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कार्य के प्रति लापरवाह पटवारी निलंबित :  तोंगकोंगेरा के ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने की कार्यवाही

कार्य के प्रति लापरवाह पटवारी निलंबित : तोंगकोंगेरा के ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने की कार्यवाही

जगदलपुरकलेक्टर डॉ अय्याज तम्बोली के निर्देश पर कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर तहसील बकावण्ड के तोंगकोंगेरा के पटवारी को निलंबित कर दिया है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लेने के लिये तोंग कोंगरा पहुंचे बस्तर कलेक्टर के सामने ग्रामीणों ने बताया कि हल्का पटवारी श्री चित्त विनोद पांडेय लंबे समय से क्षेत्र भ्रमण पर नहीं आ रहे हैं तथा उनके कार्य में प्रति की जाने वाली लापरवाही के कारण ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने हल्का पटवारी को तत्काल निलम्बित करने के निर्देश दिया। कलेक्टर के निर्देश पर बस्तर के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) श्री गोकुल रावटे ने पटवारी श्री पांडेय को निलंबित कर दिया है। निलम्बन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बस्तर निर्धारित किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता दी गई है।

राज्य के कोरोना हॉट स्पॉट क्षेत्र में सड़क पर बहाना पड़ रहा सैकड़ों लीटर दूध, जाने कहा की है ये खबर

राज्य के कोरोना हॉट स्पॉट क्षेत्र में सड़क पर बहाना पड़ रहा सैकड़ों लीटर दूध, जाने कहा की है ये खबर

कोरबा | छत्तीसगढ़ के एक मात्र कोरोना हॉट स्पॉट कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिए जाने से दूध के कारोबारियों को सड़क पर सैकड़ों लीटर दूध बहाना पड़ रहा है। कस्बे में दूधियों की आमद न होने देने से दूध का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। यहां प्रतिदिन करीब 1500 लीटर दूध की खपत पर चपत लग गई है। जिला प्रशासन यहां दूध की आपूर्ति तो करा रहा है, लेकिन पैकेट वाले दूध का ही वितरण हो रहा है। इससे दुग्ध व्यवसायियों को दूध बेकार बहाना पड़ रहा है।

प्रशासन की टीम होम डिलिवरी के माध्यम से जरूरी सामानों की आपूर्ति घरों में कर रही है। इस सूची में दूध शामिल है, लेकिन केवल पैकेटवाले दूध के वितरण की ही अनुमति है। इसका सीधा असर जिलेभर के संचालित तबेलों पर भी पड़ा है। 50-60 मवेशियों वाले कई तबेलों के संचालकों के यहां प्रतिदिन 100 से 150 लीटर दूध बच रहा है। गाय हो या भैंस दूध यदि नहीं दुहा गया तो थनेला की बीमारी का खतरा है। ऐसे में ज्यादातर दुग्ध व्यवसायी दूध को या तो चिर.परिचतों को मुफ्त में बांट रहे या फिर मजबूर होकर सड़क पर बहा रहे हैं। छत्तीसग? में कोराना का शुक्रवार को एक नया केस आया है। अब तक कुल 37 संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 30 ठीक हो चुके हैं। अब तक कुल 11386 सैंपल टेस्ट हुए हैं।
 
राजधानी में बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में तेज हवा के साथ हुई बारिश

राजधानी में बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में तेज हवा के साथ हुई बारिश

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। शनिवार दोपहर को राजधानी के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश । बेमौसम बारिश ने बढ़ाई लोगो को स्वास्थ्य की चिंता | 

कोविड-19 के नियंत्रण और रोकथाम के लिए पूरे जिले में गुटखा, पान मसाला, तम्बाखू और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध

कोविड-19 के नियंत्रण और रोकथाम के लिए पूरे जिले में गुटखा, पान मसाला, तम्बाखू और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध

कवर्धा। कोरोना वायरस कोविड-19 के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम और उनके बचाव की दृष्टि से कबीरधाम जिले में आगामी आदेश तक गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अवनीश कुमार शरण ने आज एपिडेमिक एक्ट 1897 के अधीन प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण कबीरधाम जिले में गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए है। इस आदेश के उलंघ्घन करने वालो पर धारा188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। 

गौरतलब है कि कोविड-19 कोरोना वायरस के रोकथाम और नियंत्रण के लिए राज्य शासन द्वारा पूरे प्रदेश को लाकडाउन किया गया है। डब्लूएचओ के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए इसे महामारी घोषित किया गया है। इसके बचाब के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तथ्य परिलक्षित है कि कोरोना वायरस के संपर्क से पीडि़त,संदेही से दूर रहने की संगरोध की सख्त हिदायत दी गई है। प्राय: यह देखने मे आता है कि कतिपय लोगो के द्वारा गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु का सेवन कर जगह-जगह पर थूक दिया जाता है, जिससे कि संक्रमण बढऩे का खतरा है। संक्रमण, इसके प्रभावी रोकथाम तथा बचाब के लिए कबीरधाम जिले में गुटखा,पान मसाला,तम्बाखू,और गुड़ाखु के खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाई गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाशील होगा।
अंधविश्वास: गाज की चपेट में आई युवती को सिर तक गोबर में दबा दिया, जाने फिर क्या हुआ

अंधविश्वास: गाज की चपेट में आई युवती को सिर तक गोबर में दबा दिया, जाने फिर क्या हुआ

पत्थलगांव। मनुष्य चांद पर पहुच चुका है, अब वह तकनीक्योंकि मदद से मंगल ग्रह पर भी पहुँचने के लिए विज्ञान के तरह तरह अविष्कार कर रहा है। ऐसे समय मे जब 21 वी शदी में हर कोई अत्याधुनिक नियमो को पालन कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं, तो वही समाज के कुछ लोग ऐसे हैं जो कि अब भी अंधविश्वास का सहारा लेकर अपनी जान को आफत में डाल रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से प्रकाश में आया है। यहां के  पत्थलगांव में गाज की चपेट में आने के बाद अंधविश्वास में जकड़े एक परिवार ने युवती को बचाने के लिए उसे सिर के पिछले हिस्से तक गोबर के गड्ढे में दबा दिया। युवती के परिजनों ने अंधविश्वास में उलझ कर घर के समीप गोबर के गड्ढे में युवती को गाड़ दिया था। इस दौरान पीडि़त युवती का चेहरा बस बाहर था। गौरतलब हो कि पत्थलगांव के फरसाबहार जनपद का ग्राम कोल्हेनझरिया में शुक्रवार 24 अप्रैल को अचानक मौसम बदलने के बाद बारिश और ओलावृष्टि प्रारंभ हो गई।  इस दौरान घर के आंगन में काम कर रही जयशिला नाम की युवती गाज की चपेट में आ गई थी। बेहोश हो जाने के बाद इस युवती के परिजनों ने उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास वाले उपचार का सहारा लिया।

समाज सेवियों ने किया अस्पताल दाखिल-
गाज से पीडि़त इस युवती को उसके परिजनों ने तत्काल समीप के गोबर गड्ढे में गाड़ दिया था। गांव के समाज सेवी मनोज रात्रे को इस बात की जानकारी मिलते ही उसने पीडि़त के घर पहुंच कर इस तरह अंधविश्वास से इतर अस्पताल में चिकित्सा सुविधा दिलाने की समझाइश दी। इस युवती को लगभग डेढ घंटे के बाद कोल्हेनझरिया अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। चिकित्सकों ने युवती की जान बचाने के लिए यथासंभव उपाय किए, जिससे युवती को बचा लिया गया है। जयशिला के डॉक्टरी उपचार से जान बचने के बाद अब परिजन भी मान रहे हैं कि बीमारी या घात में सबसे उपयुक्त उपचार डॉक्टर ही कर सकते हैं।
लॉकडाउन के बीच राजधानी में कार से अंग्रेजी शराब जब्त, एक गिरफ्तार

लॉकडाउन के बीच राजधानी में कार से अंग्रेजी शराब जब्त, एक गिरफ्तार

रायपुर। रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान एक कार चालक को 14 अद्धि अंग्रेजी शराब के साथ पुलिस ने पकड़ा है। 
पकड़ाया आरोपी अभिनव वर्मा पिता भूषण 32 वर्ष निवासी पचरी खरोरा 24 अप्रैल को शाम 6.20 बजे अपनी मारूति सुजूकी कार में 14 अद्धि अंग्रेजी शराब लेकर जा रहा था, जिसे पुलिस ने तलाशी के दौरान पकड़ा। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट 34-2 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
 कोरोना कहर: एम्स रायपुर के ऑफिसर में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद, होटल व्यंकटेश और आसपास के इलाके को किया गया सील

कोरोना कहर: एम्स रायपुर के ऑफिसर में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद, होटल व्यंकटेश और आसपास के इलाके को किया गया सील

रायपुर। एम्स रायपुर के नर्सिंग ऑफिसर कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद फूल चौक, नया पारा में होटल व्यंकटेश और उसके आसपास के इलाके को पुलिस द्वारा सील कर दिया गया है। होटल में रुके हुए एम्स के कर्मचारियों में से एक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने इलाके को अपने घेरे में ले लिया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।

पढ़िए पूरी खबर-
कोतवाली सीएसपी डीसी पटेल ने बताया कि होटल व्यंकटेश में 15 अप्रैल के बाद एम्स के कुछ कर्मचारी रुके हुए थे, इनमे से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसे सैनेटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा बाकि लोगो की जांच की जा रही है। वहीं आसपास के एरिया को सील कर दिया गया है, जिससे आधे किलोमीटर के दायरे में कोई आना-जाना न करे। उन्होंने कहा कि सरकार के तरफ से जो हिदायत है, उसका पालन किया जा रहा है। तीन कर्मचारी संदेह की स्थिति में थे, उनमें से एक का पॉजिटिव आया और दो का नेगेटिव रिपोर्ट आया था, तो दोनों को होम क्वारंटाइन में भेज दिया गया है। बाकि का सैम्पल लिया जा रहा है। इलाके को सैनेटाइज किया जाएगा।
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: बड़ी माँ ने की थी दूधमुंही बच्ची की हत्या, पानी टंकी में मिला था बच्ची का शव

पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: बड़ी माँ ने की थी दूधमुंही बच्ची की हत्या, पानी टंकी में मिला था बच्ची का शव

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे माना कैम्प क्षेत्रांतर्गत टेमरी गांव में हुए दुधमुंही बच्ची की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आपको बता दे कि 1 साल की बच्ची का शव उसके घर की छत पर पानी की टंकी में मिला था| उसी सम्बंध में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया की बच्ची की बड़ी माँ ने जलन व द्वेष की भावना से उसने हत्या की घटना को अंजाम दिया था। जिस पर पुलिस ने कार्यवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


पढ़िए पूरी खबर-
आपको बता दे कि दिनांक 21.04.20 को सुबह मृतिका की मां नीलम साहू अपनी एक वर्षीय पुत्री गीतांजली साहूू को दूध पिलाकर रूम में सुलाई थी। कुछ समय पश्चात मृतिका को रूम में नही पाये जाने से घर के सभी परिजनो ने खोजबीन शुरू की बहुत देर तक खोजबीन के बाद छत की टंकी की ओर घर के लोगों का ध्यान गया। टंकी के ढक्कन पर लकडी का एक भारी गुटका रखा था। ढक्कन खोलकर देखने पर उसमें पानी में डूबी हुई बच्ची मिली। परिजन उसे जीवित समझ अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने बताया की बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी है। जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच पड़ताल सुरु की। इसी दौरान टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मृतिका के बड़े पापा अनुज साहू तथा बड़ी मां राजेश्वरी साहू का कोई संतान नहीं है, दोनों संतान प्राप्ति हेतु डाॅक्टरी ईलाज एवं झाड़ फूंक भी करा रहे थे, परंतु आज तक उनको संतान की प्राप्ति नहीं हुई थी एवं दिनांक घटना को भी घर में मृतिका की मां के अलावा अनुज साहू एवं राजेश्वरी साहू उपस्थित थे। जिस पर पुलिस टीम का शक अनुज साहू एवं राजेश्वरी साहू के उपर और गहरा हो गया। टीम द्वारा मृतिका के बड़े पापा अनुज साहू एवं बड़ी मां राजेश्वरी साहू से पुनः घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ किया गया। पूछताछ के दौरान राजेश्वरी साहू बार-बार अपने बयान मुकर कर टीम को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। टीम द्वारा कड़ाई से राजेश्वरी साहू से पूछताछ की गई। जिसके बाद उसने एक वर्षीय दूधमुही बच्ची गीतांजली साहू को पानी की टंकी में डालकर हत्या करना स्वीकार किया। 

ऐसे दिया घटना को अंजाम-
पूछताछ में आरोपिया राजेश्वरी साहू ने बताया कि राजेश्वरी साहू मृतिका गीतांजली साहू के प्रति अपने मन में द्वेष व जलन की भावना रखती थी। इसी द्वेष व जलन की भावना से क्षुब्ध होकर आरोपिया ने दूधमुही बच्ची गीतांजली साहू की हत्या करने की ठान ली। दिनांक घटना को आरोपिया नहाने का बहाना कर बाथरूम में प्रवेश की तथा मृतिका की मां नीलम साहू भी अपनी पुत्री को कमरे में सुला कर दूसरे बाथरूम में नहाने के लिए गयी इसी दौरान आरोपिया राजेश्वरी साहू दूधमुही गीतांजली साहू को उठाकर घर के उपर छत में ले गयी तथा सोते हुये स्थिति में जीवित ही उसे पानी टंकी में डालकर ढ़क्कन बंद कर दी तथा ढक्कन के उपर लकड़ी बड़ा गुटका रख दी थी। उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है।
 
जुआ खेलते एक दर्जन से अधिक गिरफ्तार, हजारों रूपये नगद के साथ 14 मोबाइल भी जब्त

जुआ खेलते एक दर्जन से अधिक गिरफ्तार, हजारों रूपये नगद के साथ 14 मोबाइल भी जब्त

बिलासपुर। सरकंडा क्षेत्र के एक मकान में एक दर्जन से अधिक लोगो को जुआ खेलते सरकंडा पुलिस ने पकड़ा जहाँ जुआरियों के पास 48500 रुपये नगद और तास की पत्ती के साथ 14 मोबाइल भी जब्त कर सभी आरोपियों को थाना लाया गया।।सरकंडा थाना से मिली जानकारी के अनुसार जबड़ापारा इलके के राकेश पमनानी के घर मे जुआ खेलने की सूचना पुलिस को मिली जहाँ कोतवाली सीएसपी निमेष बरैया के निर्देश में सरकंडा थाना प्रभारी सनीप रात्रे अपनी टीम के साथ घर को घेर कर छापा मार कार्यवाही की जहाँ पर 14 लोग जुआ में दाव लगा रहे थे सभी लोगो को ग्रिफ्तार कर लिया गया और उनके पास से जुआ में लगा रहे रकम को भी जप्त कर लिया गया।।पकड़े गए सभी आरोपियों के नाम राकेश पमनानी,अनीश अरतानी,गौतमचिमनानी,लक्की लक्षवानी,अविनाश सचदेव,सुमित पमनानी,अंकित आहूजा,कमल लखवानी,राहुल सुंदरानी,संजय नागवनी,धीरज कुमार सचदेव,अखिलेश नारवानी,संतोष पमनानी। ये सभी के खिलाफ 188 और जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है।
गंगा ईमली तोडऩे की बात पर मां-बेटी पर ईंट के टूकड़ों से हमला, तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज

गंगा ईमली तोडऩे की बात पर मां-बेटी पर ईंट के टूकड़ों से हमला, तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज

रायपुर। राजधानी रायपुर के सेजबहार थाना क्षेत्र के ग्राम जुलूम में गंगा ईमली तोडऩे की बात पर एक परिवार के तीन लोगों ने मिलकर मां और उसकी बेटी पर ईंट के टूकड़ों से हमला कर घायल करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
 
सेजबहार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जुलूम में रहने वाली श्रीमती खिलेश्वरी साहू पति कमल 40 वर्षीय अपनी लड़की के साथ गांव में एक बाड़ी में लगे गंगा ईमली पेड़ से गंगा ईमली तोड़ रहे थे। दोनों को गंगा ईमली तोड़ते देख बाड़ी के मालिक परिवार के धनेशु वर्मा, धनंजय और कुसुम वर्मा ने यह कहते हुए दोनों मां-बेटी से गाली-गलौच एवं जान से मारने की धमकी देकर ईंट के टुकड़ों से फेंककर उन पर हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आई है। पुलिस ने घटना की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 506, 323, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
लॉकडाउन: राजधानी में दुकाने खोलने-बंद कराने को लेकर दुकानदारों-पुलिस कर्मियों में तनातनी के हालात

लॉकडाउन: राजधानी में दुकाने खोलने-बंद कराने को लेकर दुकानदारों-पुलिस कर्मियों में तनातनी के हालात

रायपुर। राजधानी में लॉकडाउन के दौरान दी गई छूट और अनुमति को लेकर एक बार फिर से शहर के व्यापारी वर्ग और पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गई है। व्यापारी वर्ग जहां जिला प्रशासन से दुकानें खोलने की छूट दिए जाने का हवाला दे रहे हैं तो वहीं पुलिस केन्द्र सरकार के लॉकडाउन का हवाला देकर दुकानें बंद करा रही है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में अब विवाद होता नजर आ रहा है। 

राजधानी में इन दिनों दुकान संचालकों और पुलिस कर्मियों के बीच विवाद बढ़ते जा रही है। शहर की अधिकांश दुकानें जो कि जिला प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति की लिस्ट में शामिल हैं, वो लॉकडाउन की अविध में मिले छूट के दौरान सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खुल रही हैं। वहीं कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानें सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुल रही हैं। इधर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों के सीमित समय तक खुले रहने के कारण शहरवासी अपने जरूरी काम निपटाने के लिए इन प्रतिष्ठानों, संस्थानों-दुकानों तक पहुंच रहे हैं।  इस बात को लेकर पुलिस और व्यापारियों के मध्य तनातनी शुरू हो गई है। पुलिस कर्मचारी गश्त में होने के दौरान ऐसे दुकानों को बंद कराने के लिए दुकान संचालकों पर दबाव बनाते हैं, वहीं दुकानदार सीमित समय तक दुकान संचालित करने के निर्देश का हवाला देकर दुकान संचालक भी दुकान बंद करने से मना कर रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों शहर के विभिन्न इलाको में पुलिस और दुकान संचालकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस तरह के हालात शहर के अंदरूनी इलाकों के साथ ही शहर के गली-मोहल्लों और आउटरों पर भी देखने को मिल रहा है। बहरहाल सीमित समय के लिए ही सही  दुकानें खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। 
बड़ी खबर: केंद्रीय कैबिनेट सचिव के साथ अधिकारियों की बैठक हुई खत्म, गैर जरूरी दुकानें खोली तो होगी कार्रवाई

बड़ी खबर: केंद्रीय कैबिनेट सचिव के साथ अधिकारियों की बैठक हुई खत्म, गैर जरूरी दुकानें खोली तो होगी कार्रवाई

रायपुर। दुकानों को खोलने के आदेश को लेकर केंद्रीय कैबिनेट सचिव के साथ चल रही अधिकारियों की मीटिंग खत्म हो गई है। लॉकडाउन में छूट को लेकर अभी पूर्व की तरह ही प्रतिबंध जारी रहेगा। गृहमंत्रालय के निर्देश के बाद राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गैर जरूरी दुकानें भी आज खोली गयी थी, लेकिन कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक के बाद रायपुर कलेक्टर एस भारतीदासन ने दो टूक कहा है कि अभी सिर्फ अतिआवश्यक सेवाओं की दुकानें ही खुलेगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में अभी पूर्व की भांति ही लॉकडाउन जारी रहेगा, किसी भी तरह नयी छूट नहीं दी जा रही है, पूर्व में लॉकडाउन को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किया गया था, उसी तय वक्त के अनुरूप ही दुकानें खुलेगी, अति आवश्यक सेवाओं की दुकानें ही खुलेगी, गैर जरूरी दुकानों को नहीं खोला जायेगा, जो भी दुकानें गैर जरूरी खुलेगी उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, पेनाल्टी लगायी जायेगी और उसे सीज करने की भी कार्रवाई की जायेगी।

पढ़िए पूरी खबर-
आपको बता दे की गृहमंत्रालय के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गैर जरूरी दुकानें भी खोली गयी थी, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से आदेश नहीं मिलने की वजह से कंफ्यूजन की स्थिति बन गयी थी, कुछ जगहों पर खोली गयी दुकानों को पुलिस की तरफ से बंद भी कराया गया था। व्यापारी इस बात को लेकर असमंजस में थे कि दुकानें खोलने की इजाजत मिलेगी या नहीं, लेकिन इसी बीच कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक के बाद रायपुर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजधानी में किसी भी तरह की नयी छूट नहीं मिलेगी और सिर्फ पूर्व में जारी आदेश के मुताबिक ही छूट दी जायेगी। एसपी आरिफ शेख ने बताया कि- अभी भी सिर्फ जरूरी सेवाओं में ही छूट की इजाजत दी गयी है, अगर तय वक्त के बाद और लॉकडाउन में छूट से परे दुकानें खोली गयी तो उन पर कार्रवाई की जायेगी, इसके अलावा बाइक पर दो सवारी और अन्य शर्तों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की जायेगी।
देश भर के विद्युत गृहों में छत्तीसगढ़ पावर कंपनी को मिला तीसरा स्थान, पढ़े पूरी खबर

देश भर के विद्युत गृहों में छत्तीसगढ़ पावर कंपनी को मिला तीसरा स्थान, पढ़े पूरी खबर

कोरबा। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय अधीन कार्यरत केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के ताप विद्युत गृहों को देशभर के स्टेट सेक्टर में तीसरे स्थान पर सर्वश्रेष्ठ होने का गौरव प्राप्त हुआ है। साथ ही जनरेशन कंपनी के डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह को देश भर में आठवां सर्वश्रेष्ठ पावर प्लांट का दर्जा मिला है। उक्त जानकारी जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एन के बिजौरा ने दी। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय मूख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्ग दर्शन सहित चेयरमैन सूब्रत साहू के कुशल नेतृत्व को दिया।

पावर कंपनी के चेयरमेन सुब्रत साहू ने उक्त दोहरी मिसाल को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। साथ ही जनरेशन कंपनी के एम डी  एन के बिजौरा सहित अधिकारियों कर्मचारियों की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य शैली को बनाए हुए भविष्य में भी बिजली के मामले में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाए रखें। पावर जनरेशन कंपनी को मिली इस उपलब्धि के संबंध में एम डी बिजौरा ने बताया कि देश.भर में कूल 34 स्टेट सेक्टर के अधीन बड़ी संख्या में विद्युत गृहों का संचालन किया जाता है। इनके बीच छत्तीसगढ़ के अनेक पुराने हो चले विद्युत गृहों ने अधिकतम उत्पादन के साथ उच्च प्लांट लोड फैक्टर 67.32 प्रतिशत दर्ज किया है, जिसका आंकलन करते हुए केन्द्रीय  विद्युत प्राधिकरण ने देश के सर्वश्रेष्ठ तीन पावर कंपनीज में छत्तीसगढ़ को शामिल किया। इसी तरह सेंट्रल, स्टेट एवं प्रायवेट पावर सेक्टर में शामिल सभी पावर प्लांट्स के बीच छत्तीसगढ़ पावर जनरेशन कंपनी के कोरबा स्थित डीएसपीएम विद्युत गृह को प्रथम दस सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृहों की श्रेणी में होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस संयंत्र में 250-250 मेगावाट की दो इकाईयां क्रियाशील है। कुल 500 मेगावाट क्षमता के इस विद्युत गृह ने उत्कृष्ट कार्यनिष्पत्ति का प्रदर्शन करते हूए 87.61 प्रतिशत पी एल एफ  दर्ज किया। विदित हो कि देश के सरकारी बिजली कम्पनियों में पहले नम्बर पर सिंगरैनी कोलीयारीस तथा दूसरे नम्बर पर तेलंगाना पावर जनरेशन कंपनी रही। 
राजधानी में पीलिया का कहर: 24 घंटे में पीलिया के 36 मरीज, 517 तक पहुंची पीलिया मरीजों की कुल संख्या

राजधानी में पीलिया का कहर: 24 घंटे में पीलिया के 36 मरीज, 517 तक पहुंची पीलिया मरीजों की कुल संख्या

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से पीलिया को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है एक ओर जहां कोरोना वायरस ने पुरे दुनिया को अपने चपेट में ले लिया है तो व्ही दूसरी ओर रायपुर में पीलिया को लेकर डराने वाले आंकडे आ रहे हैं। रायपुर में पीलिया पीड़ितों की संख्या अब 5 सौ पार करके 517 तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में पीलिया के 36 मरीज मिले हैं। पीलिया पीड़ितों में 6 साल का बच्चा भी शामिल है। इन मरीजों में से 32 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।


पढ़िए पूरी खबर-
चिकित्सकों के मुताबिक- गंदे पानी के कारण शहर में पीलिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, चिंता वाली बात यह है, लॉकडाउन के दौरान लोग बाहर का खाना नहीं खा रहे हैं। इसके बावजूद शहर में हर दिन पीलिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, प्रशासन है कि पीलिया को फैलने से रोकने में लगातार नाकाम साबित हो रहा है। रायपुर के अलग अलग 58 से इलाकों से लिये गए पानी के सैंपल में 32 जगहों के पानी के पानी में मल में पाए जाने वाले बैक्टरिया मिलने का भी मामले सामने आ रहा है। रायपुर के पानी में जगह-जगह ई-कोलाई, क्लेबसिएला और स्यूडोमोनास बैक्टीरिया मिलाने का खुलासा हुआ है। यह जांच नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी और लोक स्वास्थय यांत्रिकी द्वारा की गई है।
लाकडाउन में फंसे लोग बोले- बस इतनी मंजूरी दे दो अपनों को ले आएं या उन तक पहुंच जाएं...

लाकडाउन में फंसे लोग बोले- बस इतनी मंजूरी दे दो अपनों को ले आएं या उन तक पहुंच जाएं...

रायपुर. लॉक-डाउन कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सबसे आवश्यक है। इसे हर कोई समझ रहा है। लोगों की इसी समझदारी ने अभी छत्तीसगढ़ को इस बीमारी से काफी हद तक बचाकर रखा है। मगर, लोगों ने जैसे-तैसे पहले 21 दिन गुजार लिए पर अभी के 19 दिन मुश्किल से कट रहे हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिनके अपने दूर हैं। रायपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय में 50 से अधिक आवेदनकर्ता पहुंचें जिनके अपने दूसरे प्रदेश या दूसरे राज्य में हैं। किसी की माता-पिता बुजुर्ग हैं, मां बीमार हैं, इलाज करवाना है या फिर बुजुर्गों की सेवा के लिए परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं।

लोगों अपने-अपने आवेदन लेकर आए। दरखास्त की कि उन्हें कम से कम अपने को लाने या फिर उनके पास जाने की अनुमति दे दी जाए। इनकी फरियाद भी जायज है, मगर नियम आड़े आ रहे हैं। अनुमति देना कलेक्टर के हाथ में हैं। वे यह परखते हैं कि प्रकरण की गंभीरता क्या है? यहां से अनुमति जारी भी हो रही हैं। हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। यहां आकर लोग चस्पा सूची में अपना नाम तलाशते हैं और कोई खुश होता है तो कोई मायूस लौटता है।

 

घर वापसी शुरू : लॉकडाउन प्रभावित 33 लोगों को घर के लिए किया गया रवाना

घर वापसी शुरू : लॉकडाउन प्रभावित 33 लोगों को घर के लिए किया गया रवाना

जांजगीर-चांपा ,मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पहल पर जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा द्वारा कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन से प्रभावित जिले के शेल्टर होम में आश्रय पाए छत्तीसगढ़ के 33 प्रभावितों को उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई और उन्हें वाहनों की व्यवस्था कर उनके गृह जिले के लिए रवाना किया गया।
लॉकडाउन के कारण जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर, सक्ति और चांपा के शेल्टर होम में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लोगों को ठहराया गया था। जिसमें कोण्डागांव के 7, जशपुर के 6, रायगढ़ के 12, कोरबा के 5, मुंगेली, बिलासपुर और महासमुंद के एक-एक शामिल थे।


चांपा एस डी एम श्री बजरंग दुबे द्वारा रायगढ़ जिले के 3 शिविरार्थियों को दवा किट, एक सप्ताह के लिए राशन, पेयजल और नाश्ता उपलब्ध कराया गया और उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई और वाहन से रवाना किया गया ।
ज्ञातव्य है कि कोविद-19 को नियंत्रित करने लागू लॉकडाउन में जांजगीर-चांपा जिले के उक्त शिविरों में आश्रय पाए लोगों के लिए भोजन आवास, चिकित्सा और सेनेटाइजर, मास्क के साथ-साथ मनोरंजन की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। सभी को घर जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई ।
 

पीलिया के मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर शहर के विभिन्न अस्पतालों को किया चिन्हांकित

पीलिया के मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर शहर के विभिन्न अस्पतालों को किया चिन्हांकित

रायपुर, नगर निगम रायपुर में नोवल कोरोना वायरस संक्रमण एवं पीलिया की कारगर रोकथाम हेतु राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के समन्वयक अधिकारी उपसंचालक डॉ. अमृत चोपडा ने बताया कि राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के तहत वर्तमान में पीलिया के मरीजो के उपचार हेतु रायपुर शहर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल, डीकेएस सुपर स्पेसलिटी अस्पताल एवं शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय रायपुर को चिन्हांकित किया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के पीलिया नियंत्रण समन्वयक अधिकारी उपसंचालक डॉ. चोपडा ने बताया कि राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में आस पास के क्षेत्रों के पीलिया मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं आजाद चौक से भिलाई की ओर जाने वाले मार्ग तथा समांतर क्षेत्र पुरानी बस्ती, आमापारा, खो-खो पारा, समता कालोनी, गोपिया पारा, ईदगाह भाठा, विवेकानंद आश्रम, डीडी नगर, चंगोराभाठा, कुषालपुर, कोटा, चिरहुलडीह वार्ड , कुकरबेडा, टाटीबंध, हीरापुर, गोगांव, अटारी, सुन्दरनगर, लाखेनगर, सरस्वती नगर एवं ब्राम्हणपारा क्षेत्र के मरीजों के लिए एलोपेथिक उपचार की व्यवस्था की गई है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल रायपुर एवं डीकेएस सुपर स्पेसलिटी अस्पताल में उपरोक्त क्षेत्रों को छोडकर रायपुर शहर के बाकी सभी क्षेत्र के पीलिया के मरीजो का उपचार किया जायेगा। पीलिया के मरीज उल्लेखित दोनो चिकित्सालयों में से कही भी एलोपेथिक उपचार प्राप्त कर सकते है।

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर पश्चिम भाग ने बांटा मास्क एवं सैनिटाइजर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर पश्चिम भाग ने बांटा मास्क एवं सैनिटाइजर

रायपुर,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर पश्चिम भाग द्वारा कोरोना वायरस नामक महामारी से लड़ने के लिए विभिन्न स्थानों में मास्क एवं सैनिटाइजर बांटा गया। जिसमें पश्चिम भाग उपाध्यक्ष अजय शादीजा ने बताया कि विधार्थी परिषद द्वारा अन्य स्थानों पर भी मास्क, सैनिटाइजर एवं भोजन की व्यवस्था जरूरतमंदों को कराई जा रही है। जिसमें प्रमुख रूप से रायपुर पश्चिम भाग उपाध्यक्ष- अजय शादीजा एवं विघालय प्रमुख- सौरभ शुक्ला एवं पारस पाटकर, अभिनव पांडे, भुपेंद्र जगत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

वीडियो कॉफ्रेंसिंग कर नेताम ने भाजपा संयुक्त सरगुजा संभाग के पदाधिकारियों से की चर्चा

वीडियो कॉफ्रेंसिंग कर नेताम ने भाजपा संयुक्त सरगुजा संभाग के पदाधिकारियों से की चर्चा

बलरामपुर, बलरामपुर रामानुजगंज भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रामविचार नेताम ने सरगुजा संभाग के जिला सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर ओर कोरिया जिला के अध्यक्षों, पदाधिकारियों पूर्व विधायको, वरिष्ठ नेताओं और सभी मोर्चा के पदाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर संगठन द्वारा इस महामारी में लोगो हेतु किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की साथ ही प्रसन्नता व्यक्त की कि इस लॉकडाउन में सभी ने सक्रियता से कोरोना की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नेताम ने जिला के दूर-दराज के क्षेत्रों में कम्युनिकेशन बढ़ाने एवं आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने तथा सब लोगों को इसके लिए प्रेरित करने हेतु सभी को निर्देश दिए ।
नेताम ने सभी को अवगत कराया कि आरोग्य सेतु में पूरे विस्तार से सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए हैं, और सभी को इस एप से जोडऩे का कार्य किया जाना है एवं सभी पदाधिकारियों को शक्ति केंद्र तक संपर्क कर इस संबंध में जानकारी दी जाए । कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नेताम ने सभी लोगो से आर्थिक स्थिति से परेशांन लोगों और इस लॉकडाउन के चलते अन्य राज्य के मजदुरो तक राशन पहुंचाने, भोजन करवाने एवं उनकी हरसंभव मदद करने हेतु भी आग्रह किया, नेताम ने सभी को इस संकट के समय प्रधानमंत्री मोदी जी के निर्देशानुसार सप्तपदी को बढ़ावा देने के साथ साथ कोरोना योद्धाओं का सम्मान कर उन्हें धन्यवाद पत्र देने को कहा एवं पीएम केयर्स फंड में 40 लोगों से न्यूनतम 100 रुपए का अंशदान कराने की अपील भी की ।
इस दौरान भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े, पूर्व विधायक शायम बिहारी जैसवाल, चम्पादेवी पावले, सिद्नाथ पैकरा, भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव, भारत सिंह सिसोदिया, जि़ला सरगुजा अध्यक्ष अखिलेश सोनी, सूरजपुर जि़ला अध्यक्ष रामकृपाल साहू , जि़ला भाजपा बलरामपुर अध्यक्ष शिवनाथ यादव, जि़ला कोरिया अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जैसवाल समेत अन्य 70 पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
 

लॉकडाउन में भी नक्सलियों का सीएए विरोध जारी फेंके पर्चे, सड़क काट कर आवागमन किया ठप्प

लॉकडाउन में भी नक्सलियों का सीएए विरोध जारी फेंके पर्चे, सड़क काट कर आवागमन किया ठप्प

सुकमा, जिले के दोरनापाल-जगरगुण्डा मार्ग पर नक्सलियों ने बीती रात सड़क काट कर आवागमन को ठप्प कर दिया है। बड़े वाहनों की आवाजाही जहां बंद हो गई है, वहीं दोपहिया वाहन किसी तरह गड्ढों को पार कर पा रहे हैं। सड़क काट कर रास्ते में कई जगह नक्सलियों की कोंटा ?एरिया कमेटी ने सीएए के विरोध पर्चे फेंके है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। वहीं नक्सल प्रभावित अंदरूनी बीहड़ अंचलों में जहां सामान्य दिनों में भी बड़ी मुश्किल से लोगों तक राशन और अन्य जरूरत की चीजें पहुंचाई जाती है। ऐसे संक्रमण काल में नक्सलियों के द्वारा ग्रामीणों को शासन से नि:शुल्क मिलने वाले चांवल में से आधे चांवल की उगाही कर रहे हंै। ग्रामीणों के हितैषी बताने वाले नक्सलियों का उत्पात अनवरत जारी है।
 

छत्तीसगढ़ में द्रोणिका का असर, तेज हवाओ के साथ कई स्थानों में ओले भी गिरे

छत्तीसगढ़ में द्रोणिका का असर, तेज हवाओ के साथ कई स्थानों में ओले भी गिरे

रायपुर । मध्य प्रदेश से कर्नाटक के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी द्रोणिका के असर से पूरे छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तरी छत्तीसगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से बादल छाए हुए हैं और रुक- रुक कर बारिश हो रही है। मौसम के बिगड़े मिजाज का असर तापमान पर भी पड़ा है। अधिकतम तापमान में पिछले तीन दिनों के भीतर चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच पहुंच गया है।मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश से कर्नाटक के बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा उत्तरी छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है इसके कारण बनी द्रोणिका से इलाके का मौसम बदल गया है। इस बीच बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण बादल छा रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो रही है।कुछ जगहों पर ओले भी गिरे है 

मौसम का यह मिजाज आगामी 28 अप्रैल तक बरकरार रहने की संभावना जाहिर की जा रही है।अप्रैल महीने के आखिरी दिनों में अधिकतम तापमान 30 और 31 डिग्री के आसपास गिर गया है, जबकि यह अन्य वर्षो और सामान्य दिनों में इस समय 40 डिग्री के करीब रहता है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री के बीच स्थिर है। शुक्रवार को सुबह से संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में बादल छाए रहे और हल्की बारिश भी कुछ इलाकों में हुई। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल के बाद ही मौसम साफ होने की संभावना है।

मौसम के बिगड़ने का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। हालांकि बगैर हवा चले और बारिश के ही शहर की बिजली घंटों गुल हो जा रही है। संबंधित विभाग से पूछने पर पता चलता है कि अमुक स्थान पर लाइन में फाल्ट आया है या इंसुलेटर पंचर होने के कारण लाइन में खराबी आ गई है शुक्रवार को भी शहर के कई इलाकों में सुबह से घंटों बिजली गुल रही। शहर के एक दो जगह पर ट्रांसफार्मर में खराबी आई तो कुछ स्थानों पर इंसुलेटर के खराब होने से घंटों बिजली गुल रही। लगातार बिजली व्यवस्था के बिगड़ने से शहर के लोग भी परेशान हैं।

 

रायपुर निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले लोगों एवं सामाजिक दूरी के सिद्धांत को न मानने वाले दुकानदारों पर अभियान चलाकर जुर्माना किया

रायपुर निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले लोगों एवं सामाजिक दूरी के सिद्धांत को न मानने वाले दुकानदारों पर अभियान चलाकर जुर्माना किया

रायपुर, नगर निगम रायपुर के सभी जोनो के नगर निवेष एवं स्वास्थ्य विभाग अमले ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में शासन के आदेश के परिपालन में ऐसे लोगो पर जुर्माना करने की कडी कार्यवाही उन्होने स्पष्ट हिदायत व चेतावनी देते हुए कि जिन्होने मास्क पहनने के अनिवार्य नियम एवं सामाजिक दूरी बनाकर रखने के सिद्धांत का पालन नहीं किया। ऐसे दुकानदारों एवं लोगो पर कार्यवाही की गई। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
सामाजिक दूरी का पालन न करने पर नगर निगम ने कटोरा तालाब के राधा फ्रेस वल्र्ड दुकान पर 300 रू., बॉबी प्रोविजन स्टोर्स कटोरा तालाब मुख्य मार्ग पर 500 रू., मुकेष किराना स्टोर्स टिकरापारा के संचालक पर 500 रू., सुरज प्रोविजन स्टोर्स टिकरापारा पर 500 रू., अमर आलू प्याज भंडार टिकरापारा पर 500 रू., अर्पणा पोल्ट्री टिकरापारा पर 500 रू., आनंद मोबाईल पर 500 रू. एवं विभिन्न जोनो के वार्डो में मास्क पहनने के अनिवार्य नियम का व्यवहारिक पालन न करने वाले लोगो पर कडी चेतावनी देते हुए शासन के निर्देशानुसार 100-100 रू. का प्रत्येक संबंधित मास्क न पहनने वाले व्यक्ति पर जुर्माना किया।
निगम जोन के नगर निवेष , स्वास्थ्य विभाग, लोककर्म विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने न सिर्फ शासन के नियम व आदेश से संबंधितों को अवगत कराया एवं इसके लिए सार्वजनिक मुनादी करवायी बल्कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु लोककल्याण की दृष्टि से सघन जनजागरण अभियान चलाकर लोगो से मास्क पहनने के एवं सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम व सिद्धांत का स्वयं एवं जन-जन की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु पालन करने का अनुरोध किया। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना भरने की कार्यवाही का सामना करने तैयार रहने की चेतावनी उन्हें दी।

 

छत्तीसगढ़ के करीब दो हज़ार बच्चों को लाने 75 बस, एंबुलेंस और पुलिस का क़ाफ़िला कोटा के लिए होगा रवाना

छत्तीसगढ़ के करीब दो हज़ार बच्चों को लाने 75 बस, एंबुलेंस और पुलिस का क़ाफ़िला कोटा के लिए होगा रवाना

रायपुर। कोटा में मौजुद छत्तीसगढ़ के बच्चों को लाने पचहत्तर बसों का क़ाफ़िला देर शाम कोटा के लिए रवाना होगा। इस क़ाफ़िले में एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी भी पृथक से मौजुद रहेगी।राज्य सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया है कि कोटा में अभी तक की जानकारी के हिसाब से क़रीब दो हज़ार के आसपास बच्चे हैं,जिन्हें इन बसों में लाया जाएगा। बसों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। वहीं यह भी महत्वपूर्ण है कि इन सभी बच्चों को छत्तीसगढ़ आते ही राज्य सरकार क्वारनटाईन ज़ोन में रखेगी। यह अवधि चौदह दिन की होगी, इन सभी बच्चों की जाँच होगी और उसके बाद जबकि उनका अंतिम परिणाम निगेटिव आएगा, उन्हें घर रवाना कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सैकड़ों बच्चे राजस्थान के कोटा में फंसे हैं। कोचिंग के लिए गए इन बच्चों को लॉक डाउन से उबारने छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बच्चों और पलकों के लिए राहत वाली खबर सामने आई है। छात्रों को छत्तीसगढ़ वापस लाने की कवायद शुरू हो गई है और उन्हें वापस लाने के लिए सरकार द्वारा बसें भेजी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीटर के माध्यम से यह जानकारी साझा की है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि लाकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस राजस्थान भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द ही छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने सभी जिला स्तर पर कलेक्टरों को बच्चों की स्थित और संख्या पर काम करने के निर्देश दिए थे। अब बच्चों को वापस लाए जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई है।


पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 18 हजार विद्यार्थी अपने-अपने घर जा चुके हैं। उनमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 12 हजार 500, मध्य प्रदेश के 2800, गुजरात के 350 और दादरा-नागर हवेली के 50 बच्चे शामिल हैं। जो अपने घर लौट चुके हैं।इसके अलावा हरियाणा के 1000, असम के 400 और राजस्थान के विभिन्न जिलों के 1500 बच्चे अपने-अपने घरों के लिए शुक्रवार को रवाना हो जाएंगे। इसी तरह शनिवार को हिमाचल प्रदेश के 100, राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के 500 बच्चे बसों से और 300 बच्चे अपने निजी साधनों से घर जाएंगे।
 

युवक की लाश मिलने से फैली सनसनी, जताई जा रही हत्या की आशंका

युवक की लाश मिलने से फैली सनसनी, जताई जा रही हत्या की आशंका

कोरबा। बालको थाना क्षेत्र के ग्राम बेला में एक युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। लाश को देखने पर हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस स्कॉट डॉग को लेकर मौके पर पहुच गयी है।

 बताया जा रहा है कि मृतक कल रात लगभग 7 बजे घर से निकल था। देर रात तक घर नही आया तब परिजनों को चिंता हुई। आस पास सभी जगह पतासाजी करने पर भी कोई जानकारी नही मिली। फोन स्विच ऑफ हो गया था। सुबह कुछ युवकों ने बालको टाउनशिप के पीछे जंगल मे युवक की लाश देखी। युवकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बालको लखनलाल पटेल अपने सहकर्मियों के साथ मौके पर पहुच जांच कार्यवाही में जुट गए है। मृतक के चेहरे और सिर में चोट के निशान है। बहरहाल पुलिस ने पंचनामा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की शिनाख्त बालको क्षेत्र के बेला कछार के अर्जुन दास पिता गेन्दूदास उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है।
देश में मिसाल बना मॉस्क बनाने का रायपुर मॉडल, लॉकडाउन में महिलाओं ने कड़ी मेहनत कर कमाये 18 लाख रूपये

देश में मिसाल बना मॉस्क बनाने का रायपुर मॉडल, लॉकडाउन में महिलाओं ने कड़ी मेहनत कर कमाये 18 लाख रूपये

रायपुर। कोरोना और लॉकडॉउन की इस घड़ी में जब पूरा शहर दहलीज के भीतर था, ऐसे वक्त में रायपुर नगर निगम से जुड़ी स्व सहायता समूहों की सैकड़ो महिलाओं ने अपनी कड़ी मेहनत,लगन व मानवीय सोच की मिसाल पेश करते हुए कपड़े के मॉस्क निर्माण कर महिला स्वावलंबन की एक नई तस्वीर पेश कर दी।
 
महापौर एजाज ढेबर की पहल व रायपुर नगर निगम कमिश्नर सौरभ कुमार की दूरगामी सोच को जमीनी धरातल पर उतारते हुए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन ने पखवाड़े भर में न सिर्फ लगभग दो लाख मॉस्क तैयार किया, बल्कि नगर निगम द्वारा इस सिलाई के एवज में इन महिला समूहों को 18 लाख रुपये की आय दिलाकर एक आर्थिक मॉडल की तरह प्रस्तुत भी किया है।

कमिश्नर सौरभ कुमार के मुताबिक कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए यह जरूरी था कि हर जरूरतमंद तक मॉस्क पहुंचे। शहर में मॉस्क की कमी ना हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ ऑफिसर एके हलदार एवं शहरी आजीविका मिशन की सिटी मिशन मैनेजर सुषमा मिश्रा को जिम्मेदारी देते हुए महिला समूहों को चिन्हित करने  कहा गया। रायपुर नगर निगम व शहरी आजीविका मिशन ने मिलकर 24 समूहों की लगभग 100 महिलाओं को मॉस्क बनाने का जिम्मा सौंपा। महिलाओं को इस काम के लिए कपड़े भी नगर निगम ने खादी ग्राम उद्योग से क्रय कर उपलब्ध कराया। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर अपने लगन व बड़ी सोच से लगभग पखवाड़े भर में दो लाख मॉस्क तैयार कर आर्थिक स्वावलंबन की अभिनव मिसाल पेश कर दी।

स्वास्थ्य अधिकारी एके हलदार के अनुसार समूहों में इस काम में लगी इन महिलाओं के प्रयासों से रायपुर में मॉस्क की बिल्कुल भी कमी नहीं हुई। कपड़े से बने मॉस्क की गुणवत्ता व सहज उपलब्धता की वजह से इस मॉस्क  की मांग भी अत्यधिक है। सिटी मिशन मैनेजर सुषमा मिश्रा इस संबंध में बताती हैं कि महिलाएं जब इस काम में जुटी तो पूरा ध्यान इस बात पर था कि अपने शहर को कोरोना के संक्रमण से बचाने कड़ी मेहनत करेंगी। कमिश्नर कुमार के निर्देश से मॉस्क बनाने का काम महिला समूहों को दिया गया। प्रति मास्क इन समूहों को 10 रुपये देने के निर्णय से इन महिलाओं का उत्साह बढ़ा और उनमें आर्थिक स्वावलंबन की भावना जागृत हुई। एक छोटी शुरुआत से मास्क बनाने का यह काम महिला सशक्तिकरण का सर्वश्रेष्ठ फाइनेंशियल मॉडल के तौर पर ऐसे समय में सामने आया, जब लॉक डाउन से  रोजगार व आय के सभी स्रोतों के दरवाजे बंद थे। सुषमा बताती है कि जय मां संतोषी ग्रुप की महिला उमा साहू ने पड़ोसी से मशीन उधार लेकर मॉस्क सिलाई में जुट कर मेहनत की। अब उमा खुश है कि उसने मानव सेवा के लिए जो मेहनत की है उससे मिले पारिश्रमिक से अब खुद की मशीन खरीदेंगी और स्वावलंबी होकर  अपने परिवार को आर्थिक मजबूती देने में सहयोग प्रदान करेंगी। इसी तरह 24 महिला समूहों ने पखवाड़े भर में लगभग 18 लाख रुपये की आय अर्जित कर अब अगले मिशन के लिए उत्साहित हैं।