जगदलपुर | कलेक्टर डॉ अय्याज तम्बोली के निर्देश पर कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर तहसील बकावण्ड के तोंगकोंगेरा के पटवारी को निलंबित कर दिया है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लेने के लिये तोंग कोंगरा पहुंचे बस्तर कलेक्टर के सामने ग्रामीणों ने बताया कि हल्का पटवारी श्री चित्त विनोद पांडेय लंबे समय से क्षेत्र भ्रमण पर नहीं आ रहे हैं तथा उनके कार्य में प्रति की जाने वाली लापरवाही के कारण ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने हल्का पटवारी को तत्काल निलम्बित करने के निर्देश दिया। कलेक्टर के निर्देश पर बस्तर के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) श्री गोकुल रावटे ने पटवारी श्री पांडेय को निलंबित कर दिया है। निलम्बन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बस्तर निर्धारित किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता दी गई है।
कोरबा | छत्तीसगढ़ के एक मात्र कोरोना हॉट स्पॉट कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिए जाने से दूध के कारोबारियों को सड़क पर सैकड़ों लीटर दूध बहाना पड़ रहा है। कस्बे में दूधियों की आमद न होने देने से दूध का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। यहां प्रतिदिन करीब 1500 लीटर दूध की खपत पर चपत लग गई है। जिला प्रशासन यहां दूध की आपूर्ति तो करा रहा है, लेकिन पैकेट वाले दूध का ही वितरण हो रहा है। इससे दुग्ध व्यवसायियों को दूध बेकार बहाना पड़ रहा है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। शनिवार दोपहर को राजधानी के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश । बेमौसम बारिश ने बढ़ाई लोगो को स्वास्थ्य की चिंता |
कवर्धा। कोरोना वायरस कोविड-19 के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम और उनके बचाव की दृष्टि से कबीरधाम जिले में आगामी आदेश तक गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अवनीश कुमार शरण ने आज एपिडेमिक एक्ट 1897 के अधीन प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण कबीरधाम जिले में गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। इस आदेश के उलंघ्घन करने वालो पर धारा188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे माना कैम्प क्षेत्रांतर्गत टेमरी गांव में हुए दुधमुंही बच्ची की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आपको बता दे कि 1 साल की बच्ची का शव उसके घर की छत पर पानी की टंकी में मिला था| उसी सम्बंध में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया की बच्ची की बड़ी माँ ने जलन व द्वेष की भावना से उसने हत्या की घटना को अंजाम दिया था। जिस पर पुलिस ने कार्यवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से पीलिया को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है एक ओर जहां कोरोना वायरस ने पुरे दुनिया को अपने चपेट में ले लिया है तो व्ही दूसरी ओर रायपुर में पीलिया को लेकर डराने वाले आंकडे आ रहे हैं। रायपुर में पीलिया पीड़ितों की संख्या अब 5 सौ पार करके 517 तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में पीलिया के 36 मरीज मिले हैं। पीलिया पीड़ितों में 6 साल का बच्चा भी शामिल है। इन मरीजों में से 32 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।
रायपुर. लॉक-डाउन कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सबसे आवश्यक है। इसे हर कोई समझ रहा है। लोगों की इसी समझदारी ने अभी छत्तीसगढ़ को इस बीमारी से काफी हद तक बचाकर रखा है। मगर, लोगों ने जैसे-तैसे पहले 21 दिन गुजार लिए पर अभी के 19 दिन मुश्किल से कट रहे हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिनके अपने दूर हैं। रायपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय में 50 से अधिक आवेदनकर्ता पहुंचें जिनके अपने दूसरे प्रदेश या दूसरे राज्य में हैं। किसी की माता-पिता बुजुर्ग हैं, मां बीमार हैं, इलाज करवाना है या फिर बुजुर्गों की सेवा के लिए परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं।
लोगों अपने-अपने आवेदन लेकर आए। दरखास्त की कि उन्हें कम से कम अपने को लाने या फिर उनके पास जाने की अनुमति दे दी जाए। इनकी फरियाद भी जायज है, मगर नियम आड़े आ रहे हैं। अनुमति देना कलेक्टर के हाथ में हैं। वे यह परखते हैं कि प्रकरण की गंभीरता क्या है? यहां से अनुमति जारी भी हो रही हैं। हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। यहां आकर लोग चस्पा सूची में अपना नाम तलाशते हैं और कोई खुश होता है तो कोई मायूस लौटता है।
जांजगीर-चांपा ,मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पहल पर जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा द्वारा कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन से प्रभावित जिले के शेल्टर होम में आश्रय पाए छत्तीसगढ़ के 33 प्रभावितों को उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई और उन्हें वाहनों की व्यवस्था कर उनके गृह जिले के लिए रवाना किया गया।
लॉकडाउन के कारण जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर, सक्ति और चांपा के शेल्टर होम में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लोगों को ठहराया गया था। जिसमें कोण्डागांव के 7, जशपुर के 6, रायगढ़ के 12, कोरबा के 5, मुंगेली, बिलासपुर और महासमुंद के एक-एक शामिल थे।

चांपा एस डी एम श्री बजरंग दुबे द्वारा रायगढ़ जिले के 3 शिविरार्थियों को दवा किट, एक सप्ताह के लिए राशन, पेयजल और नाश्ता उपलब्ध कराया गया और उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई और वाहन से रवाना किया गया ।
ज्ञातव्य है कि कोविद-19 को नियंत्रित करने लागू लॉकडाउन में जांजगीर-चांपा जिले के उक्त शिविरों में आश्रय पाए लोगों के लिए भोजन आवास, चिकित्सा और सेनेटाइजर, मास्क के साथ-साथ मनोरंजन की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। सभी को घर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई ।
रायपुर, नगर निगम रायपुर में नोवल कोरोना वायरस संक्रमण एवं पीलिया की कारगर रोकथाम हेतु राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के समन्वयक अधिकारी उपसंचालक डॉ. अमृत चोपडा ने बताया कि राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के तहत वर्तमान में पीलिया के मरीजो के उपचार हेतु रायपुर शहर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल, डीकेएस सुपर स्पेसलिटी अस्पताल एवं शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय रायपुर को चिन्हांकित किया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के पीलिया नियंत्रण समन्वयक अधिकारी उपसंचालक डॉ. चोपडा ने बताया कि राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में आस पास के क्षेत्रों के पीलिया मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं आजाद चौक से भिलाई की ओर जाने वाले मार्ग तथा समांतर क्षेत्र पुरानी बस्ती, आमापारा, खो-खो पारा, समता कालोनी, गोपिया पारा, ईदगाह भाठा, विवेकानंद आश्रम, डीडी नगर, चंगोराभाठा, कुषालपुर, कोटा, चिरहुलडीह वार्ड , कुकरबेडा, टाटीबंध, हीरापुर, गोगांव, अटारी, सुन्दरनगर, लाखेनगर, सरस्वती नगर एवं ब्राम्हणपारा क्षेत्र के मरीजों के लिए एलोपेथिक उपचार की व्यवस्था की गई है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर एवं डीकेएस सुपर स्पेसलिटी अस्पताल में उपरोक्त क्षेत्रों को छोडकर रायपुर शहर के बाकी सभी क्षेत्र के पीलिया के मरीजो का उपचार किया जायेगा। पीलिया के मरीज उल्लेखित दोनो चिकित्सालयों में से कही भी एलोपेथिक उपचार प्राप्त कर सकते है।
रायपुर,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर पश्चिम भाग द्वारा कोरोना वायरस नामक महामारी से लड़ने के लिए विभिन्न स्थानों में मास्क एवं सैनिटाइजर बांटा गया। जिसमें पश्चिम भाग उपाध्यक्ष अजय शादीजा ने बताया कि विधार्थी परिषद द्वारा अन्य स्थानों पर भी मास्क, सैनिटाइजर एवं भोजन की व्यवस्था जरूरतमंदों को कराई जा रही है। जिसमें प्रमुख रूप से रायपुर पश्चिम भाग उपाध्यक्ष- अजय शादीजा एवं विघालय प्रमुख- सौरभ शुक्ला एवं पारस पाटकर, अभिनव पांडे, भुपेंद्र जगत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बलरामपुर, बलरामपुर रामानुजगंज भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रामविचार नेताम ने सरगुजा संभाग के जिला सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर ओर कोरिया जिला के अध्यक्षों, पदाधिकारियों पूर्व विधायको, वरिष्ठ नेताओं और सभी मोर्चा के पदाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर संगठन द्वारा इस महामारी में लोगो हेतु किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की साथ ही प्रसन्नता व्यक्त की कि इस लॉकडाउन में सभी ने सक्रियता से कोरोना की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नेताम ने जिला के दूर-दराज के क्षेत्रों में कम्युनिकेशन बढ़ाने एवं आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने तथा सब लोगों को इसके लिए प्रेरित करने हेतु सभी को निर्देश दिए ।
नेताम ने सभी को अवगत कराया कि आरोग्य सेतु में पूरे विस्तार से सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए हैं, और सभी को इस एप से जोडऩे का कार्य किया जाना है एवं सभी पदाधिकारियों को शक्ति केंद्र तक संपर्क कर इस संबंध में जानकारी दी जाए । कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नेताम ने सभी लोगो से आर्थिक स्थिति से परेशांन लोगों और इस लॉकडाउन के चलते अन्य राज्य के मजदुरो तक राशन पहुंचाने, भोजन करवाने एवं उनकी हरसंभव मदद करने हेतु भी आग्रह किया, नेताम ने सभी को इस संकट के समय प्रधानमंत्री मोदी जी के निर्देशानुसार सप्तपदी को बढ़ावा देने के साथ साथ कोरोना योद्धाओं का सम्मान कर उन्हें धन्यवाद पत्र देने को कहा एवं पीएम केयर्स फंड में 40 लोगों से न्यूनतम 100 रुपए का अंशदान कराने की अपील भी की ।
इस दौरान भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े, पूर्व विधायक शायम बिहारी जैसवाल, चम्पादेवी पावले, सिद्नाथ पैकरा, भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव, भारत सिंह सिसोदिया, जि़ला सरगुजा अध्यक्ष अखिलेश सोनी, सूरजपुर जि़ला अध्यक्ष रामकृपाल साहू , जि़ला भाजपा बलरामपुर अध्यक्ष शिवनाथ यादव, जि़ला कोरिया अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जैसवाल समेत अन्य 70 पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
सुकमा, जिले के दोरनापाल-जगरगुण्डा मार्ग पर नक्सलियों ने बीती रात सड़क काट कर आवागमन को ठप्प कर दिया है। बड़े वाहनों की आवाजाही जहां बंद हो गई है, वहीं दोपहिया वाहन किसी तरह गड्ढों को पार कर पा रहे हैं। सड़क काट कर रास्ते में कई जगह नक्सलियों की कोंटा ?एरिया कमेटी ने सीएए के विरोध पर्चे फेंके है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। वहीं नक्सल प्रभावित अंदरूनी बीहड़ अंचलों में जहां सामान्य दिनों में भी बड़ी मुश्किल से लोगों तक राशन और अन्य जरूरत की चीजें पहुंचाई जाती है। ऐसे संक्रमण काल में नक्सलियों के द्वारा ग्रामीणों को शासन से नि:शुल्क मिलने वाले चांवल में से आधे चांवल की उगाही कर रहे हंै। ग्रामीणों के हितैषी बताने वाले नक्सलियों का उत्पात अनवरत जारी है।
रायपुर । मध्य प्रदेश से कर्नाटक के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी द्रोणिका के असर से पूरे छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तरी छत्तीसगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से बादल छाए हुए हैं और रुक- रुक कर बारिश हो रही है। मौसम के बिगड़े मिजाज का असर तापमान पर भी पड़ा है। अधिकतम तापमान में पिछले तीन दिनों के भीतर चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच पहुंच गया है।मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश से कर्नाटक के बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा उत्तरी छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है इसके कारण बनी द्रोणिका से इलाके का मौसम बदल गया है। इस बीच बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण बादल छा रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो रही है।कुछ जगहों पर ओले भी गिरे है
मौसम का यह मिजाज आगामी 28 अप्रैल तक बरकरार रहने की संभावना जाहिर की जा रही है।अप्रैल महीने के आखिरी दिनों में अधिकतम तापमान 30 और 31 डिग्री के आसपास गिर गया है, जबकि यह अन्य वर्षो और सामान्य दिनों में इस समय 40 डिग्री के करीब रहता है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री के बीच स्थिर है। शुक्रवार को सुबह से संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में बादल छाए रहे और हल्की बारिश भी कुछ इलाकों में हुई। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल के बाद ही मौसम साफ होने की संभावना है।
मौसम के बिगड़ने का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। हालांकि बगैर हवा चले और बारिश के ही शहर की बिजली घंटों गुल हो जा रही है। संबंधित विभाग से पूछने पर पता चलता है कि अमुक स्थान पर लाइन में फाल्ट आया है या इंसुलेटर पंचर होने के कारण लाइन में खराबी आ गई है शुक्रवार को भी शहर के कई इलाकों में सुबह से घंटों बिजली गुल रही। शहर के एक दो जगह पर ट्रांसफार्मर में खराबी आई तो कुछ स्थानों पर इंसुलेटर के खराब होने से घंटों बिजली गुल रही। लगातार बिजली व्यवस्था के बिगड़ने से शहर के लोग भी परेशान हैं।
रायपुर, नगर निगम रायपुर के सभी जोनो के नगर निवेष एवं स्वास्थ्य विभाग अमले ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में शासन के आदेश के परिपालन में ऐसे लोगो पर जुर्माना करने की कडी कार्यवाही उन्होने स्पष्ट हिदायत व चेतावनी देते हुए कि जिन्होने मास्क पहनने के अनिवार्य नियम एवं सामाजिक दूरी बनाकर रखने के सिद्धांत का पालन नहीं किया। ऐसे दुकानदारों एवं लोगो पर कार्यवाही की गई। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
सामाजिक दूरी का पालन न करने पर नगर निगम ने कटोरा तालाब के राधा फ्रेस वल्र्ड दुकान पर 300 रू., बॉबी प्रोविजन स्टोर्स कटोरा तालाब मुख्य मार्ग पर 500 रू., मुकेष किराना स्टोर्स टिकरापारा के संचालक पर 500 रू., सुरज प्रोविजन स्टोर्स टिकरापारा पर 500 रू., अमर आलू प्याज भंडार टिकरापारा पर 500 रू., अर्पणा पोल्ट्री टिकरापारा पर 500 रू., आनंद मोबाईल पर 500 रू. एवं विभिन्न जोनो के वार्डो में मास्क पहनने के अनिवार्य नियम का व्यवहारिक पालन न करने वाले लोगो पर कडी चेतावनी देते हुए शासन के निर्देशानुसार 100-100 रू. का प्रत्येक संबंधित मास्क न पहनने वाले व्यक्ति पर जुर्माना किया।
निगम जोन के नगर निवेष , स्वास्थ्य विभाग, लोककर्म विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने न सिर्फ शासन के नियम व आदेश से संबंधितों को अवगत कराया एवं इसके लिए सार्वजनिक मुनादी करवायी बल्कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु लोककल्याण की दृष्टि से सघन जनजागरण अभियान चलाकर लोगो से मास्क पहनने के एवं सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम व सिद्धांत का स्वयं एवं जन-जन की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु पालन करने का अनुरोध किया। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना भरने की कार्यवाही का सामना करने तैयार रहने की चेतावनी उन्हें दी।
छत्तीसगढ़ के करीब दो हज़ार बच्चों को लाने 75 बस, एंबुलेंस और पुलिस का क़ाफ़िला कोटा के लिए होगा रवाना
रायपुर। कोटा में मौजुद छत्तीसगढ़ के बच्चों को लाने पचहत्तर बसों का क़ाफ़िला देर शाम कोटा के लिए रवाना होगा। इस क़ाफ़िले में एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी भी पृथक से मौजुद रहेगी।राज्य सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया है कि कोटा में अभी तक की जानकारी के हिसाब से क़रीब दो हज़ार के आसपास बच्चे हैं,जिन्हें इन बसों में लाया जाएगा। बसों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। वहीं यह भी महत्वपूर्ण है कि इन सभी बच्चों को छत्तीसगढ़ आते ही राज्य सरकार क्वारनटाईन ज़ोन में रखेगी। यह अवधि चौदह दिन की होगी, इन सभी बच्चों की जाँच होगी और उसके बाद जबकि उनका अंतिम परिणाम निगेटिव आएगा, उन्हें घर रवाना कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सैकड़ों बच्चे राजस्थान के कोटा में फंसे हैं। कोचिंग के लिए गए इन बच्चों को लॉक डाउन से उबारने छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बच्चों और पलकों के लिए राहत वाली खबर सामने आई है। छात्रों को छत्तीसगढ़ वापस लाने की कवायद शुरू हो गई है और उन्हें वापस लाने के लिए सरकार द्वारा बसें भेजी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीटर के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि लाकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस राजस्थान भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द ही छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने सभी जिला स्तर पर कलेक्टरों को बच्चों की स्थित और संख्या पर काम करने के निर्देश दिए थे। अब बच्चों को वापस लाए जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई है।
लाॅकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 24, 2020
पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 18 हजार विद्यार्थी अपने-अपने घर जा चुके हैं। उनमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 12 हजार 500, मध्य प्रदेश के 2800, गुजरात के 350 और दादरा-नागर हवेली के 50 बच्चे शामिल हैं। जो अपने घर लौट चुके हैं।इसके अलावा हरियाणा के 1000, असम के 400 और राजस्थान के विभिन्न जिलों के 1500 बच्चे अपने-अपने घरों के लिए शुक्रवार को रवाना हो जाएंगे। इसी तरह शनिवार को हिमाचल प्रदेश के 100, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के 500 बच्चे बसों से और 300 बच्चे अपने निजी साधनों से घर जाएंगे।
भारत सरकार द्वारा देर से ही सही लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार को हमारे छात्रों को कोटा से वापस लाने की अनुमति देने के निर्णय का स्वागत करते हैं
— TS Singh Deo (@TS_SinghDeo) April 24, 2020
स्वास्थ्य विभाग राजस्थान में डॉक्टरों और एम्बुलेंस की एक टीम भेज रहा है!
काश पहले अनुमति मिल जाती, हम अपने बच्चों को बहुत पहले घर वापस ले आते!

























