जगदलपुर । मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। मृतक के परिजनों मेडिकल स्टाफ के साथ बदसूलकी करते हुए स्टाफ से मारपीट भी की। घटना के बाद मेडिकल स्टाफ थाने पहुंचे। मारपीट करने वाले परिजनों को भी थाना बुलाया गया है। दरअसल डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान बीती रात मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल स्टाफ से बदसलूकी की। परिजनों ने मेडिकल स्टाफ से मारपीट भी कर दी। मेडिकल छात्र और और सारे स्टाफ थाना पहुंच गए हैं। मारपीट करने वाले परिजन को भी थाना लाया गया है।
रायपुर। राजधानी में उठाईगिरी की वारदात सामने आई है, जहां ग्राहक बनकर एक महिला व 2 पुरुषों ने ज्वलेरी दुकान से करीब 90 हजार के जेवर पार कर दिए। यह मामला शहिद स्मारक स्थित तनिष्क जेवेलर्स का है जहां गुरुवार दोपहर तकरीबन 12:30 बजे ग्रहण बनकर पहुंचे अज्ञात महिला व 2 पुरुषों ने 14.75 ग्राम वजनी सोने के झुमके धुरा लिए। इस बात का खुलासा तब हुआ जब शाम को शो-रूम के मैनेजर ने दुकान को बंद करते वक्त स्टॉक का ऑडिट किया जिसमें सोने के झुमके अपने स्लॉट पर नहीं थे। इसके बाद दुकान का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया जिसमें महिला व 3 पुरुष कुल 3 लोगों ने ग्राहक बनकर दुकान में आकर इन झुमकों को पर कर दिया। पुलिस ने शो-रूम मैनेजर आशीष मोहन जोशी की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ भादवि: 380, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है व उनकी तलाश में जुटी है।
बिलासपुर, न्यायधानी में एक बार फिर थोक में एसआई और एएसआई सहित प्रधान आरक्षकों का तबालदा किया गया है।
31 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दिया गया है। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने ये सूची जारी की है।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ अनलॉक होने के बाद आज पहला संडे है। आज टोटल लॉकडाउन रखा गया है। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही जारी रहेंगी। मेडिकल सेवाओं को भी छूट दी गई है। सारे दुकान सुबह से बंद हैं।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है। हर दिन कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने कोरोना गाइडलाइन को 30 जून तक बढ़ा दिया है।
वहीं इस बीच कई राज्यों में भी लॉकडाउन बढ़ाया गया है। छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार के निर्देश पर कलेक्टर जिलों में लॉकडाउन को लेकर निर्देश जारी कर रहे हैं।
संक्रमण दर के आधार पर जिलों को अनलॉक किया जा रहा है। इस दौरान पहले की तरह संडे टोटल लॉकडाउन रखा गया है।
रायपुर, खुड़मुड़ा सामूहिक हत्याकांड में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मर्डर केस की मास्टरमाइंड महिला निर्मला गिरफ्तार हो गई है। ब्रेन मेपिंग रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
18 मार्च को हत्या में शामिल निर्मला के पति गंगा उसका साथी महाकाल, पड़ोसी नरेश और रिश्तेदार रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
21 दिसंबर को रोहित सोनकर उसकी मां दुलारिन बाई और उसके पति बलराम सोनकर समेत रोहित की पत्नी कीर्तन का शव मिला था। अवैध संबंध और जमीन विवाद के चलते इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
सोनकर परिवार गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर खेत में मकान बनाकर रह रहा था। बीते साल 21 दिसंबर की सुबह गांव वाले जब घर के पास से गुजरे तो घर की बहू कीर्ति का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
फॉरेंसिक टीम के पहुंचने पर दरवाजा खोला गया तो अंदर परिवार के मुखिया बालाराम सोनकर, उनकी पत्नी दुलारी सोनकर और बेटे रोहित सोनकर की लाश घर के अंदर बनी पानी की टंकी से मिली। जबकि 11 वर्षीय पोता बेसुध पड़ा था, उसके सिर पर चोट थी।
रायपुर । राजधानी रायपुर में आज 61 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। वही हॉस्पिटल से 54 और होम आइसोलेशन से 349 कुल 403 मरीज स्वस्थ हुए है। जबकि 5 मरीजो की इलाज के दौरान मौत हो गई इस प्रकार मौत का कुल आकड़ा 3095 हुआ, साथ ही अब रायपुर में एक्टिव मरीज 2075 है।
लॉकडाउन ब्रेकिंग : राजधानी में 7 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, आदेश हुआ जारी, देखें आदेश

धमतरी | कोतवाली थाना अंतर्गत महिमा सागर वार्ड के एक घर में पति-पत्नी में चल रहे विवाद में फुलकेसरी बाई कुर्रे की धारदार हथियार से प्राणघातक वार कर उसके पति ने हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका फुलकेसरी बाइ कुर्रे जो आरोपी प्रमोद कुमार कुर्रे की पत्नी है तथा मणिकंचन केंद्र धमतरी में काम करते हुए डोर टू डोर कचरा संग्रहण करती थी। जिसके चरित्र पर आरोपी प्रमोद कुमार कुर्रे शंका किया करता था तथा कुछ दिन पूर्व ही आरोपी ने दूसरी महिला को पत्नी बनाकर अपने घर लाया था जिससे मृतिका नाराज थी और इसी बात को लेकर दोनों के मध्य विवाद भी हुआ था। इससे नाराज होकर मृतिका महिमा सागर वार्ड चली गई। आज सुबह आरोपी प्रमोद कुमार कुर्रे उसे खोजते हुए महिमा सागर वार्ड पहुंचा और घर चलने बोला। किन्तु मृतिका के मना करने पर आवेश में आकर आरोपी प्रमोद कुमार ने पास ही रखे हसिया से अपनी पत्नी फुलकेसरी बाई कुर्रे के गर्दन, सिर, ताबड़तोड़ वार किया। इससे मौके पर ही फुलकेसरी बाई कुर्रे की मृत्यु हो गई। ईधर पति ने पत्नी की हत्या के बाद थाने आकर आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
रायपुर | राजधानी रायपुर से आबकारी विभाग में अधिकारीयों के तबादले की एक बड़ी खबर सामने आ रही है | खबर मिली है कि प्रदेश में कई जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारियों का तबादला किया गया हैं। जारी आदेश के अनुसार चार जिलों के आबकारी अधिकारी का ट्रांसफर किया गया है। जबकि एक अधिकारी को एडिश्नल चार्ज दिया गया है।

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तेंदूपत्ता और वनोपज संग्रहण को लेकर भाजपा द्वारा झूठ फैलाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि 15 सालों में आदिवासियों और बस्तर से भाजपा बहुत दूर जा चुकी है। आदिवासी हित में काम करने वाली और बस्तर को मजबूत बनाने वाली कांग्रेस सरकार पर भाजपा के आरोप सफेद झूठ है। दरअसल भाजपा प्रदेश में कांग्रेस सरकार की सफलता और जनहितकारी कार्यों को पचा नहीं पा रही है। यही कारण है कि भाजपा बिना किसी आधार के अनर्गल बयानबाजी कर, झूठे आरोप लगा रही है। भाजपा नेताओं का यह कहना कि तेंदूपत्ता की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण ग्रामीण इसे जलाने या नदियों में बहाने को मजबूर है बिल्कुल झूठ और बेबुनियाद है।
भूपेश बघेल सरकार में बस्तर के 4 जिला यूनियन बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर 2020 में 55 करोड़ और 2021 में 70 करोड़ का तेंदूपत्ता संग्रहण के आंकड़े जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा नेताओं को चुनौती दी है कि भाजपा के 15 साल के तेंदूपत्ता संग्रहण को दी गयी राशि के वर्षवार आंकड़े सार्वजनिक करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार 4000 रू. प्रति मानक बोरा की राशि दे रही है जिससे भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। रमन सिंह और केदार कश्यप की भाजपा सरकार तो तेंदूपत्ता तोड़ने वालों के लाभांश की राशि से ही चप्पल खरीद कर संग्राहकों को बांटते थे। इस चप्पल खरीदी में भी जमकर कमीशनखोरी करती थी। कांग्रेस सरकार ने इस कमीशनखोरी पर अंकुश लगाया है तो दलाली और कमीशनखोरी का भाजपा का कुचक्र टूटा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 लघु वनोपजों की खरीदी जबकि 15 साल तक रमन सिंह सरकार द्वारा केवल 7 लघु वनोपजों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती थी। इसी सरकार में केदार कश्यप भी मंत्री थे। वर्ष 2020-21 में लघु वनोपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य कांग्रेस सरकार ने 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा नेता भ्रम और झूठ न फैलायें। वित्तीय वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा पूरे देश का 77 प्रतिशत तक लघु वनोपजों के संग्रहण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य में इस दौरान लघु वनोपजों से ही 12 लाख परिवारों को 820 करोड़ की राशि वितरित की गयी है। इनमें तेंदूपत्ता हेतु 400 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई। साथ ही 230 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में अतिरिक्त वितरित की गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों के उत्थान के लिए सत्ता प्राप्ति के तत्काल बाद टाटा प्लांट के लिये अधिकृत उनकी जमीन वापस लौटाई। तेंदूपत्ता का खरीदी मूल्य 2500 से बढ़ाकर ₹4000 किया गया। धान का समर्थन मूल्य और बोनस की राशि बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत प्रदान की। युवा बेरोजगारों को स्थानीय योजनाओं में जोड़कर उनके सफल भविष्य के निर्माण की बुनियाद रखी गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में भूपेश सरकार की बढ़ती लोकप्रियता और लगातार दागदार होते भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अपना जनाधार खो चुके है। भाजपा के सिपहसालार जनता के बीच भ्रम और झूठ फैलाने की राजनीति की सत्ता प्राप्ति का जरिया समझ बैठे है। छत्तीसगढ़ प्रदेश का युवा, किसान, आदिवासी और समूचा बस्तर भाजपा की इन कारगुज़ारियों से परिचित हो चला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कोरोना संकट के बावजूद विगत एक माह अप्रैल में ही एक लाख संग्राहक परिवारों को 70 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई। इससे औसतन अप्रैल माह में प्रत्येक परिवार को 7 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई, जो कि ऐसे कठिन समय में भी उनका सुगमता से जीवन-यापन संभव हो पाया। इस दौरान ईमली, हर्रा, बहेड़ा, चिरौंजी, महुआ, गिलोय तथा शहद आदि लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया।
रायपुर। छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एम.ए. इकबाल ने मोदी सरकार के 7 सालों की नाकामियों पर तंज कसते हुए कहा कि बी.जे.पी. ने आव्हान किया है कि सात साल पूरा होने के उपलक्ष्य में देश भर के एक लाख गांवों में जाएंगे। इस पर प्रदेश प्रवक्ता एम.ए. इकबाल ने सलाह देते हुए उनसे कहा है कि जब बी.जे.पी. विधायक गांव में जाए तो पीठ में तेल लगाकर अवश्य जाए क्योंकि यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने आज से एक साल पहले कह दी थी कि बी.जे.पी. की कथनी और करनी में अंतर होने के कारण जनता में बहुत आक्रोश है और जब बी.जे.पी. के नेता बाहर निकलेंगे तो जनता सड़कों में दौड़ायेगी। इसी तर्ज पर यह भी देखने में आया कि कुछ गांव में गांव वालों ने पोस्टर लगा दिया कि यहां बी.जे.पी. विधायक का प्रवेश वर्जित है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एम.ए. इकबाल ने विज्ञप्ति में आगे कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय देश की भोली भाली जनता को झूठ बोलकर जुमलेबाजी में फंसाकर लोकसभा चुनाव जीत लिया था परन्तु उन्होंने जो वायदे किये थे उसे आज तक पूरा नहीं किये, जिससे जनता में रोष है जैसे 15-15 लाख रूपये सभी के खाते में आएगा कहा था, पेट्रोल, डीजल सस्ता होगा, जबकि पेट्रोल सेन्चुरी पार कर रहा है, 2 करोड़ लोगों को हर साल नौकरी देंगे क्या सात साल में 14 करोड़ लोगों को नौकरी दिए, मंहगाई आसमान छू रही है, खाद्य तेल 75/- रूपये से बढ़कर आज 180 रूपये हो गया है, गैस का सिलेण्डर 2014 में 360/- रूपये में मिलता था आज 880/- रूपये में मिल रहा है, नोटबंदी के समय कहा गया था कि कालाधन आयेगा परन्तु नहीं आया इसके बदले हजारों लोग बैंक की लाईन में खड़े होकर अपनी जान गंवा बैठे, जी.एस.टी. का झांसा देकर मोदी सरकार ने कहा था वन नेशन वन टैक्स परन्तु उन्होंने 2ःए 5ःए 7ःए 12ःए 18ः तथा 28ः टैक्स का स्लेब लगाकर व्यापार धंधे को बुरी तरह चौपट कर दिये। देश की जी.डी.पी. घटाकर 2.2ः में ला दिये, भारतीय रूपये का मूल्य पड़ोस के बांग्लादेश से भी कम हो गया, जनता के गाढ़े कमाई की जमा राशि को तीन बार पिछले सप्ताह 99.1 हजार करोड़ रूपये केन्द्र सरकार ने ले ली, देश का कीमती सोना विदेश में गिरवी रखकर आर.बी.आई को कंगाल कर दिया आदि-आदि - क्या यही सब 7 साल की उपब्धियां है।
विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एम.ए. इकबाल ने आगे कहा कि छ.ग.प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने केन्द्र की मोदी सरकार के सात सालों की उपलब्धियों के प्रचार के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के 5000 गांवों में जाकर प्रचार करने कहा है, जबकि प्रदेश की जनता छ.ग. में भाजपा की 15 वर्षों की सरकार के कार्यों से बहुत नाराज है। यही कारण है कि 15 वर्षों में भाजपा 14 सीटों पर सिमट गई, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनता से किए गए 70 प्रतिशत वादे मात्र 29 माह में कर दिये जो रमन सिंह की सरकार ने 15 वर्ष में नहीं कर पाए।
रायपुर। अभनपुर थाना क्षेत्रांतर्गत बड़े उरला में हुए हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। घटना में शामिल 3 आरोपी और 2 अपचारी सहित कुल 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
दिनेश नाग ने अभनपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह श्रीराम नगर गिट्टी खदान संतोषी नगर रायपुर का रहने वाला है और लाॅकडाउन से काम बंद हो जाने पर नायकबांधा अपने बहन जीजा श्याम सुंदर मरकाम के घर पर रह रहा था। किशोर बघेल का जीजा श्यामसुंदर के घर आना जाना है।
26 मई को दिनेश नाग अपने जीजा के घर पर था तभी किशोर बघेल आया और प्रार्थी को चलो घूम कर आते है कहने पर दिनेश नाग किशोर के साथ नायकबांधा के प्रायमरी स्कुल के सामने बैठे थे। तभी वहां पर बल्ला ऊर्फ विजय ओगरे भी पास आकर बैठ गया। उसके पास ज्यूपीटर स्कुटी था। तभी किशोर बघेल बोला कि चलो भट्ठी चलकर शराब पीते है। तब प्रार्थी, किशोर बघेल व बल्ला ओगरे बल्ला के स्कुटी में बैठकर छोटे उरला शराब दुकान गए।
शराब दुकान पहुंचने पर किशोर बघेल बल्ला ओगरे को शराब खरीदने काउंटर में भेजा और दिनेश नाग और किशोर बघेल भट्टी के सामने पास खडे थे। तभी एक मोटर सायकल और एक एक्टीवा में सवार होकर पांच लडके आए, पांचों लड़के स्कार्प से मुंह बांधे थे। जो किशोर के पास आया और बोला कि यह भट्टी मेरा ईलाका है तू यहां क्या कर रहा है। तब किशोर से दिनेश नाग को दूर जा हम लोग बात कर रहे है कहकर दिनेश नाग को दूर भगा दिया।
दिनेश नाग कुछ दूर जाकर खड़ा था तभी देखा बात कर रहा लडका कमर से एक चाकू हथियार निकाला और जान से मारने की नियत से किशोर के पेट, सीना, गला में मारने लगा जो अपने आप को बचाने भागने का प्रयास करने पर पीठ, कमर, हांथ भुजा में भी चाकू मारकर चोट पहुंचाया है।
चोट लगने से किशोर बघेल वहीं जमीन पर गिर गया। आसपास भगदड मच गया। किशोर बघेल को जमीन में गिरे देखकर करीब जाकर एक व्यक्ति के साथ मोटर सायकल में बीच में बैठाकर किशोर को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल अभनपुर लाया गया। जहां ईलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। जिस पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अभनपुर थाना में अपराध क्रमांक 206/21 धारा 302, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर सायबर सेल और थाना अभनपुर की संयुक्त टीम का गठन कर शुरू किया। पुलिस टीम घटना स्थल का निरीक्षण कर मृतक के परिजन और उसके साथियों से घटना के संबंध में पूछताछ किया। मुखबीर लगाने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण भी किया जा रहा था। मृतक किशोर बघेल का कुछ दिनों पूर्व बड़े उरला अभनपुर निवासी ओमप्रकाश के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। घटना के बाद से ओमप्रकाश भी फरार है। जिस पर टीम को ओमप्रकाश पर शक हुआ और उसके संबंध में पतासाजी करने के साथ ही घटना में संलिप्त ओमप्रकाश के अन्य साथियों के संबंध में भी जानकारी एकत्रित करना प्रारंभ किया गया। इसी दौरान टीम के सदस्यों को घटना में संलिप्त एक अपचारी बालक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने के साथ ही यह तथ्य भी सामने आया। घटना को अपचारी बालक को ओमप्रकाश के साथ भी देखा गया था। जिस पर टीम के सदस्यों ने अपचारी बालक को पकड़कर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर अपचारी बालक से मृतक किशोर बघेल की हत्या को अपने साथी ओमप्रकाश साहू उर्फ छोटू, वसीम कुरैशी, जीतेन्द्र साहू उर्फ जीत्तू और एक अपचारी बालक के साथ मिलकर कारित करना स्वीकार किया गया।
जिस पर टीम ने घटना में संलिप्त ओमप्रकाश साहू उर्फ छोटू, वसीम कुरैशी, जीतेन्द्र साहू उर्फ जीत्तू और एक अन्य अपचारी बालक को पकड़ा गया। घटना का मास्टर माइंड ओमप्रकाश साहू है जिसका मृतक किशोर बघेल के साथ आपसी रंजिश था। इसी बात को लेकर आरोपी ओमप्रकाश साहू ने किशोर बघेल की हत्या करने की योजना बनाई और अपने इस योजना में वसीम कुरैशी, जीतेन्द्र साहू उर्फ जीत्तू और दो अपचारी बालक को शामिल किया। घटना दिनांक को योजनानुसार आरोपियों और अपचारियों ने मिलकर किशोर बघेल की हत्या कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 1 नग मोटर सायकल और 1 नग एक्टिवा जप्त किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अग्रिम कार्यवाही किया गया।
उत्तर बस्तर कांकेर। चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करने के लिए जिले के थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर और एसपी एम.आर. अहिरे की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसमें अब तक की गई कार्यवाही विस्तृत समीक्षा किया गया और चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए कुर्की की कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। ताकि निवेशकों को राशि उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर चन्दन कुमार ने उपस्थित थाना प्रभारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि, कोविड-19 गाईड लाईन का पालन करते हुए नाईट कफ्र्यू शाम 6 बजे से प्रातः 6 बजे तक लगाई गई है, जिसका पालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार नहीं लगवाने और सहकारिता बैकों में किसानों को दी जाने वाली ऋण-खाद बीज के लिए भीड़ एकत्रित हो रही है, उसे नियंत्रित करने के लिए थाना प्रभारियों को ड्यूटी लगाने के लिए भी निर्देश दिए । कांकेर जिले में 51 कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है और 12 कंपनियों के खिलाफ 18 प्रकरण दर्ज़ किया गया है और 33 कंपनियों के खिलाफ राज्य के अन्य जिलों में अपराध दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक श्री अहिरे ने थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि संबंधित थाना में दर्ज प्रकरणों पर कार्यवाही कर तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बैठक में अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल सहित जिले के थाना प्रभारी उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी पुलिस लाॅकडाउन में कोरोना संक्रमाण की गाइडलाई का पालन कराने के साथ-साथ क्राइम और उपयोग करने वाले सामग्री का सप्लाई का पतासाजी कर रही है। पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार यादव ने थाना प्रभारियों को कार्य योजना तैयार कर अवैध रूप से चाकू लेकर घुमने वालोंए बिक्री करने वालों की पतासाजी करने का निर्देश दिए हैं। साथ ही ऑनलाईन शाॅपिंग साईट्स जैसे एमेजाॅन, फ्लिपकार्ट सहित अन्य शाॅपिंग साईट से धारदार व घातक चाकू मंगाने वालों पर नजर रख कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर इस पर प्रभावी रूप से अंकुुश लगाने के निर्देश दिए है। इस तरह चाकूबाजी से होने वाली घटनाओं को रोका जा सके। रायपुर जिले में निवासरत 340 लोगों से वर्ष - 2018-19 में फ्लिपकार्ट के माध्यम से ऑनलाईन आर्डर कर चाकू मंगाए जाने की सूची प्राप्त हुई। इस संबंध में थाना प्रभारियों को सूची में नामित व्यक्तियों को थाना बुलाकर तस्दीक करने निर्देशित किया ।
सूची में नामित व्यक्तियों की रायपुर पुलिस से तस्दीकी अभियान शुरू की है। थाना प्रभारियों से सूची के अनुसार अपने-अपने थाना क्षेत्रों में निवासरत लोगों को थाना बुलाकर तस्दीक किया गया। अब तक की तस्दीकी अभियान में अलग-अलग थानों से कुल 133 नग चाकू जमा कराए गए जिनमें 69 नाबालिक बच्चों से भी चाकू मंगाये गए है। उनसे चाकू जमा कराकर ऐसे बच्चों के परिजनों को थाना बुलाकर समझाईश दी जा रहीं है। पुलिस के तस्दीकी अभियान से डर कर कुछ लोगों और परिजनों से चाकू को तोड़ दिया गया। कुछ लोगों से चाकू को तालाब व अन्य स्थानों पर फेंकना ऐसे लोगों से लिखित में जानकारी भी ली जा रहीं है। सूची में नामित लगभग 50 अन्य व्यक्तियों से संपर्क किया गया है। जो लाॅक डाउन होने के कारण रायपुर से बाहर चले गए थे वह भी कुछ दिनों बाद रायपुर आकर चाकू जमा करेंगे। सूची में नामित कुछ लोगों के मोबाईल नंबर बंद बता रहे है। उनके संबंध में भी तकनीकी विश्लेषण कर उनसे संपर्क करने के प्रयास किये जा रहे है। चाकू की तस्दीकी अभियान की परिजनों ने प्रशंसा की है और अपने बच्चों के साथ स्वयं थाना आकर चाकू जमा करा रहे है।
रायपुर। शराब पीने मना करने पर शराबी ने पत्नी को चाकू मारकर चोट पहुंचाया। मामले की रिपोर्ट गुढिय़ारी थाने में दर्ज करायी गई है।
रायपुर। राजधानी में अलग-अलग इलाके में नाबालिग लड़की से छेडख़ानी कर बेईज्जत करने की नियत से हाथ-बांह पकडऩे की रिपोर्ट थाने में दर्ज करायी गई है।
रायपुर। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर अब नियंत्रण में आ रही है। शहरों में अब स्थिति काफी हद तक सामान्य हो रही है। लेकिन दूरस्थ वनांचल के ग्रामों में अब कोरोना संक्रमण को फैलने का दूसरा जरिया मिल गया है। सूचना मिल रही है कि वनांचल के आदिवासी ग्रामों में अब नक्सलियों के जरिए कोरोना संक्रमण फ़ैल रहा है। नक्सलियों की बैठक के चलते जंगलो में मौजूद छोटे छोटे आदिवासी गांवों में कोरोना का संक्रमण फैलने लगा है। इसका ताजा मामला सुकमा जिले के कर्मागोंडी गांव है है, जहां नक्सली बैठक के बाद गांव के करीब 91 लोग संक्रमण की जद में आ गए हैं।
पुलिस का दावा है कि सुकमा के आदिवासी गांव कर्मागोंडी में नक्सलियों की मीटिंग के बाद 91 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इस गांव में 21 से 27 मई तक कुल 239 टेस्ट किए गए, जिसमें से 91 लोग पॉजीटिव पए गए हैं। इस गांव से एक महिला को प्रसूति के लिए जिले के सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। जब महिला कोविड से संक्रमित मिली और नक्सल प्रभावित गांव में कई लोगों कोविड के लक्षण दिखाई दिए, उसके बाद गांव मे जांच करने स्वास्थ्य अधिकारी गए। 120 घरों के छोटे से गांव मे 7 दिनों के भीतर 239 टेस्ट किए गए, उसमे से 91 लोग पॉजिटिव पाए गए। बस्तर पुलिस के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस गांव से लगे हुए जंगल में नक्सलियों ने कुछ दिनों पहले तेंदूपत्ता को लेकर एक मीटिंग की थी। इसके बाद लोगों में संक्रमण सामने आया। कुकनार के गांव में नक्सली मीटिंग हुई थी, उसके बाद गांव के लोग संक्रमित मिले। 239 टेस्ट हुए जिसमें 90 से ज्यादा लोग संक्रमित मिले।
पुलिस ने कई नक्सलियों की कोरोना से मौत का भी दावा किया है। प्रदेश के नक्सली संगठन में कोरोना फैल चुका है और इसके चलते अभी तक कई लोगों की मौते हो चुकी है। नक्सलियों के बड़े लीडर जैसे डिविजनल कमेटी मेंबर, नक्सलियों की सेंट्रल रीजनल कमांड और बटालियन में कई नक्सली बीमार हैं। 27 मई को नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 में नक्सली लीडर हिड़मा के करीबी और नक्सलियों के टेक्निकल टीम के प्रमुख कोरसा गंगा उर्फ़ आयतु की तेलंगाना के एक अस्पताल में मौत हो गई। इसे छोड़कर वापस लौट रहे 3 नक्सलियों को जब तेलंगाना की भद्रादि कोठेगुडेम पुलिस ने सर्चिंग में पकड़ा, तब इसका खुलासा हुआ। कोठेगुडेम जिले के एसपी सुनील दत्त ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सुकमा बीजापुर का कोर नक्सल इलाका तेलंगाना से लगा हुआ है। यहां से कई बड़े नक्सली चोरी-छुपे तेलंगाना इलाज के लिए आ रहे हैं। पकड़े गए नक्सलियों से पूछताछ की गई तब इसका खुलासा हुआ कि जंगल के अंदर कई नक्सली बीमार हैं।
महासमुंद। बागबाहरा वन परिक्षेत्र में हाथी ने एक और महिला को पटक-पटक कर मार डाला। मृतिका के पति एवं भांजी दूर से ही मूकदर्शक वणी हाथी के कारनामे देखते रही। दूसरी ओर इस संबंध में वन विभाग समाचार लिखे जाने तक कोई भी जानकारी देने तैयार नहीं है।
ग्रामीण सूत्रों के अनुसार बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम धरमपुरा निवासी बिसाहिन बाई (40) अपने पति प्रेमसागर लोहार और भांजी खुशबू के साथ शनिवार अलसुबह करीब 3-4 बजे मोटरसाइकिल में बिजराडीह की ओर मनरेगा में काम करने जा रहे थी। इस बीच रास्ते में दो हाथियों से इनका सामना हो गया। हाथियों को देखते ही अत्यंत हड़बड़ाहट और दहशत में आकर घटनास्थल पर अपनी वाहन वापस लौटाकर भागता तब तक बिसाहिन दोपहिया से गिर पड़ी। इसके बाद एक हाथी अचानक बिसाहिन के पास पहुंच गया और पटक-पटक कर मार डाला।
इधर, मृतिका के पति और भांजी घटनास्थल से भाग निकले और कुछ दूरी पर खड़े होकर पत्नी बिसाहिन को हाथी द्वारा पटकते देखकर मूकदर्शक बनकर देखते रहे। घटनास्थल के बारे में बताया जाता है कि यह क्षेत्र बागबाहरा वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 89 एवं 90 का है। तीनों रोजगार गारंटी के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण कार्य किए जाने के सिलसिले में निकले थे इसी दौरान घटना घटित हुई।
बचाने के असफल प्रयास :
मृतिका बिसाहिन बाई के पति प्रेमसागर ने बताया कि उन्होंने हाथी द्वारा अपनी पत्नी को सूंड से उठाकर पटकते देखा। उसने अपने स्तर पर उसे बचाने के भरपूर प्रयास किया पर हालात ऐसे थे कि वह मूकदर्शक ही बना रहा और अपनी पत्नी की मौत अपनी आंखों से ही देखता रहा। बिसाहिन निःसन्तान थीं. बहरहाल, मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
25 हजार की तात्कालिक सहायता :
क्षेत्र के एसडीओ वन एसएस नाविक ने बताया कि प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। शेष राशि जांच के बाद दी जाएगी।














