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बड़ी खबर : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी निकले कोरोना पॉजिटिव, ट्विट कर दी जानकारी

बड़ी खबर : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी निकले कोरोना पॉजिटिव, ट्विट कर दी जानकारी

नई दिल्ली | पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में एक ब्रेन सर्जरी की गई। मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए की गई इस सर्जरी के बाद अब वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। यह जानकारी सूत्रों से मिली है।

सर्जरी से पहले 84 साल के मुखर्जी का कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया था। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया था, एक अलग प्रक्रिया के लिए अस्पताल आया हूं और यहां मेरा कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव आया है। पिछले सप्ताह मेरे संपर्क में आए लोगों से मैं अनुरोध करता हूं कि वे स्वयं को आइसोलेट कर लें और कोविड-19 का परीक्षण कराएं।
मुखर्जी के यह खबर साझा करते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दा के कोविड-19 पॉजिटिव होने की खबर सुनकर चिंतित हूं। मेरी प्रार्थनाएं उनके और उनके परिवार के साथ हैं। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
कांग्रेस के प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस अनुभवी नेता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस बारे में ट्वीट किया गया।
बता दें कि लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान मुखर्जी ने वित्त और रक्षा मंत्री जैसे पद भी संभाले। बाद में वे 2012 में देश के राष्ट्रपति बने और 2017 तक कार्य किया।
 
 मणिपुर में कांग्रेस के छह विधायकों ने दिया इस्तीफा, विधानसभा सत्र में नहीं हुए थे शामिल

मणिपुर में कांग्रेस के छह विधायकों ने दिया इस्तीफा, विधानसभा सत्र में नहीं हुए थे शामिल

इम्फाल। मणिपुर में कांग्रेस के छह विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. पार्टी के विधायक ओ हेनरी सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी. ये सभी एमएलए कांग्रेस के उन आठ विधायकों में शामिल हैं जो पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए सोमवार को विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में शामिल नहीं हुए थे. इस सत्र में भाजपा नीत एन बीरेन सिंह सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया था|
 
 
वांगखाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेनरी सिंह के अलावा इस्तीफा देने वालों में ओइनम लुखोई (वांगोई सीट), मोहम्मद अब्दुल नासीर (लिलोंग सीट), पोनम ब्रोजन (वांगजिंग तेंठा सीट), नगमथांग होकिप (सैतू सीट) और गिनसुआनहु (सिंघट सीट) हैं|

इन विधायकों ने ओ इबोबी सिंह के नेृतत्व में विश्वास की कमी का हवाला देते हुए कहा कि उनकी वजह से कांग्रेस राज्य में तब भी सरकार बनाने में विफल रही जब वह राज्य में अकेली सबसे बड़ी पार्टी थी. हेनरी सिंह ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष युमनम खेमचंद सिंह ने विधानसभा सत्र के बाद सोमवार रात में उन्हें बुलाया था और उनके इस्तीफे पत्र की जांच की. उन्होंने बताया कि अध्यक्ष ने अब तक उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किये हैं. हेनरी सिंह ने कहा कि वे पार्टी की सदस्यता से शाम को इस्तीफा देंगे|
 
 
भले ही विश्वास मत में सरकार की जीत पहले से ही निश्चित थी, लेकिन बेहद जरूरी सत्र में कांग्रेस के आठ विधायकों की गैरमौजूदगी ने मुख्यमंत्री के राजनीतिक दांव को दर्शाया है. 60 सदस्यों वाली विधानसभा में अध्यक्ष समेत मौजूदा विधायकों की संख्या 53 है. अध्यक्ष बराबर मत होने पर अपने मत का इस्तेमाल कर सकते थे|
 सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पिता की प्रॉपर्टी में बेटी का हर हाल में होगा आधा हिस्सा

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पिता की प्रॉपर्टी में बेटी का हर हाल में होगा आधा हिस्सा

नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि बेटियों का पैतृक संपत्ति पर अधिकार होगा, भले ही हिंदू उत्तराधिकार (अमेंडमेंट) अधिनियम, 2005 के लागू होने से पहले ही कोपर्शनर की मृत्यु हो गई हो. हिंदू महिलाओं को अपने पिता की प्रॉपर्टी में भाई के बराबर हिस्सा मिलेगा. दरअसल साल 2005 में ये कानून बना था कि बेटा और बेटी दोनों को अपने पिता के संपत्ति में समान अधिकार होगा. लेकिन ये साफ नहीं था कि अगर पिता का देहांत 2005 से पहले हुआ तो क्या ये कानून ऐसी फैमिली पर लागू होगा या नहीं. आज जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने ये फैसला दिया कि ये कानून हर परस्थिति में लागू होगा. अगर पिता का देहांत कानून बनने से पहले यानी 2005 से पहले हो गया है तो भी बेटी को बेटे के बराबर अधिकार मिलेगा|


आपको बता दें कि 2005 में हिंदू उत्तराधिकार कानून 1956 में संशोधन किया गया था. इसके तहत पैतृक संपत्ति में बेटियों को बराबर का हिस्सा देने की बात कही गई है. क्लास 1 कानूनी वारिस होने के नाते संपत्ति पर बेटी का बेटे जितना हक है. शादी से इसका कोई लेना-देना नहीं है. अपने हिस्से की प्रॉपर्टी पर दावा किया जा सकता है|

हिंदू कानून के तहत प्रॉपर्टी दो तरह की हो सकती है. एक पिता द्वारा खरीदी हुई. दूसरी पैतृक संपत्ति होती है. जो पिछली चार पीढिय़ों से पुरुषों को मिलती आई है. कानून के मुताबिक, बेटी हो या बेटा ऐसी प्रॉपर्टी पर दोनों का जन्म से बराबर का अधिकार होता है|

कानून कहता है कि पिता इस तरह की प्रॉपर्टी को अपने मन से किसी को नहीं दे सकता है. यानी इस मामले में वह किसी एक के नाम वसीयत नहीं कर सकता है. इसका मतलब यह है कि वह बेटी को उसका हिस्सा देने से वंचित नहीं कर सकता है. जन्म से बेटी का पैतृक संपत्ति पर अधिकार होता है|
 यूजीसी ने महाराष्ट्र, दिल्ली में परीक्षाएं रद्द करने पर उठाये सवाल, सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 14 को

यूजीसी ने महाराष्ट्र, दिल्ली में परीक्षाएं रद्द करने पर उठाये सवाल, सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 14 को

नईदिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली और महाराष्ट्र में राज्य के विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षायें रद्द करने के निर्णय पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठाये और कहा कि ये नियमों के विरुद्ध है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम नहीं बदल सकते हैं क्योंकि सिर्फ यूजीसी को ही डिग्री प्रदान करने के लिये नियम बनाने का अधिकार है। इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि परीक्षायें नहीं कराना छात्रों के हित में नहीं है और अगर राज्य अपने मन से कार्यवाही करेंगे तो संभव है कि उनकी डिग्री मान्य नहीं हो।
 
 
शीर्ष अदालत कोविड-19 महामारी के दौरान अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने के यूजीसी के 6 जुलाई के निर्देश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया था कि वे 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षायें आयोजित कर लें। सुनवाई के दौरान मेहता ने पीठ को दिल्ली और महाराष्ट्र द्वारा राज्य विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षायें रद्द किये जाने के निर्णय से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आयोग महाराष्ट्र और दिल्ली के हलफनामों पर अपना जवाब दाखिल करेगा। इसके लिये उसे समय दिया जाये।
 
 
पीठ ने मेहता का अनुरोध स्वीकार करते हुये इस मामले को 14 अगस्त के लिये सूचीबद्ध कर दिया। कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने दावा किया कि अंतिम साल की परीक्षायें आयोजित करने के बारे में आयोग के छह जुलाई के निर्देश न तो कानूनी है और न ही संवैधानिक हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान शिक्षण संस्थाओं के लिये गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का मुद्दा भी उठाया।
 जब तक जिंदा हूं सभी विधायकों का अभिभावक रहूंगा: गहलोत

जब तक जिंदा हूं सभी विधायकों का अभिभावक रहूंगा: गहलोत

जयपुर। राजस्थान की सियासत में पिछले एक महीने से जारी ड्रामा अब खत्म हो गया है। बगावती रुख दिखाने वाले सचिन पायलट मान गए हैं और आज ही वो राजस्थान वापस आएंगे। इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान दिया है कि अब पार्टी में सब ठीक है, कोई भी विधायक उनका साथ छोड़कर नहीं गया है।
 
 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी में भाईचारा बरकरार है। तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई है, जो सभी विवादों को सुलझाएगी। बीजेपी की ओर से सरकार गिराने की कोशिश की गई, लेकिन हमारे विधायक एक साथ हैं और एक भी व्यक्ति हमें छोड़कर नहीं गया।
 
 
सीएम ने कहा कि इनकम टैक्स और सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, धर्म के नाम पर राजनीति को भड़काया जा रहा है, लेकिन हमारी सरकार पांच साल पूरा करेगी और अगले चुनाव में जीत दर्ज करेगी। अशोक गहलोत ने कहा कि आज मैं मुख्यमंत्री हूं ऐसे में नाराज विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी मेरी है, जबतक जिंदा हूं उनका अभिभावक रहूंगा।

इससे पहले ही आज सुबह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की। ये विधायक सचिन पायलट गुट में थे, इससे पहले सोमवार को भी पायलट गुट के विधायकों से मुलाकात की थी।

बता दें कि दिल्ली में सोमवार को सचिन पायलट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। कांग्रेस की ओर से अब तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई है, जो कि सचिन पायलट गुट की समस्याओं को सुनेगी। आज सचिन पायलट जयपुर वापस लौटेंगे, जहां वो विधानसभा सत्र से पहले विधायकों से मिलेंगे।
बड़ी खबर: प्रदेश में रेस्टोरेन्ट बार, होटल बार रूम 19 तक बंद, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश

बड़ी खबर: प्रदेश में रेस्टोरेन्ट बार, होटल बार रूम 19 तक बंद, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। प्रदेश में अब आगामी 19 अगस्त 2020 तक समस्त रेस्टोरेन्ट बार एवं होटल बार में स्थित बार रूम, स्टॉक रूम तथा मदिरा संग्रहण स्थल को पूर्ण रूप से बंद रखा जायेगा। इस संबंध में आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। 

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 10 अगस्त से- 
प्रदेश में हाल ही में अनलॉक को लेकर जो नयी गाइडलाइन जारी की गयी है, उसके मुताबिक होटल और रेस्टोरेंट को भी खोला जा सकेगा, लेकिन होटल व रेस्टोरेंट में बैठकर खाने के लिए रात 9 बजे तक और पार्सल के लिए 10 बजे तक का ही वक्त निर्धारित किया गया है। कोरोना के मद्देनजर अब बार 19 अगस्त तक बंद रहेंगे। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है। ज्ञात हो कि अप्रैल महीने से ही प्रदेश में बार को बंद करने का निर्देश दिया गया था। 
कोरोना अपडेट : अभी अभी रायपुर में 24 नए कोरोना संक्रमित समेत प्रदेश में मिले 123 नए मरीज, जाने और कौन कौन से जिले में मिले नए मरीज

कोरोना अपडेट : अभी अभी रायपुर में 24 नए कोरोना संक्रमित समेत प्रदेश में मिले 123 नए मरीज, जाने और कौन कौन से जिले में मिले नए मरीज

रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश में अभी अभी 123 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान की गई है । जिसमे रायगढ़ से 58, रायपुर से 24, बीजापुर से 8, जांजगीर-चांपा से 6, राजनांदगांव व सरगुजा से 5-5, बस्तर व दंतेवाड़ा से 4-4, कांकेर से 3, कोरिया व कोंडागांव से 2-2, धमतरी व बलौदाबाजार से 1-1, मरीज शामिल है । थोड़े देर पहले 304 मरीजों की पहचान की गई थी । इसी के साथ आज प्रदेश में कुल 427 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले है । प्रदेश में अब कुल एक्टिव केस 3509 है । 

बड़ी खबर: प्रदेश में आज 304 मरीज 3 की हुई मृत्यु, रायपुर से 148 समेत बाकि इन जिलो से

बड़ी खबर: प्रदेश में आज 304 मरीज 3 की हुई मृत्यु, रायपुर से 148 समेत बाकि इन जिलो से

रायपुर, प्रदेश में आज 304 नए करोना मरीजों की पहचान की गई है जिसमें सर्वाधिक जिला रायपुर से 148, दुर्ग से 40, महासमुंद से 20, राजनांदगांव से 15, जांजगीर चांपा से 12, नारायणपुर से 11, जसपुर से 9, बेमेतरा व सरगुजा के 7-7, बिलासपुर से 6, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर से 4-4, गरियाबंद, बलौदा बाजार व रायगढ़ से 3-3, बालोद व कांकेर से 2-2, धमतरी, बलरामपुर, दंतेवाड़ा व अन्य राज्य से एक-एक मरीज मिले हैं, वहीं राज्य में आज 3 लोगों की मृत्यु हो गई है जिससे मृत्यु का कुल आंकड़ा 99 हो गया है|
प्रदेश में आज 208 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं, इस तरह कुल एक्टिव मरीजों की संख्या अब 3386 हो गई है,वहीं विगत रात्रि भी 50 करोना मरीज मिले थे इसके साथ साथ ही 24 घंटे में कुल 354 मरीजों की पहचान है|
 

राहुल गांधी से मिले सचिन पायलट: सचिन की घर वापसी का रास्ता साफ, गहलोत सरकार का खतरा टला

राहुल गांधी से मिले सचिन पायलट: सचिन की घर वापसी का रास्ता साफ, गहलोत सरकार का खतरा टला

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत का झंडा उठाए सचिन पायलट ने सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात की. नई दिल्ली स्थित राहुल गांधी के सरकारी आवास पर हुई मुलाकात लगभग दो घन्टे चली, इस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं. राहुल गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस का सियासी संकट खत्म होने की कगार पर है और पायलट की सम्मानजनक घर वापसी का रास्ता लगभग तैयार हो चुका है.


सूत्रों के मुताबिक शुरू से ही प्रियंका गांधी सचिन पायलट के संपर्क में थीं. पायलट पर कार्रवाई और मामला अदालत में जाने के बाद बातचीत टूट गई थी लेकिन पिछले दिनों सचिन पायलट ने प्रियंका गांधी से फिर बात की और जाहिर किया कि वह राहुल गांधी से मिलना चाहते थे. सोमवार को पायलट को राहुल से मिलने का समय मिला. सूत्रों के मुताबिक राहुल से मुलाकात में पायलट ने कहा कि उनका मतभेद गहलोत से है, कांग्रेस से नहीं. पायलट ने कहा कि उन्होंने कोई भी पार्टी विरोधी बयान नहीं दिया. पायलट की पूरी बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने उनसे कहा कि राजस्थान सरकार को कोई खतरा नहीं होना चाहिए जिस पर पायलट ने हामी भरी.


बातचीत सकारात्मक रूप से खत्म होने के बाद राहुल और प्रियंका कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत से भी बात की. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गहलोत और सचिन पायलट के मामले को लेकर सुलह और बीच का रास्ता निकालने के लिए एक कमिटी बनाई जा सकती है. इस बीच संभावना यह भी है कि पायलट को कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर कोई भूमिका भी दी जा सकती है.


वहीं दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पायलट खेमे के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक कांग्रेस पार्टी में वापसी करना चाहते थे. कुछ विधायकों ने पिछले दिनों व्यक्तिगत तौर पर अशोक गहलोत से मुलाकात की और समर्थन देने की बात कही. कांग्रेस नेता के मुताबिक पायलट को एहसास हो गया कि उनके खेमे में फूट पड़ चुकी है और ऐसे में समय रहते हथियार डालने में भलाई है.


दरअसल गहलोत सरकार में अपनी तथाकथित उपेक्षा से आहत पायलट महीने भर से अपने खेमे के डेढ़ दर्जन विधायकों के साथ राजस्थान से बाहर डेरा डाले हुए हैं. विधायक दल की दो-दो बैठकों का बहिष्कार कर उन्होंने बगावत तो साफ तौर पर कर दी थी लेकिन कभी भी पार्टी के खिलाफ बयान नहीं दिया था और गांधी परिवार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में लगे रहे.


इस दौरान उनके खेमे के डेढ़ दर्जन विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने से जुड़ा कारण बताओ नोटिस का मामला हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक चला. पायलट कैंप के वकीलों की बीजेपी से नजदीकियों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने खुल कर तंज भी कसा लेकिन पायलट की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. राहुल गांधी भी पायलट जैसे युवा नेता को खोना नहीं चाहते थे. जाहिर है जैसे ही पायलट के तेवर ढीले पड़े राहुल गांधी ने उन्हें मिलने का समय दे दिया और राजस्थान कांग्रेस और गहलोत सरकार दोनो को संकट से निकालने रास्ता तैयार कर दिया.


राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं और बहुमत के लिए 101 विधायकों का समर्थन जरूरी है. कांग्रेस के पास कुल अपने 107 विधायक हैं तो वहीं 15 निर्दलीय जिससे ये आंकड़ा 122 को हो जाता है. वहीं बीजेपी के पास 73 और 3 सहयोगी जिससे कुल 76 विधायक होते हैं. यानी कांग्रेस के पास अभी बहुमत है, बीजेपी के पास नहीं है
 

 बड़ी खबर छत्तीसगढ़: 19 अगस्त तक बंद रहेंगे रेस्टोरेन्ट बार और होटल बार, जारी हुआ आदेश

बड़ी खबर छत्तीसगढ़: 19 अगस्त तक बंद रहेंगे रेस्टोरेन्ट बार और होटल बार, जारी हुआ आदेश

रायगढ़। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर भीम सिंह ने 19 अगस्त तक बंद रहेंगे बार रूम, स्टॉक रूम तथा मदिरा संग्रहण स्थल को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

पढ़िए पूरी खबर-
कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, वाणिज्यिक कर (आबकारी)विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार कलेक्टर भीम सिंह ने 10 अगस्त से 19 अगस्त 2020 तक जिले के समस्त रेस्टोरेन्ट बार एवं होटल बार में स्थित बार रूम, स्टॉक रूम तथा मदिरा संग्रहण स्थल को पूर्ण रूप से बंद रखे जाने हेतु आदेश जारी किया है।
 संजय राउत के बयान को लेकर मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे सुशांत के परिजन

संजय राउत के बयान को लेकर मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे सुशांत के परिजन

पटना। शिवसेना के नेता संजय राउत के सुशांत सिंह राजपूत के पिता के. के. सिंह के दो विवाह करने के आरोपों का सुशांत के परिजन ने ना केवल खंडन किया है बल्कि वे अब इस बयान को लेकर मानहानि का मामला दर्ज भी कराने की बात कही है। सुशांत के चचेरे भाई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नीरज कुमार बबलू ने सोमवार को कहा कि संजय राउत डिस्टर्ब हो गए हैं। उन्होंने राउत के बयान पर कहा, उन्हें हर चीज में राजनीति नजर आ रही है। यह एक संवेदनशील मामला है। उन्हें सोच-समझकर बयान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिनके देश में करोड़ों प्रशंसक हों और उनके पिता जी के खिलाफ ऐसा कहना काफी शर्मनाक है। राउत को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसे बयान से मेरे परिवार का अपमान हुआ है। इससे परिवार के मान सम्मान पर आघात हुआ है। इस कारण इसे लेकर अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। राउत ने रविवार को मुंबई में संदेह जताते हुए पूरे मामले को सुनियोजित बताया था।

बिहार पुलिस पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि यह अनावश्यक रूप से इस मामले में कूदी है। अभिनेता ने जो कुछ हासिल किया वह मुंबई के कारण था। राउत ने कहा, सुशांत और उनके पिता कृष्ण किशोर सिंह के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध नहीं थे, क्योंकि वह पुनर्विवाह (पिता के) फैसले से परेशान थे। उन्हें बिहार पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के लिए उकसाया गया था, जो मुंबई में एक घटना की जांच करने आई थी।
 हत्या, आईईडी विस्फोट सहित बड़ी वारदातों में शामिल एक नक्सली गिरफ्तार

हत्या, आईईडी विस्फोट सहित बड़ी वारदातों में शामिल एक नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर। बस्तर रेंज में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस ने हत्या, आईईडी विस्फोट सहित बड़ी वारदातों में शामिल एक नक्सली माड़वी सोमारू को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है। जिसे आज जिला न्यायालय में पेश किया गया। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर थाना भैरमगढ़ में माओवादी माड़वी सोमारू पिता माड़वी मुड़ो उम्र 31 वर्ष ग्राम डालेर, पातरपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (जन मिलिशिया सदस्य) को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार नक्सली भैरमगढ़ क्षेत्रान्तर्गत में 24 जुलाई 2011 को डालेर-चिहका मार्ग पर एक ग्रामीण की हत्या कर राशन एवं मोटर साईकल लूट की घटना को अंजाम दिया था, 05 जुलाई 2017 को आदवाड़ा के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में शामिल था, 25 अगस्त 2017 को आदवाड़ा, बिरियाभूमि, इदेर, हिंगुम मार्ग को 55 स्थानों पर सड़क काट कर मार्ग अवरूद्ध कर लोक संपत्ति को क्षति पहुचाने, 23 मई 2018 को टिण्डोड़ी नाला के पास ग्रामीण लक्ष्मण पोयाम का घर से अपहरण कर हत्या करने में शामिल था, 07 जनवरी 2018 को डालेर के जंगल में सर्चिंग पर्टी पर आईईडी विस्फोट कर हमला में शामिल था, एवं 02 मार्च 2020 को डालेर छिंदपारा के पास पुलिस पार्टी पर आईईडी विस्फोट कर फायरिंग करने में शामिल था, जिसमें थाना जांगला में पदस्थ सहायक आरक्षक जगदेव नेगी के आंख में गंभीर चोंट लगी थी। इसके अलावा पकड़े गये नक्सली माड़वी सोमारू के विरूद्ध थाना भैरमगढ़ में 05 स्थाई वारंट भी लंबित था।
 यूजीसी परीक्षा आदेश मामले में सुनवाई 14 अगस्त तक स्थगित

यूजीसी परीक्षा आदेश मामले में सुनवाई 14 अगस्त तक स्थगित

नईदिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सरकार से जानना चाहा कि क्या राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों को प्रभावित कर सकते हैं? इसके साथ ही न्यायालय ने मामले की सुनवाई 14 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द करने संबंधी याचिकाओँ की सुनवाई के दौरान सवाल उठाये कि क्या राज्य आपदा प्रबंधन कानून के तहत यूजीसी की अधिसूचना और दिशानिर्देश रद्द किये जा सकते हैं? इस पर यूजीसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब के लिए कुछ समय मांगा और खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 14 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

सुनवाई के दौरान श्री मेहता ने दलील दी कि दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार ने अपने यहां विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में परीक्षाएं निरस्त करने के आदेश जारी कर दिये हैं। उन्होंने कहा, आखिर जब यूजीसी डिग्री देने के लिए अधिकृत है तो राज्य सरकार कैसे परीक्षा रद्द करने का निर्णय ले सकते हैं।

यूजीसी की ओर से 14 अगस्त को यह बताया जायेगा कि क्या राज्य आपदा प्रबंधन कानून के तहत यूजीसी की परीक्षा संबंधी अधिसूचना रद्द कर सकती है? गौरतलब है कि कोरोना महामारी के मद्देनजर विभिन्न पाठ्यक्रमों में अंतिम वर्ष की परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कई याचिकाएं दायर की गयी हैं।
 ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर निजी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में हो रही जमकर वसूली, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में बुरा हाल

ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर निजी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में हो रही जमकर वसूली, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में बुरा हाल

रायपुर। कोरोना काल के दौरान छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में स्कूल एवं कॉलेज इन दिनों बंद है। बावजूद इसके नर्सरी से लेकर महाविद्यालयों में उपलब्ध पाठ्यक्रमों में विषयवार स्नातक एवं स्नातकोत्तर विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर मनमानी फीस वसूली की जा रही है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर औपचारिकता निभाकर ट्यूशन फीस की आड़ में वसूली पर विद्यार्थियों में जमकर आक्रोश है। 

इधर मध्यप्रदेश में भी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के अधीनस्थ इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ कालेज में फर्जी पत्र भेजकर जुलाई माह में विद्यार्थियों के अभिभावकों अथवा माता पिता से 45 हजार रुपये के फीस जमा करने के लिए पत्र नहीं नोटिस भेजा गया है। 

ज्ञातव्य है कि महाविद्यालयों में पत्र भेजने की परंपरा रही है। इस संबंध में अधिवक्ता दीपाली पांडेय से चर्चा करने पर उन्होंने इंदौर इंस्टीट्यूट की एचओडी मनप्रीत कौर राजपाल द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में नोटिस शब्द पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सख्त कार्रवाई की मांग की है। छत्तीसगढ़ में 22 निजी स्कूल संस्थानों के डायरेक्टरों द्वारा दायर की गई याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला लेते हुए केवल कोरोना काल ट्यूशन फीस लेने की अपील की है जिसपर पालकों ने कड़ी आपत्ति करते हुए पुन: उच्च न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। सीबीएसई स्कूलों की याचिका पर उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा 24 अगस्त को सुनवाई की जाएगी तब तक स्कूलों पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में दिये गये अंतरिम आदेश की व्यवस्था कायम रहेगी। निजी स्कूलों कॉलेजों की मनमानी पर छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा लापरवाही बरतने पर ऑनलाइन ठगी का धंधा फलफूल रहा है। पढ़ाई कम बल्कि पढ़ाई के नाम पर पैरेंट्स के अनुसार केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। विशेष तकलीफ छोटे बच्चे के माता-पिता को है जिनके पास खरीदने के लिए ना तो एनड्राइड मोबाइल है न ही लेपटॉप अथवा कंप्यूटर की सुविधा है। जिन परिवारों में दो से अधिक बच्चे है वहां लॉकडाउन के चलते कई परिवार अपने संस्थानों से जहां नौकरी से निकाल दिये गये हैं वहीं ऑनलाइन पढ़ाई की समझ कम शिक्षित माता पिता को नहीं है ऐसी स्थिति में बच्चों की स्थिति बेहद दयनीय है। 
 11 लोगों की मौत का खुला राज: बेटी ने ही सभी को चूहे मारने की दवा का इंजेक्शन देकर उतारा मौत के घाट

11 लोगों की मौत का खुला राज: बेटी ने ही सभी को चूहे मारने की दवा का इंजेक्शन देकर उतारा मौत के घाट

जयपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत को लेकर शुरुआती जानकारी सामने आई है जिससे लगता है कि 38 साल की लक्ष्मी ने सबको जहर का इंजेक्शन देकर मारा है। लक्ष्मी 75 वर्षीय बुधाराम की बेटी थी। ये सभी पाकिस्तान से आए हुए हिंदू शरणार्थी थे। पुलिस को शव के पास से जहर की शीशियां और इंजेक्शन मिले हैं। पुलिस ने अभी तक की जांच में पाया है कि मरने वाले सभी लोगों को चूहे मारने की दवा का इंजेक्शन दिया गया है। मौके से अल्प्राजोलम टेबलेट भी मिली थी। जो नींद की दवाई के तौर पर इस्तेमाल की जाती है।

पुलिस को शक है कि लक्ष्मी ने ही परिवार के सभी सदस्यों को इंजेक्शन दिया, क्योंकि वह इंजेक्शन देना जानती थी। उसने पाकिस्तान से नर्सिंग का कोर्स किया था। शक गहराने की एक वजह यह भी है कि मरने वाले सभी सदस्यों के हाथ में सूई दी गई है, जबकि लक्ष्मी के पैर में। इससे लगता है कि लक्ष्मी ने पहले परिवार के सदस्यों को हाथ में इंजेक्शन दिया और बाद में अपने पैर में इंजेक्शन लगा लिया। 38 साल की लक्ष्मी की शादी जोधपुर में ही हुई थी, मगर वह ससुराल नहीं जाती थी।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि परिवार वालों के खाने में नींद की गोलियां डाली गई थीं और सभी के हाथ में जहर का इंजेक्शन। परिवार का 12वां सदस्य केवल राम इसलिए बच गया क्योंकि वह खाना खाकर नील गाय भगाते हुए खेत में ही सो गया था। सुबह जब वह घर लौटा तो सबको मृत पाया।

राम और उसके भाई रवि की शादी जोधपुर में एक ही परिवार में हुई थी। इनकी 4 बहनें थी दो पाकिस्तान से नर्सिंग का कोर्स करके आई थीं। बाकी दो का रिश्ता भी जोधपुर के उसी परिवार में हुआ था जिस परिवार में भाइयों का रिश्ता हुआ था। एक बहन पास में ही शादी करके रह रही थी। पारिवारिक क्लेश काफी दिनों से चल रहा था इसी वजह से बुधाराम को एक बेटा वापस पाकिस्तान लौट गया।

दिसंबर 2015 में दोनों ही परिवार पाकिस्तान से आए थे। मृतक परिवार भी और जोधपुर में रहने वाला परिवार भी। इन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी, हालांकि इनका आधार कार्ड बन गया था।

फिलहाल राज्य सरकार ने तय किया है कि सभी 11 लोगों की मौत का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से जोधपुर में कराया जाएगा। मौत भले ही पारिवारिक क्लेश की वजह से हुई है मगर परिवारों के बीच झगड़े की वजह गरीबी है। कुछ दिनों से दोनों परिवार जादू-टोना, टोटका और तांत्रिकों के चक्कर में भी फंसा हुआ था।
  बड़ी खबर: डीआरआई ने पकड़ी 1000 करोड़ रुपए की ड्रग्स, फाइनेंसर सहित 2 गिरफ्तार

बड़ी खबर: डीआरआई ने पकड़ी 1000 करोड़ रुपए की ड्रग्स, फाइनेंसर सहित 2 गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है। जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इस 191 किलोग्राम हेरोइन की कीमत एक हज़ार करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि नवी मुंबई स्थित नवा सेवा पोर्ट पर पकड़ी गई हेरोइन की ये खेप अफगानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए समुद्र के रास्ते मुंबई के पोर्ट पर पहुंची थी। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस और कस्टम विभाग ने जॉइंट ऑपरेशन में ये खेप जब्त की है। अब तक इस सिलसिले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

जानकारी के मुताबिक तस्करों ने ड्रग्स को प्लास्टिक के पाइप में छुपाकर रखा था। इस पाइप पर इस तरह से पेंट किया गया था कि ये बांस के टुकड़े दिख रहे थे। तस्करों ने इसे आयुर्वेदिक दवा बताया। इस मामले में ड्रग्स के इंपोर्ट के डटक्यूमेंट्स तैयार करने वाले दो कस्टम हाउस के एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की बात भी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के एक फाइनेंसर को भी गिरफ्तार किया गया है। इसे मुंबई लाने की तैयारी चल रही है।

राजस्व विभाग ने बताया कि इस सिलसिले में गिरफ्तार 2 लोगों को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरास में भेज दिया गया है। ये सारे ड्रग्स कई कंटेनर में छिपाकर लाए गए थे। कंटेनर के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के समुद्री मार्ग से करीब 500 करोड़ रुपये की हेरोइन की कथित तस्करी के सिलसिले में पाकिस्तान और दुबई से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर गिरोह के आठ लोगों के खिलाफ शुक्रवार को आरोप दर्ज किए। आरोप पत्र में कहा कि उसकी जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से उक्त गिरोह द्वारा गुजरात में समुद्री रास्ते से तीन खेप में हेरोइन लाई गयी। ये गिरोह पाकिस्तान के नागरिकों के साथ साजिश रचते हुए काम कर रहा था।
बड़ी खबर: प्रदेश में आज 285 मरीज मिले 6 कि हुई मौत, रायपुर से 101 समेत बाकि इन जिलो से है..

बड़ी खबर: प्रदेश में आज 285 मरीज मिले 6 कि हुई मौत, रायपुर से 101 समेत बाकि इन जिलो से है..

रायपुर, प्रदेश में आज 285 नए कोरोना वायरस मरीजों की पहचान हुई है जिसमें सर्वाधिक जिला रायपुर से 101, दुर्ग से 37, बिलासपुर से 30, कांकेर से 24, बलौदा बाजार से 18, बलरामपुर से 11, रायगढ़ व बस्तर से 9-9, सरगुजा से 7, राजनांदगांव व कोरबा से 6-6, कोंडागांव से 5, जांजगीर-चांपा, मुंगेली व सुकमा से 3-3, बालोद, गरियाबंद, कोरिया, जसपुर व बीजापुर से 2-2, बेमेतरा, दंतेवाड़ा व अन्य राज्य से एक-एक नए मरीज मिले हैं| आपको बता दें विगत रात्रि भी कुल 8 मरीज रायपुर जिला से मिले थे|
वहीं प्रदेश में आज 6 लोगों की मृत्यु हो गई है जिसके साथ की मृत्यु का कुल आंकड़ा अब 96 हो गया है|
वहीं प्रदेश में 227 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं, अब प्रदेश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3243 हो गई है|
 

सऊदी ने पाकिस्तान से कहा, 'आज से उधारी बंद है, कृपया उधार मांग कर शर्मिंदा न करें'

सऊदी ने पाकिस्तान से कहा, 'आज से उधारी बंद है, कृपया उधार मांग कर शर्मिंदा न करें'

कश्मीर मामले को लेकर सऊदी अरब को खरीखोटी सुना रहे पाकिस्तान को अब तगड़ा झटका लगा है। कंगाली से उबरने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब से कच्चा तेल उधार लेने के लिए 3 साल की डील की थी, लेकिन सऊदी सरकार ने इस डील को समय से पहले ही खत्म कर दिया है।
दरअसल, मई के बाद से ही पाकिस्तान को सऊदी से कच्चा तेल नहीं मिला है। वहीं, सऊदी सरकार ने पाकिस्तान को इस मामले में कोई जवाब भी नहीं दिया है।

पाकिस्तान के हालिया बर्ताव के कारण सऊदी ने अपने वित्तीय समर्थन को वापस भी ले लिया है। अक्टूबर 2018 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 साल के लिए 6.2 बिलियन डॉलर का वित्तीय पैकेज देने का ऐलान किया था। इसमें 3 बिलियन डॉलर की नकद सहायता शामिल थी, जबकि बाकी के पैसों के एवज में पाकिस्तान को तेल और गैस की सप्लाई की जानी थी।

इस समझौते के अनुसार शुरुआत में सऊदी ने पाकिस्तान को नकदी और तेल की सुविधा केवल एक साल के लिए दिया था, लेकिन बाद के वर्षों में इसे बढ़ाकर तीन साल के लिए कर दिया गया। इस 3 बिलियन डॉलर की नकद सहायता के लिए पाकिस्तान 3.3 फीसदी की दर से ब्याज की अदायगी भी कर रहा था।

पाकिस्तानी पेट्रोलियम विभाग के प्रवक्ता साजिद काजी ने कहा कि यह करार मई में समाप्त हो गया। वित्त विभाग इसके नवीकरण का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सऊदी अरब सरकार से जवाब का इंतजार है। बजट अनुमानों के अनुसार सरकारर को वित्त वर्ष 2020-21 में न्यूनतम एक अरब डॉलर का कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान का वित्त वर्ष जुलाई से शुरू होता है।
 

बड़ी खबर : सेप्टिक टैंक सफाई करने उतरे मजदुर व घर मालिक समेत 6 लोगों की हुई मौत, इलाके में मचा हड़कंप

बड़ी खबर : सेप्टिक टैंक सफाई करने उतरे मजदुर व घर मालिक समेत 6 लोगों की हुई मौत, इलाके में मचा हड़कंप

देवघर | झारखण्ड के देवघर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है | देवघर जिले के देवीपुर इलाके से दर्दनाक घटना सामने आई है। दरअसल यहां सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे 6 लोगों की मौत हो गई । बताया जा रहा है कि सभी की मौत जहरीली गैस के रिसाव से हुआ है । मामले की सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर सभी मृतकों का शव पीएम के लिए भेज आगे की कार्रवाई कर रही है। 

मिली जानकारी के अनुसार, घटना देवीपुर गांव की है। निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक की सेंट्रिंग खोलने के दौरान यह हादसा हुआ। खबरों के मुताबिक करीब 10-12 फीट गहरी निर्माणाधीन टंकी का दोनों ढक्कन बंद था। सुबह करीब नौ बजे मिस्त्री-मजदूर पहुंचे तो टंकी का ढक्कन हटाकर मजदूर लीलू मांझी (27) को सेंट्रिंग खोलने के लिए अंदर उतारा गया। उसके अंदर उतरते ही कोई गतिविधि नहीं हुई तो गृहस्वामी ब्रजेश वर्णवाल(50) टंकी के अंदर गया और वह भी अंदर में ही रह गया। हो-हल्ला सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। उन दोनों की कोई हरकत नहीं मिथिलेश(44) भी टंकी के अंदर उतर गया।

मिथिलेश को टंकी में उतरने से लोगों ने रोका भी, किंतु उसने किसी की बात नहीं मानी। इसके बाद बारी-बारी से मिस्त्री गोविंद मांझी(50) सहित उसके दोनों पुत्र बगलू (30) व लालू (25) भी टैंक के अंदर गया और वहीं रह गया। मामले की सूचना पाकर देवीपुर थाना प्रभारी करुणा सिंह सहित एएसआई शंभू नाथ शर्मा, सफुद्दीन पुलिस बलों के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी मंगाकर बगल की बाउंड्री तोड़वाकर जेसीबी अंदर घुसाया गया। सैप्टिक टंकी तोड़कर सभी को बाहर निकलवाया गया और इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

अमित शाह के कोरोना निगेटिव होने की खबर गृह मंत्रालय ने की खारिज, कहा- नहीं हुआ कोविड टेस्ट

अमित शाह के कोरोना निगेटिव होने की खबर गृह मंत्रालय ने की खारिज, कहा- नहीं हुआ कोविड टेस्ट

नई दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह की कोरोना संक्रमण रिपोर्ट निगेटिव आने की खबर को गृह मंत्रालय के खारिज किया है. समाचार एजेंसी ने गृह मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया कि अमित शाह के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अभी कोई कोविड टेस्ट नहीं किया गया है. गृह मंत्रालय के अधिकारी का यह बयान दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के उस ट्वीट के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमित शाह की ताजा कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. दिल्ली बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने रविवार को ट्वीट करके कहा था, 'देश के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह जी की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है.' हालांकि गृह मंत्रालय की तरफ से इस जानकारी के बाद मनोज तिवारी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है.

 

दरअसल अमित शाह ने पिछले दिनों कोरोना संक्रमण (COVID-19) के हल्के लक्षण दिखने के बाद कोविड टेस्ट कराया था. उन्होंने दो अगस्त को खुद ट्वीट कर बताया था कि वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें राजधानी दिल्ली से सटे गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.