रायपुर। शहर में असामाजिक तत्वों द्वारा लाकडाउन के दौरान भी अश्लील हरकतें जारी है। सेजबहार थाने से मिली जानकारी के अनुसार प्रशांत तिवारी निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी खिलोरा मुजगहन रायपुर द्वारा अपने घर में 20 वर्षीया पीडि़ता द्वारा घर के आंगन में सेल्फी के लिए फोटो खीज रही थी। जिसे बाहर से देखकर आरोपी जबर्दस्ती पीडि़ता के घर में घुसा। उसका हाथ पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकत किया। पीडि़ता द्वारा विरोध करने पर जाति सूचक गाली देते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। साथ ही पीडिता की जमकर पिटाई की। उक्त मामले में सेजबहार थाने ने आरोपी प्रशांत तिवारी के खिलाफ एसटीएससी एक्ट 3-1 बी 1 -3 -1 बी 2 एवं आईपीसी की धारा 341, 342, 294, 506, 323, 354, 354 घ एवं 452 के तहत मामला कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
रायपुर,राष्ट्र की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर एक कलाकार की कितनी सुंदर और प्रेरणादायक अभिव्यक्ति हो सकती है यह रायपुर के प्रख्यात रंगोली कलाकार अजय देशकर की रंगोली को देखकर समझा जा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी कोरोना योद्धाओं को समर्पित करते हुए यह रंगोली बनाई है साथ ही इस लड़ाई में जनसहभागिता पर भी उन्होंने जोर दिया है।
रंगोली में उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग व लॉक डाउन का पालन करने,कोरोना से बचने के उपाय,आरोग्य सेतु की उपयोगिता,पीएम केयर्स फंड व मुख्यमंत्री राहत कोष में दान की अपील भी की गई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री का आह्वान एक दिया देश के नाम और कोरोना हारेगा देश जीतेगा का भी उल्लेख किया है। अपने निवास जनता कॉलोनी गुडयारी,रायपुर में यह रंगोली 4 दिनों में बनाई है।
इस संबंध में श्री देशकर का कहना है कि लॉक डाउन में हम सभी अपने घरों में है। ऐसे में एक कलाकार के नाते मुझे लगा कि कोरोना से हो रही राष्ट्र की लड़ाई पर कुछ बनाया जाए। इसी बात को ध्यान में रखकर यह रंगोली बनाई है। इसके पीछे मेरा एक मकसद यह भी था कि आम जनता अपने लिए लड़ाई लड़ रहे कोरोना योद्धाओं और केंद्र व राज्य सरकारों के प्रयासों को जाने तथा कोरोना से बचाव के लिए सरकारी निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की जनता को सम्बोधित करते हुए कहा है कि प्रदेशवासियों ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए पिछले एक माह से जिस अनुशासन, संबल और संकट से निपटने की जिजीविषा दिखाई हैं, वह विलक्षण हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज से ठीक एक माह पहले मैंने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए इसी तरह आपको संबोधित करते हुए आप सबका सहयोग मांगा था। आपको सच कहूंगा। जब पहली बार कोरोना वायरस से बचाव के बारे में आपसे सहयोग की अपील कर रहा था तो मेरे मन में कई आशंकाएं थी। इतने बड़े प्रदेश के करोड़ो लोगों से अपना व्यवसाय, जीवन पद्धति, आचरण आदि बदलने को कहना और उसका पालन कराना कोई आसान काम नहीं था लेकिन आप सबने जो अनुशासन, संबल और संकट से निपटने की जिजीविषा दिखाई हैं, वो विलक्षण हैं।
श्री बघेल ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ कोरोना वायरस महामारी के नियंत्रण में पूरे देश के समक्ष उदाहरण बना है तो इसके मूल में आप लोगों का अपने परिवार, अपने राज्य के लोगों के प्रति त्याग और समर्पण का भाव हैं। मैं इन सबके लिए आपका दिल से धन्यवाद करता हूँ। मैं हमेशा इस सहयोग के लिये आपका ऋणी रहूँगा। मैं धन्यवाद करना चाहूंगा सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जिला और पुलिस प्रशासन, खाद्य, महिला बाल विकास, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, जनसंपर्क विभाग के समस्त कर्मचारियों का भी जिन्होंने 24 घण्टे इस संकट से निपटने के लिए कार्य किया। मैं मीडिया के बंधुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों का भी आभारी रहूँगा जिन्होंने हर पल हमारा सहयोग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में अगर हम कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में रख पाये हैं, तो उसमें सबसे बड़ी भूमिका हमारे गांवों की रही हैं। छत्तीसगढ़, गांवों का प्रदेश हैं और हमारे ग्रामीणों ने स्वेच्छा से अपने गांवों में जिस तरह फिजिकल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का पालन किया वह अदभुद है। मैं हाथ जोड़ कर उनका आभार व्यक्त करता हूँ। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि आज छत्तीसगढ़ की प्रशंसा पूरे देश में हो रही हैं। रिजर्व बैंक ने हमारी तारीफ की हैं । कोरोना वायरस नियंत्रण में हम सभी राज्यों में सबसे आगे हैं। यह सब आपके कारण ही हैं। 20 अप्रैल से राज्य में बहुत सारी आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ करने पर हम विचार कर रहे हैं। गांवो में मनरेगा के काम शुरू हो गए हैं। आप अपने जिले में क्या क्या कर सकते हैं। इसकी पूरी जानकारी और दिशा-निर्देश आपको बताये जा रहे हैं। इन दिशा निर्देशों का पालन करना सबके लिये जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विनम्र आग्रह करते हुए कहा कि आप रोजमर्रा के कामों में पूरी सावधानी बरतें। अफवाहों से सावधान रहें। कोरोना को हमने प्रदेश में नियंत्रित जरूर कर लिया है लेकिन खतरा अभी टला नहीं हैं। हमें अपने राज्य में फैलने का दूसरा अवसर नहीं देना है। अगर आपने फिजिकल डिस्टेंसिन्ग का पालन किया, लगातार हाथ धोते रहे और भीड़भाड़ से बचे तो कोरोना को राज्य फिर से फैलने का मौका नहीं मिलेगा । एक बार फिर मैं आपके सहयोग के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूँ । हमारी यह एकजुटता ही हमें हमारे प्रयासों में पूर्ण रूप से सफल करेगी ।
कोरबा, कोरोना का हॉट स्पॉट बन चुके कोरबा जिले के कटघोरा से रविवार को सुबह तक साढ़े 16 सौ 50 लोगों के कोरोना संक्रमण टेस्ट कराए गए। सभी टेस्ट निगेटिव रहे। यह टेस्ट रैपिड टेस्ट किट से कराए गए।
बताया गया कि प्रदेश को करीब 48 सौ रैपिड टेस्ट किट मिले थे। जिन्हें कटघोरा भेज दिया गया। शनिवार को दोपहर से सभी कुरान्ताइन पर रहे लोगों के टेस्ट कराए गए। इलाके के कुल 1650 लोगों के टेस्ट हो चुके हैं। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे सरकार ने बड़ी राहत की सांस ली है। प्रदेश में कोरोना के कुल मरीजों में से 27 मरीज अकेले कटघोरा के थे और तबलीगी जमात के थे। रैपिड टेस्ट किट से कोरोना जांच की प्रक्रिया का निरीक्षण करने खुद स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह भी कोरबा पहुंची थी।
रायपुर, कोरोना के इस महामारी के चलते सरकार द्वारा लॉक डाउन का निर्णय लिया गया ऐसे में गरीब वर्ग के लोगो के सामने सबसे बड़ी समस्या सामने आ गयी वो है भोजन की ,इस हालत को शहर के कई समाज सेवी संस्थाओ ने समझ कर अपने अपने स्तर पर इन गरीब बेसहारा लोगो को भोजन , कच्चे राशन और अन्य आवश्यक सामानों की अपने साधनों से निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जिसमे सभी काफी हद तक सफल हो रहे थे
परन्तु भारत सरकार द्वारा जैसे ही लॉक डाउन की अवधी बढाई उसके बाद संसाधन की कमी के कारण कई समाज सेवी संस्थाओ ने अपने आप को पीछे कर लिया ,इसी सन्दर्भ में विगत दिनों रायपुर स्मार्ट सिटी के सी ई ओं श्री गौरव कुमार जी ने सभी संस्थाओ की एक बैठक आहूत की थी जिसमे संस्थाओ से कितने दिनों तक आप अपनी सेवा दे सकते है और किस स्तर तक ये भी जानकारी मांगी थी.
अभी वर्तमान में ये देखने में आ रहा है कई संस्थाए अपना सेवा कार्य बंद कर चुकी है और कई एक दो दिन में बंद करने के कगार में है इस संस्थाओ से बात करने पर पता चला की इस निर्णय को लेने के पीछे सब से बड़ा कारण पैसे की कमी होना है हालाकि सरकार अपने स्तर पर सारे प्रयास कर रही है और गरीबो को निशुल्क राशन और आवश्यक सामग्री का वितरण भी कर रही है
ऐसे में ये सोचनीय हो जाता है की अगर कही ऐसी स्तिथि और आगे बढ़ गयी तो इन गरीबो की क्या व्यथा होगी,राज्य सरकार को ऐसे समाज सेवी संस्थाओ को कुछ मदद करनी चाहिए ताकि इस विपत्ति में वे सरकार के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर सके
रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक संस्थानों द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए चिकित्सकीय सामग्री उपलब्ध कराने और जरुरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने में किए जा रहे सहयोग की सराहना की है।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए मेसर्स जिन्दल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड रायगढ़ द्वारा 1000 पीपीई किट, मेसर्स भारत एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड बाल्को द्वारा 1000 पीपीई किट एवं 500 एम.एल के 500 बाटल सेनेटाइजर तथा 5000 सर्जिकल मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने इन औद्योगिक संस्थानों को इस सहायता के लिए धन्यवाद दिया है। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने इस सामग्री में से 300 पीपीई किट जिला बस्तर और 200 पीपीई किट जिला प्रशासन सुकमा को सौंपा है।
कोविड-19 से लडऩे की दिशा में बालको द्वारा प्रतिदिन लगभग 1000 जरूरतमंद नागरिकों को तैयार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की मदद से बालको क्षेत्र में जरूरतमंद परिवारों की पहचान की गई, 500 परिवारों तक 1 महीने का सूखा राशन उपलब्ध कराया गया। बालको टाउनशिप, संयंत्र परिसर, बालकोनगर के विभिन्न वार्डों, बालको अस्पताल, कोरबा और कटघोरा के शासकीय कार्यालयों में सैनिटाइजेशन किया गया है।
कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल परिसर में प्रशासन के मार्गदर्शन में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने एवं विभिन्न उपकरणों की उपलब्धता में भी बाल्को ने योगदान दिया है। इसके अलावा समुदाय में 10000 मास्क वितरित किए गए हैं। ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स), रायपुर को उद्योग विभाग के समन्वयन में 1000 पीपीई किट, 5000 मास्क और 500 सैनिटाइजर उपलब्ध कराए गए हैं। कोरबा में दो कोरेंटाइन सेंटर एक होटल रेलक्सिन व होटल ग्रीन पार्क को बनाया गया है जिसमें कुल 62 रूम की व्यवस्था है।
महासमुंद | गर्मी के चलते जंगलों में जल स्त्रोत सूखने लगे हैं, जिसके कारण जंगली जानवर गाँव की तरफ खाने और पीने की पानी की तलाश में जाने लगे हैं। महासमुंद जिले के कसेकेरा के पास कुएं में गिर जाने से एक तेंदुए की डूब कर मौत हो गई। रात में गिरे तेंदुए की जानकारी वन विभाग को सुबह मिली। वन विभाग द्वारा उसे निकालने का प्रयास किया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
दुर्ग | अमलेश्वर और रायपुर के मध्य स्थित खारुन नदी पर महादेव घाट पर बने पुल से एक युवती नदी में छलांग लगाने ही वाली थी कि उसे अमलेश्वर पुलिस के जवानों ने बचा लिया। युवती को समझा बुझाकर वापस उनके डीडी नगर थाना को सौप दिया है।
भिलाई | बीएसपी के कोक ओवन में पदस्थ मैनेजर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार देर रात की है। थाना ने बताया कि मृतक की पहचान विकास कुमार 38 साल के रूप में की गई है। पड़ोसियों की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पीएम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला भेज दिया गया। मृतक मूलत: मेरठ उत्तरप्रदेश का रहने वाला था। आत्महत्या के कारण का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
रायपुर | राजधानी में एक अज्ञात नवजात शिशु का शव नाले में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है। यह मामला उरला के वार्ड नंबर 3 पुरानी बस्ती इलाके स्थित नाले में एक अज्ञात नवजात शिशु का शव बरामद हुआ है। उरला पुलिस मौके पर पहुंचकर शव के संबंध में आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक नवजात शिशु 7 से 8 महीने का है। नवजात शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा जा रहा है।
कांकेर | जिले के नक्सल प्रभावित अतिसंवेदनशील पखांजूर तहसील के छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बार्डर का कलेक्टर केएल चौहान और पुलिस अधीक्षक एमआर अहीरे ने आज निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। लॉकडाउन के कारण प्रशासन द्वारा सीमाओं को सील कर आवागमन रोक दिया गया है तथा स्थानीय बोली में लोगों को लॉकडाउन का पालन करने की समझाईश दी जा रही है व नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक उपायों का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
रायपुर | लाक डाउन के चलते शहर की सड़कें एवं मोहल्ले सुनसान है जिसका फायदा उठाने में चोर भी कोई कमी नहीं कर रहे हैं। आजाद चौक थाने से मिली जानकारी के अनुसार सोहन कुमार ताम्रकार आयु 42 वर्ष पिता लखनलाल ताम्रकार के मुकुट नगर पानी टंकी के पास एन्यु कंस्ट्रक्शन कार्यालय के सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर ने नगदी 1 लाख 50 हजार कवर्ड का दरवाजा खोलकर सोने के पांच सिक्के, दो चांदी का सिक्का कुल दो लाख 70 हजार की चोरी की। उक्त मामले में थाने ने अज्ञात चोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 457 एवं 380 के तहत मामला दर्ज किया है।
रायपुर | मारवाड़ी युवा मंच रायपुर शाखा 24 मार्च लाकडाउन के प्रथम दिन से लगातार आजतक गरीबों और असहाय लोगों तक स्वयं भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही है।। मारवाड़ी युवा मंच रायपुर शाखा के अध्यक्ष श्री नरेश कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि मंच के युवा सदस्य रवि शर्मा (संयोजक), दुर्गा प्रसाद अग्रवाल (PRO), कोषाध्यक्ष शेखर शर्मा, प्रमोद कुमार अग्रवाल, संरक्षक श्री ओमप्रकाश अग्रवाल, दिनेश मोदी, व मंच के अध्यक्ष स्वयं अध्यक्ष नरेश कुमार अग्रवाल खुद ही जरूरत मंदो को खाना देकर आते हैं।

रात दिन लगातार कार्य कर रहे हैं हमारे जांबाज सदस्यों की टीम।। श्री नरेश कुमार अग्रवाल और रवि शर्मा जी ने जानकारी दी कि मारवाड़ी युवा मंच रायपुर शाखा ने नई पहल करते हुए जरूरत मंद गरीब परिवारों जिनके घर पे 1 वर्ष तक के छोटे बच्चे हों उन तक स्वच्छ ताजा दूध पहुंचाने का कार्य भी निरंतर चल रहा है।। (PRO) दुर्गा प्रशाद अग्रवाल ने बताया कि मंच आंकड़ों से उपर उठकर हमारी अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य करने का यथासंभव प्रयास वास्तविक और जमीनी स्तर पर अनवरत जारी है और लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।। कोषाध्यक्ष शेखर शर्मा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो जबतक लॉकडाउन जारी रहेगा तबतक मंच अपने साथियों के साथ लोगों की सेवा में तत्पर रहेंगे।।
रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बोरियाकला क्षेत्र के मठपारा में अज्ञात असमाजिक तत्वों द्वारा मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्तियों को तोड़कर खंडित करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जगदलपुर | जिला शिक्षा विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा 12वीं की परीक्षा का संशोधित समय सारणी जारी किया गया है। कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण लॉकडाउन होने से पूर्व 12वीं की परीक्षाएं 21 से 31 मार्च के मध्य होनी थी। शिक्षा मण्डल द्वारा पुन: समय सारणी जारी किया गया है, जिसके तहत परीक्षा का समय प्रात: 09 से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगी।
मरीजों को सुझायी गई दवाएं भी घर तक पहुंचाकर दी जाएगी,मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ऑनलाइन चिकित्सा सुविधा जल्द प्रदान करने के लिए दिए निर्देश
रायपुर,मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा देने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट शुरू की जाएगी। इस बेबसाइट में मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श निःशुल्क मिल सकेगा। इस व्यवस्था में गंभीर बीमारियों के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें अस्पताल लाने और ले जाने के लिए एम्बुलेंस तथा लेब आदि की सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह वेबसाइट एक वर्चुअल अस्पताल की तरह काम करेगी।
गौरतलब है कि कोरोना लाकडाउन के कारण अनेक लोगों को चिकित्सा की सामान्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हैं, निकट भविष्य में परिस्थितियां सामान्य होने की संभावनाएं कम ही है। ऐसे मे यह ऑनलाइन व्यवस्था मरीजों के लिए काफी कारगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध में मुख्य सचिव को मरीजों को आनलाइन चिकित्सीय परामर्श और अन्य सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे जल्द ही आनलाईन चिकित्सा उपलब्ध करायी जा सके।
मुख्यमंत्री ने इस वेबसाइट से सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को जोड़ने को कहा है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीज ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श ले सकेंगे। परामर्श लेने के पहले मरीजों को मेडिकल हिस्ट्री जैसे सीटी स्केन, एक्स-रे रिपोर्ट, तथा पुराने उपचार के संबंध में मेडिकल पर्ची आदि अपलोड करनी होगी।
मरीजों को इस वेबसाइट से सरकारी और निजी चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श मिल सकेगा। प्रत्येक सरकारी अस्पतल के चिकित्सक आनलाइन परामर्श के लिए निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे। निजी चिकित्सक भी इस सेवा से निःशुल्क परामर्श देने की शर्त पर उपलब्ध रह सकते हैं। निजी चिकित्सक अस्पताल के अलावा अपने घरों से भी परामर्श दे सकते हैं।
चिकित्सक मरीजों से बात कर उन्हें चिकित्सीय परामर्श देंगे। आवश्यकता होने पर मरीजों को अस्पताल आने की सलाह भी दे सकेंगे। आवश्यकता होने पर मरीज को एम्बुलेंस सुविधा भी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा मरीजों को सुझायी गई दवाएं भी घर तक पहुंचाकर दी जाएगी।
इस वेबसाइट के माध्यम से सरकारी और निजी लैब के द्वारा भी सेम्पल कलेक्शन की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए इच्छुक निजी लैब का पंजीयन किया जाएगा। पंजीकृत लैब की रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करायी जाएगी। गंभीर बीमारियों के लिए लगातार इलाज की आवश्यकता होती है, तथा कुछ बीमारियों के उपचार के लिए लम्बे समय तक रूकना संभव नहीं होता । लाॅकडाउन के समय इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त करने में आ रही दिक्कत को देखते हुए इस प्रकार की बीमारियों को सूचीबद्ध किया जाएगा जिनमें लगातार चिकित्सीय परामर्श और इलाज की जरूरत है। ऐसे अस्पतालों तथा इलाज की आवश्यकता वाले मरीजों का पंजीयन कर उन्हें आनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जाएगी। बुकिंग समय पर मरीजों के इलाज एवं चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें लाने ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी मिलेगी।
रायपुर,मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोटा राजस्थान में अध्ययन कर रहे छत्तीसगढ़ के बच्चों की व्यवस्था को लेकर आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से बात की। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने श्री बघेल को आश्वस्त किया है कि कोटा में रह रहे बच्चों को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नही है। सभी बच्चों के लिए राजस्थान सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्था कोटा में ही सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए है साथ ही हेल्पलाईन नंबर (Dist. Covid. Control room no. 07442325342 कोटा राजस्थान) भी जारी किए गए है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोटा में अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के बच्चों के अभिभावकों से कहा है कि उन्हें किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नही है, छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों की सुरक्षा और उनकी व्यवस्था के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि यदि कोटा में किसी बच्चे को कोई परेशानी हो तो उनके अभिभावक पूरी जानकारी के साथ अपने जिला कलेक्टर को अवगत कराएं ताकि कोटा में उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोटा में बच्चों की व्यवस्था को लेकर सचिव परिवहन डॉक्टर कमलप्रीत सिंह एवं अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू राजस्थान सरकार के उच्च अधिकारियों से सतत् संपर्क में है और बच्चों की व्यवस्था की लगातार जानकारी ले रहे है।
सभी बच्चों के लिए राजस्थान सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्था कोटा में ही सुनिश्चित की जा रही है।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 18, 2020
रायपुर,कोरोना वायरस कोविड- 19 के संक्रमित मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर के आयुर्वेद कॉलेज परिसर और लालपुर स्थित लेप्रोसी हॉस्पिटल (आर.एल.टी. आर.आई ) में 100- 100 बिस्तर वाला आईसोलेशन सेंटर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थय विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने उक्त दोनों संस्थाओं में आईसोलेशन सेंटर तैयार करने के लिए विभागीय अधिकारियों को मौका मुआयना कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं । स्वास्थ्य सचिव में यहां पदस्थ चिकित्सकों को भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में प्रशिक्षण देने को कहा है। ज्ञात रहे कि कोरोना वायरस कोविड -19 के मरीजों के लिए एम्स रायपुर और मेकाहारा में 500-500 बिस्तर वाला तथा माना के सिविल हॉस्पिटल में 100 बिस्तर वाला कोरोना समर्पित हॉस्पिटल तैयार किया गया है ।
रायपुर। छत्तिसगढ़ से इस वक्त एक अच्छी खबर सामने आ रही है खबर है की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर से शनिवार को एक और रोगी को कोरोना वायरस टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने के बाद छुट्टी दे दी गई है। एम्स की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार कटघोरा निवासी पुरुष रोगी लगातार दो टेस्ट में नेगेटिव पाया गया था, जिसे एम्स के चिकित्सकों की टीम ने शनिवार को डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया। अब एम्स में कोविड-19 के 11 एक्टिव केस का इलाज जारी है। निदेशक प्रो.डॉ.नितिन एम.नागरकर के अनुसार सभी रोगियों की हालत स्थिर है और इन्हें आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार दवाएं दी जा रही हैं।
छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी जिलों में सर्दी-जुकाम संबंधी (Influenza Like Illness, ILI), श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी (Severe Acute Respiratory Illness, SARI) के सभी मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 18, 2020
रायपुर, कोरोना के कहर ने प्रदेश के मॉल्स कल्चर का कचूमर निकाल दिया है। राजधानी के ही पांच मॉल में मेंटेनेंस पर हर माह 40 से 50 लाख का खर्च हो जाता है। जहां तक आमदनी का सवाल है, लॉकडाउन में फूटी-कौड़ी की आय नहीं हो सकी है। मॉल्स के मालिकों को जहां माहभर में दो से पांच करोड़ तक का किराया मिल जाता है, वहीं एक मॉल में ही 15 से 20 करोड़ का कारोबार हो जाता है। रायपुर में अब तक करीब सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। आगे स्थिति को संभलने में कम से कम चार माह लगेंगे। प्रदेश में भी लंबे समय से मॉल कल्चर ने महानगरों की तरह पैर पसारे हैं। मॉल्स का सबसे ज्यादा कल्चर राजधानी रायपुर में है। यहीं सबसे ज्यादा पांच मॉल हैं। मेंटेनेंस ही पड़ रहा भारी लॉकडाउन के कारण सभी मॉल की जान निकल गई है। एक मॉल के मेंटेनेंस पर ही 40 से 50 लाख खर्च हो जाता है। राजधानी के मॉल से जुड़े लोग बताते हैं। मॉल में उसकी साइज के हिसाब से खर्च कम ज्यादा हो जाता है। एक बड़े मॉल में हाउस कीपिंग पर 6 से 7 लाख, सुरक्षा गार्डों पर 7-8 लाख, तकनीकी स्टाफ पर 6 से 7 लाख और सबसे ज्यादा बिजली बिल पर बिजली का उपयोग न होने पर भी डिमांड चार्ज के रूप में 10 लाख तक का खर्च आ जाता है। इसी के साथ अन्य स्टॉफ का वेतन भी देना पड़ रहा है।

















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