दुर्ग । जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में 03 जनवरी से 10 जनवरी तक वाहन चालन संबंधी विशेष जागरूकता अभियान, राजेन्द्र प्रसाद चौक दुर्ग मे पंडाल लगाकर चलाया जा रहा है, जिसके तहत 8 जनवरी तक कुल 2055 ऐसे वाहन चालक जो यातायात नियमों की अनदेखी करते पाए गए, उन्हें नियमों की जानकारी देते हुए बंधपत्र भरवाया गया, जिसमें विशेष रूप से श्रीमती प्रेरणा अहिरे, न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग के द्वारा उन वाहन चालको को समझाईश दी जिन्हें नियमों के विरूद्व वाहन चालक का कार्य करते हुए पाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग श्रीमती प्रेरणा अहिरे ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सडक पर वाहन चलाता है तो आपको यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है । यातायात नियमो का उल्लंघन करने पर वर्तमान में हजारों रूपये का चालान वाहन चालक पर या स्वामी के विरूद्ध कार्यवाही की जाती हैं । यदि कोई व्यक्ति यातायात के नियमों का उल्लंघन करेगा या आवश्यक वाहन संबंधित दस्तावेज नहीं होने पर भी ट्रैफिक पुलिस आपसे गलत व्यवहार नहीं कर सकता । मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत धारा 139 में यह प्रावधान है कि वाहन चालक को दस्तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा । अगर वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के माॅगने पर तुरंत वाहन का आर.सी. बुक, बीमा , ड्रायविंग लायसेंस , परमिट , पी.यू.सी. नहीं दिखाते हैं तो यह अपराध नहीं है । अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उक्त दस्तावेज उसके घर में है तो उसे उक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय दिया जायेगा । इसके बाद भी अगर पुलिस, दस्तावेज तत्काल नहीं दिखाने पर चालान की कार्यवाही करती है, तो कोर्ट में इसे खारिज कराने का विकल्प रहता है । सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालकोें के दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा ट्रैफिक पुलिस उसके विरूद्ध चालान की कार्यवाही नहीं कर सकती । अगर ट्रैफिक पुलिस गलत तरीके से चालानी कार्यवाही करती है तो उसका मतलब यह नहीं है कि, आपको चालान भरना ही पडेगा। ट्रैफिक पुलिस का चालान कोर्ट का आदेश नहीं है , इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है । अगर कोर्ट को लगता है कि आपकेे पास सभी दस्तावेज है और आपको इसे पेश करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया गया, तो वह कार्यवाही को निरस्त कर सकता है । ड्राईविंग लायसेंस की वैद्यता समाप्त होने पर ड्राईविंग लायसेंस के नवीनीकरण के लिए एक साल पहले या एक साल बाद नये लायसेंस के लिए आवेदन दी जा सकती है । यदि किसी वाहन चालक का ड्रायविंग लायसेंस की वैद्यता अवधि समाप्त हो गई हो (अर्थात एक्सपायर हो गया हो ) तो आपको दुबारा ड्रायविंग लायसेंस की परीक्षा पास करना पडेगा।
रायपुर । मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए 64 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ की नयी उद्योग नीति और कोरोना-काल में उद्योगों के हित में शासन द्वारा उठाए गए कदमों से राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है। कोरोना-संकट काल में पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, वहीं छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। लॉकडाउन के दौरान देश में सबसे पहले माह अप्रैल में छत्तीसगढ़ के उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। उद्योगों की कठिनाइयों को देखते हुए ही कई तरह की रियायतें और सुविधाएं दी गईं। कोर सेक्टर के उद्योगों को विद्युत शुल्क में छूट दी गई। कच्चे माल की आवक बनी रहे, और तैयार माल बाजार तक पहुंचता रहे, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए। दूसरे राज्यों से कच्चा माल आसानी से छत्तीसगढ़ आ सके, इसके लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्टील और सीमेंट उद्योग की गतिविधियां चलती रहें, इसके लिए सड़क और भवन निर्माण का काम जारी रखा गया। बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। नियम शर्तों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। राइस मिलों को ऊर्जा प्रभार में पांच प्रतिशत की छूट दी गई। उद्योगों को बिजली बिलों के भुगतान की अवधि में भी छूट दी गई। लॉकडाउन की अवधि में छत्तीसगढ़ में 27 लाख टन इस्पात का उत्पादन हुआ, जो दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था। प्रदेश में नयी औद्योगिक नीति का निर्माण किया गया है। यह नयी नीति यहां के उद्योग धंधों के लिए संभावनाओं के नये दरवाजे तो खोल रही है साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मजबूत प्रदान कर रही है। राज्य सरकार की नयी उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। खनिज आधारित उद्योगों को हर तरह का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब इस्पात (स्पंज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है। मेगा निवेशकों के लिए इस पैकेज में अधिकतम 500 करोड़ रुपए तक निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 1000 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निवेशकों को सिर्फ छूट और सुविधा ही नहीं दी जा रही, बल्कि इस बात का भी खयाल रखा गया है कि वे प्रदेश में आसानी के साथ उद्योग स्थापित कर सकें। इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन के लिए भू-प्रब्याजी में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। भू-भाटक में एक प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में 10 एकड़ तक आवंटित भूमि को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए नियम बनाए गए हैं। औद्योगिक भूमि और भवन प्रबंधन नियमों का सरलीकरण किया गया है। असामान्य परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 464 स्टार्टअप शुरु करने में सफलता पाई है। 01 जनवरी 2019 से लेकर अब तक 104 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनमें 42 हजार 714 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजी निवेश होगा। स्टील सेक्टर में 78 एमओयू हुए हैं, जिसमें 37306.39 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। सीमेंट सेक्टर में एक एमओयू हुआ, जिसमें 2000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। एथेनॉल सेक्टर में 7 एमओयू हुए, जिनमें 1082.82 करोड़ का पूंजी निवेश होगा। फूड सेक्टर में 5 एमओयू के माध्यम से 283.61 करोड़, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 56.41 करोड़ रुपए, डिफेंस सेक्टर में 3 एमओयू के माध्यम से 529.50 करोड़ रुपए, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 2 एमओयू के माध्यम से 30.76 करोड़ रूपए, सोलर सेक्टर में एक एमओयू के माध्यम से 245 करोड़ रूपए तथा अन्य सेक्टरों में 4 एमओयू के माध्यम से 1179.99 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे स्टील सेक्टर में 53,694, सीमेंट सेक्टर में 450, एथेनॉल सेक्टर में 986, फूड सेक्टर में 2,434, फार्मास्युटिकल सेक्टर में 393, डिफेंस सेक्टर में 4494, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में 258, सोलर सेक्टर में 280 तथा अन्य सेक्टरों में 1,105 रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नारायणपुर के केरलापाल गौठान का निरीक्षण किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और विधायक श्री चंदन कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के गौठान पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया। श्री बघेल ने गौठान में महिला समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा समूहों द्वारा की जा रही आयमूलक कार्याें की जानकारी ली और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली।


रायपुर | मंत्री जी हम लोग गोठान में काम करते हैं। बाड़ी से सब्जी भी उगाते हैं। बाड़ी के लिए पानी की व्यवस्था करा दीजिए। मनरेगा में कनवर्जेंस करा दीजिए। हम लोग आपकों सब्जी खिलाएंगे। गांव की महिलाओं की इन बातों को सुनकर मंत्री जी मुस्कुराए और बोले, कौन से गांव के हो आप लोग? महिलाओं ने बताया आरंग विकासखण्ड के टेकारीकुण्डा के।
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मंत्री जी बोले मैं तो अक्सर अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा करता रहता हूं। सभी लोगों से मिलता रहता हूं। घर भी जाता रहता हूं। इतने दिन हो गए आप लोग गांव के आसपास ही मुझसे क्यों नहीं मिले ? मंत्री जी की बात सुन गांव की महिलाएं कुछ देर शांत हो गई, फिर एक ने कहा कि आपसे बहुत दिन से मिलने की सोच रहे थेेे, इसलिए आज आपके घर आ गए।
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मंत्री ने कहा चलो कोई बात नहीं आज आए हो तो चाय पीकर, खाना खाकर जाना, बाड़ी की सब्जी जब आपके गांव आऊंगा तो खिलाना। यह कहते हुए आखिरकार उन्होंने गांव के सरपंच और आरंग जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को फोन लगाया और गांव की महिलाओं की मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए।
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दरअसल यह मामला नगरीय प्रशासन मंत्री व आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया के निवास का है। वैसे तो उनके सरकारी और निजी निवास में प्रतिदिन मंत्री डॉ. डहरिया से मिलने वालों की भीड़ लगी होती है। ऐसे ही मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या बताने आरंग विकासखण्ड के ग्राम टेकारीकुण्डा की एक दर्जन महिलाएं उनसे मिलने पहुची।
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राजलक्ष्मी और उन्नति स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती रहिमत धीवर, श्रीमती ममता वर्मा, शांता बघेल, संगीता वर्मा, मीना कोशले, रानू वर्मा, इंद्राणी वर्मा सहित अनेक महिलाओं ने बाड़ी, गोठान संचालन की जानकारी देते हुए बाड़ी में सिंचाई हेतु पानी की व्यवस्था और मनरेगा से जोड़कर गांव की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की मांग की। मंत्री डॉ.डहरिया से महिलाओं के साथ हुई छत्तीसगढ़ी में वार्तालाप के दौरान मंत्री ने उनसे गांव की स्थिति और उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने तत्काल गांव के सरपचं और जनपद के सीईओं को फोन लगाकर महिलाओं की मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी को चाय पिलवाई और खाना खाने का भी निमंत्रण दिया। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की इस तत्परता और चाय के साथ खाना के लिए पूछपरख पर गांव की महिलाएं बहुत खुश हुई। उन्होंने कहा कि गांव आने पर आपकों बाड़ी की सब्जी खिलाएंगे।
रायपुर | शादी का प्रलोभन देकर लिव इन रिलेशन में रहकर शारीरिक संबंध बनाया व शादी से इंकार कर दिया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376,506 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है।
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रायपुर । मुख्यमंत्री 9 जनवरी को नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान नारायणपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को 85.91 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री इनमें से 77.80 करोड़ रूपए की लागत से 26 कार्यों का भूमिपूजन और 8.11 करोड़ रूपए की लागत से 14 कार्यों का लोकर्पण शामिल है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत 935 स्व-सहायता समूहों एवं 15 60 कृषकों को हाइब्रिड सब्जी बीज मिनीकिट और 148 हितग्राहियों को धागाकरण मशीन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं में सामग्री और आर्थिक सहायता का चेक भी वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिला मुख्यालय नारायणपुर के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में एक करोड़ 70 लाख 40 हजार की लागत से 30 ग्रामों में सोलर ड्यूल पंप और टेंक 5000 लीटर स्थापित टेंक, एक करोड़ 28 लाख 10 हजार की लागत से 30 स्थलों में क्रेडा की विशेष योजनान्तर्गत स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र, 95 लाख 40 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ग्राम गढ़बेंगाल विकासखण्ड नारायणपुर में निर्मित शास.उ.मा.वि. भवन, एक करोड़ की लागत से बनने वाले कुकड़ाझोर में नव निर्मित थाना और एक करोड़ की लागत से एड़का में नव निर्मित थाना सहित कुल 8.11 करोड़ रूपए की लागत की 14 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगें। मुख्यमंत्री श्री बघेल एक करोड़ 14 लाख की लागत से बनने वाले ट्रांजिट हॉस्टल, 10 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली राजनांदगांव बारसूर रोड से माहका तक सड़क, 4 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-ओरछा में सामुदायिक शौचालय, 13 करोड़ 74 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-गारपा मार्ग, 15 किलोमीटर से आकाबेड़ा (कोडोली से झारावाही) सड़क और 18 करोड़ 70 लाख 10 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर) से कंदाड़ी-कीहकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग सहित कुल 77.80 करोड़ रूपए की लागत की 26 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑयल टैंकर फटने से आग लग गई। ब्लास्ट के बाद आसमान में आग की लपटें और गैस का गुबार उठने लगा, जिसे दूर से भी देखा जा सकता था। घटना की सूचना मिलने पर दो दमकल की टीम और दो फोम गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कवायद में जुट गई। फ़िलहाल किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं आई है।
आपको बता दे घटना उरला थाना क्षेत्र के सिलतरा में गोदावरी इस्पात फैक्ट्री के पास ग्रीन पेट्रो फैक्ट्री में ऑयल टैंकर फटने से आज भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि जिस वक्त आग लगी फैक्ट्री खाली थी, इसीलिए किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। भीषण आग की वजह से गैस का बड़ा गुबार उठा था। सूचना मिलते ही दो दमकल की और दो फोम टैंकर पहुंचा है।
बिलासपुर। मुख्यमंत्री के बिलासपुर आगमन के समय नगर विधायक शैलेष पांडेय के साथ गुट विशेष के समर्थक ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष तैयब हुसैन ने कॉलर पकड़ धक्कामुक्की किया गया था जिस पर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने इसे गम्भीरता से लिया था और तत्काल कमेटी गठित कर तीन दिन में जांच कर प्रतिवेदन देने कहा गया उसी तारतम्य में कांग्रेस की तीन सदस्यीय समिति बिलासपुर पहुंच घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है,और लोगों की बार बार यही चर्चा उठ रही है कि कहीं ये जांच टाटा महाराज की तरह तैयब हुसैन को भी न बचा ले। विधायक श्री पांडेय ने भी कमेटी के समक्ष अपनी बात रखी है ।
उन्होंने बताया कि तैयब ने कॉलर पकड़ कर मेरा अपमान नही किया बल्कि कांग्रेस को मिले जनादेश का अपमान किया है, जिससे पूरे प्रदेश में कांग्रेस की छवि पर विपरीत असर हुआ है। बिलासपुर विधायक की बदसलूकी की जांच के लिए आज तीन सदस्यीय टीम में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चुन्नी लाल साहू, प्रदेश महामंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल और पीयूष कोसरे पहुंचे । जांच के तीन दिन में से 2 दिन पूरा हो गया है अभी तक विधायक सहित कई नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है।
राजनांदगांव । राजनांदगाव जिले के छुरिया रेस्ट हाउस के पीछे आहता के अंदर एक कौआ उड़ान भरते हुए ऊपर से गिर गया और थोडी देर तड़प कर मर गया।
आपको बता दे कौवे की मौत को देश के राजस्थान और मध्यप्रदेश में फैले बार्ड फ्लू से जोड़ कर देखा जा रहा है। कौएं की हुई अचानक मौत से क्षेत्र में बर्ड फ्लू को लेकर दहशत का माहौल है।
‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘‘ और ‘‘छत्तीसगढ़ी युवा‘‘ विषय पर स्लोगन प्रतियागिता को लेकर लोगों में अच्छा-खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन पंजीयन 01 जनवरी से शुरू हुआ है। अब तक 9500 प्रतिभागी इस प्रतियोगिता के लिए अपना ऑनलाइन पंजीयन करा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ शासन के जनसम्पर्क विभाग द्वारा यह स्लोगन प्रतियोगिता स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागी 10 जनवरी 2021 तक जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट http://jansampark.cg.gov.in/, http://dprcg.gov.in में ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।
स्लोगन स्व-लिखित होना चाहिए। नकल या कही और से लिए गए स्लोगन में किसी भी विवाद के मामले में प्रतिभागी जिम्मेदार होंगे। स्लोगन की वर्ण संख्या 250 निर्धारित है। स्लोगन की भाषा छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं इंग्लिश होगी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित स्लोगन का उपयोग प्रचार-प्रसार हेतु किया जा सकेगा। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल सर्टिफिकेट एवं 100 सर्वश्रेष्ठ स्लोगन को जनसम्पर्क विभाग द्वारा एक-एक हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल से प्रदेश के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा के तीन प्रतिभावान विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना अब साकार हो सकेगा। पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा के इन तीनों छात्र-छात्राओं को जयपुर केे निजी मेडिकल कॉलेज जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिचर्स सेंटर में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाया गया है। इन तीनों छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए फीस जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा जमा करा दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई सरकार सुदूर अंचलों के छात्र-छात्राओं को निजी कॉलेज में सरकारी खर्चे पर डठठै की पढ़ाई पूरी कराने जा रही है।
ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन द्वारा पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा से छम्म्ज् 2020 क्वालिफाई कर चुके इन छात्र-छात्राओं का तकनीकी त्रुटि के कारण एमबीबीएस कोर्स हेतु स्टेट काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने के कारण ये छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित रह गये थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह जानकारी आई, तो उन्होंने संवेदनशील पहल करते हुए छात्र-छात्राओं को निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाने के निर्देश जिला प्रशासन दंतेवाड़ा को दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए तीन विद्यार्थियों श्री सुधीर कुमार रजक, श्री जयंत कुमार और कुमारी ऐश्वर्या नाग को निजी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इन तीनों छात्र-छात्राओं के निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की फीस 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए में से कुल 1 करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए की राशि जमा करा दी गई है।
जशपुरनगर । कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में आरबीसी 6-4 के तहत् 4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसके तहत् बगीचा विकासखंड के ग्राम पिरई निवासी इश्हाक किस्पोट्टा आत्मज सिरिल किसपोट्टा की तालाब के पानी में डूबने के कारण मृत्यु 18 मार्च 2019 को हो जाने पर मृतक के निकटतम वारिस मृतक के पुत्र अजय किसपोट्टा, अनुराग किसपोट्टा, डेविड किसपोट्टा के लिए 4 लाख की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
बेमेतरा । कलेक्टर ने आज बेमेतरा शहर के निकटवर्ती ग्राम लोलेसरा में 15 और 16 जनवरी तक दो दिवसीय आयोजित होने वाले संत समागम मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्था के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। कलेक्टर शिव अनंत तायल ने मेला के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी है। कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी बेमेतरा को निर्देश दिए कि वे अपने सफाई कर्मचारियों को मेला स्थल में तैनात करें। इस दौरान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान पर विधायक बेमेतरा आशिष कुमार छाबड़ा, पुलिस अधिक्षक बेमेतरा दिव्यांग कुमार पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष शकुंतला साहू, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बेमेतरा दुर्गेश कुमार वर्मा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर । शहीद जवानों के परिजनों की अनुकम्पा नियुक्ति का इंतजार अब खत्म हो गया है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने 8 जनवरी ट्रांजिट मैस में खुशियों का शुक्रवार कार्यक्रम में 50 आवेदकों को नियुक्ति दी है। नियुक्ति पाकर परिजनों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। कार्यक्रम में डीजीपी ने बताया कि प्रति शुक्रवार खुशियों से भरा कार्यक्रम के तहत जवानों से मुलाकात करेंगे। मुलाकात के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा कि यदि कोई सरकारी नौकरी पर रहते हुए शहीद हो जाते हैं, तो उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। पिछले 2सालों में करीब 400 से अधिक लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। कई प्रकरण ऐसे रहते हैं, जो बिल्कुल प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी रुके हुए रहते हैं। पिछले एक-दो महीनों में कुछ मामले पैंडिंग थे, तो हमने सोचा कि उन सभी को आज एक साथ बुला लिया जाए, क्योंकि यह लोग अपने प्रकरणों का पता करने के लिए अक्सर हमारे पास मुलाकात करने के लिए आते रहते हैं, इसलिए तय किया है। इस साल की शुरूआत से ही प्रति शुक्रवार खुशियों का शुक्रवार कार्यक्रम के तहत पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात की जा रही है। इस तरह की मुलाकात हम पहले भी करते थे, लैकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। चुकी कोरोना संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ज्यादा बड़ी मात्रा मैं भीड़ रखना भी उचित नहीं होगा, इसीलिए हम कोरोना को ध्यान में रखते हुए एक टोल फ्री नंबर जारी करेंगे। जिसमें लोग फोन कर मुल्लाकात का समय ले सकेंगे। इसी कड़ी में हर शुक्रवार का कार्यक्रम रखा है, जिसे और विस्तार किया जाएगा।





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