बहन सरोज पांडेय जी! आज आपका भाई भूपेश आपसे वादा कर रहा है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी होकर रहेगी, हम सब इसकी तैयारी में लगे हैं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 23, 2020
साथ ही आपका आभार इसलिए कि आपने आज पुनः प्रदेश के सामने ला दिया कि आपके भाई @drramansingh ने 15 साल तक आपके वादे को तोड़ा, आपकी बात नहीं मानी। https://t.co/ReJNc9pRaG
महासमुंद। बागबाहरा व खल्लारी के 30 से 40 किसान ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर से मुलाकात कर चंडी मेडिकल के प्रोपराइटर राकेश चौहान की गिरफ्तारी की मांग की। जिस पर एसपी ने तत्काल बागबाहरा थाना प्रभारी को आरोपी की गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। एसपी ने किसानों को एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने का आश्वस्त किया। इसके बाद किसान वहां से चले गए। छग राज्य आंदोलनकारी नेता अनिल दुबे के नेतृत्व में बागबाहरा विकासखंड के किसान विजय साहू, चंदन साहू सहित 30 से 35 किसानों ने एसपी को बतायाया कि बागबाहरा स्थित चंडी मेडिकल के प्रोपराइटर राकेश चौहान ने वर्ष 2018-19 में रबी फसल का धान खरीदा था। जिसका 65 लाख रूपये का भुगतान शेष रह गया था। उसके द्वारा आज-कल कर किसानों को घुमाया जा रहा था। जब किसान हताश हो गए तो उन्होंने राकेश चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और दिसंबर में उसके खिलाफ बागबाहरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। जब भी किसान इस मामले में आरोपी की गिरफ्तार की जानकारी लेने जाता तो, प्रभारी द्वारा फरार होने की बात कहते हुए किसानों को भगा देते हैं। एक साल हो गया आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। किसानों की मांग है कि आरोपी जल्द से जल्द गिरफ्तार हो। इस संबंध में एसपी ने किसानों को जल्द ही गिरफ्तारी का आश्वसन दिया है। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
भिलाई। बालीवुड के मशहूर एक्टर सुशांत सिंह ने एक महीना पहले आत्महत्या कर ली थी। देश भर में सुशांत सिंह की मौत के बाद कई लोग दुखी हुए ऐसी कुछ स्थिति छत्तीसगढ़ के भिलाई में देखने को मिली है यहां सेक्टर 7 निवासी एक छात्रा ने अपने घर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
छात्रा का नाम अंजलि बताया जा रहा है। घटना बुधवार देर रात की है मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने खबर मिलने के बाद घर का दरवाजा खोला तो छात्रा की शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा हुआ था कि वह सुशांत सिंह की मौत से दुखी है और उसका जाना अच्छा नहीं लग रहा है। बहरहाल पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel का अविश्वसनीय, अकल्पनीय आर्थिक प्रबंधन देखिए
— Dr Raman Singh (@drramansingh) July 23, 2020
एक दिन में दो हजार क्विंटल मतलब सिर्फ 4 लाख रुपए का गोबर खरीदा और विज्ञापन व प्रचार-प्रसार में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए!
योजना का नाम 'प्रचार-प्रसार न्याय योजना' ज्यादा उचित लग रहा है। pic.twitter.com/AjOHmu27tk
रायपुर। कोरोना पॉजिटिव कोविड 19 नामक विश्वव्यापी महामारी के चलते प्रदेश में हर दिन मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि के कारण छत्तीसगढ़ सहित देश के अधिकांश प्रदेशों में इन दिनों लॉकडाउन के दौरान कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए स्कूल कॉलेज अनिश्चित काल के लिए बंद किये गये हैं। प्रदेश के निजी स्कूलोंं ने बंद स्कूलों में कमाई का नया जरिया निकालते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों से ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर वसूली का काम शुरू किया है।
जिसके चलते पालकों में बेहद आक्रोश है। ज्ञातव्य है कि गुजरात की तर्ज में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूली शिक्षा विभाग में भी बंद स्कूलों में मासिक शुल्क वसूली पर स्कूल प्रबंधनों पर प्रतिबंध लगाते हुए कोरोना काल में शुल्क नहीं लेने का आदेश जारी किया है। बावजूद इसके आए दिन सोशल मीडिया में एवं पालकों से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल प्रबंधनों द्वारा अपने स्टाफ के वेतन के नाम पर पालकों से जबरिया वसूली की जा रही है। निजी स्कूलों में अधिकांशत: सीबीएसई बोर्ड दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से रिजन के अनुसार पंजीकृत है।
READ : राजधानी में फिर हुई चाकू-बाजी, सेलून में घूसकर डण्डे व चाकू से मारकर किया दो युवकों को घायल
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा भी इस संबंध में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के माध्यम से बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा ऑनलाइन वसूली पर प्रतिबंध लगाया गया है। रायपुर पैरेंट्स एसोसिएशन की वरिष्ठ सदस्य सुरिंदर कौर चावला एवं छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पाल ने मुख्यमंंत्री एवं प्रधानमंत्री से कोरोना काल में सीबीएसई अथवा राज्यस्तर पर संचालित निजी स्कूलों द्वारा की जा रही ऑनलाइन पढ़ाई की वसूली के नाम पर उगाही तत्काल रोकने की मांग की है। स्कूल प्रबंधनों द्वारा आदेश की उपेक्षा करने पर दोषी स्कूल प्रबंधनों का पंजीयन तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
रायपुर। राज्यसभा सांसद भाजपा नेत्री सरोज पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राखी भेजने तथा पत्र लिखने पर कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि राखी भेजे जाने का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है साथ ही यह जानना चाहती है कि सरोज पांडेय ने इसके पूर्व अपने बड़े भाई स्वरूप पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को उनके 15 साल के कार्यकाल में प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के लिए कितने बार पत्र लिखा है तथा उनके पत्र का डा. रमन सिंह ने क्या जवाब दिया था? यह प्रदेश की जनता भी जानना चाहती है।
पढ़ें : राजधानी में फिर हुई चाकू-बाजी, सेलून में घूसकर डण्डे व चाकू से मारकर किया दो युवकों को घायल
बीजापुर | बस्तर संभाग के अति संवेदनशील नक्सली क्षेत्र के जिले के भैरमगढ़ के ग्राम पिनकोंडा में ग्रामीण महिला सोमनी उरसा 23 वर्ष ने 03 बच्चे को जन्म दिया, यह जिले का पहला मामला बताया जा रहा है। अब तक जिले में एक साथ 03 बच्चे का जन्म इससे पहले कभी भी नही हुआ है।
यह भी पढ़ें : कल देर रात प्रदेश में 31 और मरीज मिलने की हुई पुष्टि
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के तीन नगर निगम, एक नगर पालिका सहित 6 नगर पंचायतों में पार्षद के आम निर्वाचन तथा नगर पंचायत मगरलोड के वार्ड क्रमांक 11 में पार्षद के उप चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव तथा उप चुनाव के मद्देनजर एक जनवरी 2020 की संदर्भ तारीख के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने के संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टर सह जिला निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने की कार्रवाई के लिए दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिसके तहत चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली 4 सितम्बर तक मुद्रण हेतु पीडीएफ तैयार कर निर्वाचन कार्यालय उपलब्ध कराना होगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 9 सितम्बर को किया जाएगा। दावा-आपत्तियां 18 सितम्बर तक प्राप्त की जाएगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 12 अक्टूबर 2020 को होगा।
पढ़ें यह भी : आज दिनांक 23 जुलाई का राशिफल, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन
महासमुंद, छत्तीसगढ़ में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, हालात को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया है। इसी बीच खबर आई है कि महासमुंद जिला प्रशासन ने नगरीय क्षेत्र में 25 से 31 जुलाई 2020 तक टोटल लॉकडाउन का आदेश जारी किया है। इस दौरान आम जरूरत की चीजों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहेंगी। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर कलेक्टर ने यह फैसला लिया है।
READ ALSO:-रक्त में इंसुलिन बढ़ाने का काम करता है पपीता, इन लोगों को करना चाहिए नियमित सेवन
रायपुर | इच्छा शक्ति और कुछ करने का जुनून हो तो इंसान कोई भी काम कर सकता है। रायगढ़ जिले के सारंगढ़ विकासखण्ड के गोड़म गांव में संचालित सारिका प्रिटिंग प्रेस इसी की एक बानगी पेश करता है। इसकी खास बात है कि इस प्रिटिंग प्रेस को बिहान से जुड़ी सुरभि स्व-सहायता समूह की महिलाएं संचालित कर रही है। प्रिंटिग प्रेस का काम सामान्यतः पुरूषों के क्षेत्र के रूप में जाना जाता है,लेकिन इस प्रिंटिंग प्रेस में सारा काम महिलाएं सम्हाल रही हैं। यहां डिजाईनिंग से लेकर प्रिटिंग तक का सारा काम महिलाओं द्वारा ही किया जाता है। यहां बिल बुक, पाम्पलेट, आईडी और विजिटिंग कार्ड, प्रोडक्ट स्टीकर, ब्रोशर, इनडोर और आउटडोर एडवरटायजिंग तैयार किये जाते है।
ALSO READ : युवक की गला दबाकर हत्या कर पंप हाउस में लटकाया लाश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
सारिका प्रिटिंग प्रेस की संचालिका सारिका भारद्वाज बताती है कि वह शादी से पहले पढ़ाई के साथ-साथ प्रिटिंग प्रेस में काम करती थी। वहां से सीखा हुनर और अनुभव अब खुद का व्यवसाय करने के साथ ही अन्य महिलाओं को रोजगार देने में काम आ रहा है। सारिका कम्प्यूटर में विभिन्न डिजाईनिंग सॉफ्टवेयर जैसे कोरलड्रा, पेजमेकर, फोटोशॉप चलाने में माहिर हैं। वह डिजाइनिंग का सारा काम खुद ही संभालती है। उनके पास ऑफसेट प्रिटिंग मशीन भी है, जिसमें छपाई, कटाई व बाइडिंग काम स्वयं व समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर करती है।
पढ़ें : रायपुर के इस इलाके में फिर हुआ कोरोना ब्लास्ट, 16 नए कोरोना मरीज की हुई पहचान
प्रिटिंग प्रेस से वह 5 महिलाओं को नियमित रोजगार भी उपलब्ध करवा रही है। सारे भुगतान और खर्चे निकालने के बाद उन्हें 15 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होती हैं। सारिका भविष्य में अपने प्रिटिंग प्रेस को एक प्रिटिंग फैक्ट्री जैसे बड़े आयाम तक पहुंचाना चाहती है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैय्या करवा सके। उनका मानना है कि वर्तमान समय पहले की अपेक्षा अलग है। महिलाएं पहले से ज्यादा पढ़ी-लिखी हैं और उनके स्वावलंबन के लिये शासन के विभिन्न योजनाओं के साथ अनेक अवसर मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें घर के चारदीवारी से बाहर निकलकर खुद में सक्षम बनने के लिए प्रयास करना चाहिए।

















