कांकेर, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कांकेर जिला पुलिस ने शराब की तस्करी कर रहे एक एसआई समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, और उनकी कार से 55 लीटर देशी शराब जब्त कर कार्रवाई कर रही है।
कोरोना के चलते लॉकडाउन में छत्तीसगढ़ में शराब दुकानें बंद की गई है, जिसकी वजह से अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है, मोटी रकम की कमाई के चलते कई रसूखदार लोग भी इसमें शामिल हो गए, जिसमे शराब तस्कर तो शामिल थे ही.. लेकिन अब वर्दीधारी भी शराब की अवैध स्मगलिंग करने लगे, जिसका खुलासा कांकेर पुलिस ने किया।
ताजा घटनाक्रम कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र की है, बीती रात एक सब इंस्पेक्टर अपने तीन साथियों के साथ अवैध रूप से शराब परिवहन करते गिरफ्तार किया गया है। दरअसल चारामा पुलिस को सूचना मिली थी, कि माचांदुर गांव के पास दुर्ग के पाटन थाना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर देवानंद पटेल 55 लीटर देशी महुआ शराब के साथ अपने तीन सहयोगियों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार में लेकर जा रहे हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही माचांदुर गांव के नाका के पास घेराबंदी की, और स्विफ्ट डिजायर वाहन क्रमांक सी जी 07 बी एच 0697 में जांच के बाद 55 लीटर शराब पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों एसआई देवानंद पटेल, पप्पू लहरे, सुरेश बंछोर, बल्लभ को चारामा थाना ले आई, जहां विवेचना के बाद चारों आरोपियों के ऊपर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
महासमुंद। केन्द्र सरकार द्वारा उज्जवला हितग्राहियों को सिलेंडर लेने के लिए सरकार द्वारा राशि तभी दी जाएगी जब वे अप्रैल माह का सिलेंडर लेंगे। इस माह सिलेंडर न लेने पर हितग्राहियों को आगामी माह सरकार की ओर से राशि नहीं दी जाएगी। दरअसल, जिले की कई हितग्राहियों ने अब तक सिलेंडर नहीं लिया है। ऐसे हितग्राहियों को सरकार की ओर से आगामी दो माह की राशि सिलेंडर लेने पर ही दी जाएगी।

महासमुंद। बसना क्षेत्र की 13 वर्षीया किशोरी को दिनदहाड़े दो युवक बाइक में भगा ले गए। अभिभावक की शिकायत पर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ अपरहरण का मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक पौंसरा निवासी दीपेंद्र विशाल और चंद्रमणी भोई ने शनिवार अपरान्ह करीब तीन बजे नाबालिग को उसके घर के बाहर से ही बाइक में जबरन बिठाकर भाग गए। बाद अधेड़ पिता ने शाम को थाना पहुंच इसकी जानकारी दी। पुलिस धारा 363/34 के तहत अपराध दर्ज करते हुए नाबालिग की तलाश में जुट गई है।
रायपुर। लॉकडाउन के बीच छत्तीसगढ़ से एक खबर सामने आ रही है जहां छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक निर्माण विभाग के चार अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। आपको बता दे की यह आदेश लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी किया गया है। देखे पूरी सूचि-

रायपुर | दुनिया भर में कोरोनो वायरस के खिलाफ मानव जाति की लड़ाई में चिकित्सा समुदाय सबसे आगे है। भारत ने सामूहिक रूप से लगभग चार सप्ताह के लॉकडाउन का सफलतापूर्वक अवलोकन किया और इस तरह से कोविड संक्रमण के प्रसार को धीमा करने में कामयाब रहा। इस मोड़ पर, यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि यह अनिश्चितता कब समाप्त होगी। इन परिस्थितियों में, अस्पतालों को कैंसर जैसी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि उनका उपचार अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं किया जा सकता है। अनावश्यक देरी कैंसर उपचार के परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। तो वर्तमान महामारी के साथ, कैंसर के रोगियों का सुरक्षित रूप से इलाज करने का तरीका सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना है।

बालको मेडिकल सेंटर में, कोरोनावायरस के प्रकोप की शुरुआत से पहले ही, अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण समिति ने कड़े सिस्टम और प्रक्रियाएं स्थापित की थीं। इस महामारी के बाद, रोगियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रोटोकॉल रखे गए हैं। बालको मेडिकल सेंटर के सी.ओ.ओ. श्री एस. वेंकट कुमार ने बताया कि अस्पताल कैसे कोविड 19 की स्थिति में समस्याओ से भली-भांति निपट रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि “हमारे परिसर में सभी मरीज सुरक्षित हैं। हमारे पास एक मजबूत कोविड रैपिड रिस्पांस टीम है, जो एक मल्टीमॉडलिटी टीम है, जिसमें चिकित्सा सेवा, संक्रमण नियंत्रण और गुणवत्ता टीमों और चिकित्सा और इंजीनियरिंग विशेषज्ञों के प्रमुख शामिल हैं।
श्री वेंकट ने कहा कि बी.एम.सी. ने विभिन्न स्तरों पर तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा है कि बी.एम.सी. ने मुख्य द्वार पर हर प्रवेशकर्ता की थर्मल स्कैनिंग, सख्त सामाजिक दूरी, हाथ की स्वच्छता प्रथाओं का पालन करने और व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) निर्धारित न्यूनतम स्तर से अधिक सुनिश्चित करने के उपाय किए हैं। सभी रोगियों और उनके परिचारकों को ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क भी प्रदान किए जाते हैं। कोविड रोग के लक्षणों, यात्रा और कोविड रोगियों के संपर्क इतिहास के लिए सभी रोगियों को पहले सावधानीपूर्वक जांच की जाती है। यह संदिग्धों को एक अलग आइसोलेशन वार्ड में भेजने के लिए सुनिश्चित करना है।
अस्पताल के अंदर, फर्नीचर को ऐसा व्यवस्थित किया गया है की सोशल डिस्टन्सिंग बनी रहे , वॉश बेसिन और सैनिटाइज़र आसानी से उपलब्ध करवाया गया है ताकि सुरक्षा सावधानी बरतने के लिए उनके उपयोग और आवधिक घोषणाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। भीड़भाड़ को रोकने के लिए, रोगी के साथ केवल एक परिचर को अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा, कुशल इंजीनियरिंग नियंत्रण जैसे कि वायु परिवर्तन, विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में, किसी भी एयरोसोल उत्पन्न करने की प्रक्रिया के लिए समर्पित नकारात्मक दबाव कमरे हैं। पूरे अस्पताल और एम्बुलेंस की लगातार स्वच्छता और फॉगिंग सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
अस्पताल लगातार संक्रमण नियंत्रण प्रशिक्षण का आयोजन करता है और अस्पताल संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं पर मॉक ड्रिल करता है, कर्मचारियों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए पीपीई का उचित उपयोग करता है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट और एचआईसी की प्रमुख डॉ. मनीषा साहू ने बताया कि हमारे सभी मरीज केवल क्लीनिकल, गैर-नैदानिक और प्रशासनिक सभी स्तरों पर समर्पण और प्रतिबद्धता के कारण सुरक्षित हैं।
सीओओ ने आगे कहा, "हमें लगता है कि कैंसर के मरीज के इलाज में किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। हमने टेली कंसल्टेशन ’सेवाएं शुरू कर दी हैं ताकि रोगी जिनको डॉक्टरों के साथ परामर्श करने की आवश्यकता है वे अपने घर से आराम से ऐसा कर सकें। फिर भी, डॉक्टर किसी भी आपात स्थिति और रोगियों की आवश्यकता का जवाब देने के लिए हमारे अस्पताल में हमेशा उपलब्ध रहते हैं। किसी भी परिस्थिति में हमारे रोगियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। "
रायपुर | भारतीय प्रशासनिक सेवा 2019 बैच के आईएएस अफसरों को प्रशिक्षण उपरांत जिलों में पोस्टिंग दे दी गई है। सभी आईएएस अफसरों को विभिन्न जिलों में सहायक कलेक्टर बनाया गया है।




























