रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की पहल पर हरेली पर्व से प्रदेश की महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनों की जानकारी देकर जागरूक करने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा की शुरूआत की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हरेली के दिन मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रथ सभी जिलों में भ्रमण कर लोगों को शॉर्ट फिल्मों, संदेशों और ब्रोशर के माध्यम से महिलाओं के कानूनी प्रावधानों और उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में अवगत कराएगा।
मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा राज्य महिला आयोग के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रत्येक महतारी न्याय रथ में 2 अधिवक्ता भी होंगे, जो महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उन्हें जानकारी और सलाह देंगे। न्याय रथ के माध्यम से महिलाएं आवेदन भी दे सकेंगी, जिससे महिला आयोग द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। एक बड़ी एलईडी स्क्रीन होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में विभिन्न कानूनों संबंधित राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। महतारी न्याय रथ के संचालक के लिए प्रदेश सरकार ने डीएमएफ पॉलिसी में विशेष रूप से बदलाव किए हैं। न्याय रथ के संचालन के लिए जिले को मिलने वाली डीएमएफ राशि का उपयोग किया जाएगा।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि शिक्षित, अशिक्षित, गृहणी, नौकरी कर रही सभी महिलाओं को महिला आयोग के कार्योें और महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों, नियमों और उनके अधिकारों को जानना बहुत जरूरी है। इसके लिए हरेली तिहार से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ की शुरूआत की जा रही है। इन महतारी न्याय रथों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए और निःशुल्क तथा त्वरित न्याय पाने के लिए किस तरह सरलता और सुगमता से महिला आयोग में आवेदन कर सकती हैं। यह रथ शुरूआत में खनिज न्यास निधि प्राप्त करने वाले नौ जिलों में पहले जाएगा, उसके बाद रथ प्रदेश के बाकी बचे जिलों के भ्रमण पर जाएगा।
नायक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने विभिन्न स्तरों पर अनेक योजनाएं संचालित की हैं। हमारी इन योजनाओं की सफलता पूरे देश में उदाहरण बनी है। अब एक कदम और बढ़ते हुए एक और नयी योजना की शुरुआत की जा रही हैं। यह योजना भी देश में अपनी तरह की एकमात्र योजना होगी। इससे महिलाएं जागरूक होंगी और उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। महिलाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी से राज्य में महिलाओं के साथ होने वाली अपराधों में कमी आएगी।
जशपुर: जशपुर में 3 दिन पहले वृद्ध महिला की गोली मारकर हत्या करने मामले में पुलिस ने मृतिका के भतीजे समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि भतीजे ने हत्या के लिए 3 लाख रुपए की सुपारी शूटरों को दी थी। शक था कि महिला उसकी पत्नी और बच्चे पर जादू-टोना करती है। इसके चलते दोनों बीमार रहते हैं। हालांकि 3 शूटरों का पता नहीं चला है। मामला आरा चौकी इलाके का है।
ऐसे दिया गया था वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, शहर की बांकीटोली निवासी भिनसो बाई (65) की रविवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भिनसो बाई अपने मायके डभनीपानी हाकुकोना गई हुई थी। बताया जा रहा है कि 4 लोग वहां पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। भिनसो बाई ने दरवाजा खोला तो शराब की मांग की। भिनसो बाई ने मना किया तो एक युवक ने कट्टा निकाला और कनपटी पर फायर कर दिया। इसके बाद कमरे में शव धकेल भाग गए।
दामाद की मदद से झारखंड से बुलवाए शूटर
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि भिनसा बाई का भतीजा बाकीटोला निवासी रवि शंकर महतो (63) टोनही का संदेह करता था। कुछ दिन पहले उसका इस बात को लेकर भिनसा बाई से झगड़ा भी हुआ था। इसके आधार पर पुलिस ने रविशंकर महतो को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की तो उसने अपने दामाद झारखंड के गुमला निवासी लगन महतो के सहयोग से शूटर अनिल साहू और साथियों को बुलवा कर सुपारी दी।
बेटा बीमार रहता था, तो भिनसा बाई पर टोनही का शक था
रविशंकर महतो ने पुलिस को बताया कि उसका लड़का अक्सर बीमार रहता है। उसे शक था कि बड़ी मां ने उसके पुत्र को कुछ कर दिया है। कुछ दिन पहले अंध विश्वास, जादू-टोना की बात को लेकर उनके बीच लड़ाई-झगड़ा हुआ था। आरोपी रविशंकर ने बताया कि उसने भिनसा बाई के बारे में पता किया कि वह कहां है। इसके बाद उसके मायके और फिर उसके भाई के घर में जाकर जानकारी जुटाई। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
वारदात में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल, रुपए जब्त
पुलिस पूछताछ में रविशंकर ने कहा कि उसे भिनसा बाई की हत्या करवाए जाने का कोई दुख नहीं है। उसे जेल जाने का भी गम नहीं है। उसे इस बात की तसल्ली है कि भिनसा बाई की मौत के बाद उसकी पत्नी और बच्चे सुरक्षित हो गए हैं। आरोपी रविशंकर महतो से पुलिस ने बैंक पासबुक, बाइक, मोबाइल, लगन महतो से मोबाइल, अनिल साहू से वारदात के लिए दी गई सुपारी के 20 हजार और 75 सौ रुपए जब्त कर लिए हैं।
ऐसे ही दंपती को मारी थी गोली, फिर पता चला जमीन विवाद
करीब 16 दिन पहले इसी तरह बदमाशों ने दोकड़ा चौकी इलाके में दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पति के माथे पर और पत्नी की कनपटी पर गोली मारी गई थी। बदमाशों ने पहले शराब के लिए पूछा, फिर दोनों पर फायर कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पता चला कि मामला जमीन विवाद का था। हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। हालांकि गोली मारने वाले बदमाशों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
बेमेतरा जिले के साजा विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम कन्दई में तहसीलदार विनोद बंजारे ने दो साल पहले ससुराल छोड़ कर अपने मायके गाँव कन्दई में रह रही एक महिला के पति गुजर जाने के बाद अपने दो बच्चों के साथ मानसिक ,आर्थिक व आवासीय समस्याओं से जूझ रहे पीड़ित परिवार को बरसात से बचाने के लिए टिन सेड की अस्थायी आशियाना देकर एक मानवता की मिशाल रखी है।पीड़ित महिला लीलाबाई पाटिल उम्र 40 वर्ष गांव से शादी होकर बलौदाबाजार जिले के तिल्दा ब्लॉक अंर्तगत दरचुरा गांव के गौरीशंकर पाटिल के घर चली गई थी। जंहा से कुछ वर्ष पूर्व दो बच्चों व पति के साथ अपने मायके कन्दई लौट आयी। वह बेटी की मानसिक बीमारी का ईलाज कराते हुए पिता स्वंय एक बीमारी से जूझता रहा। घर में बढ़ते कर्ज व स्वंय बीमारी से तंग आकर सालभर पूर्व आत्महत्या कर ली। ऐसे में परिवार में आर्थिक व मानसिक तनाव बढ़ गया।वे गांव में खाना पीना मांग कर गुजर बसर करते हुए झुग्गी झोपड़ी में रहने लगे।सरपंच व ग्रामीणों ने पिछले दिनों साजा तहसीलदार के दौर पर पीड़ित परिवार की समस्या से अवगत कराया।जिसके बाद तहसीलदार विनोद कुमार बंजारे ने त्वरित मदद करते हुए अस्थायी आशियाना टिन की मदद से व सरपंच के माध्यम से परिवार के तीन सदस्यों के लिए शासन की ओर से राशन दिलवाई गई। ऐसे कार्य से पीड़ित परिवार को काफी राहत मिली। पूरे कार्य के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही। बहरहाल पूरे जिले में तहसीलदार विनोद कुमार बंजारे की मानवता व सजगता का परिचय दिया है । जो कि पूरे जिले में एक चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की पहल पर हरेली पर्व से प्रदेश की महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनों की जानकारी देकर जागरूक करने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा (Chief Minister Mahtari Nyay Rath Yatra) की शुरूआत की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) हरेली के दिन मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रथ सभी जिलों में भ्रमण कर लोगों को शॉर्ट फिल्मों, संदेशों और ब्रोशर के माध्यम से महिलाओं के कानूनी प्रावधानों और उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में अवगत कराएगा।
मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा राज्य महिला आयोग (State Commission for Women) के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रत्येक महतारी न्याय रथ में 2 अधिवक्ता भी होंगे, जो महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उन्हें जानकारी और सलाह देंगे। न्याय रथ के माध्यम से महिलाएं आवेदन भी दे सकेंगी, जिससे महिला आयोग द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। एक बड़ी एलईडी स्क्रीन होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में विभिन्न कानूनों संबंधित राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। महतारी न्याय रथ के संचालक के लिए प्रदेश सरकार ने डीएमएफ पॉलिसी में विशेष रूप से बदलाव किए हैं। न्याय रथ के संचालन के लिए जिले को मिलने वाली डीएमएफ राशि का उपयोग किया जाएगा।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक () ने बताया कि शिक्षित, अशिक्षित, गृहणी, नौकरी कर रही सभी महिलाओं को महिला आयोग के कार्योें और महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों, नियमों और उनके अधिकारों को जानना बहुत जरूरी है। इसके लिए हरेली तिहार से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ की शुरूआत की जा रही है। इन महतारी न्याय रथों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए और निःशुल्क तथा त्वरित न्याय पाने के लिए किस तरह सरलता और सुगमता से महिला आयोग में आवेदन कर सकती हैं। यह रथ शुरूआत में खनिज न्यास निधि प्राप्त करने वाले नौ जिलों में पहले जाएगा, उसके बाद रथ प्रदेश के बाकी बचे जिलों के भ्रमण पर जाएगा।
किरणमयी नायक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने विभिन्न स्तरों पर अनेक योजनाएं संचालित की हैं। हमारी इन योजनाओं की सफलता पूरे देश में उदाहरण बनी है। अब एक कदम और बढ़ते हुए एक और नयी योजना की शुरुआत की जा रही हैं। यह योजना भी देश में अपनी तरह की एकमात्र योजना होगी। इससे महिलाएं जागरूक होंगी और उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। महिलाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी से राज्य में महिलाओं के साथ होने वाली अपराधों में कमी आएगी।
बलौदाबाजार। CG TRASNFER BREAKING पुलिस विभाग में तबादलों का सिलसिला लगातार जारी है। वहीँ इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिला एसएसपी दीपक झा (SSP Deepak Jha) ने 5 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी किया है। जारी आदेश में 2 निरीक्षक, 1 एसआई, और 2 एसआई के नाम शामिल है।
देखें आदेश

दुर्ग: नेवई पुलिस ने बहू से छेड़छाड़ के आरोप में आरोपी ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बहू ने आरोप लगाया कि उसके ससुर ने तीन-तीन शादियां की। इसके बाद भी वह उसके ऊपर बुरी नीयत रखता है। उसने घर में अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। नेवई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया है।
संबंध बनाने की डिमांड करता है ससुर
नेवई टीआई ने बताया कि 28 साल की शादीशुदा पीड़िता ने मंगलवार को अपने ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने पहुंची थी। उसने बताया कि वह हिंद नगर रिसाली में रहती है। उसका 55 वर्षीय ससुर BSP में GM है। वह अय्याश किस्म का है। उसने तीन शादियां की। दो पत्नियों को तलाक दे चुका है। तीसरी को भी तलाक देने वाला है। इसके बाद भी वह उसके ऊपर बुरी नियत रखता है। उसके साथ संबंध बनाने की डिमांड करता है। उसके मोबाइल में अश्लील मैसेज भेजता है। मंगलवार को वो घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसका ससुर घर पहुंचा। घर में अकेला पाकर उसने उसके साथ जदबरदस्ती करने की कोशिश की। शोर मचाने पर उसने उसे छोड़ा तो थाने भागकर पहुंची है।
शादी के बाद से ही रखता था गंदी नजर
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 5 साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही उसका ससुर उस पर गंदी नजर रखता था। सामाजिक बदनामी के चलते उसने यह बात किसी को नहीं बताई। इससे उसका मनोबल बढ़ता गया। वह बहू को जब भी अकेला पाता तो उससे छेड़खानी कर देता था।। उससे गलत डिमांड करता था।
तीसरी पत्नी के तलाक का प्रकरण न्यायालय में
पुलिस ने बताया कि आरोपी जीएम ने तीन शादी की है। दो पत्नी को पहले ही तलाक दे चुका है। तीसरी पत्नी को भी तलाक दे रहा है। उसके तलाक का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। नेवई टीआई का कहना है कि वह खुद इस मामले की जांच करेंगी उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
कोरिया: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल ने एक बड़ा बयान दिया है। मनेंद्रगढ़ पहुंचे नंदकुमार बघेल ने कहा है कि टीएस सिंहदेव आधा-अधूरा इस्तीफा न दें। यदि सरकार में नही रहना है तो पूरी तरह इस्तीफा दें।
बता दें कि सिंहदेव ने पिछले सप्ताह पंचायत विभाग के मंत्री पद से अपना इस्तीफा सीएम भूपेश बघेल को भेजा था। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस्तीफा नहीं दिया था। इसको लेकर विधानसभा में काफी हंगामा हुआ था। फिर मुख्यमंत्री ने इस्तीफा स्वीकार कर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को पंचायत विभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी।
शनिवार को मनेंद्रगढ़ पहुंचे नंदकुमार बघेल ने कहा कि टीएस सिंहदेव को एक विभाग मंजूर है, दूसरा विभाग मंजूर नहीं है तो इस तरह का इस्तीफा गलत है। उन्हें सरकार में रहना है तो पूरी तरह रहें। नहीं रहना है तो पूरी तरह छोड़ें। अगर उनको पसंद नहीं है तो मंत्रिमंडल से पूरी तरह इस्तीफा दे देना चाहिए।
बता दें कि टीएस सिंह देव के खिलाफ नंद कुमार बघेल का यह पहला बयान नहीं है। इससे पहले बघेल टीएस सिंहदेव को उनके खिलाफ प्रचार कर हराने की बात कह चुके हैं। नंदकुमार बघेल ने टीएस सिंहदेव के वर्चस्व माने जाने वाले इलाके में आकर इस तरह की बयानबाजी की है। इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
रायपुर। राज्य में बीएड व डीएलएड में काउंसिलिंग की प्रक्रिया इसी सप्ताह से शुरू होगी। यहां बीएड की 14 हजार सीटें हैं। इसके लिए 29 जुलाई से विकल्प फार्म भरे जाएंगे। पहले चरण के लिए पहली लिस्ट 18 अगस्त को जारी होगी। इस बार बीएड के 149 संस्थानों में दाखिले होंगे। किन-किन कॉलेजों में इस बार प्रवेश दिए जाएंगे उसकी लिस्ट भी जारी कर दी गई है।
इस बार बीएड के लिए 122747 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। पिछले दिनों परीक्षा के नतीजे जारी हुए। ओवरऑल रैंक के आधार पर सीटों का आबंटन होगा। जानकारी के मुताबिक बीएड में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया तीन चरणों में होगी। बीएड प्रवेश के पहले चरण में 29 जुलाई से 7 अगस्त तक विकल्प फार्म भरे जाएंगे। दावा-आपत्ति के लिए 12 अगस्त को लिस्ट जारी होगी। दावा-आपत्ति के निपटारे के बाद 18 अगस्त को पहली लिस्ट जारी होगी। जिन अभ्यर्थियों को सीटें मिलेंगी उन्हें 25 अगस्त तक संबंधित कॉलेजों में प्रवेश लेना होगा।
5 सितंबर को सेकेंड लिस्ट जारी होगी। इसके अनुसार 9 सितंबर तक दाखिले होंगे। प्रवेश का दूसरा चरण 13 सितंबर से शुरू होगा। इसके अनुसार 17 सितंबर तक विकल्प फार्म भरे जाएंगे। द्वितीय चरण की पहली लिस्ट 24 सितंबर को जारी होगी। इसके तहत 29 सितंबर तक प्रवेश होंगे। द्वितीय चरण की दूसरी लिस्ट 11 अक्टूबर को जारी होगी। बीएड में प्रवेश का तीसरा चरण 19 अक्टूबर से शुरू होगा। इसके तहत 22 अक्टूबर तक विकल्प फार्म भरे जाएंगे। इस तरह से बीएड में प्रवेश की प्रक्रिया 10 नवंबर तक चलेगी।
डीएलएड की साढ़े छह हजार सीटें
डीएलएड में प्रवेश के लिए भी 29 जुलाई से 3 अगस्त तक विकल्प फार्म भरे जाएंगे। प्रवेश केलिए पहली लिस्ट 16 अगस्त को जारी होगी। बीएड की तरह ही डीएलएड में प्रवेश की प्रक्रिया तीन चरणों में चलेगी। गौरतलब है कि राज्य में डीएलएड की साढ़े छह हजार सीटें हैं। लेकिन इस बार 57657 परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेजों तथा आईटीआई में थ्री-डी प्रिंटिग और रोबोटिक्स जैसे नये ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ के गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में कृषि उपजों और लघु वनोपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग प्रारंभ करने के संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों के साथ गौठानों को आईटीआई से जोड़ने, गौठानों में तैयार किए जा रहे उत्पादों के वेल्यू एडिशन और उत्पादों के विक्रय के लिए सी-मार्ट से जोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के काम में भी सहयोग विचार-विमर्श किया गया। टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों द्वारा बैठक में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि पॉलीटेक्निक और आईटीआई में आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुसार ट्रेड प्रारंभ करने के साथ ही इन संस्थाओं को शिक्षकों को प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि टाटा टेक्नोलॉजिस द्वारा विकसित अधोसंरचना का उपयोग बच्चों के प्रशिक्षण के साथ स्थानीय उद्योगों द्वारा भी आवश्यकतानुसार उपयोग किया जा सकेगा। कृषि उपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के साथ भी टाटा टेक्नोलॉजिस कार्य करेगी। बैठक में एग्रीकल्चर रिसर्च एण्ड इनोवेशन सेंटर पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सीएम बघेल ने टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों को बताया कि छत्तीसगढ़ की गांवों में स्थापित गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। हर विकासखण्ड में दो गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन पार्कों में कुटीर उद्योग स्थापित कर स्थानीय रॉ-मटेरियल के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन कर उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। तैयार उत्पादों का सी-मार्ट के माध्यम से विक्रय की व्यवस्था की गई है। इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मार्केट दिलाने का प्रयास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में बिजली, पानी और जमीन की व्यवस्था है। गौठान की एक से दो एकड़ भूमि रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए रखी गई है। यहां बनने वाले रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में लगने वाले उद्योगों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भूपेश ने टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों को बताया कि छत्तीसगढ़ के 116 स्कूलों में हायर सेकेंडरी के साथ आईटीआई के दो वर्षीय संयुक्त कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। ग्यारहवीं कक्षा से यह दोनों कोर्स प्रारंभ होते हैं। बारहवीं पास करने वाले विद्यार्थियों को एक साथ बारहवीं बोर्ड और आईटीआई का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यहां आधुनिक उद्योगों के लिए उपयोगी ट्रेड प्रारंभ होने से विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा और विनोद वर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक अरूण प्रसाद पी. तथा टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारी सुशील कुमार, राजेश राघवन और पी.व्ही. काउलगुड उपस्थित थे।
रायपुर: भारत समेत दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में फैल चुके मंकीपॉक्स का एक संदिग्ध मरीज रायपुर में मिलने से हड़कंप मच गया है। कांकेर का रहने वाला 13 साल का बच्चा रायपुर के जैतू साव मंदिर में संचालित संस्कृत शाला में पढ़ता है। हफ्तेभर पहले वह नौवीं की पढ़ाई के लिए घर से वापस मठ में आया था। उसके हाथ और शरीर के अन्य हिस्से में फोड़े जैसे फफोले दिखने के बाद शिक्षकों और साथी छात्रों को संदेह हुआ। दो दिन से बच्चे को बुखार भी आ रहा था।
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मठ में पहुंची। उसने बच्चे की हथेली और शरीर के अन्य हिस्सों में उभरे फफोले जैसे फोड़ों से मवाद का सैंपल लिया है। इसे जांच के लिए पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने तक इस बच्चे को अन्य सहपाठियों के साथ एकांतवास में भेज दिया गया है। मठ को भी हफ्तेभर के लिए सील कर दिया गया है।
इधर मठ के मैनेजर महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में हम खुजली समझकर दवाई दे रहे थे, लेकिन जब यह बढ़ने लगा तब स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। मंगलवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग के अमले ने पीड़ित बच्चे का सैंपल लेने के बाद हॉस्टल के अन्य 19 बच्चों के भी सैंपल लिए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बतौर एहतियात मंदिर के साथ ही स्कूल को सैंपल की रिपोर्ट आने तक बंद रखने के निर्देश दिया है। इसके साथ ही पाठशाला के हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों को क्वारंटाइन कर उन पर नजर रखने को कहा गया है।
वहीं कांकेर से सप्ताहभर पहले रायपुर लौटे इस 13 वर्षीय बच्चे की ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से कांकेर सीएमएचओ को सूचना भेजी गई है। बताया गया है कि ट्रैवल हिस्ट्री आने के बाद वस्तुस्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह द्वारा मंगलवाल को एक दूसरे के खिलाफ ट्विटर पर किए गए हमले की राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चाएं हो रही है। सीएम भूपेश ने हाल ही में रमन सिंह से चिटफंड घोटाले की ईडी से जांच के लिए केंद्र सरकार और ईडी को पत्र लिखने की मांग की थी। सोशल मीडिया पर चले इस टकराव की राजनीतिक हलकों में जबरदस्त चर्चा रही।
बता दें कि कुछ दिनों पहले भी भूपेश बघेल ने घोटालों को लेकर रमन सिंह पर सीधा हमला बोला था। एक वीडियो भी उन्होंने ट्वीट किया था। मंगलवार को डॉ रमन सिंह ने ट्वीट किया कि - आप मुख्यमंत्री हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री से ईडी जांच के लिए समय मांगिए। जहां, जब जैसे भी चलना है बताइए मैं आपके साथ चलने तैयार हूं। इसके बाद उन्होंने यह भी लिखा है कि बस अब और झूठ और बहाने नहीं।
रायपुर: राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देशानुसार सभी थानों के प्रभारी और अन्य पुलिस बलों के साथ थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चला रही है।
पुलिस पेट्रोलिंग कर भीड़-भाड़ वाले स्थान, सार्वजनिक स्थान/सूनसान स्थान में जमवाड़ा लगाकर नशा करने वालों, गुटबाजी/अड्डेबाजी करने वालों, संदिग्ध व्यक्तियों, असमाजिक तत्वों, संदिग्ध व्यक्तियों के वाहनों की डिक्की, धारदार/बटनदार चाकू रखकर घूमने वालों की चेकिंग कर रही है।
इसके साथ ही आम स्थानों पर शराब पीने, शराब पीने हेतु स्थान उपलब्ध कराने, सार्वजनिक मैदान, पार्क, चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थान पर चार पहिया वाहन के अंदर बैठकर शराब पीने वालों की लगातार चेकिंग की जा रहीं है। चेकिंग के दौरान जो भी संदिग्ध पाए जाएंगे उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
सुकमा: बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2021-2022 जिला सुकमा अंतर्गत शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा में योग्य पाये गये 566 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 1 अगस्त से 8 अगस्त तक दो पालियों में प्रथम पाली रिर्पोंटिग समय सुबह 8 बजे और द्वितीय पाली रिर्पाेटिंग समय 11 बजे से कार्यालय नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कुम्हाररास, सुकमा में आयोजित किया जायेगा।
साक्षात्कार के लिए प्रवेश पत्र का वितरण 26 जुलाई से 30 जुलाई तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय कुम्हाररास, सुकमा में किया जायेगा। साक्षात्कार के समय सभी अभ्यर्थियों का पुनः दस्तावेज परीक्षण किया जायेगा। अतः सभी अभ्यर्थी संबंधित प्रमाण पत्र की मूलप्रति जैसे-निवास और जाति प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, पासपोर्ट साईज का फोटो, शिक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र, नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण-पत्र, भूतपूर्व सैनिक/नगर सैनिक/सहायक आरक्षक संबंधी प्रमाण-पत्र, जन्मतिथि सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र, आयु में छुट की पात्रता है तो उक्त छूट के संबंध में प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से लाना होगा।
बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए साक्षात्कार 20 अंक का होगा। साक्षात्कार के समय ही बोनस अंक निर्धारित किये जाएंगे। प्रात्र अभ्यर्थी बोनस अंक संबंधी प्रमाण-पत्र की मूल प्रति साथ लकर उपस्थित होंगे। राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद में प्रवीणता के लिए 5 अंक एनसीसी सी प्रमाण पत्र और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के प्रमाण-पत्र के लिए 5 अंक, जिले की स्थानीय बोली के ज्ञान के लिए 20 अंक निर्धारित है। साक्षात्कार केंद्र पर साक्षात्कार प्रवेश-पत्र लाना अनिवार्य होगा एवं बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही साक्षात्कार के लिए प्रवेश दिया जाएगा।
रायपुर। प्रदेश में सप्ताह भर से हो रही वर्षा के थमते ही उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी हुई है। राजधानी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। प्रदेश भर में रायपुर सर्वाधिक गर्म रहा।
मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को रायपुर समेत प्रदेशभर में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। साथ ही मानसून द्रोणिका के प्रभाव से उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा के आसार है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार को हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में आने वाले दो दिनों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ भारी वर्षा की संभावना है।
पाली में सर्वाधिक वर्षा
पाली में 11 सेमी, कोटा में आठ सेमी, सूरजपुर-तमनार में पांच सेमी, रायगढ़-ओडगी-कुनकुरी-बलौदाबाजार में चार सेमी वर्षा दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों के साथ ही प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।
यह बन रहा सिस्टम
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका हल्दी, अजमेर और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। साथ ही एक द्रोणिका रायल सीमा, मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से बुधवार को प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार है। साथ ही उत्तरी और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा हो सकती है।
यह रहा तापमान
रायपुर 33.6 25.4
बिलासपुर 30.6 25.0
जगदलपुर 31.6 23.0
अंबिकापुर 29.0 23.6
पेन्ड्रा रोड 28.5 21.6
(अधिकतम व न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस में)
बलरामपुर: सावन के महीने में जमीन से शिवलिंग का निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर में भगवान शंकर के आस्था का एक ऐसा केंद्र है जहां हर साल जमीन से शिवलिंग निकल रहे हैं। पहले यहां 8 शिवलिंग खुदाई में निकले थे, वहीं इस साल भी सावन के महीने में खुदाई के दौरान एक और शिवलिंग जमीन से निकले हैं जिससे यहां इनकी संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
शिवरात्रि के मौके पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ता है यहां मांगी हुई हर मुराद पूरी होती है। आज सावन शिवरात्रि के मौके पर यहां मेले जैसा माहौल रहा। नवमी से दसवीं शताब्दी की मूर्तियां यहां देखने को मिलती हैं और प्राचीन धरोहर कि यहां अनुपम विरासत देखने को मिली है। इस स्थान को कोठी पत्थर के नाम से जाना जाता है और यहां एक विशाल शिवलिंग है। इसके अलावा इस परिसर में आठ अन्य शिवलिंग है जो हर साल खुदाई में निकलते हैं। इसके अलावा यहां माता पार्वती और भगवान गणेश भी खुदाई में निकले हैं।
आस्था का केंद्र लोगों को अपनी ओर खींचता है और दूसरे राज्यों से भी लोग यहां भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। शासन प्रशासन की टीम भी इस स्थान को पर्यटन के रूप में विकसित करने में लगी है। आज सावन महाशिवरात्रि के मौके पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ा और दूर-दूर से लोग कांवड़ में जल लेकर यहां पहुंचे और भोलेनाथ को अर्पित किया।
जांजगीर-चांपा: शिक्षा जिला सक्ती, जिला जांजगीर चांपा में स्वीकृत 02 नवीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अड़भार और स्टेशन पारा सक्ती में व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, व्यायाम शिक्षक एवं ग्रंथपाल पद पर संविदा भर्ती के लिए आवेदन 10 अगस्त शाम 5 बजे तक वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।
रायपुर: नशे की हालत में और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वालों के खिलाफ रायपुर पुलिस एक्शन में आ गई है। 25 जुलाई को यातायात पुलिस रायपुर द्वारा जारी व्हाट्सएप कंप्लेंट नंबर पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध लगातार फोटोग्राफ्स एवं वीडियो फुटेज के माध्यम से शिकायते प्राप्त हो रही है, जिसके आधार पर यातायात पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए भारी भरकम जुर्माना लगाकर दंडित किया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक 23 एवं 24 जुलाई को दोपहिया में चार सवारी चलने का 2 फुटेज प्राप्त हुआ जिसमें 1 दोपहिया में चार लड़कियां तथा दूसरे फुटेज में दोपहिया में चार लड़के लापरवाही पूर्वक रिंग रोड में वाहन चलाते दिख रहे हैं जिस पर यातायात पुलिस रायपुर के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा तत्काल संज्ञान में लेते हुए वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर कार्यालय तलब किया गया एवं दोनों उल्लंघनकर्ता वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत ₹7500 का भारी भरकम जुर्माना लगाया गयाबता दें कि एसएसपी प्रशांत अग्रवाल द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम सुरक्षित बनाने एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वालों पर सख्त वैधानिक कार्यवाही हेतु व्हाट्सएप कंप्लेंट नंबर 94791 91234 जारी किया गया है जिसके माध्यम से आम नागरिकों द्वारा यातायात उल्लंघन करने वालों का वीडियो फुटेज एवं फोटोग्राफ सहित शिकायत किए जाने हेतु जारी किया गया है जिसमें अब तक हजारों की संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई है उक्त शिकायतों पर यातायात पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उलंघन कर्ता के विरुद्ध भारी भरकम जुर्माना लगाकर दंडित किया जा रहा है।
नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध यातायात पुलिस कि लगातार विशेष अभियान कार्यवाही जारी :- शहर के भीतर नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध यातायात पुलिस की विशेष आभियान कार्यवाही लगातार जारी है, शनिवार एवं रविवार को रात्रि 12:00 से 3:00 तक शहर के वीआईपी मार्ग एवं तेलीबांधा थाना क्षेत्र में विशेष अभियान कार्यवाही के तहत 20 नशेड़ी वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए प्रकरण माननीय न्यायालय भेजा गया जहां माननीय न्यायालय द्वारा ₹10000-10000 का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार 20 नशेड़ी वाहन चालकों के विरुद्ध ₹200000 का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है।
बता दें कि यातायात पुलिस रायपुर द्वारा प्रत्येक वीकेंड में शनिवार एवं रविवार को शहर के अलग- अलग चौक चौराहों एवं मार्गों पर बेरिकेटिंग कर नशे की हालत में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष अभियान कारवाही किया जा रहा है जिसके तहत नशे की हालत में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर मोटर यान अधिनियम के तहत कार्यवाही किया जाता है।
बता दें कि अब तक पिछले 06 माह में 180 से अधिक नशेड़ी वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए प्रकरण माननीय न्यायालय भेजा गया है जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा प्रत्येक उल्लंघन करता नशेड़ी वाहन चालक के विरुद्ध 10 ₹10000 का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया।
रायपुर: राजधानी रायपुर के चंडी नगर रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि खम्हारडीह थाना अंतर्गत 51 वर्षीय तीजराम निषाद चंडी नगर के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहा था तभी सामने से आ रही सवारी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। मृतक रायपुर के ब्रह्मदेव नगर का रहने वाला था। खम्हारडीह थाना की पुलिस ने इस घटना की जानकारी मृतक के स्वजनों को दे दी है।
गौरेला पेंड्रा मरवाही: मरवाही वन मंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत हुए लगभग 7 करोड़ के काम में गंभीर अनियमितता सामने आई है। जिसकी शिकायत के बाद जांच के लिए गठित 4 सदस्य तकनीकी कमेटी जिसमें महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के मुख्य अभियंता, उपायुक्त मनरेगा, सांख्यिकी अधिकारी मनरेगा, प्रोग्रामर मनरेगा, की संयुक्त टीम ने जिला प्रशासन की टीम एवं वन कर्मियों के समक्ष जांच की है।
जांच में यह पाया गया कि सभी 33 कामों में सामग्री आपूर्तिकर्ता को अनुचित लाभ देते हुए आवश्यक समस्त सामग्रियों का एकमुश्त भुगतान कर दिया गया। जो मनरेगा कानून में नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके साथ ही कार एजेंसी और आपूर्तिकर्ता के बीच मिली भगत कर गंभीर आर्थिक अनियमितता शासकीय राशि के दुरुपयोग को भी दर्शाता है।
पिछले विधानसभा सत्र में मामला उठने के बाद डीएसपी देव ने मामले को गंभीर बताते हुए स्वीकार किया कि अनियमितता हुई है। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष की अनुशंसा के बाद अधिकारियों कर्मचारियों को निलंबित करने की घोषणा की गई, विधानसभा में हुई इतनी बड़ी कार्यवाही के बावजूद निलंबित अधिकारी कर्मचारियों ने चोरी छिपे अधूरे कार्यों को पूरा कराने का प्रयास शुरू कर दिया।
सवाल यह उठता है कि जब काम मनरेगा के तहत ही होना है और मनरेगा में मस्टररोल जारी करने पर प्रशासन ने रोक लगा रखी है। इसका मतलब मजदूरों ने कोई काम नहीं किया और जब मजदूरों ने काम नहीं किया तो काम कैसे हो सकता है। मामले में दूसरा पहलू यह है कि जब मनरेगा की तकनीकी टीम ने काम को तकनीकी रूप से अस्वीकृत कर दिया तो उसके ऊपर काम कैसे हो सकता है। इस मामले को लेकर पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता ने अंधा बांटे कुत्ता खाए की स्थिति बताया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा में हुई इतनी बड़ी कार्यवाही के बाद कर्मचारियों पर एफआईआर करना था, लेकिन उन्हें सस्पेंड कर उन्हीं कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।
वहीं इस मामले पर वन मंडल अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि न तो वन मंडल स्तर से न ही कलेक्टर स्तर से किसी भी प्रकार का मस्टरोल या कोई भी पैसा रोक के बाद जारी किया गया, वही बिना मस्टरोल जारी हुए काम होने को लेकर वन मंडल अधिकारी का कहना है कि कर्मचारी इसके लिए सवतः जिम्मेदार हैं हालांकि उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता भी स्वीकार किया है। इधर मरवाही विधायक चोरी छुपे काम पूर्ण कराने की बात को गंभीर मान रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने जांच की बात कही है। विधायक ने जनहित की इस तरह की योजनाओं में पारदर्शिता बरतने की भी बात कही है।
यह भ्रष्टाचार का अपने आप में अनूठा मामला है, जब विधानसभा में कार्यवाही की अनुशंसा भी की गई कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया पर निलंबित कर्मचारी चोरी छुपे वन मंडल में काम करा लें और वन मंडल अधिकारी को इसकी जानकारी ही ना हो ऐसा होना कैसे संभव है? इसके अलावा, अगर काम करने के लिए मजदूरों का मास्टर रोल जारी नहीं हुआ तो काम किसने किया? जबकि मनरेगा में मजदूरों से काम होना है और भुगतान खाते में होना है तो मजदूरों को भुगतान किसने किया?
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बार फिर गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि 4 बदमाश महिला के घर पहुंचे और शराब मांगी। महिला ने मना किया तो उस पर फायर कर दिया। हत्या के बाद बदमाश वहां से भाग निकले। अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। मामला आरा चौकी इलाके का है। इससे पहले भी इसी तरीके से दंपती की हत्या की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, शहर की बांकीटोली निवासी भिनसो बाई (65) के पति की मौत हो चुकी है। उसके कोई बच्चे भी नहीं हैं। वह इन दिनों अपने मायके डभनीपानी हाकुकोना गई हुई थी। बताया जाता है कि रविवार की शाम करीब 6.30 बजे जब 4 लोग पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया। भिनसो बाई ने दरवाजा खोला तो बदमाशों ने शराब की मांग की। भिनसो बाई ने मना किया तो एक युवक ने कट्टा निकाला और फायर कर दिया।
गोली मारने के बाद महिला को कमरे में धकेला
गोली मारने के बाद बदमाशों ने भिनसा को उसके कमरे में अंदर धकेल दिया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजने पहुंचे तो चारों बदमाश भागते हुए दिखाई दिए। गोली भिनसा बाई की कनपटी पर मारने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसे लेकर भिनसा बाई के भतीजे ने FIR दर्ज करवाई है। वहीं टोनही के शक में भी हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी किसी तरह की पुष्टि नहीं हो सकी है।
टोनही के संदेह में कुछ समय पहले झगड़ा भी हुआ था
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों को पकड़ने के लिए चेकिंग की जा रही है। हत्या पहले से प्लांड बताई जा रही है। भिनसा बाई पर परिचय के कुछ लोग टोनही का संदेह करते थे। कुछ दिन पहले परिचय के युवक ने टोनही कहते हुए उससे झगड़ा भी किया गया था। बहरहाल पुलिस ने मामले में पुलिस ने चार अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध कायम किया है। जल्द ही पुलिस ने मामले में खुलासा किए जाने का दावा कर रही है।
ऐसे ही दंपती को मारी थी गोली, फिर पता चला जमीन विवाद
करीब 16 दिन पहले इसी तरह बदमाशों ने दोकड़ा चौकी इलाके में दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पति के माथे पर और पत्नी की कनपटी पर गोली मारी गई थी। बदमाशों ने पहले शराब के लिए पूछा, फिर दोनों पर फायर कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पता चला कि मामला जमीन विवाद का था। हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। हालांकि गोली मारने वाले बदमाशों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
रायपुर: द्रौपदी मुर्मू सोमवार को भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनीं। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने संसद के सेंट्रल हाल में मुर्मु को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुर्मु को राष्ट्रपति के सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनसुइया उइके ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मुलाकात की।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसके अलावा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन, पंजाब के राज्यपाल और छत्तीसगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की।
रायपुर: हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का सबसे पहला त्यौहार है, जो लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था से परिचित कराता है। हरेली का मतलब हरियाली होता है, जो हर वर्ष सावन महीने के अमावस्या में मनाया जाता है। हरेली मुख्यतः खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है। इस त्यौहार के पहले तक किसान अपनी फसलों की बोआई या रोपाई कर लेते हैं और इस दिन कृषि संबंधी सभी यंत्रों नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई कर उन्हें एक स्थान पर रखकर उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। घर में महिलाएं तरह-तरह के छत्तीसगढ़ी व्यंजन खासकर गुड़ का चीला बनाती हैं। हरेली में जहाँ किसान कृषि उपकरणों की पूजा कर पकवानों का आनंद लेते हैं, आपस में नारियल फेंक प्रतियोगिता करते हैं, वहीं युवा और बच्चे गेड़ी चढ़ने का मजा लेते हैं।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए शासन द्वारा बीते साढ़े तीन वर्षों के दौरान उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के क्रम में स्थानीय तीज-त्यौहारों पर भी अब सार्वजनिक अवकाश दिए जाते हैं। इनमें हरेली तिहार भी शामिल है। जिन अन्य लोक पर्वों पर सार्वजनिक अवकाश दिए जाते है - तीजा, मां कर्मा जयंती, मां शाकंभरी जयंती (छेरछेरा), विश्व आदिवासी दिवस और छठ। अब राज्य में इन तीज-त्यौहारों को व्यापक स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें शासन भी भागीदारी बनता है।इन पर्वों के दौरान महत्वपूर्ण शासकीय आयोजन होते है तथा महत्वपूर्ण शासकीय घोषणाएं भी की जाती है। वर्ष 2020 में हरेली पर्व के ही दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना की शुरूआत की थी जो केवल 02 वर्षों में अपनी सफलता को लेकर अन्य राज्यों के लिए नजीर बन गई है। इस योजना का देश के अनेक राज्यों द्वारा अनुसरण किया जा रहा है। आगामी हरेली तिहार 28 जुलाई से इस योजना में और विस्तार करते हुए अब गोबर के साथ-साथ गोमूत्र खरीदी करने की भी निर्णय लिया गया है।
हरेली के दिन गांव में पशुपालन कार्य से जुड़े यादव समाज के लोग सुबह से ही सभी घरों में जाकर गाय, बैल और भैंसों को नमक और बगरंडा का पत्ता खिलाते हैं। हरेली के दिन गांव-गांव में लोहारों की पूछपरख बढ़ जाती है। इस दिन गांव के लोहार हर घर के मुख्य द्वार पर नीम की पत्ती लगाकर और चौखट में कील ठोंककर आशीष देते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उस घर में रहने वालों की अनिष्ट से रक्षा होती है। इसके बदले में किसान उन्हे दान स्वरूप स्वेच्छा से दाल, चावल, सब्जी और नगद राशि देते हैं। ग्रामीणों द्वारा घर के बाहर गोबर से बने चित्र बनाते हैं, जिससे वह उनकी रक्षा करे।
हरेली से तीजा तक होता है गेड़ी दौड़ का आयोजन
हरेली त्यौहार के दिन गांव के प्रत्येक घरों में गेड़ी का निर्माण किया जाता है, मुख्य रूप से यह पुरुषों का खेल है घर में जितने युवा एवं बच्चे होते हैं उतनी ही गेड़ी बनाई जाती है। गेड़ी दौड़ का प्रारंभ हरेली से होकर भादो में तीजा पोला के समय जिस दिन बासी खाने का कार्यक्रम होता है उस दिन तक होता है। बच्चे तालाब जाते हैं स्नान करते समय गेड़ी को तालाब में छोड़ आते हैं, फिर वर्षभर गेड़ी पर नहीं चढ़ते हरेली की प्रतीक्षा करते हैं। गेड़ी के पीछे एक महत्वपूर्ण पक्ष है जिसका प्रचलन वर्षा ऋतु में होता है। वर्षा के कारण गांव के अनेक जगह कीचड़ भर जाती है, इस समय गाड़ी पर बच्चे चढ़कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते हैं उसमें कीचड़ लग जाने का भय नहीं होता। बच्चे गेड़ी के सहारे कहीं से भी आ जा सकते हैं। गेड़ी का संबंध कीचड़ से भी है। कीचड़ में चलने पर किशोरों और युवाओं को गेड़ी का विशेष आनंद आता है।
रास्ते में जितना अधिक कीचड़ होगा गेड़ी का उतना ही अधिक आनंद आता है। वर्तमान में गांव में काफी सुधार हुआ है गली और रास्तों पर काम हुआ है। अब ना कीचड़ होती है ना गलियों में दलदल। फिर भी गेड़ी छत्तीसगढ़ में अपना महत्व आज भी रखती है। गेड़ी में बच्चे जब एक साथ चलते हैं तो उनमें आगे को जाने की इच्छा जागृत होती है और यही स्पर्धा बन जाती है। बच्चों की ऊंचाई के अनुसार दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाते हैं और बांस के टुकड़े को बीच में फाड़कर दो भाग कर लेते हैं, फिर एक सिरे को रस्सी से बांधकर पुनः जोड़ देते हैं इसे पउवा कहा जाता है। पउवा के खुले हुए भाग को बांस में कील के ऊपर फंसाते हैं पउवा के ठीक नीचे बांस से सटाकर 4-5 इंच लंबी लकड़ी को रस्सी से इस प्रकार बांधते है जिससे वह नीचे ना जा सके लकड़ी को घोड़ी के नाम से भी जाना जाता है। गेड़ी में चलते समय जोरदार ध्वनि निकालने के लिए पैर पर दबाव डालते हैं जिसे मच कर चलना कहा जाता है।
नारियल फेंक प्रतियोगिता
नारियल फेंक बड़ों का खेल है इसमें बच्चे भाग नहीं लेते। प्रतियोगिता संयोजक नारियल की व्यवस्था करते हैं, एक नारियल खराब हो जाता है तो तत्काल ही दूसरे नारियल को खेल में सम्मिलित किया जाता है। खेल प्रारंभ होने से पूर्व दूरी निश्चित की जाती है, फिर शर्त रखी जाती है कि नारियल को कितने बार फेंक कर उक्त दूरी को पार किया जाएगा। प्रतिभागी शर्त स्वीकारते हैं, जितनी बात निश्चित किया गया है उतने बार में नारियल दूरी पार कर लेता है तो वह नारियल उसी का हो जाता है। यदि नारियल फेंकने में असफल हो जाता है तो उसे एक नारियल खरीद कर देना पड़ता है। नारियल फेंकना कठिन काम है इसके लिए अभ्यास जरूरी है। पर्व से संबंधित खेल होने के कारण बिना किसी तैयारी के लोग भाग लेते है।
बस्तर क्षेत्र में हरियाली अमावस्या पर मनाया जाता है अमुस त्यौहार
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा हरियाली अमावस्या पर अपने खेतों में औषधीय जड़ी-बूटियों के साथ तेंदू पेड़ की पतली छड़ी गाड़ कर अमुस त्यौहार मनाया जाता है। इस छड़ी के ऊपरी सिरे पर शतावर, रसना जड़ी, केऊ कंद को भेलवां के पत्तों में बांध दिया जाता है। खेतों में इस छड़ी को गाड़ने के पीछे ग्रामीणों की मान्यता यह है कि इससे कीट और अन्य व्याधियों के प्रकोप से फसल की रक्षा होती है। इस मौके पर मवेशियों को जड़ी बूटियां भी खिलाई जाती है। इसके लिए किसानों द्वारा एक दिन पहले से ही तैयारी कर ली जाती है। जंगल से खोदकर लाई गई जड़ी बूटियों में रसना, केऊ कंद, शतावर की पत्तियां और अन्य वनस्पतियां शामिल रहती है, पत्तों में लपेटकर मवेशियों को खिलाया जाता है।
ग्रामीणों का मानना है कि इससे कृषि कार्य के दौरान लगे चोट-मोच से निजात मिल जाती है। इसी दिन रोग बोहरानी की रस्म भी होती है, जिसमें ग्रामीण इस्तेमाल के बाद टूटे-फूटे बांस के सूप-टोकरी-झाड़ू व अन्य चीजों को ग्राम की सरहद के बाहर पेड़ पर लटका देते हैं। दक्षिण बस्तर में यह त्यौहार सभी गांवों में सिर्फ हरियाली अमावस्या को ही नहीं, बल्कि इसके बाद गांवों में अगले एक पखवाड़े के भीतर कोई दिन नियत कर मनाया जाता है।
रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, कितने स्कूल प्रदेश में खोले गये है, इनमें कितने पद, किस संवर्ग के स्वीकृत, भरे व रिक्त है तथा कितने स्कूलों में नवीन भवन का निर्माण किया गया है तथा कितने में पुराने भवनों की मरम्मत की गई है? का मामला उठा।
विधायक आशीष कुमार छाबड़ा सवाल किया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्वामी आत्मानंद स्मृति अंग्रेजी माध्यम एवं हिंदी माध्यम स्कूलों में कितने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति की गई है जानकारी देवें? बेमेतरा जिले से कितने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति स्वामी आत्मानंद स्मृति स्कूलों के लिए अन्यत्र जिलों में की गई है, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति शिक्षकों के स्थान पर बेमेतरा जिले के ग्रामीण अंचल में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु क्या कदम उठाए गए है।
आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि प्रश्नाधीन अवधि तक प्रदेश में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम एवं हिंदी माध्यम स्कूलों में 2300 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति की गई है। बेमेतरा जिले से 35शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति अन्य जिलों के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में की गई है। सीधी भर्ती तथा पदोन्नति के माध्यम से प्रतिपूिर्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
विधायक रजनीश कुमार सिंह ने राजस्व मंत्री से सवाल किया कि प्रदेश में कितने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गये है, इनमें कितने पद, किस संवर्ग के स्वीकृत, भरे व रिक्त है तथा कितने स्कूलों में नवीन भवन का निर्माण किया गया है तथा कितने में पुराने भवनों की मरम्मत की गई है? इन स्कूलों में अध्यनरत् बच्चों को हिंदी माध्यम स्कूलों में अध्यनरत बच्चों से क्या-क्या अतिरिक्त सुविधाएं दी जा रही है?
मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि प्रददेश में 247 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गये है। जिनमें प्राचार्य संवर्ग के 247 पद स्वीकृत, 182 भरे गए तथा 65 पद रिक्त है। इसी प्रकार व्याख्याता संवर्ग के 4205 पद स्वीकृत, 2376 भरे व 1829 रिक्त, शिक्षक संवर्ग के 2195 पद स्वीकृत, 1222 भरे व 973 रिक्त, सहायक शिक्षक संवर्ग के 2213 पद स्वीकृत 1255 भरे व 958 पद रिक्त है तथा गैर शिक्षकीय संवर्ग के 2534 पद स्वीकृत किए गए जिनमें 1465 पद भरे गए व 1069 पद रिक्त है।
शासन स्तर से नवीन भवन स्वीकृत नहीं किया गया है, 177 स्कूलों में पुराने भवनों की मरम्मत की गई है। इन स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को स्मार्ट क्लास, उत्कृष्ट प्रयोगशाला, उत्कृष्ट पुस्तकालय, खेल मैदान, कम्प्यूटर प्रयोगशाला, उत्कृष्ट शिक्षक आदि की सुिवधाऐं दी जा रही है। उक्त सुविधाऐं इन शालाओं में अध्यनरत हिन्दी माध्यम के बच्चों को भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बिलासपुर। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपए के डामर घोटाले को लेकर दायर याचिका पर एक बार फिर कहा कि जिम्मेदार और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जा रही है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य शासन को लिखित दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए एक प्रति याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराने कहा है। प्रकरण की सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी।
वीरेंद्र पांडेय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया कि हाईकोर्ट ने साल 2019 में शासन के लिखित आश्वासन के बाद जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने निराकृत कर दिया था। तब से इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। याचिकाकर्ता 2014 से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी शासन इस गंभीर मामले में गुमराह कर रहा है। ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट में दोबारा जनहित दायर करनी पड़ी है।
याचिका में प्रदेश भर की 21 सड़कों के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 1200 करोड़ रुपए का कर्ज लेने और उसमें से 200 करोड़ रुपए का घोटाला करने की जानकारी दी गई है। इस याचिका पर अब शासन की तरफ से फिर से वही पुराना जवाब प्रस्तुत किया जा रहा है, जो संतोषजनक नहीं है। याचिकाकर्ता ने शासन की तरफ से अब तक की गई कार्रवाई पर जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
याचिकाकर्ता के वकीलों ने सोमवार को याचिका को शासन की कार्रवाई होने तक लंबित रखने कहा। साथ ही शासन की तरफ से की जा रही कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए भी कहा गया। पूर्व में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के तर्क पर सहमति जताते हुए शासन को जांच और कार्रवाई के लिए समय दिया था। इसके जवाब में शासन ने चीफ जस्टिस अरुप कुमार गोस्वामी की डिवीजन बेंच में बताया कि इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अनुमति दी जा रही है।
केस की सुनवाई के दौरान शासन के जवाब से असंतुष्ट हाईकोर्ट ने कहा कि कहा कि शासन उन दस्तावेजों को कोर्ट में फाइल करें, जिसमें कार्रवाई करने का उल्लेख किया गया है। साथ ही इसकी एक प्रति याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराएं।
रायपुर। विधानसभा के पांचवे दिन ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए विपक्ष ने ठगी के मामलों को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना दी थी, वहीँ अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण सूचना के ज्ञापन पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का हस्ताक्षर होने के बाद भी सदन में नहीं आने की आपत्ति जताई, अजय चंद्राकर ने नियम प्रक्रिया का हवाला देकर आरोप लगाया कि गृहमंत्री जो सरकारी कामों में हस्ताक्षर कर रहे हैं तो उन्हें सदन में उपस्थित नहीं होने में क्या समस्या है।
इसके साथ ही विपक्ष ने ताम्रध्वज साहू की गैरमौजूदगी को मुद्दा बनाते हुए जानबूझ कर उपस्थित नहीं होना का आरोप भी लगाया। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनके बीमार होने पर सदन में उपस्थित नहीं होने की जानकारी दी, जिसपर विधायक चंद्राकर ने नियम प्रक्रिया का पालन नहीं होने की बात कहते हुए आपत्ति की। जिसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से अजय चंद्राकर पर बार-बार हर बात पर आपत्ति करने के लिए टोका गया, जिससे हंगामे की स्थिति बनी। इस दौरान शिव डहरिया, अजय चंद्राकर, कवासी लखमा के बीच गहमा गहमी की स्थिति निर्मित हो गई। जिसके कारण कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही पुनः शुरू होने के बाद विपक्ष की ओर से मंत्री शिव डहरिया द्वारा टोका टाकी करने पर जताया एतराज जताया गया, वहीँ ध्यानाकर्षण सूचना पढ़ने से रोकने की कोशिश और असंदीय व्यवहार को लेकर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई।
विपक्ष ने ठगी मामले को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण की चर्चा में भाग लेने से इनकार कर दिया और सत्ता पक्ष के सदस्यों के व्यवहार से नाराजगी जताते हुए ध्यानाकर्षण का बहिष्कार कर दिया है।





























