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अभिनेता अक्षय कुमार वीडियो शेयर कर बोले-कैसे झूठ बोल दूं कि इंडस्ट्री में ड्रग्स की समस्या नहीं

अभिनेता अक्षय कुमार वीडियो शेयर कर बोले-कैसे झूठ बोल दूं कि इंडस्ट्री में ड्रग्स की समस्या नहीं

मुंबई। बॉलीवुड में ड्रग्स मामले को लेकर अभिनेता अक्षय कुमार ने एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में अक्षय लोगों से कह रहे हैं कि मैं आपका गुस्सा समझता हूं। लेकिन हर प्रोफेशन का हर बंदा उस प्रॉब्लम में मिला हुआ हो ऐसा नहीं हो सकता। प्लीज पूरी इंडस्ट्री को बदनाम नजरों से मत देखो।
अक्षय कुमार ने ये वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में अक्षय कह रहे हैं- ‘आज थोड़े भारी दिल से आपसे बात कर रहा हूं। पिछले काफी दिनों में बहुत सी बातें आई मन में लेकिन हर तरफ इतनी निगेटिवटी है कि समझ में नहीं आता है क्या बोलूं किससे बोलूं और कितना बोलूं। देखिए भले ही हम लोग स्टार्स कहलाते हैं लेकिन बॉलीवुड को आपने अपने प्यार से बनाया है। हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं है।
हमने फिल्मों के जरिए अपनी सभ्यता और वैल्यूज को देश के हर कोने तक पहुंचाया है। जब जब हमारी देश की जनता की भावनाओं की बात की तो फिल्मों ने उसे ही दिखाने की कोशिश की। फिर चाहे एंग्री यंग मैन वाला आक्रोश हो, भ्रष्टाचार हो, गरीबी हो सभी को सिनेमा ने अपने तरीके से दिखाने की कोशिश की है। ऐसे में अगर आप लोगों में गुस्सा है तो भी हमारे सिर माथे पर है।’
अभिनेता वीडियो में आगे कह रहे हैं- ‘सुशांत सिंह राजपूत की अचानक मौत के बाद से बहुत से ऐसे मुद्दे सामने आए हैं जिन्होंने हमें भी उतना ही दर्द दिया है जितना कि आप सब को। इन मुद्दों ने हमें अपने गिरेबान में झांकने को मजबूर किया है।
हमारी फिल्म इंडस्ट्री की बहुत सी ऐसी खामियों को देखने पर मजबूर किया है जिस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। आजकल ड्रग्स के बारे में बात हो रही है। दिल पर हाथ रखकर मैं आपसे कैसे झूठ बोल दूं कि ये परेशानी नहीं है, जरूर है। वैसे ही जैसे हर प्रोफेशन में होती होगी लेकिन हर प्रोफेशन का हर बंदा उस प्रॉब्लम में मिला हुआ हो ऐसा नहीं हो सकता।’
ड्रग्स एक कानूनी मामला है। मुझे पूरा विश्वास है इस पर कोर्ट या फिर जांच टीम जो भी एक्शन ले रही होंगी वो बिल्कुल सही होगा। ये भी जानता हूं कि सिनेमाजगत का हस शख्स उनके साथ पूरा सहयोग करेगा। पर प्लीज ऐसा मत करो कि पूरी इंडस्ट्री को बदनाम नजरों से देखने लगो। ये सही नहीं है, ये तो गलत है ना।

BIG BREAKING : एक करोड़ के गांजा के साथ, तीन गिरफ्तार

BIG BREAKING : एक करोड़ के गांजा के साथ, तीन गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे कारोबार का खुलासा होने के बाद अब डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस एक्शन मोड पर आ गई है और शनिवार को कार्रवाई करते हुए मंदिर हसौद इलाके से 1 करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है।

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मिली जानकारी के अनुसार गांजा को ग्राहकों और डिलरों तक पहुंचाने के लिए ट्राले में छिपाकर रखा गया था। मामले में डीआरआई ने ड्राइवर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि डीआरई द्वारा जब्त किया गया गांजा 450 किलो है।
 

आज दिनांक 4 अक्टूबर का राशिफल, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

आज दिनांक 4 अक्टूबर का राशिफल, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

आज 4 अक्टूबर का राशिफल

मेष राशि :-

आज का दिन आमोद-प्रमोद में व्यतीत होगा। संपत्ति संबंधी कार्य बनेंगे, कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ सहयोग करेंगे। शारीरिक और मानसिक प्रसन्नता रहेगी। प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात आनंददायक रहेगी। कोई शुभ समाचार मिलेगा। कार्यक्षेत्र को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। यह निर्णय लेते समय पर खुद पर भरोसा रखें। दूसरों की सलाह लें, लेकिन अंतिम फैसला स्वयं करें। कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

वृषभ राशि :-

आज का दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक क्षेत्र में थोड़ा निराशा महसूस कर सकते हैं। सिद्धान्तों पर डटे रहेंगे और कार्यक्षेत्र में अपनी शर्तों पर काम करेंगे। अपनी समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास करें। इसमें किसी जानकार की सलाह भी ले सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकते हैं। स्वभाव में क्रोध और आवेश रह सकता है। वाणी-व्यवहार में संयम रखें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

मिथुन राशि :-

आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार में धन लाभ की संभावना है। संबंधियों के साथ मुलाकात आनंदित करेगी। सामाजिक क्षेत्र में नौकरी व्यवसाय में लाभ मिलेगा। परिवार में खुशियों भरा माहौल रहेगा, लेकिन परिजन तनावपूर्ण स्थिति में डाल सकते हैं। घर में मेहमानों का भी आना-जाना हो सकता है। किसी ऐसी वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं, जो भविष्य में लाभ देगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कर्क राशि :-

आज का दिन अच्छा रहेगा। जरूरी काम बनने से लाभदायक अवसरों की प्राप्ति होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अच्छी खबर भी मिलने के योग हैं। उच्च पदाधिकारी और बुजुर्ग वर्ग की कृपादृष्टि रहेगी। सभी काम सरलता से संपन्न होते हुए प्रतीत होंगे। नौकरी-व्यवसाय के क्षेत्र में परिस्थिति अनुकूल रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा पर जाने से बचें और खाना-पान का ध्यान रखें।

सिंह राशि :-

आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में काम का प्रेशर बढ़ेगा। सूझ-बूझ से काम लेंगे, तो तनाव में कमी आएगी। कहीं घूमने जाने की योजना बना सकते हैं। नौकरी में उच्च पदाधिकारियों के साथ वाद-विवाद होने से उनकी नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। प्रतिस्पर्धी सिर उठा सकते हैं। नकारात्मक विचारों को मन पर हावी न होने दें। सरकारी काम में अड़चन आ सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कन्या राशि :-

आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अनोखी अनुभूति कराने वाला साबित हो सकता है। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय अच्छा नहीं है, लेकिन मेहनत करने से काम जल्दी पूरा करेंगे, शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। अनावश्यक कार्यों पर खर्च करना पड़ेगा, जिससे आर्थिक परेशान हो सकती है। सेहत अच्छी रहेगी। गूढ़ और रहस्यमय विद्याएं सीखने में विशेष रुचि ले सकते हैं। आध्यात्मिक सिद्धियां मिलने का योग है।

तुला राशि :-

आज का दिन अच्छा रहेगा। परिश्रम से कार्यों में सफलता मिलेगी और उत्साह व ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। विकास कार्यों में सफलता मिलेगी, ऑफिस में अधिकारी सहयोग करेंगे। आकस्मिक धन लाभ का योग है। व्यापारियों के व्यापार में वृद्धि होगी। किसी ऐसी व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जो कोई महत्वपूर्ण सलाह दे सकता है। दांपत्यजीवन का विशेष आनंद मिलेगा। स्नेहीजनों के साथ समय बिताएंगे।

वृश्चिक राशि :-

आज का दिन सामान्य रहेगा। कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। इस खबर से कोई बड़ी समस्या समाप्त हो सकती है। कार्य में सफलता और यश एवं कीर्ति प्राप्त होने की संभावना रहेगी। घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे। आर्थिक लाभ की संभावनाएं हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च भी बढ़ेंगे। कानूनी फंदे में फंस सकते हैं, इसलिए सूझ-बूझ से काम लें।

धनु राशि :-

आज का दिन मिला-जुला रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा, आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।  परिजनों से विवाद हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें। क्रोध पर नियंत्रण तथा वाणी पर संयम रखें और दूसरों की बात को नजरअंदाज करने का प्रयास करें। दोस्तों और परिजनों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। आकस्मिक खर्च हो सकता है। धार्मिक व्यक्ति के दार्शनिक विचारों को सुनेंगे, तो शांत व सहज रहेंगे।

मकर राशि :-

आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यों में सफलता से मनोबल में वृद्धि होगी। धनलाभ और प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। जमीन, मकान, वाहन आदि में निवेश लाभदायक सिद्ध होगा। दोस्तों से निराशा मिल सकती है, लेकिन परिजनों का भरपूर सहयोग रहेगा। अपना काम स्वयं ही निपटाएं, क्योंकि दूसरों के भरोसे रहना ठीक नहीं होगा। सेहत को लेकर सावधानी बरतें। परिवार का वातावारण आपके अनुकूल रहेगा।

कुम्भ राशि :-

आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। राजनीतिक क्षेत्र में उन्नति होगी, ठोस संगठन से जुडऩे के योग हैं। जीवन ध्येय पूरा करने के अवसर मिलेंगे और पद लाभ मिलेगा। खुद को मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे और दुनिया के शोर-शराबे से दूर रहेंगे। अपने भविष्य को लेकर कुछ विचार-विमर्श कर सकते हैं। परिजनों के साथ व्यतीत होगा और उनके द्वारा लाभ भी मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों को परास्त करेंगे।

मीन राशि :-

आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। अपने प्रयासों से अर्थ क्षेत्र में सुधार आएगा। व्यवहार उदार रहेगा और व्यावसायिक योजना फलीभूत होंगी। कहीं यात्रा पर जा सकते हैं। यह यात्रा परिवारजनों या दोस्तों के साथ हो सकती है। मानिसक रूप से शांति मिलेगी। नए कार्य का प्रारंभ न करें। वाणी पर संयम रखने से परिजनों के साथ वाद-विवाद नहीं होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 

BIG BREAKING : रायपुर में 308 समेत प्रदेश में 2610 नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान, 15 मरीजों की हुई मौत

BIG BREAKING : रायपुर में 308 समेत प्रदेश में 2610 नए कोरोना मरीजों की हुई पहचान, 15 मरीजों की हुई मौत

रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है | आज भी प्रदेश में कुल 2610 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 308 मरीज, दुर्ग से 234, राजनांदगांव से 109, बालोद से 72, बेमेतरा से 57, कबीरधाम से 35, धमतरी से 65, बलौदा बाजार से 44, महासमुंद से 56, गरियाबंद से 24, बिलासपुर से 149, रायगढ़ से 219, कोरबा से 204, जांजगीर चांपा से 174, मुंगेली से 61, जीपीएम से 14, सरगुजा से 49, कोरिया से 104, सूरजपुर से 46, बलरामपुर से 79, जशपुर से 22, बस्तर से 123, कोंडागांव से 39, दंतेवाड़ा से 101, सुकमा से 45, कांकेर से 70, नारायणपुर से 33, बीजापुर से 68, अन्य राज्य से 6 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 2416 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 15 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 29292 है |

न्यूज़ बुलेटिन : देखें आज 3 अक्टूबर की दिन भर की बड़ी खबरें

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Bigg Boss 14: सुखविंदर कौर से राधे माँ बनने की कहानी, ऐसा रहा अब तक का सफर

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इस बार 'बिग बॉस' हाउस में राधे मां (Radhe Maa) की एंट्री को लेकर काफी चर्चा हो रही है और सूत्रों के मुताबिक, इस शो में आने के लिए राधे मां ने 'बिग बॉस 14' के मेकर्स से हर हफ्ते के लिए 75 लाख रुपये की मोटी रकम की डिमांड की है. आज की इस स्टोरी में हम आपको राधे मां की लाइफ के कुछ अनसुने पहलुओं के बारे में बताएंगे.
जब राधे मां सिर्फ 17 साल की थी उनकी शादी मनमोहन सिंह से हुई थी. मनमोहन सिंह मिठाई की दुकान पर काम किया करते थे. शादी के बाद नौकरी के सिलसिले में उनके पति को कतर जाना पड़ा. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से राधे मां लोगों के कपड़े सिलकर गुज़ारा करती थीं. हालांकि अब वो अपने पति से अलग रहती हैं और उनके कोई बच्चे नहीं हैं.


सूत्रों के मुताबिक, राधे मां 21 साल की उम्र में महंत श्री रामदीन दास से मिली. उन्होंने सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां को 6 महीने तक दीक्षा दी और महंत रामदीन दास ने ही उन्हें राधे मां नाम दिया. आज राधे मां के हजारों भक्त हैं. उनके भक्तोंध की लिस्ट में कई सिलब्रिटीज भी शामलि हैं जिनमें रवि किशन, मनोज बाजपेयी, डॉली बिंद्रा जैसे कई नाम हैं. मीडिया रिपोट्स के अनुसार राधे मां की चौकी का खर्चा करीब 5 लाख से 35 लाख रुपये तक का है, जिसकी सारी देख-रेख उनके एजेंट टल्ली बाबा करते हैं.
साल 2015 में राधे मां की लाल रंग की मिनी स्कर्ट और बूट्स में एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी. उस वक्त उनकी तस्वीर को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सफाई पेश करते हुए राधे मां ने कहा था कि-'ये कपड़े उन्हें उनके एक भक्त ने दिए थे. वैसे भी ये किसने कहा है कि साध्वी एक ही तरह के कपड़े पहन सकती हैं, अगर मेरे भक्त खुश हैं तो मैं भी खुश हूं.' इसके अलावा एक्ट्रेस और 'बिग बॉस' की कंटेस्टेंट रह चुकी डॉली बिंद्रा ने भी कभी राधे मां के खिलाफ साल 2015 में उन्हें जान से मारने की धमकी देने को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.


राधे मां खुद को देवी का अवतार बताती हैं. एक देवी की ही तरह राधे मां भी हमेशा लाल जोड़े और त्रिशूल के साथ दिखाई देती हैं. कम ही लोग जानते हैं कि उनका असली नाम सुखविंदर कौर है. उनका जन्म साल 1965 में पंजाब के गुरदासपुर में दोरांगला गांव में हुआ था. जब उन्होंने आध्यात्म की तरफ रुख किया उसके बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर राधे मां रख लिया.

 

बलरामपुर गैंगरेप को छोटी-मोटी घटना बताना डहरिया की बेटियों के प्रति कलंकपूर्ण मानसिकता का परिचायक : विष्णुदेव

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश के श्रम मंत्री शिव डहरिया के उस कथन को प्रदेश की बेटियों के प्रति कलंकपूर्ण मानसिकता का परिचायक बताया है, जिसमें मंत्री डहरिया ने सरगुजा संभाग के बलरामपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए गैंगरेप को ‘छोटी-मोटी घटना’ बताकर हैवानियत और दरिंदगी को हल्के में लिया है। श्री साय ने कहा कि इस शर्मनाक कथन के लिए मंत्री डहरिया प्रदेश की मातृ-शक्ति से नि:शर्त क्षमायाचना करें और राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मंत्री पद से डहरिया को तत्काल बर्ख़ास्त करने कहें।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने हाथरस मामले में राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा के राजनीतिक ड्रामे पर कटाक्ष कर कहा कि छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म के मामलों पर कुछ कहने के बजाय भाई-बहन मुँह बंद कर बैठे हैं! बेटी तो बेटी होती है, चाहे वह हाथरस की हो या छत्तीसगढ़ की; फिर कांग्रेस क्यों दुष्कर्म मामलों में दोहरे राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है? श्री साय ने कहा कि बार-बार हाथरस जाकर सियासी नौटंकी रचने पर आमादा राहुल-प्रियंका के एजेंडे में छत्तीसगढ़ के पीड़ित-परिवारों से मिलना क्या इसीलिए शामिल नहीं है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। छत्तीसगढ़ के ही जशपुर ज़िले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक 63 वर्षीया वृद्ध महिला के साथ हुए सामूहिक अनाचार के मामले का जिक्र कर श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार के नाकारापन के चलते राज्य में नाबालिग बेटियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक की अस्मत और जान साँसत में है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने राहुल-प्रियंका को छत्तीसगढ़ आकर पीड़ित परिवारों से मिलने और इंसाफ़ दिलाने की पहल करने को कहा है और यह प्रस्ताव रखा है कि उनके आने-जाने का खर्च वहन करने को भाजपा तैयार है। श्री साय ने कहा कि बेटियों के साथ हो रही हैवानियत को भी कांग्रेस राजनीतिक नज़रिए से भुनाकर अपने मानसिक दीवालिएपन का परिचय देकर प्रदेश को शर्मसार करने में लगी है। छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह में घटीं दुष्कर्म की घटनाओं पर संजीदा होने के बजाय मंत्री डहरिया ने अपनी संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया है। समूचा प्रदेश महिलाओं की अस्मत और जान से हो रहे घिनौने खिलवाड़ से क्षुब्ध है और प्रदेश सरकार और कांग्रेस के लोग राजनीतिक पाखंड रचते हुए ज़रा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं।
 

रायपुर : ​​​​​​​सहायक प्राध्यापक परीक्षा 5 नवम्बर से 8 नवम्बर तक

रायपुर : ​​​​​​​सहायक प्राध्यापक परीक्षा 5 नवम्बर से 8 नवम्बर तक

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 1384 पदों की पूर्ति के लिए लिखित परीक्षा की तिथि 5 नवम्बर से 8 नवम्बर तक नियत की गई है।

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के सचिव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस परीक्षा की समय-सारणी पृथक से जारी की जाएगी। 

अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से की कोविड मृत्यु पर अनुग्रह राशि व अनुकंपा नियुक्ति की मांगा

अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से की कोविड मृत्यु पर अनुग्रह राशि व अनुकंपा नियुक्ति की मांगा

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता बी.पी.शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण चरम पर है। प्रतिदिन हजारों नागरिक संक्रमित हो रहे हैं। अपने शासकीय दायित्वों का क्रियान्वयन करते करते कर्मचारी-अधिकारी भी कोविड-19 से संक्रमित हो रहे हैं। यही ही नहीं अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते करते कर्मचारी अधिकारी अपने प्राणों की आहुति भी दे रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने विशेष अनुग्रह राशि का प्रावधान कर्मचारी अधिकारियों के लिए किया है लेकिन खेद का विषय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसी प्रकार की अनुग्रह राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। कोविड-19 संक्रमण से डॉक्टर ,स्टाफ नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षक, पटवारी, राजस्व निरीक्षक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, लिपिक सहित अन्य विभागों के कार्यरत कर्मचारियों की असामयिक की मृत्यु भी हो रही है। शासकीय सेवकों के घर उजड़ रहा है, उनके परिवार के बच्चे अनाथ हो रहे हैं। घर के सहारा गुजरने के बाद उनका घर कैसे करेगा यह ज्वलंत प्रश्न है। ऐसे समय में सरकार को कोरोना वारियर्स के साथ खड़ा होना चाहिए। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में 2 अगस्त को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर राजस्थान सरकार की भांति राज्य कर्मचारियों की मृत्यु पर 50 लाख अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा पीड़ित परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति हेतु आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लेकर, मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए आश्वस्त किया कि यदि ऐसा कोई अवसर आता है तो हमारी सरकार अन्य राज्य सरकारों से अधिक कर्मचारियों के लिए करेगी। उनके इस कथन का प्रदेशभर के कर्मचारियों ने स्वागत किया था लेकिन इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा कोई आदेश जारी नहीं करने से कर्मचारियों में हताशा है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा सहित समस्त पदाधिकारियों एवं फेडरेशन में शामिल समस्त प्रांत अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुनः राज्य शासन से कोरोना संक्रमित शासकीय सेवक के आकस्मिक निधन पर 50 लाख अनुग्रह राशि एवं शासकीय सेवक के आश्रित परिवार के एक व्यक्ति को योग्यता अनुसार शासकीय सेवा में उपयुक्त पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने आदेश जारी कराने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं को उम्मीद है कि राज्य शासन इस न्यायोचित मांग पर संज्ञान लेते हुए शीघ्र आदेश जारी करेगी।  

 केंद्र के तीन काले कानूनों को सही ठहरा भाजपा नेता किसानों को कर रहे हैं गुमराह: कांग्रेस

केंद्र के तीन काले कानूनों को सही ठहरा भाजपा नेता किसानों को कर रहे हैं गुमराह: कांग्रेस

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय द्वारा कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाये जाने के आरोप पर कांग्रेस ने कहा विष्णु देव खुद क्यो नही इन भ्रमो को निराकरण जनता के सामने करते ? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि देश के किसानों और जनता के मन मे कृषि कानून को लेकर जो आशंकाए है उसका विष्णुदेव साय जबाब दे दे ?सारे भ्रम खुद दूर ब खुद दूर हो जायेगे।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने विष्णु देव साय से पूछा क्या नया कानून में किसानों की फसल की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य या घोषित समर्थन मूल्य से अधिक कीमत से ही होगी नए कानून में इसका प्रावधान क्यो नहीं किया ?. नए कानून में कांट्रेक्ट फार्मिग में किसानों को कम्पनियों से विवाद की स्थिति में न्यायपालिका के बजाय कार्यपालिका में शिकायत के प्रावधान क्यो किया गया ?किसानों के लिये अदालत के दरवाजे क्यो बन्द किये गये? कांट्रेक्ट फार्मिग में किसानों के साथ कांट्रेक्ट की जो न्यूनतम समय अवधि तय की गई है वैसी ही बंदिश कांट्रेक्ट करने वाली कम्पनी के साथ क्यो नही की गई है ?नए कानून के ठेका कृषि के प्रावधान में किसानों की न्यूनतम आय की गारंटी क्यो नही दी गयी है ? खराब फ़सल पर किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी ? आवश्यक वस्तुओं के भंडारण से अधिकतम की सीमा हटाने से किसानों को कैसे फायदा होगा ?इससे तो पूंजीपतियों ,जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा ?भाजपा बताये इस कानून से किसान को क्या लाभ होगा?

धनंजय ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ जो अपने राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राशि दे कर फसलों की खरीदी करती है वे सीमा पार के राज्यो से आने वाली धान आदि को कैसे रोकेंगे ?नए कानून में तो कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में उपज बेच सकेगा। उनको रोकना गैर कानूनी होगा ऐसे में प्रदेश के किसानों से धान खरीदी योजना असफल हो कर बन्द नही हो जाएगी ?यह कानून राज्य के धान खरीदी को बंद करने का भाजपाई षड्यंत्र तो नही ?

भाजपा के कथनी और करनी में जमीन और आसमान का अंतर इस कानून में दिखता है 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वादा किया था जो अब तक लागू नहीं हुआ है और उल्टा नरेंद्र मोदी की सरकार किसान विरोधी शांताराम कमेटी के सिफारिश को लागू कर पूंजीपतियों के हाथों किसानों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय भाजपा के 2014 के घोषणा पत्र और वर्तमान में लागू की गई मोदी सरकार के तीन काले कानून को को पढ़कर खुद का भ्रम पहले दूर कर ले। स्पष्ट हो जायेगा मोदी सरकार के द्वारा लागू की गई कानून किसान विरोधी है।
 छह बड़े सरकारी बैंकों पर लागू नहीं होंगे आरबीआई के नियम, किया लिस्ट से बाहर

छह बड़े सरकारी बैंकों पर लागू नहीं होंगे आरबीआई के नियम, किया लिस्ट से बाहर

नई दिल्ली। आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और इलाहाबाद बैंक समेत छह सरकारी बैंकों को आरबीआई अधिनियम की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया है। अर्थार्थ अब इन 6 बैंकों पर आरबीआई के नियम लागू नहीं होंगे। दरअसल इन बैंकों का अन्य बैंकों के साथ विलय हो गया है। इसीलिए इन बैंकों के नाम को हटा दिया गया हैं। जानकारी के अनुसार इन छह बैंक में सिंडिकेट बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं। इस फैसले से बैंक के ग्राहकों पर कोई भी असर नहीं होगा। क्योंकि, मर्जर के बाद इन बैंकों के ग्राहक मर्ज होने वाले बैंक के कस्टमर बन चुके हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त में 10 सरकारी बैंकों के विलय का ऐलान किया था। इस योजना के मुताबिक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुआ है। विलय के बाद पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया है। सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हो रहा है। इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में होगा। आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हो गया है। 

जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि सिंडिकेट बैंक को 01 अप्रैल 2020 से आरबीआई अधिनियम 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर किया गया है, क्योंकि 27 मार्च 2020 की अधिसूचना के हिसाब से एक अप्रैल 2020 से इसके बैंकिंग कारोबार बंद हो गये हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने अन्य पांच सरकारी बैंकों के संबंध में इसी तरह की अधिसूचना जारी की हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के अधिनियम की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक) के रूप में जाना जाता है। इन छह बैंकों का एक अप्रैल से अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ विलय कर दिया गया है। 

ओबीसी और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का, आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में, और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय कर दिया गया है। इन विलय के बाद अब देश में सात बड़े और पांच छोटे सरकारी बैंक हैं। साल 2017 में देश में 27 सरकारी बैंक थे, जो अब विलय के बाद 12 रह गये हैं। 
 कुत्ते के विवाद में महिला को निर्वस्त्र कर पीटा, दबंगों ने दी परिवार को उड़ा देने की धमकी

कुत्ते के विवाद में महिला को निर्वस्त्र कर पीटा, दबंगों ने दी परिवार को उड़ा देने की धमकी

बैतूल। हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दबंगों के अत्याचार से पीडि़त युवती के साथ दुष्कर्म और उसकी मौत का मामला थमा भी नही था कि बैतूल जिले के चिचोली तहसील के ग्राम चूडिय़ा में एक आदिवासी महिला गांव के दबंगों का शिकार बन गई। कुत्ते को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ा कि दबंग परिवार ने मिलकर न ही आदिवासी महिला के साथ मारपीट की बल्कि उसे पीटते-पीटते बीच सड़क पर उसे निर्वस्त्र भी कर दिया गया।

 घायल महिला का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है तो वही पुलिस ने दोनो पक्षों पर काउंटर केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।  घटना के बाद पीडि़त परिवार पर समझौते का दबाव भी बनाया गया था ।जिला अस्पताल में भर्ती पीडि़त महिला रेखा बाई ने बताया कि कुत्ते को लेकर गांव के ही  दबंग परिवार के युवकों से कहा-सुनी हो गई थी और विवाद शांत भी हो चुका था लेकिन गांव के दबंग परिवार के युवकों और महिलाओं द्वारा घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई। यह ही नही उसे घर से निकालकर बीच सड़क पर लाया गया और उसके कपड़े तक फाड़ दिये गये।

महिला का आरोप है कि दबंग परिवार के मुखिया ने परिवार सहित उड़ा देने की धमकी भी दी है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद दोनो पक्षों पर मामला दर्ज किया गया था लेकिन जब इस तथ्य की जानकारी मिली की आदिवासी महिला के साथ कपड़े तक फाड़ दिये गये थे तो अस्पताल पहुंचकर महिला के बयान लिये गये है और धाराओं में भी इजाफा करने के साथ-साथ एससीएसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।इस घटना का खास पहलू ये है कि पुलिस ने घटना को लेकर सिर्फ मारपीट का मामला दर्ज किया था लेकिन जब मीडिया के सामने महिला ने बयान दिया और मामला एस पी तक पहुंचा तो आनन फानन में महिला सेल प्रभारी को अस्पताल भेज कर बयान लिए गए। और धाराओं में इजाफा किया गया।
 कोरोना संकट में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, जीएसटी कलेक्शन ग्रोथ में देश में दूसरे स्थान पर

कोरोना संकट में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, जीएसटी कलेक्शन ग्रोथ में देश में दूसरे स्थान पर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना संकट काल में भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के दूर-दर्शितापूर्ण निर्णय के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। सितम्बर माह में देश के अन्य राज्यों की तुलना में जीएसटी कलेक्शन के मामले में छत्तीसगढ़ में दूसरी सबसे बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सितम्बर माह की तुलना में वर्ष 2020 के सितम्बर माह में जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। वर्ष 2019 सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन 1490 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2020 सितंबर माह में कोरोना संकट के बावजूद बढ़कर 1841 करोड़ रुपए हो गया।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से जारी जीएसटी संग्रह के ताजा आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर 30 प्रतिशत की टैक्स कलेक्शन ग्रोथ के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 24 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ दूसरे स्थान पर है। राजस्थान में पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत, हरियाणा में 15 प्रतिशत, दिल्ली में 7 प्रतिशत, गुजरात में 6 प्रतिशत, पंजाब में 5 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 4 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 0.05 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। 

छत्तीसगढ़ में पूरे लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां लगातार चलती रहीं। ग्रामीणों और वनवासियों को लगातार रोजगार मिलता रहा। लोगों की जेब में पैसा आया तो इसका लाभ उद्योग और व्यापार जगत को भी मिला। संकट-काल में ग्रामीण क्षेत्रों में जो आर्थिक तरलता बनी रही, उसका लाभ हमारे उद्योगों को भी मिला। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जैसे ही अनलॉक हुआ तो प्रदेश के आर्थिक विकास से फिर से रफ्तार पकड़ ली। अनलॉक के शुरुआती दौर में ही प्रदेश के 80 प्रतिशत से ज्यादा उद्योगों खुल चुके हैं, और हर दिन न सिर्फ संख्या में, बल्कि दिन-प्रति-दिन उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हो रहा है। 

वन क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में देश का सर्वाधिक लघु वनोपजों का संग्रहण हुआ। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है। तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही बढ़ाकर 4000 रुपए मानक बोरा कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना के तहत एक दिन में अधिकतम 26 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इन सभी गतिविधियों के कारण संकट-काल में भी पूरे प्रदेश में आर्थिक प्रवाह बना रहा। 

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों के खातों में चार किश्तों में 5750 करोड़ रुपए सीधे अंतरित की जाएगी, इसमें से दो किश्तों में 1500-1500 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना से मिले संबंल से किसान पूरे जोश के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी के एवज में पशुपालकों और ग्रामीणों को लगभग 21 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया। नयी सरकार के किसानों की ऋण माफी, 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी, सिंचाई कर की माफी जैसे उपायों ने भी अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही वजह है कि लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ का आर्थिक इंजन बंद नहीं हुआ। ऐतिहाती उपायों के साथ ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई। उद्योगों के सामने उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए उन्हें बिजली के बिलों के भुगतान में रियायतें दी गई। इस साल बिजली की दरें और नियम शर्तें भी ज्यों की त्यों रखी गईं।

कोरोना संकट के दौरान रियल इस्टेट सेक्टर को सक्रिय बनाए रखने के लिए जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की छूट दी गई। आटो मोबाइल सेक्टर में भी बेहतर कारोबार हुआ। लॉक डाउन के दौरान भी प्रदेश की कोयला खदानों और इस्पात उद्योगों में उत्पादन जारी रहा। नये वातावरण में, नये बदलावों के साथ शासन-तंत्र अब फिर से नयी ऊर्जा के साथ सक्रिय हो चुका है।
 गुण्डाधूर एवं महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए खिलाडिय़ों से आवेदन आमंत्रित, पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपए नगद

गुण्डाधूर एवं महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए खिलाडिय़ों से आवेदन आमंत्रित, पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपए नगद

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को राज्य स्थापना दिवस पर गुण्डाधूर एवं महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव पुरस्कार दिए जाते हैं। पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपए नगद के साथ अलंकरण फलक और प्रशस्त्रि पत्र प्रदान किया जाता है। संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण द्वारा राज्य के सर्वोच्च खिलाडिय़ों से गुण्डाधूर एवं महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान 2019-20 के लिए अनुशंसाएं आमंत्रित की गई हैं। अनुशंसाएं जमा कराने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2020 निर्धारित है। इच्छुक खिलाड़ी अपना आवेदन संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जी.ई.रोड रायपुर अथवा खेल एवं युवा कल्याण के जिला कार्यालयों में निर्धारित तिथि तक कार्यालयीन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत कर सकते हैं। 

खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार गुण्डाधूर सम्मान ऐसे पात्र खिलाडिय़ों को दिए जाएंगे जिन्होंने वर्ष 2019-20 ऐसे खेल जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण हेतु विचार क्षेत्र में लिया जाता है। ऐसे सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कास्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी या उपलब्धि एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ की किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में नियमित अध्ययनरत या राज्य के शासकीय, अर्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रमों में निरंतर कार्यरत खिलाडिय़ों की उपलब्धि पर विचार किया जाएगा। सम्मान के लिए वर्ष की गणना एक अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। यह सम्मान विभाग के अन्य खेल पुरस्कारों के अलावा होगा जो खिलाड़ी को उसकी उपलब्धि के लिए दिया गया है। लेकिन महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से अलंकृत खिलाड़ी इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए पात्र नही होंगे। यह सम्मान किसी खिलाड़ी को उसके जीवनकाल में एक ही बार दिया जाएगा। 

महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान वर्ष 2019-20 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप, सीनियर वर्ग या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कास्य पदक प्राप्त किया हो या तीरंदाजी की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो, ऐसे खिलाडिय़ों को दिया जाएगा। यदि तीरंदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाड़ी किसी वर्ष में नहीं मिले तो उस वर्ष अन्य खेल जिन्हें भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय स्तर के खेल पुरस्कार हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, के खिलाडिय़ों को जिन्होंने उपरोक्तानुसार उपलब्धि प्राप्त किया है, उन्हें सम्मान हेतु चयन के लिए विचार में लिए जाएंगे। इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी या उपलब्धि एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ की किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में नियमित अध्ययनरत या राज्य के शासकीय, अर्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रमों में निरंतर कार्यरत खिलाडिय़ों की उपलब्धि पर विचार किया जाएगा। सम्मान के लिए वर्ष की गणना एक अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। यह सम्मान विभाग के अन्य खेल पुरस्कारों के अलावा होगा जो खिलाड़ी को उसकी उपलब्धि के लिए दिया गया है। लेकिन तीरंदाजी में गुण्डाधूर सम्मान से अलंकृत खिलाड़ी इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगे। यह सम्मान किसी खिलाड़ी को उसके जीवनकाल में एक ही बार दिया जाएगा। 

गुण्डाधूर सम्मान एवं महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए उपरोक्त नियमों की विस्तृत जानकारी खेल विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों में देखा जा सकता है तथा आवेदन का निर्धारित प्रपत्र प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट  www.sportsyw.cg.gov.in में भी आवेदन का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है। 
 पिकनिक पाईंट में जुआ खेलते 12 जुआड़ी गिरफ्तार, हजारों रूपये नगदी सहित तास की पत्ती जप्त

पिकनिक पाईंट में जुआ खेलते 12 जुआड़ी गिरफ्तार, हजारों रूपये नगदी सहित तास की पत्ती जप्त

कोरबा। बालको थाना क्षेत्रान्तर्गत परसाखोला नाला पिकनिक पाईंट पर जुआरियों द्वारा बावन परी के साथ रंग रैलियां मानते पुलिस ने 12 जुआरियों को गिरफ्तार कर जुआरियों के पास से 52 पत्ती सहित 15200 रूपये जप्त किया है।

मिली जानकारी के अनुसार बालको थाना के उपनिरीक्षक पूरन सिंह बघेल अपनी टीम के साथ जुआ शराब अभियान में निकले थे की मुखबिर से सुचना मिली की नजदीक के परसाखोला नाले में सार्वजनिक स्थान पर कुछ लोग जुआ खेल रहे है पुलिस ने बिना देर किये मुखबिर के बताये जगह पर घेरा बंदी कर जुआरियो को गिरफ्तार कर लिया गया। जुआरियों में ब्रिजराज सिंह पिता वेकेंटेश्वर, महावीर पिता भोला प्रसाद साहू उम्र 35 वर्ष, धमेन्द्र जायसवाल पिता केदार जायसवाल,शिव शंकर देवांगन पिता टीकाराम देवांगन, संत कुमार पिता बिसउराम सतनामी, प्रेमचंद नायक पिता शिवलोचन नायक, रवि कुमार पिता कल्लू साव, संजय सूर्यवंशी पिता गणेश राम सूर्यवंशी, सुरेश पिता हेमलाल श्रीवास, पवन कुमार पिता सुकृत दास, दिलचंद पिता छेडूराम,राज कुमार केशरवानी पिता स्व. गुरजारी लाल केशरवानी सभी साकिनान आईटीआई रामपुर शामिल है। जिनसे टॉस पट्टी सहित 15200 रूपये जप्त किये गए।
 राजधानी के कुशालपुर स्थित सूने मकान में हुए जेवरात सहित लाखों की नगदी चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

राजधानी के कुशालपुर स्थित सूने मकान में हुए जेवरात सहित लाखों की नगदी चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। पुरानी बस्ती क्षेत्रांतर्गत कुशालपुर स्थित सूने मकान में हुये सोने-चांदी के जेवरात सहित नगदी लाखों की चोरी का खुलासा, मामले में आरोपी विजय शर्मा गिरफ्तार।

पढिये पूरी खबर-
पीड़ित राजेन्द्र ओझा ने थाना पुरानी बस्ती में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह पहाड़ी तालाब के सामने बंजारी मंदिर के पास कुशालपुर में अपने परिवार सहित रहता है तथा छ.ग. बिजली विभाग के सेक्शन अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त है। प्रार्थी 26 सितम्बर को शाम करीब 6 बजे अपने परिवार के साथ बेटी के घर सरोना रायपुर अपने घर में ताला लगाकर गये थे, 27 सितम्बर को शाम करीब 6 बजे बेटी के घर सरोना से वापस घर आने पर देखा कि उसके घर का चैनल गेट का ताला बाहर टूटा पड़ा था तथा मकान का दरवाजा खुला था एवं कमरे का दरवाजा का ताला टूटा हुआ ताला बेसिंग में था। प्रार्थी कमरा अंदर प्रवेश कर देखा तो कमरे में रखें आलमारी का ताला टूटा हुआ था एवं आलमारी में रखें सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम नहीं था। कोई अज्ञात चोर प्रार्थी के घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर आलमारी का ताला तोड़कर आलमारी में रखें सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम को चोरी कर ले गया था। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना पुरानी बस्ती में अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

सोने, चांदी के जेवरात सहित नगदी लाखों रूपये की चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार यादव द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती मनोज ध्रुव एवं थाना प्रभारी पुरानी बस्ती राजेश सिंह को अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना पुरानी बस्ती एवं सायबर सेल (तकनीकी टीम) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया एवं कार्य योजना तैयार कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी सहित उसके परिवार के अन्य सदस्यों तथा आसपास के लोगों से विस्तृत पूछताछ किया गया। टीम द्वारा नकबजनी व चोरी के पुराने एवं हाल ही में जेल से रिहा हुये आरोपियों के संबंध में भी जानकारियां एकत्र की जाकर घटना स्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ-साथ सायबर सेल की तकनीकी टीम द्वारा विश्लेषण कर अज्ञात आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान टीम को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई एवं आरोपी को चिन्हांकित करने में सफलता मिली, जिस पर टीम द्वारा साहू पारा अमलेश्वर दुर्ग निवासी विजय शर्मा, जो पूर्व में भी थाना टिकरापारा रायपुर से चोरी के प्रकरण में जेल निरूद्ध रह चुका है, को पकड़कर थाना लाकर पूछताछ करने पर विजय शर्मा बार-बार अपना बयान बदल रहा था एवं किसी भी प्रकार से चोरी की उक्त घटना में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर लगातार टीम को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। जिस पर टीम द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर वह अधिक समय तक अपने झूठ पर टिक न सका और अंततः आरोपी विजय शर्मा द्वारा चोरी की उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिनांक घटना को वह अपने सायकल से अमलेश्वर से रायपुर आया था एवं चोरी की उक्त घटना को अंजाम दिया था। आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से चोरी की सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम जुमला कीमती लगभग 17,02,500/- (सत्रह लाख दो हजार पांच सौ रूपये) तथा घटना में प्रयुक्त सायकल को जप्त किया गया। आरोपी से इस तरह की अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी विस्तृत पूछताछ की जा रही हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। 
स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता लाने के लिए बालको मेडिकल सेंटर ला रहे है "ही फ़ॉर हर" कैंपेन

स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता लाने के लिए बालको मेडिकल सेंटर ला रहे है "ही फ़ॉर हर" कैंपेन

रायपुर, इस अक्टूबर ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के उपलक्ष्य में बालको मेडिकल सेंटर , नया रायपुर लाया है " ही फ़ॉर हर " कैंपेन जिसमे स्तन कैंसर के खिलाफ जागरूकता फ़ैलाने के लिए सभी लोगों से अपील की जा रही है की घर के पुरुष, अपने घर में अपनी माँ , बहन, पत्नी, बेटी के साथ फोटो खींचे या एक छोटा वीडियो बना कर अपने फेसबुक पेज में अपलोड करें व बालको मेडिकल सेंटर के फेसबुक पेज को टैग करें और इस कम्पैन को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग करें।
इसी के साथ बालको मेडिकल सेंटर ने पूरे महीने महिलाओं के लिए विशेष ब्रैस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कैंप भी चल रहा है जिसमें, डिजिटल मैमोग्राफी , ऍफ़ एन ए सी (FNAC) ,जनरल स्क्रीनिंग, फ्री स्तन परीक्षण पुस्तिका व महिला कैंसर विशेषज्ञ द्वारा परामर्श दिया जा रहा है जो की 31 अक्टूबर तक चलेगा ।
बालको मेडिकल सेंटर के सीओओ, वेंकटा कुमार बताते है की कैंसर एक जटिल बीमारी है और इसका इलाज संभव है यदि इसे शुरुआत में ही पहचान लिया जाये । ब्रैस्ट कैंसर के मरीजों के ठीक होने के आंकड़े बताते है की इसकी पहचान अगर जल्दी हो जाती है तो उपचार के परिणाम बहुत ही बेहतर होते है, इसलिए मैं सभी से अनुरोध करता हूँ की अधिक से अधिक संख्या में इस ब्रैस्ट कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम में भाग लें एवं जाँच कराएं।
बालको मेडिकल सेंटर , वेदांत समूह की एक समाजिक पहल है जिसका उद्देश्य एक कैंसर मुक्त समाज बनाना है और कैंसर के इलाज को सभी लोगों तक पहुंचना है और इसी दिशा में काम करते हुए यहाँ पर 50 से अधिक कैंसर विशेषज्ञ कार्यरत है जो देश के कई बड़े कैंसर हॉस्पिटल में काम कर चुके है। यहाँ पर अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएँ व तकनीक से इलाज किया जा रहा है ।
आइये, इस ब्रैस्ट कैंसर जागरुकता माह में इस बीमारी को जड़ से ख़त्म करने के लिए सभी को जागरूक करते है।
 

 सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या नहीं, आत्महत्या थी- एम्स के फॉरेंसिक पैनल की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या नहीं, आत्महत्या थी- एम्स के फॉरेंसिक पैनल की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फोरेंसिक विभाग ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दी अपनी रिपोर्ट में इस ओर इशारा किया है कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या नहीं, आत्महत्या थी। इस मामले में सीबीआई के आग्रह पर डॉ. सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में गठित किये गये एम्स के फोरेंसिक पैनल ने यह रिपोर्ट दी है।

एम्स के सूत्रों के अनुसार, अपनी रिपोर्ट में फोरेंसिक टीम ने सुशांत की मौत को 'आत्महत्या' बताया है। एम्स के फोरेंसिक पैनल ने अभिनेता के परिवार और उनके वकील द्वारा किए गए जहर और गला घोंटने के दावों को खारिज कर दिया। कोर्ट में मामला होने के कारण एम्स के डॉक्टरों ने इस मामले में और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।

एम्स की फॉरेंसिक बॉडी ने रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया था कि उसकी मौत 'कार्बनिक ज़हरÓ का मामला नहीं था। हालांकि, सीबीआई सूत्रों ने इस मुद्दे पर कहा कि एजेंसी सभी कोणों की जांच कर रही है, और किसी भी एंगल से अभी तक इनकार नहीं किया गया है।
 छेड़छाड़ से परेशान 22 वर्षीय युवती ने काटी कलाई की नसें, युवती की हालत नाजुक

छेड़छाड़ से परेशान 22 वर्षीय युवती ने काटी कलाई की नसें, युवती की हालत नाजुक

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के निकट महाराजगंज जिले में एक 22 वर्षीय युवती ने कथित रूप से अपनी कलाई काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिवार का दावा है कि उसने पड़ोसी परिवार के 4 लड़कों द्वारा बार-बार छेड़छाड़ किये जाने से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया है। हालांकि पुलिस इसे दो परिवारों के बीच भूमि विवाद के चलते आत्महत्या के प्रयास का मामला बता रही है। पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि युवती का महाराजगंज में अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। लड़की की मां ने हालांकि पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि बार-बार छेड़छाड़ किये जाने से परेशान उसके पिता ने गुस्से में आकर कह दिया था कि वह अपनी बेटी को मारकर खुद जेल चले जाएंगे। पिता की इस बात से आहत होकर ही लड़की ने आत्महत्या का प्रयास किया। पीडि़ता की मां ने बताया कि पिता की टिप्पणी को लेकर आहत उनकी बेटी ने बृहस्पतिवार को कलाई काट ली। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त को 4 लड़कों ने उनकी बेटी के साथ छेडख़ानी की थी, जिसके बाद परिवार ने 18 अगस्त को पुलिस में शिकायत दी थी। इसके बाद 29 सितंबर को भी उसके साथ छेड़छाड़ हुई। महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने कहा, 'कोठीभरी थानांतर्गत दो परिवारों के बीच भूमि विवाद चल रहा है। 18 अगस्त को दो समूहों के बीच झड़प के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत मामला भी दर्ज किया जा चुका है।
 कांग्रेस शासन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के कारण नक्सलियों हमलों में 48 प्रतिशत की कमी आयी- विकास तिवारी

कांग्रेस शासन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के कारण नक्सलियों हमलों में 48 प्रतिशत की कमी आयी- विकास तिवारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल सूची अनुसुइया उइके को लिखे गए नक्सली समस्या पर पत्राचार को राजनीतिक नौटंकी करार दिया और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को पत्र लिखने के जगह पश्चाताप करना चाहिये और प्रदेश की जनता से नक्सलवाद को फैलाने के लिए माफी भी मांगनी चाहिये रमन राज के 15 सालों में नक्सलवाद जो कि बस्तर के कुछ ही जगह में था बढ़कर समूचे छत्तीसगढ़ में फैल गया,डॉ रमन सिंह के गृह जिले राजनांदगांव में भी नक्सलियो ने अपना मजबूत पकड़ बना लिया था और पूरे विश्व में छत्तीसगढ़ की छवि नक्सलियों के गढ़ के रूप में की जाने लगी थी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह नक्सलियों को माटी पुत्र,धरतीपुत्र कहकर संबोधित करते थे जबकि नक्सली सीआरपीएफ सेना पुलिस के जवान आदिवासियों और अन्य लोगों की निर्मलता से हत्या किया करते थे वर्तमान समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के चलते छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सली हमलों में 48त्न की कमी आई इसका कारण यह था कि बस्तर में किसानों को की भाजपा सरकार द्वारा बलात अधिग्रहित की गई अट्ठारह सौ एकड़ जमीन को उन्हें वापस कर दिया गया जिसमें वह फसल जाकर 2500 रु धान समर्थन मूल्य प्राप्त कर रहे हैं बस्तर और बस्तरवासियों का विकास देखकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बेचैन हो उठे हैं और अपने 15 सालों के असफलताओं को छुपाने और पर्दा डालने के लिए राज्यपाल को पत्राचार कर रहे हैं जबकि उन्हें नक्सलवाद को फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की आवश्यकता है कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को उनके समय उनके शासनकाल में हुए नक्सली हमलों को याद दिलाते हुए सिलसिलेवार आंकड़े जारी करते हुए बताया कि-

28 अप्रैल 2019
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने पुलिस जवानों पर हमला किया। हमले में दो पुलिस जवान शहीद हो गए तथा एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया है।

19 मार्च 2019
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में उन्नाव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान शशिकांत तिवारी शहीद हो गए। घात लगाकर हुए इस हमले में पांच अन्य लोग घायल भी हो गए।

24 अप्रैल 2017
छत्तीसगढ़ के सुकमा में लंच करने को बैठे जवानों पर घातक हमला हुआ जिसमें 25 से ज्यादा जवान शहीद हो गए।

1 मार्च 2017
सुकमा जिले में अवरुद्ध सड़कों को खाली करने के काम में जुटे सीआरपीएफ के जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में 11 जवान शहीद हो गए और 3 से ज्यादा घायल हो गए।  

11 मार्च 2014
झीरम घाटी के पास ही एक इलाके में नक्सलियों ने एक और हमला किया। इसमें 15 जवान शहीद हुए थे और एक ग्रामीण की भी इसमें मौत हो गई थी।

12 अप्रैल 2014
बीजापुर और दरभा घाटी में आईईडी ब्लास्ट में पांच जवानों समेत 14 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में सात मतदान कर्मी भी थे। हमले में सीआरपीएफ के पांच जवानों समेत एंबुलेंस चालक और कंपाउंडर की भी मौत हो गई थी।

दिसंबर 2014
सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में एंटी-नक्सल ऑपरेशन चला रहे सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया दिया था। नक्सलियों के इस हमले में 14 शहीद हो गए थे जबकि 12 लोग घायल हो गए थे।

25 मई 2013
झीरम घाटी हमला: नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला कर दिया था जिसमें कांग्रेस के 30 नेता व कार्यकर्ताओ की शहादत हुई थी।नक्सलियों ने सबसे पहले सड़क पर ब्लास्ट किया और फिर काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दर्जनों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल,तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल,महेन्द्रकर्मा,उदय मुदलियार,दिनेश पटेल,योगेंद्र शर्मा समेत 30 से ज्यादा कांग्रेसी शहीद हुवे थे।

6 अप्रैल 2010
दंतेवाड़ा हमला: दंतेवाड़ा जिले के ताड़मेटला में यह हमला सुरक्षाकर्मियों पर हुआ यह हमला देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला है। इसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ के करीब 120 जवान तलाशी अभियान चला रहे थे तभी उन पर घात लगाकर करीब 1000 नक्सलियों हमला कर दिया था। इस हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे।

12 जुलाई 2009
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में घात लगाकर किए गये नक्सली हमले में पुलिस अधीक्षक वीके चौबे सहित 29 जवान शहीद हुवे थे।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नक्सल विरोधी पत्राचार और प्रलाप को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कम समय के शासनकाल में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के चलते बस्तर अब मुख्यधारा से जुड़ कर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है बस्तर वासियों पर अपनी पकड़ ढीली देख नक्सली भी आप बौखला उठे है।बस्तरवासी गोधन या योजना के तहत गोबर की बिक्री कर रहे हैं नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के तहत अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं और 2500 रु धान समर्थन मूल्य पाकर वह पिछले 15 साल के पूर्ववर्ती रमन राज के दंश को भूलने का भी प्रयास कर रहे हैं यह सभी बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी को नागवार गुजर रही है बस्तर में सम्पन्न दो विधानसभा के उपचुनाव,नगर निगम,नगर पालिका,पंचायत के चुनावों में भी करारी पराजय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह अपने आप को आदिवासी हितैषी साबित करने में तुले हुवे है,पर आदिवासियों के साथ उन्होंने अपने पंद्रह वर्ष के शासन काल मे घोर अन्याय और अत्याचार किया है।जिसके लिये उन्हें प्रायश्चित करने की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार 595 प्रोफेसरों की सीधी भर्ती, पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार 595 प्रोफेसरों की सीधी भर्ती, पढ़े पूरी खबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग से 595 प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए प्रस्ताव मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

प्रथम और द्वितीय श्रेणी के 400 पदों पर होनी है भर्ती-
इन पदों के लिए पूरे देश से आवेदन आने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रथम और द्वितीय श्रेणी के करीब 400 पदों पर अधिकारियों की भर्ती भी होनी है। इसके लिए सीजीपीएससी के पास कई विभागों से प्रस्ताव आ चुके हैं।

दूर होगी यूजीसी अनुदान में आ रही परेशानी-
प्रोफेसरों के पद रिक्त होने की वजह से विश्वविद्यालयों और कालेजों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की ग्रेडिंग कराने में भी दिक्कत हो रही है। छत्तीसगढ़ में आठ सरकारी और आठ ही निजी विश्वविद्यालय हैं। इनमें से अभी तक छह विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग हो चुकी है। इसी तरह 574 कालेजों में से 126 कालेजों की ही नैक ग्रेडिंग हुई है। पिछले 20 साल से छत्तीसगढ़ में प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। प्रोफेसरों की भर्ती के लिए अधिकतम उम्र 45 साल, पीएचडी और 10 साल का शिक्षण अनुभव अनिवार्य है।
 हाथरस मामले में राहुल-प्रियंका ने योगी सरकार पर साधा निशाना: पीडि़त परिवार को धमकाने वाला व्यवहार देश को स्वीकार नहीं

हाथरस मामले में राहुल-प्रियंका ने योगी सरकार पर साधा निशाना: पीडि़त परिवार को धमकाने वाला व्यवहार देश को स्वीकार नहीं

नई दिल्ली। हाथरस गैंगरेप मामले में पीडि़त परिवार के लिए न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस लगातार प्रदेश की योगी सरकार को निशाने पर लिए हुए है और उस पर प्रशासनिक अमलों के जरिए पीडि़त परिवार पर दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पीडि़तों को मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सच छिपाने के लिए सरकार किसी भी स्तर तक जा रही है।


वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि इस प्यारी बच्ची और उसके परिवार के साथ उत्तर प्रदेश सरकार और उसकी पुलिस द्वारा किया जा रहा व्यवहार मुझे स्वीकार नहीं। सच छिपाने के लिए उप्र सरकार दरिंदगी पर उतर चुकी है। किसी भी हिन्दुस्तानी को ये स्वीकार नहीं करना चाहिए। वहीं राहुल गांधी के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने लिखा कि जो लोग सरेआम कुलदीप सेंगर के बचाव में सड़क पर आ गए थे, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है।

हाथरस मामले में योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, यूपी सरकार नैतिक रूप से भ्रष्ट है। पीडि़ता को इलाज नहीं मिला, समय पर शिकायत नहीं लिखी गई, शव को जबरदस्ती जलाया गया, परिवार कैद में है, उन्हें दबाया जा रहा है। अब उन्हें धमकी दी जा रही कि नार्को टेस्ट होगा। ये व्यवहार देश को मंजूर नहीं। पीडि़ता के परिवार को धमकाना बंद कीजिए।

कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा है कि जब तक हाथरस की बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, उनके हमारे कदम नहीं रुकेंगे। उस परिवार के आंसू पोंछना हमारा धर्म है, जिस पर भाजपाई ज्यादतियां बढ़ती जा रही हैं। ये लड़ाई हिंदुस्तान की हर बेटी के लिए है और इसे अंत तक लड़ा जाएगा।
 बड़ी खबर छत्तीसगढ़: डॉक्टर ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, घर से कहकर निकला था कुछ देर में लौटूंगा

बड़ी खबर छत्तीसगढ़: डॉक्टर ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, घर से कहकर निकला था कुछ देर में लौटूंगा

भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सुपेला रेलवे क्रासिंग पर आज एक डॉक्टर ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। 

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक डॉक्टर का नाम ऋषि साहू बताया जा रहा है। मृतक डाक्टर अपने घर से कुछ देर में वापस लौटने की बात कहकर निकला था, लेकिन वो नहीं लौटा, उसने सुपेला रेलवे क्रासिंग के पास ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक का मोबाईल फोन मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी। सूचना पर मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है। हालांकि डॉक्टर ने खुदकुशी क्यों कि इसका पता अभी नहीं चल पाया है। पुलिस मृतक के परिजनों से पूछताछ कर रही है।
 नक्सलवाद विस्तार के लिए डॉ. रमन सिंह ही जिम्मेदार: कांग्रेस

नक्सलवाद विस्तार के लिए डॉ. रमन सिंह ही जिम्मेदार: कांग्रेस

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के राज्यपाल को नक्सलवाद के विषय पर पत्र लिखे जाने पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा है कि डॉ. रमन सिंह के शासनकाल में दक्षिण बस्तर के 3 ब्लॉक तक सीमित नक्सलवाद ने प्रदेश के 14 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इसी दौरान झीरमघाटी ,पेद्दागेलूर और सरकेगुड़ा में बड़ी नक्सल घटनाएं हुई और माओवाद विस्तार करने वाले कारणों को बढ़ावा दिया गया।

कांग्रेस नेता ने अपने बयान में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे डॉ.रमन सिंह समेत केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही प्रदेश से केंद्र की CRPF की बटालियनो को हटा लिया गया, खाली होने के बावजूद उन्हें वापस छत्तीसगढ़ नही भेजा जा रहा है।

शैलेश नितिन ने कहा कि नक्सलवाद के विषय पर राज्यपाल को पत्र लिखने से पहले डॉ रमन सिंह को अपने गिरेबान में झांककर देखना था,क्योंकि छत्तीसगढ़ में माओवाद के विस्तार के लिए और उसके फलने फूलने के लिए पूरी तरह रमन सरकार ही जिम्मेदार रही है।

त्रिवेदी ने हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराने वाले डॉ.रमन सिंह ही नक्सलवाद के विस्तार के लिए जिम्मेदार है। भाजपा के न जाने कितने नेताओ की नक्सलियों से सांठगांठ रही है जबकि छत्तीसगढ़ में काँग्रेस ने अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को माओवादीयो के हाथों गंवाया है।
 बड़ी खबर: एक व्यवसायी से 95000 नकदी समेत चैन-अंगूठी की लूट, फरार लूटेरों की तलाश में जुटी पुलिस

बड़ी खबर: एक व्यवसायी से 95000 नकदी समेत चैन-अंगूठी की लूट, फरार लूटेरों की तलाश में जुटी पुलिस

कोरबा। आज सुबह एक व्यवसायी अंकित केसरवानी लूट का शिकार हो गया। अज्ञात लुटेरों ने गाडी रुकवाकर पीड़ित के पास रखे 95000 रु सहित उसकी चैन, अंगूठी लूट ली। अंकित उनका पीछा न कर सके, इसलिए लुटेरों उसकी गाडी की चाबी छीन कर भाग गए। 

जानकारी के अनुसार मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत सुभाष ब्लॉक निवासी आज सुबह लगभग 11:30 बजे केसरवानी मोबाइल शॉप घंटाघर कोरबा के संचालक अंकित केसरवानी मानिकपुर पुलिस चौकी के समीप सुभाष ब्लॉक से होकर गुजर रहे थे तभी अचानक अज्ञात बाईक सवार लोग आए उन्हें रोका और अंकित के पास रखें 95000 नकदी ,सोने की अंगूठी, चांदी की चेन और स्कूटी की चाबी लेकर फरार हो गए। अंकित ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ने का प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। लूटेरों की तलाश जारी हैं।