पाकिस्तान के नेता अपनी फनी करतूतों की वजह से आए दिन चर्चा में रहते हैं। इन दिनों पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मंत्री फैयाज अल हसन चौहान का एक मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि मंत्री कहीं उद्घाटन करने गए थे और वहां उनको रिबन काटना था। इस दौरान कैंची नहीं चली और फीता नहीं कटा। मंत्री जी ने तपाक से इस फीते को अपने दांत से काटकर दिखा दिया और आसपास खड़े लोग तालियां बजाने लगे।
दरअसल, इस वीडियो को 'पाकिस्तान डेली' के ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है। पंजाब प्रांत के जेल मंत्री फैयाज अल हसन चौहान किसी शोरूम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वहां उनको लाल फीता काटना था, लेकिन वो कैंची से कट नहीं रही थी। मंत्री जी ने रिबन को हाथों से पकड़ा और अपने दांत से ही उसके दो हिस्से कर दिए। वहां मौजूद सभी लोग मंत्री जी का यह कारनामा देख खुश हो गए।
हालांकि इस दौरान एक शख्स उनके बगल में थाली में कैंची लिए हुए खड़ा था। जब वे पहुंचे तो उसने कैंची उनकी तरफ बढ़ा दिया और मंत्री उसी से रिबन काटने लगे। उन्होंने कैंची से रिबन काटना ट्राई किया लेकिन वह कटा नहीं। इसके बाद उन्होंने दांत से काटने से पहले फिर कैंची का प्रयोग किया तो वह फिर नहीं चली, अंततः मंत्री को उस रिबन को अपने दांत से ही काटना पड़ा।
फैयाज उल हसन चौहान वही मंत्री हैं, जिन्होंने 2019 में हिंदू धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद उन्हें अपने सूचना और सांस्कृतिक मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि बाद में इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी ने उन्हें माफी देकर फिर से जेल मंत्री बना दिया था। वे कई बार हिंदू धर्म के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं।
फिलहाल फैयाज उल हसन चौहान का यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। लोग मंत्री जी के जमकर मजे ले रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग इस वीडियो को शेयर भी कर रहे हैं।
यहां देखें वीडियो..
Punjab Minister Fayaz ul Hasan Chohan 'Desi Style' Ribbon Cutting Ceremony. #PTI #FayazChohan #Pakistan #Punjab #Lahore pic.twitter.com/sFKtSNB6wz
— The Pakistan Daily (@ThePakDaily) September 2, 2021
अकसर ऐसा देखा जाता है कि महिलाएं किन्हीं कारणों से जब मां नहीं बन पाती हैं तो बहुत निराश हो जाती हैं। वे तरह-तरह के नुस्खे आजमाती हैं, पूजा पाठ करती हैं और यहां तक कि पुजारी या मौलवी के पास भी पहुंच जाती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक महिला अपने बांझपन को दूर करने के लिए एक मौलाना के पास पहुंच गई। मौलाना ने उसे कहा कि हम सब ठीक कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और महिला के साथ मौलाना ने ऐसा कुछ किया कि उसकी सातवें दिन ही मौत हो गई।
दरअसल, यह घटना जर्मनी के बर्लिन की है। 'डेली स्टार' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बर्लिन में रहने वाली एक 22 साल की एक महिला, जो मां नहीं बन पा रही थी, उसका इलाज एक मौलाना ने शुरू किया था। मौलाना ने महिला ने कहा कि उसके पेट में एक भूत है और उसी की वजह से वह गर्भधारण नहीं कर पा रही थी। इसलिए उस भूत को भगाया जाएगा। मौलाना ने कहा कि उस भूत के भागते ही वह मां बन जाएगी।
महिला मौलाना की बातों में आ गई और अपना इलाज शुरू करने की बात कहने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक भूत भगाने के इस मामले में मौलाना के साथ उसके परिवार के तीन अन्य लोग भी शामिल थे। उन्होंने महिला का इलाज एक पानी के साथ शुरू किया। इस पानी में नमक भी मिला हुआ था। मौलाना ने महिला को बताया कि वह लगातार इस पानी का सेवन करे और इसी पानी से उसके बांझपन की समस्या दूर हो जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला एक लेबनानी परिवार से आती है और उसकी पहचान नेसमा नाम से की गई है। मौलाना का नाम माजेन बताया गया है। नेसमा की मौत के बाद पुलिस ने मौलाना माजेन, महिला के पति सहित दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेसमा की बॉडी के पोस्टमार्टम में पता चला कि नमक के पानी की वजह से उसके दिल, किडनी और दिमाग पर काफी असर पड़ा था।
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौलाना को जुर्माने के साथ जेल की सजा सुनाई गई है। जानकारी के मुताबिक, शादी के कुछ साल बाद भी महिला को बच्चा नहीं हुआ तो उसके ससुर और पति ने योजना बनाई कि उसे मौलाना के यहां भेजा जाएगा। इतना ही नहीं इस बात का अभी जिक्र किया गया है कि महिला को डॉक्टर के यहां भी नहीं ले जाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने वेब पोर्टल, यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया में चलने वाली फर्जी खबरों पर चिंता जताई है. एक मामले की सुनवाई के दौरान आज कोर्ट ने कहा कि इस तरह की मीडिया पर कोई नियंत्रण नहीं है. वह बिना किसी ज़िम्मेदारी के आम लोगों, जजों और संस्थाओं को बदनाम करने वाली खबरें चलाते हैं.
सुप्रीम कोर्ट तब्लीगी जमात मामले की मीडिया रिपोर्टिंग को सांप्रदायिक और झूठा बताने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था. इस मामले में पहले कोर्ट सरकार से यह कह चुका है कि उसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए फेक न्यूज़ फैलाने पर नियंत्रण की व्यवस्था बनानी चाहिए. आज सरकार की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और समय की मांग की गई. इसी दौरान कोर्ट ने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया का भी मसला उठा दिया.
हाई कोर्ट ने मीडिया के खिलाफ कार्रवाई पर रोक
इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वेब और सोशल मीडिया पर आवंछित गतिविधियों पर नियंत्रण के 'इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, 2021' बनाया गया है. लेकिन इसके प्रावधानों को अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने दिल्ली, बॉम्बे, मद्रास, कलकत्ता और केरल हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है. कुछ मामलों में हाई कोर्ट ने मीडिया के खिलाफ कार्रवाई पर रोक भी लगा दी है. मेहता ने निवेदन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सभी मामलों की सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई के लिए आवेदन दिया है. कोर्ट उसे जल्द सुने.
इस पर 3 जजों की बेंच की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस एन वी रमना ने कहा, "अगर आप यूट्यूब पर जाएं तो आप को दिखेगा कि कैसे आराम से झूठी बातें चलाई जा रही हैं. आम लोगों की तो बात ही क्या की जाए, यहां संस्थाओं और जजों तक के बारे में भी बदनाम करने वाली झूठी बातें दिख जाएंगी. इतना ही नहीं अक्सर सामान्य जानकारी को सांप्रदायिक रंग दे दिया जाता है. इससे देश की भी बदनामी होती है.
सुनवाई 6 हफ्ते तक टली
चीफ जस्टिस ने आगे कहा, "यह प्लेटफॉर्म सिर्फ शक्तिशाली लोगों की सुनते हैं. किसी मामले में ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब से जवाब मांगा जाए, तो वह जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेते हैं." सॉलिसीटर जनरल के अलावा मामले में एक पक्ष के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने भी इससे सहमति जताई. उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर नियंत्रण के लिए पहले से केबल टीवी रेगुलेशन एक्ट, 1995 है. उसी के तहत तब्लीगी जमात मामले में याचिकाकर्ता कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. लेकिन वेब मीडिया अभी भी स्वच्छंद है.
इस दौरान मामले के एक याचिकाकर्ता ने अपनी प्रार्थना को संशोधित कर दोबारा दाखिल करने का निवेदन किया, ताकि आज कही जा रही बातों पर भी आगे चर्चा हो सके. कोर्ट ने इसकी अनुमति देते हुए सुनवाई 6 हफ्ते के लिए टाल दी.
मुंबई, रेप केस में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बड़ा बयान दिया है। कोर्ट के मुताबिक कॉन्डम की उपस्थिति का मतलब यह नहीं है कि सेक्स सहमति से किया गया था।
नौसेना कर्मचारी पर लगे रेप के आरोप के मामले में अदालत ने यह टिप्पणी की है। दरअसल नौसेना कर्मी पर आरोप है कि उसने अपने सहयोगी की पत्नी का ही रेप किया है।
वहीं उसने दावा किया था कि उसकी ओर से सहमति के बाद ही संबंध बनाए गए थे। इस दावे के समर्थन में उसने कॉन्डम लगाने की बात कही थी, जिस पर कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा, “केवल इसलिए कि कंडोम घटना स्थल पर मौजूद होना यह कहने के लिए पर्याप्त नहीं है कि शिकायतकर्ता के आवेदक के साथ सहमति से संबंध बने थे। यह भी हो सकता है कि आगे आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए आरोपी ने कॉन्डम का इस्तेमाल किया हो।”
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में तीन दशकों से ज्यादा समय तक अलगाववादी मुहिम का नेतृत्व करने वाले और पाकिस्तान समर्थक सैयद अली शाह गिलानी का कल रात उनके आवास पर निधन हो गया. पाकिस्तान ने उनकी मौत पर भी सियासत की है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश में एक दिन के राजकीय शोक का एलान किया तो विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत के खिलाफ ट्वीट किया. इसके बाद कांग्रेस ने इमरान सरकार को लताड़ लगाई है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
गिलानी के निधन पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ट्वीट किया, ‘’कश्मीर स्वतंत्रता आंदोलन के मशाल वाहक सैयद अली शाह गिलानी के निधन पर पाकिस्तान ने शोक व्यक्त करता है. गिलानी ने भारतीय कब्जे की नजरबंदी के तहत आखिर तक कश्मीरियों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी. उन्हें शांति मिले और उनकी आजादी का सपना साकार हो.’’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलानी के निधन पर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए शोक व्यक्त किया.
कुरैशी पर कांग्रेस का पलटवार
कुरैशी के इस ट्वीट के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने उन्हें लताड़ते हुए कहा, ‘’मिस्टर कुरैशी आपने वास्तव में जिहाद के नाम पर निर्दोष कश्मीरियों को कट्टरपंथी बनाने के लिए भारत में काम करने वाली अपनी खुफिया एजेंसी का एक प्रतिनिधि खो दिया. निर्दोष कश्मीरियों की हत्या के लिए आपका देश और आपके सभी प्रतिनिधि इतिहास में दर्ज होंगे.’’
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, ‘’हम भले ही ज्यादातर चीजों पर सहमत नहीं थे, लेकिन मैं उनकी दृढ़ता और उनके भरोसे पर अडिग रहने के लिए उनका सम्मान करती हूं.’’ पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी गिलानी के निधन पर शोक व्यक्त किया.
बता दें कि पूर्ववर्ती राज्य में सोपोर से तीन बार विधायक रहे गिलानी 2008 के अमरनाथ भूमि विवाद और 2010 में श्रीनगर में एक युवक की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का चेहरा बन गए थे. वह हुर्रियत कांफ्रेंस के संस्थापक सदस्य थे, लेकिन वह उससे अलग हो गए और उन्होंने 2000 की शुरुआत में तहरीक-ए-हुर्रियत का गठन किया था. आखिरकार उन्होंने जून 2020 में हुर्रियत कांफ्रेंस से भी विदाई ले ली.
कर्नाटक, कर्नाटक में एक कॉलेज के 32 छात्र कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं। कर्नाटक के कोलार स्थित कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस एंड हॉस्पिटल के 32 छात्रों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहा हड़कंप मच गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर के सुधाकर ने बुधवार को बताया कि केजीएफ नर्सिंग कॉलेज के 32 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यह सभी केरल से आए थे। मैं कॉलेज का दौरा करूंगा और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।
बता दें कि कर्नाटक के कुछ जिलों की सीमा केरल के नजदीक है। केरल में कोविड संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है। केरल में रोजाना 30 हजार से ज्यादा कोरोना मामले सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि केरल में कोरोना में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए कर्नाटक अलर्ट हो गया है।
काबुल: अफगान नागरिक सरकार के शानदार पतन ने सभी को हैरान कर दिया है। अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों की सुरक्षा और राजनीतिक सहायता जल्दी से सुलझ गई, क्योंकि तालिबान ने देशभर में तेजी से लाभ कमाया, कुछ ही समय में राजधानी काबुल के दरवाजे पर खड़ा हो गया। जैसे ही टीवी स्क्रीन और सोशल मीडिया पर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के अपने अधिकारियों और नागरिकों की निकासी के नाटकीय दृश्य सामने आए, चीन की प्रचार मशीनरी ने अफगानिस्तान की स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका को गड़बड़ करने के लिए फटकार लगाई।
चीन युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण में शामिल हो सकता है और अफगानिस्तान के भविष्य के विकास में मदद करने के लिए निवेश प्रदान कर सकता है।
चीनी प्रतिक्रिया ने अपने पड़ोस से अमेरिका की वापसी पर बीजिंग के उत्साह को संक्षेप में प्रस्तुत किया। बीजिंग ने लंबे समय से मध्य एशिया में अपना प्रभुत्व जमाने की मांग की है, और रूस के साथ, यह शंघाई सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के माध्यम से क्षेत्रीय गतिशीलता को आकार दे रहा है।
हालांकि, लंबे समय से अफगानिस्तान पहेली का हिस्सा गायब था। अमेरिकी सैनिकों की तैनाती ने वास्तव में चीन को अपने आर्थिक पदचिह्न् का विस्तार करने के लिए आवश्यक सुरक्षा कवच और स्थिरता प्रदान की। फिर भी, यह कभी भी अमेरिका और अफगानिस्तान में मौजूद अन्य पश्चिमी देशों के साथ पूरी तरह से मुखर नहीं हो सका।
पश्चिम का बाहर निकलना अब चीन को अफगानिस्तान पर अपना जादू चलाने के लिए आवश्यक पृष्ठभूमि प्रदान करता है। इससे पहले 28 जुलाई को, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने उत्तरी तटीय शहर तियानजिन में अफगान तालिबान राजनीतिक आयोग के प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के नेतृत्व में नौ सदस्यीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की थी।
यी ने तालिबान की एक महत्वपूर्ण सैन्य और राजनीतिक ताकत के रूप में प्रशंसा की थी।
बिरदार एंड कंपनी के साथ बीजिंग का सार्वजनिक जुड़ाव अफगानिस्तान के प्रति उसके सख्ती से लेन-देन के लक्षण है। यह चीन द्वारा तालिबान के साथ दशकों से चली आ रही दोस्ती को सीमित करता है - 2001 में 9/11 के हमलों से ठीक पहले, चीन ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के साथ अधिक आर्थिक और तकनीकी सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
चीन ने अफगानिस्तान में सभी राजनीतिक गुटों पर अपने दांव लगाने की कोशिश की। तालिबान प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने से कुछ दिन पहले, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तत्कालीन अफगान राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी को फोन किया था, शांति और पुनर्निर्माण के लिए समर्थन की पेशकश की थी।
ग्रेटर नोएडा. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्विगी के एक डिलीवरी एजेंट ने ऑर्डर तैयार होने में देरी को लेकर ग्रेटर नोएडा में एक रेस्तरां के मालिक की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस डिलीवरी एजेंट का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. बताया गया कि आरोपी एजेंट चिकन बिरयानी और पूड़ी-सब्जी का डिलीवरी ऑर्डर लेने आया था, मगर खाना तैयार होने में देरी हुई, तो उसने इस वारदात को अंजाम दिया.
कंधार: अफगानिस्तान के कंधार से खौफनाक विडियो वायरल हो रही है, अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर से एक शव को लटकाकर उड़ते हुए देखा गया है. इसका वीडियो उस हैंडल से शेयर किया गया है, जिसे तालिबान अपना आधिकारिक टि्वटर हैंडल बताता है. कई पत्रकारों ने इस ट्वीट को शेयर किया है. अमेरिका की अफगानिस्तान से पूरी तरह से निकाली के बाद यह ट्वीट वायरल हो रहा है. अमेरिका के सभी सैनिक अफगानिस्तान छोड़कर जा चुके हैं.
'तालिब टाइम्स' नाम के टि्वटर हैंडल ने अपने बायो में लिखा है, "इस्लामिक अमीरात अफगानिस्तान के अंग्रेजी भाषा का ऑफिसियल अकाउंट' बताया है. इस हैंडल ने दावा किया है कि हेलीकॉप्टर 'शहर में गश्त' कर रहा था. हालांकि, इसमें रस्सी से बंदे शव के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है. ट्वीट में कहा गया है, 'हमारी वायु सेना! इस समय, इस्लामिक अमीरात की वायु सेना के हेलीकॉप्टर कंधार शहर के ऊपर से उड़ान भर रहे हैं और शहर में गश्त कर रहे हैं.'
रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ ने वीडियो शेयर करते हुए इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'यह भयानक छवि जो बाइडन की अफगानिस्तान तबाही को दर्शाती है : तालिबान ने एक अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर से एक आदमी को लटकाया हुआ है. दुखद। अकल्पनीय.'
वहीं, कई टि्वटर यूजर्स ने इसको लेकर आशंका जताई है कि यह जिसे लटकाया हुआ है यह वाकई में किसी का शव है या फिर कोई डमी है.
बता दें, तालिबान ने हालही अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है. तालिबान ने 20 साल बाद अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण फिर काबिज किया है. वहीं, अमेरिका ने यहां से अपनी पूरी सेना को हटा लिया है. अमेरिका की सेना हटाने की 31 अगस्त तक की डेडलाइन थी, लेकिन अमेरिका ने उससे एक दिन पहले ही अपनी पूरी सेना को हटा लिया.
Our Air Force!
— Talib Times (@TalibTimes) August 30, 2021
At this time, the Islamic Emirate's air force helicopters are flying over Kandahar city and patrolling the city. pic.twitter.com/rlE6nUldZf
Taliban hanging someone from a helicopter in Kandahar pic.twitter.com/TwCkVzUrnL
— Old Holborn® (@Holbornlolz) August 30, 2021
बेंगलूरू। कनार्टक के बंगलूरू में मंगलवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में तमिलनाडू के होसुर से विधायक वाई. प्रकाश के बेटे-बहू समेत सात की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक कोरमंगला के पास एक तेज रफ्तार ऑडी खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑडी के परखच्चे तक उड़ गए। डीएमके विधायक वाई. प्रकाश ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनके बेटे करुणा सागर व बहू बिंदू की हादसे में मौत हुई है।
घटना रात करीब दो बजे की है। कोरमंगला में जो ऑडी कार बिजली के खंभे से टकराई उसमें कुल सात लोग सवार थे, जिसमें चार पुरुष व तीन महिलाएं थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छह लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई वहीं सातवें ने अस्पताल जाने के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक मरने वालों में एक व्यक्ति केरल का भी है। हालांकि, अभी सबकी पहचान की जा रही है। जिनकी पहचान हो चुकी है, उनके घर वालों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
Mumbai Coronavirus Update: मुंबई में एक हफ्ते के भीतर 40 से ज्यादा बच्चे कोरोना पॉजिटिव हुए हैं. पहले बायकला के सेंट जोसेफ अनाथ आश्रम की 22 बच्चियां संक्रमित हुईं और फिर रविवार को चेंबुर चिल्ड्रन होम में 18 बच्चे पॉजिटिव आए. ऐसा में सवाल उठ रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई महा नगर पालिका की तयारी कैसी है ?
मुंबई के मानखुर्द में चेंबुर चिल्ड्रन होम में 18 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए, जिनकी उम्र 10-18 साल के बीच है. वहीं इस होम में कुल 102 बच्चे रहते हैं. चिल्ड्रन होम की गेट को बंद कर दिया है. नन्हे बच्चे इस गेट के अंदर बने घरों में है.
महाराष्ट्र बाल चिकित्सा टास्क फोर्स के सदस्य बकुल पारेख का कहना है कि तीसरी लहर अब तक आई नहीं है. उन्होंने कहा कि बच्चों में संक्रमण होना इसका संकेत नहीं है. लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और बिना मास्क के हर जगह जा रहे हैं, जो संक्रमण को फैला सकता है. बच्चों में जो संक्रमण फैल रहा है, वह बड़े ही फैला रहे हैं, क्योंकि वह अब सतर्क नहीं हैं. कई लोग टीकाकरण में विश्वास भी नहीं रखते.
तैयारी कितनी हुई है इस बारे में पूछने पर बकुल पारेख ने कहा कि हर अस्पताल में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की संख्या बढ़ा दी गई है. वहीं कई स्कूल की टीचरें आंगनवाड़ी महिलाओं को भी लोगों को जागरूक करने की खास ट्रेनिंग दी गई है. मुंबई के महानगर पालिका के अस्पतालों में और कोविड केंद्रों में बच्चों के लिए तैयारी रखी गई है.
बीएमसी अधिकारियों से जब तैयारी के बारे मे पूछा गया तो उनका कहना है कि तैयारी हर एक अस्पताल और कोविड केंद्र में की गई है.











