत्र है- ‘ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।‘ इस मंत्र का 5 बार जप करने के बाद भगवान नारायण को चन्दन भी अर्पित करें। आज के दिन ऐसा करने से आपका दाम्पत्य जीवन सुखी रहेगा।
  • अगर आप अपने घर की सुख-समृद्धि बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको मन्दिर में दूध का दान करना चाहिए और अपने घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर की सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
  • अगर आप ऑफिस में सबके बीच अपनी मेहनत का लोहा मनवाना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको बैलगाडी को या बैलगाडी के चित्र को प्रणाम करना चाहिए। साथ ही संभव हो तो आज के दिन अपने घर में बैलगाडी का चित्र भी लगाएं। आज के दिन ऐसा करने से आप ऑफिस में सबके बीच अपनी मेहनत का लोहा मनवाने में सफल रहेंगे।
  • अगर आपकी माता का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, तो आज के दिन आपको शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी माता का स्वास्थ्य जल्द ही ठीक हो जायेगा।
Canada Elections 2025: मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी की जीत, खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह हारे, एनडीपी नेता पद से इस्तीफा

Canada Elections 2025: मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी की जीत, खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह हारे, एनडीपी नेता पद से इस्तीफा

 Canada Elections 2025: ओटावा। कनाडा के आम चुनाव में लिबरल पार्टी ने शानदार वापसी करते हुए सत्ता बरकरार रखी है, जबकि खालिस्तान समर्थक और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जगमीत सिंह न केवल अपनी बर्नाबी सेंट्रल सीट हार गए, बल्कि उनकी पार्टी भी महज 7 सीटों पर सिमट गई। हार के बाद सिंह ने एनडीपी नेता पद से इस्तीफा दे दिया।

जगमीत सिंह और खालिस्तान मूवमेंट

कनाडा के सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 46 वर्षीय जगमीत सिंह को देश के प्रमुख नेताओं में गिना जाता था। वकालत के पेशे से राजनीति में आए सिंह पर खालिस्तान मूवमेंट को समर्थन और खालिस्तानी समर्थकों को कानूनी सहायता देने के आरोप लगते रहे हैं।

भारत ने उनकी गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें प्रतिबंधित कर रखा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सिंह अपनी सीट पर तीसरे स्थान पर रहे, जिसके बाद उनके राजनीतिक करियर पर सवाल उठने लगे हैं। एनडीपी ने 12 सीटें जीतने का न्यूनतम लक्ष्य भी हासिल नहीं किया, जिसके चलते पार्टी ने राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खो दिया।

लिबरल पार्टी की सत्ता में वापसी

लिबरल पार्टी ने 166 सीटों पर जीत हासिल की है, जो 2021 के मुकाबले 9 सीटें अधिक है। कनाडा में सरकार बनाने के लिए 172 सांसदों की जरूरत होती है, इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि लिबरल पार्टी बहुमत सरकार बनाएगी या अल्पमत सरकार। इस बार जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी प्रधानमंत्री बनेंगे।

ट्रूडो ने जनवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद मार्क कार्नी 14 मार्च को लिबरल पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री बने। कार्नी, जो पूर्व में बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर रह चुके हैं, ने डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापार नीतियों और टैरिफ धमकियों के खिलाफ मजबूत रुख अपनाकर लिबरल पार्टी को पुनर्जनन दिया।

कंजरवेटिव पार्टी फिर विपक्ष में

कंजरवेटिव पार्टी, जिसके नेता पियरे पॉइलिवरे हैं, को लगभग 145 सीटें मिलने की संभावना है। पिछले साल तक भारी बढ़त में दिख रही कंजरवेटिव पार्टी ट्रम्प के टैरिफ विवाद और कार्नी के नेतृत्व में लिबरल पार्टी की वापसी के कारण सत्ता से दूर रह गई। पॉइलिवरे ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने 20 से अधिक सीटें बढ़ाईं और 1988 के बाद सबसे अधिक वोट शेयर हासिल किया।

चुनाव पर ट्रम्प का साया

यह चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ और कनाडा को “51वां अमेरिकी राज्य” बनाने की धमकियों से प्रभावित रहा। कार्नी ने अपनी जीत के भाषण में कनाडा की संप्रभुता और आर्थिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी विश्वासघात के झटके से ऊबर चुके हैं, लेकिन हमें इसके सबक कभी नहीं भूलने चाहिए।”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले को लेकर कही ये बात

मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले को लेकर कही ये बात

 BREAKING : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में खड़गे ने अनुरोध किया है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करने के लिए संसद के दोनों सदनों का एक विशेष सत्र जल्द से जल्द बुलाया जाए।

BREAKING : मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले को लेकर कही ये बात 

आपको बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश हिंदू पर्यटक थे। यह हमला भारतीय इतिहास में सबसे भीषण आतंकी घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

हमले का विवरण

हमलावरों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया। वे म4 कार्बाइन और एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। आतंकी हमले के दौरान, उन्होंने पुरुषों से उनका धर्म पूछा और कुछ से इस्लामी कलिमा पढ़ने को कहा। एक स्थानीय मुस्लिम घोड़ा चालक, सैयद आदिल हुसैन शाह, ने पर्यटकों की रक्षा करने का प्रयास किया, लेकिन वह भी शहीद हो गए।

MP में शराब कारोबारियों पर ED का छापा, एक साथ 11 ठिकानों पर चल रही कार्रवाई

MP में शराब कारोबारियों पर ED का छापा, एक साथ 11 ठिकानों पर चल रही कार्रवाई

 ED Raid on Liquor Traders : मध्य प्रदेश में सोमवार सुबह से ही शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। भोपाल, जबलपुर, इंदौर और मंदसौर शहरों सहित प्रदेश के 11 ठिकानों पर एक साथ छापे मारी की गई है। इन पर ट्रेजरी चालान में जालसाजी और हेरफेर कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने के आरोप हैं।

मध्यप्रदेश में 49 करोड़ रुपए के आबकारी फर्जी बैंक चालान घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को सुबह अलग अलग कारोबारियों के 11 ठिकानों पर एक साथ प्रदेशभर में कार्रवाई की है। ये कार्रवाई इंदौर, जबलपुर, भोपाल और मंदसौर में चल रही है।

49 करोड़ का फर्जी बैंक चालान घोटाला

49 करोड़ के फर्जी बैंक चालान घोटाले का आरोप योगेंद्र जायसवाल और विजय श्रीवास्तव पर लगा है। इनके ठिकानों पर सुबह से कार्रवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि जब संजीव दुबे आबकारी आयुक्त थे, तब यह चालान घोटाला हुआ था, वहीं चालान घोटाले में अब तक 22 करोड़ की रिकवरी हो चुकी थी।

इंदौर में छापेमारी

इंदौर में बसंत विहार कालोनी, तुलसी नगर समेत अन्य ठिकानों पर ईडी की टीम जमा है। इंदौर के तुलसी नगर में रहने वाले सुरेंद्र चौकसे के घर पर ईडी की टीम पहुंची है। फिलहाल, चौकसे के घर A-296 पर ईडी की टीम दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। सुरेंद्र चौकसे आबकारी अधिकारी के पद से सेवा निवृत्त हुए हैं। सीआरपीएफ के जवान उनके बंगले के बाहर तैनात हैं। खास बात ये है कि, इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।

शिकायतकर्ता राजेंद्र गुप्ता ने ईडी को साक्ष्य और बयान दिए थे। 6 मई को ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी और आबकारी आयुक्त से 5 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन जो ईडी को जानकारी मिली वो अधूरी थी।

मंदसौर में रेड

मंदसौर शहर की जनता कॉलोनी में रहने वाले शराब कारोबारी अनिल त्रिवेदी के ठिकानों पर तड़के 4 बजे ईडी की रेड पड़ी। त्रिवेदी की 10 साल साल गैंगवार में हत्या कर दी गई थी। ये पूर्व में आबकारी विभाग में पदस्थ था। हत्या मंदसौर-प्रतापगढ़ रोड पर हुई थी। शुरुआती सूचना अनुसार, दस साल पूर्व करीब 25 करोड़ रुपए के किसी लेनदेन के मामले में ईडी ने आकर परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। इसका बेटा राजस्थान में निंबाहेड़ा-उदयपुर में रहता है।

 

 

आधार पर हुई जांच शुरू

ईडी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 से वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान ट्रेजरी चालान में जालसाजी और हेराफेरी के जरिए सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने का मामला पकड़ा था। इस मामले में करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरकार को नुकसान पहुंचाया गया। इसके लिए अवैध रूप से शराब अधिग्रहण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) हासिल की गई। इस मामले में ईडी ने शराब ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है।

 

 

इस तरह की जाती थी जालसाजी

मामले की जांच के अनुसार, आरोपी शराब ठेकेदार छोटी-छोटी रकम के चालान तैयार कर बैंक में जमा करते थे। चालान के निर्धारित प्रारूप में ‘रुपए अंकों में’ और ‘रुपए शब्दों में’ लिखे होते थे। मूल्य अंकों में भरा जाता था, हालांकि ‘रुपए शब्दों में’ के बाद खाली जगह छोड़ दी जाती थी। धनराशि जमा करने के बाद जमाकर्ता बाद में उक्त रिक्त स्थान में बढ़ी हुई धनराशि को लाख हजार के रूप में लिख देता था। साथ ही, ऐसी बढ़ी हुई धनराशि के तथाकथित चालान की प्रतियां संबंधित देशी शराब गोदाम में या विदेशी शराब के मामले में जिला आबकारी कार्यालय में जमा कर देता था।

 

 

अवैध रूप से NOC बनाई

जांच में सामने आया कि इन हेराफेरी किए गए चालानों के आधार पर शराब खरीद के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी अवैध रूप से हासिल किए गए थे। इसके चलते सरकार को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। फिलहाल, इस मामले में सभी ठिकानों पर ईडी की जांच चल रही है। आगे कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
OTT और सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट होंगे बंद? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भेजा नोटिस

OTT और सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट होंगे बंद? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भेजा नोटिस

 सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री पर रोक लगाने की मांग अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। इस मुद्दे पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ नेटफ्लिक्स, उल्लू डिजिटल लिमिटेड, ऑल्ट बालाजी, ट्विटर, मेटा (फेसबुक), और गूगल जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है।

याचिका में क्या मांगा गया है?

पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहुरकर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अश्लील कंटेंट पर नियंत्रण की मांग की है। याचिका में केंद्र सरकार से नेशनल कंटेंट कंट्रोल अथॉरिटी (NCCO) के गठन की अपील की गई है, ताकि ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लीलता को रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश तय किए जा सकें।

केंद्र सरकार का रुख क्या रहा?

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, सरकार इस याचिका को गंभीरता से ले रही है। हमारी सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। कई कार्यक्रमों की भाषा न केवल अश्लील है, बल्कि विकृत भी है। ऐसी सामग्री दो वयस्क भी साथ बैठकर नहीं देख सकते। महज 18+ का लेबल लगा देना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि बच्चों की भी इन तक पहुंच हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की?

सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, हमने भी देखा है कि आजकल माता-पिता बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल फोन दे देते हैं। यह एक बेहद गंभीर विषय है, जिस पर कार्यपालिका और विधायिका दोनों को ध्यान देना चाहिए।

अब इस मामले में केंद्र और अन्य पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई में अदालत तय कर सकती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट रेगुलेशन के लिए क्या नए नियम बनाए जाने चाहिए।

तीन बेटियों की मां अपने भतीजे संग हो गयी फरार, पति रोते-रोते पहुंचा थाना, लगायी गुहार, पत्नी वापस ला दो ….

तीन बेटियों की मां अपने भतीजे संग हो गयी फरार, पति रोते-रोते पहुंचा थाना, लगायी गुहार, पत्नी वापस ला दो ….

 मध्यप्रदेश : रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला अपने भतीजे के साथ घर से फरार हो गई। महिला तीन मासूम बेटियों को अपने पति के हवाले कर अपने अय्याशी करने निकल पड़ी। महिला जाते समय घर से नकदी और लाखों के गहने भी ले गई। अब पीड़ित पति पुलिस से मदद की गुहार लगा रहा है।

मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र से एक अजीबो-गरीब प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां रहने वाले मनीष अहिरवार की पत्नी अपने तीन बच्चों को छोड़कर अपने ही भतीजे के साथ फरार हो गई। महिला ने जाते समय घर से 50 हजार रुपये नकद और लगभग दो लाख रुपये के जेवरात भी साथ ले लिए।

पति मनीष ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 5 बजे उसकी पत्नी अचानक घर से गायब हो गई। पहले तो मनीष ने आसपास खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसने थक हारकर पुलिस से संपर्क किया। मनीष अपनी तीन छोटी बेटियों को लेकर थाने पहुंचा और अधिकारियों से पत्नी की तलाश की गुहार लगाई।

पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का अपने ही भतीजे के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। परिवार को शक भी था, लेकिन किसी ने इतनी बड़ी घटना की कल्पना नहीं की थी कि वह अपने मासूम बच्चों को छोड़कर इस तरह फरार हो जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई:
मनीष की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लापता महिला व उसके भतीजे की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मोबाइल लोकेशन के जरिए भी उनकी खोजबीन की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक महिला और भतीजे का कोई सुराग नहीं मिला था।

समाज में आक्रोश:
इस घटना ने समाज में भी गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। लोग रिश्तों की मर्यादा टूटने पर दुख और आक्रोश जता रहे हैं। तीन मासूम बच्चियां अपनी मां की राह देख रही हैं, जबकि पिता मनीष को भी भारी मानसिक आघात पहुंचा है।

भारत आएंगे 26 राफेल, 63 हजार करोड़ की ‘मेगा डील’ पर आज होंगे हस्ताक्षर

भारत आएंगे 26 राफेल, 63 हजार करोड़ की ‘मेगा डील’ पर आज होंगे हस्ताक्षर

 नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्ते के बीच भारत सोमवार (29 अप्रैल) को फ्रांस के साथ 26 राफेल मरीन विमानों की डील पर हस्ताक्षर करने वाला है। दिल्ली में 63 हजार करोड़ के सौदे पर दोनों देशों के रक्षा मंत्री साइन करेंगे। डील के तहत भारत 22 सिंगल सीटर विमान और 4 डबल सीटर विमान फ्रांस से खरीदेगा। हथियारों की खरीद के मामले में भारत की फ्रांस के साथ अब तक की सबसे बड़ी डील है।

9 अप्रैल को डील को मिली थी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 9 अप्रैल को कैबिनेट समिति की बैठक हुई थी। बैठक में 26 राफेल समुद्री लड़ाकू विमानों की बिक्री के लिए ‘मेगा डील’ को मंजूरी दी गई थी। अनुबंध में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर जेट शामिल हैं। साथ ही बेड़े के रखरखाव, रसद सहायता, कर्मियों के प्रशिक्षण और स्वदेशी घटक निर्माण के लिए एक व्यापक पैकेज भी शामिल हैं।

 23 को विमानों की खरीदी को मंजूरी

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई थी। इस बैठक में विमानों की खरीद को मंजूरी मिली थी। अब 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों के सौदे पर दोनों देश हस्ताक्षर करेंगे।

INS विक्रांत पर तैनात होंगे राफेल मरीन जेट्स

भारतीय नौसेना के लिए खरीदे जा रहे 22 सिंगल सीट राफेल मरीन जेट्स और 4 डबल ट्रेनर सीट जेट्स को INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा। ये जेट्स भारतीय महासागर क्षेत्र में चीन की चुनौती का सामना करने के लिए तैनात होंगे। इनका होम बेस विशाखापत्तनम में स्थित INS देगा होगा। 2029 के अंत तक नौसेना को पहला बैच मिलने की उम्मीद है। पूरा बेड़ा 2031 तक शामिल होने की संभावना है।

 राफेल मरीन जेट्स की खासियत

राफेल मरीन जेट्स भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स से अधिक उन्नत हैं। इनका इंजन ज्यादा शक्तिशाली है, जिससे ये INS विक्रांत से स्की जंप कर सकते हैं। इनकी लंबाई 15.27 मीटर और वजन 10,600 किलोग्राम है। यह 1,912 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकते हैं और 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकते हैं।

भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा किए रद्द , आज देश छोड़ने का आखिरी दिन

भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा किए रद्द , आज देश छोड़ने का आखिरी दिन

 नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए सभी पाकिस्तानी नागरिकों को आज, 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसे लेकर भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन देने का गंभीर आरोप लगाया है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी अल्पकालिक वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि चिकित्सा वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार सभी राज्यों में जिला प्रशासन को पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए गए हैं।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “केंद्र सरकार के आदेश के तहत सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं, और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

पहलगाम हमले के बाद भारत ने कई अन्य कड़े कदम भी उठाए हैं:

– अटारी-वाघा सीमा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
– पाकिस्तानी दूतावास के स्टाफ की संख्या में कटौती की गई है।
– 1960 की सिंधु जल संधि को भी निलंबित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने सरकार के सख्त कदम का समर्थन किया है, तो कुछ ने चिकित्सा वीजा पर आए पाकिस्तानी मरीजों के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

यह कार्रवाई भारत की आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाती है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की एकता, शांति और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। देशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे शांति और एकजुटता बनाए रखें और आतंकवाद के खिलाफ इस संघर्ष में सरकार और सुरक्षा बलों का समर्थन करें।

Mann Ki Baat: मन की बात में पीएम मोदी का आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश, देश की एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत

Mann Ki Baat: मन की बात में पीएम मोदी का आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश, देश की एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत

 नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 121वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमला हर भारतीय के दिल को दुखी करने वाला है। पीएम ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी।

मोदी ने कहा, “कश्मीर में शांति लौट रही थी, पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी, और विकास कार्य तेजी से हो रहे थे। लेकिन दुश्मनों को यह रास नहीं आया।” उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की एकता को आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि पूरा विश्व इस लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा में भारत की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब भी मानवता की सेवा की बात आती है, भारत हमेशा आगे रहता है और भविष्य में भी रहेगा।” उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने और शांति के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
‘मन की बात’ का यह एपिसोड आज सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुआ। पीएम ने जनता से 27 अप्रैल के लिए पहले ही सुझाव मांगे थे, जिसमें हजारों लोगों ने अपने विचार साझा किए।

Pahalgam Attack : रावण का वध जैसे जरुरी था, वैसे इन असुरों का नाश होगा- RSS चीफ

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  पहलगाम : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ऐसे दुष्टों (आतंकियों) का सफाया किया जाना जरुरी है। यह लड़ाई दो धर्मों के बीच की नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है।

मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “अभी जो लड़ाई चल रही है, वह संप्रदायों और धर्मों के बीच नहीं है। इसका आधार संप्रदाय और धर्म हो सकता है, लेकिन यह लड़ाई ‘धर्म’ और ‘अधर्म’ के बीच है। हमारे सैनिकों या हमारे लोगों ने कभी किसी को उसका धर्म पूछकर नहीं मारा। कट्टरपंथी लोगों ने निर्दोष पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारा, हिंदू ऐसा कभी नहीं कर सकते। इसलिए देश को मजबूत होना चाहिए।

आतंकियों की भाषा समझने के लिए स्कूलों में पढ़ाई जाए उर्दू, शिवसेना MLA की मांग
उन्होंने आगे कहा, “हर कोई दुखी है, हमारे दिलों में गुस्सा है, जो कि होना भी चाहिए, क्योंकि राक्षसों का नाश करने के लिए अपार शक्ति की आवश्यकता होती है। कुछ लोग यह समझने के लिए तैयार नहीं हैं, और उनमें अब किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकता है।

‘रावण का वध जैसे जरुरी था, वैसे इन असुरों का नाश…’

आतंकवाद के खात्मे पर जोर देते हुए भागवत ने कहा, “रावण भगवान शिव का भक्त था, वेदों को जानता था, उसके पास वह सब कुछ था जो एक अच्छा इंसान बनने के लिए चाहिए, लेकिन उसने जो मन और बुद्धि अपनाई थी, वह बदलने को तैयार नहीं थी। रावण तब तक नहीं बदल सकता था जब तक वह मर नहीं जाता और उसका पुनर्जन्म नहीं होता। इसलिए राम ने रावण को बदलने के लिए उसका वध किया। असुरों का सफाया होना चाहिए। यही अपेक्षा होती है और यह अपेक्षा पूरी होगी।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 6 लोग महाराष्ट्र के थे। चश्मदीदों का दावा है कि आतंकवादियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और फिर हिंदू होने पर उन्हें गोली मार दी। आतंकियों ने धर्म जानने के लिए पीड़ितों से अजान पढ़ने को भी कहा था। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है।

मृतकों के घर पहुंची NIA
इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए ठाणे के डोंबिवली के रहने वाले तीन लोगों के घर एनआईए (NIA) की एक टीम गई और परिजनों से पूछताछ की। एनआईए की चार सदस्यीय टीम गुरुवार को शाम पांच से सात बजे के बीच डोंबिवली (पश्चिम) में अतुल श्रीकांत मोने (43), हेमंत सुहास जोशी (45) और संजय लक्ष्मण लेले (50) के घर गई। एनआईए इस नृशंस आतंकवादी हमले की जांच कर रही है।

आतंकियों का मिट्टी में मिलना शुरू, सेना ने एक आतंकी के घर को बम से उड़ाया, दूसरे का घर बुलडोजर से हुआ जमींदोज

आतंकियों का मिट्टी में मिलना शुरू, सेना ने एक आतंकी के घर को बम से उड़ाया, दूसरे का घर बुलडोजर से हुआ जमींदोज

 नयी दिल्ली 25 अप्रैल 2025। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हमले के मास्टरमाइंड आदिल हुसैन थोकर उर्फ आदिल गुरी और उसके साथी आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। सेना ने आदिल के अनंतनाग जिले के गोरी इलाके में स्थित घर को बम से उड़ा दिया है। इसके अलावा हमले में शामिल दूसरे आतंकी आसिफ शेख के पुलवामा जिले के त्राल स्थित घर को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, पहलगाम में हमला करने वाले चार आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। इन आतंकियों ने स्टील टिप वाली गोलियों से लैस AK-47 राइफलों और बॉडी कैमरा पहनकर पर्यटकों को निशाना बनाया। हमले में 26 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। इस कायराना हरकत की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की सहयोगी इकाई “द रेजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) ने ली है।

सूत्रों के मुताबिक, हमले के मुख्य आरोपी आदिल थोकर ने वर्ष 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध रूप से पाकिस्तान की यात्रा की थी। वहां उसने आतंकी कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त किया और बाद में वापस लौटकर घाटी में सक्रिय हो गया। इस हमले को अंजाम देने में पाकिस्तानी आतंकियों की भी भूमिका बताई जा रही है, जिन्हें आदिल ने स्थानीय स्तर पर सहायता दी।

हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे।” इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुट गए हैं। लगातार छापेमारी, खुफिया इनपुट्स और संदिग्धों की धरपकड़ जारी है। सेना और स्थानीय प्रशासन का साफ कहना है कि आतंक के इस तंत्र को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की गंभीरता और उसके खिलाफ सख्त रणनीति की आवश्यकता को रेखांकित किया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और सुरक्षाबल इस नेटवर्क को किस हद तक ध्वस्त कर पाते हैं।

छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति ने खींचा प्राइड होटल्स का ध्यान, निवेश की जताई रुचि

छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति ने खींचा प्राइड होटल्स का ध्यान, निवेश की जताई रुचि

 मुंबई : मुंबई में प्राइड होटल्स के निदेशक श्री सत्येन जैन ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की और राज्य में निवेश की रुचि जताई । श्री जैन ने बताया कि उनकी संस्था प्रीमियम आतिथ्य सेवाओं पर केंद्रित है और छत्तीसगढ़ की उभरती हुई पर्यटन अधोसंरचना से वह लाभान्वित होना चाहती है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ आज देश का सबसे तेज़ी से प्रगति करने वाला राज्य है। राज्य की स्थिर नीति, सहज प्रक्रियाएं और विविधतापूर्ण प्राकृतिक-सांस्कृतिक विरासत पर्यटन उद्योग के लिए असाधारण अवसर प्रदान करती है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024–30 की विशेषताओं से अवगत कराया, जिसमें होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को प्रोत्साहन, भूमि आवंटन में प्राथमिकता और पर्यटन क्लस्टर्स की सुविधा जैसी पहल शामिल है।

Pahalgam Attack : भारत ने लिए पांच बड़े फैसले, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द, पढ़िए पूरी खबर

Pahalgam Attack : भारत ने लिए पांच बड़े फैसले, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द, पढ़िए पूरी खबर

 नई दिल्ली: पहलगाम आंतकी हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार एक्शन में दिख रही है। पीएम मोदी सऊदी अरब का दौरा रद्द करके वापस दिल्ली लौटे और सीसीएस की अहम बैठक की। इस बैठक में सरकार ने आतंकवाद पर चोट देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े फैसले किए हैं। सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता को रोक दिया है। इसके अलावा भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर एक मई तक उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

सीसीएस बैठक में लिए 5 कड़े फैसले

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीएस की बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों से आतंकवाद के सरगनाओं के साथ पाकिस्तानी हुकूमत पर चोट लगना तय है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "इस आतंकवादी हमले की गंभीरता को समझते हुए, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने ये पांच फैसले लिए हैं..

  1. 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जा रहा है, जब तक कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।
  2. इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद किया जा रहा है। वैध अनुमति के साथ जो लोग इस रास्ते से भारत आए हैं, वे 1 मई से पहले इसी रास्ते से वापस जा सकते हैं।
  3. पाकिस्तानी नागरिकों को अब SAARC वीज़ा छूट योजना (SVES) के तहत भारत यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी। पहले जारी सभी SVES वीज़ा निरस्त माने जाएंगे। अभी SVES वीज़ा पर भारत में रह रहे किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को 48 घंटों के भीतर भारत छोड़ना होगा।
  4. नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सेना, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया गया है। उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया गया है। भारत इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से भी रक्षा/नौसेना/वायुसेना सलाहकारों को वापस बुलाएगा। दोनों उच्चायोगों में ये पद अब निरस्त माने जाएंगे। सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारी भी दोनों उच्चायोगों से वापस बुलाए जाएंगे।
  5. दोनों उच्चायोगों में कर्मचारियों की कुल संख्या को मौजूदा 55 से घटाकर 30 किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया 1 मई तक पूरी कर ली जाएगी।
  6.  

    पाकिस्तान पर क्या पड़ेगा प्रभाव

     

    1. सिंधु जल संधि (1960) रोका
    सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, और चिनाब नदियों का 80% पानी मिलता है, जो उसकी कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पाकिस्तान में 47 मिलियन एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई इन नदियों पर निर्भर है। पानी की आपूर्ति रोकने से पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों में कृषि उत्पादन, विशेष रूप से गेहूं और चावल, पर गंभीर असर पड़ेगा, जिससे खाद्य संकट और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है। भारत का यह कदम "पानी की सर्जिकल स्ट्राइक" के रूप में देखा जा रहा है।
  7. 2. इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी का बंद होना
    अटारी-वाघा सीमा भारत-पाकिस्तान के बीच सीमित व्यापार का प्रमुख केंद्र है। इसे बंद करने से पाकिस्तान का भारत के साथ आयात-निर्यात, विशेष रूप से कृषि और कपड़ा उत्पादों का व्यापार, प्रभावित होगा। इससे पाकिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर और बोझ पड़ेगा।

3. पाकिस्तानियों का वीजा रद्द
ये एक बड़ा कूटनीतिक फैसला है। पाकिस्तानी नागरिकों को भारत यात्रा से रोकने और मौजूदा SVES वीजा निरस्त करने से पाकिस्तान का क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) में प्रभाव कमजोर होगा। यह कदम पाकिस्तान से भारत में संदिग्ध व्यक्तियों की घुसपैठ को रोकने में प्रभावी हो सकता है।

4. 48 घंटे में पाक नागरिकों को छोड़ना होगा देश
48 घंटे का अल्टीमेटम पाकिस्तान को यह संदेश देता है कि भारत अब आतंकवाद के जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

5. पाकिस्तानी उच्चायोग में कर्मचारी कम करना
यह भी एक कूटनीतिक दबाव है। पाकिस्तानी रक्षा सलाहकारों को निष्कासित करना और भारत के रक्षा सलाहकारों को वापस बुलाना दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ला देगा। यह पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने की भारत की रणनीति का हिस्सा है। यह कदम भारत की ओर से स्पष्ट संदेश है कि वह पाकिस्तान के साथ किसी भी सैन्य या रणनीतिक सहयोग को तैयार नहीं है, जब तक कि आतंकवाद पर उसका रुख नहीं बदलता।

सीसीएस बैठक में विस्तार से हुई चर्चा

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "आज शाम प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई। CCS को पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। कई अन्य लोग घायल हुए थे। CCS ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की..."