रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 1188 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 191 मरीज, दुर्ग से 112, राजनांदगांव से 56, बालोद से 65, बेमेतरा से 16, कबीरधाम से 20, धमतरी से 48, बलौदा बाजार से 31, महासमुंद से 65, गरियाबंद से 25, बिलासपुर से 86, रायगढ़ से 75, कोरबा से 76, जांजगीर-चांपा से 63, मुंगेली से 11, जीपीएम से 14, सरगुजा से 35, कोरिया से 26, सूरजपुर से 63, बलरामपुर से 16, जशपुर से 19, बस्तर से 6, कोंडागांव से 27, दंतेवाड़ा से 12, सुकमा से 4, कांकेर से 23, नारायणपुर से 0, बीजापुर से 3, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1661 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 20 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 12962 है |
आज 1,188 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 1,661 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। राज्य में स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए मरीज़ों की संख्या 2,60,056 व एक्टिव मरीज़ों की संख्या 12,962 है।@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO pic.twitter.com/OZrxYtA5YQ
— Health Department CG (@HealthCgGov) December 28, 2020
नई दिल्ली, गृह मंत्रालय ने कोविड-19 की निगरानी को लेकर जारी किए गए दिशानिर्देशों को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया है. मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन को सावधानीपूर्वक सीमांकित किया जाना जारी रहेगा. इसके साथ ही इन ज़ोन के भीतर निर्धारित रोकथाम के उपायों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी होगा. कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा दिया जाना और सख्ती से लागू किया जाएगा.
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि हालांकि सक्रिय और नए कोविड-19 मामलों में लगातार गिरावट देखी गई है. लेकिन वैश्विक स्तर पर मामलों में उछाल और ब्रिटेन में पाए गए वायरस के प्रकार को ध्यान में रखते हुए निगरानी, रोकथाम और सावधानी बनाए रखने की आवश्यकता है.
MHA extends Guidelines for Surveillance, Containment and Caution
— Spokesperson, Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) December 28, 2020
Press release- https://t.co/LGuuxEKXQF#IndiaFightsCorona
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज कुल 825 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है | जिसमे जिला रायपुर से सर्वाधिक 134 मरीज, दुर्ग से 124, राजनांदगांव से 73, बालोद से 28, बेमेतरा से 6, कबीरधाम से 12, धमतरी से 46, बलौदा बाजार से 17, महासमुंद से 46, गरियाबंद से 2, बिलासपुर से 71, रायगढ़ से 49, कोरबा से 45, जांजगीर-चांपा से 37, मुंगेली से 5, जीपीएम से 2, सरगुजा से 34, कोरिया से 12, सूरजपुर से 34, बलरामपुर से 8, जशपुर से 9, बस्तर से 2, कोंडागांव से 5, दंतेवाड़ा से 3, सुकमा से 4, कांकेर से 14, नारायणपुर से 2, बीजापुर से 1, अन्य राज्य से 0 मरीज शामिल है । आज प्रदेश में कुल 1100 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य होने के उपरांत अपने घर लौटे है | राज्य में आज कुल 13 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है | प्रदेश में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 13701 है |
आज 825 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 1,100 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। #ChhattisgarhFightsCorona@TS_SinghDeo @ChhattisgarhCMO pic.twitter.com/2p0DN2i5Xc
— Health Department CG (@HealthCgGov) December 27, 2020
केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और फिटनेस प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की वैधता को बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 तक कर दिया है। इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी, जिनके इन दस्तावेजों की मियाद एक फरवरी, 2020 को समाप्त हो गई थी, लेकिन महामारी के कारण नवीनीकरण आदि की आवश्यक कार्यवाही नहीं कर सके थे।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कोरोना महामारी के कारण चौथी बार यह वैधता बढ़ाई है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने वैधता बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 की थी। मंत्रालय ने रविवार को कहा, इस फैसले से नागरिकों को सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए परिवहन से संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान आम लोगों को राहत प्रदान करते हुए सरकार ने अगस्त में मोटर व्हीकल से जुड़े सभी दस्तावेजों की वैधता बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दी थी। इसके तहत फिटनेस प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण (आरसी) समेत प्रमुख दस्तावेज शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल प्रभाव से इन नियमों को लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी वाहन चालक का परेशान न किया जाए। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के दस्तावेजों को 31 मार्च 2021 तक वैध मानने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों को सलाह दी गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कमर्शियल वाहन मालिकों ने सरकार से कुछ रियायत देने की मांग की थी। उनका कहना था कि सरकार ऐसे वाहनों के लिए थोड़ी राहत प्रदान करे, जो व्यावहारिक समस्या के चलते अभी सड़क पर नहीं उतर रहे हैं। इनमें स्कूल बस ऑपरेटर भी शामिल हैं।










