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पुलिस विभाग के कर्मचारियो ने दिया 7.77 लाख का सहयोग राशि

पुलिस विभाग के कर्मचारियो ने दिया 7.77 लाख का सहयोग राशि

रायपुर। नोवल कोरोना वायरस की कठिन परिस्थिति में रायपुर जिले के पुलिस विभाग के अधिकारियों -कर्मचारियो ने जरुरतमंदो की सहायता के लिए 7 लाख 77 हजार 7 सौ 77 रुपये की राशि प्रदान की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर आरिफ मो शेख ने इस राशि का चेक आज कलेक्टर डॉ एस भारती दासन को प्रदान किया।
फर्जी पुलिसकर्मी को पुलिस ने पकड़ा, चोरी की स्कार्पियो में नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था आरोपी

फर्जी पुलिसकर्मी को पुलिस ने पकड़ा, चोरी की स्कार्पियो में नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था आरोपी

कवर्धा। लॉकडाउन के दौरान अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। दरअसल कवर्धा पुलिस ने पुलिस की वर्दी पहनकर घूमने वाले फर्जी पुलिसकर्मी को धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि आरोपी चोरी की स्कार्पियो में नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था और खुद को एसडीएम का ड्राईवर बता रहा था। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां कोरबा निवासी रवि उर्फ धरमदास को पुलिस की वर्दी पहनकर ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कवर्धा में किराए के मकान में रह रहा था। जानकारी के मुताबिक आरोपी पहले भी नौकरी लगाने के नाम पर लोगों को ठग चुका है। फि़लहाल सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
 हो जाइये सावधान: राजधानी में बिना मास्क लगाए सड़क पर निकलने वालों का कट रहा चालान

हो जाइये सावधान: राजधानी में बिना मास्क लगाए सड़क पर निकलने वालों का कट रहा चालान

रायपुर। राजधानी पुलिस ने अब हेलमेट न पहनने वालों के साथ ही बिना मास्क के घर से निकलने वालो लोगों की धरपकड़ तेज कर दी है। कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद से ही सड़कों पर भीड़ बढऩे लगी है। 

राजधानी पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर तगड़ी चौकसी बढ़ा दी है। लॉकडाउन में मिली छूट के बाद तथा दुकानों के खुल जाने के बाद से ही शहर में अचानक से भीड़ बढऩे लगी है। जिला प्रशासन ने अधिकांश दुकानों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रखने का आदेश दिया है। इससे जहां लोगों को लंबे अंतराल के बाद थोड़ी से राहत मिली है। लेकिन लोग अब इस छूट का गलत फायदा उठाने का प्रयास कर रहे हैं। बाजार में और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रहे, इसके लिए पुलिस ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस बिना हेलमेट पहनकर बाहर निकलने वाले दोपहिया वाहन चालकों पर जहां चालानी कार्यवाही कर रहा है तो वहीं कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बिना मास्क के निकलने वालों पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है। राजधानी पुलिस की यह कार्यवाही काफी हद तक सही भी है। कोरोना संक्रमण रोकना न केवल सरकार का दायित्व है, बल्कि आम जनता का भी इसमें सहयोग नितांत आवश्यक है।  
कस्टम मिलिंग में लापरवाही, 6 राईस मिलरों को नोटिस

कस्टम मिलिंग में लापरवाही, 6 राईस मिलरों को नोटिस

महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का जिले के पंजीकृत राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में कुल 136 अरवा 43 उसना कुल 179 राइस मिल पंजीकृत हैं। वत्र्तमान में जिले में उपार्जित कुल 726006.70 मिट्रिक टन धान में से पंजीकृत मिलरों द्वारा 353656.85 मिट्रिक टन धान का उठाव किया जाकर कस्टम मिलिंग की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से प्राथमिकता से किया जाना है किंतु जिले के 6 उसना राइस मिलरों द्वारा उनकी पंजीकृत मिलिंग क्षमता अनुसार कस्टम मिलिंग हेतु जारी अनुमति के विरुद्ध निर्धारित समयावधि में मिलिंग कार्य पूर्ण नहीं किए जाने से छत्तीसगढ़ चावल उपाप्ति (उद्ग्रहण) आदेश 2007 की कंडिका 7 का उल्लंघन किए जाने के कारण उक्त राईस मिलों को कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यदि राईस मिलों द्वारा संतोषप्रद उत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उक्त मिलों को छत्तीसगढ़ चावल उपाप्ति (उद्ग्रहण) आदेश 2007 की कंडिका 10 के तहत ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जाएगी। ये 6 राईस मिलों में विकासखंड महासमुंद के एन एल राईस इण्डस्ट्रीज महासमुंद, विकासखंड बागबाहरा के तथास्तु एग्रोटेक बागबाहरा , संजय ट्रेडर्स बागबाहरा तथा अरिहंत राईस टेक प्राय लिमिटेड बागबाहरा विकासखंड, बसना के विराट राईस मिल बसना तथा विकासखंड सरायपाली के हिंदुस्तान एग्रोटेक सरायपाली है। साथ ही इसके अतिरिक्त इस वर्ष पंजीकृत जिन उसना राईस मिलों द्वारा मिलिंग क्षमता अनुसार जारी अनुमति के विरुद्ध यदि समय पर कस्टम मिलिंग कार्य पूर्ण नहीं किया जाता तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीलिया-गंदे पानी की शिकायत: विधायक विकास उपाध्याय ने समता-चौबे कालोनी का किया निरीक्षण

पीलिया-गंदे पानी की शिकायत: विधायक विकास उपाध्याय ने समता-चौबे कालोनी का किया निरीक्षण

रायपुर। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच शहर में तेजी से पैर पसार रही पीलिया की रोकथाम के लिए रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के समता कालोनी और चौबे कालोनी का निरीक्षण किया और यहां की पाईप लाइन  मरम्मत के कार्य को जल्द पूर्ण करने निर्देशित किया। 

शहर के कुछ इलाकों में इन दिनों नलों से गंदा पानी आने की शिकायत लगातार मिल रही है। यही नहीं नलों से आ रहे गंदे और बदबूदार पानी से लोग बेहाल हो उठे हैं। इस बात की शिकायत मिलते ही विधायक उपाध्याय ने क्षेत्र के समता कालोनी और चौबे कालोनी का निरीक्षण किया और यहां के निवासियों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। विधायक उपाध्याय ने मौके पर ही निगम अफसरों से बात की और पानी सप्लाई लाइन को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उपाध्याय ने संबंधित जोन कमिश्नर से भी चर्चा की और जनता की समस्या का त्वरित निराकरण करने कहा। विधायक उपाध्याय ने वार्ड के अंतर्गत होने वाले साफ-सफाई के कार्य का भी जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने पीलिया से प्रभावित निगम कॉलोनी, आमापारा के आर.डी. तिवारी स्कूल में पीने के साफ  पानी के लिए स्वयं खड़े होकर बोर खनन भी करवाया। 

डीआरएम से मुलाकात कर वेंडरहित में की चर्चा-
विधायक उपाध्याय ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर डीआरएम से भी मुलाकात की। उपाध्याय ने रेलवे के अंतर्गत कार्य करने वाले वेंडर से सम्बंधित समस्या को लेकर डीआरएम से चर्चा की। विधायक श्री उपाध्याय ने कहा कि काफी लंबे समय से ये वेंडर रेलवे में कार्य कर रहे है, लेकिन अभी किसी कारणवश उनके टेंडर के निरस्त होने की स्थिति निर्मित हो रही हैं। वेंडर के इन्ही समस्याओं  को लेकर उन्होंने डीआरएम से समस्या के निदान हेतु चर्चा करते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन ऐसी व्यवस्था करे ताकि वेंडरों की आजीविका पर भी कोई असर न पड़े। 

 

राजस्थान कोटा में फसे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियो को लाने बस जाएगी शीघ्र- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

राजस्थान कोटा में फसे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियो को लाने बस जाएगी शीघ्र- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लॉकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस भेजी जा रही है। विद्यार्थियों को जल्द छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। लगातार बालकों के द्वारा अपने बच्चों के वापसी के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई थी जिसके परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा निर्णय लेकर वापसी के लिए मार्ग प्रशस्त किया है इसके पूर्व भी मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री से वापसी के लिए चर्चा की गई थी।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने अरनव गोस्वामी को भेजा नोटिस, जाने पूरी खबर

छत्तीसगढ़ पुलिस ने अरनव गोस्वामी को भेजा नोटिस, जाने पूरी खबर

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की पुलिस ने रिब्लिक टीवी के संपादक अरनव गोस्वामी को नोटिस भेजा है, नोटिस में उनके खिलाफ दर्ज अपराध को लेकर पूछताछ के लिए उपस्थित होने कहा गया है। संपादक अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ समूचे छत्तीसगढ़ में अपराध दर्ज किए गए हैं। उनके ख़िलाफ़ पहला अपराध रायपुर के सिविल लाईंस थाने में फिर बिलासपुर के सिविल लाइन थाना समेत अन्य जिलों में अपराध दर्ज किया गया था। बिलासपुर सिविल लाइन पुलिस ने बीती रात संपादक अर्णब गोस्वामी को उनके खिलाफ दर्ज अपराध की पूछताछ करने 4 मई की सुबह 11 बजे थाना तलब किया है। गौरतलब हो कि कि बीते बुधवार की शाम स्वाथ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने रायपुर सिविल लाइन थाना में रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी के खिलाफ शिकायत की थी। जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 176/ 2020 धारा 153 ए 295ए 505 (2) भादवि एवं अपराध क्रमांक 177/2020 धारा 188 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर किया गया था। इसके बाद कांग्रेसियों ने बिलासपुर के सिविल लाइन समेत प्रदेश भर में संपादक अर्णब के खिलाफ अपराध दर्ज कराया।

रायपुर पुलिस ने घटना के संबंध में पूछताछ करने दिनांक 5 मई 2020 की प्रात: 11:00 बजे पत्रकार अर्णब को थाना तलब किया गया है। पुलिस ने कहा है, कि आपके द्वारा रिपब्लिक टीवी चैनल में दिनांक 11 अप्रैल 2020 को राहुल गांधी के संबंध में प्रसारित खबर और दिनांक 21 अप्रैल 2020 को सोनिया गांधी के संबंध में प्रसारित खबर की तथ्यात्मक जानकारी सुसंगत दस्तावेज के साथ सिविल लाइन थाना रायपुर में उपस्थित हों।

इधर संपादक अर्नब गोस्वामी अपने खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज किए गए अपराधिक मामलों को लेकर सुको पहुँचे हैं।
नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के 05 आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों के 02 कार और 10 मोबाइल फोन किये गये जब्त

नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के 05 आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों के 02 कार और 10 मोबाइल फोन किये गये जब्त

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की पुलिस ने नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए नक्सलियों को सामान और पैसा पहुंचाने वाले राजनांदगांव के ठेकेदार सहित पांच आरोपियों सहित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से पुलिस ने एक डस्टर कार, एक हुंडई कार और 10 मोबाइल फोन जब्त किया है। 

कांकेर पुलिस अधीक्षक एमआर आहिरे ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले 02 साल से नक्सलियों को पकड़े गये आरोपी सामान के साथ ही लाखों रुपए की आर्थिक सहायता भी कर रहे थे। एक ठेकेदार की गिरफ्तारी 24 मार्च को होने के बाद पुलिस नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी थी। उन्होंने बताया कि लैंड मार्क इंजीनियरिंग कंपनी बिलासपुर के निशांत जैन और लैंड मार्क रॉयल इंजीनियरिंग कंपनी राजनांदगांव के वरुण जैन के नाम से कांकेर जिले में पीएमजीएसवाई के तहत अंतागढ़, आमाबेड़ा, सिकसोड़ और कोयलीबेड़ा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण का काम विभाग द्वारा दिया गया था। इस फर्म द्वारा रुद्रांश अर्थ मूवर्स के पार्टनर अजय जैन और कोमल वर्मा को अधिकार पत्र के माध्यम से काम करने के लिए दिये गये थे। इनके द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में कार्य करने के दौरान नक्सलियों से संपर्क और संबंध स्थापित कर उन्हें वर्दी, कपड़ा, जूता, मेनपेक सेट, नगद पैसे और अन्य सामग्री सप्लाई किया जा रहा था। एसपी श्री आहिरे ने कहा कि अभी भी इस मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजनांदगांव के रहने वाले अजय जैन कोमल, प्रसाद वर्मा, कोयलीबेड़ा के रोहित नाग, मेरठ उत्तर प्रदेश सुशील शर्मा तथा मध्यप्रदेश बालाघाट के सुरेश शरणागत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक डस्टर कार, एक हुंडई कार और 10 मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
चांवल देने से इंकार करने पर नक्सलियों ने ग्रामीण को पीटा, पढ़े पूरी खबर

चांवल देने से इंकार करने पर नक्सलियों ने ग्रामीण को पीटा, पढ़े पूरी खबर

दंतेवाड़ा। जिले के ग्राम कुहचेपाल में कोरोना वैश्विक महामारी के चलते नक्सलियों को रसद की कमी को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को शासन से नि:शुल्क मिलने वाले चांवल की उगाही करने में लगे हुए हैं। जब एक ग्रामीण हूंगा भास्कर के द्वारा नक्सलियों को चांवल नहीं जमा किए जाने पर उस ग्रामीण को बेरहमी से पीटा गया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कुहचेपाल में नक्सली संगम सदस्यों एवं मिलसिया द्वारा ग्रामीणों को शासन से नि:शुल्क मिलने वाले चांवल की उगाही किया जा रहा था। जब एक ग्रामीण हूंगा भास्कर ने नक्सलियों को चांवल देने से इंकार करने पर उस ग्रामीण को नक्सलियों ने बेरहमी से डंडों से पिटाई के कारण पीडि़त ग्रामीण घायल हो गया हैं। पीडि़त ग्रामीण ने हिम्मत दिखाकर इसकी शिकायत पुलिस से की है। पुलिस द्वारा घायल के उपचार की व्यवस्था कर इस मामले पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। 

गौरतलब है कि दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कई बार स्पष्ट तौर पर बताया था कि कोरोना वैश्विक महामारी के चलते ग्रामीणों को शासन से नि:शुल्क मिलने वाले चांवल में से आधे चांवल की उगाही नक्सलियों के द्वारा किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं। नक्सलियों के दबाव एवं भय से ग्रामीण इसका विरोघ करने का साहस नही करते है, लेकिन एक ग्रामीण के द्वारा इसका विरोध किया जाना उसके लिए खतरे का सबब बन सकता है। 
स्कूटी से घूम-घूमकर गुटखा, सिगरेट बेच रहा युवक गिरफ्तार, जाने पूरी खबर

स्कूटी से घूम-घूमकर गुटखा, सिगरेट बेच रहा युवक गिरफ्तार, जाने पूरी खबर

कोरबा। परसाभाठा निवासी रमाकांत श्रीवास अपनी स्कूटी में दोपहर करीब तीन बजे परसाभाठा बाजार के पास पान-मसाला का सामान रखकर बेच रहा था। पुलिस को भनक लगते ही युवक को पकड़ा। इसके बाद इसे थाने लाया गया। युवक के पास से गुटखा, खैनी, सिगरेट जब्त किया गया। 

कोरोना संक्रमण को रोकने देश में लॉकडाउन है। लोगों का घर से निकलना मना है। आवश्यक सामग्री की खरीदी व बिक्री के लिए प्रशासन द्वारा समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी कई लोग बेवजह बाहर घूम रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। समझाइश दी जा रही है। कोरोना से बचने लॉकडाउन का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद भी कई लोग निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं। गुरुवार को पुलिस ने एक स्कूटी क्र. सी.जी.11 एम.वी. 4337 चालक को गिरफ्तार किया। इसके द्वारा स्कूटी में घूम-घूमकर गुटखा, सिगरेट बेचने का काम किया जा रहा था।
बड़ी राहत : छत्तीसगढ़ के दो और कोरोना मरीज हुए स्वस्थ्य,कल होंगे डिस्चार्ज,अब बचे सिर्फ इतने मरीज

बड़ी राहत : छत्तीसगढ़ के दो और कोरोना मरीज हुए स्वस्थ्य,कल होंगे डिस्चार्ज,अब बचे सिर्फ इतने मरीज

रायपुर,छत्तीसगढ़ के 2 और कोरोना मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गये हैं। छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ 6 संक्रमित मरीज ही बचे हैं, जिनका इलाज रायपुर एम्स में चल रहा है। भर्ती 2 मरीज की आज दोनों रिपोर्ट निगेटिव आयी। हालांकि इन्हें डिस्चार्ज कल किया जाएगा ।अभी जितने भी मरीज अस्पताल में भर्ती है, वो सभी कोरबा के कटघोरा के रहने वाले हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में अभी तक कुल 36 पॉजेटिव मरीज मिले थे, जिनमें से 30 मरीज अभी तक पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुके हैं, जबकि 6 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

मास्क नहीं पहनने और थूकने पर होगा जुर्माना साथ ही बाइक में दो सवारी और कार चालक के लिए भी अर्थदंड हुआ तय , देखिये कितना लगेगा जुर्माना

मास्क नहीं पहनने और थूकने पर होगा जुर्माना साथ ही बाइक में दो सवारी और कार चालक के लिए भी अर्थदंड हुआ तय , देखिये कितना लगेगा जुर्माना

रायपुर,मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य में लॉकडाउन में छूट तो दी गयी है, लेकिन उस छूट में कई शर्तें भी जुड़ी है। मास्क लगाना जरूरी होगा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा, सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर पाबंदी रहेगी। प्रशासन लगातार इस बात की मानिटरिंग कर रहा है कि कहीं भी लॉकडाउन की छूट की शर्तों का उल्लंघन ना हो।
जिला प्रशासन की तरफ से छूट की शर्तों में उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया है। रायपुर कलेक्टर ने आदेश दिया है कि अगर सार्वजनिक स्थानों पर मास्क या चेहरा नहीं ढका तो 100 रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है। वहीं सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भी 100 रुपये फाइन देना होगा।


सार्वजनिक जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ने पर 200 रुपया प्रति व्यक्ति दंड दिया जायेगा। बाइक या स्कूटी पर एक से ज्यादा व्यक्ति के बैठने पर 200 रुपया, कार या फोर व्हीलर में दो व्यक्ति से ज्यादा की सवारी पर 200 रुपये का जुर्माना देना होगा। कार या फोर व्हीलर में ड्राइवर के अलावे एक व्यक्ति पीछे बैठ सकता है।
वहीं दुकानदारों को भी सख्त नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि छूट प्राप्त दुकानों व संस्थानों के द्वारा मास्क का उपयोग नहीं करने पर एवं उनके द्वारा अनावश्यक घूमने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। अगर दूसरी बार भी यही गलती दोहरायी जाती है तो 1000 रुपया अर्थदंड देना होगा।

 

राजधानी में जनता की सुविधा हेतु गढ़ कलेवा ने शुरू किया ऑनलाइन बुकिंग व डोर टू डोर सेवा, जाने पूरी खबर

राजधानी में जनता की सुविधा हेतु गढ़ कलेवा ने शुरू किया ऑनलाइन बुकिंग व डोर टू डोर सेवा, जाने पूरी खबर

रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना के चलते लॉक डाउन के बीच जनता की सुविधा हेतु ‘गढ़ कलेवा’ ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू की है। जानकारी के अनुसार गढ़ कलेवा आज से ऑनलाइन बुकिंग और डोर टू डोर सेवा देने जा रही है। गढ़ कलेवा के संचालिका मोनिका महिला स्व-सहायता समूह के कार्यकर्ता मंजू शर्मा ने कहा कि हम आज से ऑनलाइन बुकिंग और डोर टू डोर जनता को सेवा उपलब्ध कराने जा रहे हैं। मोनिका स्वच्छता समूह ने कुछ दिन पहले इसकी अनुमति लेने हेतु कलेक्टर व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के साथ ही संस्कृति विभाग के सचिव को भी ज्ञापन दिया था ।

 

 
 
निजी स्कूल संचालक पालकों को फीस नहीं लेने का देंगे प्रमाण पत्र, जाने पूरी खबर

निजी स्कूल संचालक पालकों को फीस नहीं लेने का देंगे प्रमाण पत्र, जाने पूरी खबर

रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित सभी निजी स्कूलों को लॉकडाउन अवधि में अध्ययनरत विद्यार्थियों से फीस वसूली हेतु अनावश्यक दबाव नहीं बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी निजी स्कूलों से यह प्रमाण पत्र लिया जाए कि शाला प्रबंधकों के द्वारा पालकों से फीस नहीं मांगी गई है। गौरतलब है कि लॉकडाउन की अवधि में स्कूल फीस वसूली स्थगित रखने के निर्देश राज्य शासन द्वारा दिए गए हैं, जिससे पालकों और बच्चों को अनावश्यक परेशानी न हो। परंतु कई निजी शालाओं द्वारा लॉकडाउन की अवधि में भी स्कूल फीस जमा करने संबंधी संदेश पालकों को लगातर भेजे जा रहे है। इस पर कड़ा रूख अपनाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सभी निजी स्कूलों से यह प्रमाण पत्र मांगा है कि शाला प्रबंधकों के द्वारा पालकों से फीस नहीं मांगी गई है। संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संचालनालय को कल शाम तक इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें।
महिला ने दिया दो सिर वाले शिशु को जन्म, जाने फिर क्या हुआ

महिला ने दिया दो सिर वाले शिशु को जन्म, जाने फिर क्या हुआ

दुर्ग| एक महिला ने बीते दिन दो सिर वाले शिशु को अस्पताल में जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही शिशु ने दम तोड़ दिया। ग्राम आमटी निवासी दामिन यादव को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। बीते दिन सुबह ऑपरेशन से महिला ने दो सिर वाले बच्चे को जन्म दिया। दो सिर वाले बच्चे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल रहा। लेकिन कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद खुशी मातम में तब्दील हो गया। अस्पताल में दो सिर वाले बच्चे की पैदा होने की खबर आग की तरह फैल गई। लोगों में देखने की उत्सुकता बनी रही, लेकिन सुरक्षा गार्डों ने प्रसूति कक्ष में लोगों को जाने से रोक दिया। बच्चे के जन्म के बाद से मां पूरी तरह से स्वास्थ्य है। डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह का पहला मामला है। डॉक्टरों का कहना है, ऐसा तभी होता है जब महिला के गर्भ में पल रहा भ्रूण सही तरीके से विकसित नहीं होता। ये अवस्था लाखों में से एक के साथ होती है।
 पेड़ से टकराई तेज रफ्तार बाईक, पति की हुई मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

पेड़ से टकराई तेज रफ्तार बाईक, पति की हुई मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

जगदलपुर। जिले के झीरम कैंप के पास सड़क किनारे पेड़ से बाईक के टकरा जाने से हादसे में बाईक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं युवक की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तोंगपाल निवासी घनश्याम नायक अपनी गर्भवती पत्नी सरस्वती को रूटीन चेकअप के लिए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज बाईक से आ रहे थे। झीरम गांव के पास मोड़ पर टूटकर गिरे पेड़ से बाइक के टकरा जाने से बाईक सवार घनश्याम की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं युवक की पत्नी सरस्वती गंभीर रूप से घायल हो गई है। 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इंडियन नेशनल कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में हुए शामिल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इंडियन नेशनल कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में हुए शामिल

रायपुर। इंडियन नेशनल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद राहुल गांधी भी बैठक में उपस्थित थे। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं बचावों और जरूरतमंद लोगों के लिए किए जा रहे राहत के कार्यों की ताजा स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के 36 मरीज संक्रमित पाए गए थे। जिनमें से 28 मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, शेष 8 मरीजों का इलाज जारी है, उनकी हालात भी ठीक है। 

बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन लागू है। कुछ अत्यावश्यक सेवाओं के लिए छूट दी गई है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गरीब परिवारों को तीन माह का राशन नि:शुल्क दिया जा रहा है। प्रदेश के 56 लाख गरीब परिवारों को अप्रैल एवं मई दो माह का राशन नि:शुल्क प्रदान किया गया है। जून माह का राशन भी नि:शुल्क दिया जाएगा। मनरेगा के तहत प्रदेश की कुल 11,497 ग्राम पंचायतों में से  9494 ग्राम पंचायतों में 41 हजार 495 कार्य प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें 11 लाख 78 हजार से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। कृषि गतिविधियों के लिए छूट प्रदान की गई है। खाद, बीज की आपूर्ति के भी प्रबंध किए गए हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना भी शीघ्र प्रारंभ कर किसानों को धान के 2500 रूपए प्रति क्विंटल और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का वितरण प्रारंभ किया जाएगा। वनांचलों में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस कार्य में लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 650 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार ने महुआ की खरीदी 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से करने का निर्णय लिया है। 

मुख्यमंत्री बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोविड-19 संकट के समय केन्द्र सरकार को आगे बढ़कर राज्यों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। तभी कोविड-19 के विरूद्ध इस लड़ाई को जीता जा सकेगा। श्री बघेल ने श्रीमती सोनिया गांधी को बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से 30 हजार करोड़ रूपए के पैकेज की मांग की गई है। जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और कल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन सुचारू रूप से संभव हो सके। बघेल ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से इस राशि में से 10 हजार करोड़ रूपए तत्काल जारी करने का आग्रह किया है, ताकि उद्योग, व्यवसाय, सेवा क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र को आर्थिक सहायता दी जा सके। 
 
मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही साथ राज्य में कोविड-19 के प्रसार की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए राज्य को आंशिक राजस्व प्राप्ति से संबंधित आर्थिक गतिविधियों के संचालन की छूट तत्काल प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि केन्द्र सरकार से मिठाई दुकानों के संचालन में छूट की मांग की गई है, जिससे दुग्ध उत्पादक कृषकों का दूध बिकना संभव हो सके। इसी तरह कोविड-19 संक्रमण रोकने गाईडलाइन का पालन करते हुए संपत्तियों के क्रय-विक्रय के पंजीयन की छूट सहित वाहनों के शो रूम का संचालन एवं पंजीयन, शहरों में निर्माण कार्यों के संचालन, ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए एयर कंडिशनर, कूलर एवं फ्रिज के शो रूम के संचालन, समस्त प्रकार के रिपेयरिंग कार्य और सभी ग्रीन जिलों में सभी प्रकार के रीटेल कार्य खोलने की छूट मांगी गई है। 

बघेल ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी में यह भी जानकारी दी कि अन्य राज्यों में लॉकडाउन के कारण फंसे विद्यार्थियों और मजदूरों की राज्य में वापसी का विषय भी काफी गंभीर है। केन्द्र सरकार को इसके लिए भी नीति निर्धारित करनी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों और मजदूरों की छत्तीसगढ़ वापसी संभव हो सके, लेकिन केन्द्र सरकार इस विषय पर मौन है।
बदल सकता है मौसम का मिजाज, गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना

बदल सकता है मौसम का मिजाज, गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना

रायपुर। राज्य में एक बार फिर से मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव आ सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। 

मौसम विभाग के नियमित रिपोर्ट की माने तो वर्तमान में एक चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। यह चक्रवाती घेरा पश्चिम विदर्भ और इसके आसपास के इलाकों के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से एक द्रोणिका भी बनी हुई है जो कि मराठवाड़ा के अंदरुनी इलाकों से लेकर कर्नाटक और तमिलनाडू होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक स्थित है। इसके प्रभाव से कल 24 अपै्रल को कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशी बिजली, ओलावृष्टि होने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना बन रही है। 

मौसम विभाग की माने तो इस सिस्टम का कोई ज्यादा असर प्रदेश पर नहीं होगा और न ही राज्य के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान पर इसका कोई विशेष असर होगा। हालांकि बदली-बारिश से जरूर कुछ फर्क आएगा, लेकिन यह असर ज्यादा समय तक नहीं रहेगा और तापमान में क्रमश: वृद्धि का आंकड़ा बना रहेगा। इधर सूर्यदेव के प्रबल होने के साथ ही राज्य में अब गर्मी तेजी से बढऩे लगी है। दिन के साथ ही रात  के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। आज रायपुर में 37.4  डिग्री अधिकतम तापमान रिकार्ड किया गया। इसी तरह अंबिकापुर में 31.0, बिलासपुर में 35.4, पेण्ड्रारोड में 31.8 तथा जगदलपुर में 35.8 डिग्री अधिकतम तापमान रिकार्ड किया गया है। 
सीडब्ल्यूसी की बैठक में पीपीई किट की कमी-खराब गुणवत्ता पर उठे सवाल, जाने पूरी खबर

सीडब्ल्यूसी की बैठक में पीपीई किट की कमी-खराब गुणवत्ता पर उठे सवाल, जाने पूरी खबर

रायपुर। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीपीई किट की कमी और खराब गुणवत्ता का सवाल उठाया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूसी) की बैठक में सोनिया गांधी ने पीपीई किट की खराब क्वालिटी पर चिंता जाहिर की और साथ ही कहा कि देश में कोरोना टेस्टिंग अभी बहुत कम संख्या में हो रही है, यह काफी चिंता की बात है।

किसानों का मसला उठाते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से देश के कारण सबसे अधिक परेशान हैं। कमजोर और अस्पष्ट खरीद नीतियों के अलावा सप्लाई चैन में आ रही दिक्कतों ने किसानों को बेहाल कर दिया है। उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निपटारा किया जाना चाहिए। खरीफ फसल के लिए भी किसानों को सुविधाएं मिले।

राहुल गाँधी ने कहा-तीन हफ्ते पहले हमारी मुलाकात के बाद से, महामारी ने अशांति बढ़ाई है। दोनों प्रसार और गति में। लॉकडाउन जारी है और हमारे समाज के सभी वर्गों को तीव्र कठिनाई और संकट का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से हमारे किसान और खेत मज़दूर, प्रवासी श्रमिक, निर्माण श्रमिक और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक। व्यापार, वाणिज्य और उद्योग एक आभासी पड़ाव पर आ गए हैं और करोड़ों जीविकाएँ नष्ट हो गई हैं। 3 मई के बाद की स्थिति को कैसे प्रबंधित किया जाएगा, इस बारे में केंद्र सरकार को स्पष्ट जानकारी नहीं है। उस तिथि के बाद वर्तमान प्रकृति का एक लॉकडाउन और भी विनाशकारी होगा। 23 मार्च को तालाबंदी शुरू होने के बाद से, मेरे पास, जैसा कि आप सभी जानते हैं, प्रधानमंत्री को कई बार लिखा गया है। मैंने अपने रचनात्मक सहयोग की पेशकश की और ग्रामीण और शहरी दोनों परिवारों की पीड़ा को कम करने के लिए कई सुझाव भी दिए। ये सुझाव हमारे मुख्यमंत्रियों सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त फ ीडबैक के आधार पर तैयार किए गए थे। दुर्भाग्य से, उन पर केवल आंशिक और बुरी तरह से कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार की ओर से आने वाली करुणा, बड़े दिल और अलौकिकता उसकी अनुपस्थिति से विशिष्ट है। हमारा ध्यान स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और आजीविका के मुद्दों से सफ लतापूर्वक जुडऩे पर होना चाहिए।

हमने प्रधानमंत्री से बार-बार आग्रह किया है कि परीक्षण, ट्रेस और संगरोध कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। दुर्भाग्य से, परीक्षण अभी भी कम है और परीक्षण किट अभी भी कम आपूर्ति और खराब गुणवत्ता की हैं। पीपीई किट हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदान की जा रही हैं लेकिन संख्या और गुणवत्ता खराब है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न का प्रवेश अभी तक लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा है। 11 करोड़ लोग जिन्हें सब्सिडी वाले खाद्यान्न की जरूरत है, वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बाहर हैं। इस संकट की घड़ी में परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को 10 किलोग्राम अनाज, 1 किलो दाल और आधा किलोग्राम चीनी हर महीने उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। तालाबंदी के पहले चरण में 12 करोड़ नौकरियां चली गईं। बेरोजगारी और बढऩे की संभावना है क्योंकि आर्थिक गतिविधि एक ठहराव पर बनी हुई है। इस संकट से निपटने के लिए प्रत्येक परिवार को कम से कम 7,500 रुपये प्रदान करना अनिवार्य है।
 
प्रवासी मजदूर अब भी फं से हुए हैं, बेरोजगार हैं और घर लौटने को बेताब हैं। उन्हें सबसे कठिन मारा गया है। संकट के इस दौर से बचे रहने के लिए उन्हें खाद्य सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा का जाल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। किसानों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कमजोर और अस्पष्ट खरीद नीतियों और बाधित आपूर्ति श्रृंखलाओं के मुद्दों को बिना देरी के संबोधित करने की आवश्यकता है। आगामी 2 महीनों में शुरू होने वाली खरीफ फसलों के अगले दौर के लिए किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

आज लगभग 11 करोड़ कर्मियों को नियुक्त करते हैं। वे जीडीपी का एक तिहाई हिस्सा बनाते हैं। यदि उन्हें आर्थिक बर्बादी से बचाना है, तो यह जरूरी है कि उनके जीवित रहने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए। दोस्तों, राज्य और स्थानीय सरकारें कोविड-19 के खिलाफ  लड़ाई की अग्रिम पंक्ति हैं। हमारे राज्यों को वैध रूप से दिए गए फंड को वापस आयोजित किया गया है। मुझे यकीन है कि हमारे मुख्यमंत्री हमें उन कठिनाइयों के बारे में बताएंगे जो वे सामना कर रहे हैं।

मुझे भी आपके साथ कुछ ऐसा साझा करना चाहिए जो हममें से प्रत्येक भारतीय को चिंतित करे। जब हमें कोरोना वायरस से एकजुट रूप से निपटना चाहिए, तो भाजपा सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और घृणा के वायरस को फैलाना जारी रखती है। हमारे सामाजिक समरसता के लिए गंभीर क्षति हो रही है। हमारी पार्टी, हमें उस क्षति की मरम्मत के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। कुछ सफलता की कहानियाँ हैं और हमें उनकी सराहना करनी चाहिए। सबसे अधिक हमें प्रत्येक व्यक्तिगत भारतीय को कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करना चाहिए, जो पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति के बावजूद होता है। डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वच्छता कार्यकर्ता और अन्य सभी आवश्यक सेवा प्रदाता, एनजीओ और लाखों नागरिक पूरे भारत में सबसे अधिक जरूरतमंदों को राहत प्रदान करते हैं। उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प वास्तव में हम सभी को प्रेरित करता है। मुझे न केवल कांग्रेस राज्य सरकारों बल्कि देशभर में हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के अथक और अथक प्रयासों को भी स्वीकार करना चाहिए। मैं एक बार फि र सरकार के प्रति अपने रचनात्मक समर्थन को बढ़ाने के लिए हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराता हूं।
 बड़ी खबर: लॉकडाउन के बिच 24 नग हीरों के साथ पकड़ाया बर्खास्त सरकारी कर्मचारी, आंकी गई हीरे की कीमत 3 लाख रुपए

बड़ी खबर: लॉकडाउन के बिच 24 नग हीरों के साथ पकड़ाया बर्खास्त सरकारी कर्मचारी, आंकी गई हीरे की कीमत 3 लाख रुपए

गरियाबंद। कोरोना वायरस (कोविड-19) से पुरे देश में हड़कंप सा मचा हुआ है जिस पर सरकार ने पुरे देश में लॉकडाउन भी लगा दिया है। जिसके बाउजूद कई लोग लॉकडाउन के नियमो का उल्लंघन करते नजर आ रहे है जिस पर पुलिस को सुचना मिलने पर तुरंत कार्यवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के बीच गरियाबंद जिले का एक बर्खास्त सरकारी कर्मचारी 24 नग हीरों के साथ ग्राहक का इंतजार कर रहा था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जब्त की गई हीरे की कीमत 3 लाख रुपए आंकी गई है।

पढ़िए पूरी खबर-
मिली जानकारी के अनुसार- आरोपी का नाम रमेश कश्यप (40 वर्ष) है, जो कि मैनपुर का रहने वाला है। आरोपी दो महीने पहले तक मैनपुर पँचायत में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ था। लेकिन जिला सीईओ ने अनियमितता के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद वह तस्करी के धंधे में उतर गया। बुधवार की शाम नेशनल हाइवे में झरियाबहरा मोड़ के पास यह युवक अपने ग्राहक के इंतजार में बैठा हुआ था। पुलिस को गश्त के दौरान नजर इस पर पड़ी, तो संदिग्ध समझकर पुलिस ने पूछताछ किया। तलाशी के दौरान इसके पास से 24 नग हीरा बरामद किया गया। तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।

हीरे की कीमत 3 लाख रुपए-
एएसपी सूखनंदन राठौर ने बताया कि आरोपी रमेश कश्यप ग्राहक के इंतजार में बैठा था। तस्करी को अंजाम देता उससे पहले ही तलाशी के दरम्यान पकड़ा गया। जब्त हीरे की कीमत 3 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ मैनपुर पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया है। इसी 
कोरोना संक्रमित किशोर के कारण दो गांवों को किया गया सील, जाने पूरी खबर

कोरोना संक्रमित किशोर के कारण दो गांवों को किया गया सील, जाने पूरी खबर

बिलासपुर। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के करंजिया निवासी कोरोना पॉजिटिव किशोर का संपर्क बिलासपुर के घुटकू, कलमीटार व हांफा के ग्रामीणों से हुआ था। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को तीनों गांव पहुंची। वहां किशोर से मिलने-जुलने वाले नौ ग्रामीणों का सैंपल लेकर होम आइसोलेट किया गया है।
 
सब्जी विक्रेता किशोर सब्जी लेने के लिए तीन से चार दिन में एक बार ग्राम घुटकू आता था। वह गांव में पांच-छह घंटे तक रुकता था। इसके अलावा उसका संपर्क ग्राम कलमीटार और हांफा के ग्रामीणों से भी है। स्वास्थ्य विभाग को बुधवार की सुबह यह जानकारी मिली। इसके बाद टीम ग्राम घुटकू पहुंची। वहां 35 ग्रामीणों को पहले ही आइसोलेट किया जा चुका है। पूछताछ करने के बाद छह और ग्रामीणों का सैंपल लेकर होम आइसोलेट कर दिया गया। इसके बाद टीम कलमीटार गई। वहां एक ग्रामीण को होम आइसोलेट करते हुए सैंपल लिया गया। अंतिम में टीम ग्राम में दो ग्रामीणों का सैंपल लेकर होम आइसोलेट किया गया।
 
स्वास्थ्य विभाग की टीम दो दिन से घुटकू में पहुंच रही है। दोनों दिन सैंपल लेने के साथ 41 ग्रामीणों को आइसोलेट किया गया है। बुधवार को ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते को सील कर दिया।
मानव तस्करी के आरोप में नियोजक और एजेंट पर दर्ज हुआ एफआईआर

मानव तस्करी के आरोप में नियोजक और एजेंट पर दर्ज हुआ एफआईआर

बीजापुर। जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय नाबालिक जमलो मडक़म की मृत्यु लॉक डाउन में तेलंगाना से वापस लौटने के दौरान एक सौ किमी पैदल चलकर 18 अप्रैल को बीजापुर के मोदकपाल पहुंचेने के बाद डिहाइड्रेशन का शिकार होकर बच्ची जमलो की मौत हो गई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने जिले की मृतक बालिका जमलो मडक़म की मृत्यु पर तेलंगाना के संबंधित नियोजक और एजेंट कुमारी सुनीता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बीजापुर के श्रम निरीक्षक द्वारा कोतवाली बीजापुर में बुधवार को अवैध मानव तस्करी के आरोप में नियोजक तेलंगाना के संतोष मंचाल और एजेंट कुमारी सुनीता मरकामी के एफआईआर दर्ज करायी गई है। 

उल्लेखनिय है कि मृतक बालिका जमलो मडक़म को सुनीता मरकाम एजेंट द्वारा अन्य 11 श्रमिकों के साथ तेलंगाना के संतोष मंचाल नियोजक के संस्थान में मिर्ची तोडऩे के कार्य के लिए लेकर गई थी। जिसकी सूचना श्रम विभाग को नहीं दी गई थी। लॉकडाउन होने के कारण जंगल के रास्ते से सभी श्रमिक कुमारी सुनीता मरकामी के माध्यम से वापस ग्राम आदेड जिला बीजापुर आ रहे थे। मृत्यु होने की जानकारी के बाद श्रम निरीक्षक के द्वारा पृथक जांच उपरांत ज्ञात हुआ कि कुमारी सुनीता मरकामी के द्वारा श्रम विभाग जिला बीजापुर को बिना कोई सूचना दिए 05 नाबालिक बच्चों को तेलंगाना लेकर गई है। जो अवैध मानव तस्करी के श्रेणी में आता है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय कुमारी जमलो मडक़म की मृत्यु पर तात्कालिक सहायता के रूप में कुमारी मडक़म के परिवारजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की थी। इसके पश्चात बीजापुर कलेक्टर से चर्चा उपरांत मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से 04 लाख रूपए की अतिरिक्त स्वीकृति दी है। इस प्रकार कुमारी मडक़म के परिवारजनों को कुल 05 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। 
लॉकडाउन सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, लगा 58500 का जुर्माना

लॉकडाउन सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, लगा 58500 का जुर्माना

कोरबा। जिला पुलिस व निगम प्रशासन द्वारा लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे लाकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण रूप से पालन करें किन्तु अनेक स्थानों पर लोगों द्वारा इनका उल्लंघन किया जा रहा है, जिस पर प्रशासन द्वारा जुर्माना की कार्यवाही भी की जा रही है। 

इसी कड़ी में बुधवार को निगम के कोसाबाड़ी क्षेत्र में जिला प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों द्वारा लाकडाउन का उल्लंघन करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने तथा जिन दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं है, उन्हें खोलकर व्यवसाय कार्य करने आदि मामलों में कुल 58500 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तोमर को लिखा पत्र, जाने क्या कुछ है खास

मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तोमर को लिखा पत्र, जाने क्या कुछ है खास

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण और पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत श्रमिकों को मजदूरी भुगतान के रूप में खाद्यान्न प्रदान करने की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने अपने पत्र में लिखा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजनांतर्गत मजदूरी राशि का भुगतान नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड मैनेजमेंट सिस्टम (एनईएफएमएस) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में क्रेडिट होता है। कोरोना वायरस संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए पूरा राज्य लॉकडाउन है। राज्य में 31 लाख 50 हजार सक्रिय परिवारों के 62 लाख 52 हजार व्यक्तियों की आजीविका मनरेगा पर ही निर्भर है। ऐसी स्थिति में प्रभावी लॉकडाउन एवं संक्रमण से बचाव के समस्त साधनों का प्रयोग करते हुए योजना का क्रियान्वयन अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस से बचावों के उपायों सहित मनरेगा योजनांतर्गत कार्य सम्पादित कराये जा रहे हैं तथा वर्तमान में लगभग 5 लाख श्रमिक प्रति दिन नियोजित हो रहे हैं। मजदूरी की राशि क्रेडिट होने के बाद उन्हें अपने भोजन(खाद्यान्न) जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु पहले खातों से पैसा निकालने की आवश्यकता होगी, जिससे वे परेशान तो होंगे ही साथ ही सोशल डिस्टैसिंग के पालन में भी कठिनाई होगी। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में बैंक शाखाओं की कमी है, साथ ही नक्सल प्रभावित एवं आकांक्षी जिलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी समस्या है। इस कारण प्राय: लिंक फेल होने जैसी समस्याएं होती हैं, जिसके कारण राशि आहरण हेतु मजदूरों को कई बार बैंक में सम्पर्क करना पड़ जाता है।

मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि राज्य शासन के पास पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध है तथा इसके वितरण की प्रभावी व्यवस्था लागू है। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कार्यरत श्रमिकों की मजदूरी की राशि राज्य शासन को उपलब्ध कराते हुए इसके विरूद्ध उन्हें खाद्यान्न वितरित करने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है, ताकि वर्तमान में उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीणों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शहर में पसरा सन्नाटा टूटने से लोगों ने ली राहत की सांस, पढ़े पूरी खबर

शहर में पसरा सन्नाटा टूटने से लोगों ने ली राहत की सांस, पढ़े पूरी खबर

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज राजधानी रायपुर सहित जिले में सुबह-सुबह कई व्यापारिक संस्थानों के खुल जाने से जनता ने राहत की सांस ली है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जहां जिला प्रशासन ने बिजली दुकानों को खोलने की अनुमति दी है तो वहीं ऑटो पार्ट्स की दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी है। 

ज्ञात हो कि कल जिला प्रशासन ने राजधानी रायपुर के अलावा जिले में कोरोना संक्रमण के नियंत्रित स्थिति को देखते हुए तथा गंभीर मंथन के बाद जिले में जारी लॉकडाउन में एक बड़ी राहत देते हुए कई तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सेवा संस्थानों को खोलने की अनुमति दी है। अनुमति में स्पष्ट कहा गया है कि सामाजिक दूरी का विशेष रूप से पालन करते हुए ऐसे प्रतिष्ठानों को दोपहर 2 बजे तक खोला जा सकता है। इधर करीब एक-डेढ़ माह के सन्नाटे के बाद आज सुबह रायपुर शहर की रौनक काफी हद तक लौट आई। लगातार कई सप्ताह से अपने-अपने घरों में कैद लोग जरूरी काम निपटाने के लिए बाहर निकले। जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी के मद्देनजर बिजली दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी है। इसके अलावा विद्युत उपकरणों, यंत्रों के सुधार कार्य को सेवा कार्य मानते हुए इन्हें भी छूट का लाभ दिया है। शहर के कूलर दुकानों में आज पहले ही दिन अच्छी खासी भीड़ नजर आई। गर्मी से बेहाल जनता नए कूलर, पंखे खरीदने और कुछ इन्हें सुधरवाने के लिए बाहर निकले। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में सभी तरह की दुकानें अपने निर्धारित समय से दोपहर 2 बजे तक ही खुलेगी। वहीं दवाई दुकाने, चिकित्सा से संबंधित संस्थानें अपने निर्धारित समय तक खुली रह सकती हैं।