राजनांदगांव के मदनवाड़ा के पास परधौनी गांव में पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान मदनवाड़ा के थाना प्रभारी श्याम किशोर शर्मा जी की शहादत का समाचार दुःखद है।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 9, 2020
मैं उनकी शहादत को नमन करता हूँ। ईश्वर उनके परिवारजनों को संबल प्रदान करे।
इस मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी में लाने पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए तत्काल प्रदान करने का आग्रह
लॉकडाउन की लंबी अवधि से राज्य में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित: लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट
बघेल ने कहा- केन्द्र स्तर से जोनों के निर्धारण में व्यवहारिक कठिनाईयां: आर्थिक गतिविधियों के संचालन का अधिकार मिले राज्यों को
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य को आगामी तीन माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज शीघ्र स्वीकृत करने का पुन: अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि यह आर्थिक पैकेज स्वीकृत नही किया जाता तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन भी संभव नही हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के लिए इस पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जानी चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके की उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।
I have written a letter again to honourable PM, requested him for approval of Rs 30 thousand crore packages soon.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 9, 2020
Also Urged to provide Rs 10 thousand crore immediately to restore state's economy. @PMOIndiahttps://t.co/lBrnB5nWCe
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा है कि देश में कोविड-19 वायरस के संक्रमण के कारण अभूतपूर्व संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है। केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा पूर्ण एकजुटता के साथ इस गंभीर आपदा से निपटने के लिए हर संभव प्रयत्न किए जा रहे है। राज्य में 8 मई तक पूर्ण लॉकडाउन के 48 दिन पूर्ण हो चुके है। अभी भी कोविड-19 वायरस के नए संक्रमितों की संख्या निरंतर बढऩे से यह प्रतीत होता है कि निकट भविष्य में इस महामारी के पूर्ण नियंत्रित होने अथवा समाप्त होने की संभावनाएं अत्यंत क्षीण है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी तक तुलनात्मक रूप से कोरोना वायरस के प्रसार की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। राज्य में आपदा से निपटने के लिए संपूर्ण तंत्र को यथासंभव सुदृढ़ किया जा रहा है। लॉकडाउन की लंबी अवधि के कारण राज्य में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में विभाजित कर सीमित आर्थिक गतिविधियां आरंभ की गई है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि भारत सरकार के स्तर से विभिन्न जोनों के निर्धारण में व्यावहारिक कठिनाई यह है कि जोन निर्धारण के तत्काल बाद ग्रीन जोन में नये संक्रमितों के मिलने की पूर्ण संभावना है। ऐसी स्थिति में यदि उसे पुन: रेड जोन में लाया जायेगा तो जो थोड़ी बहुत आर्थिक गतिविधियां आरंभ हुई थी वह पुन: बंद हो जाएंगी। लम्बे इंतजार के बाद एक बार किसी आर्थिक गतिविधि को यदि पुन: बंद किया गया तो उससे असंतोष बढ़ेगा तथा अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। वर्तमान में यह अनिश्चितता भी बनी हुई है कि 17 मई के पश्चात लॉडडाउन के संबंध में क्या स्थिति रहेगी। इन सब अनिश्चितताओं को समाप्त करने के लिए आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी संभव सावधानियां बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को क्रमश: आरंभ करें। ऐसी स्थिति में यह उचित होगा कि राज्य के अन्दर विभिन्न आर्थिक गतिविधियां के संचालन करने के संबंध में पूर्ण अधिकार राज्यों को सौंप दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि उनके द्वारा पूर्व में भी यह अनुरोध किया गया है कि यदि राज्य को आगामी 3 माहों में 30 हजार करोड़ रूपए का पैकेज स्वीकृत नही किया गया तो आर्थिक संकट के कारण राज्य के सामान्य काम-काज का संचालन संभव नही हो सकेगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने के लिए उपरोक्त पैकेज में से 10 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जाना चाहिए ताकि राज्य स्तर पर ही यह निर्णय लिया जा सके कि उद्योगों, व्यवसायों, कामगारों, कृषकों और अन्य गतिविधियों को कितनी-कितनी आर्थिक सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से पुन: अनुरोध किया है कि राज्य द्वारा दिए गए सुझावों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें ताकि शीघ्र अति शीघ्र सामान्य जन-जीवन बहाल हो सके।
जगदलपुर | बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक के 60 मजदूर गोवा की एक कंपनी में मजदूरी करने गये थे, लॉकडाउन के कारण वे सभी गोवा में फंसे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी वापस आना चाहते हैं, लेकिन बस की सुविधा नहीं मिलने से वे मजबूर हैं।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राज्य में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं। इसी क्रम में विशेष प्रयास से पेंशनबाड़ा स्थित पुलिस पब्लिक स्कूल को सीबीएसई ने 12वीं कक्षा तक मान्यता प्रदान कर दी है। उल्लेखनीय है कि स्कूल भवन कई वर्षों से खाली पड़ा जर्जर हो रहा था। नई सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इसकी मरम्मत कराकर स्कूल को अच्छे से संचालित करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से नए सिरे से योजना बनाकर स्कूल को संचालित किया जा रहा है।
सीबीएसई की विशेष टीम के निरीक्षण में सभी मानक पूरे पाए गए, जिसके बाद मान्यता प्रदान की गई। अभी तक स्कूल आठवीं कक्षा तक संचालित हो रहा था। इस सत्र से यहां के छात्र-छात्राएं 9वीं में एडमिशन ले सकेंगे। स्कूल में पुलिसकर्मियों के अलावा आम नागरिकों के बच्चों को भी प्रवेश दिया जाता है।
डीजीपी श्री डी.एम.अवस्थी ने बताया कि इस स्कूल की खास बात है कि यहां पुलिसकर्मी ही शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। सभी योग्यताएं पूरी करने वाले पुलिसकर्मियों को ही यहां पदस्थ किया गया है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी भी सिखाई जाती है। इसके अलावा खेलकूद और अन्य गतिविधियां भी लगातार संचालित होती रहती हैं। स्कूल में कम्प्यूटर लैब, प्ले ग्राउंड, म्यूजिक क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में स्कूल बिना किसी व्यवसायिक लाभ की अपेक्षा से संचालित किया जा रहा है। यही वजह है कि पुलिस पब्लिक स्कूल में फीस अन्य स्कूलों की अपेक्षा बहुत ही कम है। पिछले वर्ष स्कूल में 185 बच्चे अध्ययनरत थे।
महासमुंद | बाजार के अंदर तहसीलदार की टीम पहुंची तो बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकान के संचालक व कर्मचारी आनन-फानन में शटर गिराकर भाग गए। उन्होंने इतना भी नहीं देखा कि दुकान में ग्राहक है या नहीं, शटर गिरा दिया। बाद में तहसीलदार की टीम ने दुकान के अंदर फंसी एक महिला को बाहर निकाला। वह दुकान की संचालक थी। जिसे कर्मचारी बंद कर भाग गया था। बता दे कि ये वे दुकानदार थे, जिन्होंने तय दिन के बाद भी दुकान खोलकर व्यपार कर रहे थे। दुकानदार कलेक्टर के आदेश की अवहेलना कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब एक दुकानदार ने तहसीलदार से अभद्र व्यवहार किया। बाजार के अंदर तय दिन के बावजूद दुकान खोलने वाले चार दुकानदारों पर टीम ने कार्रवाई की। तहसीलदार मूलचंद चोपड़ा ने बताया कि सुबह सूचना मिली कि तय दिन में जो दुकानें खुलनी चाहिए थी वह भी खुल रही है। जुता-चप्पल की दुकानें खुली हुई है। सूचना मिलते ही टीम कार्रवाई करने के लिए बाजार के अंदर पहुंचा तो, जुता-चप्पल के दुकानदार टीम को देखकर आनन फानन में शटर बंद कर भाग गए। उन्होंने बताया कि एक महिला दुकान का संचालित कर रही थी। उसका कर्मचारी नरेश नायक उसे दुकान के अंदर बंद कर भाग गया। बाद में वह उल्टा प्रशासन की टीम पर झूठा आरोप लगाते हुए टीम के द्वारा महिला को दुकान के अंदर बंद करने का अफवाह भी फैलाया। उन्होंने कहा कि पालिका की टीम भी साथ में थी। चार दुकानदारों पर आदेश का उल्लंघन करने पर चलानी कार्रवाई की गई है।
तय तिथि के बाद भी दुकानें खुली तो होगी कार्रवाई
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तीसरा लॉकडाउन प्रारंभ हो गया है। 17 मई तक लॉकडाउन है। इस बीच आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने तीन जोन में जिले को विभाजित किया है। महासमुंद जिला ग्रीन जोन में है। 4 मई से सभी दुकानें खुलना प्रारंभ हो गई। कलेक्टर ने आवश्यक दुकानों को छोडकऱ अन्य दुकानों को खोलने के लिए निर्धारित दिन तय कर दिए है। इस लिए सभी दुकानें पूर्ण रूप से खुली रहेंगी।
पहले आंकलन होगा, समाज को तैयार किया जाएगा फिर होगी शराब बंदी
भाजपा पहले अपनी सरकारों से शराब दुकानें बंद करने की घोषणा करवाए
रायपुर । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि शराब बेचने का विरोध कर रही भाजपा को पहले बताना चाहिए कि अपने चुनावी घोषणा पत्रों में वादा करने का बावजूद उसने शराब बंदी करने की जगह शराब को बढ़ावा क्यों दिया? पंद्रह वर्षों में शराब की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है वह भाजपा के 15 वर्षों के शासनकाल में ही हुई है और उसी दौरान कोचिये लगातार ताक़तवर हुये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह की सरकार ने शराब बंदी करने की जगह उल्टे शराब का सरकारीकरण कर दिया और शराबबंदी की ओर कोई ठोस क़दम नहीं उठाया। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की सरकार ने 2011 में राज्य में शराबबंदी लागू करने के लिए कहा था। कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद भी राज्य में बीयर-बार और शराब बिक्री को बंद करने के बजाय इसमें और बढ़ोत्तरी हो गई। राज्य की कांग्रेस सरकार समझती है कि शराब बंदी करना आवश्यक है। लेकिन जैसा कि सरकार ने कहा है कि शराब बंदी का क़दम नोटबंदी की तरह या लॉक डाउन की तरह बिना सोचे समझे नहीं उठाया जाएगा। राज्य सरकार समझती है कि अचानक शराब बंदी का समाज में कई विपरीत असर पड़ता है जो शराब से ज़्यादा घातक होता है। इसके लिए सरकार ने ठोस क़दम उठाए हैं। शराबबंदी के लिए तीन तरह की कमेटियां गठित की गई है। राजनैतिक स्तर की कमेटी में भाजपा के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इस कमेटी बैठक में भाजपा के पदाधिकारी आते ही नहीं है। इससे ही स्पष्ट है कि भाजपा शराबबंदी पर अपने 15 वर्ष के शासनकाल में भी राजनीति करती रही और अभी भी राजनीति ही कर रही है। भाजपा को जनहित से कोई लेना देना नहीं है। सामाजिक स्तर और प्रशासनिक स्तर पर भी कमेटी का गठन किया गया है। इन कमेटियों के अनुशंसा के आधार पर ही राज्य सरकार निर्णय लेगी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जहां तक कोरोना संकट के समय शराब दुकानें खोलने का सवाल है तो छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में शराब दुकानों को केन्द्र सरकार द्वारा एक मई को जारी किए गए आदेश-निर्देश के बाद ही शुरू किया गया है। तो भाजपा नेताओं को शराब बेचने के फ़ैसले के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से पूछना चाहिए। भाजपा नेताओं को चाहिए कि पहले वे भाजपा शासित राज्यों में शराब दुकानें बंद करने की घोषणा करवाएं उसके बाद ही कांग्रेस सरकार पर आरोप प्रत्यारोप करें। 15 साल सत्ता में रहकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ में जमकर शराब बेची और अब भाजपा शराबबंदी की मांग कर रही है जब कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र के अनुसार शराब बंदी लागू करने के लिए समिति बनाई और भाजपा को भागीदारी के लिए कहा तो भाजपा भाग खड़ी हुई । भाजपा और पार्टी के सांसदों द्वारा की जा रही छत्तीसगढ़ विरोधी राजनीति पर तगड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि करोना में भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों के हित के लिए क्या योगदान दिया बताएं पीएम केयर फंड से छत्तीसगढ़ को करोना से लडऩे के लिए क्या योगदान दिलाया भाजपा सांसदों ने यह बताना चाहिए ! सीएम रिलीफ फंड में एक भी पैसा भाजपा सांसदों ने दिया हो तो वह बताएं ! लगातार छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ बयानबाजी करना और जनहित में काम कर रही छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों में नुक्ता चीनी करना भाजपा के लोकसभा सदस्यों का चरित्र बन गया है। छत्तीसगढ़ के लोग सब देख रहे हैं और समझ भी रहे हैं ।

























