रायपुर। पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने करीब 3 साल बाद पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। डीडीनगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खपराखोल बांधिया डीपा थाना पिथौरा महासमुंद निवासी सीताराम गोड़ 40 वर्ष को सिर में गंभीर चोट लगने पर अंबेडकर अस्पताल में 11 जनवरी 2017 को ईलाज के लिये भर्ती किया गया था। मृतक की उपचार के दौरान 24 जनवरी 2017 को मौत हो गई। पंचानाम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर कई गंभीर चोट दिखा जिसके बाद डीडीनगर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई थी। इसी कड़ी में मृतक का बेटा पंकज ध्रव ने पिता द्वारा गाली-गलौच करने पर आक्रोश में आकर मसाला पीसने वाले पत्थर से उसके सोते समय सिर पर मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। इस घटना की जानकारी आरोपी ने अपनी छोटी बहन आयु 12 वर्ष को बताया था। वही आरोपी की मां आहिल्या ध्रुर्व ने पंकज के द्वारा अपने पिता की हत्या करने की पुष्टि किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
अम्बिकापुर। प्रदेश में फिर से क्वारंटाइन सेंटर में एक मौत हो गई है, इस बार सीतापुर के क्वारंटाइन सेंटर में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। बीते 2 तारीख को रायपुर से ग्राम केरजु युवक आया था। तभी ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन ने युवक को क्वारेंटीन किया था। युवक द्वारा फांसी लगाने का कारण अज्ञात है, SDOP ने इस मामले की पुष्टि की है। इस खबर के बाद प्रशासनिक अमले में हडकंप मच गया है।
रायपुर/भिलाई। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते दुनिया भर में लाखों लोग संक्रमित होकर अपनी जान गंवा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस जानलेवा वायरस से लड़कर जंग जीतने वाले अब तक के सबसे बुजुर्ग मरीज सामने आए है।
1. An 89 year old COVID-19 positive patient from Bhilai has been cured and discharged by AllMS. He is the oldest patient cured in Chhattisgarh. The patient shows a way forward for all COVID-19 positive patients as he enters a new phase of his life.
— AIIMS, Raipur, CG???? (@aiims_rpr) July 11, 2020
रायपुर। कोरोनाकाल में शहरवासियों को जागरूक करने नुक्कड़ कलाकार यमराज और चित्रगुप्त के भेष में चौक-चौराहों पर उतरे हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और रायपुर यातायात पुलिस मिलकर यह अभियान शहर में संचालित कर रही है। यमराज और चित्रगुप्त बने कलाकार मास्क न पहनने वालों को आगाह कर रहे हैं कि उनकी लापरवाही उनके व दूसरों के जीवन को संकट में डाल रही है। ये कलाकार सड़क पर थूंकने वाले और यातायात नियम का उल्लंघन करने वालों को भी बता रहे हैं कि, उनकी लापरवाही से उनकी और दूसरों की जिंदगी में भी संकट आ सकता है। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी सौरभ कुमार ने कहा कि आईईसी गतिविधियों के अंतर्गत नियमित हाथ धोने, सड़क पर न थूंकने और मास्क लगाने के लिए लगातार अभियान चलाकर समझाइश दी जा रही है। साथ ही सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। दुकानों में अनावश्यक भीड़ न लगाने की भी समझाइश नगर निगम के सभी जोन में अभियान संचालित कर दी जा रही है। समझाइश के बाद भी लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती बरतते हुए अर्थदंड भी लगाया जा रहा है।
कोरबा। भाई-बहनों के प्यार का पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन आने वाला है, ऐसे में बाजार में रंग बिरंगी राखियां आनी शुरू हो गई है। कभी कोरोना का हॉट स्पाट बन चुके कटघोरा की महिलाएं देशी राखी बनाकर नया मिशाल पेश कर रही हैं। बहनों का प्रेम बनकर इस रक्षाबंधन पर चावल, गेहूं, दाल, धान, पैरा, बांस, कौड़ी, रूद्राक्ष जैसे परंपरागत चीजों से बनी आकर्षक राखियां भाईयों की कलाईयों पर सजेंगी। कोरबा जिले के जनपद पंचायत कटघोरा के जननी महिला संकुल संगठन धंवईपुर की महिलाएं चाइनीज राखियों को कड़ी टक्कर देने के लिए छत्तीसगढ़ी थीम पर राखियां बना रही हैं। समूह की 20-25 महिलाएं मिलकर पैरा, दाल, चावल दाने, कौंड़ी और गेहूं दाने से विभिन्न प्रकार की और नये-नये कलात्मक डिजाइन में राखियां बना रही हैं। भाई-बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षा बंधन में स्वदेशी और पूर्ण रूप से छत्तीसगढ़ी स्वरूप देने के लिए लगभग दस हजार राखियां समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं। राखियों का बिक्री मूल्य दस, बीस और पचास रूपये तय किया गया है। राखियों को बेचने के लिए स्थानीय बाजार के अलावा बाहर के मार्केट में भी भेजने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। घर के पास ही काम मिल जाने से समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं। विदेशी और प्लास्टिक राखियों से मुक्ति तथा छत्तीसगढ़ी थीम पर बनी राखियां आमजन को स्वत: ही आकर्षित कर रही है। छत्तीसगढ़ी थीम पर बनी राखियों से अपनेपन की अलग ही भावना भाई-बहनों के पवित्र प्रेम को नई पहचान दे रही है।
रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने मंत्रालय महानदी भवन में संस्कृति विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान भगत ने कहा कि 15 अगस्त 2020 से राज्य के सभी जिला कलेक्टोरेट परिसर में गढ़कलेवा शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप प्रदेश वासियों को सस्ते दर पर छत्तीसगढी़ व्यंजन उपलब्ध कराने के लिए गढ़कलेवा शुरू करने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए गए हैं।
दुर्ग। बीजेपी सांसद विजय बघेल को होम क्वारंटाइन किया गया है, जानकारी मिली है कि उनके निवास पर दो दिनों तक पार्षदों की बैठक हुई थी। इस बैठक में भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भी शामिल हुए थे, नेता प्रतिपक्ष की सास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है, जिसके बाद स्वास्थ विभाग ने यह फैसला लिया है।

रायपुर, जिले के 9 पुलिस आरक्षकों के तबादले आदेश जारी किए गए हैं। इसके आदेश SSP रायपुर श्री अजय यादव ने जारी किए हैं।
देखे किनका हुआ है तबादला:-

रायपुर | राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न बैंको को दिए लक्ष्यों की प्रगति, छत्तीसगढ़ में कार्यरत बैंकों की वित्तीय एवं बैंकिंग क्षेत्र में की गई प्रगति तथा बैंकर्स समिति की पिछली बैठकों की एक्शन टेकन रिर्पोट पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति में ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी तथा उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुवा शामिल हुए। बैठक में नाबार्ड तथा भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य के नक्सल प्रभावित (एल.डब्ल्यू.ई.) जिले बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, राजनांदगांव एवं कोण्डागांव में बैंकिंग एवं वित्तीय सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक परविंदर भारती ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों में विभिन्न बैंकों की 140 शाखाएं एवं ए.टी.एम. की शुरू कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में अभी दस बैंकों की शाखाएं खोली जाना है। अपर मुख्य सचिव ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि जहां-जहां बैंक शाखाएं खोली गई है। उन स्थानों की जानकारी ग्रामीण हितग्राहियों को होना आवश्यक है इसके लिए पंचायतों के माध्यम से बैंकों की जानकारी दिया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में बैंकर्स को निर्देश दिए गए कि राज्य के जिन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है वहां शीघ्र ही बैंक शाखाएं खोली जाए। बैठक में शासकीय योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2019-20 के वार्षिक क्रेडिट प्लान की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि राज्य में वाणिज्य, सहकारी एवं अन्य बैंकों द्वारा 31 मार्च 2020 तक 28 हजार 229 करोड़ रूपए से ज्यादा का साख सीमा अर्जित की गयी। जो उनके लक्ष्य का 76.90 प्रतिशत है। इसी तरह से राज्य में कार्यरत वाणिज्य एवं सहकारी बैंक द्वारा कुल 16 लाख 95 हजार 916 के.सी.सी. कार्ड के माध्यम से किसानों को 13 हजार 134 करोड़ रूपए का ऋण उपलब्ध कराया गया। बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति तथा अटल पेंशन योजना के तहत 61 लाख 89 हजार लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसी तरह से राज्य में विभिन्न हाऊसिंग योजनाओं के तहत कुल 25064 प्रकरणों में 4481.41 करोड़ रूपए के ऋण स्वीकृत किए गए है। बैंकर्स समिति की बैठक में विभिन्न बैंकर्स द्वारा राज्य शासन की अभिनव गोधन न्याय योजना को बैंकर्स ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैंकर्स ने बैठक में राज्य बैंकर्स समिति के संयोजक परविंदर भारती ने कहा कि राज्य शासन की नरवा, घुरवा, गरवा और बाड़ी सहित अन्य योजनाओं के लिए हर संभव कार्य करेंगे। भारती ने बताया कि कोविड-19 के संकट में बैंकों द्वारा सामाजिक दायित्व निभाया गया है। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा चिकित्सा उपकरण, पीपीई किट, मॉस्क सहित अन्य चिकित्सा उपकरण शासकीय अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए है। बैठक में छत्तीसगढ़ में कार्यरत सभी वाणिज्यिक एवं सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
रायपुर। राजधानी के निकट मंदिर हसौद थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम खम्हरिया में हुये दोहरे हत्याकाण्ड का चंद घंटों में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी नेमसिंग निषाद को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर | राज्य शासन द्वारा मंत्रियों की निजी स्थापना के लिए 12 विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पदों का सृजन किया गया है। सभी मंत्रियों के निजी पदस्थापना में एक-एक ओएसडी नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी से जारी आदेश के अनुसार विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर शासकीय सेवकों की नियुक्ति की जा सकेगी। इस पद पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के तहत को-टर्मिनल नियुक्तियां नही की जा सकेगी।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के हर गांव में एक इंडस्ट्रियल पार्क होगा। उन्होंने कहा कि गांव में गौठानें के लिए आरक्षित की गयी जमीन में से एक एकड़ जमीन कुटीर और छोटे उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगी, जहां स्व-सहायता महिला समूह द्वारा लघु वनोपजों में वेल्यूएडीशन का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज एक इलेक्ट्रॉनिक समाचार चैनल हिन्दी खबर द्वारा आयोजित ई-कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर यह बात कही। श्री भूपेश बघेल ’रिस्टार्ट छत्तीसगढ़ ऑफ्टर लॉकडाउन’ विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। श्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना प्रदेश में 20 जुलाई को हरेली त्यौहार से शुरू की जा रही है। इस योजना में पशु-पालकों से गोबर खरीदकर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जाएगी। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां गोबर की खरीदी की जाएगी। उन्होंने गांधी जी की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुरू की गई सुराजी गांव योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार स्तंभ साबित होगी। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की कल्पना साकार होगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कोरोना से लड़ने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि महामारी संकट के इस दौर में सबके लिए रोजगार के अवसर ढूढना है। यदि हिन्दुस्तान का पुर्ननिर्माण करना है, तो सबको विश्वास में लेकर कोई ऐसा काम शुरू करना होगा, जिससे सबको रोजगार मिले और सब सुखी और सम्पन्न हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने की है। श्री बघेल ने कॉन्क्लेव में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, लॉकडाउन के दौरान जरूरी आर्थिक गतिविधियों को जारी रखने के प्रयासों, कठिन समय में जरूरतमंद लोगों को राहत प्रदान करने के किए गए उपायों और छत्तीसगढ़ के वर्तमान आर्थिक परिवेश के बारे में विस्तार से अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। रामवन गमन पथ को विकसित करने के लिए राशि का प्रावधान करते हुए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेक सुरम्य प्राकृतिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक धरोहरेें है। यहां पर्यटकों के लिए सुविधा विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जरूरी आर्थिक गतिविधियों को चालू रखा गया। प्रदेश के बड़े उद्योग कम क्षमता के साथ संचालित होते रहे। खदानें बंद नहीं हुई। मनरेगा के काम बड़े पैमाने पर प्रारंभ किए गए, जिनमें अधिकतम 26 लाख लोगों को काम मिला। लॉकडाउन के दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किश्त की राशि के रूप में पन्द्रह सौ करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की गयी। लघु वनोपजों के संग्रहण का काम भी चलता रहा। लोगों की जेब में इन माध्यमों से पैसा आया, जिससे लॉकडाउन में भी उद्योग, व्यापार और व्यवसाय फले-फूले। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में तीन हजार से अधिक ट्रेक्टरों की बिक्री हुई। पिछले वर्ष की जून माह तुलना में इस वर्ष जून माह में जीएसटी कलेक्शन में 22 प्रतिशत की ग्रोथ हुई। रियल स्टेट सेक्टर को गति देने के लिए जमीनों की खरीदी-बिक्री की कलेक्टर गाईड लाईन दरों में 30 प्रतिशत छूट दी गयी है। पंजीयन शुल्क भी कम किया गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक रजिस्ट्री हुई है।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेशों से आने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें होम क्वारेंटाइन में रखा गया। लॉकडाउन के दौरान लगभग साढ़े छह लाख मजदूर और अन्य लोग छत्तीसगढ़ लौंटे, जिन्हें राज्य में बनाए गए 21 हजार क्वारेटाइन सेन्ट्ररों में रखा गया। अब इनमें से अधिकांश लोग अपने-अपने घर लौट चुके हैं। कोरोना संक्रमित पाए गए लोगों के भी जांच और इलाज के प्रबंध किए गए, जिससे कोरोना संक्रमण की स्थिति राज्य में नियंत्रण में रही। लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को भी जारी रखा गया। इसके परिणाम स्वरूप कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आयी।








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