नीमच : नीमच में पहले युवती को झांसे में लेकर शादी रचाई। फिर उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। जिस पर युवती की शिकायत पर पुलिस ने युवक और उसके परिजनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि युवक को आज न्यायालय में पेश किया गया।शहर के महू रोड स्थित उदयविहार कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्व में उसकी शादी झांसी में हुई थी, लेकिन पति से अनबन होने के कारण वह अपनी मां के पास नीमच आ गई थी।
मां की मृत्यु के बाद वह रोजगार की तलाश कर रही थी इसी दौरान उसकी मुलाकात शहर के ढपाली मोहल्ला निवासी युवक फरदीन पिता नासिर अली से हुई, इसके बाद दोनों के बीच मेलजोल बढ़ा और दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया, लेकिन दोनों अल्पसंख्यक समुदाय के होने के बाद अलग-अलग धर्म को मानने वाले थे पर दोनों ने साथ रहने का वादा किया और निम्बाहेड़ा जाकर पति-पत्नी की तरह रहने लगे।यह खबर फरदीन के परिवार को लगी तो फरदीन की मां नाजनीन ने दोनों को नीमच बुलाया और दोनों का निकाह करा दिया। निकाह के दौरान महिला ने स्पष्ट किया था कि वह शादी जरूर कर रही है, लेकिन अपना धर्म नहीं बदलेगी।
मगर शादी के बाद फरदीन और उसके परिवार के सदस्य धर्म परिवर्तन के दबाव बनाने लगे, युवती ने जब इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई उसके विचार परिवर्तन का प्रयास किया गया।युवती के इंकार पर प्रताडऩा बढऩे लगी। जिसपर युवती ने महिला पुलिस थाने पर शिकायत की है। युवती की शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने जिले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले फरदीन पिता नासिर अली, नाजऩीन पिता नासिर अली व अफऱोज़ पति यूसुफ निवासी ढपाली मोहल्ला नीमच के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता के तहत धर्मपरिवर्तन अधिनियम 2021 की धाराओं में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उक्त मामले में सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला ने बताया कि शादी करने के बाद युवती पर धर्मपरिवर्तन के लिए जबरन दबाव बनाया जा रहा था, मामले में युवती की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।वही महिला थाना प्रभारी अनुराधा गिरवाल ने एक आरोपी को शुष्मा त्रिपाठी की न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपी का रिमांड मांगा गया।