वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज की पांचवीं किस्त की घोषणा कर रही हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि पैकेज को लेकर यह आखिरी घोषणा है. लगातार पांचवें दिन यह प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने निम्नलिखित बाते कही:-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कुल 20 करोड़ जनधन खातों में पैसे डाले गए हैं. जरूरतमंदों को सीधे कैश पहुंचा रहे हैं. 16,394 करोड़ सीधे खाते में ट्रांसफर किये गए. 6.81 करोड़ उज्जवला सिलेंडर बांटे गए.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले दो दिनों की घोषणाओं में कई सुधार रहे हैं जिसमें जमीन, मज़दूर, लिक्विडिटी और कानून को संबोधित किया गया है. आज हम उसी श्रृंखला में आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि गरीबों को तुरंत आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है, साथ ही खाना भी मुहैया करा रहे हैं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में दे दी गईं. मैं FCI, NAFED और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना करती हूं जिन्होंने लॉजिस्टिक की इतनी बड़ी चुनौती के बाद भी इतनी ज्यादा मात्रा में दालें और अनाज बांटा.
वित्त मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल किया और इसलिए नकदी का डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर कर पाए. 2,000 रुपये की एक बार नकदी ट्रांसफर 8.19 करोड़ किसानों तक पहुंची है और इसकी कुल लागत 16,394 करोड़ है.
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम जो वृद्ध, अपंग और विधवाओं के लिए शुरू किया गया था उसके तहत 2 करोड़ 81लाख लाभार्थियों को 2,807 करोड़ रुपए अब तक ट्रांसफर कर दिया गया है. इसमें कुल 3000 करोड़ ट्रांसफर करना था.
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेनें का किराया 85 फीसदी केंद्र सरकार ने दिया है. ट्रेन के अंदर खाना भी मुहैया करवाया गया. आज हम मनरेगा, हेल्थ, शिक्षा, बिजनेस, कंपनी एक्ट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राज्य सरकारों के रिसोर्स पर केंद्रित करेंगे. 200 नई पाठ्यपुस्तकें ई-पाठशाला में जोड़ी गईं.
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने 15000 करोड़ की योजना की घोषणा की थी जिसमें से 4113 करोड़ राज्यों को दे दिया गया है. आवश्क वस्तुओं पर 3750 करोड़ खर्च किया गया. टेस्टिंग लैब्स और किट्स पर 505 करोड़ खर्च किया गया. मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ अतिरिक्त जारी किया गया.
वित्त मंत्री ने बताया कि आईटी का उपयोग करते हुए ईस्ट संजीवनी कंसल्टेंसी सर्विस की शुरुआत की गई. आरोग्य सेतु ऐप को करोड़ों लोगों ने डाउनलोड किया. भीम ऐप की तरह ये भी लोगों को बहुत लाभकारी है. पहले जहां भारत में एक भी पीपीई किट बनाने की एक भी कंपनी नहीं थी, आज 300 से ज्यादा यूनिट हैं. आज एक दिन में 3 लाख से ज्यादा पीपीई किट बनाई जाती हैं. एन95 मास्क भी लाखों की संख्या में बनाये जा रहे हैं. करीब 11 करोड़ एचसीक्यू टैबलेट का भी का उत्पादन किया.
वित्त मंत्री ने कहा, कोरोना संकट के समय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशन देने का काम हमारी सरकार ने किया. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में 5 किलो गेहूं-चावल और 1 किलो दाल देने ने लिए ये योजना हम लाए.
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जिस तरह सरफेसी और DRT एक्ट में पहले रिकवरी के प्रयास किए जाते थे. इंसॉल्वेंसी बैंकरप्सी कोड 2016 आने के बाद दोगुनी से ज्यादा रिकवरी हुई है. 221केसों में 44% रिकवरी हुई है, एडमिटेड क्लेम 4 लाख 13 हजार करोड़ हैं और वसूली योग्य रकम 1 लाख 84 हजार करोड़ है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया, स्वयं प्रभा जो एक डायरेक्ट टेलीकास्ट मोड है इसमें 3 चैनल पहले से ही स्कूली शिक्षा के लिए चिन्हित हैं अब 12 और चैनलों को इसमें जोड़ा जाएगा. मुझे यकीन है कि ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में भी इससे काफी मदद मिलेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-लर्निंग जरूरी है और सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए सहायता मुहैया कराएगी. सभी बच्चे न सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे बल्कि कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट के जरिए भी उन्हें शिक्षा मुहैया कराई जाएंगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, राज्यों की तरह राजस्व में भारी गिरावट का सामना करने के बाद भी केंद्र राज्यों की लगातार मदद कर रहा है. अप्रैल के पहले सप्ताह में SDRF के लिए एडवांस 11,092 करोड़ रुपये का फंड रिलीज किया गया. एंटीCOVID गतिविधियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4,113 करोड़ रिलीज किए.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया, पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइज (PSE) नीत-सभी क्षेत्रों को निजी सेक्टर के लिए भी खोल दिया जाएगा. भारत सरकार अब एक नई नीति की घोषणा करेगी जो मोटे तौर पर स्ट्रेटेजिक सेक्टर और अन्य को बांटेगी. स्ट्रेटेजिक सेक्टर जिसमें PSE मौजूद रहेंगी उसकी अधिसूचना दे दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन सेक्टर में PSE की अधिसूचना दी जाएगी उनमें कम से कम एक PSE मौजूद होगी लेकिन 4 से ज्यादा नहीं. निजी क्षेत्र को भी इसमें अपनी भूमिका निभाने की अनुमति दी जाएगी. अगर किसी अधिसूचित स्ट्रेटेजिक सेक्टर में 4 से ज्यादा PSE हैं तो उनका आपस में विलय कर दिया जाएगा.