सर्दियों का मौसम सेहत के लिहाज से बेहद मुश्किल होता है। मौसम बदलते ही बीमारियों का सिलसिला शुरू हो जाता है। खासकर, बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं। सर्दी-जुकाम के साथ की गले में खराश होना भी इस सीजन की आम समस्या है। आइए, आपको कुछ घरेलू उपाय बताते हैं जिनसे आप गला खराब होने पर राहत पा सकते हैं। अकसर हल्दी के दूध को आप दादी नानी का नुस्खा कहकर नजरअंदाज कर देते हैं। पर इस नुस्खे में बड़े-बड़े गुण हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार और गले की खराश में हल्दी का दूध काफी फायदेमंद है। इसकी ऐंटी-इनफ्लेमेटरी गुण गले में दर्द से राहत देते हैं। गले की खराश में यह सबसे आम उपाय है। नमक के पानी से गरारा करने पर गले के दर्द और खराश में आराम मिलता है। नमक के पानी से गरारा करने पर नमक गले में मौजूद फ्लूइड्स को अब्सॉर्ब करके निकाल देता है और गले को राहत देता है। नमक की जगह आप पानी में हल्का सा बेकिंग सोडा मिलाकर भी गरारा कर सकते हैं। बेकिंग सोडा इनफेक्शन खत्म करने में भी मदद करता है। शहद में अच्छी सेहत के कई गुण छिपे हैं। इसके ऐंटी-ऑक्सिडेंट और ऐंटी-इनफ्लेमेटरी प्रॉपर्टी गले की खराश से आराम दिलाते हैं। आप शहद को गर्म दूध या गर्म नींबू पानी के साथ ले सकते हैं। हरी सब्जियां अपने गुणों के लिए जानी जाती हैं। मेथी में ऐंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टी होते हैं जिससे यह गले को आराम देता है। यह गले के दर्द, सूजन और इरिटेशन से भी राहत देता है। अगर हम आपको लहसुन की कलियां चबाने के लिए कहें तो आपको यह अजीब लग सकता है लेकिन लगे की खराश और अन्य तरह के इनफेक्शन से लडऩे में यह काफी मददगार है। आपको बता दें यह पलूशन से लडऩे में भी मदद करता है।
धमतरी. एक आदिवासी शिक्षिका का अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में आरोपी शिक्षक की पुलिस को तलाश है।
रायपुर, सहेली के साथ स्कूटी से जा रही महिला का रास्ता रोककर पार्षद चुनाव न लडऩे की बात कहकर गाली गलौज कर मारपीट किए जाने की रिपोर्ट गुढिय़ारी थाने में दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार कूंदरापारा शुक्रवारी बाजार गुढिय़ारी निवासी मनीषा शर्मा 35 वर्ष पिता स्व. राजेश यादव ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि 9 नवंबर को पहाड़ी चौक गुढिय़ारी में प्रार्थियां अपनी सहेली के साथ स्कूटी से जा रही थी, इसी दौरान रास्ता रोककर रूस्तम कुर्रे 40 वर्ष पिता चिंता कुर्रे ने पार्षद चुनाव नहीं लड़ोगी कहकर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर मारपीट कर चोट पहुंचाया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
रायपुर,बाडी बिल्डर का चैम्पियन बनने जहरीली दवा एवं नशे के इंजेक्शन देने के चलते युवक की तबीयत बिगड़ी इलाज के लिए गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया। मिली जानकारी के अनुसार मकान नंबर 5 हर्षित इन्क्लेव महोबाबाजार निवासी मोहन सिंह ठाकुर 50 वर्ष पिता स्व. स्वरूप सिंह ठाकुर ने आजाद चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थी का बेटा संदीप सिंह ठाकुर 23 साल जो जीम चलाता है उसे बाडी बिल्डर चैम्पियन बनाने के लिए सुमीत राय चौधरी 33 वर्ष पिता हरधन राय चौधरी व नीलेश परमार ने नशे का इंजेक्शन व जहरीला दवा 1 अगस्त से 9 नवंबर के मध्य खिलाया जिसके चलते प्रार्थी के बेटे की तबीयत अचानक खराब हो गई गंभीर अवस्था में उसे सुयश अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308, 326, 34 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘लोकवाणी’ के चौथे प्रसारण में ’नगरीय विकास का नया दौर’ विषय पर प्रदेश की जनता के सवालों का जवाब दिया तथा नगरीय क्षेत्रों में शासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि शहरों का नियोजित विकास, उत्साह से भरपूर और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास के संबंध में लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों में वर्षा जल संचय और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने अनेक योजनाओं संचालित है। उन्होंने कहा कि पेयजल और नगर की बसाहट बुनियादी जरूरतें हैं। सच में भू-जल स्तर का गिरना चिंता का विषय है और इसका सबसे बड़ा कारण हमारे शहरों का विकास, सीमेंट कांक्रीट के जंगल की तरह किया जाना है। शहरों के बहुत से हिस्से, घरों, व्यवसायिक भवनों, सड़कों आदि के कारण इतने ठोस हो गए हैं कि बरसात का पानी भी जमीन के भीतर नहीं जा पाता। भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है कि सतह का पानी रिस-रिसकर जमीन के भीतर जाए। छत्तीसगढ़ को तरिया का, तालाबों का, जलाशयों का, नदियों-नालों का, जलप्रपातों का प्रदेश कहा जाता रहा है। विडम्बना है कि एक लम्बे अरसे तक सही सोच और सही योजना के बिना ही निर्माण कार्य किए जाते रहे हैं। ऐसे निर्माण कार्यों की वजह से हमारी जमीन की रिचार्जिंग क्षमता कम होती गई और भू-जल स्तर गिरते-गिरते अब खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। हमारी सरकार ने नियमों में संशोधन करके अब प्रत्येक आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। पूर्व में निर्मित भवनों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। छह प्रकार की रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट की दर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई है और सैकड़ों एजेन्सियों तथा स्व-सहायता समूहों को आगे किया गया है कि वे एक माह के भीतर सभी जगह रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करें। हम चाहते हैं नए भवनों में बिजली कनेक्शन भी तभी दिया जाए, जब रेन वाटर हार्वेस्टिंग की यूनिट वहां लगा दी जाए।
‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ योजना से शहरों को जोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। ‘वी-वायर इंजेक्शन वेल’ के माध्यम से भू-जल की रिचार्जिंग की परियोजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से, स्थानीय प्रशासन से, जिला प्रशासन से, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि पुराने कुओं की साफ-सफाई कराएं। पुराने कुओं को जाली आदि लगाकर सुरक्षित करें ताकि इससे कोई दुर्घटना न हो। उन्होंने कहा कि आजकल छोटे भू-खण्डों पर घर बनाए जाते हैं, जिसमें कुओं का निर्माण कठिन होता है, इसीलिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली अपनाई जाती है, लेकिन जहां पुराने कुएं हैं, उनका पूरा सम्मान और व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनते ही 212 करोड़ रू. लागत से रायपुर शहर वृहद पेयजल आवर्धन योजना की शुरूआत कर दी गई है। घरेलू पेयजल कनेक्शन से वंचित बीपीएल परिवारों के लिए ‘मिनीमाता अमृतधारा नल योजना’ शुरू की गई है। फिल्टर प्लांट के माध्यम से पैकेज्ड वाटर अर्थात सीलबंद पानी उपलब्ध कराने के लिए ‘राजीव गांधी सर्वजल योजना’ शुरू की गई है। आपदाग्रस्त स्थानों अर्थात जहां भू-जल प्रदूषित है, वहां सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल योजना’ शुरू कर दी गई है। चंदखुरी, जिला दुर्ग में ‘समूह पेयजल योजना’ के माध्यम से समस्या का समाधान किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में तेलनदी का जल शुद्ध करने के लिए ‘सुपेबेड़ा जल योजना’ शुरू की गई है। सरकार बनते ही रायगढ़ तथा जगदलपुर शहर सिवरेज मास्टर प्लांट को मंजूरी दी गई है, जिससे नदियों में मिल रहे नाले-नालियों के दूषित जल का शुद्धिकरण किया जा सके।
बरसों से लंबित खारून सफाई योजना को मंजूरी दी गई है। बस्तर की जीवनदायनी इंद्रावती नदी के संरक्षण के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। बिलासपुर में अरपा नदी की सफाई का बड़ा अभियान जनभागीदारी के साथ चलाया गया है। मैं चाहता हूं कि प्रदेश की जनता अपने आस-पड़ोस की नदियों को साफ रखने में मदद करें। इससे हमारी सरकार का उत्साह बढ़ेगा और हम सब मिलकर अपने शहरों को, शुद्ध पानी भी दे सकेंगे और स्वच्छ परिवेश भी।
नालियों में कचरा नहीं डालने लोगों से अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह हमारे शरीर में रक्त वाहिकाएं होती हैं उसी तरह शहर की सफाई व्यवस्था नालियों पर निर्भर करती है। जब हम नाली में कचरा डालते हैं तो वहां से पानी बहना बंद हो जाता है। जब पानी नहीं बहता तो गंदे पानी से बदबू, मच्छर, कीड़े-मकोड़े और तरह-तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। उन्होंने घर या दुकान का कचरा नालियों में नहीं डालने की अपील की है।
युवाओं का सम्मान करने, उन्हें जिम्मेदारी देने तथा उन पर भरोसा करने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने इस बार नगरीय निकायों के चुनावों की प्रक्रिया में किए गए संशोधन के संबंध में बताया कि महापौर या अध्यक्ष के दोनों पद प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की तरह एक्जीक्यूटिव पद हैं। यदि पार्षदों का समर्थन नहीं मिलता तो नगर का विकास ठप्प पड़ जाता है। पार्षद जब अपना मुखिया चुनेंगे तो नगरीय विकास का काम निर्बाध रुप से पूरा होगा। जब 21 साल में कोई पार्षद बन सकता है तो मेयर क्यों नहीं बन सकता। हमें युवाओं को सम्मान देना, युवाओं को जिम्मेदारी देना, युवाओं पर भरोसा करना सीखना होगा। हमने प्रदेश को कुचक्रों से बाहर निकालने में सफलता पाई है और अब युवा जोश और ऊर्जा से राजनीति को स्वस्थ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। शहरों का नियोजित विकास, उत्साह से भरपूर और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता है।
मछुआ सहकारी समितियों की बढ़ेगी आय
और नगरीय निकायों को मिलेगा राजस्व
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के माध्यम से बताया कि नगरीय निकायांे के तालाबों से मछुवारों को दूर किया गया था। हम चाहते हैं कि मछुवा सहकारी समितियों को ये तालाब दिये जाएं, जिससे तालाबों की देखरेख भी होगी। नियमित सफाई होगी। मछलियां पाली जायेंगी। मछुवारों की आय बढ़ेगी और नगरीय निकायों को राजस्व भी मिलेगा।
जमीन की गाईड लाइन दर में 30 प्रतिशत कमी और छोटे भू-खण्डों के
क्रय-विक्रय से रोक हटाने से हुए लगभग एक लाख सौदे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की वजह से हर क्षेत्र में नये रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। पूरे प्रदेश में नगरीय-निकायों द्वारा निर्मित दुकानों के किराये में कमी की गई है ताकि स्वरोजगारी युवाओं को मदद मिले और वे अन्य लोगों को रोजगार दे सके। हमने जमीन की गाइड लाइन दर में 30 प्रतिशत की कमी की और छोटे भू-खंडांे के क्रय-विक्रय से रोक हटाई जिसके कारण लगभग एक लाख सौदे हुये। एक जमीन बिकने पर दसियों लोगों को लाभ मिलता है। मकान बनता हैं तो बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, रेजा, कुली से लेकर दुकानदार तक सबको रोजगार मिलता है। हमने गुमाश्ता लायसेंस के वार्षिक नवीनीकरण में छूट देने जैसे कई कदम उठाए हैं, जिससे कारोबारियों का उत्साह बढ़ा है।
शिक्षाकर्मियों, सहायक शिक्षक (एल.बी.) को नियमित वेतन, तबादले की सुविधा, स्वच्छता दीदियों के मानदेय में वृद्वि जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। ‘पौनी-पसारी’ छत्तीसगढ़ में एक ऐसी बाजार व्यवस्था है, जिसमें आपसी सद्भाव, सहयोग और समरसता के सामाजिक माहौल में सारी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं। समन्वय की अर्थव्यवस्था हमारी बसाहटों में खुशहाली का आधार थी। आधुनिक बाजार व्यवस्था में यह परम्परा टूट रही थी। इसलिए हमने नगरीय-निकायों में ‘पौनी-पसारी’ बाजार व्यवस्था का संरक्षण तथा संवर्धन करने का निर्णय लिया है। मुझे खुशी है कि इस दीवाली में हमारी माटी के दीयों से छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि दिल्ली भी रोशन हुई है। हमारे गांवों, बस्तियों में बने पकवानों की खुशबू और मिठास हर घर में पहुंची है। गांव का पैसा गांव में ही, आपस में एक-दूसरे के काम आता है। हमारा प्रयास है कि हर हाथ को उसकी क्षमता के अनुसार रोजगार मिले, नई उद्योग नीति में इसके लिए समुचित प्रावधान किये गए हैं।
मोर जमीन-मोर मकान योजना से 11 माह में बने 40 हजार मकान
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के जरिए बताया कि जब हमने सरकार की बागडोर सम्हाली तब प्रदेश में ‘मोर जमीन-मोर मकान योजना’ के तहत सिर्फ 8 हजार मकान बने थे, जबकि 11 महीने में 40 हजार मकान बन गए। हमने ‘राजीव गांधी आश्रय योजना’ का आगाज किया और कानून में संशोधन किया ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों को उनके नाम से पट्टा मिले, नियमितीकरण हो। इस योजना का लाभ एक लाख लोगों को मिलेगा। आबादी पट्टों का वितरण होने लगा है। किफायती आवास योजना के तहत 1250 करोड़ रू. की लागत से लगभग 29 हजार नवीन आवासों की मंजूरी दी गई है। वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को आवास उपलब्ध करा देंगे।
बीमार लोगों तथा कुपोषित माताओं, बहनों एवं बच्चों तक पहुंची सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ितों तक पहुंचना, हताश और निराश लोगों तक पहुंचना, परेशान लोगों तक पहुंचना, बीमार लोगों तक पहुंचना, कुपोषित माताओं, बहनों, बच्चों तक पहुंचना सरकार का काम है। शहरी बस्तियों के लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए इतने व्यस्त रहते हैं कि अपनी बीमारियों की अनदेखी करते हैं। इसलिए हमने मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अन्य शासकीय योजनाओं के माध्यम से यह तय किया कि शहरी बस्तियों के लोग अस्पताल नहीं पहुंच पाते तो अस्पताल उनके घर के पास पहुंच जाए। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालयों और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य केन्द्रों में अब उत्साह का वातावरण है।
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़िया कलाकारों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस कॉलेज के मैदान में जिस तरह विशाल जनसमुद्र उमड़ा, उसने हमारे हर फैसले पर मुहर लगा दी है। जहां तक उपलब्धि का सवाल है, तो तीन प्रमुख उपलब्धियां हैं। पहली उपलब्धि कि हमने अपने लक्ष्य के अनुरूप नई उद्योग नीति 2019-2024 जारी कर दी है। दूसरी उपलब्धि छत्तीसगढ़िया कलाकारों की प्रतिभा ने यह साबित कर दिया है कि उनके कार्यक्रम किसी सेलीब्रिटी के मोहताज नहीं और तीसरी उपलब्धि कि छत्तीसगढ़ को अपना राज्यगान मिल गया। छत्तीसगढ़ के महान जनकवि डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा ने जब ‘अरपा-पैरी के धार-महानदी हे अपार....’ गीत की रचना की थी, तब उन्हें पता नहीं था कि यह गीत कैसे-कैसे जन-जन की जुबान में चढ़ेगा और एक दिन ऐसा आएगा कि स्वयं यह गीत राज्य गीत का गौरव पाएगा।
रायपुर: उद्घाटन समारोह में शामिल होने गए पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल को उस वक्त उल्टे पांव लौटना पड़ गया, जब कार्यक्रम के दौरान महिलाएं उनके विरोध पर उतारू हो गई। बृजमोहन का विरोध कर रही महिलाओं ने स्पष्ट तौर पर उनसे कहा कि अब हमें आप पर विश्वास नहीं रह गया है, आप यहां से चले जाइए। हालात को देखते हुए विधायक अग्रवाल को बैरंग ही लौटना पड़ा। इस दौरान बृजमोहन के साथ रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे भी मौजूद रहे।
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ब्राह्मण पारा वार्ड में सामाजिक भवन और गार्डन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ महापौर प्रमोद दुबे भी मौजूद थे। कार्यक्रम में शामिल होने आई महिलाओं ने बृजमोहन और प्रमोद दुबे का विरोध करते हुए उन्हें वापस भेज दिया।
हालांकि बृजमोहन अग्रवाल ने आक्रोशित महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके गुस्से के सामने उन्हें झुकना पड़ा। इसके बाद बृजमोहन और प्रमोद दुबे कार्यक्रम स्थल से उल्टे पांव ही लौट गए।
भारत-बांग्लादेश के बीच तीन टी-20 की सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को नागपुर में खेला जाएगा। तीन टी-20 की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 बराबरी पर है। बांग्लादेश ने दिल्ली में पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया था। वहीं, भारत ने राजकोट में दूसरा मुकाबला 8 विकेट से जीता। दोनों टीमें इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेंगी।
मौसम और पिच रिपोर्ट : नागपुर में मैच के समय ज्यादा ओस गिरने की संभावना है। इससे कोई भी टीम पहले गेंदबाजी करना चाहेगी। तापमान 18 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इस मैदान पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। पिछली तीन मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का औसत स्कोर 129 रन रहा है। इस मैदान पर 10 में से सात मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीतने में सफल रही।
भारत vs बांग्लादेश हेड टू हेड
दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 10 टी-20 हुए, भारतीय टीम 9 में जीती। बांग्लादेश को एक मैचों में सफलता मिली। बांग्लादेशी टीम को यह जीत इसी सीरीज के पहले मैच में मिली थी।
दोनों टीमें
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडेय, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, क्रुणाल पंड्या, युजवेंद्र चहल, राहुल चाहर, दीपक चाहर, खलील अहमद, शिवम दुबे, शार्दुल ठाकुर।
बांग्लादेश: महमूदुल्लाह (कप्तान), सौम्य सरकार, मोहम्मद नईम, आफिफ हुसैन, मोसद्देक हुसैन, अमिनुल इस्लाम, अबु हैदर रॉनी, लिटन दास, मुशफिकुर रहीम, मोहम्मद मिथुन, अराफात सनी, अल-अमीन हुसैन, मुस्तफिजूर रहमान, शफिउल इस्लाम और तैजुल इस्लाम
रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी है। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) लोगों में प्रेम, समानता और सौहार्द्र का संदेश देता है। यह अवसर गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करने तथा समाज में व्याप्त विषमताओं को दूर कर एकरूपता स्थापित करने पर जोर देता है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को ईद-मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद दी है। उन्होने अपने संदेश में कहा है कि इस दिन दुनियाभर में इस्लाम के संस्थापक पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म दिन बड़े जश्न के रूप में मनाया जाता है। हजरत साहब ने अल्लाह के वचनों को लोगों तक पहुंचाया। वे धरती पर अमन और भाईचारे का संदेश लेकर आए। पैगम्बर हजरत के विचारों ने एक नई संस्कृति, सभ्यता और नये युग का सूत्रपात किया। उनके संदशों ने लोगों के विचारों और जीवन मूल्यों पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला।
इसमें राम जन्मभूमि न्यास, निर्मोही अखाड़ा के सदस्य और धर्मगुरु शामिल किए जा सकते हैं
आज 10 नवम्बर का राशिफल
इसके अलावा हम जल्द आप लोगो के लिए ज्योतिष सम्बन्धी सवाल के जवाब देने का भी कार्य करने जा रहे है जिसमे आपके द्वारा पूछे गए सवालो का जवाब हम आपको देंगे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के द्वारा
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। आशंका-कुशंका के चलते समय पर निर्णय नहीं ले पाएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार में लाभ होगा।
वृष
यात्रा लाभदायक रहेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। डूबी हुई रकम प्राप्ति के योग हैं, प्रयास करें। सफलता मिलेगी। शेयर मार्केट व मुच्युअल फंड लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। पार्टनरों व मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा।
मिथुन
कार्यस्थल पर सुधार या परिवर्तन हो सकता है। नई योजना बनेगी। मित्रों व रिश्तेदारों का सहयोग कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नए अनुबंध हो सकते हैं। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। निवेश शुभ फलदायक रहेगा।
कर्क
पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। कारोबार में वृद्धि संभव है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में चैन रहेगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। जल्दबाजी न करें।
सिंह
चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की आशंका प्रबल है। लापरवाही न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में नहीं आएं। अपने विवेक से कार्य करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। कार्य की गति धीमी रहेगी।
कन्या
राजकीय सहयोग समय पर प्राप्त होगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार पर व्यय होगा। पारिवारिक सहयोग से कार्य में सफलता प्राप्त होगी। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। झंझटों से दूर रहें।
तुला
स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े सौदे से बड़ा लाभ हो सकता है। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही मिल सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।
वृश्चिक
शैक्षणिक व शोध कार्यों में सफलता मिलेगी। वरिष्ठ व्यक्तियों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। किसी पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता व संतुष्टि में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।
धनु
मेहनत अधिक तथा लाभ कम रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। फिजूल की बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी से बिना वजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मन में संवेदनशीलता अधिक रहेगी। चिड़चिड़ापन रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा।
मकर
रुके कार्य पूर्ण होने के योग हैं। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। मित्रों तथा संबंधियों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड जैसे स्थानों में सफलता प्राप्त होगी। प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे।
कुंभ
घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मसम्मान बना रहेगा। कारोबारी लाभ होता रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। कोई बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। आय में वृद्धि होगी।
मीन
भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। सट्टे व लॉटरी से दूरी बनाए रखें। धन प्राप्ति सुगम होगी। उत्साह बना रहेगा। प्रमाद न करें।
नईदिल्ली, अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पंजाब में करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया. अपने संबोधन में उन्होंने देश की जनता से शांति, सौहार्द और सद्भाव का महौल बनाने की अपील की, पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज जो फैसला सुनाया दशकों पुरानी समस्या सुलझ गई. इस फैसले के बाद जिस प्रकार हर वर्ग, समुदाय के लोगों ने जिस तरीके से इसे स्वीकार किया है, वह भारत की विविधता में एकता को दर्शाता है. गर्व होता है कि हजारों साल बाद भी किसी को विविधता में एकता को समझाना होगा तो वह इस घटना का जरूर उल्लेख करेगा.
आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही, 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है. आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है. उन्होंने कहा कि नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है. सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है. उन्होंने कहा कि इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी. अब समाज के नाते, हर भारतीय को अपने कर्तव्य, अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए काम करना है. हमारे बीच का सौहार्द,हमारी एकता,हमारी शांति, देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि परिवार का एक मसला भी सुलझाना हो तो यह आसान नहीं होता है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को पूरे धैर्य के साथ सुना और इसके लिए पूरा देश उनका आभारी है. आज 9 नवंबर है, जिस दिन बर्लिन की दीवार गिरी, इसी दिन दुनिया ने एक नया संकल्प लिया था. आज करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई, जिसमें भारत और पाकिस्तान का सहयोग रहा है. 9 नवंबर की तारीख हमें साथ में आगे बढ़ने की सीख दे रही है. उन्होंने कहा कि किसी के मन में किसी भी प्रकार की कटुता रही है, उसको तिलांजलि देने का भी दिन है.
नई दिल्ली. अयोध्या में जमीन विवाद के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार 9 नवंबर 2019 को अपना अहम फैसला सुना दिया. फैसले में रामलला विराजमान को पूरी जमीन और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अलग से जमीन देने का फैसला सुनाया. लेकिन संवैधानिक पीठ द्वारा सुनाया गए इस फैसले में दो सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं. पांच जजों में से फैसले का लेखक कौन है, इसका जवाब नहीं मिला है. दूसरा एक न्यायाधीश ने भगवान राम (Lord Ram) के सटीक जन्म स्थान के मुद्दे पर असंतोष व्यक्त किया है.
इस आदेश में इन दोनों तथ्यों को प्रमुख माना जा सकता है. खासकर इस तरह के हाइप्रोफाइल केस में. कोर्ट में ये प्रक्रिया है कि जब कोई बैंच फैसला सुनाती है तो बैंच के अधिकार पर एक जज का नाम फैसला लिखने वाले जज के तौर पर लिखा जाता है. हालांकि इस केस में फैसला लिखने वाले जज का नाम नहीं लिखने का कारण अब तक पता नहीं है. ये भी हो सकता है कि इस केस की संवेदनशीलता के कारण किसी एक जज के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है
The five judge Supreme Court bench which delivered the #AyodhyaJudgment. (From L to R): Justice Ashok Bhushan, Justice SA Bobde, Chief Justice of India Ranjan Gogoi, Justice DY Chandrachud and Justice S Abdul Nazeer. pic.twitter.com/iyYXiwBdca
— ANI (@ANI) November 9, 2019
बता दें कि इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने की. इस पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे. इस केस में एक और दिलचस्प सवाल है, जिस पर पर्दा है. 1045 पेज के फैसले में 116 पेज ऐसे हैं, इन्हें जिस जज ने लिखा है, उनका नाम भी बताया नहीं गया है. इसमें कहा गया है कि विवादित स्थान हिंदुओं की आस्था और विश्वास के अनुसार भगवान राम का जन्मस्थान क्यों है.
एक न्यायाधीश ने जन्मस्थान के मुद्दे पर असंतोष जताया था. जमीन विवाद पर इस फैसले के अंत में एक पंक्ति है, जिसमें कहा गया है, “उपरोक्त कारणों और निर्देशों के अनुरूप होने पर, हममें से एक ने अलग-अलग कारणों को दर्ज किया है. इसके अनुसार, 'क्या विवादित ढांचा हिंदू भक्तों की आस्था और विश्वास के अनुसार भगवान राम का जन्म स्थान है.' 2010 में अयोध्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में भगवान राम का जन्मस्थान या मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को नष्ट करने संबंधी प्रश्नों का उल्लेख स्पष्ट रूप से प्रत्येक न्यायाधीश की राय के साथ किया गया था.
रायपुर. छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी राम मंदिर के फैसले पर होने वाली बहस में शामिल नहीं होंगे। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर होने वाली किसी भी लाईव टीवी डिबेट में कांग्रेस पार्टी हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ही नहीं किसी भी राजनीतिक दल को इस लाईव डिबेट में भाग नहीं लेना चाहिये। मंदिर और भगवान राजनीति का विषय नहीं है। यह धर्म आस्था और विश्वास का विषय है। उसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए।
अयोध्या मामले में आपत्तिजनक पोस्ट डालने व पटाखे फोडऩे के आरोप में सात गिरफ्तार,जानिये कहा की है घटना
मेरठ,अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद कई जगहों पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, मेरठ में फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में सिविल लाइन थाने की पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। वहीं नौचंदी और ब्रह्मपुरी में पुलिस ने आतिशबाजी करने पर छह युवकों को गिरफ्तार किया है।
मेरठ पुलिस ने आपत्तिनजक पोस्ट डालने के आरोप में लक्ष्मण शर्मा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से मथुरा में थाना नौहझील के ग्राम भगवान गढ़ी का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरी तरफ नौचंदी थाने की पुलिस ने अदालत का फैसला आने के बाद धारा 144 का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी करने के आरोप में तीन युवकों अपूर्व, सुरेंद्र और प्रवीण को गिरफ्तार किया है। मेरठ में ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पुलिस ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यालय को सील करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा को नजरबंद कर दिया है।
मेरठ के मेहताब, मछेरान, सोतीगंज में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लेकर मुस्लिम समाज ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। मेरठ के मवाना कस्बे के थाने के पीछे बाजार में फैसला आने के बाद एक स्थान पर हिंदू संगठन के पदाधिकारियों की तरफ से आतिशबाजी करने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने लोगों को फटकारा और भीड़ को दौड़ाकर भगा दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुना दिया। इस पर सभी नेताओं ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जनता से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने की अपील की है।
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने शुक्रवार शाम राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं मीडिया से चर्चा के दौरान शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर देवेंद्र फड़णवीस को लगता है कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में भाजपा की फिर से सरकार बना सकती है तो उन्हें वह 'शुभकामनाएं देते हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन को लेकर दोनों सहयोगी दलों के बीच गतिरोध जारी है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद, मीडिया कर्मियों से बात करते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे जल्द ही पार्टी की स्थिति स्पष्ट करेंगे। राउत ने कहा, ''अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि उनके नेतृत्व में फिर से भाजपा की सरकार बन सकती है तो, मेरी उन्हें शुभकामनाएं। लोकतंत्र में जिनके पास बहुमत होता है वे सरकार बनाते हैं और मुख्यमंत्री का पद पाते हैं।"
शिवसेना नेता ने पत्रकारों से कहा, ''मैं अपनी पार्टी की ओर से यह भी कहता हूं कि अगर हम चाहें तो सरकार बना सकते हैं और मुख्यमंत्री भी शिवसेना का हो सकता है।" उन्होंने फड़णवीस के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि शिवसेना नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अनुचित आलोचना की है। राउत ने कहा, ''शिवसेना ने मोदी या शाह के बारे में कोई भी निजी टिप्पणी नहीं की। यह गलत बयान है। हमने हमेशा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का सम्मान किया है। आप हमारे बयान देख सकते हैं।"
उन्होंने फड़णवीस के इस आरोप का भी खंडन किया कि शिवसेना ने राकांपा और कांग्रेस के साथ सरकार गठन के लिये बातचीत की थी। शिवसेना नेता ने कहा कि कई राज्यों में भाजपा ने उन दलों के साथ गठबंधन किया जो वैचारिक रूप से भाजपा से भिन्न हैं। राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए थे और एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन पर दोनों पार्टियों के बीच सहमति बनती नहीं दिख रही है।
कोरबा। बांगो थाना मुख्यालय से चार किमी दूर एक तालाब में आज सुबह फायर फाइटर सिलेंडर बंधे 25 से 30 वर्ष के मध्य आयु के युवक की लाश मिलने के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती हेतु आसपास के गांवों में मुनादी कराने के साथ ही जिले के पुलिस कंट्रोल रूम को भी उसकी शिनाख्त हेतु सूचना वायरलेस के माध्यम से प्रेषित कर दी। मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह बांगो थाना प्रभारी एस एस पटेल को सूचना मिली कि बांगो थाना से चार किमी दूर स्थित तालाब में एक युवक की फायर फाइटर सिलेंडर बंधी हुई लाश तैर रही है। सूचना मिलने पर टीआई पटेल अपने हमराह स्टाफ के साथ घटना स्थल पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों को तालाब में भेजकर उन्होंने लाश को तालाब से बाहर सतह पर निकलवाया। जिसके बाद प्रथम दृष्टया पुलिस द्वारा विवेचना कार्रवाई शुरू की गई। मृतक के बाएं हाथ में नरेश-प्रभा गोदना से लिखा हुआ है। जिसके आधार पर पुलिस द्वारा उसकी शिनाख्त की प्रयास की जा रही है।
रायपुर | अयोध्या में राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का जो फैसला आया है, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम आदर करते, सम्मान करते है, सभी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को मानते है। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण की कांग्रेस पार्टी पक्षधर है। इस फैसले से भाजपा और भाजपा के सहयोगियों द्वारा सत्ता के भोग के लिये देश की आस्था और विश्वास के साथ राजनीति करने के द्वारा भी सत्ता के लिये बंद हो गये। भगवान राम सत्ता के भोग के नहीं वचन की मर्यादा के लिये त्याग का प्रतीक है।
अहमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या में राममंदिर बनाने का एतिहासिक फैसला दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले का स्वागत किया है। विहिप ने इस मंदिर को शिल्प शास्त्र के हिसाब से बनाने का निर्णय किया है। विहिप जो मंदिर बनाने वाली है उसका नक्शा देश के प्रमुख मंदिर निर्माण करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने बनाया है। जिन चंद्रकांत का हम जिक्र कर रहे हैं उन्होंने लंदन में में स्थित अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर का नक्शा भी बनाया था। इस मंदिर को गिनिज आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
चंद्रकांत सोमपुरा का पूरा परिवार ही मंदिरो के निर्माण से जुड़ा रहा है। उनका परिवार गांधीनगर , सिंगापुर, पिट्सबर्ग और अमेरिका में अक्षरधाम मंदिरों के निर्माण में शामिल रहा है।
चंद्रकांत सोमपुरा गुजरात के पालिताणा शहर के रहने वाले है। चंद्रकांत के दादा प्रभाशंकर गुजरात के मशहूर सोमनाथ मंदिर के वास्तुकार थे। उनके पिता उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर के मरम्मत का कार्य किया था। चंद्रकांत सोमपुरा भी 17 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ मंदिर मरम्मत के काम में जुड़ गए थे। हालांकि, उनके पिता की अलकनंदा में डूबने मौत हो गई थी। जिसके बाद चंद्रकांत ने अपने दादा प्रभाशंकर सोमपुरा वास्तुकला सीखी। चंद्रकांत सोमपुरा को 1997 में सर्वश्रेष्ठ आर्किटेक्ट घोषित किया गया था।
चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया ऐसा नक्शा
चंद्रकांत सोमपुरा के नक्शे मुताबिक राममंदिर दो मंजिला होगा, मंदिर की लंबाई 270 मीटर, चोड़ाई 140 मीटर और ऊंचाई 125 मीटर होगी मंदिर के भीतर जाने के लिए पांच दरवाजे होंगे, सिंह द्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कोली, गंर्भगगृह और परिक्रमा, मंदिरा का आकार 2.75 लाख घन मीटर होगा, इसे बनाने में स्टील का इस्तमाल नहीं किया जायेगा।
भगवान राम की प्रतिमा नीचे वाले तल पर रहेगी, ऊपर वाली मंजिल पर राम दरबार बनेगा, दोनों ही गर्भ गृह होगा, मंदिर बनाने के लिए पत्थर राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से आएंगे, फर्श बनाने के लिए संगमरमर का उपयोग किया जायेगा, मंदिर में 221 पिलर होंगे और इसमें 330 बीम, 106 और 106 नीचे मंजिल पर होंगे। मंदिर में दो घूमत होंगे और एक घूमत ढकी होगी, मंदिर में कुल 24 दरवाजे होंगे।



















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