जांजगीर। छत्तीसगढ़ में अगला सरकारी मेडिकल कॉलेज जांजगीर-चाम्पा जिले में खोला जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय जांजगीर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस आशय की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने आज जिले की जनता को 1083 करोड़ रुपये के 1255 विकास कार्यों की सौगातें दी है। इनमें 262 करोड़ रुपये के 419 विकास कार्यों का लोकार्पण और 821 करोड़ रुपये के 836 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 1051 हितग्राहियों को 1 करोड़ 12 लाख रुपये की सामग्री एवं चेक वितरित किये। श्री बघेल ने सम्मेलन में हसदेव नहर परियोजना के चन्द्रपुर क्षेत्र की तीन नहरों के संधारण कार्यों की स्वीकृति की घोषणा भी की । किसान सम्मेलन की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने की। विशेष अतिथि के रूप में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव, स्कूल शिक्षा और आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री प्रेमसिंह टेकाम, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत विधायक रामकुमार यादव, श्रीमती इंदु बंजारे और केशव प्रशाद चंद्रा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महती सभा में किसानों के प्रति किये गये अपनी सरकार के वायदों को फिर से दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान का दाम प्रति क्विंटल 2500 रूपये के हिसाब से दे रही है। उन्होंने आगे भी इस जारी रखने का वचन दोहराया। इनमें समर्थन मूल्य के 1868 रूपये की राशि के साथ ही अंतर की राशि को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत दी जा रही राशि किसानों को धान उत्पादन के लिए बोनस नहीं बल्कि उनकी मेहनत के प्रति सम्मान स्वरूप दे रही है। प्रति एकड़ 10 हजार रूपये के हिसाब से यह राशि आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों में खेती के प्रति उत्साह बढ़ा है। इतनी बड़ी राशि मिलने से उनमें समृद्धि भी आई है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिला है। यहां तक कि किसानों और ग्रामीणों की बदौलत ही हमने आर्थिक मंदी का भी सफलता के साथ मुकाबला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा दिनों-दिन हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य खरीदी के दायरे में ला रहे हैं। आज से दो साल पहले हमने 83 लाख मीटरिक टन धान खरीदी किये थे। लेकिन इस साल 87 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य रखा है। अब तक लगभग 54 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों की बहुतायत वाला प्रदेश है। उनकी मजबूती में ही राज्य का विकास निहित है। श्री बघेल ने कहा कि कोरोना काल की कठिन चुनौती के बावजूद भी हमने विकास कार्य की गति धीमी होने नहीं दी। एक तरफ जहां सांसद निधि और वेतन कटौती जैसी अन्य उपाय कई सरकारों ने किये, लेकिन हमनें इन सभी से छत्तीसगढ़ को अछूता रखा। विधायक निधि के 2 करोड़ सहित तमाम विकास के कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। हजारों करोड़ रूपये के विकास कार्यों को गति देने के लिए ही हमने जिलों का सघन दौरा करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती किसानी और तीज तिहार के उचित मौके पर ही हमने लोगों को राशि उपलब्ध कराई है। तीन किश्त अब तक दिये जा चुके हैं। चैथी किश्त चालू वित्तीय वर्ष में वितरित करा दी जाएगी। श्री बघेल ने कहा कि एफसीआई द्वारा चावल उपार्जन की अनुमति इस साल विलंब से मिली है। आम तौर पर धान खरीदी की शुरूआत में ही अनुमति मिल जाया करती हैैैै। मुख्यमंत्री ने जांजगीर जिले के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा धान का उत्पादन इसी जिले से होता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता, बिसाहूदास महंत जैसे हमारे महान पुरखों की दूर-दर्शिता के वजह से जांजगीर आज राज्य के सर्वाधिक सिंचित जिले में शुमार है। हसदेव नहर परियोजना का जांजगीर जिले में विस्तार का श्रेय इन्ही राजनेताओं को जाता है। इसका लाभ उठाकर जिले के किसान समृद्ध और खुशहाल हो रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि धान बेचकर फटफटी खरीदने की बात अब पुरानी हो गई। गोबर बेचकर फटफटी खरीदने का नया चलन अब शुरू हो गया है। गोधन न्याय योजना की सफलता का यह कमाल है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य के सभी 11 हजार ग्राम पंचायतों में गौठान बनाये जाएंगे। अब तक 7400 स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 4100 में गोबर खरीदी का काम हो रहा है। ये गौठान केवल गाय एवं बैलों के आरामगाह नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए संपूर्ण आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित किये जाएंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री का अपने गृह जिले में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों, मजदूरों सहित नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का मौके पर हाल-चाल जानने के लिए सभी जिलों का सघन दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे अफसरों से आत्मीय वातावरण में बात करते हैं। यह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों के प्रयासों से जांजगीर जिले में सर्वाधिक सिंचाई और नहरों का जाल फैला हुआ है। पिछले साल के 7.86 लाख मीटरिक टन से इस साल ज्यादा धान के आवक का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जांजगीर जिले से अनेक युवा अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों मे रहते हैं। उन लोगों तक छत्तीसगढ़ के नरवा, गरवा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के पुर्नजागरण की गुंज सुनाई देती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जांजगीर जिले प्रभारी मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने पिछले दो साल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल किये हैं। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में तो सरकार को प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण अब घटने लगा है। अब केवल 5 प्रतिशत लोग ही कोरोना पाॅजीटिव मिल रहे हैं। उन्होंने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों के की मांग पर मेडिकल काॅलेज खोलने की मांग पर सहमति जताई और अनुशंसा सहित प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा मेडिकल काॅलेज खोलने की अनुमति केन्द्र सरकार द्वारा दी जाती है। विधायक रामकुमार यादव, केशव प्रसाद चन्द्रा और श्रीमती इंदु बंजारे ने भी समारोह को सम्बोधित किया। जिला कलेक्टर यशवन्त कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विगत दो सालों मे राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के अंतर्गत हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यसभा के पूर्व सांसद रामाधार कश्यप, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, चुन्नीलाल साहू, चैनसिंह सामले, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण किसान उपस्थित थे।
रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में एक महीने में ही कुल पंजीकृत 21.48 लाख किसानों में से आधे से ज्यादा किसान अपना धान बेच चुके हैं। धान खरीदी के लिए अभी 25 दिन बाकी है। खरीफ वर्ष 2020-21 में गतवर्ष की तुलना में अधिक धान खरीदी होने का अनुमान है। राज्य सरकार द्वारा अब तक धान खरीदी के लिए 3 लाख 30 हजार गठान बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। भारत सरकार से जनवरी 2021 में धान खरीदी के लिए 35 हजार गठान नये जूट बारदानों की अतिरिक्त आपूर्ति करने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। किसानों से खरीदे गए धान का ऑनलाईन भुगतान उनके खातों में निरंतर किया जा रहा है। राज्य में कुल पंजीकृत 21 लाख 48 हजार किसानों में से अब तक 14 लाख 31 हजार किसानों से 55 लाख 32 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। राज्य के मिलरों को 17 लाख 34 हजार मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। मिलरों द्वारा 14 लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी में राज्य के किसानों को कोई असुविधा नही होने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी शुरू होने से पहले ही खरीदी के लिए बारदाना, चबूतरा निर्माण, किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था खरीदी केन्द्रों में किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान खरीदी के लिए 3 लाख 50 हजार गठान बारदानें उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को आपूर्ति की जाने वाली बारदानें में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। अब तक राज्य को केवल एक लाख 9 हजार गठान बारदानें ही प्राप्त हुए है। भारत सरकार द्वारा बारदानों की आपूर्ति में भारी कटौती करने के कारण राज्य में धान खरीदी प्रभावित न हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 70 हजार गठान एचडीपीई, पीपी बारदाने अपने स्तर पर क्रय किए गए हैं। राज्य शासन द्वारा बारदाने की कमी को ध्यान में रखते हुए 30 हजार गठान एचडीपीई, पीपी के नये बारदानों का पुनः उपयोग करने की अनुमति कलेक्टरों को दी गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन के जरिए पीडीएस एवं मिलर के पुराने बारदानों के शत प्रतिशत संग्रहण के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बारदानों की संभावित कमी को देखते हुए किसान बारदानों के साथ समिति के पुराने जूट बारदानों में भी धान खरीदी की अनुमति दी गई है। अब तक लगभग 16 हजार गठान किसानों के बारदाने एवं 114 गठान समिति के बारदानों में खरीदी की जा चुकी है। किसानों को उनके बारदानों का 15 रूपए प्रति बारदाना की दर से भुगतान किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा बारदानों की संभावित कमी की पूर्ति के लिए नये जूट बारदानों की अतिरिक्त मांग के साथ अन्य वैकल्पिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।
धमतरी । दिमागी हालत ठीक नहीं होने पर गुरुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक युवक ने अग्नि स्नान कर लिया जिसकी इलाज के दौरान धमतरी जिला अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पिकरीपार थाना गुरुर निवासी रोशन लाल साहू 32 वर्ष पिता शंकरलाल की चार-पांच वर्षों दिमागी हालत ठीक नहीं थी। जिसका इलाज दुर्ग भिलाई में चल रहा था। सोमवार की दोपहर घर में अकेले होने के बाद उसने पूजा कमरे में जाकर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा ली। जिसे 108 संजीवनी एंबुलेंस से जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई। बताया गया कि इसके पूर्व में भी जहर सेवन और फांसी लगाकर दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था।
धमतरी, नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं करने पर एक नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई है। मगरलोड में संचालित नर्सिंग को सील कर दिया गया है। पुन: अनुमति लेने के बाद ही उसे खोला जाएगा।
धमतरी जिले में संचालित नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथालॉजी लैब के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग होम एक्ट का पालन करवाया जाता है। जिसमें एक्ट के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। हालांकि कई नर्सिंग होम में अभी भी इस एक्ट का पालन नहीं किया जाता है। ऐसे ही मगरलोड के एक नर्सिंग होम के बिना अनुमति के चलने की शिकायत मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को मिली। जानकारी मिलने के बाद जब सीएमएचओ ने वहां जांच टीम भेजी तो पाया कि अनुमति तिथि समाप्त हो गई है।
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि जिले में 28 नर्सिंग होम संचालित हैं। जिन्हें नर्सिंग होम एक्ट का पालन करना अनिवार्य होता है। जानकारी मिलने पर जांच टीम मगरलोड गई, जिसकी अनुमति नहीं थी। पहली कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है। जब संचालक की ओर से अनुमति ली जाएगी, तब उसे खोल दिया जाएगा। वर्ष में दो बार निरीक्षण किया जाता है। पहला आवेदन के बाद अस्थायी अनुमति देने के लिए और दूसरा कोई कमी होने के बाद जब नर्सिंग होम संचालक उसे पूरा करते हैं, तो स्थायी के लिए किया जाता है। सभी नर्सिंग होम को एक्ट का पालन करना अनिवार्य है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बिलासपुर प्रवास के दौरान दिनांक 04 जनवरी 2021 को न्यू सर्किट हाउस, बिलासपुर में क्षेत्रिय विधायक शैलेष पाण्डेय एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तैयब हुसैन के बीच हुये घटना को गंभीरता से लेते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
जांच समिति में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चुन्नीलाल साहु, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल, महामंत्री पियुष कोसरे है।
समिति के सदस्यों से आग्रह है कि वे तत्काल बिलासपुर का दौरा कर उपरोक्त घटना के प्रत्यक्षदर्शियों संबंधित पदाधिकारियों से भेंट एवं चर्चा कर घटना की वस्तूस्थिति से अवगत होकर 3 दिवस के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करें।
रायपुर, नगर निगम विभाग की टीम ने जोन 10 के तहत आने वाले बोरियाखुर्द मार्ग के समीप निजी स्कूल के पास लगभग 9 एकड निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को अभियान चलाकर कारगर रोक लगाने कार्यवाही की।
भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर कारगर रोक लगा अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्ता के बनाई गयी मुरम रोड को थ्रीडी की सहायता से काटने और आवागमन को बाधित करने का कार्य किया गया। इसके साथ ही वहाँ अवैध प्लाट कटिंग करने निर्मित की गयी अवैध प्लीन्थ को थ्री डी से काटकर हटाने की अभियान के अंतर्गत कार्यवाही की गयी।
उक्त निजी भूमि के वास्तविक भूमि स्वामी के बारे में जानकारी शीघ्र देने तत्काल निगम जोन 10 के नगर निवेश विभाग ने रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। तहसीलदार रायपुर कार्यालय से वास्तविक भूमि स्वामी की जानकारी मिलते ही संबंधित भूमिस्वामी अवैध प्लाटिंगकर्ता नागरिक पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्यवाही करवाने संबंधित पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी राज्य सरकार द्वारा की जा रही धान खरीदी को रोकने का षड्यंत्र रच रहे है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को मिल रही सहायता को धान के बोनस के रूप में प्रस्तुत कर केंद्र को गुमराह कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेताओ के दबाव के कारण ही केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से लिए जाने वाले सेंट्रल पुल के चावल में कटौती कर दी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से पूछा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के सेंट्रल पुल के कोटे में की गई कटौती पर उनका क्या मत है। भाजपा नेता मोदी सरकार के कदम से सहमत है या नही । भाजपा नेता बताए कि राज्य में किसानों के लिए चलाई जा रही राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को मिल रही 10000 रूपए प्रति एकड़ की सहायता का भाजपा विरोध क्यो कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि धान खरीदी के मामले में रमन सिंह और भाजपा का किसान विरोधी चरित्र एक बार फिर से सामने आया है। एक तरफ कांग्रेस किसानों से किए गए अपने वायदे को पूरा करने के लिए कांग्रेस सरकार और भूपेश बघेल लगातार प्रयास कर रहे दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी किसानों को मिल रही सहायता रोकने में लगी है। किसानों को धान का पूरा कीमत न मिले, किसानों को राजीव न्याय योजना में 10000 न मिलने पाए किसानों की धान खरीदी न हो पाए भाजपा इस षड्यंत्र में लगी हुई है । भाजपा के नेता कांग्रेस से अपनी राजनैतिक दुश्मनी भुनाने अन्नदाताओं के विरोध में खड़े हो गए है।
रायपुर, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष ने निगम का काम संभालने के बाद अपने पहले विस्तृत बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के मुताबिक निगम स्कूली बच्चों को निःशुल्क मिलने वाली किताबों की उत्कृष्टता बढ़ाने की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ निगम क्वालिटी और किफायत दोनों को साथ लेकर चल रहा है।
श्री त्रिवेदी ने इस वर्ष के लिए छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा किए गए सुधार, और बेहतरी की कोशिशों की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार किताबों का कागज बीते बरसों के मुकाबले बेहतर रहेगा ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी अधिक सफेद कागज पर छपी किताबें मिलें। इसके साथ-साथ इस कागज में आर-पार झांई (पारदर्शिता) भी कम रहेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कागज खरीदी में पिछले बरस तक के 85 फीसदी ब्राइटनेस की तुलना में 90 फीसदी ब्राइटनेस, और 80 फीसदी ओपेसिटी के मुकाबले 90 फीसदी ओपेसिटी का कागज लिया जा रहा है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस वर्ष के तीनों टेंडर, कागज खरीदी, पुस्तक छपाई, एवं अन्य विविध छपाई, हो चुके हैं और स्थानीय जीएसटी पंजीयन की शर्त की वजह से राज्य शासन को जीएसटी के रूप में एक बड़ी राशि प्राप्त होगी। अब तक यह शर्त नहीं थी।
कागज की खरीदी में इस वर्ष निगम बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) के पैमानों पर खुला टेंडर करके कागज खरीदी कर रहा है। बीते बरसों में 4-5 फर्में ही कागज सप्लाई टेंडर में भागीदारी करती थीं, जबकि इस वर्ष 14 फर्मों ने हिस्सा लिया है। पर्यावरण के हित में इस वर्ष निगम ने वर्जिन वुड पेपर के बजाय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के मापदंड के अनुसार कागज के उपयोग का निर्णय लिया है।
इस बार के किताबों के कवर के लिए 220 जीएसएम पेपर के बजाय 250 जीएसएम का कवर पेपर लगाया जा रहा है जिससे किताबें ज्यादा सुरक्षित रहेंगी।
शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि पिछले बरसों में विविध-मुद्रण के तहत सालाना करीब सौ करोड़ का काम निगम द्वारा होता था, इस वर्ष इसके रेट काफी कम हुए हैं जिससे पिछले वर्ष जितना काम होने पर 10 से 20 करोड़ की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि अब तक छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम किताबों की छपाई के लिए प्रिंटर्स को पॉजिटिव बनाकर देता था जिसमें करीब एक करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होता था। इस बार निगम ने टेंडर की शर्तों से पॉजिटिव हटा दिया है और डीवीडी पर मुद्रण सामग्री देकर सीटीपी से बेहतर क्वालिटी की प्लेट बनवाकर छपाई की शर्त जोड़ी है। निगम ने प्रिंटरों से काफी मोल-भाव करके टेंडर की दरों को कम करवाया है। अलग-अलग किताबों के स्लैब में बीते बरसों के मुताबिक 9 से 14 फीसदी तक ही रेट बढऩा मंजूर किया गया है, और इसके एवज में पॉजिटिव बनाने का खर्च हटेगा और छपाई की क्वालिटी में गुणात्मक सुधार होगा।
श्री त्रिवेदी ने बताया कि पिछले वर्ष कागज 68900 रुपये प्रति टन की रेट पर लिया गया था, इस वर्ष उसी कंपनी से 65990 रुपये प्रति टन पर खरीदा जा रहा है। इस बार का कागज अधिक सफेद है, और उसकी पारदर्शिता कम रहेगी जिससे कि बच्चों को पढऩे में आराम रहेगा। इस खरीदी में 3 करोड़ से अधिक की बचत हो रही है। निगम ने कागज पर निगम के वाटरमार्क के साथ-साथ पेपर मिल के नाम को भी देने की शर्त भी रखी है जिससे मिलों को अपने कागज की क्वालिटी के प्रति अधिक सचेत रहना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के मुख्यालय एवं संबंधित डिपो में निजी सुरक्षा एजेंसी की जगह पर भूतपूर्व सैनिकों को रखा गया है जिससे छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने कर्मचारियों को दी जाने वाली लंबित प्रोत्साहन राशि जारी कर दी है, और निगम के कर्मचारियों को पदोन्नति और समयमान वेतनमान का काम भी किया है।
पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने यह कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार निगम अपने लाभांश की राशि में से शैक्षिक मद के अंतर्गत राज्य के सरकारी स्कूलों और वाचनालयों के लिए किताबें तैयार करवा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप भारत के संविधान और संविधान के अंतर्गत प्रस्तावना मूल अधिकार कर्तव्य की जानकारी स्कूली छात्रों को देने के लिए पाठ्यपुस्तक निगम पुस्तकों का मुद्रण कराने जा रहा है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीजी छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित अनेक विषयों पर केंद्रित किताबें तैयार करवाकर छपवाकर बच्चों के अध्ययन को बेहतर बनाना चाहते हैं और निगम अपने लाभांश की राशि में से इस काम को आने वाले बरसों में करेगा ताकि छात्रों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और महत्वपूर्ण विभूतियों की जानकारी मिल सके। स्कूलों की लाइब्रेरी और वाचनालय समृद्ध और संपन्न हो सकें।
5 फर्मो को पाठ्यपुस्तक निगम ने डाला काली सूची में :
पाठ्यपुस्तक निगम ने (1) मेसर्स टेक्नो प्रिंट्स, रायपुर (2) मेसर्स प्रगति प्रिंटर्स, रायपुर (3) मेसर्स रामराजा प्रिंटर्स, रायपुर (4) मेसर्स श्रीराम प्रिंटर्स, (5) मेसर्स शारदा ऑफसेट प्रिटर्स प्रा.लिमि. इन 5 फर्मो की काली सूची में डालने का निर्णय लिया है।
प्राप्त शिकायतों का बिन्दुवार गहन परीक्षण निगम स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किया गया।
इसी प्रकार मेसर्स शारदा ऑफसेट प्रिंटर्स प्रा.लिमि. रायपुर के विरूद्ध शिक्षा सत्र 2020-21 में जमा की गई 20 लाख की बैंक गारंटी के संबंध में विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसकी तथ्यों की समीक्षा एवं संबंधित बैंकों से प्राप्त सूचना अनुसार मुद्रक द्वारा की गई अनियमितता के विरूद्ध निगम द्वारा मेसर्स शारदा ऑफसेट प्रिंटर्स प्रा.लिमि. रायपुर तीन वर्षों के लिए सूचीबद्ध (Black Listed) में डाला गया है।
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम में कार्यरत मुद्रकों क्रमशः (1) मेसर्स टेक्नो प्रिंट्स, रायपुर (2) मेसर्स प्रगति प्रिंटर्स, रायपुर (3) मेसर्स रामराजा प्रिंटर्स, रायपुर (4) मेसर्स श्रीराम प्रिंटर्स, रायपुर द्वारा शिक्षा सत्र 2020-21 की पाठ्यपुस्तक मुद्रण निविदा में भाग लिया गया था। निविदा में प्राप्त दरों अनुसार ये सभी एल-1 दर के मुद्रक थे तथा इनके द्वारा पाठ्यपुस्तक मुद्रण कार्य करने हेतु सहमति के साथ निगम से अनुबंध किया गया था। पाठ्यपुस्तक मुद्रण की निर्धारित समय-सीमा एवं मुद्रण क्षमता अनुरूप इनके द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया जाकर शेष मुद्रण कार्य निगम को वापस कर दिया गया, जिसे निगम को अन्य मुद्रकों को आबंटित करना पड़ा। तद्नुसार एल-1 मुद्रक होने पर भी आबंटित मुद्रण कार्य को करने से मना करने के संदर्भ में मुद्रण निविदा में उल्लेखित शर्तां के अनुरूप क्रमशः 1) मेसर्स टेक्नो प्रिंट्स, रायपुर (2) मेसर्स प्रगति प्रिंटर्स, रायपुर (3) मेसर्स रामराजा प्रिंटर्स, रायपुर (4) मेसर्स श्रीराम प्रिंटर्स, रायपुर को निगम द्वारा तीन वर्षों के लिए सूचीबद्ध (Black Listed) में डाला गया है।
रायपुर । राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीन देने की तैयारी जोरो पर है। इसके लिए चुनिंदा जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्राइ रन यानी पूर्वाभ्यास भी किया गया है। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर आमजन अब थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी भी अधिकांश के मन में टीकाकरण के प्रति कई सवाल भी है। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हुए एक पुस्तिका जारी कर टीकाकरण से संबंधित आंशकाओं व भ्रांतियों को भी दूर किया है।


कांकेर । कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा करते हुए रावघाट माइनिंग प्रभावित क्षेत्र के 22 गांवों के समग्र, विकास की योजना तैयार करने के लिए विभिन्न विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है। जिले के माइनिंग प्रभावित ग्रामों के बेरोजगार युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निर्देश देते हुए उन्होंने कहा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम गठित कर प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक बेरोजगार युवाओं का सर्वे किया जाए। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भी उनके संबंधित विभागीय अधिकारियेां को निर्देशित किया गया है।
कांकेर | जिले के पखांजुर पुलिस ने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर फेसबुक पर वायरल करने वाले को थाना पखांजूर के अपराध क्रमांक 157/20 धारा 509 (ख), 66(ई), 67(ए) आईटी एक्ट के तहत आरोपी हरिदास पिता गोलक दास उम्र 23 वर्ष निवासी मलकानगिरि उड़ीसा को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है।
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आरोपी अपने को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बात कर अलग-अलग नाम के फेसबुक एकांउट से कई युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लेक मेल करता था। युवती के मना करने पर अश्लील वीडियो वायरल कर दिया था। आरोपी ने फर्जी नाम से बने के फेसबुक एकाउंट के फ्रेंड लिस्ट में 04 हजार युवतियां को शामिल कर रखा था।
जगदलपुर | किरंदुल-कोत्तावालसा लाइन पर एक बड़ा हादसा हो गया है। ब्रेक फेल होने की वजह से मालगाड़ी के 24 डिब्बे पटरी से उतार गए और ट्रेन लूप लाइन पार करते हुए खेत में जा घुसी।
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हादसे में मालगाड़ी के 24 डिब्बे और 3 इंजन पटरी से उतरे हैं। इसके चलते ट्रेन का लोको पायलट भी चोटिल हो गया है। दोहरी लाइन होने से रेलों की आवाजाही जारी है। इस कारण रेल आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
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जानकारी के मुताबिक, मालगाड़ी दंतेवाड़ा के किरंदुल से लौह अयस्क भरकर विशाखापट्नम जा रही थी। इसी दौरान डिलमिली रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई। बताया ढलान के कारण मालगाड़ी की गति तेज थी और ट्रैक से करीब 25 फीट दूर तक पटरी किनारे सूखे खेतों में पहुंच गई। जा रहा है कि मालगाड़ी का ब्रेक फेल हो गया था। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
एक सप्ताह में दूसरा हादसा
रेलवे की ओर से मालगाड़ी को पटरी पर लाने का प्रयास जारी है। अभी तक डिब्बे हटाए नहीं जा सके हैं। दुर्घटना के आधा घंटा पहले इसी लूप लाइन से होकर विशाखापट्नम- किरंदुल एक्सप्रेस ट्रेन गुजरी थी। पिछले एक सप्ताह में किरंदुल- कोत्तावालसा रेललाइन पर यह दूसरी दुर्घटना है। 29 दिसंबर को ओडिशा के कोरापुट सेक्शन में जरती- मल्लीगुड़ा स्टेशनों के बीच सुरंग में मालगाड़ी के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।
बीजापुर | नक्सलियों के विरुद्ध सुरक्षाबलों की कार्यवाही जारी हैं, इसी बीच आज तड़के पुलिस और माओवादी के बीच मुठभेड़ हुआ हैं। मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख माओवादी भाग खड़े हुए। मुठभेड़ गंगालूर थानाक्षेत्र के हिरमागोंडा के जंगलों में हुआ हैं।
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बता दे, घटनास्थल से 1 बंदूक, तीर धनुष के साथ बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार ज़िला पुलिस बल, कोबरा और सीआरपीएफ के जवानों का नक्सलियों से मुठभेड़ हुआ था। फिलहाल जवानों द्वारा इलाके की सर्चिंग जारी हैं। पूरे घटना की पुष्टि एसपी कमलोचन कश्यप ने की हैं।

















