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BIG BREAKING : प्रदेश में लगातार कम हो रहे है कोरोना के मरीज, देखे जिलेवार आकड़े

BIG BREAKING : प्रदेश में लगातार कम हो रहे है कोरोना के मरीज, देखे जिलेवार आकड़े

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 229 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 82 मरीज, दुर्ग से 50, राजनांदगांव से 3, बालोद से 2, बेमेतरा से 7, कबीरधाम से 1, धमतरी से 3, बलौदा बाजार से 6, महासमुंद से 4, गरियाबंद से 5, बिलासपुर से 12, रायगढ़ से 10, कोरबा से 5, जांजगीर-चांपा से 4, मुंगेली से 2, जीपीएम से 0, सरगुजा से 11, कोरिया से 6, सूरजपुर से 2, बलरामपुर से 1, जशपुर से 6, बस्तर से 6, कोंडागांव से 0, दंतेवाड़ा से 0, सुकमा से 0, कांकेर से 1, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 267 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 6 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3287 है | 

केन्द्रीय बजट 2021 ने देशभर में भारतीय सांकेतिक भाषा के मानकीकरण की घोषणा की

केन्द्रीय बजट 2021 ने देशभर में भारतीय सांकेतिक भाषा के मानकीकरण की घोषणा की

नईदिल्ली। सरकार श्रवण दोष के शिकार बच्चों के हित में देशभर में भारतीय सांकेतिक भाषा के मानकीकरण पर काम करेगीऔर उन बच्चों के उपयोग के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर  पाठ्यक्रम सामग्री विकसित करेगी। इस आशय की घोषणा बजट 2021-22 के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के एक हिस्से के रूप में शिक्षा सेजुड़ी पहल के तौर पर की गई है। 

इस घोषणा के अनुरूपशिक्षा मंत्रालय के अधीन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभागइस वर्ष अप्रैल से निम्नलिखित कार्य करेगा:

  • यूडीएल दिशा-निर्देशों के अनुसार पुस्तकों को ई-पुस्तकों के रूप में परिवर्तित किया जायेगा।
  • सांकेतिक भाषा के वीडियो बनाये जायेंगे।
  • सांकेतिक भाषा के लिए एक शब्दकोश/शब्दावली विकसित की जायेगी।

इन संसाधनों को दीक्षा और पीएम ई–विद्या के माध्यम से प्रसारित करने का प्रयास किया जाएगा। सीआईईटी, एनसीईआरटी और आईएसएलआरटीसी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं और वे भारतीय सांकेतिक भाषा में एनसीईआरटीकीपाठ्यपुस्तकोंपर आधारित वीडियो बनाने के लिए आईएसएलआरटीसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) के मानकीकरण का यह कार्य समाज को समावेशी बनाने औरपूरे भारत में सांकेतिक भाषा की विभिन्न बोलियों के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में सहयोग और योगदान करने का एक अवसर प्रदान करता है। यह कार्य श्रवण दोष के शिकार बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देगाजिससे उन्हें अपनी क्षमता को प्रदर्शित करने का बराबरी का अवसर मिलेगा। सभी बच्चे आसानी से एक दूसरे के साथ संवाद कर सकेंगे और एक दूसरे को बेहतर ढंग से जान पायेंगे। यह कदम स्कूल में पढ़ाई के वर्षों के दौरान विकास की महत्वपूर्ण अवधि में समावेशन को बढ़ावा देने में मददगारसाबित होगा।

LAC पर चीन के साथ ‘डिसइंगेजमेंट’ को लेकर राहुल गांधी ने सरकार से पूछे ये 3 सवाल

LAC पर चीन के साथ ‘डिसइंगेजमेंट’ को लेकर राहुल गांधी ने सरकार से पूछे ये 3 सवाल

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पैंगोंग लेक के उत्तर और दक्षिणी तट से भारत और चीन के सैनिकों की वापसी के बीच इसको लेकर सियासत भी खूब हो रही है. डिसइंगेजमेंट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से उठाए गए सवालों के बाद रक्षा मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को बयान जारी किया गया. इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए निशाना साधा. इस बीच, राहुल ने एक बार फिर से डिसइंगेजमेंट को लेकर सरकार से तीन सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है.


राहुल गांधी गांधी के तीन सवाल-

1-क्यों हमारी सेना के जवानों को कैलाश रेंज में मजबूती वाले पॉजिशन से वापस बुलाया जा रहा है?
2- क्यों हम अपनी जमीन सौंप रहे हैं और फिंगर 4 से सेना की वापसी कर फिंगर 3 पर ला रहे हैं?
3-क्यों चीन डेपसांग प्लेन्स और गोगरा हॉट स्प्रिंग्स से सैनिकों को वापस नहीं बुलाया है?

जेपी नड्डा का राहुल पर हमला

गौरतलब है कि इससे पहले, एलएसी पर डिसइंगेजमेंट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को बड़ा पलटवार किया है. नड्डा ने कहा कि वर्तमान डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया में सरकार की तरफ से भारतीय जमीन नहीं दी गई है.


बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए कहा- “अगर किसी ने हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन छोड़ने जमीन का पाप किया तो यह एक भ्रष्ट, कायर वंश है जिसने देश को अपनी शक्ति को बनाए रखने के लिए तोड़ दिया है.”

 

सीआरपीएफ डीजी ने की सुकमा एसपी को डीजी डिस्क अवॉर्ड देने घोषणा

सीआरपीएफ डीजी ने की सुकमा एसपी को डीजी डिस्क अवॉर्ड देने घोषणा

सुकमा । सीआरपीएफ डीजी एपी माहेश्वरी सुकमा दौरे में मिनपा कैंप पहुंचे। कैंप का अवलोकन करने के बाद उन्होंने इसे प्रदेश का सबसे शानदार कैंप बताया। इस दौरान उनके साथ स्पेशल डीजी अशोक जुनेजा भी मौजूद थे। इस दौरान डीजी माहेश्वरी ने सुकमा एसपी कन्हैया लाल ध्रुव को डीजी डिस्क अवॉर्ड देने की घोषणा की। इसके आलावा सीआरपीएफ डीआईजी योज्ञान सिंह को गोल्डन डिस्क अवॉर्ड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा जिला पुलिस के जवानों को 5 लाख रूपये रिवॉर्ड देने की भी घोषणा की गई है। सीआरपीएफ जवानों को अब 10 लाख रूपये रिवॉर्ड के तौर पर दिया जाएगा। डीजी ने आरंग स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप केंद्र में नए प्रशासनिक भवन का भी लोकार्पण किया। 22 बाइक एम्बुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बाइकें सुरक्षाबल के जवानों के लिए बनाई गई हैं। बाइक नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए रवाना की जाएंगी। 

विज्ञान ज्योति कार्यक्रम का दूसरे चरण में 100 जिलों तक विस्तार

विज्ञान ज्योति कार्यक्रम का दूसरे चरण में 100 जिलों तक विस्तार

“विज्ञान में लड़कियाँ और महिलाएँ के अंतर्राष्ट्रीय दिवस” के अवसर पर 11 फरवरी 2021 को शुरु हुए विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत विज्ञान में लड़कियों की रुचि बढ़ाने तथा एसटीईएम अर्थात विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों के माध्यम से उन्हें अपना करियर बनाने में मदद करने के लिए देश के 50 और जिलों को इस कार्यक्रम के दायरे में लाया गया है।

इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष में प्राप्त अनुभवों से और सुधार लाया जा सकेगा और साथ ही यह देश के अधिक से अधिक जिलों में महिलाओं को सशक्त बनाने और शीर्ष विज्ञान संस्थानों में उनकी संख्या बढ़ाने में मदद करेगा।

“प्रोफेसर शर्मा ने कहा “विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व एक बहुआयामी समस्या है। हमें सभी पहलुओं से इस समस्या को देखना है और वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए जरुरी उपायों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति इसके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकती है और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद करने के लिए जनसांख्यिकी लाभांश का उपयोग कर सकती है।”

 


उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए लड़कियों को समाज में आदर्श स्थापित करने वाले सभी तरह के लोगों विशेषकर अपने जीवन में बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

 


विज्ञान ज्योति कार्यक्रम लड़कियों को विज्ञान में रुचि लेने और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)की एक नई पहल है जिसके तहत एसटीईएम में अपना करियर बनाने के लिए मेधावी लड़कियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरु किया गया है। यह दिसंबर 2019 से 50 जवाहर नवोदय विद्यालयों में सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है और अब इसे वर्ष 2021-22 के लिए 50 और ऐसे विद्यालयों में शुरु कर दिया गया है।

 


यह कार्यक्रम एसटीईएम के कुछ क्षेत्रों में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व की समस्या का समाधान करता है। शुरुआती कदम के तौर पर यह कार्यक्रम नौवीं से 12 वीं कक्षा की मेधावी लड़कियों के लिए स्कूल स्तर पर शुरू किया गया है ताकि उन्हें सशक्त बनाकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में एसटीईएम पाठ्यक्रम में शामिल विषयो की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

 


विज्ञान ज्योति कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों में छात्र-अभिभावक परामर्श, प्रयोगशालाओं और ज्ञान केंद्रों का दौरा, पार्टनर रोल मॉडल इंटरैक्शन, विज्ञान शिविर, शैक्षणिक सहायता कक्षाएं, संसाधन सामग्री वितरण और टिंकरिंग गतिविधियाँ शामिल हैं। छात्रों को ऑनलाइन शैक्षणिक सहायता से संबंधित गतिविधियों में वीडियो कक्षाएं, अध्ययन सामग्री, दैनिक अभ्यास की समस्याएं और किसी भी तरह की शंकाओं का समाधान करने के लिए सुव्यवस्थित तरीके से सत्र आयोजित करना शामिल है।

 


डीएसटी के सलाहकार और किरण तथा विज्ञान ज्योति कार्यक्रमों के प्रमुख डॉ. संजय मिश्रा ने कहा कि निकट भविष्य में इस कार्यक्रम के साथ अधिक से अधिक जिलों को जोड़ने की योजना है और आगे लड़कियों को एसटीईएम में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के मामले में इस कार्यक्रम का प्रभाव 100 जिलों में दिखाई देगा।

 


नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के आयुक्त विनायक गर्ग ने कहा कि लड़कियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है और यह कार्यक्रम विज्ञान में रुचि लेने वाली लड़कियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।

डीएसटी विभिन्न महिला-केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पुरुषों के समान ही महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है। डीएसटी विज्ञान ज्योति के अलावा, अन्य महिला-उन्मुख कार्यक्रम जैसे कि करियर में ब्रेक लेने वाली महिलाओं को दोबारा अवसर देने के लिए “महिला वैज्ञानिक योजना”,एसटीईएम में करियर बनाने की इच्छुक महिलाओं के लिए अमरीका में प्रमुख संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय सहयोगपूर्ण अनुसंधान करने के अवसर प्रदान करने के लिए “क्यूरी कार्यक्रम” तथा वैज्ञानिक संस्थानों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए “जीएटीआई कार्यक्रम” आदि शामिल हैं। इसके अलावा डीएसटी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए-आई) और नवाचार को बढ़ावा देने तथा भविष्य में एआई-आधारित नौकरियों के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने के लक्ष्य के साथ महिला विश्वविद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशालाएं भी स्थापित की हैं।

फैमि‍ली पेंशन भुगतान की सीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह पढ़े पूरी खबर

फैमि‍ली पेंशन भुगतान की सीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह पढ़े पूरी खबर

नईदिल्ली।  केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास(स्‍वतंत्र प्रभार),कार्मिकलोक शिकायतपेंशनपरमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मामलों के राज्‍य मंत्रीडॉ.जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि फैमिली पेंशन में सुधार किया गया है और उसके भुगतान कीसीमा 45,000 रुपये से बढ़ाकर 1,25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। उन्‍होंने कहा कि इस कदम से स्‍वर्गवासी हो चुके कर्मचारियों के परिवार के सदस्‍यों का जीवन आसान हो जाएगा और उन्‍हें पर्याप्‍त वित्‍तीय सुरक्षा मिलेगी। डॉसिंह ने कहा कि पेंशन एवं पेंशनर कल्‍याण विभाग (डीओपीपीडब्‍ल्‍यूने उस राशि के मामले में स्‍पष्‍टीकरण जारी किया है, जिसमें अपने माता या‍ पिता की मृत्‍यु हो जाने पर कोई बच्‍चा फैमिली पेंशन की दो किस्‍तें निकालने का हकदार होता है। डॉसिंह ने कहा कि अब ऐसी दो किस्‍तों की कुल राशि 1,25,000 से ज्‍यादा नहीं हो सकती। यह पिछली सीमा से ढ़ाई गुना अधिक की वृद्धि है।

केन्‍द्रीय सिविल सेवा (पेंशननियमन 1972 के  नियम 54 के उपनियम 11 के अनुरूपयदि पति और पत्‍नी दोनों ही सरकारी सेवा में हैं और इस नियम के तहत आते हैंतो उनकी मौत की स्थिति में उनका जीवित बच्‍चा अपने माता-पिता की दो फैमिली पेंशन पाने के योग्‍य होगा। इससे पहले के निर्देशों में तय किया गया था कि ऐसे मामलों में दो फैमिली पेंशन की कुल राशि 45,000 रुपये प्रतिमाह और 27,000 रुपये प्रतिमाहयानी क्रमश: 50 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर से अधिक नहीं होगी। यह दर छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 90,000 रुपये केअधिकतम वेतन के संदर्भ में तय की गई थी।

अब ज‍बकि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अधिकतम वेतन बढ़कर 2,50,000रुपये प्रतिमाह हो गया है, तोकेन्‍द्रीय सिविल सेवा पेंशन के नियम 54 (11) के अनुसार यह राशि 2,50,000 रुपये का 50 प्रतिशत यानी 1,25,000 रुपये और 2,50,000 रुपये का 30 प्रतिशत यानी 75,000 रुपये तय की गई है।

यह स्‍पष्‍टीकरणविभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों से प्राप्‍त संदर्भों के मामले में जारी किया गया है। मौजूदा नियमों के अनुसार यदि किसी बच्‍चे के माता-पिता सरकारी सेवा में हैं और उनमें से एक की सेवाकाल में मृत्‍यु हो जाती है या वह सेवानिवृत्‍त हो जाते हैं तो स्‍वर्गवासी होने वाले व्‍यक्ति की फैमिली पेंशन उसके जीवित साथी को दी जाएगी और यदि उस साथी की भी मौत हो जाती हैतो जीवित बच्‍चे कोअपनी योग्‍यता साबित करने के बादअपने स्‍वर्गवासी माता-पिता दोनों की फैमिली पेंशन अदा की जाएगी।


बीमा पॉलिसियाँ अब होंगी इस तरह से जारी

बीमा पॉलिसियाँ अब होंगी इस तरह से जारी

नईदिल्ली। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण(आईआरडीएआई) ने 09 फरवरी, 2021 को जारी एक परिपत्र में सभी बीमा कंपनियों को अपनी डि‍जिटल बीमा पॉलिसियां डिजीलॉकर के जरिए जारी करने की सलाह दी है। परिपत्र में कहा गया है, ‘‘बीमा क्षेत्र में डिजीलॉकर व्‍यवस्‍था को अपनाने को प्रोत्‍साहित करने के लिए अथॉरिटी सभी बीमा कंपनियों को अपनी सूचना प्रौद्योगिकी व्‍यवस्‍था को लागू करने और डिजीलॉकर सुविधा इस्‍तेमाल करने की सलाह देती है, ताकि बीमा पॉलिसी धारक अपने सभी पॉलिसी दस्‍तावेजों को संरक्षित रखने के लिए डिजीलॉकर का इस्‍तेमाल कर सकें।’’ 

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि बीमा कंपनियां अपने उपभोक्‍ताओं को डिजीलॉकर सुविधा के बारे में सूचित करें और उन्‍हें इसके उपयोग के बारे में जानकारी दें। बीमा कंपनियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे ऐसी प्रक्रिया अपनाए, जिससे उनके उपभोक्‍ता अपनी पॉलिसियों को डिजीलॉकर में रख सकें। इलक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस विभाग (एनईजीडीइस संदर्भ में आवश्‍यक तकनीकी मार्ग-निर्देशन और लॉजिटिक्‍स सहायता उपलब्‍ध कराएगा।

डिजीलॉकर भारत सरकार के इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक पहल है, जिसमें नागरिकों को बीमा कंपनियों की ओर से जारी प्रमाण-पत्रों के मूल दस्‍तावेज और प्रमाण-पत्र डिजिटल फॉरमेट में प्राप्‍त हो सकेंगे। इसका लक्ष्‍य कागजी दस्‍तावेजों के इस्‍तेमाल को कम करना या समाप्‍त करना है और इससे सेवा प्रदान करने की कुशलता बढ़ेगी, नागरिकों को इसका इस्‍तेमाल करने में आसानी होगी और उनकी परेशानी कम होगी। 

बीमा क्षेत्र में डिजीलॉकर,लागत को कम करने, उपभोक्‍ताओं कीपॉलिसी दस्‍तावेज की प्रति नहीं मिलने की शिकायतों को दूर करने, बीमा सेवा की प्रक्रिया में सुधार करने, दावों का तेजी से निष्‍पादन करने, विवादों और धोखाधड़ी के मामलों को कम करने और उपभोक्‍ताओं से अधिक बेहतर सम्‍पर्क कायम करने में मदद करेगा। कुल मिलाकर उम्‍मीद की जाती है कि इससे उपभोक्‍ताओं का अनुभव काफी बेहतर होगा।

आईआरडीएआई का यह फैसला उस पत्र की पृष्‍ठभूमि में आया है जो इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास राज्‍य मंत्री श्री संजय धोत्रे ने वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के राज्‍य मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर को लिखा था। इस पत्र में उन्‍होंने कहा था कि डिजिटल बीमा पॉलिसियों को नागरिकों के डिजीलॉकर खातों में जारी किए जाने की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। अपने पत्र में श्री धोत्रे ने श्री ठाकुर से अनुरोध किया था कि आईआरडीएआई को सलाह दी जाए कि वह सभी बीमा कंपनियों को इस बारे में परामर्श जारी करे कि वे सभी बीमा पॉलिसी धारकों की डिजिटल पॉलिसियों को डिजीलॉकर खातों में उपलब्‍ध कराएं और डिजीलॉकर द्वारा जारी दस्‍तावेजों को वैध दस्‍तावेज के तौर पर स्‍वीकार किया जाए। इससे उन्‍हें अपनी सभी बीमा पॉलिसियों तक सुरक्षित और वैध तरीके से पहुंच बनाने और उनका प्रबंधन करने का एक वै‍कल्पिक माध्‍यम मिलेगा। यह बीमा पॉलिसी धारकों के लिए भी बहुत महत्‍वपूर्ण होगा।

किसी भी नागरिक और उसके परिवार के लिए बीमा प्रमाण-पत्र एक महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज है। इस दस्‍तावेज तक समय पर पहुंच बना पाना उसके लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है। अत: डिजीलॉकर के माध्‍यम से डिजिटल बीमा प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध कराने से नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी।


 बड़ी खबर: MBBS फर्स्ट ईयर की छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में की फांसी लगाकर आत्महत्या, पुलिस कर रही मामले की जाँच

बड़ी खबर: MBBS फर्स्ट ईयर की छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में की फांसी लगाकर आत्महत्या, पुलिस कर रही मामले की जाँच

सोनीपत। हरियाणा के गोहाना से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां, भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में एक एमबीबीएस (MBBS) फर्स्ट ईयर की छात्रा के सुसाइड करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह खानपुर महिला थाना में सूचना मिली थी एक छात्रा ने अपने रूम में फांसी लगा ली है। इसी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक गर्ल्स हॉस्टल  के रूम नम्बर 11 में पंखे से फंदा लगाकर छात्रा ने सुसाइड कर किया। मृतिका का नाम डिम्पी गांव खेड़ी साध जिला रोहतक बचाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पढ़िए पूरी खबर-
परिजनों का कहना है कि छात्रा मानकिस रूप से परेशान थी।  शव का पोस्टमार्टम खानपुर मेडिकल कॉलेज में करवाया जा रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी बताया कि छात्रा का फर्स्ट ईयर के एग्जाम कल से शुरू हुए है। उसने एक पेपर भी दिया था। पहले भी उसके परिजनों ने हमे बताया था उसकी मां भी उसके साथ रह रही थी। 

बेटी के साथ माँ भी रह रही थी हॉस्टल में-
इधर, खानपुर महिला पीजीआई के निदेशक डॉ. बत्रा ने बताया कि शुक्रवार सुबह ऑफिस आने पर एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा द्वारा सुसाइड की जानकारी मिली। उसके परिजनों ने पहले हमें उसकी हालत के बारे में बता दिया था। उसकी मां भी उसके साथ हॉस्टल में रह रही थी। दो मिनट के लिए वह नीचे गई तो उसने अपने रूम में फांसी लगा ली।

खानपुर महिला थाना एसआई महावीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज की तरफ से सूचना मिली थी कि एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा ने अपने होस्टल रूम नम्बर 11 में फांसी लगा कर सुसाइड कर लिया है। जब पुलिस मौके पर आई तो शव को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा दिया गया था। अभी परिजनों ने सुसाइड का कारण मानसिक रूप से परेशानी बताया है। फिलहाल 174 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जा रही। जैसे परिजन जो बयान देंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
भारत ने सक्रिय मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की, आज कुल इतने लाख  मामले पर पहुंचे

भारत ने सक्रिय मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की, आज कुल इतने लाख मामले पर पहुंचे

नईदिल्ली। देश में कोविड के सक्रिय मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है और आज इनकी संख्‍या 1.35 लाख (1,35,926) पर पहुंच गई है। देश में कुल पुष्टि वाले मामलों की संख्‍या कुल मामलों की 1.25 प्रतिशत है। पिछले कुछ हफ्तों से दिन-प्रतिदिन सक्रिय मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में भारत में नये मामलों के प्रसार पर सकारात्‍मक रुख नजर आता है। देश में मात्र एक राज्‍य में 1000 से ज्‍यादा मामले दर्ज होने के अलावा शेष सभी राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 1000 से कम नये मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में 4 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों से कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। इनमें दादरा और नागर हवेली, दमन और दीवलद्दाख, त्रिपुरा और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

पिछले 24 घंटों में राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में दैनिक मृत्‍यु के मामले में भी महत्‍वपूर्ण रूप से गिरावट दर्ज की गई है। 18 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटे में कोई नई मृत्‍यु नहीं हुई है। 13 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 1 से 5 के बीच मृत्‍यु के मामले दर्ज किए गए हैं। देश में पिछले 24 घंटे में 9,309 नये मामलों की पुष्टि हुई है। इसी अवधि के दौरान 15,858 नये रोगी स्‍वस्‍थ हुए हैं। राष्‍ट्रीय रिकवरी दर (97.32 प्रतिशत) के साथ वैश्विक स्‍तर पर सर्वाधिक रिकवरी में से एक है। निरंतर रूप से स्‍वस्‍थ हो रहे रोगियों की संख्‍या ने राष्‍ट्रीय रिकवरी दर को महत्‍वपूर्ण रूप से सुधारने में मदद की है।

कुल स्‍वस्‍थ हुए रोगियों की संख्‍या 1,05,89,230 है। सक्रिय मामलों और स्‍वस्‍थ हुए मामलों के बीच का अंतराल निरंतर बढ़ रहा है और यह 1,04,53,304 पर है। 12 फरवरी, 2021 को सुबह 8 बजे तक, देशव्‍यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 75 लाख (75,05,010) से ज्‍यादा लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया है। 75,05,010 की कुल संचयी टिकाकरण कवरेज में 58,14,976 स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल कर्मी और 16,90,034 अग्रिम पंक्ति कर्मी शामिल हैं। अब तक 1,54,370 सत्रों का आयोजन किया जा चुका है। भारत सबसे तेजी से 70 लाख (7 मिलियन) टीकाकरण आंकड़ा पार करने वाला देश है। टीकाकरण अभियान के 27वें दिन (11 फरवरी, 2021) 11,314 सत्रों के माध्‍यम से 4,87,896 लाभार्थियों (एचसीडब्‍ल्‍यू-1,09,748 और एफएलडब्‍ल्‍यू-3,78,148) का टीकाकरण किया गया। प्रतिदिन टीकाकृत किये जा रहे लाभार्थियों की संख्‍या में भी सकारात्‍मक रूप से वृद्धि दर्ज की गई है।कुल लाभार्थियों में से 69 प्रतिशत का टीकाकरण 10 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में किया गया है। उत्‍तर प्रदेश में ही कुल लाभार्थियों में से 10.2 प्रतिशत (7,63,421) लोगों का टीकाकरण किया गया है। 6 राज्‍यों में नये स्‍वस्‍थ हुए रोगियों के 86.89 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं। महाराष्‍ट्र में सर्वाधिक नये स्‍वस्‍थ मामले (6,107) दर्ज किए गए हैंइसके बाद केरल में (5,692) और छत्‍तीसगढ़ में (848) रोगी स्‍वस्‍थ हुए हैं। 6 राज्‍यों से नये मामलों का 79.87 प्रतिशत रहा है। केरल ने 5,281 नये मामलों के साथ सर्वाधिक दैनिक मामले दर्ज किए हैं। इसके बाद महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु में क्रमश: 652 और 481 नये मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में 87 मृत्‍यु दर्ज की गई हैं। इनमें 6 राज्‍यों का आंकड़ा 75.86 प्रतिशत है। महाराष्‍ट्र में सर्वाधिक 25 नये मृत्‍यु के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद केरल में 16 नये मृत्‍यु के मामले दर्ज किए गए हैं।


भारत सरकार की कड़ाई का असर: ट्विटर ने 97 फीसदी अकाउंट किए ब्लॉक

भारत सरकार की कड़ाई का असर: ट्विटर ने 97 फीसदी अकाउंट किए ब्लॉक

नई दिल्ली। ट्विटर के खिलाफ भारत सरकार की सख्ती का अब असर दिख रहा है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने केंद्र सरकार की ओर से लगातार दबाव के बाद 97 फीसदी अकाउंट्स ब्लॉक कर दिए हैं। 'भड़काऊ कंटेंट' से संबंधित पोस्ट करने वाले कई अकाउंट्स को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने ब्लॉक करने की मांग की थी। ये वो अकाउंट्स हैं, जो 'किसान जनसंहार' जैसे हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे थे। केंद्र सरकार ने दो बार अपील के जरिए 1,435 खातों को चिन्हित किया था, जिसमें से कंपनी ने 1,398 खातों को ब्लॉक कर दिया है। बुधवार देर शाम को सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी और ट्विटर पब्लिक पॉलिसी उपाध्यक्ष मोनिक मेचे और जिम बेकर के बीच बैठक हुई। 


इस बैठक के बाद अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी ने ऐसे उपयोगकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू की, जिन्हें सरकार ने चिन्हित किया था। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि ट्विटर ने ब्लॉक किए गए खातों की एक सूची बनाकर मंत्रालय को सौंप दी है और बाकी बचे अकाउंट्स को लेकर प्रक्रिया जारी है, इसमें यूजर्स को नोटिस भेजने जैसे कदम शामिल हैं। 

केंद्र सरकार ने जिन 1,178 अकाउंट्स के पाकिस्तान और खालिस्तान से जुड़े होने की संभावना जताई थी, उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। जिन 257 ट्विटर अकाउंट्स से विवादित हैशटैग चलाया गया था, उनमें से 220 को ब्लॉक कर दिया गया है। सूत्र ने बताया कि इनमें से कुछ अकाउंट डुप्लीकेट भी हो सकते हैं। 

सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम और कारवां मैगजीन के जैसे अकाउंट्स काम कर रहे हैं। ट्विटर के इस कदम की हम सराहना करते हैं। सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि ट्विटर को इसका पालन करना चाहिए।

उन्होंने आगे साफ किया कि जो विवादित हैशटैग ट्विटर पर चलाया गया था, वो ना ही पत्रकारीय आजादी है और न ही भारतीय संविधान के तहत प्रदान किए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। क्योंकि ऐसे गैर जिम्मेदाराना हैशटैग सिर्फ लोगों को भड़का सकते हैं और स्थिति खराब कर सकते हैं।
बड़ी खबर: पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग से अब तक 8 लोगों की मौत, अभी और बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा

बड़ी खबर: पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग से अब तक 8 लोगों की मौत, अभी और बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा

विरूधनगर। पटाखा फैक्ट्री में लग गई जिसमें 8 लोगों की आग में झुलसने से मौत हो गई है। यह घटना तमिलनाडु के विरुद्धनगर की एक पटाखा फैक्ट्री की है। जहां शुक्रवार दोपहर आग लग गई। वहीं, आधा दर्जन से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं।
 
 
घायलों को इलाज के लिए नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया। सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड समेत रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। हादसा कैसे हुआ, इसका पता अब तक नहीं चल सका है।

 


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हादसे पर दुख जताया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने कहा कि फैक्ट्री के अंदर फंसे हुए लोगों के जल्द सुरक्षित बाहर निकलने की कामना करता हूं। उन्होंने राज्य सरकार से पीडि़तों को तत्काल राहत पहुंचाने की अपील भी की।


ज्ञात हो कि इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में मदुरै में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इसमें तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पता चला था कि केमिकल मिक्स करते समय घर्षण के चलते आग लग गई थी, जिससे सिलसिलेवार धमाके हुए।

 बड़ी खबर: गर्लफ्रेंड ने मंगेतर के साथ मिलकर बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने किया खुलासा

बड़ी खबर: गर्लफ्रेंड ने मंगेतर के साथ मिलकर बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने किया खुलासा

गाजियाबाद। पुलिस ने वैशाली के एक फ्लैट में मिली युवक की लाश के मामले में खुलासा कर दिया है। गर्लफ्रेंड ने ही मंगेतर के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था जिस मामले में अब तक दो गिरफ्तार एक अब भी फरार। 

पढ़िए पूरी खबर-
वैशाली के एक फ्लैट में सड़ी-गली हालत में मिली युवक की लाश के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्या के मामले में विनोद नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि जो लाश फ्लैट में मिली थी, वो नितिन चौधरी नाम के युवक की थी। नितिन की गर्लफ्रेंड ने अपने दोस्त और मंगेतर के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। पार्टी करने के बहाने नितिन की गर्लफ्रेंड उसे फ्लैट में लेकर गई थी।

ऐसे और इसलिए की हत्या-
आरोप है कि नितिन की गर्लफ्रेंड ने अपने दोस्त विनोद और मंगेतर कुलविंद्र के साथ मिलकर उसके सिर पर डंडे और रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद नितिन की लाश को फ्लैट में बंद करके तीनों फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विनोद ने पूछताछ में इसकी जानकारी दी है। जांच में पता चला कि विनोद की भी उसी महिला से लंबे समय से दोस्ती थी। पुलिस महिला और तीसरे शख्स की तलाश कर रही है। वारदात में शामिल तीसरा शख्स, महिला का मंगेतर ही बताया जा रहा है। पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि महिला और नितिन के बीच पिछले तीन साल से प्रेम संबंध थे। आरोप है कि नितिन अपनी गर्लफ्रेंड को ब्लैकमेल करता था और उससे पैसे मांगता था। जिससे तंग आकर महिला ने अपने मंगेतर और दोस्त विनोद के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
 पीएम मोदी पर आपत्तिजनक गाने को लेकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित 18 पर मुकद्दमा दर्ज

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक गाने को लेकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित 18 पर मुकद्दमा दर्ज

वाराणसी। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई, गायक विशाल गाजीपुरी और सपना बौद्ध सिंगर सहित 18 लोगों के खिलाफ वाराणसी के भेलूपुर थाने में आपराधिक षड्यंत्र रचने और धमकाने सहित अन्य आरोपों में मुकद्दमा दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई गौरीगंज निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल के प्रार्थना पत्र पर वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-3 के आदेश से की गई है।
 

पुलिस के अनुसार गिरिजा शंकर जायसवाल के व्हाट्सएप ग्रुप पर देश विक्रेता के नाम से एक वीडियो आया। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में देश बेचने सहित अन्य प्रकार की अमर्यादित बात की गई थी। वीडियो के संबंध में गायक विशाल गाजीपुरी उर्फ विशाल सिंह बादल से उन्होंने बात की कि ऐसा क्यों किया है।
 

यदि प्रधानमंत्री से कोई शिकायत है तो सुप्रीम कोर्ट में शिकायत करें और अगर गलत बात करेंगे तो प्रशासन आपको सजा देगा। इसी बात को लेकर गाजीपुर के नोनहरा थाना के विशुनपुरा निवासी विशाल गाजीपुरी ने उनके खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मुकद्दमा दर्ज कराया।
 

इसके साथ ही उनका नंबर यूट्यूब पर डाल दिया जिसके बाद से उनके फोन पर लगभग 8500 धमकी भरी कॉल आई और वह परेशान हो गए। गिरिजा शंकर ने बताया कि गाजीपुर स्थित एक स्टूडियो में विशाल और उसके सहयोगियों ने ऐसे ही कई अन्य आपत्तिजनक और अमर्यादित गाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में गाए हैं।
 

इसके साथ ही विशाल और उसके अन्य साथी हिंदू धर्म के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और उनसे रंगदारी भी मांगते हैं। प्रकरण की शिकायत एसएसपी से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो वह अदालत की शरण में गए।  प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर ने बताया कि अदालत के आदेश के आधार पर मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक का एक और बड़ा फैसला: अब इस बैंक के अकाउंट से पैसे निकालने पर लगी रोक

भारतीय रिजर्व बैंक का एक और बड़ा फैसला: अब इस बैंक के अकाउंट से पैसे निकालने पर लगी रोक

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के एक को-ऑपरेटिव बैंक को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई ने इस फैसले के तहत महाराष्ट्र के नासिक स्थित इंडिपेन्डेन्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से पैसा निकालने पर रोक लगा दिया है। बुधवार को रिजर्व बैंक के द्वारा जारी बयान के मुताबिक हालांकि इंडिपेन्डेन्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के 99.88 प्रतिशत जमाकर्ता पूर्ण रूप से डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) बीमा योजना के दायरे में आते हैं। आरबीआई का कहना है कि इस बीमा योजना के तहत बैंक के सभी जमाकर्ता अपनी 5 लाख रुपये तक की जमा राशि पर जमा बीमा दावा रकम डीआईसीसी से हासिल करने के हकदार हैं।

निकासी पर 6 महीने की अवधि के लिए पाबंदी लगाई-
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक से निकासी के ऊपर पाबंदी 6 महीने की अवधि के लिए लगाई है। आरबीआई का कहना है कि बैंक की मौजूदा नकदी की स्थिति को देखते हुए जमाकर्ताओं को बचत या चालू खाता अथवा अन्य किसी भी खाते से जमा राशि में से कोई भी रकम निकालने की अनुमति नहीं होगी। बैंक के उपभोक्ता कुछ शर्तों के साथ जमा रकम के एवज में कर्ज का निपटान कर सकते हैं। बुधवार को रिजर्व बैंक ने कारोबारी समय समाप्त होने के बाद भी कुछ पाबंदियां लगाने का ऐलान कर दिया था। पाबंदी के तहत बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरबीआई की पूर्व मंजूरी के बिना कोई भी कर्ज नहीं देंगे या नवीनीकरण नहीं कर सकेंगे। बैंक के अकाउंट होल्डर्स को बचत खाता चालू खाते में पैसा जमा करने निकालने की अनुमति नहीं होगी। वहीं खाताधारक कुछ नियम शर्तों के तहत कर्ज लौटा सकते हैं।

इसके साथ ही वे किसी भी तरह का कोई निवेश भी नहीं कर सकेंगे ना ही किसी तरह का भुगतान कर सकेंगे। रिजर्व बैंक के मुताबिक पाबंदियों के साथ इंडिपेन्डेन्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंकिंग कारोबार पूर्व की ही तरह अपना कामकाज जारी रखेगा। बैंक के ऊपर लगाई गई यह पाबंदी वित्तीय स्थिति में सुधार तक जारी रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि परिस्थितियों को देखते हुए वह अपने द्वारा जारी किए गए निर्देशों में संशोधन भी कर सकता है।
 
 हेलिकॉप्टर खरीदने महिला किसान ने राष्ट्र पति से मांगा कर्ज और की उसे चलाने के लिए लाइसेंस देने की मांग

हेलिकॉप्टर खरीदने महिला किसान ने राष्ट्र पति से मांगा कर्ज और की उसे चलाने के लिए लाइसेंस देने की मांग

मंदसौर। महिला किसान बसंती बाई और उनके पति रामकरण लोहार ने पत्र में अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने पत्र में बताया है कि गांव में उनकी 0.41 हेक्टेयर यानि सिर्फ दो बीघा रकबे की छोटी-सी जमीन है।
 
 
बसंती बाई और उनका परिवार का पालन-पोषण इसी दो बीघा जमीन पर उपजे अनाज के जरिए हो रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके खेत पर जाने के रास्ते को गांव के ही दबंग परमानंद पाटीदार ओर उसके बेटे लवकुश पाटीदार ने बंद कर दिया है। खेत पर जाने के रास्ते में खाई बना दी है, जिस कारण खेत पर जाना मुश्किल हो रहा है।

जब इस पत्र के बारे में कलेक्टर मनोज पुष्प से बात की गयी तो उन्होंने कहा मामला ध्यान में आया है। संबंधित एसडीओ और तहसीलदार को बता दिया गया है। एक रास्ता दूसरी तरफ से है, लेकिन एक रास्ते का विवाद चल रहा है। शीघ्र ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
 
 अब इस टिकटॉक स्टार ने किया सुसाइड: मरने से पहले शेयर किया था वीडियो

अब इस टिकटॉक स्टार ने किया सुसाइड: मरने से पहले शेयर किया था वीडियो

अब एक और फीमेल टिकटॉकर स्टार ने आत्महत्या कर ली है। अमेरिकन टिक टॉक स्टार Dazhariaa Quint Noyes (डेझरिया) ने सोमवार को सुसाइड कर जान दे दी |वो 18 साल की थीं।  डेझरिया, Dee के नाम से फेमस थीं. सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर किया था, जिसे उन्होंने लास्ट पोस्ट बताया था। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा- ओके, मुझे पता है कि मैं आप सभी को इर्रिटेट कर रही हूं, ये मेरी लास्ट पोस्ट है।


डेझरिया के पिता ने लिखा ये मैसेज-
बेटी की मौत से डेझरिया के पेरेंट्स टूट गए हैं. GoFundMe नाम के पेज पर,  डेझरिया के पापा Raheem Alla ने लिखा- 8 फरवरी को मेरी बेटी डेझरिया हमें छोड़कर चली गईं। वो मेरी दोस्त थी और मैं अपनी बेटी को दफनाने के लिए किसी भी तरह से तैयार नहीं था। वो बहुत खुश थी। जब मैं घर आता था तो मुझे सड़क पर ही देख वो बहुत खुश होती थी। मैं केवल यही चाहता था कि वो अपने तनाव और आत्महत्या के विचारों के बारे में मुझसे बात करती। हम इस पर काम कर सकते थे। अब मैं घर आता हूं तो मेरा इंतजार करने के लिए तुम नहीं हो। डैडी लव यू।

बता दें कि डेझरिया सोशल मीडिया पर काफी फेमस थीं। टिकटॉक पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी। वो इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी काफी एक्टिव थीं। डेझरिया ने इंस्टाग्राम पर Bxbygirlldee से अकाउंट बनाया था. डेझरिया की मौत से उनके फैंस भी सदमे में हैं। 
 भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत, 130 वाहन क्षतिग्रस्त

भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत, 130 वाहन क्षतिग्रस्त

डलास/नई दिल्ली। अमेरिका के टेक्सास में एक राजमार्ग पर हुए भीषण हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हो गए है। इस हादसे में 130 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह हादसा सड़क पर फिसलन होने के कारण हुआ था। गौरतलब है कि अमेरिका के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई है, जिसके चलते आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
 

फोर्ट वर्थ के दमकल विभाग के प्रमुख जिम डेविस ने कहा है कि कई लोग अपने वाहनों के अंदर फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा। इलाके में एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी मेडस्टार के प्रवक्ता मैट जवाडस्काय ने बताया है कि लगभग 65 लोगों का अस्पताल में इलाज किया गया है, जिनमें से 35 लोगों को घटनास्थल से एम्बुलेंस में ले जाया गया था।
 

 
कई लोगों को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार मुहैया कराकर घर भेज दिया गया था। अधिकारियों ने आगे जानकारी देते हुए बताया है कि हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ था। जवाडस्काय ने बताया है कि सड़क पर काफी बर्फ होने की वजह से बचाव कर्मियों को शुरुआत में काफी परेशानियां का सामना करना पड़ा था, मगर बाद में कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था।
 सरेआम कर दी गई 5 सुरक्षाकर्मियों की हत्या, किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी

सरेआम कर दी गई 5 सुरक्षाकर्मियों की हत्या, किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी

काबुल/नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को काबुल से पूर्व की ओर ले जा रहे एक काफिले के साथ चल रहे अफगानी पुलिस के पांच कर्मियों की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी है। इस बातकी जानकारी अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता अभियान ने दी है। हैरत की बात ये है कि किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

यूएनएमए ने कहा है कि सुरोबि जिले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों की मौत पर अफगानिस्तान मं  तैनात संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों को दुख है। यूएनएमए ने ट्वीट किया है कि हमले में संयुक्त राष्ट्र का कोई कर्मी हताहत नहीं हुआ न ही कोई वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। गौरतलब है कि ये हमला सुरक्षा कर्मियों के एक वाहन पर हुआ था जो संयुक्त राष्ट्र के काफिले के साथ चल रहा था।

वहीं एक अन्य मामले में अफगानिस्तान से आतंकवादियों द्वारा दागे गए रॉकेटों से बृहस्पतिवार को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पांच साल के एक बच्चे की मौत हो गई है तथा सात बच्चे घायल हो गए है। सेना ने हमले की जानकारी देते हुए बताया है कि यह हमला बाजुर इलाके में हुआ था, जो कभी तालिबान का गढ़ हुआ करता था। हमले के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान का बाजुर इलाका कुछ वर्ष पहले तक पाकिस्तानी तालिबान तथा अन्य आतंकवादी संगठनों का ठिकाना हुआ करता था। सेना ने दावा किया था कि उसने यहां से आतंकवादियों का सफाया कर दिया है। उसके बावजूद यहां सीमा पार हमले जारी रहे है।
 
BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ में कोरोना के आकड़े होने लगे हैं कम, आज प्रदेश में मिले इतने मरीज

BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ में कोरोना के आकड़े होने लगे हैं कम, आज प्रदेश में मिले इतने मरीज

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 254  नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 71 मरीजदुर्ग से 28, राजनांदगांव से 7, बालोद से 4, बेमेतरा से 1, कबीरधाम से 2, धमतरी से 5, बलौदा बाजार से 04, महासमुंद से 6, गरियाबंद से 12, बिलासपुर से 16, रायगढ़ से 30, कोरबा से 8, जांजगीर-चांपा से 2, मुंगेली से 5, जीपीएम से 1, सरगुजा से 8, कोरिया से 10, सूरजपुर से 10, बलरामपुर से 0, जशपुर से 9, बस्तर से 8, कोंडागांव से 0, दंतेवाड़ा से 0, सुकमा से 0, कांकेर से 5, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 0, अन्य राज्य से मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 273 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है राज्य में आज कुल कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3475 है  

सर्वोच्च न्यायालय ने INS विराट के विघटन पर रोक लगाईं

सर्वोच्च न्यायालय ने INS विराट के विघटन पर रोक लगाईं

नईदिल्ली।  भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आईएनएस विराट के विघटन पर रोक लगाई है। एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विराट, जिसने 30 साल से अधिक समय तक भारतीय नौसेना की सेवा की, को गुजरात के अलंग में विघटित किये जाने की योजना बनाई गयी थी। जहाज को तीन साल पहले डीकमीशन किया गया था।

दरअसल एक फर्म ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, इस फर्म ने आईएनएस विराट को एक समुद्री म्यूजियम में परिवर्तित करने के लिए आज्ञा मांगी है। इसके लिए फर्म ने 100 करोड़ रुपये अदा करने का प्रस्ताव रखा है। अब सर्वोच्च न्यायालय ने केद्र सरकार से उसकी राय मांगी है। 

 

मुख्य बिंदु

आईएनएस विराट भारतीय नौसेना का सबसे लंबा सेवारत जहाज है। इसे 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। इसे हाल ही में मेटल स्क्रैप कंपनी ने 38.54 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस जहाज को मुंबई के नवल डॉकयार्ड से अलंग के शिप ब्रेकिंग यार्ड तक लाया जायेगा। जहाज को पूरी तरह से विघटित करने में नौ से बारह महीने लगेंगे।

आईएनएस विराट

इस जहाज ने 1959 और 1984 के बीच HMS हर्मीस के रूप में ब्रिटिश नौसेना की सेवा की। नवीनीकरण के बाद इसे भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया। INS विराट एक सेंटोर-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर था। इसके अलावा, आईएनएस विक्रमादित्य को 2013 में कमीशन किए जाने से पहले यह भारतीय नौसेना का प्रमुख जहाज़ था। अब आईएनएस विक्रमादित्य भारतीय नौसेना का प्रमुख जहाज़ है।