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शहरों का नियोजित विकास और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : लोकवाणी: मुख्यमंत्री ने ’नगरीय विकास का नया दौर’ विषय पर प्रदेश की जनता के सवालों का दिया जवाब

शहरों का नियोजित विकास और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : लोकवाणी: मुख्यमंत्री ने ’नगरीय विकास का नया दौर’ विषय पर प्रदेश की जनता के सवालों का दिया जवाब

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मासिक रेडियो कार्यक्रम लोकवाणीके चौथे प्रसारण में  ’नगरीय विकास का नया दौरविषय पर प्रदेश की जनता के सवालों का जवाब दिया तथा नगरीय क्षेत्रों में शासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि शहरों का नियोजित विकास, उत्साह से भरपूर और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास के संबंध में लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों में वर्षा जल संचय और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने अनेक योजनाओं संचालित है। उन्होंने कहा कि पेयजल और नगर की बसाहट बुनियादी जरूरतें हैं। सच में भू-जल स्तर का गिरना चिंता का विषय है और इसका सबसे बड़ा कारण हमारे शहरों का विकास, सीमेंट कांक्रीट के जंगल की तरह किया जाना है। शहरों के बहुत से हिस्से, घरों, व्यवसायिक भवनों, सड़कों आदि के कारण इतने ठोस हो गए हैं कि बरसात का पानी भी जमीन के भीतर नहीं जा पाता। भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है कि सतह का पानी रिस-रिसकर जमीन के भीतर जाए। छत्तीसगढ़ को तरिया का, तालाबों का, जलाशयों का, नदियों-नालों का, जलप्रपातों का प्रदेश कहा जाता रहा है। विडम्बना है कि एक लम्बे अरसे तक सही सोच और सही योजना के बिना ही निर्माण कार्य किए जाते रहे हैं। ऐसे निर्माण कार्यों की वजह से हमारी जमीन की रिचार्जिंग क्षमता कम होती गई और भू-जल स्तर गिरते-गिरते अब खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। हमारी सरकार ने नियमों में संशोधन करके अब प्रत्येक आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। पूर्व में निर्मित भवनों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। छह प्रकार की रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट की दर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई है और सैकड़ों एजेन्सियों तथा स्व-सहायता समूहों को आगे किया गया है कि वे एक माह के भीतर सभी जगह रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करें। हम चाहते हैं नए भवनों में बिजली कनेक्शन भी तभी दिया जाए, जब रेन वाटर हार्वेस्टिंग की यूनिट वहां लगा दी जाए।

    ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारीयोजना से शहरों को जोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। वी-वायर इंजेक्शन वेलके माध्यम से भू-जल की रिचार्जिंग की परियोजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से, स्थानीय प्रशासन से, जिला प्रशासन से, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि पुराने कुओं की साफ-सफाई कराएं। पुराने कुओं को जाली आदि लगाकर सुरक्षित करें ताकि इससे कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि आजकल छोटे भू-खण्डों पर घर बनाए जाते हैं, जिसमें कुओं का निर्माण कठिन होता है, इसीलिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली अपनाई जाती है, लेकिन जहां पुराने कुएं हैं, उनका पूरा सम्मान और व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनते ही 212 करोड़ रू. लागत से रायपुर शहर वृहद पेयजल आवर्धन योजना की शुरूआत कर दी गई है। घरेलू पेयजल कनेक्शन से वंचित बीपीएल परिवारों के लिए मिनीमाता अमृतधारा नल योजनाशुरू की गई है। फिल्टर प्लांट के माध्यम से पैकेज्ड वाटर अर्थात सीलबंद पानी उपलब्ध कराने के लिए राजीव गांधी सर्वजल योजनाशुरू की गई है। आपदाग्रस्त स्थानों अर्थात जहां भू-जल प्रदूषित है, वहां सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल योजनाशुरू कर दी गई है। चंदखुरी, जिला दुर्ग में समूह पेयजल योजनाके माध्यम से समस्या का समाधान किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में तेलनदी का जल शुद्ध करने के लिए सुपेबेड़ा जल योजनाशुरू की गई है। सरकार बनते ही रायगढ़ तथा जगदलपुर शहर सिवरेज मास्टर प्लांट को मंजूरी दी गई है, जिससे नदियों में मिल रहे नाले-नालियों के दूषित जल का शुद्धिकरण किया जा सके।
    
बरसों से लंबित खारून सफाई योजना को मंजूरी दी गई है। बस्तर की जीवनदायनी इंद्रावती नदी के संरक्षण के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। बिलासपुर में अरपा नदी की सफाई का बड़ा अभियान जनभागीदारी के साथ चलाया गया है। मैं चाहता हूं कि प्रदेश की जनता अपने आस-पड़ोस की नदियों को साफ रखने में मदद करें। इससे हमारी सरकार का उत्साह बढ़ेगा और हम सब मिलकर अपने शहरों को, शुद्ध पानी भी दे सकेंगे और स्वच्छ परिवेश भी।
नालियों में कचरा नहीं डालने लोगों से अपील

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह हमारे शरीर में रक्त वाहिकाएं होती हैं उसी तरह शहर की सफाई व्यवस्था नालियों पर निर्भर करती है। जब हम नाली में कचरा डालते हैं तो वहां से पानी बहना बंद हो जाता है। जब पानी नहीं बहता तो गंदे पानी से बदबू, मच्छर, कीड़े-मकोड़े और तरह-तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। उन्होंने घर या दुकान का कचरा नालियों में नहीं डालने की अपील की है।  

युवाओं का सम्मान करने, उन्हें  जिम्मेदारी देने तथा उन पर भरोसा करने का दिया संदेश
    
मुख्यमंत्री ने इस बार नगरीय निकायों के चुनावों की प्रक्रिया में  किए गए संशोधन के संबंध में बताया कि महापौर या अध्यक्ष के दोनों पद प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की तरह एक्जीक्यूटिव पद हैं। यदि पार्षदों का समर्थन नहीं मिलता तो नगर का विकास ठप्प पड़ जाता है। पार्षद जब अपना मुखिया चुनेंगे तो नगरीय विकास का काम निर्बाध रुप से पूरा होगा। जब 21 साल में कोई पार्षद बन सकता है तो मेयर क्यों नहीं बन सकता। हमें युवाओं को सम्मान देना, युवाओं को जिम्मेदारी देना, युवाओं पर भरोसा करना सीखना होगा। हमने प्रदेश को कुचक्रों से बाहर निकालने में सफलता पाई है और अब युवा जोश और ऊर्जा से राजनीति को स्वस्थ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। शहरों का नियोजित विकास, उत्साह से भरपूर और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता है।

मछुआ सहकारी समितियों की बढ़ेगी आय
और नगरीय निकायों को मिलेगा राजस्व

    मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के माध्यम से बताया कि नगरीय निकायांे के तालाबों से मछुवारों को दूर किया गया था। हम चाहते हैं कि मछुवा सहकारी समितियों को ये तालाब दिये जाएं, जिससे तालाबों की देखरेख भी होगी। नियमित सफाई होगी। मछलियां पाली जायेंगी। मछुवारों की आय बढ़ेगी और नगरीय निकायों को राजस्व भी मिलेगा।

जमीन की गाईड लाइन दर में 30 प्रतिशत कमी और छोटे भू-खण्डों के
क्रय-विक्रय से रोक हटाने से हुए लगभग एक लाख सौदे

     मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की वजह से हर क्षेत्र में नये रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। पूरे प्रदेश में नगरीय-निकायों द्वारा निर्मित दुकानों के किराये में कमी की गई है ताकि स्वरोजगारी युवाओं को मदद मिले और वे अन्य लोगों को रोजगार दे सके। हमने जमीन की गाइड लाइन दर में 30 प्रतिशत की कमी की और छोटे भू-खंडांे के क्रय-विक्रय से रोक हटाई जिसके कारण लगभग एक लाख सौदे हुये। एक जमीन बिकने पर दसियों लोगों को लाभ मिलता है। मकान बनता हैं तो बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, रेजा, कुली से लेकर दुकानदार तक सबको रोजगार मिलता है। हमने गुमाश्ता लायसेंस के वार्षिक नवीनीकरण में छूट देने जैसे कई कदम उठाए हैं, जिससे कारोबारियों का उत्साह बढ़ा है।
    
शिक्षाकर्मियों, सहायक शिक्षक (एल.बी.) को नियमित वेतन, तबादले की सुविधा, स्वच्छता दीदियों के मानदेय में वृद्वि जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। पौनी-पसारीछत्तीसगढ़ में एक ऐसी बाजार व्यवस्था है, जिसमें आपसी सद्भाव, सहयोग और समरसता के सामाजिक माहौल में सारी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं। समन्वय की अर्थव्यवस्था हमारी बसाहटों में खुशहाली का आधार थी। आधुनिक बाजार व्यवस्था में यह परम्परा टूट रही थी। इसलिए हमने नगरीय-निकायों में पौनी-पसारीबाजार व्यवस्था का संरक्षण तथा संवर्धन करने का निर्णय लिया है। मुझे खुशी है कि इस दीवाली में हमारी माटी के दीयों से छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि दिल्ली भी रोशन हुई है। हमारे गांवों, बस्तियों में बने पकवानों की खुशबू और मिठास हर घर में पहुंची है। गांव का पैसा गांव में ही, आपस में एक-दूसरे के काम आता है। हमारा प्रयास है कि हर हाथ को उसकी क्षमता के अनुसार रोजगार मिले, नई उद्योग नीति में इसके लिए समुचित प्रावधान किये गए हैं।

मोर जमीन-मोर मकान योजना से 11 माह में बने 40 हजार मकान

        मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के जरिए बताया कि जब हमने सरकार की बागडोर सम्हाली तब प्रदेश में मोर जमीन-मोर मकान योजनाके तहत सिर्फ 8 हजार मकान बने थे, जबकि 11 महीने में 40 हजार मकान बन गए। हमने राजीव गांधी आश्रय योजनाका आगाज किया और कानून में संशोधन किया ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों को उनके नाम से पट्टा मिले, नियमितीकरण हो। इस योजना का लाभ एक लाख लोगों को मिलेगा। आबादी पट्टों का वितरण होने लगा है। किफायती आवास योजना के तहत 1250 करोड़ रू. की लागत से लगभग 29 हजार नवीन आवासों की मंजूरी दी गई है। वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को आवास उपलब्ध करा देंगे।

बीमार लोगों तथा कुपोषित माताओं, बहनों एवं बच्चों तक पहुंची सरकार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ितों तक पहुंचना, हताश और निराश लोगों तक पहुंचना, परेशान लोगों तक पहुंचना, बीमार लोगों तक पहुंचना, कुपोषित माताओं, बहनों, बच्चों तक पहुंचना सरकार का काम है। शहरी बस्तियों के लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए इतने व्यस्त रहते हैं कि अपनी बीमारियों की अनदेखी करते हैं। इसलिए हमने मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अन्य शासकीय योजनाओं के माध्यम से यह तय किया कि शहरी बस्तियों के लोग अस्पताल नहीं पहुंच पाते तो अस्पताल उनके घर के पास पहुंच जाए। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालयों और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य केन्द्रों में अब उत्साह का वातावरण है।

राज्योत्सव में छत्तीसगढ़िया कलाकारों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस कॉलेज के मैदान में जिस तरह विशाल जनसमुद्र उमड़ा, उसने हमारे हर फैसले पर मुहर लगा दी है। जहां तक उपलब्धि का सवाल है, तो तीन प्रमुख उपलब्धियां हैं। पहली उपलब्धि कि हमने अपने लक्ष्य के अनुरूप नई उद्योग नीति 2019-2024 जारी कर दी है। दूसरी उपलब्धि छत्तीसगढ़िया कलाकारों की प्रतिभा ने यह साबित कर दिया है कि उनके कार्यक्रम किसी सेलीब्रिटी के मोहताज नहीं और तीसरी उपलब्धि कि छत्तीसगढ़ को अपना राज्यगान मिल गया। छत्तीसगढ़ के महान जनकवि डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा ने जब अरपा-पैरी के धार-महानदी हे अपार....गीत की रचना की थी, तब उन्हें पता नहीं था कि यह गीत कैसे-कैसे जन-जन की जुबान में चढ़ेगा और एक दिन ऐसा आएगा कि स्वयं यह गीत राज्य गीत का गौरव पाएगा।

 

रायपुर महिलाओं में आक्रोश के चलते  नेताओं को लौटना पडा उल्टे पाँव जाने क्या हुआ ऐसा

रायपुर महिलाओं में आक्रोश के चलते नेताओं को लौटना पडा उल्टे पाँव जाने क्या हुआ ऐसा

रायपुर: उद्घाटन समारोह में शामिल होने गए पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल को उस वक्त उल्टे पांव लौटना पड़ गया, जब कार्यक्रम के दौरान महिलाएं उनके विरोध पर उतारू हो गई। बृजमोहन का विरोध कर रही महिलाओं ने स्पष्ट तौर पर उनसे कहा कि अब हमें आप पर विश्वास नहीं रह गया है, आप यहां से चले जाइए। हालात को देखते हुए विधायक अग्रवाल को बैरंग ही लौटना पड़ा। इस दौरान बृजमोहन के साथ रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे भी मौजूद रहे।

मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ब्राह्मण पारा वार्ड में सामाजिक भवन और गार्डन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ महापौर प्रमोद दुबे भी मौजूद थे। कार्यक्रम में शामिल होने आई महिलाओं ने बृजमोहन और प्रमोद दुबे का विरोध करते हुए उन्हें वापस भेज दिया।

हालांकि बृजमोहन अग्रवाल ने आक्रोशित महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके गुस्से के सामने उन्हें झुकना पड़ा। इसके बाद बृजमोहन और प्रमोद दुबे कार्यक्रम स्थल से उल्टे पांव ही लौट गए।

भारत-बांग्लादेश तीसरा मैच आज, टीम इंडिया की नजर नागपुर में लगातार दूसरी जीत पर

भारत-बांग्लादेश तीसरा मैच आज, टीम इंडिया की नजर नागपुर में लगातार दूसरी जीत पर

भारत-बांग्लादेश के बीच तीन टी-20 की सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को नागपुर में खेला जाएगा। तीन टी-20 की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 बराबरी पर है। बांग्लादेश ने दिल्ली में पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया था। वहीं, भारत ने राजकोट में दूसरा मुकाबला 8 विकेट से जीता। दोनों टीमें इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेंगी।

मौसम और पिच रिपोर्ट : नागपुर में मैच के समय ज्यादा ओस गिरने की संभावना है। इससे कोई भी टीम पहले गेंदबाजी करना चाहेगी। तापमान 18 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इस मैदान पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। पिछली तीन मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का औसत स्कोर 129 रन रहा है। इस मैदान पर 10 में से सात मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीतने में सफल रही।

 

 

भारत vs बांग्लादेश हेड टू हेड
दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 10 टी-20 हुए, भारतीय टीम 9 में जीती। बांग्लादेश को एक मैचों में सफलता मिली। बांग्लादेशी टीम को यह जीत इसी सीरीज के पहले मैच में मिली थी।

 

 

 

 

दोनों टीमें
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडेय, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, क्रुणाल पंड्या, युजवेंद्र चहल, राहुल चाहर, दीपक चाहर, खलील अहमद, शिवम दुबे, शार्दुल ठाकुर।

 

 

 

 

बांग्लादेश: महमूदुल्लाह (कप्तान), सौम्य सरकार, मोहम्मद नईम, आफिफ हुसैन, मोसद्देक हुसैन, अमिनुल इस्लाम, अबु हैदर रॉनी, लिटन दास, मुशफिकुर रहीम, मोहम्मद मिथुन, अराफात सनी, अल-अमीन हुसैन, मुस्तफिजूर रहमान, शफिउल इस्लाम और तैजुल इस्लाम

 

 

 

ईद के मौके पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी मुबारकबाद दिया प्रेम समानता और सोहाद्रता का सन्देश

ईद के मौके पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी मुबारकबाद दिया प्रेम समानता और सोहाद्रता का सन्देश

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी है। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) लोगों में प्रेम, समानता और सौहार्द्र का संदेश देता है। यह अवसर गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करने तथा समाज में व्याप्त विषमताओं को दूर कर एकरूपता स्थापित करने पर जोर देता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को ईद-मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद दी है। उन्होने अपने संदेश में कहा है कि इस दिन दुनियाभर में इस्लाम के संस्थापक पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म दिन बड़े जश्न के रूप में मनाया जाता है। हजरत साहब ने अल्लाह के वचनों को लोगों तक पहुंचाया। वे धरती पर अमन और भाईचारे का संदेश लेकर आए। पैगम्बर हजरत के विचारों ने एक नई संस्कृति, सभ्यता और नये युग का सूत्रपात किया। उनके संदशों ने लोगों के विचारों और जीवन मूल्यों पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला। 

कोर्ट के फैसले के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट का इंतजार, सोमनाथ की तर्ज पर हो सकता है गठन

कोर्ट के फैसले के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट का इंतजार, सोमनाथ की तर्ज पर हो सकता है गठन

 इसमें राम जन्मभूमि न्यास, निर्मोही अखाड़ा के सदस्य और धर्मगुरु शामिल किए जा सकते हैं


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब सरकार को 3 महीने के भीतर ही राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाना होगा. सूत्रों की मानें तो यह संभव है कि गुजरात के सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की तर्ज पर ही अयोध्या का राम मंदिर ट्रस्ट बनाया जाए. हालांकि यह संभव है कि सरकार एक हफ्ते में ही ट्रस्ट का गठन कर दे. सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट में केवल 6 सदस्य हैं मगर सरकार अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या और ज्यादा कर सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के सदस्य के चयन और मंजूरी में प्रधानमंत्री की भूमिका भी अहम हो सकती है. ट्रस्ट में जहां राम जन्मभूमि न्यास, निर्मोही अखाड़ा के अलावा कुछ बड़े धर्मगुरु शामिल किए जा सकते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज के कुछ वरिष्ठ नागरिक, राम मंदिर से जुड़े संगठनों को भी इसमें जोड़ा जा सकता है.
यही नहीं ट्रस्ट का काम तेज गति से हो और कार्यशैली कुशल रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के नुमाइंदे भी इसमें शामिल हो सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी खुद राम मंदिर से जुड़ी प्रगति पर नजर रख पाएं, इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से भी किसी को सदस्य बनाया जा सकता है. हालांकि ट्रस्ट बनाने के लिए यह जरूरी है कि उसका कार्यक्षेत्र तय किया जाए और उसके हर सदस्य की जिम्मेदारी भी तय हो. बता दें, अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद शनिवार को फैसला आया. फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी. अदालत ने कहा कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है.
 
आज दिनांक 10 नवम्बर का राशिफल,कैसा रहेगा आपका आज का दिन

आज दिनांक 10 नवम्बर का राशिफल,कैसा रहेगा आपका आज का दिन

आज  10 नवम्बर का राशिफल 

 इसके अलावा हम जल्द आप लोगो के लिए ज्योतिष सम्बन्धी सवाल के जवाब देने का भी कार्य करने जा रहे है जिसमे आपके द्वारा पूछे गए सवालो का जवाब हम आपको देंगे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के द्वारा 

 मेष

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। आशंका-कुशंका के चलते समय पर निर्णय नहीं ले पाएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार में लाभ होगा।

वृष

यात्रा लाभदायक रहेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। डूबी हुई रकम प्राप्ति के योग हैं, प्रयास करें। सफलता मिलेगी। शेयर मार्केट व मुच्युअल फंड लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। पार्टनरों व मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा।

मिथुन

कार्यस्थल पर सुधार या परिवर्तन हो सकता है। नई योजना बनेगी। मित्रों व रिश्तेदारों का सहयोग कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नए अनुबंध हो सकते हैं। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। निवेश शुभ फलदायक रहेगा।

कर्क

पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। कारोबार में वृद्धि संभव है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में चैन रहेगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। जल्दबाजी न करें।

सिंह

चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की आशंका प्रबल है। लापरवाही न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में नहीं आएं। अपने विवेक से कार्य करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। कार्य की गति धीमी रहेगी।

कन्या

राजकीय सहयोग समय पर प्राप्त होगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार पर व्यय होगा। पारिवारिक सहयोग से कार्य में सफलता प्राप्त होगी। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। झंझटों से दूर रहें।

तुला

स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े सौदे से बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही मिल सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

 

वृश्चिक

शैक्षणिक व शोध कार्यों में सफलता मिलेगी। वरिष्ठ व्यक्तियों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। किसी पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता व संतुष्टि में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

धनु

मेहनत अधिक तथा लाभ कम रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। फिजूल की बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी से बिना वजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मन में संवेदनशीलता अधिक रहेगी। चिड़चिड़ापन रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

मकर

रुके कार्य पूर्ण होने के योग हैं। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। मित्रों तथा संबंधियों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड जैसे स्थानों में सफलता प्राप्त होगी। प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे।

कुंभ

घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मसम्मान बना रहेगा। कारोबारी लाभ होता रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। कोई बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। आय में वृद्धि होगी।

मीन

भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। सट्टे व लॉटरी से दूरी बनाए रखें। धन प्राप्ति सुगम होगी। उत्साह बना रहेगा। प्रमाद न करें।

 आज का दिन जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है-देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने कही यह बात

आज का दिन जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है-देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने कही यह बात

नईदिल्ली, अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पंजाब में करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया. अपने संबोधन में उन्होंने देश की जनता से शांति, सौहार्द और सद्भाव का महौल बनाने की अपील की, पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज जो फैसला सुनाया दशकों पुरानी समस्या सुलझ गई. इस फैसले के बाद जिस प्रकार हर वर्ग, समुदाय के लोगों ने जिस तरीके से इसे स्वीकार किया है, वह भारत की विविधता में एकता को दर्शाता है. गर्व होता है कि हजारों साल बाद भी किसी को विविधता में एकता को समझाना होगा तो वह इस घटना का जरूर उल्लेख करेगा.

आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही, 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है. आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है. उन्होंने कहा कि नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है. सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है. उन्होंने कहा कि इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी. अब समाज के नाते, हर भारतीय को अपने कर्तव्य, अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए काम करना है. हमारे बीच का सौहार्द,हमारी एकता,हमारी शांति, देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. 

उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि परिवार का एक मसला भी सुलझाना हो तो यह आसान नहीं होता है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को पूरे धैर्य के साथ सुना और इसके लिए पूरा देश उनका आभारी है. आज 9 नवंबर है, जिस दिन बर्लिन की दीवार गिरी, इसी दिन दुनिया ने एक नया संकल्प लिया था. आज करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई, जिसमें भारत और पाकिस्तान का सहयोग रहा है. 9 नवंबर की तारीख हमें साथ में आगे बढ़ने की सीख दे रही है. उन्होंने कहा कि किसी के मन में किसी भी प्रकार की कटुता रही है, उसको तिलांजलि देने का भी दिन है. 

 

 

 

 

 

 

अयोध्या: क्या आपको पता है बैंच के किस जज ने  फैसला लिखा और किस जज ने दी अलग राय..

अयोध्या: क्या आपको पता है बैंच के किस जज ने फैसला लिखा और किस जज ने दी अलग राय..

नई दिल्ली. अयोध्या में जमीन विवाद के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार 9 नवंबर 2019 को अपना अहम फैसला सुना दिया. फैसले में रामलला विराजमान को पूरी जमीन और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अलग से जमीन देने का फैसला सुनाया. लेकिन संवैधानिक पीठ द्वारा सुनाया गए इस फैसले में दो सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं. पांच जजों में से फैसले का लेखक कौन है, इसका जवाब नहीं मिला है. दूसरा एक न्यायाधीश ने भगवान राम (Lord Ram) के सटीक जन्म स्थान के मुद्दे पर असंतोष व्यक्त किया है.


इस आदेश में इन दोनों तथ्यों को प्रमुख माना जा सकता है. खासकर इस तरह के हाइप्रोफाइल केस में. कोर्ट में ये प्रक्रिया है कि जब कोई बैंच फैसला सुनाती है तो बैंच के अधिकार पर एक जज का नाम फैसला लिखने वाले जज के तौर पर लिखा जाता है. हालांकि इस केस में फैसला लिखने वाले जज का नाम नहीं लिखने का कारण अब तक पता नहीं है. ये भी हो सकता है कि इस केस की संवेदनशीलता के कारण किसी एक जज के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है

बता दें कि इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने की. इस पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे. इस केस में एक और दिलचस्प सवाल है, जिस पर पर्दा है. 1045 पेज के फैसले में 116 पेज ऐसे हैं, इन्हें जिस जज ने लिखा है, उनका नाम भी बताया नहीं गया है. इसमें कहा गया है कि विवादित स्थान हिंदुओं की आस्था और विश्वास के अनुसार भगवान राम का जन्मस्थान क्यों है.

एक न्यायाधीश ने जन्मस्थान के मुद्दे पर असंतोष जताया था. जमीन विवाद पर इस फैसले के अंत में एक पंक्ति है, जिसमें कहा गया है, “उपरोक्त कारणों और निर्देशों के अनुरूप होने पर, हममें से एक ने अलग-अलग कारणों को दर्ज किया है. इसके अनुसार, 'क्या विवादित ढांचा हिंदू भक्तों की आस्था और विश्वास के अनुसार भगवान राम का जन्म स्थान है.' 2010 में अयोध्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में भगवान राम का जन्मस्थान या मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को नष्ट करने संबंधी प्रश्नों का उल्लेख स्पष्ट रूप से प्रत्येक न्यायाधीश की राय के साथ किया गया था.

 

राम मंदिर के फैसले पर टीवी डिबेट में कोई कांग्रेसी भाग नही लेंगे, कहा- यह  राजनीति का नहीं धर्म और आस्था का विषय

राम मंदिर के फैसले पर टीवी डिबेट में कोई कांग्रेसी भाग नही लेंगे, कहा- यह राजनीति का नहीं धर्म और आस्था का विषय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी राम मंदिर के फैसले पर होने वाली बहस में शामिल नहीं होंगे।  प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर होने वाली किसी भी लाईव टीवी डिबेट में कांग्रेस पार्टी हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ही नहीं किसी भी राजनीतिक दल को इस लाईव डिबेट में भाग नहीं लेना चाहिये। मंदिर और भगवान राजनीति का विषय नहीं है। यह धर्म आस्था और विश्वास का विषय है। उसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए।

अयोध्या मामले में आपत्तिजनक पोस्ट डालने व पटाखे फोडऩे के आरोप में सात गिरफ्तार,जानिये कहा की है घटना

अयोध्या मामले में आपत्तिजनक पोस्ट डालने व पटाखे फोडऩे के आरोप में सात गिरफ्तार,जानिये कहा की है घटना

 

मेरठ,अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद कई जगहों पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, मेरठ में फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में सिविल लाइन थाने की पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। वहीं नौचंदी और ब्रह्मपुरी में पुलिस ने आतिशबाजी करने पर छह युवकों को गिरफ्तार किया है।

 

मेरठ पुलिस ने आपत्तिनजक पोस्ट डालने के आरोप में लक्ष्मण शर्मा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से मथुरा में थाना नौहझील के ग्राम भगवान गढ़ी का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

दूसरी तरफ नौचंदी थाने की पुलिस ने अदालत का फैसला आने के बाद धारा 144 का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी करने के आरोप में तीन युवकों अपूर्व, सुरेंद्र और प्रवीण को गिरफ्तार किया है। मेरठ में ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पुलिस ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यालय को सील करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा को नजरबंद कर दिया है।

 

  मेरठ के मेहताब, मछेरान, सोतीगंज में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लेकर मुस्लिम समाज ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। मेरठ के मवाना कस्बे के थाने के पीछे बाजार में फैसला आने के बाद एक स्थान पर हिंदू संगठन के पदाधिकारियों की तरफ से आतिशबाजी करने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने लोगों को फटकारा और भीड़ को दौड़ाकर भगा दिया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर सभी जिलों में पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए। खुद एडीजी, आईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी सड़कों पर उतरें। आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर निगरानी रखी। अफवाहों के चलते देर रात से सुबह दस बजे तक दुकानों पर रोजमर्रा का सामान खरीदने वालों की लाइन लगी रही। 

 

 अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी ने अयोध्या फैसले पर कहा, सौहार्द बनाए रखे देशवासी...

अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी ने अयोध्या फैसले पर कहा, सौहार्द बनाए रखे देशवासी...

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुना दिया। इस पर सभी नेताओं ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जनता से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की अपील की है।


साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए शांति बनाए रखनी चाहिए। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि- "सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ के पांचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज कोर्ट ने निर्णय दिया। वर्षो पुराना विवाद आज खत्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।"

प्रियंका गांधी ने भी परंपरा बनाए रखने की अपील
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर ट्वीटर हैंडलर में लिखा, ये महात्मा गांधी का देश है। अमन और अहिंसा के संदेश पर क़ायम रहना हमारा कर्तव्य है। इनके अलावा रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देश के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करने वाला है।

गौर हो, शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी है। साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए अयोध्या में कहीं भी पांच एकड़ जमीन देने को कहा है।

इनके अलावा राजनाथ सिंह, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने भी ट्वीट करके संयम, शांति, सौहार्द, सांप्रदायिक-एकता बनाए रखने को कहा।

 
शिवसेना नेता संजय राउत ने दी देवेंद्र फड़नवीस को शुभकामनाएं, जाने क्या है वजह

शिवसेना नेता संजय राउत ने दी देवेंद्र फड़नवीस को शुभकामनाएं, जाने क्या है वजह

मुंबई मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने शुक्रवार शाम राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं मीडिया से चर्चा के दौरान शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर देवेंद्र फड़णवीस को लगता है कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में भाजपा की फिर से सरकार बना सकती है तो उन्हें वह 'शुभकामनाएं देते हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन को लेकर दोनों सहयोगी दलों के बीच गतिरोध जारी है।

मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद, मीडिया कर्मियों से बात करते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जल्द ही पार्टी की स्थिति स्पष्ट करेंगे। राउत ने कहा, ''अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि उनके नेतृत्व में फिर से भाजपा की सरकार बन सकती है तो, मेरी उन्हें शुभकामनाएं। लोकतंत्र में जिनके पास बहुमत होता है वे सरकार बनाते हैं और मुख्यमंत्री का पद पाते हैं।"

शिवसेना नेता ने पत्रकारों से कहा, ''मैं अपनी पार्टी की ओर से यह भी कहता हूं कि अगर हम चाहें तो सरकार बना सकते हैं और मुख्यमंत्री भी शिवसेना का हो सकता है।" उन्होंने फड़णवीस के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि शिवसेना नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अनुचित आलोचना की है। राउत ने कहा, ''शिवसेना ने मोदी या शाह के बारे में कोई भी निजी टिप्पणी नहीं की। यह गलत बयान है। हमने हमेशा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का सम्मान किया है। आप हमारे बयान देख सकते हैं।"

उन्होंने फड़णवीस के इस आरोप का भी खंडन किया कि शिवसेना ने राकांपा और कांग्रेस के साथ सरकार गठन के लिये बातचीत की थी। शिवसेना नेता ने कहा कि कई राज्यों में भाजपा ने उन दलों के साथ गठबंधन किया जो वैचारिक रूप से भाजपा से भिन्न हैं। राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए थे और एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन पर दोनों पार्टियों के बीच सहमति बनती नहीं दिख रही है।

फायर फाइटर सिलेंडर बंधे युवक की तालाब में मिली लाश

फायर फाइटर सिलेंडर बंधे युवक की तालाब में मिली लाश

कोरबा।  बांगो थाना मुख्यालय से चार किमी दूर एक तालाब में आज सुबह फायर फाइटर सिलेंडर बंधे 25 से 30 वर्ष के मध्य आयु के युवक की लाश मिलने के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती हेतु आसपास के गांवों में मुनादी कराने के साथ ही जिले के पुलिस कंट्रोल रूम को भी उसकी शिनाख्त हेतु सूचना वायरलेस के माध्यम से प्रेषित कर दी। मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह बांगो थाना प्रभारी एस एस पटेल को सूचना मिली कि बांगो थाना से चार किमी दूर स्थित तालाब में एक युवक की फायर फाइटर सिलेंडर बंधी हुई लाश तैर रही है। सूचना मिलने पर टीआई पटेल अपने हमराह स्टाफ  के साथ घटना स्थल पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों को तालाब में भेजकर उन्होंने लाश को तालाब से बाहर सतह पर निकलवाया। जिसके बाद प्रथम दृष्टया पुलिस द्वारा विवेचना कार्रवाई शुरू की गई। मृतक के बाएं हाथ में नरेश-प्रभा गोदना से लिखा हुआ है। जिसके आधार पर पुलिस द्वारा उसकी शिनाख्त की प्रयास की जा रही है।


इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए टीआई पटेल ने बताया कि मृतक नरेश कौन है और उसके हाथ में किस प्रभा नाम की महिला या युवती का नाम गोदना के माध्यम से उल्लेखित है। इसकी तहकीकात की जा रही है। इसलिए पूरे हुलिया के साथ आसपास के इलाकों में मुनादी भी कराई गई है। मृतक सिलेंडर बंधे हालत में कैसे तालाब में पहुंचा। अगर उसका उद्देश्य स्नान करना होता तो अपने शरीर में फायर फाइटर  सिलेंडर बांधकर पेंट-शर्ट के साथ तालाब में नहीं जाता। इसलिए मामला पूरी तरह से संदिग्ध नजर आ रहा है। फि लहाल शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद उसे पीएम के लिए पोड़ी उपरोड़ा पीएचसी के चीरघर भिजवा दिया गया है। विस्तृत पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद एवं मृतक की शिनाख्त होने के बाद ही इस पूरे मामले रहस्योद्घाटन होता है उसके बाद ही इस पूरे मामले में तस्वीर स्पष्ट पुलिस के द्वारा की जाएगी।
 
घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे अपनाएं, फेफड़ों को पलूशन से बचाएं

घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे अपनाएं, फेफड़ों को पलूशन से बचाएं

दिल्ली-एनसीआर में हुई हल्की बारिश भी प्रदूषण को पूरी तरह से साफ नहीं कर पायी। दिल्ली और आसपास के शहरों का अब भी 300 के आसपास बना हुआ है। चारों तरफ धुंध और स्मॉग की परत छायी हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को आंखों में जलन, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। यह जहरीली हवा हमारे फेफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कैसे छोटे-छोटे कदम उठाकर आप अपने फेफड़ों को साफ रख सकते हैं... हालांकि लंग्स यानी फेफड़े सेल्फ-क्लेन्सिंग होते हैं यानी कि वे अपनी सफाई खुद कर सकते हैं। लेकिन अगर हर दिन हमारे लंग्स लगातार प्रदूषण वाली जहरीली हवा के संपर्क में आएं तो लंग्स में कंजेशन और जलन की समस्या हो सकती है जिस वजह से आपको हेवीनेस महसूस होता है। प्रदूषित हवा में मौजूद धूल के कण, केमिकल्स, जहरीली हवा, स्मोक आदि ऐसी चीजें हैं जो कई लंग्स में जाकर जमा हो जाती हैं। लिहाजा नैचरल तरीके से लंग्स को डिटॉक्स करना भी बेहद जरूरी है। अपने लंग्स यानी फेफड़ों की सफाई के लिए स्टीम थेरपी सबसे बेस्ट है। स्टीम को सांस के माध्यम से अंदर लेने पर एयर पैसेज यानी सांस की नली खुल जाती है और फेफड़ों में जमा म्यूकस भी बाहर आता है। सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और पलूशन और स्मॉग की दिक्कत इस वक्त ज्यादा रहती है लिहाजा हर दिन स्टीम थेरपी का इस्तेमाल करें ताकि आपके फेफड़े, कंजेशन से मुक्त रहें। इसमें कोई शक नहीं ग्रीन टी हमारी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। वेट लॉस, बेहतर पाचन के साथ-साथ लंग्स को क्लीन करने में भी मदद कर सकती है ग्रीन टी। ऐंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर ग्रीन टी फेफड़ों में होने वाले जलन और खुजली की समस्या को दूर कर लंग्स के नाजुक टिशूज को बचाने का भी काम करती है। साउथ कोरिया के 1 हजार वयस्कों पर हुई एक स्टडी के मुताबिक जिन लोगों ने हर दिन 2 कप ग्रीन टी पी उनका लंग फंक्शन ग्रीन टी न पीने वालों की तुलना नें ज्यादा बेहतर था। खाने-पीने की भी ऐसी कई चीजें हैं जो हमारे एयर पैसेज को क्लीन कर सांस लेने में होने वाली दिक्कत को दूर कर सकती हैं। जैसे- हल्दी, चेरीज, ऑलिव, अखरोट, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां- ये कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें खाने से हमारे फेफड़े नैचरल तरीके से क्लीन रहेंगे। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं। ऐंटीऑक्सिडेंट और ऐंटी-इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टी से भरपूर शहद भी लंग कंजेशन को दूर करने में मददगार है। अस्थमा, टीबी, गले में इंफेक्शन समेत सांस से जुड़ी कई बीमारियों को ठीक करने और फेफड़ों को राहत पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है शहद। हर दिन 1 चम्मच कच्चे शहद का सेवन, फेफड़ों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। घर के बाहर के पलूशन को आप कंट्रोल नहीं कर सकते लेकिन घर के अंदर की हवा को साफ रखना आपके हाथों में है। लिहाजा इन बातों का ध्यान रखें...- एक अच्छा एयर प्योरिफायर खरीदें जो घर के अंदर की हवा को साफ रखेगा।- घर को साफ रखें। कार्पेट, शेल्फ, किताबें आदि चीजों पर धूल को जमा न होने दें।- आप चाहें तो प्योरिफायर की जगह हवा शुद्ध करने वाले इंडोर प्लांट्स जैसे- ऐलोवेरा, बांस का पौधा, पीस लीली, स्पाइडर प्लांट आदि भी लगा सकते हैं।
राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का कांग्रेस की प्रतिक्रिया, जाने पूरी खबर

राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का कांग्रेस की प्रतिक्रिया, जाने पूरी खबर

रायपुर | अयोध्या में राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का जो फैसला आया है, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम आदर करते, सम्मान करते है, सभी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को मानते है। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण की कांग्रेस पार्टी पक्षधर है। इस फैसले से भाजपा और भाजपा के सहयोगियों द्वारा सत्ता के भोग के लिये देश की आस्था और विश्वास के साथ राजनीति करने के द्वारा भी सत्ता के लिये बंद हो गये। भगवान राम सत्ता के भोग के नहीं वचन की मर्यादा के लिये त्याग का प्रतीक है।  

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी सभी से आपसी सदभाव भाईचारा, बनाये रखने की अपील करती है। हम सबसे निवेदन करते है कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली शांति और परस्पर सदभाव की परंपरा को सब बनाये रखे। कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रदेश में ऐतियातन हर संभव कदम राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा उठाया जा रहा है।
प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ने तैयार किया अयोध्या राम मंदिर का नक्शा, जानिए कैसा बनेगा राम मंदिर

प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ने तैयार किया अयोध्या राम मंदिर का नक्शा, जानिए कैसा बनेगा राम मंदिर

हमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या में राममंदिर बनाने का एतिहासिक फैसला दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले का स्वागत किया है। विहिप ने इस मंदिर को शिल्प शास्त्र के हिसाब से बनाने का निर्णय किया है। विहिप जो मंदिर बनाने वाली है उसका नक्शा देश के प्रमुख मंदिर निर्माण करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने बनाया है। जिन चंद्रकांत का हम जिक्र कर रहे हैं उन्होंने लंदन में में स्थित अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर का नक्शा भी बनाया था। इस मंदिर को गिनिज आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

चंद्रकांत सोमपुरा का पूरा परिवार ही मंदिरो के निर्माण से जुड़ा रहा है। उनका परिवार गांधीनगर , सिंगापुर, पिट्सबर्ग और अमेरिका में अक्षरधाम मंदिरों के निर्माण में शामिल रहा है।

चंद्रकांत सोमपुरा गुजरात के पालिताणा शहर के रहने वाले है। चंद्रकांत के दादा प्रभाशंकर गुजरात के मशहूर सोमनाथ मंदिर के वास्तुकार थे। उनके पिता उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर के मरम्मत का कार्य किया था। चंद्रकांत सोमपुरा भी 17 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ मंदिर मरम्मत के काम में जुड़ गए थे। हालांकि, उनके पिता की अलकनंदा में डूबने मौत हो गई थी। जिसके बाद चंद्रकांत ने अपने दादा प्रभाशंकर सोमपुरा वास्तुकला सीखी। चंद्रकांत सोमपुरा को 1997 में सर्वश्रेष्ठ आर्किटेक्ट घोषित किया गया था।

चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया ऐसा नक्शा

चंद्रकांत सोमपुरा के नक्शे मुताबिक राममंदिर दो मंजिला होगा, मंदिर की लंबाई 270 मीटर, चोड़ाई 140 मीटर और ऊंचाई 125 मीटर होगी मंदिर के भीतर जाने के लिए पांच दरवाजे होंगे, सिंह द्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कोली, गंर्भगगृह और परिक्रमा, मंदिरा का आकार 2.75 लाख घन मीटर होगा, इसे बनाने में स्टील का इस्तमाल नहीं किया जायेगा।

भगवान राम की प्रतिमा नीचे वाले तल पर रहेगी, ऊपर वाली मंजिल पर राम दरबार बनेगा, दोनों ही गर्भ गृह होगा, मंदिर बनाने के लिए पत्थर राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से आएंगे, फर्श बनाने के लिए संगमरमर का उपयोग किया जायेगा, मंदिर में 221 पिलर होंगे और इसमें 330 बीम, 106 और 106 नीचे मंजिल पर होंगे। मंदिर में दो घूमत होंगे और एक घूमत ढकी होगी, मंदिर में कुल 24 दरवाजे होंगे।

 

अयोध्या फैसले के बाद मध्यप्रदेश में एकता एवं भाईचारे की मिशाल है ये तस्वीर

अयोध्या फैसले के बाद मध्यप्रदेश में एकता एवं भाईचारे की मिशाल है ये तस्वीर

योध्या मामले को लेकर जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जा रहा था तब तक मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सहित सभी शहरों में सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। फैसला आने के बाद वहीं तस्वीर सामने आई जो हमेशा से मध्यप्रदेश की रही है। हिंदू हो या मुस्लिम सभी पक्षों ने इसका सम्मान किया। कुछ ही समय में प्रदेश के विभिन्न इलाकों से हिंदू और मुस्लिम भाइयों द्वारा एक दूसरे के गले मिलने और मिठाई खिलाने की तस्वीर समाने आई। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं और एहतियातन कई जगह दुकानें बंद कर दी गईं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि जो भी फैसला आया है सभी मिल-जुलकर उसका सम्मान करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गंगा-जमुनी की संस्कृति के अनुरूप हम सभी को अपना भाईचारा कायम रखते हुए आपसी सौहार्द व सद्भाव कायम रखना है। हर हाल में अमन-चैन व शांति कायम रखना है। मध्यप्रदेश के जिलों में धारा 144 लागू है और सुरक्षा के लिए एक लाख से ज्यादा पुलिसकर्मी पूरे प्रदेश में तैनात हैं।

सिख समाज ने निरस्त किया नगर कीर्तन : इंदौर में 10 नवंबर को निकलने वाला सिख समाज का नगर कीर्तन स्थतिग कर दिया गया है। इसके पहले सीए कमलनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन उनका कार्यक्रम भी स्थगित हो गया। उधर भोपाल में आज ही शहजानाबाद से दोपहर 1:30 बजे आरंभ होने वाला था, जिसे कैंसल कर दिया गया है। वहीं सागर में निकलने वाले नगर कीर्तन को भी सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन के आग्रह पर सिख समाज ने स्थगित कर दिया है।

भिंड में कानून व्यवस्था की ड्यूटी से नदारत रहने पर निरीक्षक रेखा पाल को निलंबित कर दिया गया है। एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निरीक्षक पिछले 2 दिन से ड्यूटी से नदारत हैं। रतलाम के ग्राम बाजना में कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए तहसीलदार बीएस ठाकुर, थाना प्रभारी एस मंडलोई द्वारा दल-बल के साथ मार्च पास्ट कर अमन व शांति व्यवस्था बनाएं रखने की अपील की। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में अधिवक्ता प्रियंका मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एकरूपतापूर्वक फैसला सुनाया है, जो एतिहासिक है। धर्मनिरपेक्षता की संवैधानिक भावना का पूरा ख्याल रखा गया। सभी पक्ष इसका स्वागत करें

भिंड जिले में अलग-अलग क्षेत्र में सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले पांच लोगों पर कार्रवाई की गई है। उधर खरगोन जिले में आतिशबाजी कर रहे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

इंदौर शहर में हर थाना क्षेत्र में एक टीआई के साथ एक तहसीलदार तैनात है। एसडीएम और एडीएम भी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों खजराना, आजाद नगर, मूसाखेड़ी, बंबई बाजार, चंदन नगर जैसे इलाकों में एडीएम ने कमान संभाल रखी है। अभी सभी जगह शांति हैं। धार 144 को लेकर लगातार माइक पर अधिकारी ऐलान कर रहे हैं कि लोग भीड़ बनाकर खड़े ना हों। जबलपुर में पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि न पटाखे फूटेंगे और ना जुलूस निकलेगा। जिस क्षेत्र से पटाखों की आवाज आई थाना प्रभारी उसके जिम्मेदार होंगे। जबलपुर के बाबाटोला में ड्यूटी पर तैनात 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड हो गए। एसपी क्षेत्र में जायजा लेने निकले थे तो वे जवान मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। चारों को मौके पर ही निलंबित कर दिया गया।

भोपाल में प्रभात पेट्रोल पंप, अशोका गार्डन सहित आधा दर्जन क्षेत्र में सभी दुकानें बंद है। आधी शटर खोलकर सामान दिया जा रहा है। शहर के चौराहों पर पुलिस तैनात है। भोपाल में अवधपुरी, गांधी मार्केट, भोल क्वार्टर क्षेत्र पूरा बंद है। पुलिस यहां दुकानों को बंद करवा रही है। दूध किराना जैसे दैनिक उपयोग की चीजें आसानी से नहीं मिल रहीं हैं। हर चौराहे पर एक दर्जन से ज्यादा पुलिकर्मी तैनात हैं। लो फ्लोर बसें और मैजिक भी बंद है।

मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, खंडवा, जबलपुर, ग्वालियर में सब्जी मंडी और दुकानों में सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

- भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि शहर में हमने सभी चीजों की व्यवस्था की है। पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।

- आज किसी भी टीवी डिबेट में मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता हिस्सा नहीं लेंगे। उधर सीएम कमलनाथ का आज मंडला-जबलपुर का दौरा निरस्त कर दिया गया है। अयोध्या मामले पर फैसले के चलते भोपाल में कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

भोपाल में एडीजी आदर्श कटियार ने कहा कि शहर में शनिवार सुबह से ही पुलिस जगह-जगह तैनात है। लोगों को भरोसा दिया जाता है कि पुलिस उनके साथ है। चारों तरफ पुलिस तैनात है। पुलिस ने अपनी पूरी एक्साइज कर चुकी है। किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।

- मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने दिए आदेश- 9,10 और 11 अक्टूबर को विशेष परिस्थितियों में अधिकारी अपने वाहनों पर पीली बत्ती का इस्तेमाल कर पाएंगे।

 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि अयोध्या मामले पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनज़र मैं प्रदेश की जनता से अमन-चैन, शांति व सद्भावना की अपील करता हूं। हर वर्ग से अपील करता हूं कि जो भी फैसला आए, सभी मिलजुलकर उसका सम्मान व आदर करें। प्रदेश की गंगा-जमुनी की संस्कृति के अनुरूप हम सभी को अपना भाईचारा कायम रखते हुए हमारा आपसी सोहाद्र व सद्भाव कायम रखना है। किसी भी प्रकार की अफवाहों से सावधान व सजग रहें। कानून व्यवस्था के पालन में सभी सहयोग करें।

- मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम सभी प्रदेशवासियों से अपील करते हैं कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के बारे में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने वाला है, फैसला जो भी आये। समाज का हर वर्ग उसे स्वीकार करे। उस फैसले का सम्मान करें। हम सब मिलकर प्रदेश में शांति, सद्भाव, स्नेह, आत्मीयता बनी रहे, इसका प्रयास करें। मेरी भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, सामाजिक व धार्मिक संगठनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों से अपील है कि देश में सामाजिक सौहार्द्र कायम रखने में अपना योगदान दें।

जमीयत-ए-उलेमा के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारुन ने कहा कि अयोध्या मामले में आज सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला आएगा हम सभी उसे स्वीकार करेंगे। भारत में हिंदू- मुस्लिम एकता कूट-कूटकर भरी हुई है। हमारे देश में मिली जुली तहजीब है। यहां सारे मजहब के लोग और सभी परंपराएं है और यह हमेशा रहेंगी।

डीजीपी बोले- फैसले को लेकर हमारी पूरी तैयारी : पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या फैसले पर हमारी पूरी नजर है। पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। सभी बदमाशों की सूचियां तैयार है। एहतियातन कार्रवाई की गई है। संवेदनशील स्थानों की सूची बना ली गई है। सभी जिलों को आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है। सोशल मीडिया पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। वाट्सएप ग्रुप पर भी लगातार नजरें हैं।

इंदौर में अलर्ट : धारा 144 सख्ती से लागू, राजबाड़ा नो व्हीकल जोन

शांति बनाने रखने के लिए पुलिस ने देर रात बैठक लेकर खास इंतजाम किए। जनता को व्यवस्था में सहयोग देने के उद्देश्य के भी निर्देश जारी किए हैं।

- सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश व झूठी अफवाह ना फैलाएं। ऐसे वीडियो-फोटो शेयर ना करें। - इंदौर के राजवाड़ा में नो व्हीकल जोन लागू।

- जिला प्रशासन ने शहरभर में धारा 144 लागू की है। इसके चलते जुलूस, रैली और प्रदर्शन करने की मनाही है।

- वाट्सएप ग्रुपों सहित सोशल मीडिया पर पुलिस निगरानी कर रही है। इंटरनेट यूजर्स भ्रामक संदेश वायरल ना करें।

- अयोध्या फैसले से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना देने के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर - 7049124445 और 7049124444 हैं।

जबलपुर में भी अलर्ट पर प्रशासन और पुलिस : पुलिस प्रशासन के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस ने सुबह से शहरभर में गश्त कर रही है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में शांति-व्यवस्था कायम रखने विशेष एहतिायत बरते जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी धर्मों के धर्माचार्यों ने अपने-अपने धर्मावलंबियों से संयम बरतने की अपील की है। सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करने पर बल दिया गया है। अफवाहों से सावधान रहने की हिदायत दी गई है। हाईकोर्ट व जिला अदालत सहित सभी महत्वपूर्ण शासकीय इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक आवाजाही वाली जगहों पर पुलिस की पैनी नजर है।

 दो बच्चों के पिता ने की हैवानित, किराएदार की बेटी का बनाया अश्लील वीडियो और देने लगा धमकी

दो बच्चों के पिता ने की हैवानित, किराएदार की बेटी का बनाया अश्लील वीडियो और देने लगा धमकी

जबलपुर| दो बच्चों के पिता द्वारा किराएदार की बेटी के साथ पिछले 6-7 वर्ष से की जा रही शर्मनाक हरकत को सुनकर कलेजा कांप उठता है। बाथरूम में स्नान करते समय उसने युवती का अश्लील वीडियो बना लिया था। जिसे दिखाने के बाद वायरल करने की धमकी देते हुए वह शारीरिक व मानसिक शोषण करता रहा। पहले तो स्वयं को अविववाहित बताकर युवती के साथ विवाह कर लेने का दबाव बनाया। शादीशुदा होने की पोल खुलने के बाद वह युवती की कहीं और शादी नहीं होने दे रहा। उसकी हरकतों के कारण युवती की शादी के लिए आए तीन रिश्ते टूट चुके हैं और चौथे रिश्ते को भी वह तोड़ने की धमकी दे रहा है। शुक्रवार को युवती अपनी मां के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। गढ़ा क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि उसके पिता राजमिस्त्री हैं और मां घरों में काम करने जाती है। पूर्व में माता-पिता जिस किराए के मकान में रहते थे उसके मालिक ने स्नान के दौरान चोरी छिपे उसकी अश्लील फोटो व वीडियो बना ली थी। माता-पिता जब भी घर पर नहीं रहते वह अश्लील फोटो दिखाकर शोषण करता। कुछ दिन बाद उसे स्वयं के मैरिज ब्यूरो सेंटर में नौकरी दिलवा दी। उसके बाद अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आए दिन शोषण करने लगा।

शराबी पिता, बुआ व फुफेरा भाई दे रहे संरक्षण
युवती ने बताया कि उसके पिता शराब के आदी हैं। उसका शोषण करने वाला दरिंदे पिता को शराब के लिए खर्चा देता है। उसकी बुआ व फुफेरा भाई भी दरिंदे के कर्ज तले दबे हैं जिससे वे उसके गुनाह पर पर्दा डालने की कोशिश करते हैं। वे दरिंदे का इस कदर साथ दे रहे हैं कि जब-जब किराए का मकान बदलकर उससे छुटकारा पाने वह दूर होना चाहती है यही लोग उसे नए घर का पता दे देते हैं। अश्लील वीडियो की दम पर वह घर में घुसकर मारपीट करने लगा है लेकिन कोई कुछ नहीं कर पा रहा।

फुफेरा भाई देता है रिश्ते की जानकारी
युवती ने बताया कि कर्ज देकर दरिंदे ने उसके फुफेरे भाई को खरीद लिया है। मां जब भी कहीं उसके विवाह के लिए रिश्ता तय करती है, फुफेरा भाई दरिंदे को जानकारी दे देता है। जहां भी शादी तय हुई दरिंदे ने परिवार वालों को अश्लील वीडियो भेजकर रिश्ता तुड़वा दिया। चौथी बार फिर रिश्ता तय हुआ है और दरिंदा उसे भी तोड़ने की धमकी दे रहा।
 
देश के सबसे चर्चित अयोध्या मामले की पूरी कहानी एक नजर में आइये देखे कब कब क्या हुआ ...

देश के सबसे चर्चित अयोध्या मामले की पूरी कहानी एक नजर में आइये देखे कब कब क्या हुआ ...

जानिए अयोध्या से जुड़े इस विवाद को तारीखों के आईने में....

528 : अयोध्या में एक ऐसे स्थल पर मस्जिद का निर्माण किया गया जिसे हिदू भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं। समझा जाता है कि मुगल सम्राट बाबर ने ये मस्जिद बनवाई थी जिस कारण इसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था।

1853 : हिदुओं का आरोप है कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। इस मुद्दे पर हिदू और मुसलमानों के बीच पहली हिसा हुई।

1859 : ब्रिटिश सरकार ने तारों की एक बाड़ खड़ी कर विवादित भूमि के आंतरिक और बाहरी परिसर में मुस्लिमों और हिदुओं को अलग- अलग प्रार्थना की इजाजत दे दी।

1885: मामला पहली बार अदालत में पहुंचा। महंत रघुवरदास ने फैजाबाद अदालत में बाबरी मस्जिद से लगे रामचबूतरा पर राम मंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील दायर की।

23 दिसंबर, 1949 : करीब 50 हिदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल पर कथित तौर पर भगवान राम की मूर्ति रख दी। इसके बाद उस स्थान पर हिदू नियमित रूप से पूजा करने लगे। मुसलमानों ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया।

16 जनवरी, 1950 : गोपाल सिह विशारद ने फैजाबाद अदालत में एक अपील दायर कर रामलला की पूजा-अर्चना की विशेष इजाजत मांगी। उन्होंने वहां से मूर्ति हटाने पर न्यायिक रोक की भी मांग की।

05 दिसंबर, 1950 : महंत परमहंस रामचंद्र दास ने हिदू प्रार्थनाएं जारी रखने और बाबरी मस्जिद में राम मूर्ति को रखने के लिए मुकदमा दायर किया।

17 दिसंबर, 1959: निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए मुकदमा दायर किया।

18 दिसंबर, 1961: उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित स्थल के मालिकाना हक के लिए मुकदमा दायर किया।

1984: विश्व हिदू परिषद (वीएचपी) ने विवादित स्थल के ताले खोलने और एक विशाल मंदिर के निर्माण के लिए अभियान शुरू किया। एक समिति का गठन किया गया।

1 फरवरी, 1986 : फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताले दोबारा खोले गए। नाराज मुस्लिमों ने विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।

जून 1989 : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने वीएचपी को औपचारिक समर्थन देना शुरू कर मंदिर आंदोलन को नया जीवन दिया।

1 जुलाई, 1989 : भगवान रामलला विराजमान नाम से पांचवां मुकदमा दाखिल किया गया।

9 नवंबर, 1989 : तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने विवादित स्थल के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।

25 सितंबर, 1990 : बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली।

6 दिसंबर, 1992: हजारों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर विवादित ढांचा ढहा दिया, जिसके बाद सांप्रदायिक दंगे हुए। जल्दबाजी में एक अस्थाई राम मंदिर बनाया गया। प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा किया।

जनवरी 2002 : प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में एक अयोध्या विभाग शुरू किया, जिसका काम विवाद को सुलझाने के लिए हिदुओं और मुसलमानों से बातचीत करना था।

अप्रैल 2002 : अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर उच्च न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।

मार्च-अगस्त 2003 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अयोध्या में खोदाई की।

जुलाई 2009 : लिब्रहान आयोग ने गठन के 17 साल बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिह को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

30 सितंबर 2010 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

21 मार्च 2017 : राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश की है। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा है कि अगर दोनों पक्ष राजी हो तो वो कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार हैं।

11 अगस्त 2017: सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू।

8 फरवरी 2018 : मुख्य पक्षकारों को पहले सुने जाने का फैसला।

27 सितंबर 2018 : नमाज के लिए मस्जिद अनिवार्य नहीं का फैसला।

26 फरवरी 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने मामले में मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की सलाह दी और कहा कि अगर आपसी सुलग की 1 फीसदी भी संभावना है तो मध्यस्थता होनी चाहिए।

06 मार्च 2019: मुस्लिम पक्ष मध्यस्थता के लिए तैयार हुआ। हिंदू महासभा और रामलला पक्ष ने आपत्ति दर्ज करवाई।

08 मार्च 2019: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल गठित किया, जिसमें श्री श्री रविशंकर, श्रीराम पंचू और जस्टिस एफएम खलीफुल्ला शामिल।

02 अगस्त 2019: मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह अयोध्या केस नहीं सुलझाया जा सकता। 5 अगस्त से केस में प्रतिदिन सुनवाई होगी।

06 अगस्त 2019: अयोध्या केस की सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई शुरू।

16 अक्टूबर 2019: सुप्रीम कोर्ट ने केस सुनवाई पूरी की। अब सीजेआई रंजन गोगोई की रिटायमेंट तारीख यानी 17 नवंबर तक फैसला सुना दिया जाएगा।

 9 नवम्बर 2019: सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना एतिहासिक फैसला सुना दिया जिसमे विवादित भूमि को रामलला का होना बताया साथ ही केंद्र सरकार को एक ट्रस्ट बनाकर मंदिर निर्माण करने की बात कही साथ ही साथ दुसरे पक्ष को नमाज हेतु पांच एकड़ जमीन अयोध्या में ही कही अन्य जगह देने को कहा गया .  

just36news परिवार आप सभी से निवेदन करता है इस मामले में आपसी भाई चारा एवं सोहाद्र बनाये रखे देश की एकता और अखंडता हम सब के आपसी प्रेम से ही बन सकती है 

 

जहां गोली-बारूद की गूंज दिल दहलाती है, वहां के बच्चे 14 साल बाद जाने लगे स्कूल

जहां गोली-बारूद की गूंज दिल दहलाती है, वहां के बच्चे 14 साल बाद जाने लगे स्कूल

नक्सलगढ़ की देवगुड़ी को ग्रामीणों ने तब्दील कर दिया ज्ञानगुड़ी केन्द्र में

 
जगदलपुर। बीजापुर जिले के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान बाघ परियोजना इलाके में स्थित एक गांव है जहां, देवगुड़ी और ज्ञान गुड़ी संचालित है। एक तरफ आदिवासी अपने देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, दूसरी तरफ शिक्षित करने के लिए देवगुड़ी को ज्ञानगुड़ी में तब्दील भी कर दिये हैं। इस इलाके में लगातार कई वर्षो से गोला बारूद की आवाज गंूजती रहती है। दहशत के साये में आदिवासी अपने बच्चों को शिक्षित कर रहें हैं। इस इलाके में अनपढ़ आदिवासी  अपने बच्चों को पढ़ाने के करने लिए  हर संभव मदद कर कहीं निजी मकानों में तो कहीं पेड़ों के नीचे अपनी निगरानी में स्कूल खुलवा रहे हैं।  ब्लाक भैरमगढ़ के वनग्राम सेंड्रा में महज 5 या 7 बच्चों से शुरू हुई ज्ञानगुड़ी घासफूस की छत और कच्ची मिटटी से घिरी दीवार वाली है। सामने खुले दालान में बैठे बच्चे अपने ज्ञानगुरू की सारी सीख बड़े ध्यान से सुनते हैं।  एक बच्चे ने बताया उनके ज्ञानगुरू  का कहना है कि हमारे चरण भले मत छूना पर आचरण जरूर अपनाना।

इंद्रावती टाईगर रिजर्व घोषित 2798.08 वर्ग किलो मीटर में फैले पिल्लूर, सागमेटा में से एक है, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के तहत कुटरू वन भैंसा अभ्यारण। पामैड़  बाघ परियोजना  इंद्रावती  सहित सहायक नदियों  का अथाह जल और सघन वन इलाके की पहचान कभी वन जीव प्रेमियों को रास आती थी। जिले के धुर माओवाद प्रभावित सेंडरा इलाके के करकावाड़ा और गोंडनुगुर गांव के बाशिंदों ने शिक्षा की ज्योत जलाने गजब की पहल की है। यहां चौदह साल बाद स्कूल की घंटी बजी है, वह भी देवगुडिय़ों में। भोपालपट्नम ब्लाक मुख्यालय से तकरीबन 100 किमी दूर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बसे सेण्डरा इलाके के ग्रामीणों ने बच्चों के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करने न सिर्फ  स्कूल फिर से खुलवाने में शिक्षा विभाग की मदद की है, बल्कि स्कूल लगाने के लिए छत नसीब न होने की स्थिति में गांव की देवगुडिय़ों में ही शिक्षा का मंदिर स्थापित कर दिया है।

ग्रामीणों के इस पहल की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। दरअसल माओवादी उत्पात के चलते केरपे संकुल के पांच गांवों में पिछले 14 वर्षों से स्कूल बंद पड़े थे। लम्बे इंतजार के बाद सेण्डरा इलाके के फरसनार, करकावाड़ा, गोंडनुगुर, दुधेपल्ली, केरपे में स्कूल की घण्टी फिर से बजने लगी है। करकावाड़ा और गोंडनुगुर गांव में स्कूल देवगुड़ी में खोले गए हैं।

बस्तर संभाग में शायद यह पहला मामला है, जब स्कूल के लिए भवन नहीं मिलने पर गांव की देवगुडिय़ों में बच्चों के लिए पढऩे-लिखने की व्यवस्था की गई है। सेण्डरा जैसे दुर्गम इलाके में जहां नक्सलियों की तूती बोलती है, वहां के पांच गांवों में 14 साल बाद दोबारा स्कूल शुरू करवाना, किसी चुनौती से कम नहीं था। बावजूद खण्ड शिक्षा अधिकारी सुखराम चिंतूर के प्रयास से स्कूल की घण्टी फिर से बज रही है।
करकावाड़ा और गोंडनुगुर में स्कूल के लिए भवन उपलब्ध नहीं थे। इसके मद्देनजर ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए गांव की देवगुडिय़ों में स्कूल खोलने की अनुमति दी। खण्ड शिक्षा अधिकारी के मुताबिक देवगुड़ी में स्कूल खोलने का यह पहला मामला है और इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण शिक्षा को लेकर बेहद जागरूक हैं। करकावाड़ा और गोंडनुगुर के अलावा केरपे में पुराने पटवारी आवास में स्कूल खोला गया है, जबकि दुधेपल्ली और फरसानार में ग्रामीणों के सहयोग से निजी मकानों में पाठशाला लग रही है। ्र
दरअसल 2005 में सलवा जुडूम की शुरूआत के बाद इलाके में स्कूल बंद हो गए थे।

 बीजापुर जिला शिक्षा अधिकारी केके उदेश ने बताया कि 2005 में नक्सल विरोधी अभियान सलवा जुडूम की शुरूवात हुई थी। नक्सली हिंसा के तहत 270 स्कूलों को बंद किया गया था, जिसमें 233 प्राथमिक शाला तथा 37 पूर्व माध्यमिक शाला बंद पड़े हैं । इनमें से अब तक 12 स्कूलों को अलग- अलग गांव में प्रारंभ किया गया है। शेष स्कूलों को खोलने के लिए गांव वालों के साथ एक अभियान चलाया जा रहा है।
गांव के प्रमुख हिड़मा जोगा ने बताया कि राष्ट्रीय उद्यान में बसे 56 गंाव जिसकी आबादी 13 हजार से अधिक है, जिसमें लगभग ढाई हजार बच्चे अनपढ़ हैं। हमारे पूर्वज भी और हम भी अनपढ़ हैं।  हम अपने बच्चों को  हर हाल में पढ़ाना चाहते हैं।  अब तक हमने इलाके में गोली, बारूद की आवाज  सुनी है, दहशत से जीते आ रहे हैं, किंतु अब पहली सुबह स्कूल की घंटी की आवाज आती है, जिसे हम अब लगातार बनाये रखेगें।