जिले में अस्थाई बोर्ड गठित करने का परिवहन विभाग को मिला आदेश, प्रदेश स्तर पर होगी सूची जारी
अस्थाई कमेटी के अनुशंसा के बाद ही होगा ड्राइविंग लाइसेंस जारी
महासमुंद। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए फिर से पुरानी व्यवस्था लागू होने वाली है। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आए आवेदनों की अनुशंसा शासन द्वारा गठित अस्थाई लाइसेंस बोर्ड करेगा। इसमें दो से तीन सरकार द्वारा नियुक्त किए हुए सदस्य होंगे। सदस्यों की अनुशंसा के बाद ही आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा। यह बदलाव आने वाले दिनों में होने जा रहा है। इसके लिए परिवहन आयुक्त ने आदेश भी जारी कर दिया है। यह कमेटी शासकीय अिधकारियों के साथ ड्राइविंग टेस्ट से लेकर लाइसेंस जारी करने की अनुशंसा करेगा।
जिला परिवहन अिधकारी मोहन साहू का कहना है कि इसके लिए आदेश आ चुका है, लेकिन टीम में कौन-कौन है नाम नहीं आया है। अब ड्राइविंग टेस्ट के लिए अस्थाई कमेटी की अनुशंसा आवश्यक होगी। जानकारी के अनुसार लाइसेंस बनाने में लगातार आ रही शिकायत के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला लिया है। कमेटी गठन का आदेश अफसर के पास पहुंच चुका है। इस कमेटी का गठन प्रदेश स्तर पर होगा। कमेटी गठन के बाद ड्राइविंग लाईसेंस बनाने के लिए इसी प्रक्रिया से गुजरना होगा, तभी लाईसेंस जारी होगा। यह प्रक्रिया पूर्व में चल रही थी, जिसे बंद हुए 10 वर्ष हो गए हैं। अब यह प्रक्रिया फिर से प्रारंभ हो रही है।
बिना टेस्ट के जारी हो चुके हैं हजारों लाइसेंस -
वर्तमान में लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया इतनी सरल है कि कोई भी परिवहन कार्यालय आकर लाइसेंस बनाकर चला जा रहा है। अिधकारी न तो टेस्ट ले रहे हैं और ना ही ट्रॉयल। वहीं दलाल भी परिवहन कार्यालय में हावी है। अिधकारियों को चढ़ावा देकर जिसे वाहन चलाने नहीं आता उसके लिए भी लाइसेंस जारी करा रहे हैं। ड्राइविंग टेस्ट व ट्रॉयल नहीं होने के कारण लाइसेंस बनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अभी तक जिले में हजारों लाइसेंस जारी हो चुके है। इसमें से अिधकतर लाइसेंस बिना ट्रॉयल व टेस्ट के बने हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की ऐसेे होगी प्रक्रिया -
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन को सारथी-4 सॉफ्टवेयर के माध्यम से इकठ्ठा किया जाएगा। इसके बाद आरटीओ अफसरों द्वारा शासकीय लाइसेंस कमेटी को सूचना दी जाएगी। आवेदनों की संख्या के के हिसाब से टेस्ट का समय निर्धारित किया जाएगा। निर्धारित तिथि को आरटीओ अिधकारी, कर्मचारी आवेदनों को कमेटी के पास रखेंगे। यहां कमेटी के सामने आवेदों का बारी-बारी से टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में पास होने वाले ही आवेदकों के फार्म में कमेटी अनुशंसा करेगी।
अब लर्निंग व परमानेंट लाइसेंस के लिए देना होगा टेस्ट -
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मोटरयान अिधनियम और ट्रैफिक संकेतों का ऑनलाइन टेस्ट लिया जाएगा। इसके बाद 10 प्रश्नों का ऑब्जेक्टिव टेस्ट होगा। इसमें पास होने के लिए आवेदक को कम से कम 6 प्रश्नों के सही उत्तर देना होगा। यह सारी प्रक्रिया अफसर व कमेटी के सामने होगी। इसके बाद ही गठित कमेटी उस पर अनुशंसा करेगी तब जाकर लाइसेंस जारी होगा। इसी प्रकार परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदक को अफसर व कमेटी के सामने वाहन चलाकर दिखाना होगा।
लाइसेंस बनाने के लिए लगेगा समय -
प्रक्रिया में बदलाव आने के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आवेदकों को पहले से ज्याद समय लगेगा। पहले आवेदक ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद सेम डे में कार्यालय पहुंचकर आवेदन जमा कर देता था। उसके 15 दिनों के अंदर लाइसेंस जारी हो जाता था। अब आवेदन जमा करने के बाद उन्हें अनुशंसा के लिए इंतजार करना होगा, क्योंकि कमेटी हफ्ते में दो या तीन दिन ही बैठेगी। प्राप्त आवेदन पर कमेटी की अनुशंसा के बाद ही लाइसेंस जारी होगा। इस प्रक्रिया में समय लगेंगा।