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 राजधानी रायपुर के सतलज होटल में छापे मार कार्यवाई: शराब बेचते होटल मैनेजर गिरफ्तार

राजधानी रायपुर के सतलज होटल में छापे मार कार्यवाई: शराब बेचते होटल मैनेजर गिरफ्तार

रायपुर। लॉक डाउन के बीच छत्तिसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक खबर सामने आ रही है जहां पुलिस ने एक होटल में छापे मार कार्यवाई की है आपको बता दे की कचहरी चौक स्थित होटल सतलज में पुलिस ने छापामार कार्रवाई की है। पुलिस ने होटल में शराब बेचने के आरोप में मैनेजर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मौदहापारा थाना पुलिस ने की है।

जानिए पूरी खबर-
बता दे की पुलिस को सूचना मिली थी कि लॉकडाउन के चलते चोरी छिपे होटल में शराब बेचा जा रहा है। इस सूचना के बाद पुलिस ने सतलज होटल पर छापा मारा। मौके पर शराब बेचते पकड़ा गया। पुलिस ने होटल के मैनेजर कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही होटल से 9 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की गई।

कोतवाली सीएसपी देवचरण पटेल के मुताबिक सूचना प्राप्त हुई थी कि कचहरी चौक के होटल सतलज में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सूचना के आधार पर छापेमार कार्रवाई कर होटल से 9 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की गई। मैनेजर कृष्ण कुमार के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तार किया गया है।
 
कोरोना संक्रमण: संदिग्धों की जांच के लिए 75 हजार टेस्ट किट का आर्डर

कोरोना संक्रमण: संदिग्धों की जांच के लिए 75 हजार टेस्ट किट का आर्डर

रायपुर। राज्य में जल्द ही कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा। इसके लिए रैपिड टेस्ट किट का आर्डर दिया जा चुका है, जल्द ही संदिग्धों की जांच की जाएगी। 

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को जड़ से खत्म करने तथा इस पर पूरी तरह से नियंत्रण के लिए राज्य शासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। राज्य शासन के त्वरित फैसले और ठोस निर्णय से आज छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना मुक्त राज्य की श्रेणी में सबसे आगे है। राज्य पूरी तरह से संक्रमण मुक्त रहे, इसके लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्धों का रैपिड टेस्ट कराने का निर्णय किया है। इसके तहत राज्य के लिए प्रथम चरण में 75 हजार रैपिड टेस्ट किट का आर्डर किया जा चुका है। यह किट जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर संदिग्धों की जांच कराएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि इनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी आमजनों से अपील की है कि सूंघने की शक्ति में कमी आने, भूख कम लगने, सूखी खांसी, सर्दी के साथ बुखार आने जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर अपना स्वास्थ्य जांच कराएं। ज्ञात हो कि राज्य कोरोना मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ गया है। वर्तमान में राज्य में केवल दो मरीज इससे पीडि़त हैं। इनमें से एक जो कटघोरा से सबसे पहले लाया गया था उसकी स्थिति सामान्य बनी हुई है, चिकित्सकों ने इसके जल्द स्वस्थ्य होने की उम्मीद जताई है।
छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन हटेगा या नहीं 12 के बाद होगा निर्णय: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन हटेगा या नहीं 12 के बाद होगा निर्णय: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

11 को पीएम से होगी वीडियो कान्फे्रंस
12 को कैबिनेट के साथ ही आला अफसरों के साथ होगी बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन बढ़ाना है अथवा नहीं इस बात का फैसला 11 अपै्रल को प्रधानमंत्री से होने वाले वीडियो कान्फे्रसिंग और इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लिया जाएगा। 

मुख्मयंत्री भूपेश बघेल ने आज एक वीडियो कान्फे्रंस में उक्त ऐलान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अपै्रल को देश के सभी मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फे्रंसिंग कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने वाले हैं। इस वीडियो कान्फे्रंस के बाद वे स्वयं अपने मंत्रिमंडल व आल अफसरों के साथ एक बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से वे 14 अपै्रल के बाद छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को बढ़ाने अथवा खत्म करने के विषय में चर्चा करने वाले हैं। कैबिनेट सदस्यों व वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त सुझावों पर मंथन होगा और इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।  

सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश के हालात और वर्तमान स्थिति पर हर तरीके से चर्चा करेंगे। हमारी तैयारी, क़ानून व्यवस्था, राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने, वर्तमान परिस्थितियों का आंकलन करने, प्राप्त परिणामों के विश्लेषण करने, भविष्य में इससे क्या हो सकता है, जैसे सभी विषयों पर गंभीरता से मंथन होगा। इसके बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन आगे बढ़ाया जाएगा अथवा कम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि राज्य के ऐसे जिले जहां हालात सामान्य हैं, उन्हें राहत दी जा सकती  है। यह सारा निर्णय अब 12 अपै्रल को होने वाले बैठक के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को पूरी सुविधा देने तथा जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरी तरह से कार्यरत है। लॉकडाउन की अवधि में अभी तक प्रत्येक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई गई है। यही नहीं प्रदेश के लोग जो अन्य राज्यों में फंसे हैं, उन्हें भी संबंधित राज्य के अधिकारियों से संपर्क कर पूरी मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में जितने भी संदिग्ध मिले हैं, उन्हें तत्काल क्वारंटाईन किया गया है। राज्य में अब तक कोरोना पीडि़तों के 11 मामले सामने आए हैं, इनमें से 9 पूर्ण स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं, वर्तमान में केवल दो मरीजों का उपचार चल रहा है। 
वन विभाग की छापा मार कार्यवाही: लाखो की अवैध लकड़ी बरामद

वन विभाग की छापा मार कार्यवाही: लाखो की अवैध लकड़ी बरामद

गरियाबंद। लकड़ी तस्करी के मामले में एक आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद आज वन विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने छापामार कर 1 लाख से अधिक अवैध लकड़ी जब्त की है।


जानकारी के अनुसार गरियाबंद वन परिक्षेत्र के संबलपुर में वन विभाग की टीम ने आज दबिश देकर अवैध लकड़ी जब्त की है। जब्त की गई लकडिय़ों की कीमत 1 लाख से ज्यादा की बताई जा रही है। इस मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।

वहीं अवैध लकड़ी के कारोबार का खुलासा होने के बाद जल्द ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होगी। बता दें कि वन विभाग की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आज इसका खुलासा किया है।
नलों से आ रहा गंदा पानी: विधायक विकास उपाध्याय ने जोन कमिश्नर के साथ किया कई वार्डों का दौरा

नलों से आ रहा गंदा पानी: विधायक विकास उपाध्याय ने जोन कमिश्नर के साथ किया कई वार्डों का दौरा

रायपुर। रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने क्षेत्र में आ रहे गंदे पानी की शिकायत पर विधायक विकास उपाध्याय ने त्वरित कदम उठाते हुए आज जोन कमिश्रर के साथ क्षेत्र के कई वार्डों का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। 


विधायक श्री उपाध्याय ने क्षेत्र की जनता द्वारा नलों से गंदा पानी और पीलिया जैसे घातक बीमारी के अंदेशा के मद्देनजर इस समस्या का  त्वरित समाधान ढूंढने आज नगर निगम जोन कमिश्नर दिनेश कोसरिया एवं जोन पांच के कमिश्नर के साथ अपने क्षेत्र के कई वार्डों का दौरा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और आमजनों से प्रत्यक्ष मुलाकात की। विधायक श्री उपाध्याय आज सुबह क्षेत्र के आमापारा, स्वीपर कालोनी,समता कालोनी,चौबे कालोनी,मेक कॉलेज के पास,आजाद चौक,मंगल बाजार,जनता कालोनी,एकता नगर,बम्लेश्वरी नगर,पहाड़ी चौक,आदर्श नगर,अम्बेडकर नगर,मुर्रा भट्टी,तिलक नगर पानी टंकी, विकास नगर, अशोक नगर, मंगल बाजार, गुढिय़ारी आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ज्ञात हो कि कुछ दिनों पूर्व ही विधायक श्री उपाध्याय ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र के  आमापारा, स्वीपर कालोनी में स्वास्थ्य कैम्प कर वार्ड में आ रहे गंदे पानी की समस्या को दूर कराया था। आमजनों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वे आज पुन: आमापारा, स्वीपर कालोनी के साथ अन्य वार्ड का दौरा कर स्थिति का आंकलन किया। निरीक्षण के दौरान उपाध्याय ने निगम अधिकारियों से गंदे पानी की समस्या का त्वरित निराकरण कराने का भी निर्देश दिया है। 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आमजनों की समस्याओं को भी गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को इसके जल्द निराकरण का निर्देश भी दिया। उपाध्याय ने आज मेक कॉलेज के पास, आमापारा, स्वीपर कालोनी,समता कालोनी, चौबे कालोनी, रामकुंड, तिलक नगर पानी टंकी, जनता कालोनी, एकता नगर, बम्लेश्वरी नगर, आदर्श नगर, पहाड़ी चौक, अम्बेडकर नगर,विकास नगर,अशोक नगर,मुर्राभट्टी,गुढिय़ारी का किया गया निरीक्षण एवं निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द से जल्द आरहे गंदे पानी की समस्या को हल करने कहा जिससे आम जनता को स्वस्छ एवं साफ  पानी मिल सके ।
जंगली सूअर के हमले से आधा दर्जन ग्रामीण घायल, स्थानीय चिकित्सालय में घायलों को कराया गया भर्ती

जंगली सूअर के हमले से आधा दर्जन ग्रामीण घायल, स्थानीय चिकित्सालय में घायलों को कराया गया भर्ती

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के ग्राम घुटुरकुंडी, कांपादाह, लोरमी रोड, थाना पंडरिया मैं जंगली सुअर के हमले से करीब आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हो गए हैं घायलों को उपचार के लिए संजीवनी 108 की मदद से स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।


बताया जाता है कि स्थानीय ग्रामीण आपने विशेष जरूरत कार्यों की सामग्री जुटाने के लिए के लिए जंगल की ओर गए थे अभी जंगली सूअर की झुंड ने उनपर हमला कर दिया। मौके पर पंडरिया की 108 संजीवनी एक्सप्रेस पहुंची , ईएमटी  बृजभूषण साहू और पायलट आशिष मसीह ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया पहुंचाई। 
 बीड़ी मांगने के विवाद पर युवक को मारा चाकू, मामला दर्ज

बीड़ी मांगने के विवाद पर युवक को मारा चाकू, मामला दर्ज

रायपुर। लॉकडाउन के बावजूद भी पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में आपराधिक तत्वों के हौसले अभी तक नहीं टूटे हैं। मिली जानकारी के अनुसार राजेश नरेश आयु 38 वर्ष पिता वेदराम लहरे निवासी शीतला चौक भाठागांव को आरोपी विष्णु यादव 15 वर्ष पिता राजेंद्र यादव द्वारा बीड़ी मांगा गया। 17 वर्षीय बादल लहरे एवं राजेश लहरे द्वारा बीड़ी मांगने पर मना करने पर आरोपियों द्वारा प्रार्थी के पेट में चाकू मारकर सांघातिक हमला किया गया। उक्त मामले में आरोपी के खिलाफ आरोपियों के खिलाफ थाने ने आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
रायपुर के छोटे बच्चो ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराये अपने गुल्लक के 1770 रुपये, पढ़े पूरी खबर

रायपुर के छोटे बच्चो ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराये अपने गुल्लक के 1770 रुपये, पढ़े पूरी खबर

रायपुर। कोरोना वायरस (कोवीड-19) से नियंत्रण व् बचाओ के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है साथ ही सरकार 21 दिनों का लॉकडाउन भी कर दिया है। इस कड़ी में कई महान हस्तियों के साथ आम लोग भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की मदद के लिए सामने आ रही है। इसी को देखते हुए केंद्र की सरकार व् राज्य की सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष और प्रधानमंत्री राहत कोष की व्यवस्था की है जिसके द्वारा कोई भी जितनी भी राशि कोरोना संक्रमित को देना चाहता है वह उसमे जमा करा सकता है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी से एक खबर सामने आ रहे है की पुरानी बस्ती थाने के अंतर्गत कुशालपुर निवासी प्रमोद यादव के पुत्र ऐश्वर्य एवं पुत्री कुमारी वीरा यादव के द्वारा अपने भविष्य के लिए जमा किए हुए 1770 रुपए को कोराना वायरस से प्रभावित व्यक्तियों के सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने हेतु थाना प्रभारी पुरानी बस्ती के समक्ष अनुदान राशि जमा किये है ।   

लॉकडाउन में निजी स्कूलों द्वारा नहीं की जा सकेगी फीस की वसूली, राज्य सरकार द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी हुए निर्देश

लॉकडाउन में निजी स्कूलों द्वारा नहीं की जा सकेगी फीस की वसूली, राज्य सरकार द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी हुए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में लॉकडाउन के दौरान फीस वसूली पर रोक लगा दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में निजी स्कूलों से फीस वसूली स्थिगित करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

संचालक लोक शिक्षण ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निजी स्कूल लॉकडाउन की अवधि में स्कूल फीस वसूली स्थगित रखें, जिससे पालकों और बच्चों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि राज्य शासन को ऐसी सूचनाएं मिल रही है कि अनेक निजी शालाओं द्वारा लॉकडाउन की अवधि में भी स्कूल फीस जमा करने संबंधी संदेश पालकों को लगातर भेजे जा रहे है। लॉकडाउन की अवधि में स्कूल फीस भुगतान के लिए दबाव डालना उचित नहीं है। संचालक ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने सभी अधीनस्थ कार्यालयों और शालाओं को अवगत कराने तथा इसका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए राजधानी के मेकाहारा में हो सकेगी बेहतर व्यवस्था, जानिए पूरी खबर

कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए राजधानी के मेकाहारा में हो सकेगी बेहतर व्यवस्था, जानिए पूरी खबर

रायपुर। कोरोना पीडि़तों के ईलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा से युक्त हॉस्पिटल की जरुरत को देखते हुए राज्य शासन ने रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय, मेकाहारा को कोविड हॉस्पिटल में तब्दील किए जाने का निर्णय लिया है। इसे जल्दबाजी में बिना सोचे समझे लिया गया फैसला कहा जाना उपयुक्त नहीं है। इसके पीछे कई ऐसे कारण है जिसकी वजह से डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय, मेकाहारा को वर्तमान में कोविड हॉस्पिटल में कन्वर्ट कर कोरोना के खिलाफ जारी जंग को मजबूती से लड़ा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ शासन के अधीन डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय, मेकाहारा ही एक मात्र ऐसा हॉस्पिटल है, जहाँ आधुनिक चिकित्सा सुविधा के साथ ही 500 बेड का हॉस्पिटल एवं 100 बेड वाला आईसीयू उपलब्ध है। यहाँ योग्य चिकित्सकों की टीम व प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ भी उपलब्ध है।वर्तमान में राज्य के किसी भी शासकीय अस्पताल मे उपरोक्त सुविधा नही है। मेकाहारा में कोरोना संक्रमण का बेहतर इलाज़ आसानी से  कम खर्च में किया जाना संभव होगा।

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कोरोना के संक्रमण के बढऩे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अभी तक कोरोना को लेकर के जो स्थिति देश-विदेश में उभर कर सामने आई है, उसको देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कोरोना से संक्रमित मरीजों में से कम से कम 10 से 15 प्रतिशत मरीजों को आई सीयू में रखने की जरुरत पड़ेगी 7 यदि राज्य में एक समय में मरीज़ों की संख्या 500 के आसपास होती है तो कम से कम 75 से 100 मरीजों को आई सी यू  में रखना पड़ सकता है। मेकाहारा रायपुर के अलावा यह व्यवस्था राज्य के किसी अन्य हॉस्पिटल में उपलब्ध नहीं है। इन सब को ध्यान में रखते हुए मेकाहारा को फिलहाल ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ हॉस्पिटल में तब्दील किया जाना ज्यादा तर्क संगत है 7 मेकाहारा से शिफ्ट किए जाने वाले विभागों को इसके आसपास के ही चिकित्सालयों में संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि मरीज़ों को वहां तक पहुचने एवं ईलाज करने में किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।  

डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय मेकाहारा को अतिशीघ्र ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ हॉस्पिटल के रूप में शुरू कराए जाने के मद्देनजऱअब यहां नए मरीज भर्ती नहीं किए जाएंगे। मेकाहारा का स्त्री रोग विभाग डॉक्टरों, नर्सों, तक्नीशियनों एवं अन्य स्टॉफ तथा उपकरणों सहित पंडरी स्थित जिला चिकित्सालय से संचालित होगा साथ ही कालीबाड़ी स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल का भी पूर्ववत उपयोग किया जाएगा। 

डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय, मेकाहारा में कोविड-19 अस्पताल संचालित होने के दौरान शिशु रोग विभाग को शांतिनगर स्थित एकता अस्पताल स्थानांतरित किया जा रहा है। शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष अपने सभी स्टॉफ एवं उपकरण सहित एकता अस्पताल से कार्य संपादित करेंगे। 
 
डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल का ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, एनिस्थिसिया, रेडियोलॉजी एवं प्रशासनिक विभाग वहां यथावत कार्य करते रहेगा। क्षेत्रीय कैंसर संस्थान यहां से पूर्ववत संचालित होते रहेगा डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल जो की मेकाहारा का ही एक अस्पताल है यहाँ चिकित्सा की सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल 500 बिस्तर का है। यहाँ विभिन्न प्रकार की बीमारियों की सर्जरी के लिए 13 आपरेशन थियेटर हैं मेकाहारा से इसकी दूरी लगभग 500 मीटर है अंबेडकर अस्पताल के अन्य विभागों के मरीजों को डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराया जाना सहज होगा। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी में स्थापित सभी 60 डायलिसिस मशीन पूर्ववत संचालित  रहेंगी।
ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल पढाई तुंहर दुआर में सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों एवं बच्चों का होगा पंजीयन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों को जारी किए निर्देश

ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल पढाई तुंहर दुआर में सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों एवं बच्चों का होगा पंजीयन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों को जारी किए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल पढाई तुंहर दुआर के संबंध में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ने सभी जिला कलेक्टरों को योजना की जानकारी देते हुए जिले के सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षकों और बच्चों का पंजीयन अनिवार्य रूप से इस पोर्टल में कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टरों से राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना में पूरा सहयोग करने और इसे बेहतर बनाने के लिए कोई सुझाव हो तो उसे भेजने कहा गया है।


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने स्कूली बच्चों को घर पर ही रहकर पढऩे के लिए देश के सबसे बड़े ऑनलाइन पोर्टल में से एक पढाई तुंहर दुआर का 7 अप्रैल को अपने निवास कार्यालय में शुभारंभ किया था। इस पोर्टल के जरिए लाखों छात्र बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। लॉकडाउन के साथ ही आने वाले समय में बच्चों की निरंतर पढ़ाई में यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी साबित होगा। इस ई-लर्निंग प्लेटफार्म में ऑनलाइन इंटरएक्टिव कक्षाओं के जरिए शिक्षक और बच्चे अपने-अपने घरों से ही वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। यह छत्तीसगढ़ राज्य के छात्रों सहित हिन्दी भाषा राज्यों के लिए भी बहुत लाभदायक होगा। स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट सीजीस्कूलडॉटइन ;बहेबीववसण्पदद्ध पर कक्षा पहलीं से 10वीं तक विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के संसाधनों को इसमें उपलब्ध कराया गया है। आगे और इसका विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत शीघ्र ही कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि यह पोर्टल तभी पूरी तरह उपयोगी होगा जब सभी कक्षाओं के लिए पर्याप्त शिक्षण सामग्री इस पर उपलब्ध हो और सारे बच्चे इसमें अपना पंजीयन करा लें। जिला कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए गए है। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के शिक्षकों को वाट्सएप समूहों के माध्यम से संदेश भेज सकते है। जिले के सभी शासकीय स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों का पंजीयन भी अनिवार्य रूप से पोर्टल पर कराया जाए। इसके लिए भी शिक्षकों वाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजे जा सकते है। शिक्षक भी पालकों को वाट्सएप आदि के माध्यम से संदेश भेज सकते है। कलेक्टर इसके लिए अपने जिले के प्रचार माध्यमों जैसे- सोशल मीडिया, स्थानीय अखबार, स्थानीय टीवी चैनल आदि का उपयोग भी कर सकते है। शिक्षकों का पालकों के साथ वैसे भी सतत् संवाद रहता ही है। इन सभी संसाधनों को पूरा उपयोग करके अधिक से अधिक संख्या में विद्यार्थियों का पंजीयन कराया जाए।

वीडियो, ऑडियो और अन्य प्रकार के कंटेंट विकसित करके पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कक्षावार और विषयवार अच्छे और नवाचारी शिक्षकों का चयन कर लिया जाए और उन्हें अच्छे कंटेंट विकसित करके अपलोड करने के लिए प्रेरित करें। अपलोड की गई कंटेंट को वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा देखा जाएगा और उनके द्वारा अनुमोदित होने के बाद ही कंटेंट बच्चों के लिए उपलब्ध होगा। इस प्रकार कंटेंट को अनुमोदित करने के लिए भी प्रत्येक जिले में हर कक्षा और हर विषय के लिए कम से कम एक वरिष्ठ शिक्षक की आवश्यकता होगी। इस संबंध में कलेक्टरों से कहा गया है कि ऐसे वरिष्ठ शिक्षकों का चयन करके उनके नामों और मोबाइल नम्बरों की जानकारी एक सप्ताह में संचालक समग्र शिक्षा को भिजवाएं।

इसी प्रकार ऑनलाइन कक्षा लेने के इच्छुक शिक्षकों की सूची भी तैयार की जाए। जिसमें शिक्षकों का नाम, मोबाइल नंबर, उनके द्वारा किस कक्षा और विषय की ऑनलाइन कक्षाएं ली जाएंगी की जानकारी भी एक सप्ताह में संचालक समग्र शिक्षा को भिजवाएं। ऑनलाइन कक्षा लेने वाले शिक्षकों को एक कक्षा के लिए 500 रूपए मानदेय देने की व्यवस्था भी है। भुगतान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश संचालक राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा पृथक से जारी किया जाएगा।

बच्चों के होमवर्क का मूल्यांकन करने के इच्छुक शिक्षकों की सूची उनके मोबाइल नंबरों के साथ बनाकर एक सप्ताह में संचालक समग्र शिक्षा को भिजवाएं। इसके लिए भी कुछ मानदेय निर्धारित किया जा रहा है। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिले में इसके लिए एक अधिकारी को योजना का नोडल अधिकारी बनाएं और नोडल अधिकारी का नाम, संपर्क सूत्र की सूचना तत्काल संचालक समग्र शिक्षा को दें, जिससे प्रत्येक जिले में इस योजना की सतत् मॉनीटरिंग हो सकें।

पोर्टल पर पहले ही दिन एक लाख से अधिक पेज का व्यू-
दो हजार से अधिक शिक्षक और एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल पढाई तुंहर दुआर में आज पहले ही दिन एक लाख से अधिक पेज व्यू हो चुके है और दो हजार से अधिक शिक्षक तथा एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है। पोर्टल पर पहले ही दिन दो से अधिक वीडिया भी अपलोड हो चुके है। पहले दिन की सफलता को देखते हुए जिला पोर्टल पूरा लाभ उठाएगा। शिक्षकों की सहायता से इस पोर्टल को और अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बना सकेंगे। डॉ. शुक्ला ने बताया कि इस पोर्टल पर कलेक्टरों के लिए एक डैशबोर्ड बना रहे है। जिसके द्वारा कलेक्टर योजना की मॉनीटरिंग आसानी से कर पाएंगे। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डैशबोर्ड तैयार होते ही इसका लिंक भी कलेक्टरों के साथ शेयर करेंगे।
बड़ी खबर: भीमा मंडावी हत्याकांड मामले में दो गिरफ्तार, एनआईए की कार्यवाही

बड़ी खबर: भीमा मंडावी हत्याकांड मामले में दो गिरफ्तार, एनआईए की कार्यवाही

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा विधायक रहे स्व.भीमा मंडावी समेत चार जवानों की हत्या की जांच कर रही एनआईए ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जिसे पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया है। 


एनआईए ने इस हत्याकांड मामले में भीमा ताती (27) और मडका राम ताती (33) को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश करते हुए पूछताछ के लिए रिमांड मांगा था, जिस पर कोर्ट ने मुहर लगा दी है। कोर्ट ने छह दिनों की कस्टडी एनआईए को सौंपी है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म होने के बाद दंतेवाड़ा लौट रहे तत्कालीन विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर नक्सल हमला हुआ था। यह हमला उस वक्त हुआ था जब उनका काफिला श्यामगिरी गांव के करीब से गुजरा| घात लगाए बैठे नक्सलियों ने भीमा मंडावी की गाड़ी को आईईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया था| इस हमले में मंडावी समेत चार जवानों की हत्या हो गई थी। कुआकोंडा पुलिस थाना ने इस मामले में 10 अप्रैल 2019 को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 302, 396, 307 और 120 (बी) तथा भारतीय सशस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27, एवं विस्फोटक उप अधिनियम की धारा 3 और 5 व धारा 13 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया|
उतई के होटल में लगी भीषण आग, होटल में रखे सिलेंडर हो गए ब्लास्ट

उतई के होटल में लगी भीषण आग, होटल में रखे सिलेंडर हो गए ब्लास्ट

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक आगजनि की घटना सामने आ रही है बता दे की उतई के बाजार चौक स्थित रोशन होटल में भीषण आग लग गई। होटल में आग लगने से अफरा तफरी मच गई। आग की भीषण लपटों देखते ही देखते पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में लगी हुई है। होटल में रखे सिलेंडर ब्लास्ट होने से आग और तेजी से फैल गई। सिलेंडर ब्लास्ट होने से आसपास के लोग दहशत में आ गए। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

यूट्यूब देखकर इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाया रोबोट, कोरोना संक्रमण के मरीज तक पहुंचा सकता है दवा और खाना

यूट्यूब देखकर इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाया रोबोट, कोरोना संक्रमण के मरीज तक पहुंचा सकता है दवा और खाना

रायपुर, भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, रोजाना अलग-अलग राज्यों से सैकड़ों संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों तक के लिए लॉक डाउन कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर इस संकट के समय में पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अपना जान जोखिम में डालकर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। डॉक्टरों के जोखिम को समझते हुए छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के इंजीनियरिंग छात्रों ने एक ऐसा रोबोट बनाया है, जिसकी मदद से मरीजों तक दवा और खाना पहुंचाया जा सकता है। अहम बात यह है कि इस रोबोट में लगे कैमरे की मदद से डॉक्टर और मरीज एक दूसरे से संवाद भी कर सकते हैं। वहीं, इस यंत्र को बनाने में कुल लागत महज 5000 हजार रुपए आई है। छात्रों ने केंद्र और राज्य की सरकार से गुजारिश की है कि उनको फंड उपलब्ध कराया जाए ताकि अधिक से अधिक मात्रा में रोबोट बनाकर डॉक्टरों की मदद की जा सके।

इस यंत्र को बनाने वाले छात्र योगेश साहू ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा इंटरनेट नियंत्रित रोबोट बनाया है जिसका इस्तेमाल डॉक्टरों की ओर से मरीजों के लिए किया जा सकता है। योगेश का कहना है कि "डॉक्टर लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, उनके लिए कुछ करना चाहते थे।"
मैंने अपने दो दोस्तों के साथ इसका निर्माण किया था। इसे बनाने में हमें लगभग 5000 रुपए लगे। हम रोबोट को सीधे इंटरनेट से जोड़ सकते हैं, फिर इसे कहीं से भी संचालित किया जा सकता है। डॉक्टर इसमें कैमरे के माध्यम से मरीजों से बातचीत कर सकते हैं और उन्हें दवाएं दे सकते हैं।
इसकी खासियत है कि आप इससे बात कर सकते हैं। मैं राज्य सरकार और केंद्र से हमें धन मुहैया कराने का आग्रह करता हूं ताकि हम ऐसे रोबोट बना सकें जो लोगों, खासकर डॉक्टरों की मदद करेंगे। हमने इसे यूट्यूब के माध्यम से बनाना सीखा।
 

 

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने10वीं 12वीं की रूकी हुई परीक्षा के जारी की समय सारणी अब इस तारीख से होगी परीक्षाए,देखे समय सारणी

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने10वीं 12वीं की रूकी हुई परीक्षा के जारी की समय सारणी अब इस तारीख से होगी परीक्षाए,देखे समय सारणी

रायपुर, देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस की महामारी के चलते मंडल द्वारा मार्च के अंतिम सप्ताह में होने वाली मुख्य परीक्षाएं स्थगित की गईं थीं। मंडल के सूत्रों के अनुसार स्थगित परीक्षाएं मई माह में आयोजित की जाएगी। ज्ञातव्य है कि 21 मार्च से 31 मार्च के मध्य आयोजित होने वाली 10वीं 12वीं की परीक्षाएं मई के प्रथम सप्ताह में आयेाजित की जाएंगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रो.व्हीके गोयल ने संशोधित समय सारणी जारी की है। जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उक्त परीक्षाएं अब मई माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएंगी।


संशोधित समय सारणी कक्षा 10वी

 


संशोधित समय सारणी कक्षा 12वी

 

कोरोना के प्रकोप से बचने अब ड्रोन से शहर को सेनेटाइज्ड करेगी राजधानी पुलिस

कोरोना के प्रकोप से बचने अब ड्रोन से शहर को सेनेटाइज्ड करेगी राजधानी पुलिस

रायपुर,कोरोना के खिलाफ सेनेटाइजेशन को अचूक हथियार माना गया है। सेनेटाइज्ड रखकर ना सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार को भी कोरोना से बचाया जा सकता है, लेकिन बाजार में कई जगहों पर भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता है, लिहाजा संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, इन हालातों से निपटने के लिए रायपुर पुलिस ने एक अनूठा आविष्कार किया है। दरअसल राजधानी पुलिस ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जो उड़ते हुए इलाके को छिड़काव के साथ सेनेटाइज कर सकता है। खास बात ये है कि इसके लिए ना तो मैनपावर की जरूरत होती है और ना ही छिड़काव के लिए भारी-भरकम मशीन की जरूरत होती है।
करीब 5 लीटर सेनेटाइज्ड लिक्विड लेकर ये ड्रोन उड़ सकता है और 15 से 20 मिनट तक लगातार उड़ते हुए छिड़काव कर सकता है। एक मिनट के भीतर करीब ये ढ़ाई हजार स्कावयर फीट को कवर कर लेता है, लिहाजा बहुत तेजी से इलाके को सेनेटाइज्ड करने में इससे मदद मिलेगी। राजधानी के लिए ड्रोन के जरिये सेनेटाइजेशन करना बेहद कारगर माना जा रहा है, क्योंकि इलाके में कई गलियां और भीड़ भाड़ वाला इलाका है, जहां सामान्य तरीके से छिड़काव नहीं किया जा सकता है। उन इलाके में इस ड्रोन की मदद ली जा सकती है।
 

अमरीश कुमार लक्ष्मेश्वर दयाल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु एक लाख रुपये का चेक बृजमोहन को सौपा

अमरीश कुमार लक्ष्मेश्वर दयाल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु एक लाख रुपये का चेक बृजमोहन को सौपा

रायपुर,अमरीश कुमार लक्ष्मेश्वर दयाल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कोरोना संकट के रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख रुपये प्रदान किया गया। इस हेतु पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल को ट्रस्ट के सदस्य सर्वश्री रमेश अग्रवाल, नीलेश अग्रवाल एवं छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने उक्त राशि का चेक सौपा है।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कुछ भी नही है। अमरीश कुमार लक्ष्मेश्वर दयाल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट ऐसा ही पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया 1 लाख रुपये का सहयोग निश्चित ही कोरोना वायरस के रोकथाम एवं प्रभावितों की भलाई के काम आएगा।ट्रस्ट के यह योगदान अनुकरणीय है।


उन्होंने कहा कि भारत की यह श्रेष्ठ परंपरा है कि संकटकाल में सामाजिक संस्थाए राष्ट्रहित में समर्पण को तैयार रहती है।
ट्रस्ट के प्रमुख रमेश अग्रवाल ने कहा कि हम अपने अग्रवाल समाज की परंपराओं का ही निर्वहन कर रहे है। कोरोना जैसी आपदा से हम सभी मिलकर लड़ेंगे और शासन-प्रशासन को हर संभव सहयोग करेंगे।
 

आधा दर्जन अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना सूची जारी,देखे सूचि

आधा दर्जन अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना सूची जारी,देखे सूचि

रायपुर, राज्य शासन द्वारा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के छह अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थापना आदेश जारी की गई है। इस आशय का आदेश मंत्रालय महानदी भवन से जारी कर दिए है।
यशवंत कुमार को नगर पंचायत, कुंरा का मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाया गया है।
इसी प्रकार श्वेता अंबिलकर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत कुंरा को सहायक संचालक, क्षेत्रिय कार्यलय, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन विभाग रायपुर में पदस्थ किया गया है।
हरदयाल रात्रे, राजस्व उप निरीक्षक, नगर निगम चिरमिरी को नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाया गया है।
वहीं कमल सिंह चैहान राजस्व उप निरीक्षक, नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पंचायत, प्रतापपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी
तथा राजेश कुशवाहा, सहायक ग्रेड-2 नगर पंचायत, प्रतापपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नगर पंचायत विश्रामपुर में मूल पद सहायक ग्रेड-2 पर पदस्थ किया गया है।
इसी प्रकार 28 दिसम्बर 2019 के आदेश पर संचालनालय नगरीय प्रशासन, रायपुर में उपसंचालक, डी.के. बांसवार को नगर पालिका परिषद् डोंगरगढ़ में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया था, जिसे संशोधन करते हुए बांसवार को नगर पालिक निगम रायपुर में उपायुक्त के पद पर नवीन पदस्थापना की गई है।
 

मेंटेनेंस के दौरान टूटकर कर्मचारियों पर गिरा हाई वोल्टेज तार, चपेट में आकर लाइनमैन सहित दो की मौत

मेंटेनेंस के दौरान टूटकर कर्मचारियों पर गिरा हाई वोल्टेज तार, चपेट में आकर लाइनमैन सहित दो की मौत

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर जिले के दर्रीडिह गांव से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। खबर है कि बिजली तार मेंटेनेंस के दौरान करेंट की चपेट में आने से लाइनमैन सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मेंटेनेंस के दौरान केवी तार टूटकर लाइनमैन और एक अन्य कर्मचार के ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल मामले की सूचना? मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर शव पीएम के लिए भेज आगे की कार्रवाई कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला रघुनाथ चौकी थाना क्षेत्र का है, जहां दर्रीडिह गांव में बिजली तार मेंटेनेंस का काम चल रहा है। वहीं, आज मेंटेनेंस के दौरान 11 हजार केवी का तार टूटकर मेंटेनेंस कार्य में लगे लाइनमैन और एक अन्य के ऊपर गिर गया। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
 

कोरोना कहर: छत्तीसगढ़ में जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन दिया जा रहा है नि:शुल्क भोजन और राशन, 2.35 लाख लोगों को दिया गया नि:शुल्क मास्क और सेनेटाईजर

कोरोना कहर: छत्तीसगढ़ में जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन दिया जा रहा है नि:शुल्क भोजन और राशन, 2.35 लाख लोगों को दिया गया नि:शुल्क मास्क और सेनेटाईजर

रायपुर। कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए समूचे प्रदेश एवं देश में किए गए लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को किसी भी तरह से भोजन एवं राशन की समस्या नही हो इसके लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर प्रदेश के सभी जिलों में गरीबों, मजदूरों और निराश्रित लोगों को नि:शुल्क भोजन के साथ ही नि:शुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। इसके लिए राज्य भर में जगह-जगह राहत शिविर लगाए गए हैं। 

छत्तीसगढ़ में विगत 7 अप्रैल को एक लाख 47 हजार 643 जरूरतमंदों, श्रमिकों एवं निराश्रितों को नि:शुल्क भोजन व राशन उपलब्ध कराया गया। इनमें 42 हजार 572 लोगों को भोजन, 64 हजार 394 लोगों को राशन वितरण और 40 हजार 677 लोगों को स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भोजन एवं खाद्यान्न वितरण शामिल है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क, सेनेटाइजर एवं दैनिक जरूरत का सामान भी जिला प्रशासन, रेडक्रॉस तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से जरूरतमंदों को मुहैया कराया जा रहा हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से दो लाख 35 हजार 499 मास्क एवं सेनेटाईजर, साबुन आदि का वितरण जरूरतमंदों को किया गया हैं। 

उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के चलते जिलों में प्रशासन द्वारा समाजसेवी संस्थाओं एवं दान दाताओं के सहयोग से शुरू किए गए राहत शिविरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब तक 13 लाख 2 हजार 337 लोगों को नि:शुल्क भोजन एवं खाद्यन्न सामग्री उपलब्ध करायी गई है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए 13 लाख 33 हजार 66 मास्क सेनेटाईजर एवं अन्य सामग्री का नि:शुल्क वितरण जन सामान्य को किया गया है। 

प्रदेश में विगत 7 अप्रैल मंगलवार को जिला प्रशासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से दुर्ग जिले में सर्वाधिक एक लाख 855 लोगों को नि:शुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 10 हजार 909, राजनांदगांव जिले में 10 हजार 830, रायगढ़ जिले में 3 हजार 742, बस्तर जिले में 11 हजार 708, कांकेर जिले में 35 हजार 982, बीजापुर जिले में 63, जशपुर जिले में 780, कोरिया जिल में 2 हजार 114, सूरजपुर जिल में 2 हजार 461, बालोद जिल में 511, कबीरधाम जिले में 1 हजार 928, बलौदाबाजार जिले में 4 हजार 488, धमतरी जिले में 1843, महासमुंद जिले में 911, बलरामपुर जिले में 6 हजार 872, कोरबा जिले में 95 हजार 657, सरगुजा जिले में 2 हजार 212, जांजगीर-चांपा जिले में 1 हजार 957, बिलासपुर जिले में 6 हजार 065, रायपुर जिले में 23 हजार 589, कोण्डागांव जिले में 2 हजार 369, दंतेवाड़ा जिले में 25 हजार 057, बेमेतरा जिले में 383, गरियाबंद जिले में 14 हजार 900, नारायणपुर जिले में 1 हजार 785, मुंगेली जिले में 11 हजार 672 और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 1 हजार 499 जरूरतमंदों को नि:शुल्क भोजन, राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।
 प्रेमी जोड़े ने फांसी लगा कर की आत्महत्या, परिजनों को मिली सड़ी हुई लाश

प्रेमी जोड़े ने फांसी लगा कर की आत्महत्या, परिजनों को मिली सड़ी हुई लाश

धमतरी| प्रेमी जोड़े अक्सर किसी न किसी तरह से चर्चो पर बने होते है और जब प्यार सर चढ़ कर बोलने लगता है तो वह कुछ भी करने को उतारू हो जाते है| इसी कड़ी में धमतरी जिले से एक खबर सामने आ रही है की एक प्रेमी जोड़े ने जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वनरक्षक जब जंगल में गश्त के लिए निकले तब इसका पता चला। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया गया।

जानिए पूरी खबर-
आपको बता दे की यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम मोहेरा जंगल का है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को वन विभाग के वनरक्षक मनोज कुमार गायकवाड जंगल में गश्त कर रहा था इस। दौरान बीट क्रमांक- 17 में उसे जंगल में जगह धुआं उठाते दिखा। वह आग बुझाने के लिए गया तो देखा कि करीब सौ मीटर ऊपर तर्रा देवी पहाड़ी के घने जंगल में एक युवक-युवती फांसी पर लटके हुए हैं।
 
कुरु पेड़ पर दुपट्टे के सहारे प्रेमी जोड़ा फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। बताया गया है कि लाश करीब 8 दिन पुरानी होने के कारण सड़ गई थी। जिससे बदबू उठ रही थी, तत्काल वनरक्षक ने जंगल से आकर इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। इसके बाद मगरलोड पुलिस को इसकी खबर की गई। उधर घटना की खबर लगते ही गांव में सनसनी फैल गई है। मंगलवार सुबह पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया गया है। आत्महत्या का कारण अज्ञात है।

ऐसे हुई पहचान-
एसआई सुभाष लाल ने बताया कि दोनों मृतकों की शिनाख्त कर ली गई है। युवक नारायण राम (22) गरियाबंद जिले के ग्राम बिरोडार का रहने वाला था और युवती सुरुज कुमार ग्राम बम्हनी निवासी थी। मृतक के पर्स में पासपोर्ट फोटो और 10 रुए भी मिला है। फोटो के आधार पर दोनों की पहचान हुई। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दे गई है। मृतिका सुरुज कुमार के परिजनों ने बताया कि सप्ताह भर पहले वह अपने रिश्तेदार के घर ग्राम पेंड्रा में शादी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। लेकिन, वह लौटकर वापस नहीं आई। इसी तरह युवक नारायण साहू घर से बिना बताए निकला था। रात में जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला।
 
 छत्तीसगढ़: कोरोना मुक्त राज्य की दिशा में सबसे आगे, लॉकडाउन खुलने अथवा आगे बढऩे को लेकर संशय जारी

छत्तीसगढ़: कोरोना मुक्त राज्य की दिशा में सबसे आगे, लॉकडाउन खुलने अथवा आगे बढऩे को लेकर संशय जारी

रायपुर। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना संक्रमण की चपेट में है तो वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना संक्रमण से मुक्त होने की दिशा में काफी आगे निकल चुका है। ऐसे में यह सवाल भी उठना लाजमी है कि क्या 14 अपै्रल को खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में जनजीवन सामान्य होगा अथवा नहीं? 
 
वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो कि लॉकडाउन समाप्त होने के पूर्व ही कोरोना मुक्त राज्य बनने जा रहा है। हालांकि राज्य में अभी केवल एक मरीज ही कोरोना संक्रमित है, लेकिन यह मरीज भी  बाहर से आया हुआ है। इस लिहाज से यह कहना गलत नहीं है कि छत्तीसगढ़ राज्य एक तरह से कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुका है। यह गर्व का भी विषय है कि एक ओर जहां देश के अन्य राज्य इस भयंकर बीमारी की चपेट में हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ राज्य अब लॉकडाउन के निर्धारित समय सीमा के पहले ही इस आपदा से स्वयं को बाहर निकालने में एक तरह से पूरी तरह सफल हो चुका है। चिकित्सकों ने भी ऐसा संकेत दिया है कि एम्स में भर्ती कोरोना पीडि़त मरीज जल्द स्वस्थ्य हो जाएगा। ऐसे में प्रदेशवासी भी यह जानने को काफी उत्सुक हैं कि क्या 14 अपै्रल को समाप्त होने वाले लॉकडाउन के बाद राज्य में जनजीवन सामान्य हो पाएगा या नहीं? यह एक गंभीर प्रश्न है जिसका वर्तमान में कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन खुलने से निर्मित परिस्थितियों से कहीं छत्तीसगढ़ में फिर से हालात न बदल जाएं, लिहाजा लॉकडाउन खोलने के पूर्व सभी ठोस उपाय करना जरूरी है। 

वर्तमान में पूरे विश्व के साथ ही भारत भी कोरोना संक्रमण की चपेट में है। देश में कोरोना पीडि़त मरीजों की संख्या 5000 से ऊपर चला गया है जो कि चिंता का विषय है। केन्द्र सरकार ने समय रहते ही देश में जनता कफ्र्यू को प्रयोग के रूप में शुरू किया और देशवासियों ने भी इसका पूर्ण समर्थन किया। इसके बाद पीएम श्री मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी। देशवासियों ने इसका भी पूर्ण समर्थन करते हुए अभी तक लॉकडाउन को सफल बनाए रखा है। यह अलग विषय है कि चंद लोगों की भयंकर भूल के चलते आज देश में कोरोना पीडि़तों की संख्या 5 हजार से अधिक हो चुकी है। दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने भी ऐसा संकेत दिया है कि देश के जिन जिलों में हालात सामान्य हैं वहां कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन को शिथिल किया जा सकता है। ऐसे में अब राज्य सरकार को तय करना है कि छत्तीसगढ़ में कितने जिलों में यह लॉकडाउन खत्म किया जा सकता है? हालांकि लॉकडाउन को खत्म करने अथवा आगे बढ़ाने का अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार ही करेगी। 

गरीब तबका बेहाल: इधर लॉकडाउन को लेकर देश के साथ ही प्रदेश के गरीब तबका सबसे ज्यादा बेहाल है। निम्न वर्ग के लोगों को इस लॉकडाउन का खामियाजा सबसे ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। माली, कुली, मजदूर जैसे वर्ग जो कि रोज कमाने और खाने वाले हैं, इनके समक्ष विकट स्थिति निर्मित हो गई है। हालांकि राज्य सरकार के साथ मिलकर कई संगठन काम कर रहे हैं और गरीब जरूरतमंदों तक अनाज भी पहुंचाया जा रहा है, फिर भी इनके समक्ष आने वाले समय को लेकर गंभीर संकट खड़ा है। 
छग बोर्ड के मूल्यांकन शुरू नहीं होने से दाखिला में भी होगी देरी, जाने पूरी खबर

छग बोर्ड के मूल्यांकन शुरू नहीं होने से दाखिला में भी होगी देरी, जाने पूरी खबर

जगदलपुर। कोरोना वायरस की लॉक डाउन के चलते छग बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं के मूल्यांकन का कार्य शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज के दाखिला में भी इस बार एक महिने की देरी के बाद भी मूल्यांकन शुरू नही होने से बोर्ड के नतीजों की घोषणा में काफी देरी की संभावना व्यक्त की जा रही है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार छग बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं के जिन विषयों की परीक्षा हो चुकी है, उनकी उत्तर पुस्तिकाएं पहुंच चुकी हैं और वर्क फ्रॉम होम के तहत मूल्यांकनकर्ताओं के घरों तक उत्तर पुस्तिकाओं को भेजने का दावा सरकार ने जरूर किया था, लेकिन इस पर काम ही शुरू नहीं हो सका है। साढ़े 4 सौ मूल्यांकनकर्ताओं तक उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाना आसान नही है। पिछले साल 2018-19 में जहां 23 मार्च से मूल्यांकन शुरू कर दिया गया था। वहीं 20 अप्रैल तक मूल्यांकन पूरा करने के बाद 9 मई को 12वीं और 10 मई को 10वीं के नतीजों की घोषणा कर दी गई। 

जिला शिक्षा अधिकारी बालाराम घ्रुव ने बताया कि कोरोना वायरस की लॉक डाउन के चलते मूल्यांकन शुरू नही हुए है। उत्तर पुस्तिकाएं यहां पहुंच चुकी हैं, जैसे ही शिक्षा विभाग का आदेश आएगा, मूल्यांकन शुरू किया जाएगा। 
यहां स्त्री रूप में विराजमान होकर हनुमान करते हैं भक्तों की मनोकामना पूरी

यहां स्त्री रूप में विराजमान होकर हनुमान करते हैं भक्तों की मनोकामना पूरी

रतनपुर। देशभर में हनुमानजी के असंख्य मंदिर हैं। कुछ मंदिर अपनी अनोखी प्रतिमाओं के कारण प्रसिद्ध हैं। ऐसा ही एक मंदिर छत्तीसगढ़ के रतनपुर क्षेत्र में है। इस मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा स्त्री रूप में की जाती है। मंदिर में स्थापित प्रतिमा स्त्री रूप में है। रतनपुर बिलासपुर से करीब 25 किमी दूर स्थित है। मान्यता है कि ये मूर्ति हजारों साल पुरानी है। इस संबंध में क्षेत्र में एक राजा की कथा प्रचलित है। 
 
प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में रतनपुर के एक राजा पृथ्वी देवजू थे। राजा हनुमानजी के परम भक्त थे। राजा को कुष्ट रोग हो गया था। इससे राजा निराश हो चुके थे। एक रात हनुमानजी ने राजा को सपने में दर्शन दिए। हनुमानजी ने राजा से मंदिर बनवाने के लिए कहा। जब मंदिर पूरा बन गया तब हनुमानजी फिर से राजा के सपने में आए।

हनुमानजी ने राजा को आदेश दिया कि महामाया कुंड से उनकी प्रतिमा निकालकर मंदिर में स्थापित करे। सुबह उठकर राजा महामाया कुंड पहुंचा, वहां उन्होंने भगवान हनुमान की जो प्रतिमा देखी, वह नारी रूप में थी। राजा ने भगवान के आदेश के अनुसार भगवान हनुमान की उसी स्त्री रूपी प्रतिमा की स्थापना कर दिया। हनुमान की प्रतिमा को स्थापित करने के बाद राजा कुष्ट रोग से मुक्त हो गया था। तभी से यहां हनुमानजी की पूजा स्त्री रूप में की जा रही है। मान्यता है कि यहां से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है। हनुमानजी की प्रतिमादक्षिणमुखी है। मूर्ति के बाएं कंधे पर श्रीराम और दाएं कंधे पर लक्ष्मणजी विराजमान हैं। हनुमानजी के पैरों के नीचे दो राक्षस हैं।
गृहमंत्री ने विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों को कोरोना बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया

गृहमंत्री ने विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों को कोरोना बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया

रायपुर। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज दुर्ग ग्रामीण  विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा कर लोगों को कोरोना बीमारी से बचने के लिए जागरूक किया। उन्होंने उतई, पाउवारा, जजंगिरी, अंडा, विनायकपुर, आमटी, निकुम, खाड़ा, आंजोरा गांव के लोगों के बीच जा कर उन्हें बताया कि कोरोना बीमारी पूरे विश्व में महामारी का रूप ले चुका है। इस बीमारी से बचने के लिए राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा अनेक उपाए किए जा रहे है। साहू ने लोगों को कोरोना बीमारी से सचेत करते हुए कहा कि आप लोग बाहरी व्यक्तियों से मिलने से बचें और ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने घरों पर ही बिताएं। उन्होंने गांवों के प्रमुख जनों से स्वयं तथा ग्रामीणों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने, लगातार साबुन से हाथ धोते रहने, आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर उठने-बैठने तथा बात-चीत करने की सलाह दी। साहू ने गावों में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के संबंध में भी पूछ-ताछ की।