BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
पुलिस-नक्सली मुठभेड़: थाना प्रभारी हुए शहीद, 04 नक्सली भी ढेर

पुलिस-नक्सली मुठभेड़: थाना प्रभारी हुए शहीद, 04 नक्सली भी ढेर

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मदनवाड़ा में बीती रात पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में मदनवाड़ा थाना के प्रभारी श्याम किशोर शर्मा शहीद हो गये, वहीं पुलिस ने भी चार नक्सलियों को भी ढेर किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने थाना प्रभारी के शहादत पर दु:ख व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया है। 

सूत्रों से मिली जानकारी जिला मुख्यालय से करीब सौ किलोमीटर दूर मानपुर थाने की पुलिस रोजाना की तरह शुक्रवार को भी सर्चिंग पर निकली थी। रात करीब नौ बजे ग्राम परधौनी के जंगल की पहाड़ी पर घात लगाए नक्सलियों ने नीचे से गुजर रही पुलिस टीम को एंबुश में फंसाकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए फायरिंग शुरू की। करीब एक घंटे तक चली इस मुठभेड़ में मदनवाड़ा के थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर श्यामकिशोर शर्मा को गोली लग गई। थाना प्रभारी को गोली लगने के बावजूद वे और उनकी पूरी टीम ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ के खत्म होने के बाद थाना प्रभारी श्याम किशोर शहीद हो गये। हालांकि पुलिस ने इस मुठभेड़ में चार नक्सलियों को भी मार गिराया है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्वीट में मदनवाड़ा थाना प्रभारी श्याम किशोर शर्मा के शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया है। साथ ही यह भी कहा कि इस मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए है।
राजधानी रायपुर में एक और किराना व्यापारी ने की आत्महत्या, जाने क्या है यह पूरा मामला

राजधानी रायपुर में एक और किराना व्यापारी ने की आत्महत्या, जाने क्या है यह पूरा मामला

रायपुरलॉकडाउन के दौरान राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के अछोली बाजार इलाके में एक किराना व्यापारी ने अपने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। राजधानी में किराना व्यापारी द्वारा आत्महत्या करने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले तेलीबांधा तालाब में एक किराना व्यापारी की लाश मिली थी। 
 
उरला थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उरला क्षेत्र के बाजार चौक में सूर्या प्रोविजन स्टोर के नाम से किराने का दुकान चलाने वाला भरत निषाद (50 वर्ष) पार्षद दीनू निषाद का बड़ा भाई था। भरत अपने घर में अलग कमरे में सोया करता है। आज सुबह मृतक अपने कमरे में फांसी पर लटका मिला, जिसे देखकर परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने पूछताछ में बताया कि परिवारिक कारणों की वजह से वह अक्सर परेशान रहता था। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। 

लॉकडाउन के दौरान एक किराना व्यापारी द्वारा आत्महत्या करने की यह दूसरी घटना है। इससे पूर्व तेलीबांधा तालाब में एक किराना व्यापारी की लाश मिली थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या की आशंका जताते हुए जांच कर रही है। 
राज्य में दो दिन का पूर्ण लॉकडाउन: शहर की सड़कें रही सूनी, कराया जा रहां नियमों का कड़ाई से पालन

राज्य में दो दिन का पूर्ण लॉकडाउन: शहर की सड़कें रही सूनी, कराया जा रहां नियमों का कड़ाई से पालन

रायपुर। राजधानी सहित आज पूरे प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। आम दिनों की अपेक्षा आज सड़कों पर गिनती के ही वाहन नजर आ रहे हैं। पुलिस द्वारा प्रत्येक चौक-चौराहों पर बेरिकेटिंग कर वाहन चालकों की जांच-पड़ताल की जा रही है, इससे बेवजह बाहर निकलने वालों पर लगाम कस गया है। यह स्थिति कल रविवार को भी रहेगा और सोमवार से लॉकडाउन में फिर से ढील दी जाएगी। 

राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार उपाए किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के मंशानुरूप पूरे राज्य में अब इस माह के प्रत्येक शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि शनिवार और रविवार को ही अवकाश होने के कारण लोग सबसे ज्यादा बाहर निकलते हैं। इससे कोरोना संक्रमण को बढऩे का मौका मिल सकता है, यही वजह है कि शनिवार और रविवार को अब राज्य में पूर्ण लॉकडाउन लगाया जा रहा है। इसका असर भी आज देखने को मिला। शुक्रवार की अपेक्षा आज शनिवार को शहर की सड़कें सूनी दिखी। प्रत्येक चौक-चौराहे पर पुलिस की सख्त पहरेदारी से केवल आवश्यक कार्य के लिए निकलने वाले एक्का-दुक्का लोगों की आवाजाही ही सड़कों पर दिखी। इसके अलावा आपातकाल में घर से निकलने वालों को छोड़कर आमजन आज अपने-अपने घरों में ही रहे। परिणाम स्वरूप शहर की सड़कें और चौक-चौराहें खाली नजर आए। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर अचानक से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। वर्तमान में कोरोना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक न फैल सके, कोरोना संक्रमण की चैन टूट सके। इसके लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, इसी क्रम में आज शनिवार और कल रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय इस माह के प्रत्येक शनिवार और रविवार को लागू होगा। माहांत के बाद सभी जिलों में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति व परिणाम का परीक्षण करने के पश्चात आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बड़ी खबर कोरबा: शुक्रवार दोपहर तीन बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक रहेगा लॉकडाउन, इन्हें दी जायेगी छूट

बड़ी खबर कोरबा: शुक्रवार दोपहर तीन बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक रहेगा लॉकडाउन, इन्हें दी जायेगी छूट

कोरबा। जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण के लिए मई महिने के शेष सप्ताहों में हर शुक्रवार दोपहर तीन बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक कम्पलीट लॉक डाउन रहेगा। इस दौरान धारा 144 का बड़ी कड़ाई से पालन कराया जायेगा। सत्रह मई तक लागू धारा 144 सत्रह मई के बाद के हर शुक्रवार दोपहर तीन बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान कोरबा जिला सीमा क्षेत्र में सभी प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर तमाम दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। सड़कों पर बिना किसी काम के बेवजह लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी। जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को छूट प्राप्त दुकानें सामान्य दिनों की तरह संचालित होंगी। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार कम्पलीट लॉक डाउन से केवल अत्यावश्यक सेवाओं एवं आपातकालीन सेवाओं को छूट होगी। कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और अति आवष्यक सेवा से संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं बिजली पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवाओं को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। लॉक डाउन के दौरान सुरक्षा में लगी निजी एजेंसियों सहित सभी एजेंसियां, अग्निशमन सेवाएं, एटीएम, टेलिकाम और इंटरनेट सेवाएं चालू रहेंगी। इस दौरान सभी अस्पताल और लायसेंस प्राप्त पंजीकृत क्लीनिक भी खुले रहेंगे। मेडिकल स्टोर, चश्में की दुकान और दवा बनाने वाली इकाईयां तथा उनके परिवहन संबंधी गतिविधियां भी लॉक डाउन के दौरान संचालित होंगी। खाद्य आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवाएं इस दौरान चलती रहेंगी। खाद्य पदार्थ ब्रेड, फल एवं सब्जी की दुकानें शनिवार को बंद रहेंगी और रविवार को खुली रहेगी। मिल्क पार्लर और डेयरियां लॉक डाउन के दौरान संचालित होंगी। घर-घर जाकर दूध बांटने वाले विक्रेता सुबह 6.30 बजे से 8.30 बजे तक और शाम पांच बजे से सात बजे तक दूध बांट सकेंगे। एटीएम वाहन, एलपीजी गेैस सिलेंडर वाहन भी इस दौरान चल सकेंगे। पेट्रोल, डीजल पंप एवं एलपीजी गैस के परिवहन तथा भंडारण की गतिविधियां चालू रहेंगी। टेकअवे, होम डिलेवरी रेस्टोरेंट, पहले से होटलों में रूके हुए अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी चालू रहेगी। प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के दफ्तर एवं न्यूज पेपर वितरण संचालित होगा। अनवरत चलने वाली औद्योगिक संस्थानों और खदानों को भी इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। कटघोरा नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पूर्णत: लॉक डाउन में कोई छूट नहीं होगी और पूर्व के निर्देश अनुसार ही कटघोरा में गतिविधियां संचालित की जायेगी। शुक्रवार को जारी आदेश कोरबा जिले की सीमा क्षेत्र के लिए 31 मई की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन किये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध विधि सम्मत सख्त कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुन: किया अनुरोध

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुन: किया अनुरोध

राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी में लाने पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए तत्काल प्रदान करने का आग्रह

लॉकडाउन की लंबी अवधि से राज्य में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित: लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट

बघेल ने कहा- केन्द्र स्तर से जोनों के निर्धारण में व्यवहारिक कठिनाईयां: आर्थिक गतिविधियों के संचालन का अधिकार मिले राज्यों को

रायपुर ।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य को आगामी तीन माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुन: अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि यह आर्थिक पैकेज स्वीकृत नही किया जाता तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन भी संभव नही हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के लिए इस पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जानी चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके की उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।

   मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि देश में कोविड-19 वायरस के संक्रमण के कारण अभूतपूर्व संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है। केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा पूर्ण एकजुटता के साथ इस गंभीर आपदा से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किए जा रहे है। राज्य में 8 मई तक पूर्ण लॉकडाउन के 48 दिन पूर्ण हो चुके है। अभी भी कोविड-19 वायरस के नए संक्रमितों की संख्या निरंतर बढऩे से यह प्रतीत होता है कि निकट भविष्य में इस महामारी के पूर्ण नियंत्रित होने अथवा समाप्त होने की संभावनाएं अत्यंत क्षीण है।

   मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी तक तुलनात्मक रूप से कोरोना वायरस के प्रसार की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। राज्य में आपदा से निपटने के लिए संपूर्ण तंत्र को यथासंभव सुदृढ़ किया जा रहा है। लॉकडाउन की लंबी अवधि के कारण राज्य में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में विभाजित कर सीमित आर्थिक गतिविधियां आरंभ की गई है।

        मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि भारत सरकार के स्तर से विभिन्न जोनों के निर्धारण में व्यावहारिक कठिनाई यह है कि जोन निर्धारण के तत्काल बाद ग्रीन जोन में नये संक्रमितों के मिलने की पूर्ण संभावना है। ऐसी स्थिति में यदि उसे पुन: रेड जोन में लाया जायेगा तो जो थोड़ी बहुत आर्थिक गतिविधियां आरंभ हुई थी वह पुन: बंद हो जाएंगी। लम्बे इंतजार के बाद एक बार किसी आर्थिक गतिविधि को यदि पुन: बंद किया गया तो उससे असंतोष बढ़ेगा तथा अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। वर्तमान में यह अनिश्चितता भी बनी हुई है कि 17 मई के पश्चात लॉडडाउन के संबंध में क्या स्थिति रहेगी। इन सब अनिश्चितताओं को समाप्त करने के लिए आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी संभव सावधानियां बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को क्रमश: आरंभ करें। ऐसी स्थिति में यह उचित होगा कि राज्य के अन्दर विभिन्न आर्थिक गतिविधियां के संचालन करने के संबंध में पूर्ण अधिकार राज्यों को सौंप दिए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि उनके द्वारा पूर्व में भी यह अनुरोध किया गया है कि यदि राज्य को आगामी 3 माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज स्वीकृत नही किया गया तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन संभव नही हो सकेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के लिए उपरोक्त पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जाना चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके कि उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।

   मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से पुन: अनुरोध किया है कि राज्य द्वारा दिए गए सुझावों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें ताकि शीघ्र अति शीघ्र सामान्य जन-जीवन बहाल हो सके।

खेत में दफन थी महिला की लाश, आरोपी पति हुआ गिरफ्तार

खेत में दफन थी महिला की लाश, आरोपी पति हुआ गिरफ्तार

भिलाई। दादर रोड नदौरी ग्राम के राठी बाड़ी में महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक महिला की हत्या का आरोपी उसका पति ही निकला है। वह घटना के बाद से लापता था। वह रायपुर में अपने रिश्तेदार के घर छुपा था। पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार कर लाई। पुलिस ने बताया कि मृतक महिला तीन माह की गर्भवती थी। आरोपी ने गला घोंटकर हत्या की फिर उसे दफना दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है
गरज-चमक के साथ बौछार, 9 और 10 को जिले के कई हिस्सों में बारिश की संभावना

गरज-चमक के साथ बौछार, 9 और 10 को जिले के कई हिस्सों में बारिश की संभावना

महासमुंद। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक द्रोणिका विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किमी ऊंचाई तक स्थित है। इसके असर से 8 मई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि संभावित है। जिले में गुरुवार को मौसम शुष्क रहा, वहीं शुक्रवार को भी मौसम शुष्क रहेगा। अनुमान है कि 9 मई को जिले के एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है, वहीं 10 मई को कुछ स्थानों पर ज्यादा बारिश हो सकती है। 

खेतों में फसल, किसानों में चिंता-
इस बेमौसम बारिश और तेज हवा अंधड़ से खेतों में खड़ी या कटकर पड़ी फसल को भारी नुकसान की आशंका है। किसान दौलत चंद्राकर, शंकर चंद्राकर, जीवन चंद्राकर, शंकरू ध्रुव, गनपत निषाद का कहना है कि तेज हवा-बारिश से धान की फसल खेतों में गिर जा रही है। इससे फसल कटाई में दिक्कत होती है और दानें झड़ जाते हैं। जो फसल कटाई के बाद खेतों में बीड़ा या करपा के रूप में पड़ी है, उसे भी बारिश से नुकसान हो रहा है। 
पुलिस ने पार्षद पर बरसाया डंडा, खुला था पान दुकान

पुलिस ने पार्षद पर बरसाया डंडा, खुला था पान दुकान

महासमुंद। दलदली रोड में तय दिन के बावजदू खुली दुकानों को बंद कराने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। लाठी बरसाते हुए दुकानें बंद कराई गई। इसी अभियान के दौरान पुलिस की टीम ने एक पार्षद की जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है वह दुकान खुला रखा था। कोतवाली प्रभारी राकेश खुटेश्वर ने बताया कि सूचना मिली कि दलदली रोड स्थित दुकानें तय दिन के बाद भी खुली है। सूचना पर बंद कराने गए। इस दौरान बंद नहीं करने वालों पर हल्का बल का प्रयोग किया गया। कार्रवाई के दौरान पार्षद जगत महानंद भी दुकान खोला था। इधर, जगत महानंद का कहना है कि उसका दुकान बंद था। इसके बावजूद कोतवाली प्रभारी सहित उनकी टीम जबर्दस्ती उसकी वह उसके भाई की डंडे से पिटाई कर दी। जिससे चोंट आई है। 
सीएमओ ने नियम विरुद्ध 61 कर्मियों को किया अटैच, जानिए क्या है पूरा मामला

सीएमओ ने नियम विरुद्ध 61 कर्मियों को किया अटैच, जानिए क्या है पूरा मामला

रायपुर। स्वास्थ्य चेतना विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र नामदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा नियम विरुद्ध 61 कर्मचारियों को जिनमें सहायक ग्रेड दो एवं तीन के तहत लैब टेक्निशियन फार्मासिस्ट स्टाफ नर्स महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुरुष पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखा परीक्षक जूनियर सेक्रेटियल असिस्टेंट सफाई कर्मचारी, नर्सिंग अर्दली, चपरासी, चौकीदार, वार्ड ब्वाय एवं आयाबाई सहित अन्यत्र अटैचमेंट कर मनमानी की जा रही है। 

स्वास्थ्यमंत्री टीएस सिंहदेव को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य चेतना विकास समिति ने सीएमओ द्वारा की जा रही मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। वहीं शहरी स्वास्थ्य केंद्र कालीबाड़ी को पुन: शुरू किये जाने की मांग की है। अटैचमेंट किये गये कर्मचारियों को मात्र पांच माह की कार्यअवधि में अन्यत्र भेजा जाना सीएमओ द्वारा दिये गये आदेश पर प्रश्रचिन्ह लगाता है। साथ ही संलग्रीकरण नियम विरुद्ध किया गया है। स्वास्थ्य एवं चेतना विकास समिति के पदाधिकारियों ने पीलिया जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए कालीबाड़ी स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत स्टाफ की संख्या बढ़ाकर बंद केंद्र को जनहित में प्रारंभ करने की मांग की है। 
राज्य में शनिवार-रविवार को दुकानें बंद रखने के निर्देश से व्यापारियों में पनप रहा आक्रोश

राज्य में शनिवार-रविवार को दुकानें बंद रखने के निर्देश से व्यापारियों में पनप रहा आक्रोश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अब इस माह के प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेशभर में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा, इस दौरान अंत्यंत आवश्यक सेवाओ  को छोड़कर शेष दुकानें, कार्यालय आदि बंद रहेगा। इस बात को लेकर अब व्यापारी वर्ग में नाराजगी भी दिखने लगी है। 
 
हालांकि छत्तीसगढ़ की स्थिति अन्य राज्यों की अपेक्षा वर्तमान में भी पूर्ण नियंत्रित नजर आ रही है। लेकिन राज्य सरकार इसमें कोई कोताही नहीं बरतना चाहती। यही वजह है कि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की मंशानुरूप अब राज्य सरकार ने प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेशभर में पूर्ण लॉकडाउन करने जा रही है। यह प्रतिबंध आज शुक्रवार शाम से ही लागू हो जाएगा और सोमवार सुबह तक जारी रहेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में किसी भी तरह की प्रतिष्ठानें, कार्यालय आदि खोलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। केवल जरूरी व आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष सेवाएं बंद रहेगी। इसमें दूध, मेडिकल, सब्जी जैसे जरूरी चीजों की दुकानें खुलेंगी और किराना, बेकरी और अन्य दुकानें बंद रखी जाएगी। राज्य सरकार का यह फैसला कोरोना संक्रमण को राज्य में पूरी तरह से नियंत्रित रखे जाने के लिए लिया गया है। वहीं दूसरी ओर लंबे समय से दुकानों के शटर बंद होने तथा हाल फिलहाल में खुले दुकानों को फिर से शनिवार और रविवार को बंद रखे जाने के निर्णय से व्यापारियों का एक बड़ा नाराज होने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से दुकानें बंद रहने से उन्हें और प्रदेशभर के व्यापारियों को एक बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। व्यापारियों ने राज्य सरकार के प्रत्येक निर्णय का स्वागत करते हुए जनमानस के स्वास्थ्य के लिए स्वस्र्फूत दुकानें बंद रखी थी। हाल-फिलहाल में खुली दुकानें अभी ठीक से ग्राहकी भी नहीं कर पा रही है कि शनिवार और रविवार को फिर से दुकानें बंद रखे जाने का निर्देश आ गया है। ऐसे में व्यापारियों के समक्ष एक बड़ी मुश्किल आ खड़ी हुई है। 
बाथरूम में फांसी से लटकती मिली खिलाड़ी की लाश, जाने क्या है पूरा मामला

बाथरूम में फांसी से लटकती मिली खिलाड़ी की लाश, जाने क्या है पूरा मामला

भिलाई। जिले में एक एथलीट की लाश घर के बाथरूम में फांसी के फंदे से लटकी मिली है। प्रथम दृष्टया यह मामला ख़ुदकुशी का बताया जा रहा है।

यह घटना नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली की है, जहां बीएसपी अकादमी में पैदल चाल के खिलाड़ी खिलेश कुमार की लाश बाथरूम में फांसी के फंदे से लटकी मिली है। ख़ुदकुशी की आशंका जताई जा रही है लेकिन फि़लहाल खुदकुशी का कारण अज्ञात है।
छत्तीसगढ़ के इस जिले में क्वारेंटाइन सेंटर से भागे 23 मजदूर, प्रशासन में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ के इस जिले में क्वारेंटाइन सेंटर से भागे 23 मजदूर, प्रशासन में मचा हड़कंप

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा क्वारेंटाइन सेंटर से 23 मजदूरों के भागने का मामला सामने आया है। अरनपुर के ब्वॉयज हॉस्टल में सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन किया गया था।

प्रवासी मजूदरों के लौटने पर उनके लिए हॉस्टल को क्वारंटाइन सेंटर में तब्दील किया गया था। भागे सभी मजदूर नहाड़ी गांव के बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन सभी मजदूरों की तलाश में जुटी है। कुआकोंडा ब्लॉक का ये मामला है,एसपी अभिषेक पल्लव ने इसकी पुष्टि की है।
दरभा ब्लॉक के 60 मजदूर गोवा में फंसे, वापसी की लगाई गुहार, जाने पूरी खबर

दरभा ब्लॉक के 60 मजदूर गोवा में फंसे, वापसी की लगाई गुहार, जाने पूरी खबर

जगदलपुर | बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक के 60 मजदूर गोवा की एक कंपनी में मजदूरी करने गये थे, लॉकडाउन के कारण वे सभी गोवा में फंसे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी वापस आना चाहते हैं, लेकिन बस की सुविधा नहीं मिलने से वे मजबूर हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दरभा ब्लॉक के कावारास-छिंदावाड़ा निवासी चक्रो 25 वर्ष ने बताया कि वह अपने घर मे सबसे बड़ा उसका एक छोटा भाई भी है, पिता बीमार होने के कारण घर वाले बार-बार बुला रहे हैं। गोवा की एमएसके कंपनी में 13 मजदूर काम कर रहे है। यहां काम करने के दौरान वे गोवा के परवारी बेती में रह रहे हैं। यहां से 15 किमी दूर दारगढ़ में तो कुछ तिलामोड़ में भी फंसे हुए हैं। चक्रो ने बताया कि सभी मजदूर बसों से गोवा तक पहुंचे, लेकिन अचानक हुए लॉकडाउन में वे फंस गए। जिस कंपनी में काम कर रहे है, वहां से हर सप्ताह में 01 हजार रुपये मिलने से जरूरत का सामान खरीदकर मुश्किल से गुजारा हो पा रहा है, परेशानियों में फंसे मजदूरों ने प्रशासन से वापसी की गुहार लगाई है।
 
 राजधानी में अब तक मिले पीलिया के 70 मरीज, जाने पूरी खबर

राजधानी में अब तक मिले पीलिया के 70 मरीज, जाने पूरी खबर

रायपुर। संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं तथा रायपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम के अलावा अन्य टीमें भी लगातार शहर के विभिन्न वार्डों में दौरा कर लोगों को क्लोरिन की दवाईयां बांट रही है, बावजूद इसके पीलिया पर लगाम नहीं लग पा रहा है। 

राजधानी रायपुर में पीलिया का प्रकोप दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर पीलिया क्यों फैल रहा है? इधर निगम अमले ने प्रभावित इलाकों में पखवाड़े भर पूर्व ही पाईप लाइन बदल दिया था। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में विशेष साफ-सफाई अभियान, दवाईयों का छिड़काव, क्लोरिन टेबलेट का वितरण आदि किया था। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने भी प्रभावि क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। इसके बाद भी पीलिया पर प्रभावी रोकथाम नहीं लग पा रहा है। अब मैदान में संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के साथ ही रायपुर जिले के स्वास्थ्य विभााग की टीम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन भी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। इसके बाद भी शहर में पीलिया पर प्रभावी रोक नहीं लग पाया है जो कि चिंता का विषय है। रायपुर शहर में पीलिया परीक्षण के लिए अब तक 184 सत्र हो चुका है, 19655 घरों को चिन्हांकित कर परीक्षण किया जा चुका है। वहीं शहर में करीब 3 हजार लोगों का रक्त परीक्षण किया जा चुका है जिनमें कुल 476 वायरस हेपेटाइटिस मरीज मिले हैं। शहर में पीलिया के 37 मरीज शासकीय अस्पतालों में तथा 33 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इस तरह शहर में कुल दो मरीजों की मृत्यु के बाद पीलिया के 70 मरीज सामने आ चुके हैं। 
लॉकडाउन के बिच कुछ युवकों की दरिंदगी, छेड़छाड़ से मना करने पर महिला को किया आग के हवाले

लॉकडाउन के बिच कुछ युवकों की दरिंदगी, छेड़छाड़ से मना करने पर महिला को किया आग के हवाले

कोरबा। मोरगा क्षेत्र निवासी एक महिला को झुलसी हालत में जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर है। पति का कहना है कि छेड़छाड़ से मना करने पर 4 युवकों ने उसकी पत्नी को आग के हवाले कर दिया। घटना मोरगा चौकी क्षेत्र के ग्राम पतुरियाडांड की है। रात करीब 10 बजे यह घटना हुई। प्रकाश के अनुसार पड़ोस के गांव गिद्धमुड़ी के 4 लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। प्रकाश के अनुसार जिस वक्त यह घटना हुई वह अपने नाना के यहां गया हुआ था। वहां से लौटा तो पत्नी को जलता देखा। पानी से आग बुझाकर उसे जिला अस्पताल लाया। घटना की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल पुलिस ने महिला का बयान लिया है।
लॉकडाउन के बिच हाईकोर्ट ने किया कैंलेडर में बदलाव, ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी खुले रहेंगे न्यायालय

लॉकडाउन के बिच हाईकोर्ट ने किया कैंलेडर में बदलाव, ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी खुले रहेंगे न्यायालय

बिलासपुर। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बिच एक खबर सामने आ रही है खबर है की छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वर्ष 2020 के कैलेंडर में बदलाव किया है। अब उच्च न्यायालय के साथ तमाम अधीनस्थ न्यायालय घोषित छुट्टियों को छोड़कर 18 मई से लेकर 12 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी खुले रहेंगे। आदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल नीलम चंद सांखला की ओर से जारी किया गया है।
 भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने सरकार पर उठाए कई सवाल, जाने क्या कुछ है खास

भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने सरकार पर उठाए कई सवाल, जाने क्या कुछ है खास

भाटापारा। कोरोना वायरस (कोविड-19) के नियंत्रण व् रोकथम के लिए राज्य व् केंद्र की सरकार कई प्रयास कर रही है सरकार ने लॉकडाउन के साथ कई गतिविधियों में रोक लगा दी है। इसी कड़ी में कोरोना के साथ पलायन देश में बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है, रोजगार के लिए बड़े शहरों में गये मजदूर पुन: अपने राज्य लौटने की आस में खड़े है। छत्तीसगढ़ सरकार की निर्ममता इस बात से ही स्पष्ट होती है कि आज उनके पास पलायन के मजदूरों की ना कोई गिनती है, ना ही कोई जानकारी है बलौदाबाजार भाटापारा जिले से ही करीब 50 हजार मजदुर पलायन किये हुए है।

पढ़िए पूरी खबर-
विधायक शर्मा का कहना है कि भूख और लॉकडाउन के तिहरे में खड़े मजदुर सरकार से मदद की उम्मीद लगाये बैठे हैं, केन्द्र की मोदी सरकार ने प्रवासी मजदुरों के उचित रहने खाने एवं उनकी राज्य वापसी की व्यवस्था करने समस्त राज्यों को निर्देशित किया है इसके उपरांत भी छत्तीसगढ़ की सरकार उन मजदुरों के आने की कोई व्यवस्था नही करती दिख रही है मजदुर हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा करने मजबुर विवश नजर आ रहे है। कड़ी धुप की यात्रा के चलते कई मजदुर जान से भी हाथ गवा बैठे है। पर निर्दयी सरकार की आखे धृतराष्ट्र की तरह खुलने का नाम ही नही ले रही है इस विषम संकट को देखते हुए भाटापारा विधायक एवं प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र एवं समस्त राज्य से पलायने किये हुये मजदुरों की वापसी की चिंता करते हुए विधानसभा (कोविड-19) हेल्पडेस्क में ऐसे लोगों की समस्त जानकारी फोन नंबर सहित उपलब्ध कराई है।

आगे विधायक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 1200 मजदुरों की सूची एवं उनकी समस्त जानकारी शासन को भेजी है इसमें करीब 11 राज्यों में क्षेत्र के मजदुरों की जानकारी है मध्यप्रदेश 50, उत्तरप्रदेश 80, महाराष्ट्र 750, गुजरात 10, दिल्ली 15, गोवा 5, आंध्रप्रदेश 65,कर्नाटक 15 शामिल है । विधायक शर्मा ने आगाह करते हुए राज्य भर मेें पलायन के मजदुरों की जानकारी लेने हेतु ग्रामों में मुनादी कराने की मांग की है इसमें प्रदेश सरकार के पास पलायन के मजदुरों की जानकारी उपलब्ध हो सके और उनकी घर वापसी की राह आसान हो
छापामार कार्यवाही में साल की लकड़ी बरामद, जाने पूरी खबर

छापामार कार्यवाही में साल की लकड़ी बरामद, जाने पूरी खबर

कोरबा। कटघोरा वन मंडल में अवैध पेड़ों की कटाई जोरों पर हैे। कटघोरा वन मंडल अधिकारी शमा फारुकी के निर्देशन में अवैध कटाई करने वाले पर कार्रवाई की गई हैे। इसी कड़ी में कल वन विभाग द्वारा सर्च वारेंट जारी कर ऐतमानगर रेंज के माचाडोली में दूसरे रेंज के अफसरों की टीम बनाकर विभाग द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई। जिसमें माचाडोली में तीजू यादव के घर से सााल एवं अन्य प्रजाति की लकड़ी लगभग 101 घन मीटर बल्ली लकड़ी बरामद की गई हैे। साथ ही घर के अंदर पटाव मेें 200 नग सरई के पल्ले जो कि घर में लगे थे। इस कार्यवाही से आस पास के क्षेत्र में हड़कंप मच गये। चर्चा यह भी है कि जंगली लकडिय़ों की अवैध कटाई वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत में लंबे अर्से से इस क्षेत्र में चल रहा है, जिसकी शिकायत कटघोरा वन मंडलाधिकारी को मिलने के बाद अफसरों की टीम बनाकर सुबह 7 बजे माचाडोली में छापामार कार्यवाही की गई जहां ऐतमा नगर रेंज के जंगलों में पेड़ों की कटाई के साथ साथ अवैध मुरूम का भी खनन किया जा रहा हैे। जिसकी शिकायत विभाग को कई बार दी गई थी, लेकिन उस पर अनदेखी की जा रही थी। वन मंडल अधिकारी फारुकी के आने के बाद वन विभाग ने अवैध काम करने वालों पर कार्यवाही करनी शुरू कर दी है जिसकी निगरानी दूसरे रेंज के अफसरों को दी गई हैे। जानकार बताते हैं कि अगर इस क्षेत्र में इसी तरह और कई मकानों में दबिश दी गई तो कई मकानों में अवैध इमारती लकड़ी और फर्नीचर  मिलेंगे। इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पेड़ कटाई का खेल चला आ रहा है। इस पूरे कार्यवाही में डी एफ ओ कटघोरा द्वारा सर्च वारंट जारी कर छापामार कार्यवाही की गईे। एतमा नगर रेंज के किसी भी कर्मचारी को शामिल नहीं किया गया थो। तीजू राम रिटायर डिप्टी रेंजर के चहेते माने जाते हैं और लंबे समय से इमारती लकड़ी की तस्करी कर रहा है। इस क्षेत्र में वन विभाग को लगातार कार्यवाही करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
पुलिस पब्लिक स्कूल को मिली सीबीएसई की मान्यता :  नर्सरी से 12वीं तक कम फीस में ही पढ़ सकेंगे छात्र-छात्राएं

पुलिस पब्लिक स्कूल को मिली सीबीएसई की मान्यता : नर्सरी से 12वीं तक कम फीस में ही पढ़ सकेंगे छात्र-छात्राएं

रायपुरमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राज्य में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं। इसी क्रम में विशेष प्रयास से पेंशनबाड़ा स्थित पुलिस पब्लिक स्कूल को सीबीएसई ने 12वीं कक्षा तक मान्यता प्रदान कर दी है। उल्लेखनीय है कि स्कूल भवन कई वर्षों से खाली पड़ा जर्जर हो रहा था। नई सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इसकी मरम्मत कराकर स्कूल को अच्छे से संचालित करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से नए सिरे से योजना बनाकर स्कूल को संचालित किया जा रहा है।

सीबीएसई की विशेष टीम के निरीक्षण में सभी मानक पूरे पाए गए, जिसके बाद मान्यता प्रदान की गई। अभी तक स्कूल आठवीं कक्षा तक संचालित हो रहा था। इस सत्र से यहां के छात्र-छात्राएं 9वीं में एडमिशन ले सकेंगे। स्कूल में पुलिसकर्मियों के अलावा आम नागरिकों के बच्चों को भी प्रवेश दिया जाता है।
 डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने बताया कि इस स्कूल की खास बात है कि यहां पुलिसकर्मी ही शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। सभी योग्यताएं पूरी करने वाले  पुलिसकर्मियों को ही यहां पदस्थ किया गया है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी भी सिखाई जाती है। इसके अलावा खेलकूद और अन्य गतिविधियां भी लगातार संचालित होती रहती हैं। स्कूल में कम्प्यूटर लैब, प्ले ग्राउंड, म्यूजिक क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में स्कूल बिना किसी व्यवसायिक लाभ की अपेक्षा से संचालित किया जा रहा है। यही वजह है कि पुलिस पब्लिक स्कूल में फीस अन्य स्कूलों की अपेक्षा बहुत ही कम है। पिछले वर्ष स्कूल में 185 बच्चे अध्ययनरत थे।

गोल बाजार में जूता-चप्पल दुकान के कर्मचारी ने किया तहसीलदार से अभद्र व्यवहार, व्यापारी पर लगा जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर

गोल बाजार में जूता-चप्पल दुकान के कर्मचारी ने किया तहसीलदार से अभद्र व्यवहार, व्यापारी पर लगा जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर

महासमुंद | बाजार के अंदर तहसीलदार की टीम पहुंची तो बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकान के संचालक व कर्मचारी आनन-फानन में शटर गिराकर भाग गए। उन्होंने इतना भी नहीं देखा कि दुकान में ग्राहक है या नहीं, शटर गिरा दिया। बाद में तहसीलदार की टीम ने दुकान के अंदर फंसी एक महिला को बाहर निकाला। वह दुकान की संचालक थी। जिसे कर्मचारी बंद कर भाग गया था। बता दे कि ये वे दुकानदार थे, जिन्होंने तय दिन के बाद भी दुकान खोलकर व्यपार कर रहे थे। दुकानदार कलेक्टर के आदेश की अवहेलना कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब एक दुकानदार ने तहसीलदार से अभद्र व्यवहार किया। बाजार के अंदर तय दिन के बावजूद दुकान खोलने वाले चार दुकानदारों पर टीम ने कार्रवाई की। तहसीलदार मूलचंद चोपड़ा ने बताया कि सुबह सूचना मिली कि तय दिन में जो दुकानें खुलनी चाहिए थी वह भी खुल रही है। जुता-चप्पल की दुकानें खुली हुई है। सूचना मिलते ही टीम कार्रवाई करने के लिए बाजार के अंदर पहुंचा तो, जुता-चप्पल के दुकानदार टीम को देखकर आनन फानन में शटर बंद कर भाग गए। उन्होंने बताया कि एक महिला दुकान का संचालित कर रही थी। उसका कर्मचारी नरेश नायक उसे दुकान के अंदर बंद कर भाग गया। बाद में वह उल्टा प्रशासन की टीम पर झूठा आरोप लगाते हुए टीम के द्वारा महिला को दुकान के अंदर बंद करने का अफवाह भी फैलाया। उन्होंने कहा कि पालिका की टीम भी साथ में थी। चार दुकानदारों पर आदेश का उल्लंघन करने पर चलानी कार्रवाई की गई है। 

तय तिथि के बाद भी दुकानें खुली तो होगी कार्रवाई 

 कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तीसरा लॉकडाउन प्रारंभ हो गया है। 17 मई तक लॉकडाउन है। इस बीच आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने तीन जोन में जिले को विभाजित किया है। महासमुंद जिला ग्रीन जोन में है। 4 मई से सभी दुकानें खुलना प्रारंभ हो गई। कलेक्टर ने आवश्यक दुकानों को छोडकऱ अन्य दुकानों को खोलने के लिए निर्धारित दिन तय कर दिए है। इस लिए सभी दुकानें पूर्ण रूप से खुली रहेंगी। 

 
नोटबंदी और लॉकडाउन की तरह बिना सोचे समझे शराबबंदी नहीं करेगी सरकार : कांग्रेस

नोटबंदी और लॉकडाउन की तरह बिना सोचे समझे शराबबंदी नहीं करेगी सरकार : कांग्रेस

पहले आंकलन होगा, समाज को तैयार किया जाएगा फिर होगी शराब बंदी

भाजपा पहले अपनी सरकारों से शराब दुकानें बंद करने की घोषणा करवाए

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि शराब बेचने का विरोध कर रही भाजपा को पहले बताना चाहिए कि अपने चुनावी घोषणा पत्रों में वादा करने का बावजूद उसने शराब बंदी करने की जगह शराब को बढ़ावा क्यों दिया? पंद्रह वर्षों में शराब की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है वह भाजपा के 15 वर्षों के शासनकाल में ही हुई है और उसी दौरान कोचिये लगातार ताक़तवर हुये। 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह की सरकार ने शराब बंदी करने की जगह उल्टे शराब का सरकारीकरण कर दिया और शराबबंदी की ओर कोई ठोस क़दम नहीं उठाया।  प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की सरकार ने 2011 में राज्य में शराबबंदी लागू करने के लिए कहा था। कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद भी राज्य में बीयर-बार और शराब बिक्री को बंद करने के बजाय इसमें और बढ़ोत्तरी हो गई। राज्य की कांग्रेस सरकार समझती है कि शराब बंदी करना आवश्यक है।  लेकिन जैसा कि सरकार ने कहा है कि शराब बंदी का क़दम नोटबंदी की तरह या लॉक डाउन की तरह बिना सोचे समझे नहीं उठाया जाएगा।  राज्य सरकार समझती है कि अचानक शराब बंदी का समाज में कई विपरीत असर पड़ता है जो शराब से ज़्यादा घातक होता है। इसके लिए सरकार ने ठोस क़दम उठाए हैं।  शराबबंदी के लिए तीन तरह की कमेटियां गठित की गई है। राजनैतिक स्तर की कमेटी में भाजपा के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी  बैठक में भाजपा के पदाधिकारी आते ही नहीं है।  इससे ही स्पष्ट है कि भाजपा शराबबंदी पर अपने 15 वर्ष के शासनकाल में भी राजनीति करती रही और अभी भी राजनीति ही कर रही है। भाजपा को जनहित से कोई लेना देना नहीं है। सामाजिक स्तर और प्रशासनिक स्तर पर भी कमेटी का गठन किया गया है। इन कमेटियों के अनुशंसा के आधार पर ही राज्य सरकार निर्णय लेगी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जहां तक कोरोना संकट के समय शराब दुकानें खोलने का सवाल है तो छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शराब दुकानों को केन्द्र सरकार द्वारा एक मई को जारी किए गए आदेश-निर्देश के बाद ही शुरू किया गया है।  तो भाजपा नेताओं को शराब बेचने के फ़ैसले के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से पूछना चाहिए। भाजपा नेताओं को चाहिए कि पहले वे भाजपा शासित राज्यों में शराब दुकानें बंद करने की घोषणा करवाएं उसके बाद ही कांग्रेस सरकार पर आरोप प्रत्यारोप करें।  15 साल सत्ता में रहकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ में जमकर शराब बेची और अब भाजपा शराबबंदी की मांग कर रही है जब कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र के अनुसार शराब बंदी लागू करने के लिए समिति बनाई और भाजपा को भागीदारी के लिए कहा तो भाजपा भाग खड़ी हुई । भाजपा और पार्टी के सांसदों द्वारा की जा रही छत्तीसगढ़ विरोधी राजनीति पर तगड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि करोना में भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों के हित के लिए क्या योगदान दिया बताएं पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को करोना  से लडऩे के लिए क्या योगदान दिलाया भाजपा सांसदों ने यह बताना चाहिए ! सीएम रिलीफ फंड में एक भी पैसा भाजपा सांसदों ने दिया हो तो वह बताएं ! लगातार छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ बयानबाजी करना और जनहित में काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों में नुक्ता चीनी करना भाजपा के लोकसभा सदस्यों का चरित्र बन गया है। छत्तीसगढ़ के लोग सब देख रहे हैं और समझ भी रहे हैं ।

 
राजधानी के कुशालपुर में हुआ चाकू-बाजी, किराना दुकान संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला

राजधानी के कुशालपुर में हुआ चाकू-बाजी, किराना दुकान संचालक पर चाकू से जानलेवा हमला

रायपुर। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कुशालपुर में मामूली विवाद के चलते एक व्यवसायी को चाकू मारकर घायल कर दिया वहीं आरोपी मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गया है। 

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुशालपुर में प्रार्थी अमर लाल सोनकर का किराना दुकान है। रोज की तरह आज सुबह भी वह अपने दुकान खोलने के लिए घर से रवाना हुआ। कुशालपुर में अपने दुकान का ताला खोलकर वह ग्राहकी निपटा रहा था। इसी बीच आरोपी मयंक उपाध्याय वहां पहुंचा और किसी बात को लेकर प्रार्थी अमरलाल सोनकर के साथ उसकी कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ा कि आरोपी ने तैश में आकर अपने पास रखे चाकू से प्रार्थी पर ताबड़तोड़ वार कर वहां से भाग निकला। प्रार्थी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर पुलिस ने आरोपी मयंक उपाध्याय के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। 
तीसरी श्रेणी के लॉकडाउन का ध्येय है जान बची तो लाख उपाय- लता उसेंडी

तीसरी श्रेणी के लॉकडाउन का ध्येय है जान बची तो लाख उपाय- लता उसेंडी

कोंडागाव। जिला के भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री लता उसेंडी एवं कोंडागाव भाजपा जिला संगठन प्रभारी श्रीनिवास राव मद्दी, जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा,गोपाल दीक्षित, की उपस्थिति में लता उसेंडी ने कहा कि अभी हम लोग लॉकडाउन-03 से गुजर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा था, जान है तो जहान है, फिर दुबारा 'जान भी और जहान भी के ध्येय वाक्य के साथ काम किया। अब इस तीसरी श्रेणी के लॉकडाउन का ध्येय है जान बची तो लाख उपाय। एकमात्र प्राथमिकता जान बचाने की थी। 

उन्होने कहा कि देश-दुनिया ने पहले कभी इस तरह के हालात नही देखे थे। जब पूरा देश बल्कि पूरी दुनिया एक साथ एक ही चुनौती से जूझ रहा था। लेकिन यह मोदी जी के सशक्त नेतृत्व की ताकत थी कि आज दुनिया भर में हमारी क्षति न्यूनतम है। जहां दुनिया के सबसे विकसित और समृद्ध कहे जाते अमेरिका और इटली जैसे देशों में हाहाकार है, भारत अपेक्षाकृत न्यूनतम क्षति के साथ इस महामारी का सामना कर रहा है। अगर कुछ समुदाय विशेष की समस्या नहीं होती तो हालात और बेहतर होते। अब यह उम्मीद की जा रही है कि स्थिति नियंत्रण में होगी।

जान बची तो लाख उपाय, के ध्येय को सामने रख कर देश ने धीरे-धीरे जन जीवन को पटरी पर लाने का सोचा। इसी सन्दर्भ में केंद्र का निर्देश आया कि कुछ खास श्रेणियों के कारोबार को छोड़ कर शेष सभी कारोबार तय शर्तों के अधीन राज्य अपनी-अपनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शुरू कर सकते हैं। ऐसा करते समय निश्चय ही यह ध्यान में था कि कोरोना से भी नहीं और भूख से भी नहीं मरें लोग। रोजी-रोजगार आदि शुरू हो।
शराब दुकानें खोलने के लिए किसके फोन आते थे स्पष्ट करें आबकारी मंत्री - कौशिक

शराब दुकानें खोलने के लिए किसके फोन आते थे स्पष्ट करें आबकारी मंत्री - कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एक बार फिर प्रदेश में शराब दुकानें खोले जाने पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब दुकानें खोलने के लिये किस का फोन आ रहा था, यह स्पष्ट करना चाहिये। 

कौशिक ने जारी अपने बयान में कहा कि पूरे देश-दुनिया में कोरोना के त्राहिमाम की स्थिति में  है। इसके बीच प्रदेश सरकार की प्रथामिकता केवल शराब बेचने की है। प्रदेश में कोरोना से और स्थिति गंभीर हुई तो इसके लिये कौन जिम्मदार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल बजट 1 एक लाख 200 करोड़ इस वित्तीय वर्ष हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिसमें आबकारी कर 5200 करोड़ प्रस्तावित है। प्रतिमाह आबकारी कर से 433 करोड़ प्रस्तावित है। इस प्रकार तीन माह में भी दुकानें बंद होती है तो कोई राजस्व प्राप्त नही भी  होगा तो 1200 करोड़ के राजस्व की कमी आयेगी। जो पूरे  बजट  का मात्र 1.2 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि केवल इसी राशि के लिये समूची जनता के जान को जोखिम के डालना किनता उचित है?

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अव्होर रेट पर शराब बेची जा रही है। केवल आबकारी विभाग मुकदर्शक बना हुआ है। पूरे प्रदेश में लगातार कोरोना के मामलें बढ़ते जा रहे हैं, और प्रदेश सरकार अपना पूरा घ्यान शराब बेचने में केंद्रित कर रही है। जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में मातृ शक्ति शराब ब्रिकी का विरोध कर रही है उसके बाद भी प्रदेश सरकार के कानों में जू तक नही रेंग रहा है। महिला संगठन लगातार उग्र विरोध कर रही है। इन सबके बाद भी प्रदेश की सरकार जनभावनाओं के मुताबिक शराब ब्रिकी के विरोध के बाद भी अपने हठ पर अडिग है। शराब की वजह के पूरे प्रदेश में अप्रिय घटनायें बढ़ रही है। धरसीवा,जाजंगीर व कई जगह पर अप्रिय घटना हुई है। इस पर भी प्रदेश सरकार की कोई चिंतायें नही है। वही राजनांदगाव में दो व्यक्तियों की मौत शराब की वजह से हुई है। जिसके लिये कौन जिम्मेदार है। पूरे प्रदेश में शराब की ब्रिकी को बंद करवाना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को केवल 1200 करोड़ के राजस्व की चिंता नही करनी चाहिये। पूरे प्रदेश की जनता की चिंता करनी चाहिये। वैसे भी प्रदेश सरकार को इस वर्ष 15700 करोड़ का लोन लेना प्रस्तावित है। जो कुल बजट का 15 प्रतिशत होगा। जो छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद सबसे बड़ी राशि होगी। उन्होंने कहा कि इस समय राजस्व की चिंता न करते हुए अपने खर्चों को कम करते हुए केवल कोरोना की लड़ाई को प्राथमिकता देना चाहिये।
बिना जांच के प्रवासी मज़दूरों से भरी बस पहुंची छत्तीसगढ़ के दो जिलों में, मचा हड़कंप

बिना जांच के प्रवासी मज़दूरों से भरी बस पहुंची छत्तीसगढ़ के दो जिलों में, मचा हड़कंप

कवर्धा। कोरोना वायरस  को लेकर पूरे विश्व में हाहाकार मचा हुआ हैं, हर घंटे में प्रभावित और मौत का आंकड़ा लगातार बदलता जा रहा है। स्थिति भयावह हो चुकी है, इन्हीं प्रवासी मजदूर के चलते ग्रीन जोन से सीधा रेड जोन और हाई अलर्ट पर कवर्धा पहुंच चुका है। जब से 6 प्रवासी मजदूर कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए हैं तब से पूरे छत्तीसगढ़ की नजर कवर्धा जिला पर लगी हुई है उसके बाद भी प्रशासनिक अमला की लापरवाही आने वाले समय में कहीं भारी न पड़ जाए बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को मां करणी ट्रैवल्स की बस सीजी 08 एम 063 में हैदराबाद से राजनांदगांव पहुंचे प्रवासी मजदूर को राजनांदगांव के अधिकारी कवर्धा बिना जांच के ही भेज दिए।

लगभग 40 मजदूर पहुँचे छिपकर अपने गॉव-
इधर रात के अंधेरे में प्रशासनिक अमला सोते रहा और उधर बस से लगभग 40 लोग उतर कर जिले के अलग-अलग गांव में अपने परिवार के साथ चुपके से दाखिल हो गए, यदि इनमें से एक भी कोरोना  वायरस पॉजिटिव मरीज होगा तो पूरे इलाके के साथ जिले के लिए एक बार फिर बेहद दिक्कतों का सामना करने के अलावा विस्फोटक स्थिति बन सकती है और देखते ही देखते आंकड़े छह से कहीं अधिक जा सकती है|

रात 1:00 बजे चुपके से पहुंची बस-
प्रवासी मजदूरों ने बताया कि वे पिछले कई सालों से हैदराबाद में कार्य कर रहे हैं और अपने परिवार के साथ पैदल चलते-चलते राजनांदगांव जिला पहुंचे थे, वहां उन्हें बुधवार को रोक दिया गया रात होते ही बिना जांच के ही उन्हें एक बस में बैठा कर कवर्धा के लिए रवाना कर दिया गया बस में लगभग 50 प्रवासी मजदूर परिवार सवार थे।

मामले का यूं हुआ खुलासा-
रात के अंधेरे में यह सब कब हो जाता किसी को कानो कान खबर नहीं हो पाती। लगभग 40 मजदूर कवर्धा जिले के अलग-अलग गांव में  बस से उतर कर चले गए लेकिन लगभग 10 से 15 मजदूर बस स्टैंड में आकर बैठ गए क्योंकि उन्हें मुंगेली जाना था कुछ जागरूक लोगों के द्वारा सीजी संवाद की टीम को फोन कर जानकारी दी गई। हमारे मौके पर पहुँचने की जानकारी होने के बाद प्रशासनिक अमला जागा तब तक काफी देर हो चुकी थी और मजदूर गांव की रुख कर चुके थे।

गांव की स्थिति बेहद विस्फोटक-
जिस तरह से लगातार जंगल व प्रमुख मार्गो से प्रवासी मजदूर पैदल चल कर चोरी छिपे लगातार गांव के अपने घर पहुंचने की खबर मिल रही है। यह आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी है और स्थिति बेहद भयावह और विस्फोटक हो सकती है। एक कोरोना पॉजिटिव मरीज ना जाने कितने लोगों को अपने साथ बीमार कर सकता है इसका अंदाजा शायद मजदूरों को नहीं है।

राजनांदगांव से कवर्धा कैसे पहुंची बस-
जिला प्रशासन को इस बात को लेकर गंभीरता के साथ जांच करनी चाहिए कि बस में जब 50 प्रवासी मजदूर सवार थे तो यह बस राजनांदगांव से कवर्धा बस स्टैंड तक बिना किसी रोक-टोक के कैसे पहुंची और मजदूर इससे उतर कर अपने गांव में कैसे पहुंचे, इस दौरान सुरक्षा अमला व जांच नाका में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी क्या कर रहे थे क्या जानबूझकर इन मजदूरों को छोड़ा गया। बहरहाल यह जांच का विषय है लेकिन स्थिति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है जो जिला सबसे सेफ था और यह ज्वालामुखी बनने जा रहा है।