
रायपुर | कोरोना वायरस महामारी के कारण संक्रमण से बचने के लिए प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाहर से आने वाले लोगों के लिए प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटाईन सेंटर का निर्माण किया गया है। सेंजबहार थाने से मिली जानकारी के अनुसार संदीप कुमार वर्मा आयु 31 वर्ष पिता अशोक कुमार वर्मा ने विनय वर्मा आयु 23 वर्ष पिता राकेश वर्मा निवासी धनेली मुजगंहन के खिलाफ आगरा उत्तरप्रदेश से आकर क्वारंटाईन सेंटर में भर्ती होने के बाद बिना सूचना के भाग कर धारा 144 की उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज कराई है। प्रार्थी द्वारा दी गई शिकायत इस बात का उल्लेख किया गया है कि क्वारंटाईन सेंटर स्कूल भवन में बनाया गया है। आरोपी ने पंचायत को बिना सूचित किये। भागने का कृत्य किया है। उक्त मामले में आरोपी के खिलाफ सेंजबहार थाने में आईपीसी की धारा 188 एवं 269 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
रायपुर | कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने लॉकडाउन अवधि में रायपुर जिला के अंतर्गत संबंधित तहसीलदार को उनके क्षेत्र के लिए संबंधित व्यक्तियों द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर विवाह हेतु नियमानुसार अनुमति प्रदान करने हेतु अधिकृत किया है। इसके अनुसार रायपुर तहसील के लिए अमित कुमार बेक, तिल्दा तहसील के लिए राकेश धु्रव, आरंग तहसील के लिए नरेंद्र कुमार बंजारा और अभनपुर तहसील के लिए शशीकांत कुर्रे को अधिकृत किया गया है।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में आवासीय कालोनियों के विकास की प्रक्रिया को सरलीकरण करने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा आवासीय कॉलोनी के अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे सुगम बनाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली ‘सी.जी. आवास‘ विकसित किया गया है। एकल खिड़की प्रणाली से अब समस्त अनुमति 100 दिवस के अंदर पूर्ण कर ली जाएगी। कॉलोनाईजर-आवेदक द्वारा अपने स्वामित्व की भूमि की चर्तुसीमा के अंतर्गत खसरे को एकीकृत कर प्रस्तुत नहीं किये जाने पर खसरा एकीकरण हेतु 40 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत् आवेदक को अब बार-बार किसी भी दफ्तर में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले आवासीय कॉलोनी के विकास की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए जहां डेढ़ से दो साल का समय लग जाता था, वहीं अब इसकी समय-सीमा तय कर दी गई है और आवेदकों को 100 दिन के भीतर विकास अनुज्ञप्ति मिल जाएगी। इसके तहत भू-व्यपवर्तन प्रमाण पत्र, अनुमोदित अभिन्यास, कॉलोनी विकास की अनुमति की स्वीकृति सभी एकल खिड़की के माध्यम से प्राप्त होगी। आवेदक को पोर्टल पर एवं एस.एम.एस. के माध्यम से आवेदन की स्थिति की जानकारी समय-समय पर प्राप्त होती रहेगी। इस प्रणाली से जहां प्रक्रिया की पुनर्रावृत्ति नहीं होगी वहीं अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और नयी तकनीक से लागों के समय में बचत होगी।
सी.जी.आवास के तहत अब 21 मई 2020 से इस प्रक्रिया से जुड़े सभी संबंधित विभाग अपने कार्यालय में आवासीय कॉलोनी की अनुज्ञा से संबंधित कोई भी आवेदन नहीं लेंगे। इन विभागों में अब सी.जी. आवास के माध्यम से ही आवेदन जमा कराया जाना है। इसके तहत अब कॉलोनी के विकास के लिए आवेदन छत्तीसगढ़ के किसी भी स्थान से सर्विस प्लस पोर्टल के माध्यम से सी.जी. आवास द्वारा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कॉलोनी विकास की प्रक्रिया को सरलीकृत किये जाने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए थे तथा इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को इन अनुमतियो की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरलीकृत बनाये जाने हेतु नोडल विभाग बनाया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के पश्चात् शासन द्वारा समिति का गठन कर वर्तमान प्रणाली का अध्ययन कर सुधारात्मक उपयुक्त प्रणाली विकसित करने हेतु सुझाव दिये गये थे। समिति के सुझाव के आधार पर आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा एन.आई.सी. के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया । मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा बीते 25 नवम्बर को एकल खिड़की प्रणाली के संचालन के लिए सीजी आवास( C.G.automated work flow and approval system ) सॉफ्टवेयर का उद्घाटन किया गया। तत्पश्चात् एकल खिड़की प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए संबंधित विभागों द्वारा अधिनियम-नियमों में चाहे गये वांछित संशोधनों को संशोधित कर इसमें समाहित किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक खिड़की प्रणाली के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रत्येक जिले के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक आवेदन एडीएम के माध्यम से संबंधित विभागों को अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रेषित किया जाएगा तथा संबंधित विभागों से अनुमति प्राप्त होने पर एडीएम के माध्यम से ही सभी विभागों की अनुमतियों की अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। जिले के संबंधित कलेक्टर द्वारा उपरोक्त प्रक्रियां के तहत् प्राप्त आवेदनों की समीक्षा जिले में हर सप्ताह होने वाली समय-सीमा की बैठक में की जाएगी।
रायपुर, राजधानी के वृद्धावन बीएसयूपी कॉलोनी सड्डू में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने के बाद कॉलोनी के 1 किमी के दायरे की सभी रियाहशी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर इलाके को सील कर दिया गया है। सील इलाके में आने वाले सभी आफिस दुकाने एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले आदेश तक पूरी तरह से रहेंगे बंद रहेंगे। मेडिकल इंमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्ही भी कारणों से घर से निकलना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। रायपुर कलेक्टर इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

कंटेन्मेंट ज़ोन के अंतर्गत आने वाले इलाके...
बीएसयूपी कॉलोनी-साजन दास खेमका,वृंदावन। कैपिटल होम्स 01 और 02 कॉलोनी एरिया। कैपिटल सिटी फेस 01, राजवाड़ा सिटी। सड्डू सेक्टर 8 पूरा कॉलोनी एरिया।
दक्षिण में विज्ञान केंद्र के पास नाला।
पूर्व में-कैपिटल सिटी फेस 01 और उत्तर में- राजवाड़ा सिटी।
धमतरी, छत्तीसगढ़ के धमतरी में गुरुवार सुबह ट्रेलर और कार की टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार महिला और उसके देवर की मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में एनएमडीसी कर्मचारी, उसका डेढ़ वर्षीय बच्चा और कार चालक शामिल है। तीनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा अर्जुनी थाना क्षेत्र में हुआ है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, बचेली, दंतेवाड़ा निवासी एनएमडीसी कर्मचारी रमानी हलदर कार से अपनी पत्नी बेबी हलदर (30), डेढ़ वर्षीय बेटे रौनक हलदर और चचेरे भाई अनिल बनिक के साथ रायपुर से जगदलपुर जा रहे थे। कार उनका चालक रायपुर निवासी हेमराज यादव चला रहा था। अर्जुनी क्षेत्र के गागरा पुल के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। इसमें बेबी हलदर और अनिल बनिक की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालत में सुधार होने पर घटना को लेकर स्पष्ट हो सकेगा।
कोरबा | शहर की घनी आबादी के बीच स्थापित होटलों कों क्वारनटाईन सेन्टर बनाने और एक हॉटल से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद शहर में दहशत फैल गयी है। आम नागरिक प्रशासन के निर्णय को अव्यवहारिक बताकर शहर के बाहर घनी आबादी से दूर क्वारनटाईन सेन्टर बनाने की ऊपेक्षा कर रहे हैं।
रायपुर | पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.श्री राजीव गांधी के शहादत दिवस पर श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी की विशेष उपस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना - राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुआ। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ इस योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली 5750 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए वरिष्ठ नेता श्री मोतीलाल वोरा, सांसद श्री पी.एल. पुनिया, श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित प्रदेश के जिलों से सांसद, विधायक और हितग्राही कृषक शामिल हुए।
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद श्री राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना संकट की स्थिति को देखते हुए मैंने प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया था कि गरीबों को इस वक्त कर्ज की नहीं बल्कि नगद राशि की जरूरत है। इसका बढ़िया रास्ता छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाला है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने किसानों को मदद पहुंचाने के लिए उनके खाते में सीधे राशि दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ सरकार संकट के समय में, लोगों की मदद कैसे की जा सकती है, इसका देश को रास्ता दिखाया है। चाहे कोरोना संकट हो और कोई भी विपत्ति हम गरीबों का हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमें गरीबों की मदद करने के लिये उनके साथ खड़ा होना पड़ेगा। हमें मामूल है कि राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इस हालत में भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को राहत पहुंचाने हेतु लिया गया यह निर्णय, कोई छोटा काम नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों एवं गरीबों की मदद करने का निर्णय हमने सोच-समझकर लिया है। यह किसी व्यक्ति विशेष का निर्णय नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आवाज है। यह रास्ता छत्तीसगढ़ के लोगों ने ही हमें बताया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमण्डल के सभी सहयागियों और छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा-राजीव जी की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीब आदिवासी किसानों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को सीधे उनके खाते में राशि देने की शुरूआत की गई है। इस योजना के दूसरे चरण में ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को शामिल करने का निर्णय अपने आप में अनोखा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गरीब किसानों को मदद पहुंचाने की अनुकरणीय योजना है। इससे आदिवासियों, ग्रामीणों एवं गरीबों के जीवन में बदलाव आएगा, खुशहाली आएगी। ऐसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर जन-जन तक लाभ पहुंचाना राजीव जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि राजीव जी का यह मानना था कि खेती विकास की पूंजी है। भारत के विकास के लिये किसानों एवं गरीबों को मदद पहुुंचाना जरूरी है। उन्होंने इस क्रांतिकारी योजना के लिये मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार के साथ ही प्रदेश के गरीबों, किसानों एवं मजदूरों को शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की मूलभावना हमारे लिये मार्गदर्शिका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके माध्यम से हम किसानों एवं कमजोर वर्ग के लोगों को न सिर्फ सम्मान से जीने का अवसर उपलब्ध कराएंगे बल्कि गरीबी का कलंक मिटाने में भी सफल होंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य के किसानों के जीवन में खुशहाली का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभान्वित होने वालों में 90 प्रतिशत लघु-सीमांत किसान अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं गरीब तबके के हैं। इस योजना की प्रथम किश्त की राशि 1500 करोड़ रूपये हम सीधे किसानों के खाते में अंतरित कर रहे हैं। योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को इस वर्ष 5750 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत धान की खेती के लिये किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपये तथा गन्ना की खेती के लिये प्रति एकड़ 13000 रूपये आदान सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि हमनें अब तक धान खरीदी, कर्जमाफी, फसल बीमा, सिंचाई कर की माफी और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर किसानों को 40 हजार 700 करोड़ रूपये उनके खातों में सीधे अंतरित किए है।
उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी का पुण्य स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के आधुनिक भारत निर्माण के स्वप्न दृष्टा राजीव जी यह दृष्टिकोण था कि- ‘भारत मंे गरीबी उन्मूलन तथा आत्मनिर्भर भारत‘ निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति किसानों की आर्थिक दशा में के बिना संभव नहीं है। श्री राहुल गांधी की न्याय की वृहद अवधारणा के क्रियान्वयन की दिशा में और उनक मार्गदर्शन में प्रथम कदम है ‘‘ राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ । श्री बघेल ने कहा कि सोनिया जी और राहुल जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ देश के प्रथम राज्यों में से है जो कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के पालन करने में दृढ़ संकल्पित है।
श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि के दिन इस महती योजना का शुभारंभ कर हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। आगामी वर्षाें में भी 21 मई को ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जिलों के जनप्रतिनिधियों, हितग्राही किसानों, समूह की महिलाओं और वनोपज संग्राहकों से भी चर्चा की।
इस अवसर विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरण दास महंत, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत सिंह भगत, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भिलाई | सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के अत्याधुनिक इकाई स्टील मेल्टिंग शॉप-3 ने कोविड के इस संकटकाल में भी अपनी उत्कृष्टता दिखाई है। एसएमएस-3 के कन्टीन्यूअस कास्ट बिलेट ने विश्व के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक देश चीन में आज अच्छी माँग है। विगत माह से भारी मात्रा में सेल-बीएसपी के एसएमएस-3 द्वारा निर्मित बिलेट का निर्यात चीन को किया जा रहा है। कोविड के वर्तमान संकटकाल को अवसर में बदलते हुए सेल-बीएसपी ने भिलाई में निर्मित 150 ग् 150 तथा 105 ग् 105 बिलेट का निर्यात करने में सफलता हासिल की है।

महासमुंद | कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर जनता के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारी पर भी कार्रवाई की गई है।
रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज से राज्य में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का आगाज हो गया है। धान के समर्थन मूल्य में अंतर की राशि जो कि करीब 5700 करोड़ रूपए है, प्रदेश के किसानों को चार किश्तों में प्रदान की जाएगी। प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
Under the Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana launched today,
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) May 21, 2020
19 lakh paddy, maize and sugarcane farmers to be benefited. They will receive Rs 5700 crore in four installments.
The first installment of Rs 1500 crore is being transferred today into their accounts. #BhupeshKaNYAYpic.twitter.com/TvhmJBYoa2
नांदघाट में मजदूरों से भरी बस ट्रेलर से टकराई, 3 की मौत 8 गंभीर, पुणे से बस के जरिए लौट रहे थे मजदूर
बेमेतरा | छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में नांदघाट टेमरी इलाके में पुणे से लौट रही मजदूरों से भरी बस ट्रेलर से टकरा गई, जिसमें गाड़ी के ड्राइवर और मजदूरों समेत 3 की मौत हो गई, वही 8 लोग गम्भीर रूप से घायल हुए है। जिन्हे अस्पताल ले जाया जा रहा है।
सुकमा | जिले के ग्राम पुसपल्ली निवासी 19 वर्षीय तेलामी देवा को क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए युवक के वहां से भागने पर उसके विरूध्द आज एफआईआर दर्ज कर उसकी पतासाजी की जा रही है। क्वारंटाइन सेंटर से भागने वाला युवक तेलांगाना से लौटा था, जिसके बाद उसे क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था।
जांजगीर | छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर जिले से एक खबर सामने आई है खबर मिली है कि जांजगीर के क्वारंटाइन सेंटर में एक मजदूर की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई । जानकारी के अनुसार मजदूर कुछ दिन पहले ही गुजरात से काम कर लौटा था। उसे शासकीय प्राथमिक शाला मुलमुला क्वारंटाइन सेंटर में ठहराया गया था। मुलमुला पुलिस जांच में जुट गई है |
रायगढ़, थाना चक्रधर नगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्रीन सिटी कालोंनी के सामने गोवर्धनपुर में अभी कुछ देर पहले एक तेज रफ्तार बाइक और ट्रेलर में टक्कर हो गई।इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार 3 लोग ट्रक के चपेट में आ गए।। जिसमें दो लोगों को मामूली चोटें आई।। जबकि एक महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही चक्रधर नगर पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनो घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवा गया जबकि मृतक महिला के शव का पंचनामा कर पोस्टर्माटम के लिए मरचुरी रूम भेजा जा रहा है .




























